देश-विदेश
गुटेरेस ने ईरान के विरूद्ध अमेरिकी हमले पर जतायी चिन्ता
संयुक्त राष्ट्र । संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी पक्षों को कूटनीतिक तरीके से शांति के लिए काम करना चाहिए। श्री गुटेरेस ने ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी सेना के हमलों के बाद जारी एक बयान में आशंका जतायी कि इससे संघर्ष और बढ़ने का खतरा है।
उन्होंने कहा, मैं आज ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा बल प्रयोग से बहुत चिंतित हूँ। इस कार्रवाई पहले से ही संकटग्रस्त उस क्षेत्र में टकराव में और खतरनाक वृद्धि होगी तथा यह अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि इस संघर्ष के तेजी से नियंत्रण से बाहर होने का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, संघर्ष बढ़ा तो नागरिकों, उस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। मैं सदस्य देशों से आह्वान करता हूँ कि वे तनाव कम करें और संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अन्य नियमों के तहत अपने दायित्वों को निभाएँ।
उन्होंने कहा, इस खतरनाक समय में, अराजकता के चक्र से बचना महत्वपूर्ण है। इस वर्तमान स्थिति का कोई सैन्य समाधान नहीं है। आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता कूटनीति है।
अमेरिका का ईरान पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन :अराग्ची
तेहरान । अमेरिका के तीन ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमले को ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया है और आत्मरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने की चेतावनी दी है।
अमेरिकी हमले के बाद ईरान की पहली प्रतिक्रिया में ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराग्ची ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करके संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतर्राष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का गंभीर उल्लंघन किया है।
श्री अराग्ची ने कहा, आज सुबह की घटनाएँ अपमानजनक हैं और इसके अनन्त परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को इस अत्यंत खतरनाक, कानूनविहीन और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र चार्टर और आत्मरक्षा में वैध प्रतिक्रिया की अनुमति देने वाले इसके प्रावधानों के अनुसार, ईरान अपनी संप्रभुता, हितों और लोगों की रक्षा के लिए सभी विकल्प सुरक्षित रखता है।
पीएम मोदी ने बिहार को दी वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात
पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार को एक और वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात दी है। वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात के साथ ही वैशाली से देवरिया तक नई रेल लाइन की भी सौगात दी। श्री मोदी ने सीवान में आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो लिंक के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर पाटलिपुत्र और गोरखपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन से रवाना किया।
श्री मोदी ने वैशाली से देवरिया (उत्तर प्रदेश) तक नई लाइन का उद्घाटन किया।
पाटलिपुत्र स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में पटना साहिब संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन, पाटलिपुत्र से पूर्व सांसद रामकृपाल यादव उपस्थित थे। जबकि पाटलिपुत्र की सांसद मीसा भारती समारोह में नहीं दिखाई दीं।
रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, बिहार का विकास प्रधानमंत्री के दिल में है। जब भी वह बिहार आते हैं, हजारों करोड़ की विकास परियोजनाएं यहां एक वास्तविकता बन जाती हैं। हम यहाँ वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने आए हैं। प्रधानमंत्री वास्तव में बिहार राज्य को पसंद करते हैं और इसके विकास को लेकर चिंतित हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस की 71वीं जोड़ी ट्रेन सेवा
देश में वंदे भारत एक्सप्रेस श्रृंखला की यह 71वीं जोड़ी ट्रेन सेवा है। यह गाड़ी 384 किलोमीटर की दूरी सात घंटे में तय करेगी। मार्ग में इसका ठहराव उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कप्तानगंज, पनियहवा और बिहार के बगहा, नरकटियागंज, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र स्टेशन पर होगा। इस ट्रेन के माध्यम से चंपारण, वैशाली और कुशीनगर जैसे स्थानों पर सैलानी भी आसानी से पहुंच पाएंगे जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
गोरखपुर से 26502 अप ट्रेन सुबह 5:40 बजे चल कर दोपहर 12:45 बजे पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचेगी तथा वापसी में पाटलिपुत्र से दोपहर 3:30 बजे रवाना हो कर रात 10:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इस सेवा के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस एक ट्रेन सेट लगाया गया है। यह सप्ताह में छह दिन चलेगी और शनिवार को अनुरक्षण के लिए यह सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
आठ कोच वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में सभी कोच वातानुकूलित हैं। इस ट्रेन में लगे दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। यात्रियों को साफ-सुथरे बायो टॉयलेट की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में जीपीएस आधारित जानकारी देने वाली स्क्रीन भी दी गई है। यात्रियों को ऑनबोर्ड खाना और पानी मिलेगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। अत्याधुनिक ट्रेन सेट की राइड बहुत ही आरामदायक होगी। इसमें झटके नहीं लगते हैं। ट्रेन सेट चंद सेकेंड में रफ्तार पकड़ लेती है और बहुत ही कम समय में रुक जाती है। इस कारण औसत गति अधिक बनी रहती है और यात्रा के समय में काफी कमी आती है।
उत्तर प्रदेश में अब 15 और बिहार में 13 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। पूरे देश में अब तक कुल 70 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं लोगों को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक रेल सफर दे रही हैं। देश के 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 330 जिलों को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन कनेक्टिविटी मिली है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का स्लीपर संस्करण भी तैयार हो गया है और बहुत जल्दी यह पटरियों पर यात्रियों को सेवा प्रदान करेगी।
