देश-विदेश
युवा और किसान परेशान, उनकी बात सुनने को तैयार नहीं सरकार
नई दिल्ली ।
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी दलों ने छात्रों की समस्याओं, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक, बेरोजगारी और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है।
वहीं, भाजपा ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कदम उठा रही है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देशभर में किसान, युवा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
डिंपल यादव ने कहा कि देश की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां युवा अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनसे संवाद नहीं कर रही है। समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज संसद में उठाती रहेगी।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर कहा कि पहले इसका मसौदा सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़े जुटाने के अभियान से लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रहता। परिसीमन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग की।
वहीं, सांसद पप्पू यादव ने प्रश्न-पत्र लीक मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रश्न-पत्र कई बार लीक हो चुके हों तो देश के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवा न तो समय पर नौकरी हासिल कर पा रहे हैं और न ही परीक्षाओं में भरोसा रख पा रहे हैं क्योंकि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा स्थगित होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
पप्पू यादव ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। जिस मुद्दे को लेकर सरकार सत्ता में आई, उससे जुड़े मामलों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा और राम मंदिर चढ़ावा विवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए। पहले सरकार को छात्रों और अन्य गंभीर मुद्दों पर अपना पक्ष रखना चाहिए, उसके बाद ही अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने संसद के बाहर कहा कि देश में बदलाव की भावना दिखाई दे रही है और लोकतंत्र मजबूत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई मुद्दों पर चर्चा होगी।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ माजी ने कहा कि इंडी अलाइंस परिसीमन या महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का उनकी पार्टी ने पहले ही समर्थन किया था, लेकिन इसे लागू करने में समय लगाया गया। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को बड़ा मुद्दा बताते हुए संसद में चर्चा की मांग की।
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि देश के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं, जिनमें नीट परीक्षा, कथित चंदा धोखाधड़ी और राजनीतिक दलों से जुड़े विषय शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नीट परीक्षा के मुद्दे पर संसद में जवाब दें। उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर इन मुद्दों को सदन में उठाएगा।
मानसून सत्र के पहले दिन हंगामे की भेंट चढ़े प्रश्नकाल और शून्यकाल
नई दिल्ली ।
मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल हंगामे की भेंट चढ़ गए। नीट पेपर लीक मामले पर संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के सदस्यों का हंगामा बरकरार रहा। इसके बाद सुबह 11 बजे से तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12.30 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस और अन्य दलों के सांसदों की नारेबाजी जारी रही।
पीठासीन दिलीप सैकिया ने विपक्ष के सदस्यों से कहा, सुबह से लगातार आप लोग सदन को बाधित कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बाढ़ से गंभीर हालात हैं और लोग परेशानी में हैं। ऐसे मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। बाढ़ के मुद्दे पर सदन में चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने शून्यकाल बेहद महत्वपूर्ण समय होता है और सांसदों को मुद्दा उठाने का अवसर मिलता है। विपक्ष के सदस्यों का व्यवहार बिल्कुल सही नहीं है। दिलीप सैकिया के बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इसके बाद सदन की कार्यकारी दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित की गई।
इससे पहले, सुबह 11 बजे सत्र शुरू होने पर लोकसभा में दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके तुरंत बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के सांसदों से अनुरोध किया कि वे अपनी सीट पर बैठे रहें। सदन चलाने में सहयोग करें।
विपक्ष का हंगामा नहीं थमने पर स्पीकर ने कार्रवाई दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर में कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद यह सिर्फ सात मिनट तक चली और फिर विपक्ष की भारी नारेबाजी के बीच लोकसभा को दोबारा स्थगित कर दिया गया।
उधर, राज्यसभा में सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर नए सदस्यों को शपथ दिलाई गई। कुछ देर बाद विपक्ष के सदस्यों ने नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों का मुद्दा उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसके कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे स्थगित करनी पड़ी। दोपहर में कार्यवाही शुरू होने पर महज एक मिनट सदन चला। दोबारा में कार्यवाही को 12.30 तक स्थगित किया गया। इसी तरह 12.30 बजे कार्यवाही शुरू होने के एक मिनट बाद इसे तीसरा बार स्थगित कर दिया गया।
