देश-विदेश
रूस तभी युद्ध रोकेगा जब यूक्रेनी सैनिक विवादित इलाक़ों से हटेंगे : पुतिन
मास्को । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस की प्रमुख शर्त यह है कि यूक्रेनी सेना उन क्षेत्रों से पीछे हटे जिन्हें मॉस्को अपना हिस्सा मानता है। पुतिन के अनुसार, अमेरिका या पश्चिमी देशों के साथ किसी भी तरह की बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है जब यूक्रेन इन इलाक़ों को खाली करे।
पुतिन ने साफ़ कहा कि रूस हथियार तभी डालेगा जब उसके दावे वाले क्षेत्रों—डोनेट्स्क, लुहान्स्क, ज़ापोरिज़्ज़िया और खेरसॉन—से यूक्रेनी सैनिक पूरी तरह हट जाएँ। पुतिन ने दावा किया कि रूस बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन “मास्को की सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों से समझौता नहीं किया जा सकता। इस बयान को ऐसे समय में दिया गया है जब अमेरिका और यूरोपीय देश युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की संभावना तलाश रहे हैं। दूसरी ओर, यूक्रेन ने कहा है कि वह किसी भी हालत में अपने क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेगा और युद्ध खत्म होने की शर्त सिर्फ़ रूस की पूरी वापसी है।
खड़गे ने कर्नाटक मुख्यमंत्री विवाद खत्म करने के लिए दिल्ली में बुलाई बैठक
नई दिल्ली । कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को घोषणा किया कि राहुल गांधी सहित पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के साथ सामूहिक चर्चा करेगा।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मई 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से चल रहा आंतरिक सत्ता संघर्ष, 20 नवंबर को राज्य सरकार के पांच साल के कार्यकाल के आधे पड़ाव पर पहुंचने के बाद और तेज हो गया। यह अटकलें सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच 2.5 साल में मुख्यमंत्री बदलने से जुड़े एक कथित सत्ता-साझाकरण समझौते से और तेज हो गई हैं।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए श्री खड़गे ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पार्टी हाईकमान द्वारा भ्रम को समाप्त करने के लिए सामूहिक रूप से लिया जाएगा।
श्री खड़गे ने कहा, "मैं सबको बुलाकर चर्चा करूंगा। राहुल गांधी भी उस चर्चा में मौजूद रहेंगे। अन्य सदस्य भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। सभी के साथ चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। एक टीम है। मैं अकेला नहीं हूं। पूरी आलाकमान टीम चर्चा करेगी और निर्णय लेगी।"
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों को इन परामर्शों के लिए जल्द ही दिल्ली बुलाया जाएगा तथा कुछ रिपोर्टों में 29 नवंबर तक बैठक होने का सुझाव दिया गया है।
यह विवाद 2023 में मुख्यमंत्री पद साझा करने के लिए हुए एक कथित 'गुप्त समझौते' से उपजा है, जिसके बारे में शिवकुमार के वफादारों का कहना है कि अब इस समझौते पर अमल होना बाकी है। इससे पहले आज शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर किया जिसमें वादों का ज़िक्र था कि "वाक शक्ति ही विश्व शक्ति है... हर किसी को अपनी बात पर अमल करना होगा।"
हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इन अटकलों को लगातार खारिज किया है और गुरुवार को कहा, "मैं मुख्यमंत्री के रूप में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करूँगा," और इन अटकलों को मीडिया द्वारा गढ़ा गया बताया। उप-मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भी सार्वजनिक रूप से आलाकमान के प्रति अपनी वफ़ादारी दोहराई है और कहा है कि वे सिद्धारमैया के साथ खड़े रहेंगे।
मुख्यमंत्री के निवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस विवाद को 'वोक्कालिगा बनाम अहिंदा' राजनीतिक टकराव के रूप में फिर से पेश किया गया है ताकि वोक्कालिगा मुख्यमंत्री की कहानी का मुकाबला किया जा सके, एक समुदाय जिसने सार्वजनिक रूप से शिवकुमार का समर्थन किया है।
पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व कथित रूप से एक दिसंबर को शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र से पहले कर्नाटक नेतृत्व पर अंतिम फैसला लेने का लक्ष्य बना रहा है।
“बुंदेली शेफ सीज़न 3: स्वाद के बूते छह प्रतिभागी पहुँचीं फाइनल में”
- सेमीफाइनल में दिखा मूँग दाल से बने व्यंजनों का कमाल
