देश-विदेश
महाराष्ट्र सरकार ने रद्द किये 18 लाख राशन कार्ड
मुंबई। महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य में फर्जी राशन कार्डधारकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 18 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। इस पूरे कार्रवाई को फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक के तौर पर देखा जा रहा है। रद्द किये गये कार्ड की जानकारी गुरुवार को अफसरों ने मीडिया को दी है।
गौरतलब है कि, महाराष्ट्र में सरकार इस समय पूरे राज्य में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान चला रही है, जिससे सरकारी अनाज की जमाखोरी करने वाले लाखों लोगों को बड़ा झटका लगा है। इस अभियान के चलते उच्च वेतन वाले सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और अमीर लोगों के नाम रद्द किए जा रहे हैं। कई सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, विभिन्न निजी कंपनियों में उच्च वेतन वाले कर्मचारियों, व्यापारियों के पास भी राशन कार्ड हैं। उसके आधार पर वे हर महीने अनाज इकट्ठा करते हैं और इस अनाज को विभिन्न गृह उद्योगों और पोल्ट्री फार्मों और अन्य जगहों पर बेचते हैं।
बता दें कि, फिलहाल इस कार्रवाई बाद से 1.5 करोड़ से अधिक कार्डधारकों का ई-केवाईसी लंबित है। आधार लिंकिंग के लिए केंद्र सरकार के ई-केवाईसी अभियान के अनुसार, राज्य में 17.95 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। सबसे ज्यादा 4.80 लाख राशन कार्ड मुंबई में और 1.35 लाख ठाणे में रद्द किए गए हैं।
महाराष्ट्र राज्य में कुल 6.85 करोड़ कार्डों में से 5.20 करोड़ का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। जबकि 1.65 करोड़ राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी अभी भी लंबित है। हालांकि समय सीमा बीत चुकी है, लेकिन सरकारी निर्देश आने तक केवाईसी जारी रहेगी।
21 दिन बाद पाकिस्तान ने BSF जवान पूर्णम कुमार शॉ को लौटाया
नई दिल्ली। पाकिस्तान ने बुधवार को अटारी-वाघा सीमा के जरिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूर्णम कुमार शॉ को भारत को सौंप दिया। जवान को सुबह 10:30 बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ अधिकारियों को सौंपा, यह कार्रवाई शांतिपूर्ण और प्रोटोकॉल के अनुसार हुई। BSF के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है।
23 अप्रैल को गलती से पार की थी अंतरराष्ट्रीय सीमा
पश्चिम बंगाल के रिशरा निवासी पूर्णम कुमार शॉ, BSF की 182वीं बटालियन के कॉन्स्टेबल हैं। 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी के दौरान वे अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) की बाड़ पार कर अनजाने में पाकिस्तान क्षेत्र में दाखिल हो गए थे। वे उस समय सीमा पर खेतों में काम कर रहे भारतीय किसानों की निगरानी कर रहे थे, जब गर्मी से राहत पाने के लिए एक पेड़ की छांव में खड़े होने के प्रयास में पाकिस्तानी सीमा में चले गए।
पाक रेंजर्स ने हिरासत में लिया, सर्विस राइफल भी जब्त की गई
इस दौरान पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उनकी सर्विस राइफल जब्त कर ली। घटना के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार फ्लैग मीटिंग बुलाने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान की ओर से रिहाई को लेकर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
डिप्लोमेटिक चैनल के जरिए मिली सफलता
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की लगातार आनाकानी और टालमटोल के बाद भारत ने डिप्लोमेटिक चैनल का सहारा लिया। उसी के तहत बीएसएफ जवान की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
परिवार ने की थी अपील, पत्नी ने की थी ममता बनर्जी से मुलाकात
जवान की पत्नी रजनी शॉ ने पति की रिहाई के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और बाद में चंडीगढ़ पहुंचकर BSF अधिकारियों से भी संपर्क किया था।
रिहाई में देरी क्यों हुई?