भारत-फ्रांस मिलकर पृथ्वी की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे : पीएम मोदी
कनानास्किस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत करके खुशी जताई। भारत और फ्रांस के बीच मजबूत संबंधों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' अकाउंट पर लिखा, "मेरे मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत और विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना, हमेशा खुशी की बात होती है। भारत और फ्रांस हमारी पृथ्वी की बेहतरी के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
इस साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद मैक्रों ने 12 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि इस दुख की घड़ी में फ्रांस, भारत और उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा। जहां भी जरूरत होगी, फ्रांस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने 'एक्स' पर पोस्ट किया था, "मैंने मंगलवार को हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के बारे में पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है। इस हमले में दर्जनों निर्दोष नागरिकों की दुखद मौत हुई है। फ्रांस इस दुख की घड़ी में भारत और उसके लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। फ्रांस अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, जहां भी जरूरत होगी, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।"
मैक्रों के साथ यह बैठक कनानास्किस में 51वें जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की कई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में से एक थी। यहां उन्होंने मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस और कनाडा के नेताओं से मुलाकात की। इसमें वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता जाहिर की है।
भारत और फ्रांस ने रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर लिए हैं। फ्रांस के साथ भारत के संबंध गहरे विश्वास और प्रतिबद्धता पर आधारित हैं।
पीएम मोदी ने इससे पहले मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूके के पीएम कीर स्टार्मर से मुलाकात की थी।
पीएम मोदी ने कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक खास बातचीत! भारत और यूके के संबंध मजबूत हो रहे हैं, जो व्यापार और वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में हमारी प्रगति में झलकता है। हम इस दोस्ती को और भी गति देने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के बाद एक्स पोस्ट में लिखा, "कनाडा में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग और मेरी बैठक हुई। भारत और रिपब्लिक ऑफ कोरिया कॉमर्स, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, जहाज निर्माण और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहते हैं।"
'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर के साथ मुलाकात के बाद लिखा, "कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बातचीत करके बहुत खुशी हुई। भारत और जर्मनी घनिष्ठ मित्र हैं, जो साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष हम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं। हमने चर्चा की है कि आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स, सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में और भी अधिक निकटता से कैसे काम किया जाए। चांसलर मर्ज और मैंने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करने पर भी चर्चा की। हम आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकी वित्तपोषण पर प्रहार करने जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।"
मेक्सिको की राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, "मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। दो शताब्दियों में पहली महिला मैक्सिकन राष्ट्रपति बनने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। हम दोनों आने वाले समय में भारत-मेक्सिको संबंधों में अपार संभावनाएं देखते हैं, खासकर एग्रीकल्चर, सेमीकंडक्टर्स, क्रिटिकल मिनरल्स, हेल्थकेयर और अन्य क्षेत्रों में। हमने लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की।"
पीएम मोदी ने मंगलवार को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानी से भी अलग-अलग मुलाकात की।
एक्सिओम-4 मिशन फिर टला, लॉन्चिंग की नई तारीख 22 जून तय की गई
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को इंटरनेशनल स्पेस सेंटर ले जाने वाला एक्सिओम-4 मिशन एक बार फिर टल गया है। पिछली बार लॉन्चिंग की तारीख 19 जून तय की गई थी, लेकिन इसको आगे बढ़ाया गया है। एक्सिओम 4 मिशन को लॉन्च करने की नई तारीख 22 जून तय की गई है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने मिशन स्थगित होने की पुष्टि की है।
एजेंसी ने बताया, इसरो, पोलैंड और हंगरी की टीमों ने एक्सिओम स्पेस के साथ एक्सिओम मिशन 4 के संभावित लॉन्च समय को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद एक्सिओम स्पेस ने नासा और स्पेसएक्स के साथ कई तैयारियों के पहलुओं का मूल्यांकन किया। स्पेसएक्स के फाल्कन 9 लॉन्च वाहन, ड्रैगन अंतरिक्षयान, स्पेस स्टेशन के ज्वेज्दा मॉड्यूल में मरम्मत कार्य, मौसम की स्थिति और क्वारंटाइन में मौजूद क्रू की सेहत और तैयारियों के आधार पर एक्सिओम स्पेस ने सूचित किया है कि अगली संभावित लॉन्चिंग की तारीख 22 जून है।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मिशन स्थगित होने की जानकारी दी। जितेंद्र सिंह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, मॉड्यूल फिटनेस, क्रू हेल्थ, मौसम आदि समेत प्रमुख मापदंडों का आकलन करने के बाद एक्सिओम स्पेस ने संकेत दिया है कि 22 जून को एक्सिओम-4 मिशन की अगली संभावित लॉन्च तिथि हो सकती है, जो अन्य लोगों के अलावा भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को इंटरनेशनल स्पेस सेंटर पर ले जाएगा। उन्होंने लिखा, आगे कोई भी अपडेट होने पर उसे समय के अनुसार साझा किया जाएगा।