- 8 में से 5 प्रतिभागियों ने बनाई फिनाले में जगह, एक वाइल्ड कार्ड एंट्री समेत 6 प्रतिभागी
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट का किया अनावरण
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर 2025 को भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I का वर्चुअल अनावरण किया। इस ऑर्बिटल रॉकेट को स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया है। कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुरू हुआ। इस लॉन्च के साथ देश के निजी स्पेस सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जो आने वाले समय में सैटेलाइट लॉन्चिंग की क्षमता को और बढ़ाएगा।
विक्रम-I एक आधुनिक ऑर्बिटल रॉकेट है, जिसे खास तौर पर छोटे और मध्यम आकार के सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करने के लिए बनाया गया है। यह हल्का, तेज और फ्यूल एफिशियंट डिजाइन के साथ आता है, जो लागत कम रखते हुए बेहतर प्रदर्शन देता है। स्काईरूट का दावा है कि यह रॉकेट भारत की प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री को नई दिशा देने में सक्षम है और भविष्य के मिशनों के लिए खास तैयारी दिखाता है।
विक्रम-I ऑर्बिटल रॉकेट का निर्माण स्काईरूट एयरोस्पेस के नए इनफिनिटी कैंपस में किया जाएगा, जिसका उद्घाटन भी आज प्रधानमंत्री मोदी ने किया। यह आधुनिक फैसिलिटी करीब 2 लाख वर्ग फीट में फैली है और कई लॉन्च व्हीकल के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग के लिए तैयार है। यहां हर महीने एक ऑर्बिटल रॉकेट बनाने की क्षमता है, जिससे प्रोडक्शन तेज होगा और निजी स्पेस सेक्टर की गति और मजबूत होगी।
स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना IIT के पूर्व छात्रों और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों पवन चंदना और भरत ढाका ने की थी। कंपनी ने 2022 में भारत का पहला प्राइवेट सब-ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-S लॉन्च कर बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। सरकार की नई नीतियों से प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा मिला है, जिससे देश का स्पेस इकोसिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है। विक्रम-I का अनावरण भारत के स्पेस मिशनों में निजी कंपनियों की बढ़ती अहमियत को साबित करता है।
नाबालिक से दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली । बाहरी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में 31 वर्षीय एक व्यक्ति को आठ साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बच्ची खेलते समय उसके कमरे में घुस गई थी।
पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की ने हमले का विरोध किया और आरोपी के बाल खींचकर खुद को छुड़ाने में कामयाब रही। इसके बाद वह भागकर अपनी मां को सूचना देने पहुंची, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना के संबंध में 18 नवंबर को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई।
एक पुलिस टीम भेजी गई, लेकिन पहुंचने पर अधिकारियों ने पाया कि स्थानीय लोग पीड़िता और आरोपी दोनों को पहले ही थाने ले आए थे। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नागर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि वह अविवाहित है और समयपुर इलाके में एक स्टील फैक्टरी में मजदूर के रूप में काम करता है।
प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है।
ISI से जुड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का खुलासा
4 आरोपी गिरफ्तार, विदेशी पिस्तौलें और 92 कारतूस बरामद
दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में अजय, मंदीप, दलविंदर और रोहन नाम के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह तुर्की और चीन में निर्मित आधुनिक पिस्तौलें पाकिस्तान के रास्ते भारत में पहुंचा रहा था।
तस्करी का तरीका
पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम करता था। हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब में गिराए जाते थे। वहां से इन्हें अलग अलग लोगों तक पहुंचाया जाता था और फिर दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय अपराधियों व गैंगस्टरों को बेचा जाता था।
बरामदगी