सरकार ताकत का इस्तेमाल करके बच्चों की आवाज दबा रही : खड़गे
नई दिल्ली ।
संसद भवन के समीप जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मुद्दा सोमवार को संसद में उठाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह विषय राज्यसभा में रखा। उन्होंने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इन छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों का मामला है। वह सदन में देश के लाखों छात्रों के भविष्य के बारे में बात कर रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि जंतर मंतर पर आज हजारों बच्चे आए हैं और उन पर लाठीचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चंदा चोरी की भी बात की। इसके बाद सदन में शोर मचना प्रारंभ हो गया। इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की करवाई को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। संसद का मानसून सत्र प्रारंभ होने पर सोमवार को राज्यसभा में नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने प्रश्न उठाया।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। खड़गे ने कहा कि उन्हें पेपर लीक और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर अपनी बात रखने का अवसर मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि देशभर के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने संबोधन में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर वहां एकत्र हुए हैं। यहां उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया। खड़गे ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्द है।
खड़गे के वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों के सदस्य अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन का माहौल काफी गर्म हो गया। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हंगामा जारी रहने पर राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और साझा विपक्ष जनता की आवाज बनकर सरकार से हर सवाल का जवाब मांगेगी। खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस पार्टी और साझा विपक्ष जनता की आवाज बनकर मोदी सरकार से हर सवाल का जवाब मांगेगी। जनता का हक, जनता की आवाज और जनता के विश्वास की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।
उन्होंने लिखा कि श्री राम मंदिर में चंदा चोरी और आस्था से धोखा हुआ। मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। तत्काल स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए। खड़गे ने आगे लिखा, चाहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था का सुनियोजित पतन की बात हो। 2014 से अब तक 152 पेपर लीक हुए हैं। 25 बच्चों ने जान दी है। धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करना पड़ेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने ई20 का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण जबरन थोपा गया। सरकार का कहना है ये 'प्रयोग' है। क्या जनता की गाढ़ी कमाई की लूट भाजपा का एकमात्र औजार है? उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के अलावा अन्य अहम मुद्दे और आने वाले बिल देश की जनता को प्रभावित करने वाले हैं। साझा विपक्ष हर मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही मांगेगा।
मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी पर कसा तंज
नई दिल्ली ।
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक महीने में भारत को हासिल हुई उपलब्धियों की बात की है। संसद के बाहर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। इस दौरान, पीएम मोदी ने इशारों में राहुल गांधी पर भी तंज कसा।
पीएम मोदी ने कहा, मानसून का अभी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, दोनों सक्रिय हैं तो बहुत ही फायदेमंद होते हैं। दोनों जब फायदेमंद होते हैं तो देश और जीव मात्र का कल्याण होता है। हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय और फायदेमंद बना रहे, और मानसून सत्र भी फायदेमंद साबित हो। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है।
चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो या अंतरिक्ष, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले साल मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस सेंटर पर पहुंचा था। परसों भारत का एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है। यह बड़ी सफलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्काईरूट स्टार्टअप में काम करने वाले नौजवानों की औसत उम्र सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया है। मैं किसी 56 साल के नौजवान (राहुल गांधी) की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि देश के 28 साल के औसत उम्र के नौजवानों ने अंतरिक्ष में झंडा गाड़ा है।
पीएम मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा, ऐसे क्षण भारत को आत्मविश्वास से भर देते हैं। विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य और सर्वस्वीकृत बनता जाता है। यह संयोग नहीं, बल्कि संदेश है और यह संदेश मजबूत है। हमारे देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। इससे बड़ा संदेश देश के लिए और बड़ा परिणाम नहीं दे सकता।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जो रिफॉर्म एक्सप्रेसवे पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।