इसके पहले जितेंद्र सिंह ने ही एक्सिओम-4 मिशन की लॉन्चिंग की तारीख 19 जून बताई थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि स्पेस एक्स टीम ने पुष्टि की कि लॉन्च को पहले स्थगित करने वाले सभी मुद्दों पर पूरी तरह से काम किया गया। फिलहाल इस मिशन को 5वीं बार टाल दिया गया है।
भारत के लिए एक्सिओम-4 मिशन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस मिशन के तहत ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री के रूप में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा करेंगे। शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर विशेष खाद्य और पोषण संबंधी प्रयोग करेंगे, जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों और अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद अहम होंगे।
आंध्र प्रदेश में पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीन बड़े माओवादी मारे गए
विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में बुधवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में सीपीआई (माओवादी) के तीन बड़े नेता मारे गए। आंध्र-ओडिशा सीमा पर स्थित देवीपटनम वन क्षेत्र में विशिष्ट माओवादी विरोधी बल ग्रेहाउंड्स के जवानों और माओवादियों के बीच गोलीबारी हुई।
जंगलों में तलाशी अभियान चला रहे ग्रेहाउंड्स के जवानों ने माओवादियों को देखा और उनसे आत्मसमर्पण करने को कहा। जब माओवादियों ने गोलीबारी शुरू की तो सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की और तीन माओवादियों को मार गिराया। मुठभेड़ रामपचोदवरम और मारेदुमिल्ली मंडलों के बीच जंगलों में कोंडामोडालु के पास हुई।
मारे गए माओवादियों की पहचान आंध्र ओडिशा बॉर्डर (एओबी) स्पेशल जोन कमेटी के सचिव गजरला रवि उर्फ उदय, स्पेशल जोन कमेटी सदस्य अरुणा और स्पेशल जोन कमेटी एसीएम अंजू के रूप में हुई। रवि सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति का सदस्य भी था।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से तीन एके-47 राइफलें बरामद की।
अरुणा, केंद्रीय समिति के सदस्य रामचंद्र रेड्डी उर्फ चलापथी की पत्नी थी, जो इस वर्ष जनवरी में ओडिशा की सीमा के पास छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराए गए 14 माओवादियों में शामिल थे।
अरुणा अराकू विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमा की हत्या में शामिल थी। माओवादियों ने 2018 में विशाखापत्तनम जिले में टीडीपी के दो नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अरुणा विशाखापत्तनम जिले के पेंडुर्थी मंडल के करकावानीपालम की मूल निवासी थी और उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था। उदय के सिर पर भी 25 लाख रुपये का इनाम था।
मारे गए माओवादियों के शवों को रामपचोड़ावरम क्षेत्रीय अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ स्थल का दौरा किया।
तीन माओवादी नेताओं की हत्या को एओबी क्षेत्र में प्रतिबंधित संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
एओबी को माओवादी छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र और झारखंड के जंगलों के बीच एक सुरक्षित रास्ता मानते थे। एओबी में माओवादियों को यह ताजा झटका छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन कगार के तहत सुरक्षा बलों द्वारा कई माओवादियों को मार गिराने के तुरंत बाद आया है।
भारत आएंगे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पीएम मोदी के न्योते को स्वीकार किया
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द भारत दौरे पर आएंगे। क्वाड समिट के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान न्योते को स्वीकार कर लिया है। बुधवार को भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसकी जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 35 मिनट की बातचीत में कई विषयों पर चर्चा हुई।
इस दौरान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए। दोनों ने इस क्षेत्र में क्वाड की अहम भूमिका के प्रति समर्थन जताया। विदेश सचिव के मुताबिक, क्वाड की अगली बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को भारत यात्रा का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वह भारत आने के लिए उत्सुक हैं।
क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन इस साल भारत में होना है। क्वाड चार देशों का एक ग्रुप है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, अमेरिका और जापान शामिल हैं। इस संगठन को चार देशों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के मकसद से बनाया।
विदेश सचिव ने जानकारी दी कि कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होनी तय थी, लेकिन ट्रंप को जल्दी अमेरिका लौटना पड़ा, जिस कारण मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर दोनों नेताओं के बीच फोन पर 35 मिनट बात हुई।
विक्रम मिस्री ने बताया, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं की ये पहली बातचीत थी। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन पर शोक संवेदना प्रकट की थी और आतंक के खिलाफ समर्थन व्यक्त किया था। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की।"
भारतीय विदेश सचिव के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
भारत ने कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया : पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर स्पष्ट कर दिया है कि इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 35 मिनट चली बातचीत में पीएम मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत ने कभी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को इस बातचीत की जानकारी दी।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के मुताबिक, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई है। दोनों नेताओं की मुलाकात कनाडा में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान होनी थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण ये मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर लगभग 35 मिनट तक बात हुई। ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ये पहली बातचीत हुई।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया, पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में कभी भी और किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमेरिका की ओर से भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी। सैन्य कार्रवाई रोकने की बात सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच हुई। दोनों सेनाओं की बात मौजूदा चैनल्स के माध्यम से हुई थी। पाकिस्तान के ही आग्रह पर ये बातचीत हुई थी।
पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था।"
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के मुताबिक, 9 मई की रात को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति ने कहा था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ शब्दों में बताया था कि यदि ऐसा होता है तो भारत पाकिस्तान को उससे भी बड़ा जवाब देगा। 9-10 मई की रात को पाकिस्तान के हमले का भारत ने बहुत सशक्त जवाब दिया। पाकिस्तान की सेना को बहुत नुकसान पहुंचाया।
विदेश सचिव के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा कि भारत अब आतंकवाद को प्रॉक्सी वार नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है और "ऑपरेशन सिंदूर" अभी भी जारी है। विदेश सचिव ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वह कनाडा से वापसी में अमेरिका रुक कर जा सकते हैं। पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी असमर्थता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में मिलने पर सहमति व्यक्त की।
भारत-ब्रिटेन संबंध मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे : पीएम मोदी
कनानास्किस। कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच अहम मुलाकात हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन एक-दूसरे के साथ मिलकर इस शानदार साझेदारी को मजबूत करते रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "एक्स" पर लिखा, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक बेहतरीन बातचीत हुई। भारत और ब्रिटेन के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, खासकर व्यापार और वाणिज्य जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति के माध्यम से। हम इस शानदार मित्रता को और गति देने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
दरकिनार नहीं किया जा सकता है कि पिछले कुछ सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में ब्रिटेन के साथ भारत के रिश्तों में मजबूती आई है। 7 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री स्टार्मर को भारत आने का न्योता दिया। पीएम मोदी ने स्टार्मर को उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं भी दी थी। इस महीने की शुरुआत में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटेन सरकार को अप्रैल 22 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को न्याय दिलाने में भारत के साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया था।
ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी भारत की यात्रा कर चुके हैं, जो इसी महीने की शुरुआत में आए। इस दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच 6 मई को हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा हुई थी। उस समय एस जयशंकर ने बताया, ये समझौता न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति देगा, बल्कि आपूर्ति और मूल्य श्रृंखलाओं को भी मजबूत करेगा। रणनीतिक संबंधों को भी नया आयाम देगा।
खासतौर पर मई 2025 में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए। मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत का 16वां और ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता है।
ये समझौता मौजूदा दौर में वैश्विक व्यापार अस्थिरता और टैरिफ अनिश्चितताओं के बीच दुनिया की चौथी और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्रिटेन, भारत से सबसे ज्यादा वस्तुएं खरीदने वाले देशों में चौथे नंबर पर है। वहीं भारत ब्रिटेन के लिए 11वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत और ब्रिटेन के बीच हर साल करीब 60 अरब डॉलर (60 बिलियन डॉलर) का व्यापार होता है, जिसके 2030 तक दोगुना होने की उम्मीद है।
एफटीए समझौता, ब्रिटेन को भारत के 99 प्रतिशत निर्यात के लिए शून्य-शुल्क पहुंच प्रदान करता है, जिसमें वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, खेल के सामान, खिलौने, रत्न और आभूषण, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और कार्बनिक रसायन शामिल हैं।
PM मोदी-ट्रम्प की फोन पर चर्चा: 'ऑपरेशन सिंदूर' पर 35 मिनट तक बातचीत
नई दिल्ली। कनाडा G-7 समिट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार(18 जून) को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को फोन किया। दोनों दिग्गज नेताओं के बीच 35 मिनट तक बातचीत चली। PM मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने PM मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी है। विक्रम ने कहा-PM मोदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े किसी भी विषय में व्यापार से संबंधित कोई चर्चा नहीं हुई।
पाकिस्तान के कहने पर भारत ने सीजफायर किया
विक्रम मिस्री ने कहा कि PM मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प से साफ कहा कि इस पूरी घटना के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अमेरिका की ओर से भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता को लेकर किसी भी स्तर पर बातचीत नहीं हुई। सैन्य कार्रवाई रोकने के बारे में बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच दोनों सेनाओं के बीच स्थापित मौजूदा चैनलों के तहत सीधे हुई। पाकिस्तान के कहने पर ही भारत ने सीजफायर किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत ने न कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है और न ही कभी करेगा।
ट्रम्प भारत आने के लिए उत्सुक
विक्रम मिसरी ने कहा कि क्वाड की अगली बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को भारत आने का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे कनाडा से लौटते समय अमेरिका में रुकेंगे। पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा करने में असमर्थता जताई। दोनों नेताओं ने तय किया कि वे निकट भविष्य में मिलने की कोशिश करेंगे।