छापे के दौरान पुलिस ने 10 विदेशी पिस्तौलें और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए। बरामद हथियार तुर्की और चीन में बने बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार हथियारों की गुणवत्ता और उनकी संख्या से साफ है कि गिरोह बड़े पैमाने पर तस्करी कर रहा था।
गैंगस्टरों तक पहुंचाने की तैयारी
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह लॉरेंस बिश्नोई, बमबीहा, गोगी और हिमांशु भाऊ जैसे कुख्यात गैंगस्टरों तक यह हथियार पहुंचाने की योजना बना रहा था। चार आरोपियों में से दो पंजाब के रहने वाले हैं, जिससे इस नेटवर्क की क्षेत्रीय पकड़ का संकेत मिलता है।
ISI से लिंक की पुष्टि
क्राइम ब्रांच का कहना है कि यह नेटवर्क ISI से जुड़े लोगों के इशारे पर काम करता था। हथियार पहले पाकिस्तान ले जाए जाते थे, फिर भारत में तस्करी की जाती थी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि अब तक कितने हथियार बेचे गए और किन लोगों या गैंग के पास पहुंचे।
जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया की जानकारी के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
कन्नूर में तेल मिल में भीषण आग लगी
केरल। कन्नूर जिले में करुवंचल स्थित एक तेल मिल में शनिवार सुबह भीषण आग लग गयी, जिसके कारण पूरा मिल जलकर खाक हो गया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार करुवंचल के वायत्तुपरम्बू स्थित ग्रामिका तेल मिल में सुबह 6.30 बजे आग लगी। अधिकारियों ने बताया कि तलीपराम्बा से दो, पेरिंगोम एवं कन्नूर केंद्रों से एक-एक दमकल गाड़िया मौके पर पहुंची और सुबह सात बजे से आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया।
एक अधिकारी ने बताया कि तेल उत्पादन के लिए मिल में रखा हुआ सारा सामान (सभी उपकरण और सूखा नारियल) आग में जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गया है। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में दो घंटे लग गये।
अधिकारियों ने बताया कि आग को आस-पास की इमारतों में फैलने से रोकने के लिए निवारक उपाय भी किए गए थे। अधिकारी ने कहा कि दमकलकर्मियों को संदेह है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी। इसके सटीक कारणों की पुष्टि मामले की जांच के बाद ही हो पाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गंजाम के गांव में विद्युतीकरण का काम शुरू
भुवनेश्वर। जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के दो दिवसीय सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने सोमवार को सुबरनपुर का उल्लेख किया जहां बिजली नहीं है। उन्होंने गंजाम के जिलाधिकारी को इस छोटे से आदिवासी गांव में बिजली पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के एक दिन बाद, जिला प्रशासन के अधिकारियों और टाटा पावर सदर्न ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीएसओडीएल) के कर्मियों ने इस गांव का दौरा किया और 25 घरों वाले गांव में बिजली पहुंचाने के लिए लगभग 30 बिजली के खंभे और 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू किया।
गंजाम के जिलाधिकारी कीर्ति वासन वी. ने कहा कि गांव में विद्युतीकरण का काम अगले सात से दस दिनों में पूरा हो जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चेमेदिहिल ग्राम पंचायत के तहत आने वाले सुबरनपुर गांव में कुछ साल पहले ओडिशा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (ओआरईडीए) द्वारा सौर पैनलों के माध्यम से विद्युतीकरण किया गया था, लेकिन कुछ वर्षों तक काम करने के बाद यह प्रणाली निष्क्रिय हो गई।
उन्होंने बताया कि चूंकि ग्रामीणों ने अधिकारियों को इसके बारे में सूचित नहीं किया, इसलिए गांव पिछले कई वर्षों से अंधेरे में है और छात्र लालटेन और मोमबत्तियों की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
कूनो से फिर आई खुशखबरी, भारत में जन्मी मुखी ने पांच शावकों को दिया जन्म
श्योपुर। जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षणकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। भारत में जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। वन विभाग और कूनो प्रबंधन के अनुसार, मां और सभी शावक पूर्णतः स्वस्थ हैं। यह घटना प्रोजेक्ट चीता और भारत में चीता संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय वनमंत्री ने दी बधाई