CJP Parliament March Live: 'थोड़ा समय दीजिये', जेपी नड्डा से मिला सीजेपी डेलिगेशन; रखी ये तीन शर्तें
Jantar Mantar Live Update : कॉकरोच जनता पार्टी ने आज जंतर-मंतर से संसद तक पैदल मार्च का आह्वान किया हुआ है। दिल्ली पुलिस की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। CJP Protest Delhi Live : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। जंतर-मंतर के पास 5000 जवान तैनात किए गए हैं, इसके अलावा धरना स्थल क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है।
रथयात्रा 2026: श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचाने के लिए ओडिशा पुलिस ने शुरू किया 'साइबर रथ' अभियान
पुरी। महाप्रभु जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना के बीच ओडिशा पुलिस ने साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए विशेष 'साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान' शुरू किया है। इस अभियान के तहत शनिवार को पुरी में 'साइबर रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर राज्य क्राइम ब्रांच द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य श्रद्धालुओं, पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और होटल संचालकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। साइबर रथ पुरी शहर के प्रमुख मार्गों, होटल क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूमकर लाउडस्पीकर और जागरूकता सामग्री के माध्यम से लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन बुकिंग और साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी देगा।
212 फर्जी होटल वेबसाइटें और 26 वेब पेज ब्लॉक
क्राइम ब्रांच की सोशल मीडिया विंग रथयात्रा के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी पर लगातार नजर रख रही है। पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक 212 फर्जी होटल वेबसाइटों और 26 फर्जी वेब पेजों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया जा चुका है। इनमें से केवल जून महीने में ही 50 फर्जी वेबसाइटें बंद कराई गई हैं। ये वेबसाइटें प्रसिद्ध होटलों के नाम से मिलते-जुलते डोमेन बनाकर कम कीमत पर कमरे बुक कराने का झांसा देकर श्रद्धालुओं से अग्रिम राशि वसूल रही थीं।
होटल संचालकों के साथ समन्वय
रथयात्रा के दौरान साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने पुरी होटल ओनर्स एसोसिएशन के साथ समन्वय बढ़ाया है। इसी कड़ी में होटल संचालकों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई, ताकि श्रद्धालुओं तक सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाई जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए पुलिस की अपील
ओडिशा पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि होटल की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय माध्यम से ही करें। किसी अनजान लिंक, कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन से बचें। यदि साइबर धोखाधड़ी का शिकार हों, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ा विरोध, भारत से मदद की अपील
नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत का नाम भी खुलकर सामने आने लगा है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता सरदार अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता भेजने और नियंत्रण रेखा (एलओसी) खोलने की अपील की है। उनका दावा है कि पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद इलाके में राशन और दवाइयों का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरदार अमन खान ने कहा कि पीओके के लोगों को भारत की मदद की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तान प्रशासन ने आर्थिक नाकेबंदी जैसी स्थिति बना दी है, जिससे आम लोगों को जरूरी खाद्य सामग्री और दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो लोगों को भारत आने का विकल्प दिया जाए और पूंछ व डोडा सेक्टर की ओर एलओसी खोली जाए। हालांकि, उनके इस कथित बयान या वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पिछले महीने से पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस्लामाबाद स्थानीय लोगों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है और विरोध करने वालों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। ईदगाह मैदान में आयोजित एक बड़ी रैली में प्रदर्शनकारियों ने "पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है" और "हमें आजादी चाहिए" जैसे नारे लगाए, जिससे आंदोलन का दायरा और व्यापक होता दिखाई दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान प्रशासन ने 5 जून को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था। इसके बाद संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से क्षेत्र में असंतोष और बढ़ा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आंदोलन को कुचलने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है और कार्रवाई में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जेएएसी का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमन किया जा रहा है और यदि जनता की मांगों का जवाब बल प्रयोग से दिया गया तो आंदोलन और तेज होगा। कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। हालांकि, पाकिस्तान प्रशासन ने इन आरोपों पर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पीओके में भारत से मदद मांगने और एलओसी खोलने की अपील ने पूरे घटनाक्रम को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल भारत की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि पूरे क्षेत्र की नजर अब पाकिस्तान सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव का एलान