BSF के पूर्व अधिकारियों के अनुसार, सीमा पार कर जाना सैन्य गलती है, आपराधिक अपराध नहीं। अतीत में ऐसे मामलों को अक्सर एक ही फ्लैग मीटिंग में हल कर लिया जाता था। लेकिन इस बार पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त रुख ने पाकिस्तान को असहज कर दिया। "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद भारत की कड़ी कार्रवाई के चलते, पाकिस्तान पर जवान को लौटाने का दबाव बढ़ गया था।
पूर्णम कुमार शॉ की सुरक्षित वापसी भारत की कूटनीतिक सख्ती और BSF की निरंतर कोशिशों का नतीजा है। यह घटना फिर साबित करती है कि सीमाओं पर तैनात जवानों की एक छोटी सी चूक भी बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक जटिलताओं में बदल सकती है। लेकिन भारत की सक्रियता ने यह सुनिश्चित किया कि अपना जवान सही-सलामत घर लौटे।
ड्रोन से निपटेगा 'भार्गवास्त्र': काउंटर-ड्रोन सिस्टम का सफल परीक्षण
नई दिल्ली। ड्रोन के झुंड का मुकाबला करने के लिए अब भारत ने भार्गवास्त्र विकसित कर लिया है। इसे सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने तैयार किया है। हार्ड किल मोड में तैयार हुआ कम लागत वाला यह काउंटर ड्रोन सिस्टम दुश्मन के ड्रोन का मुकाबला करेगा। काउंटर-ड्रोन सिस्टम में इस्तेमाल किए गए माइक्रो रॉकेटों का गोपालपुर के सीवर्ड फायरिंग रेंज में कठोर परीक्षण किया गया। यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा।
भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में 13 मई को गोपालपुर में रॉकेट के लिए तीन परीक्षण किए गए। एक-एक रॉकेट दागकर दो परीक्षण किए गए। इसके बाद एक परीक्षण दो सेकंड के भीतर साल्वो मोड में दो रॉकेट दागकर किया गया। सभी चार रॉकेटों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया और बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों को कम करने में तकनीक की बड़ी भूमिका निभाते हुए आवश्यक लॉन्च मापदंडों को हासिल किया।
शोपियां मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार बरामद
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के केलर क्षेत्र में मंगलवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के तीन आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए आतंकियों में संगठन का टॉप कमांडर शाहिद कुट्टे, सी-कैटेगरी का आतंकी अदनान शफी और अहसान-उल-हक शेक शामिल हैं।
गोलियों की गूंज के बीच खत्म हुआ आतंकी मॉड्यूल
घटना सुबह 8 बजे शोपियां के शुकरू वन क्षेत्र में उस समय हुई, जब पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सेना की 20 राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया।
मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार बरामद
सुरक्षाबलों ने मौके से AK-47 राइफलें, मैगजीन, ग्रेनेड और भारी गोला-बारूद बरामद किया है, जो इलाके में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश की ओर इशारा करता है।
शाहिद कुट्टे: लश्कर का ए-कैटेगरी टॉप कमांडर
निवासी: चोटीपोरा हीरपोरा, शोपियां
लश्कर में शामिल: मार्च 2023
अपराधों में शामिल:
8 अप्रैल 2024: दानिश रिसॉर्ट गोलीबारी (2 जर्मन पर्यटक और एक ड्राइवर घायल)
18 मई 2024: भाजपा सरपंच की हत्या, हीरपोरा
3 फरवरी 2025: कुलगाम में TA जवान की हत्या का संदेह
अदनान शफी और अहसान-उल-हक: सी-कैटेगरी आतंकी
अदनान शफी:
निवासी: वंडुना मेलहोरा, शोपियां
लश्कर में शामिल: अक्टूबर 2024
18 अक्टूबर 2024 को वची में गैर-स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल
अहसान-उल-हक शेक:
निवासी: मुरन, पुलवामा
लश्कर में शामिल: 24 जून 2023
पहलगाम हमले के बाद कड़ी कार्रवाई
22 अप्रैल को बायसरन में पर्यटकों की हत्या के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था। शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के घरों को ध्वस्त कर दिया गया था। इस कार्रवाई ने आतंकियों और उनके समर्थकों को चेतावनी दी थी कि देशविरोधी गतिविधियों की कोई जगह नहीं।
शोपियां मुठभेड़ सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी है, जिसमें लश्कर के टॉप आतंकी कमांडर को मार गिराया गया। ऑपरेशन से यह स्पष्ट हो गया है कि सुरक्षा एजेंसियां कश्मीर में आतंकवाद के सफाए के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और हर आतंकी को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
आदमपुर एयरबेस पहुंचे पीएम मोदी, जवानों से की मुलाकात
नई दिल्ली। 'ऑपरेशन सिंदूर' से पाकिस्तान और उसकी पनाह में पल रहे आतंकियों को सबक सिखाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पंजाब में आदमपुर एयरबेस पहुंचे। यहां उन्होंने सेना के जवानों से मुलाकात की।
बताया गया कि आज सुबह-सुबह प्रधानमंत्री मोदी आदमपुर एयरबेस पहुंचे। उन्होंने वायु सेना के बहादुर जवानों से बातचीत भी की। इस दौरान वायुसेना के जवानों ने मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी। दौरे की कई तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें एक तस्वीर में पीएम मोदी के पीछे भारतीय लड़ाके विमान की तस्वीर दिखाई दे रही है और उसके ऊपर लिखा है- क्यों दुश्मनों के पायलट ठीक से सो नहीं पाते?