मुखी द्वारा शावकों को जन्म देना न केवल कूनो नेशनल पार्क, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय वनमंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और सोशल मीडिया पर बधाई संदेश साझा किए। यह घटना साबित करती है कि भारत में जन्मी चीते भी सफलतापूर्वक प्रजनन कर सकते हैं और वन्यजीव संरक्षण परियोजनाओं की सफलता के लिए यह प्रेरणादायक उदाहरण है।
33 महीने पहले अफ्रीका से लाई गई
मुखी की कहानी संघर्ष और जीवटता की मिसाल है। करीब 33 महीने पहले दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता के तीन शावकों में केवल मुखी ही बच पाई थी। बचपन में कमजोर और नन्ही मुखी ने कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों में शिकार करना सीखा और अपने क्षेत्र की पहचान बनाई। वनकर्मी उसे दिन-रात निगरानी में रखते थे, लेकिन धीरे-धीरे मुखी ने खुद को प्रकृति के अनुसार ढाल लिया और शावकों को जन्म देने की क्षमता हासिल की।
प्रोजेक्ट चीता के लिए मील का पत्थर
मुखी के पांच शावकों के जन्म से कूनो नेशनल पार्क में चीता आबादी बढ़ेगी और यह भारत में विलुप्त हो चुके चीते की पुनर्स्थापना प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वन विभाग ने बताया कि टीम लगातार मुखी और शावकों की निगरानी कर रही है, ताकि उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास सुनिश्चित किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार यह सफलता न केवल संरक्षण, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने का भी संकेत है।
भविष्य के लिए उम्मीद की किरण
कूनो नेशनल पार्क की यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में गर्व का क्षण है। मुखी के शावकों के जन्म से न केवल प्रोजेक्ट चीता को नई दिशा मिलेगी, बल्कि देशभर के वन्यजीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं को भी यह सफलता उत्साह और प्रेरणा देगी। वन विभाग और संरक्षणकर्मी अब इन शावकों के विकास और प्राकृतिक जीवन में लौटने पर विशेष ध्यान देंगे।
नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका: तेलंगाना में 37 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण
हैदराबाद । तेलंगाना में लंबे समय से सक्रिय कई टॉप नक्सली आज मुख्यधारा में लौटने की तैयारी में हैं। शनिवार दोपहर 3 बजे डीजीपी की मौजूदगी में कुल 37 नक्सली औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल गतिविधियों पर बड़ा असर डालने वाली घटना मान रही हैं।
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी का सदस्य आजाद उर्फ अप्पासी नारायण शामिल है। इसके साथ ही कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा का करीबी सहयोगी और बटालियन नंबर 01 में वर्षों से सक्रिय एर्रा भी आत्मसमर्पण करने वालों में होगा।
नक्सल तंत्र पर सीधा असर
हिड़मा के नजदीकी सहयोगी का सरेंडर सुरक्षा बलों के लिए नक्सल नेटवर्क पर सीधा वार माना जा रहा है। तेलंगाना पुलिस ने दोपहर 3 बजे प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सामूहिक आत्मसमर्पण का आधिकारिक ऐलान करने की तैयारी कर ली है।
मोदी का दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय ने किया स्वागत
जोहान्सबर्ग । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए तीन दिन के दौरे पर जोहान्सबर्ग पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया।
अपने स्वागत से अभिभूत श्री मोदी ने कहा कि यह गर्मजोशी भरा स्वागत, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पक्के रिश्ते को दिखाता है। वह शुक्रवार दोपहर प्रिटोरिया में एयर फ़ोर्स बेस वाटरलूफ़ पर उतरे। श्री मोदी का एयरपोर्ट पर सीनियर अधिकारियों ने पारंपरिक स्वागत किया।
G20 में ऑस्ट्रेलियाई पीएम से मिले मोदी
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए वहां पहुंच गए हैं। पीएम मोदी का भव्य तरीके से स्वागत किया गया। इस मौके पर भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी से मुलाकात की। जी20 में दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता कई मायनों में खास है। दरअसल, 2023 में भारत ने जी20 की अध्यक्षता की थी। भारत की अध्यक्षता में ही दक्षिण अफ्रीका जी20 का सदस्य बना था। दक्षिण अफ्रीका में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की। पीएम मोदी का स्वागत युवाओं ने गणपति प्रार्थना, शांति मंत्र और अन्य आध्यात्मिक अर्चनाओं के साथ किया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें भारत के 11 राज्यों के लोक नृत्य दिखाए गए।