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार, इन सीटों पर 24 जुलाई 2026 को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम पांच बजे मतगणना भी कराई जाएगी। निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 7 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई तय की गई है। 15 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 17 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। चुनाव प्रक्रिया 27 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस के किस सांसद ने कब दिया इस्तीफा?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस में बड़ा सियासी उठापटक देखने को मिली है। इसकी शुरुआत विधानसभा से हुई और राज्यसभा से होते हुए लोकसभा तक पहुंची। पार्टी के राज्यसभा सदस्यों की बात करें तो, सबसे पहल 8 जून को पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद शुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दिया। इसके बाद 10 जून को सुष्मिता देव ने निजी कारणों से इस्तीफा सौंपा फिर इसके एक दिन बाद 11 जून को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी पद का त्याग किया था। इनके कार्यकाल की बात करें, तो शुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक का कार्यकाल 18 अगस्त 2029 तक, सुष्मिता देव का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था।
गुजरात के मंझलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा
चुनाव आयोग ने सोमवार को गुजरात की मंझलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। यह सीट भाजपा के आठ बार के विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद 2 जून को खाली हुई थी। अधिसूचना के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी, जबकि उम्मीदवार 16 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो 30 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतगणना और पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।
बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया सीटों पर भी उपचुनाव
चुनाव आयोग ने यह अधिसूचना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की संबंधित धाराओं के तहत जारी की है। आयोग के सचिव बिनोद कुमार ने चुनाव कार्यक्रम को अधिसूचित किया। मंझलपुर उपचुनाव देश में हो रहे तीन विधानसभा उपचुनावों में शामिल है। अन्य दो उपचुनाव बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीटों पर होंगे। वडोदरा जिले की मंझलपुर सीट पर भाजपा का मजबूत आधार रहा है। ऐसे में राजनीतिक दलों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा के साथ यह मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
UP कैबिनेट के 28 बड़े फैसलों पर मुहर: जलालाबाद बना परशुरामपुरी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि मदरसों से संबंधित एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया। बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, कृषि, स्टार्टअप, स्वास्थ्य, खेल और पशुपालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सबसे अहम फैसलों में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी।
स्टार्टअप को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति को नई दिशा देते हुए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके तहत स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन सेंटर और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया जाएगा, जिसमें 400 करोड़ रुपये डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये तक और सीड कैपिटल के रूप में 15 से 50 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं इन्क्यूबेशन सेंटरों को संचालन के लिए प्रतिवर्ष 40 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
डेटा सेंटर नीति फिर लागू
समाप्त हो चुकी उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति को फिर से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके संचालन के लिए मिशन डायरेक्टरेट का गठन होगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। इसके अलावा एक सशक्त (Empowered) समिति भी बनाई जाएगी।
पशुधन बीमा योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना को भी मंजूरी दी। योजना के तहत गाय, भैंस, बैल, घोड़ा, भेड़, बकरी, गधा और खच्चर सहित विभिन्न पशुओं का बीमा कराया जाएगा।
सरकार ने विभिन्न पशुओं की बीमित राशि भी तय कर दी है। मुर्रा भैंस के लिए 75 हजार रुपये, विदेशी और गिरी नस्ल की गायों के लिए 50 से 65 हजार रुपये, बैल के लिए 40 हजार रुपये, घोड़े के लिए 60 हजार रुपये तथा भेड़-बकरी के लिए 6,500 रुपये की बीमा राशि निर्धारित की गई है।
बीमा प्रीमियम में केंद्र सरकार 51 प्रतिशत, राज्य सरकार 34 प्रतिशत और पशुपालक 15 प्रतिशत अंशदान देगा। प्राकृतिक आपदा, बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में बीमा का लाभ मिलेगा।
बनारस में बनेगा ESIC मेडिकल कॉलेज