भारत का ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी
विदेश सचिव ने कहा-PM मोदी ने ट्रम्प से कहा-भारत अब आतंकवाद की घटनाओं को प्रॉक्सी वॉर (परदे के पीछे की लड़ाई) नहीं, बल्कि सीधे युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा। भारत का ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने पीएम मोदी की तरफ से विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति समर्थन जताया।
कनाडा G7 समिट में होनी थी मुलाकात
बता दें कि PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की मुलाकात कनाडा G7 समिट में होनी तय थी, लेकिन ट्रम्प को अचानक 17 जून को G7 छोड़कर अमेरिका लौटना पड़ा। इस कारण ये मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद ट्रम्प के कहने पर दोनों नेताओं की फोन पर बात हुई। बातचीत करीब 35 मिनट चली।
गोली का जवाब गोले से देंगे
विदेश सचिव मिसरी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को साफ शब्दों में कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था। भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और कश्मीर (PoK) में केवल आतंकी ठिकानों को ही टारगेट किया। ये कार्रवाई पूरी तरह सटीक, संयमित और उकसावे से बचने वाली थी। साथ ही भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि पाकिस्तान गोली चलाएगा, तो जवाब में भारत गोले बरसाएगा।
धीरेंद्र शास्त्री ऑस्ट्रेलिया में प्राइवेट बोट में घूमते दिखे
नई दिल्ली। बागेश्वर धाम वाले बाबा यानी आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ऑस्ट्रेलिया गए हैं। यहां उनके भक्तों को उनका अलग अंदाज दिखाई दिया है। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ऑस्ट्रेलिया में प्राइवेट बोट में घूमते दिखाई दिए। उन्होंने GUCCI जैसे महंगे ब्रांड के चश्मे और महंगी जैकेट भी पहनी।
ब्रांडेड चीजों के साथ जब उनकी तस्वीर और वीडियो सामने आए तो सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। कुछ लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री का वीडियो पोस्ट करके कमेंट किया कि भक्तों को मोह-माया से दूर रहने की सलाह देने वाले बागेश्वर बाबा खुद लक्जरी लाइफ जी रहे हैं। इस तरह के कमेंट्स से आचार्य धीरेंद्र शास्त्री नाराज हो गए और उन्होंने अपने अंदाज में इसका जवाब भी दिया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ट्रोलर्स को क्या जवाब दिया?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा, 'भारत में एक बहुत प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। उन्होंने हमारे ऊपर वीडियो बनाया। दरअसल ऑस्ट्रेलिया में हमें बहुत ठंड लगी तो हमने चेलों से कहा कि कोई जैकेट खरीदो। एक बच्ची जो दीक्षा लिए हुए है, उसने एक महंगी सी जैकेट खरीदकर दे दी। उसकी कीमत भारत के अनुसार 60-65 हजार रही होगी। हमें तो आज ही पता लगा कि वो बहुत महंगी जैकेट है। इस पर एक यूट्यूबर ने वीडियो बनाया कि बाबा के जलवे देखो, वो 60 हजार की जैकेट पहन रहा है।'
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'हम समंदर में गए तो हमारी आंखों में दिक्कत हुई तो हमने चश्मा भी लगा लिया। वो चश्मा भी बहुत महंगा था। गुच्ची का चश्मा था। भारत में इतनी पोस्टें वायरल हो रही हैं हमारे ऊपर, लोग चश्मे और उसके ब्रांड के नाम के साथ ये कह रहे हैं कि बाबा के जलवे देखो। कुछ तो कह रहे कि मजे तो इन्हीं के हैं।'
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'ठठरी के बरे, नककटा, मूसरचंद, 10 रुपए का आदमी, नाचने वाला, चरित्रहीन 2 लाख रुपए की जैकेट पहन सकता है और महात्मा अगर 60 हजार की पहन ले तो तेरे पेट में दर्द होता है। हम अपने से खरीदकर नहीं पहने। चेलों की दी हुई है। अगर तुम्हारे पेट में दर्द हुआ है तो कल हम एक लाख 20 हजार की पहनेंगे बेटा। तुम बनाना हमारे वीडियो और डालना फोटो।'
देश के 6 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई है। आज भी कई राज्यों में झमाझम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने छह राज्यों में भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दक्षिण बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल और गुजरात के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इन राज्यों में अगले 24 घंटों में मूसलाधार बारिश होगी। असम, मेघालय में अगले दो दिनों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में 18 जून यानी आज अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान बारिश जारी रहने की संभावना है।
आज कहां-कहां होगी बारिश
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश में आज तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। इस दौरान 50-70 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। इन राज्यों में गुरुवार को भी बारिश हो सकती है।
कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
18-20 जून के दौरान गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में अधिकांश स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 18-19 जून के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक में तेज बारिश होगी। 20-22 जून को पंजाब, हरियाणा,19 से 22 जून के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा होगी। 19 और 20 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 20 और 21 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा होगी।
DRDO और IIT दिल्ली ने किया क्वांटम सुरक्षित संचार का सफल प्रदर्शन
नई दिल्ली। भारत ने साइबर सुरक्षा और संचार तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और IIT दिल्ली के वैज्ञानिकों ने मिलकर क्वांटम एनटैंगलमेंट आधारित फ्री-स्पेस क्वांटम सुरक्षित संचार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन IIT दिल्ली परिसर में एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर किया गया, जो क्वांटम साइबर सुरक्षा और भविष्य के क्वांटम इंटरनेट के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या है यह तकनीकी सफलता?