जोहान्सबर्ग में पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, खनिज, व्यापार एवं निवेश और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।
नई शिक्षा नीति के तहत मध्यप्रदेश ओपन स्कूल का पाठ्यक्रम होगा अपडेट
भोपाल, नवंबर 2025 : मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (एमपीएसओएस) और एजुकेट गर्ल्स द्वारा संयुक्त रूप से भोपाल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रम की व्यापक समीक्षा करना था। इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के संचालक श्री रविन्द्र कुमार सिंह सम्मिलित रहे, उनके साथ अकादमिक शाखा से सहायक संचालक श्री सच्चिदानंद प्रसाद, परीक्षा शाखा से सहायक संचालक श्री राम वैद्य, तथा ई.एफ.ए. विद्यालय से सहायक संचालक श्री रमाकांत तिवारी भी उपस्थित रहे इसके अलावा प्रमुख शैक्षणिक विशेषज्ञों सहित कुल 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
मानव–वन्यजीव संघर्ष को ‘प्राकृतिक आपदा’ घोषित करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश से बदलेगा देश का वन प्रबंधन
नई दिल्ली । भारत की पर्यावरण एवं वन संरक्षण नीति में एक बड़ा बदलाव लाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर को एक ऐतिहासिक आदेश पारित किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच के इस फैसले ने टाइगर रिज़र्व प्रबंधन, मानव–वन्यजीव संघर्ष समाधान और वन्यजीव संरक्षण के लिए नई दिशाएं तय कर दी हैं। रायपुर के वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर आदेश के तत्काल क्रियान्वयन की मांग की है।
कोर और क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट में टाइगर सफारी पर पूर्ण प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि कोर एरिया और क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) में किसी भी प्रकार की टाइगर सफारी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बफ़र ज़ोन में सफारी सिर्फ तभी बनाई जा सकती है जब भूमि गैर-वन, अविकसित या अवक्रमित हो और किसी टाइगर कॉरिडोर का हिस्सा न हो। यह निर्देश बाघों के सुरक्षित मार्ग और पर्यटन–संरक्षण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मानव–वन्यजीव संघर्ष अब ‘प्राकृतिक आपदा’
एक और महत्वपूर्ण आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को प्राकृतिक आपदा घोषित किया जाए। ऐसी घटनाओं में मानव मृत्यु पर अनिवार्य 10 लाख रुपये का एक्स-ग्रेशिया भुगतान किया जाए। विशेष रूप से हाथियों से प्रभावित राज्यों के लिए यह राहत भरा फैसला है, जहां हर साल कई मौतें होती हैं।
टाइगर रिज़र्व प्रबंधन पर सख्त निर्देश
कोर्ट ने सभी राज्यों को छह महीने में टाइगर कंज़र्वेशन प्लान (TCP) तैयार करने, टाइगर रिज़र्व में रिक्त पदों को भरने, वाइल्डलाइफ़ बायोलॉजिस्ट और वेटरिनरी डॉक्टरों का अलग कैडर बनाने, फील्ड स्टाफ के लिए बीमा कवरेज अनिवार्य करने तथा सभी वनकर्मियों को आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
फसल क्षति पर MSP आधारित मुआवज़े की मांग तेज
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से सहज और समावेशी मुआवज़ा नीति बनाने को कहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में धान की फसल क्षति पर मात्र ₹9,000 प्रति एकड़ का मुआवज़ा मिलता है, जबकि किसान को सामान्य परिस्थितियों में लगभग ₹65,000 प्रति एकड़ की प्राप्ति होती है।
नितिन सिंघवी और कई वन्यजीव संरक्षण संगठनों ने मांग की है कि फसल क्षति मुआवज़ा उत्पादन लागत के बजाय MSP पर दिया जाए, इससे किसान खेतों की सुरक्षा के लिए रात में बाहर नहीं जाएंगे, आकस्मिक मानव–हाथी संघर्ष में होने वाली मौतों में भारी कमी आएगी।
सिंघवी का कहना है कि MSP आधारित मुआवज़ा न केवल किसानों की रक्षा करेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा और सरकार का आर्थिक बोझ भी कम करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को देश के वन प्रबंधन इतिहास का एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जिससे मानव–वन्यजीव सहअस्तित्व को नई दिशा मिलेगी।
दिल्ली की अदालतों और CRPF स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप...