कैबिनेट ने वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 13 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ESIC अस्पतालों के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी।
मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।
खिलाड़ियों को मिलेगी सीधी सरकारी नौकरी
ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब उत्तर प्रदेश सरकार समूह 'क' और 'ख' के पदों पर सीधे नियुक्ति दे सकेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
इसके तहत क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी सहित कुल 41 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।
तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी
कैबिनेट ने कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में एंग्लो संस्कृति विश्वविद्यालय और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को भी स्वीकृति दी।
इसके अलावा रायबरेली में उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना तथा कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को 20 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया। राज्य सरकार इसके लिए 50 करोड़ रुपये की सहायता देगी।
पुलिस और होमगार्ड को भी राहत
बैठक में पुलिसकर्मियों के वर्दी धुलाई एवं सिलाई भत्ते को सात वर्ष की बजाय अब हर पांच वर्ष में देने का निर्णय लिया गया है। इससे सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
वहीं प्रदेश के होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया गया है। इस योजना पर राज्य सरकार प्रतिवर्ष लगभग 35.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
नगर निगमों को मिलेगा बॉन्ड जारी करने का अधिकार
लखनऊ और गाजियाबाद के बाद अब गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम भी विकास कार्यों के लिए नगर निगम बॉन्ड जारी कर सकेंगे। गोरखपुर के लिए 80 करोड़ रुपये और मुरादाबाद के लिए 50 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कृषि और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पासपोर्ट इंडेक्स-26 में भारत को बड़ा झटका, रैंकिंग गिरी, सिर्फ 26 देशों में वीजा फ्री प्रवेश
नई दिल्ली। ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग एक पायदान गिरकर 125वें स्थान पर आ गई है, जिससे अब केवल 26 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा संभव है। इस गिरावट के बावजूद, भारत अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान और नेपाल की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जबकि सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा कायम है।
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है और भारत अब 125वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल यानी 2025 में भारत 124वें स्थान पर था, जिससे इस बार वह एक पायदान नीचे खिसक गया है।
साल 2021 से 2023 के बीच भारत 127वें स्थान पर था, जिसके बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन भारतीय पासपोर्ट अभी भी टॉप 100 देशों की सूची में जगह नहीं बना पाया है।अब भारतीय पासपोर्ट धारक दुनिया की केवल 26 जगहों पर बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। भारतीय पासपोर्ट की यह रैंकिंग नामीबिया, फिलीपींस, मोरक्को और उज्बेकिस्तान जैसे देशों से पीछे है, हालांकि भारत इस सूची में अजरबैजान और किर्गिस्तान से आगे बना हुआ है।
इन देशों में मिलेगी बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा
भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोग दुनिया के कुछ खास देशों जैसे भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस में बिना वीजा के या फिर वहां पहुंचने पर मिलने वाले वीजा की सुविधा के साथ घूम सकते हैं। हालांकि, दुनिया के लगभग 88 बड़े देशों जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात में जाने के लिए भारतीयों को अभी भी पहले से वीजा लेना जरूरी होता है।
पड़ोसी देशों का प्रदर्शन और भारत की स्थिति
अगर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें, तो इस सूची में चीन 104वें स्थान के साथ सबसे आगे और मजबूत स्थिति में है। वहीं, भारत भले ही 125वें स्थान पर हो, लेकिन उसकी स्थिति अपने कई अन्य पड़ोसी दक्षिण एशियाई देशों के मुकाबले काफी बेहतर है। इस लिस्ट में बांग्लादेश 166वें, नेपाल 164वें और पाकिस्तान सबसे निचले देशों के करीब यानी 188वें स्थान पर मौजूद है।
टॉप 10 में यूरोपीय देशों का जलवा
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की सबसे शक्तिशाली टॉप 10 देशों की सूची में पूरी तरह से यूरोपीय देशों का दबदबा है, जो दुनिया भर में यात्रा के मामले में यूरोप की मजबूत पकड़ को दिखाता है। इस सूची में दुनिया के दो बड़े शक्तिशाली देश, अमेरिका और फ्रांस, थोड़े से अंतर से टॉप 10 से बाहर रह गए और दोनों संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं। वहीं, कनाडा इस लिस्ट में 13वें स्थान पर है। इस तरह, दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट के मामले में यूरोपीय देश सबसे आगे बने हुए हैं।
रूस ने पूर्वी यूक्रेन के कोंस्तांतिनोवका शहर पर कब्जे का किया दावा
मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के बीच क्रेमलिन ने बड़ा दावा किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के कोंस्तांतिनोवका शहर पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर लिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बताया। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से आरआईए नोवोस्ती ने शुक्रवार को बताया, कोंस्तांतिनोवका पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया है। कोंस्तांतिनोवका यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण शहर है। इस घोषणा के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को संयुक्त सैन्य बल समूह के एक अस्थायी कमांड पोस्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोंस्तांतिनोवका पर कब्जा रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुतिन ने कहा, जैसा कि हम सभी जानते हैं, यह शहर डोनबास का प्रमुख परिवहन केंद्र और एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है। रूसी सेना ने 2026 की शुरुआत से डोनबास और नोवोरोसिया में 133 बस्तियों तथा 3,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि यूक्रेन जितनी अधिक बार रूस के रिहायशी इलाकों पर हमला करने की कोशिश करेगा, रूस को अपने नागरिकों और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए उतनी ही कड़ी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा, दुश्मन जितनी अधिक ऐसी कोशिशें करेगा, हमें आसपास के क्षेत्रों में उतना ही बड़ा सुरक्षा बफर जोन बनाना होगा।
पुतिन ने यह भी दावा किया कि रूसी सेना ने लुहांस्क पीपल्स रिपब्लिक को पूरी तरह "मुक्त" करा लिया है। संयुक्त सैन्य बल समूह (सीजेटीएफ) के एक अस्थायी कमांड पोस्ट पर आयोजित बैठक के दौरान पुतिन ने कहा, मैंने देखा है कि सीजेटीएफ की यूनिट्स और फॉर्मेशन्स, सुरक्षा बलों (रूसी फेडरेशन के) के जनरल स्टाफ के बनाए ऑपरेशनल प्लान के हिसाब से अपने मिशन पूरे कर रही हैं। लुहांस्क पीपल्स रिपब्लिक की पूरी आजादी हाल ही में पूरी हुई है।
उन्होंने कहा कि डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक के शेष क्षेत्रों के साथ-साथ जापोरिज्जिया और खेरसॉन क्षेत्रों में यूक्रेनी सैन्य इकाइयों के खिलाफ अभियान जारी है। इस बीच, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने शुक्रवार की शुरुआत से मॉस्को को निशाना बनाकर भेजे गए 28 ड्रोन मार गिराए हैं।
अपने ताजा अपडेट में मेयर ने सोशल मीडिया पर बताया कि शुक्रवार रात रूसी राजधानी की ओर बढ़ रहे आठ और ड्रोन भी मार गिराए गए। सोबयानिन ने कहा, आपातकालीन सेवाओं की टीमें मलबा गिरने वाले स्थानों पर काम कर रही हैं।
मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का किया उद्घाटन, उड़ान योजना भी लॉन्च
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने जोधपुर में संशोधित 'उड़ान' योजना भी लॉन्च की। प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद नए टर्मिनल निरीक्षण किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नए टर्मिनल के बारे में उन्हें जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस परियोजना को कुल 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल भवन हर साल 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। यह आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है, ताकि यात्रियों को सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित वास्तुकला के आधार पर निर्मित यह टर्मिनल मेहराब और झरोखों जैसे पारंपरिक तत्वों को समकालीन डिजाइन के साथ खूबसूरती से समाहित करता है। ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, जल संरक्षण उपायों और हरित भवन निर्माण पद्धतियों जैसी विशेषताओं के साथ, सतत विकास टर्मिनल के डिजाइन का अभिन्न अंग रहा है, जिसका उद्देश्य 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग प्राप्त करना है। जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने 'उड़ान योजना' लॉन्च की। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसका उद्देश्य अगले 10 सालों में विमानन-आधारित विकास को गति देना है। यह रणनीतिक पहल सुनिश्चित करेगी कि देशभर में व्यापक और स्थायी कनेक्टिविटी कायम रहे।
देशभर में विमानन अवसंरचना के विस्तार के लिए, मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष बल दिया गया है, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन के प्रारंभिक सालों में उनकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) सहायता के लिए 2,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए, योजना में 200 आधुनिक हेलीपैड के विकास का भी प्रस्ताव है।
केइको फुजिमोरी चुनी गईं पेरू की राष्ट्रपति, मोदी ने दी बधाई
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेरू के राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए शनिवार को सुश्री केइको फुजिमोरी को बधाई दी और इस दक्षिण अमेरिकी देश के साथ कई क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। चुनाव प्राधिकरण ने शुक्रवार को दूसरे दौर में उनके आधिकारिक तौर पर विजयी होने की पुष्टि की थी। वह इस माह के अंत में पदभार ग्रहण करेंगी। सुश्री केइको पूर्व राष्ट्रपति अलबर्टो फुजिमोरी की बेटी हैं।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, पेरू के राष्ट्रपति चुनाव में आपकी जीत पर, केइको फुजिमोरी, आपको हार्दिक बधाई। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत पेरू के साथ अपनी गहरी दोस्ती को बहुत महत्व देता है और विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं आपके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं और लोगों के लाभ के लिए हमारे संबंधों को और गहरा करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।