प्रयोग के दौरान क्वांटम एंटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) का उपयोग कर 240 बिट प्रति सेकंड की सुरक्षित कुंजी (Key) दर हासिल की गई, जिसमें केवल 7 प्रतिशत से कम क्वांटम बिट त्रुटि दर देखी गई। इस तकनीक के जरिये दो उपयोगकर्ताओं के बीच ऐसा संचार स्थापित किया गया, जिसे न तो इंटरसेप्ट किया जा सकता है और न ही बिना पता चले टेंपर।
यह तकनीक Quantum Key Distribution (QKD) पर आधारित है, जो भविष्य में बिना फाइबर ऑप्टिक के भी सैन्य, वित्तीय और दूरसंचार क्षेत्रों के लिए सुरक्षित संचार का आधार बनेगी।
प्रदर्शन का नेतृत्व और समर्थन
इस प्रदर्शन को DRDO के फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट (DFTM) निदेशालय द्वारा स्वीकृत परियोजना – ‘फ्री-स्पेस QKD के लिए फोटोनिक प्रौद्योगिकियों का डिजाइन एवं विकास’ के अंतर्गत प्रो. भास्कर कंसेरी की टीम ने किया।
प्रदर्शन के मौके पर DRDO, SAG, IIT दिल्ली, DFTM के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम को DRDO-Industry-Academia Centre of Excellence (DIA-COE) के तहत आयोजित किया गया।
रक्षा मंत्री ने बताया "गेम चेंजर"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को “भारत के लिए क्वांटम युग की शुरुआत” करार देते हुए DRDO और IIT दिल्ली को बधाई दी। उन्होंने कहा कि क्वांटम संचार भारत के रक्षा और साइबर सुरक्षा के लिए गेम चेंजर साबित होगा। यह तकनीक भविष्य के युद्धों की दिशा तय करेगी।
क्वांटम संचार के फायदे
नकली डेटा से पूरी सुरक्षा: क्वांटम स्थिति में जरा सी भी छेड़छाड़ सिस्टम को अलर्ट कर देती है।
फाइबर बिछाने की जरूरत नहीं: फ्री-स्पेस आधारित संचार दुर्गम इलाकों में भी प्रभावी।
सैन्य से लेकर बैंकिंग तक उपयोग: क्वांटम नेटवर्क रक्षा, वित्त और सरकारी संचार में क्रांति ला सकता है।
भविष्य में क्वांटम इंटरनेट की नींव: यह प्रदर्शन भारत में क्वांटम नेटवर्किंग के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।
पहले भी किए हैं सफल प्रयोग
2022 में विंध्याचल से प्रयागराज के बीच पहला इंटरसिटी क्वांटम लिंक और 2024 में 100 किमी टेलीकॉम ग्रेड फाइबर पर की गई एंटैंगलमेंट आधारित डेटा ट्रांसमिशन भी इसी टीम की उपलब्धियां थीं।
व्यापक दृष्टिकोण
DRDO द्वारा स्थापित 15 उत्कृष्टता केंद्रों (COEs) में से एक IIT दिल्ली में यह सफलता मिली है, जो अकादमिक संस्थानों, उद्योग और सरकार के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह सफलता न केवल भारत को क्वांटम तकनीक में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है, बल्कि एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल भविष्य भी सुनिश्चित करती है, जहां डेटा, रणनीति और संप्रभुता पूरी तरह संरक्षित हो सकेगी। यह तकनीक आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा का डिजिटल कवच बनने जा रही है।
भारत में हर महीने औसतन हो रही है लगभग 17 बाघों की माैत
नई दिल्ली। भारत में इस साल अवैध शिकार, क्षेत्रीय विवाद, मानव-वन्यजीव संघर्ष, ट्रेन दुर्घटनाओं और प्राकृतिक कारणों से अब तक 91 शाही बाघों की मौत हो चुकी है। यह एक खतरनाक आंकड़ा है जिसके मुताबिक देश में हर महीने औसतन लगभग 17 बाघों की मौत हो रही है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के आंकड़ों के अनुसार पिछले साढ़े पांच महीनों में देश ने अवैध शिकार, क्षेत्रीय विवाद, मानव-वन्यजीव संघर्ष, ट्रेन दुर्घटनाओं और प्राकृतिक कारणों से 91 शाही बाघों को खो दिया है । यह खतरनाक आंकड़ा बताता है कि हर महीने देश में औसतन 17 बाघ मौत के मुंह में समा रहे हैं।
अगर यही सिलसिला जारी रहता है तो इस साल बाघों की मौत के कुल मामलों की संख्या पिछले साल के 126 के आंकड़े को पार कर सकती है। गौरतलब है कि 2019 से 2023 तक की पांच साल की अवधि में समूचे भारत में कुल 628 ‘धारीदार वन्य शिकारी’ मारे गए हैं।
भारत में प्रोजेक्ट टाइगर की देखरेख करने वाले एनटीसीए के आंकड़ों के अनुसार देश में 2019 में 96, 2020 में 106, 2021 में 127, 2022 में 121 और 2023 में 178 बाघों की मौत हुई थी।
इस बीच 2025 के पहले पांच महीनों में बाघो की मौत से जुड़े आंकड़े हर राज्य में असमान ही है जिसमें आधे से अधिक यानी 49 मौतें मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हुई हैं जहाँ ट्रेन दुर्घटनाएँ और संक्रामक रोग भी इनकी मौत के जिम्मेदार पाये गये हैं1
अकेले महाराष्ट्र में ही 26 बाघों की मौत की सूचना है। उसके बाद मध्य प्रदेश में 24 बाघों की मौत हुई। अन्य प्रभावित राज्यों में केरल (नौ), असम (आठ), उत्तराखंड (सात), कर्नाटक और उत्तर प्रदेश (चार-चार) और तेलंगाना (एक) शामिल हैं।
आंकड़ाे से जानकारी मिली है कि 42 बाघ अपने अपने संरक्षित स्थानों के अंदर ही मृत पाए गए जो प्राकृतिक कारणों या क्षेत्रीय लड़ाई के कारण हो सकते हैं। वहीं 35 बाघ इन संरक्षित क्षेत्रों के बाहर मरे पाए गए।
अधिकारियों ने इसका कारण मानव-पशु संघर्ष और बिजली के झटके के अलावा अन्य कारणों को बताया। इनमें एक महत्वपूर्ण आंकड़ा बाघो के 14 शावकों का है। उसके बाद 26 मादा और 20 नर बाघो का आंकड़ा आता है।