नई दिल्ली। मंगलवार सुबह राजधानी दिल्ली में एक साथ कई अदालतों और दो सीआरपीएफ स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। साकेत, द्वारका, पटियाला हाउस और रोहिणी अदालत परिसर खाली कराए गए और बम निरोधक दस्ते ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि कई घंटे की जांच के बाद सभी धमकियां झूठी पाई गईं।
अदालतों में अफरा-तफरी, कार्यवाही रोकी गई
धमकी मिलते ही चारों अदालतों की कार्यवाही तुरंत रोक दी गई। न्यायाधीश, वकील, कर्मचारी और मुकदमे के पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पटियाला हाउस कोर्ट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आरोपी जसीर बिलाल उर्फ दानिश की पेशी से पहले विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। बम निरोधक दल और डॉग स्क्वायड ने कई दौर की तलाशी ली।
साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के मानद सचिव अनिल बसोया ने अधिवक्ताओं को जारी सूचना में बताया कि सुरक्षा कारणों से दो घंटे के लिए अदालतें बंद रखी गईं। सभी से शांत रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
दिल्ली में अदालतों को धमकी भरे ईमेल मिलने की यह पहली घटना नहीं है। हाल ही में सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट को भी बम धमकी का मेल मिला था, जिसके बाद परिसर को खाली कराना पड़ा था। लगातार मिल रही धमकियों ने न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो सीआरपीएफ स्कूल भी निशाने पर
इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे प्रशांत विहार और द्वारका स्थित दो सीआरपीएफ स्कूलों को भी बम धमकी का ईमेल मिला। तत्काल स्कूल खाली कराए गए और तलाशी अभियान शुरू हुआ। पुलिस और दमकल विभाग के मुताबिक, विस्तृत जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसे "होक्स कॉल" यानी झूठी धमकी करार दिया गया।
दिल्ली पुलिस सतर्क
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सभी धमकियों की साइबर जांच की जा रही है। ईमेल भेजने वाले की पहचान का काम तकनीकी विशेषज्ञों को सौंपा गया है। फिलहाल सभी अदालतों और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
धमकियों की श्रृंखला ने प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी स्थानों पर जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
भारत में चीन की महिला को दी गई 8 साल तक जेल की सजा
उत्तर प्रदेश । बहराइच जिले की एक अदालत ने चीन की एक महिला को 8 साल जेल की सजा सुनाई है। चीनी महिला पर भारत में दो साल पहले अवैध घुसपैठ करने का आरोप लगा था। कोर्ट ने चीन की महिला ली-जिनमेई उर्फ ली-शिनमेई को इस मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने महिला को आठ वर्ष कारावास की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, साल 2023 के दिसंबर महीने में बहराइच जिले के रूपईडीहा बार्डर पर सशस्त्र सीमा बल 42वीं वाहिनी के अधिकारियों ने बौद्ध भिक्षु के भेष में भारत से नेपाल जाते समय चीनी पासपोर्ट धारक एक महिला को रोका था। चीनी महिला के पास में चीन का पासपोर्ट था। वह 45 वर्ष की थी तथा चीनी के शेनडांग प्रदेश की रहने वाली थी।
जानकारी के मुताबिक, चीनी महिला के पासपोर्ट पर 19 नवंबर 2023 से 16 फरवरी 2024 तक वैधता वाला नेपाल का वीजा लगा था। उसने भारत में अवैध रूप से एंट्री की थी। इसके बाद महिला के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और उसे गिरफ्तार किया गया था। दिसम्बर 2023 में चीनी महिला के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
जुर्माना न देने पर और सजा मिलेगी
अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सोमवार को चीनी महिला ली-जिनमेई उर्फ ली-शिनमेई को बिना वैध वीजा के भारत में घुसपैठ का दोषी करार दिया गया और उसे सजा सुनाई गई है।
बहराइच जिले की अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश (तृतीय) कविता निगम ने चीनी महिला को सजा सुनाई। सजा में ये भी कहा गया है कि चीनी महिला ने अगर 50 हजार रुपये का जुर्माना नहीं दिया तो उसे 6 महीने और जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी।
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