गौरतलब है कि भारत और पेरू के बीच अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जिनमें व्यापार, खनन, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में बढ़ता सहयोग शामिल है। दोनों देश आर्थिक जुड़ाव बढ़ाने और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने के लिए भी काम कर रहे हैं।
श्री मोदी का संदेश नयी सरकार के तहत पेरू के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार जारी रखने के भारत के इरादे को दर्शाता है।
ऑस्ट्रिया में भारतीय राजदूत ने बच्चों को सुनाईं पंचतंत्र की कहानियां
वियना। 'रंगा सियार,' 'मूर्ख शेर और चालाक खरगोश,' 'प्यासा कौवा' और ऐसी ही भारत की मिट्टी में रची बसी और नेक नियती का पाठ पढ़ाती 'पंचतंत्र की कहानियां' ऑस्ट्रिया के बच्चे पढ़ पाएंगे। इस अभूतपूर्व पहल का अगुवा वियना स्थित भारतीय दूतावास है। भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की सोच वाली इस कोशिश को 'गुरुकुल डिप्लोमेसी' नाम दिया गया है। इसी पहल के तहत ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने वियना के एक स्कूल में बच्चों को प्राचीन भारतीय ग्रंथ 'पंचतंत्र' की कहानियां सुनाईं। ऑस्ट्रिया स्थित भारतीय दूतावास ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की।
दूतावास ने बताया कि हाल ही में ऑस्ट्रियाई स्कूली बच्चों के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा में अनुवाद प्रकाशित किया गया। इसी पुस्तक के माध्यम से भारतीय राजदूत शंभू कुमारन ने छात्रों को पंचतंत्र की रोचक और प्रेरक कहानियां पढ़कर सुनाईं। दूतावास ने अपने पोस्ट में लिखा, "गुरुकुल डिप्लोमेसी के तहत भारतीय राजदूत शंभू कुमारन ने वियना में स्कूली बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाईं। भारतीय दूतावास ने हाल ही में ऑस्ट्रियाई छात्रों के लिए पंचतंत्र का जर्मन भाषा संस्करण प्रकाशित किया है।" पोस्ट के साथ कार्यक्रम की झलकियां और छात्रों की प्रतिक्रियाओं का वीडियो भी साझा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने कहानियों को उत्साह के साथ सुना और भारतीय लोककथाओं में गहरी रुचि दिखाई। वीडियो में कई छात्र पंचतंत्र की कहानियों से मिली सीख और उनके रोचक पात्रों के बारे में अपने विचार साझा करते नजर आए।
दूतावास ने बताया कि यह पहल वियना शहर (सिटी ऑफ वियना) और स्थानीय स्कूलों में चल रहे 'बाउंस बैक' परियोजना के साथ सफल सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। 'स्टोरीज फ्रॉम द पंचतंत्र' शीर्षक से शुरू की गई इस वीडियो पॉडकास्ट श्रृंखला में प्रसिद्ध ऑस्ट्रियाई पॉडकास्टर थॉमस ब्रेजिना जर्मन भाषा में पंचतंत्र की कालजयी कहानियों का रोचक अंदाज में वर्णन करेंगे। इसका उद्देश्य ऑस्ट्रियाई बच्चों को भारतीय साहित्य, नैतिक मूल्यों और लोककथाओं से परिचित कराना है।
इस श्रृंखला के शुभारंभ कार्यक्रम में वियना के एक स्कूल के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस अवसर पर ऑस्ट्रिया में भारत के राजदूत शंभू कुमारन ने बच्चों को पंचतंत्र की चुनिंदा कहानियां पढ़कर सुनाईं और उनके साथ संवाद भी किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी पसंदीदा कहानियों और पात्रों के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने इन कहानियों से मिली सीख भी साझा की। दूतावास ने कार्यक्रम की झलकियों और विद्यार्थियों की प्रतिक्रियाओं का वीडियो भी साझा किया।
भारतीय दूतावास का कहना है कि यह पहल केवल भारतीय साहित्य का परिचय कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कहानी कहने की डिजिटल शैली के माध्यम से दोनों देशों के बच्चों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करना और भारतीय मूल्यों को सहज एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करना भी है।
पंडित विष्णु शर्मा की रचना 'पंचतंत्र की कहानियां', भारतीय साहित्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय नीति-कथाओं में से एक मानी जाती है। कहानियां मुख्य रूप से पशु-पक्षियों के पात्रों के माध्यम से नैतिक शिक्षा, बुद्धिमत्ता, नेतृत्व, मित्रता और व्यवहारिक जीवन के महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। इन कथाओं का दुनिया की अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और इन्हें विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर माना जाता है।
भारत-जापान के बीच नए अध्याय की शुरुआत: मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम साने ताकाइची ने एक साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान भारत के पीएम ने दोनों देशों की साझेदारी को और सुदृढ़ करने का संकल्प दिखाया। पीएम ताकाइची को प्रधानमंत्री ने छोटी बहन कह कर संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत करते हुए कहा, "भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए छोटी बहन प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं।
प्रधानमंत्री ताकाइची और मेरा विश्वास है कि टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी विजन को साकार करने के लिए, आज एआई के क्षेत्र में हमने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया है।" भारत के पीएम ने आगे कहा, "ताकाइची नारा प्रीफेक्चर से आती हैं, जो साझा बौद्ध विरासत का केंद्र है। जी7 में मैंने कहा था कि उथल पुथल के माहौल में यह एक वैश्विक स्ट्रेटजिक एसेट है। भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरती है।