इस क्षेत्र में काम कर रहे एक गैर सरकारी संगठन ‘भारतीय वन्यजीव संरक्षण सोसायटी’ (डब्ल्यूपीएसआई) से उपलब्ध डेटा अधिक चिंताजनक है। यह दर्शाता है कि 2025 में बाघों की मौतों में वृद्धि हुई है जिसमें अब तक 120 मौतें दर्ज की गई हैं । इनमें 96 प्राकृतिक या मानव-प्रेरित कारणों से और 24 अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी से जुड़ी हैं।
इस बीच एनटीसीए के आंकड़ों के अनुसार पिछले 12 वर्षों में समूचे भारत में 1,386 बाघों की मौत हुई जिनमें से लगभग पचार प्रतिशम मौतें नामित बाघ अभयारण्यों में हुई हैं।
उधर संरक्षणवादियों ने आशा दिलाते हुए कहा है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और मानव आबादी के बावजूद दुनिया के लगभग तीन-चौथाई बाघ अब भी भारत में हैं।
भारतीय वन्यजीव संस्थान के संरक्षणवादी वाईवी झाला ने ‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित अपने हालिया अध्ययन में कहा कि ‘2010 से 2022 तक भारत में बाघों की संख्या अनुमानित 1,706 से दोगुनी होकर लगभग 3,700 हो गई है’।
हालांकि अध्ययन में यह भी चेतावनी दी गई है कि इससे ‘आत्मसंतुष्ट’ होने की आवश्यकता नहीं है। अध्ययन के मुताबिक ‘भारत में बाघों की संख्या में वृद्धि एक असाधारण उपलब्धि है लेकिन चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। सामाजिक-राजनीतिक अस्थिरता और आवास क्षरण के कारण 157000 वर्ग किलोमीटर के संभावित बाघ आवास के बड़े हिस्से अभी भी बाघों से रहित ही हैं।
अध्ययन ने संरक्षित क्षेत्रों और आवास गलियारों का विस्तार करने, अवैध रूप से हो रहे इनके शिकारों को रोकने, बाघ आवासों के पास रहने वाले समुदायों के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों सहित मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की रणनीतियों को बढ़ाने की सिफारिश की है।
बाघ, शेर संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हों सामूहिक प्रयास :यादव
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बाघ और शेर जैसी सात प्रमुख प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
श्री यादव ने यहां इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही । ‘बिग कैट’ में बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा शामिल है। बैठक में आईबीसीए के सभी 9 सदस्य देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इन देशों में भूटान, कंबोडिया, इस्वातिनी, गिनी , भारत , लाइबेरिया , सूरीनाम , सोमालिया और कजाकिस्तान शामिल हैं।
श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वन्यजीव संरक्षण में विश्व में अग्रणी देश के रूप में उभरा है, जिसने पिछले दशक में उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त की हैं। उन्होंने बिग कैट रेंज देशों से आईबीसीए की पहलों और कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होने और सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने बिग कैट की सात प्रमुख प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण तथा सुरक्षा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पारिस्थितिकी भविष्य को सुरक्षित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में सहायता करने के लिए सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया।
बैठक में सर्वसम्मति से श्री यादव को आईबीसीए अध्यक्ष और श्री एस पी यादव को आईबीसीए के महानिदेशक के रूप में भी अनुमोदित किया गया। भारत सरकार द्वारा बनाया गया, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) 95 रेंज देशों का एक गठबंधन है। इसका उद्देश्य बिग कैट का संरक्षण करना है। आईबीसीए का प्राथमिक उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बिग कैट के संरक्षण के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सफल संरक्षण प्रणालियों और विशेषज्ञता को समेकित करते हुए रेंज देशों और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग और तालमेल को सुविधाजनक बनाना है।
बैठक में भागीदार देशों ने इन शानदार प्रजातियों के संरक्षण के लिए आईबीसीए के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सक्रिय रूप से काम करने और हमारे पारिस्थितिकी भविष्य को सुरक्षित करने और जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए पूरे समर्पण से काम करने की प्रतिबद्वता दर्शाई।
G7 ने इजरायल का समर्थन किया, ईरान को बताया क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का स्रोत
टोरंटो। इजरायल-ईरान में पिछले पांच दिनों से संघर्ष जारी है। इस तनाव के बीच मंगलवार को ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) देशों के नेताओं ने मिडिल-ईस्ट में शांति और स्थिरता के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की है। इसके साथ ही इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को सपोर्ट किया है। शिखर सम्मेलन से जारी एक संयुक्त बयान में, जी7 नेताओं ने ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का 'मुख्य स्रोत' बताया है। उन्होंने ईरान को कभी भी न्यूक्लियर वेपन बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से गाजा में युद्ध विराम और तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया है।