पिछले कई दशकों में ऑटोमोटिव से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक में जापान ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार बनकर दोस्ती और विश्वास की एक अमूल्य पूंजी बनाई है। आज ताकाइची की यात्रा से हम अपनी स्पेशल स्ट्रेटजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।"
पीएम ने दोनों ही देशों को आर्थिक तौर पर काफी मजबूत बताते हुए आगे कहा, कि आज भारत और जापान दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से हैं।एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम आधारित इंडो पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री ने तकनीकी क्षेत्र में हो रहे निवेश की चर्चा की। आगे कहा, जापान की प्रीसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक एआई विकास को नई गति और शक्ति देगा। डिफेंस के क्षेत्र में आज हमने भारत और जापान के पहले को-डेव्लेपमेंट प्रोजेक्ट पर समझौता किया है। भारत और जापान की निवेशक के तौर पर साझेदारी निरंतर सुदृढ हो रही है। पिछले 1 वर्ष में करीब 120 नए व्यावसायिक समझौते हुए हैं, जिनसे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक जापानी निवेश आएगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
साने ताकाइची प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार भारत आई हैं। तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगी, जहां दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर फोकस रहेगा।
चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर एफआईआर की उठी मांग
अयोध्या। अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चंदे के विवाद को लेकर अयोध्या जिला अदालत के वकीलों ने राम जन्मभूमि पुलिस थाने की ओर मार्च निकाला। यह मार्च चंपत राय, अनिल मिश्रा, और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर निकाला गया। इस मार्च में भारी संख्या में वकीलों ने हिस्सा लिया। वकीलों ने दावा किया कि जब तक एफआईआर नहीं होती, हम शांत नहीं होने वाले हैं। इस दौरान सड़कों पर जय श्री राम के नारे भी गूंजते रहे। वकीलों की भारी संख्या में निकाले जा रहे मार्च को सिविल लाइंस पुलिस चौकी के समीप पुलिस ने रोक दिया।
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में वकील राम जन्मभूमि पुलिस थाने पर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कचहरी से रवाना हुए थे। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद अधिकांश वकील कचहरी परिसर लौट गए, हालांकि कुछ वकीलों को चौकी पर रोका गया।
अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने दावा किया कि हमारी शिकायत पर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है। हमारा प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहा है लेकिन तब तक हम संतुष्ट नहीं हैं, जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती। यदि एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो हम फिर से कूच करेंगे।
उन्होंने कहा कि पुलिस हमारी बात मानेगी तभी हम लौटेंगे अन्यथा हम रूकने वाले नहीं हैं। यहां पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। चौकी सिविल लाइंस में एफआईआर लिखने की कार्रवाई को शुरू कर दिया गया है। हालांकि, जब तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिलती तब तक हम लोग संतुष्ट नहीं हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने तो वादा किया है कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वकीलों का कहना है कि वे राम जन्मभूमि पुलिस थाने पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए अडिग हैं।
कुछ अधिवक्ताओं का दावा है कि पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी होगी। हम सभी इसी के लिए यहां पर एकजुट हुए हैं।
सीएम योगी 29 जून को मुरादाबाद दौरे पर, 365.50 करोड़ की 63 विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 जून को मुरादाबाद दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह जिले को 365.50 करोड़ रुपये की लागत वाली 63 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और 37 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री का आगमन दोपहर करीब 1:30 बजे प्रस्तावित है। सर्किट हाउस के पीछे जनसभा स्थल पर पंडाल निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री 136.15 करोड़ रुपये की 26 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि 229.35 करोड़ रुपये की 37 नई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य जिले के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हरदासपुर गांव में निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा हरथला स्थित सीनियर सिटीजन केयर सेंटर का लोकार्पण भी करेंगे। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगर निगम की कई प्रमुख विकास योजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती, यातायात प्रबंधन और जनसभा स्थल पर पेयजल, बिजली, बैठने की व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं की तैयारी पूरी की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस दौरे से जिले की कई लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी और विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।