बयान में कहा गया, हम जी-7 के नेता, मिडिल-ईस्ट में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। इस संदर्भ में, हम पुष्टि करते हैं कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। हम इजरायल की सुरक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं। हम नागरिकों की सुरक्षा के महत्व की भी पुष्टि करते हैं। ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत है। हमारा स्पष्ट मत है कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होना चाहिए। इसके साथ हम ये भी आग्रह करते हैं कि ईरानी संकट का समाधान हो जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो। हम गाजा में भी युद्धविराम चाहते हैं।
बयान में बढ़ते तनाव के बीच एनर्जी मार्केट की स्थिरता को बनाए रखने के लिए जी7 की कार्रवाई करने की तत्परता को भी रेखांकित किया गया है। इस बीच, तनाव और बढ़ गया है। इजरायल ने तेहरान के निवासियों को हवाई हमलों से पहले शहर खाली करने की चेतावनी दी है। इजरायली अधिकारियों ने नागरिकों से तत्काल ईरानी राजधानी छोड़ने की अपील की है, जो एक बड़े पैमाने पर हमले का संकेत है।
बिगड़ती स्थिति के जवाब में, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी यात्रा को एक दिन कम कर दिया। इजरायल-ईरान के इस तनाव के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रम्प ने लोगों से तेहरान को खाली करने को कहा है।
ट्रंप ने दोहराया है कि अगर ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर सहमत होता है, तो वर्तमान संकट से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि यह समझौता गतिरोध पर पहुंच गया है। अब संघर्ष और भी बढ़ने का खतरा है, जब तक कि तनाव कम करने की दिशा में तत्काल कदम नहीं उठाए जाते।
अमिताभ कांत ने जी20 शेरपा के पद से इस्तीफा दिया
नई दिल्ली । अमिताभ कांत ने सोमवार को जी20 शेरपा के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने जी20 शेरपा, नीति आयोग के सीईओ, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के सचिव समेत कई अन्य पदों पर 45 वर्षों तक समर्पित सरकारी सेवा के बाद इस्तीफा दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' और 'लिंक्डइन' पर 'माई न्यू जर्नी' शीर्षक से एक पोस्ट में कांत ने कहा कि अब उनका लक्ष्य मुक्त उद्यम, स्टार्टअप और थिंक टैंक का समर्थन करना है।
कांत ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 45 वर्षों की समर्पित सरकारी सेवा के बाद, मैंने नए अवसरों को अपनाने और जीवन में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने जी20 शेरपा के रूप में मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया और मुझे कई विकासात्मक पहलों को आगे बढ़ाने और देश के विकास और प्रगति में योगदान करने का अवसर दिया।
अपने सहकर्मियों, साथियों और मित्रों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वह अब मुक्त उद्यम, स्टार्टअप, थिंक टैंक और शैक्षणिक संस्थानों को सुविधा और समर्थन देकर 'विकसित भारत' की ओर देश की परिवर्तनकारी यात्रा में योगदान देने के लिए तैयार हैं। कांत ने कहा कि 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता का नेतृत्व करना उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।
लिंक्डइन पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, भारत की जी20 अध्यक्षता पीपल-सेंट्रिक और इंक्लूसिव थी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें आयोजित की गईं। इसने सहकारी संघवाद को मजबूत किया, स्थानीय संस्कृति का जश्न मनाया और देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया।
उन्होंने अफ्रीकी संघ को जी20 में सफलतापूर्वक शामिल किए जाने पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा, नीति आयोग के सीईओ के रूप में कांत ने कहा कि उन्होंने आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसे कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
उनके कार्यकाल में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई। साथ ही, पीएलआई स्कीम के जरिए मैन्युफैक्चरिंग, अटल इनोवेशन मिशन के जरिए इनोवेशन और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के जरिए सस्टेनेबिलिटी जैसे नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाया गया।
औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के सचिव के रूप में उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कांत ने कहा कि उनकी यात्रा केरल से शुरू हुई, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर विकास के महत्व को समझा। वहां उनका काम अतुल्य भारत अभियान से प्रेरित था, जो इस विश्वास से पैदा हुआ कि यात्रा और पर्यटन का नौकरियों और विकास पर सबसे अच्छा गुणक प्रभाव पड़ता है।