पंजाब में ज़हरीली शराब पीने से 14 श्रमिकों की मौत, छह की हालत नाजुक
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में मजीठा क्षेत्र के तीन गांवों में ज़हरीली शराब पीने से भट्ठा पर काम करने वाले 14 श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अमृतसर की ज़िला उपायुक्त साक्षी साहनी ने मंगलवार को बताया कि मृतकों में भंगाली , थरियावाल और मुरारी कलां गांव के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि घटना सोमवार की है। उन्होंने बताया कि शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हो गई और रात तक मृतकों की संख्या बढ़ने पर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती छह लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पी गई शराब के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
मजीठा थाना के प्रभारी (एसएचओ) आबताब सिंह ने बताया कि जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत होने की जानकारी मिलने पर इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने इस सिलसिले में मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभजीत नकली शराब की आपूर्ति करने वाले गिरोह का सरगना है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू, जो मुख्य आरोपी प्रभजीत का भाई है। साहिब सिंह उर्फ सराय निवासी गांव मारड़ी कलां, गुरजंट सिंह और निंदर कौर पत्नी जीता निवासी गांव थीरेवाल को भी पकड़ा गया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रविवार (11 मई) की शाम को एक ही जगह से यह शराब खरीदी गई थी. इनमें से कुछ लोगों की सोमवार की सुबह ही मौत हो गई थी, लेकिन पुलिस को सूचना नहीं मिली। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुयी हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि लोगों ने अवैध कच्ची शराब का सेवन किया था।
ज़हरीली शराब के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी: मान
अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अमृतसर में मजीठा के आस पास के गांवों में ज़हरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत पर दुःख जताया है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्री मान ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, मजीठा के आस पास के गांवों में ज़हरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत की दुखद ख़बर मिली है। मासूम लोगों के इन हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये मौतें नहीं, कत्ल हैं। ज़हरीली शराब से लोगों के घरों में मातम का माहौल बनाने वाले इन दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सज़ा दी जाएगी।
उन्होंने कहा, मैं परमात्मा से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अमृतसर के मजीठा क्षेत्र के तीन गांवों भंगाली, थरियावाल और मुरारी कलां में ज़हरीली शराब पीने से 14 भट्ठा मजदूरों की मौत हो गई है जबकि अस्पताल में छह लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अमृतसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभजीत नकली शराब की आपूर्ति करने वाले गिरोह का सरगना है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू, जो मुख्य आरोपी प्रभजीत का भाई है। साहिब सिंह उर्फ सराय निवासी गांव मारड़ी कलां, गुरजंट सिंह और निंदर कौर पत्नी जीता निवासी गांव थीरेवाल को भी पकड़ा गया है।
अमृतसर की ज़िला उपायुक्त साक्षी साहनी ने मंगलवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना सोमवार की है। उन्होंने बताया कि शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हुयी और रात तक मृतकों की संख्या बढ़ने पर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती छह लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पी गई शराब के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
मजीठा थाना के प्रभारी (एसएचओ) आबताब सिंह ने बताया कि जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत होने की जानकारी मिलने पर मजीठा थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कावेरी नदी में मिला पद्मश्री से सम्मानित कृषि वैज्ञानिक अय्यप्पन का शव
मैसूर। प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एवं पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सुब्बान्ना अय्यप्पन यहां साईं आश्रम के पास कावेरी नदी में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि डॉ. अय्यप्पन सात मई से लापता थे। पुलिस के अनुसार शनिवार शाम को कावेरी नदी में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए। मैसूर के विश्वेश्वर नगर औद्योगिक क्षेत्र के निवासी 70 वर्षीय डॉ. अय्यप्पन को आखिरी बार पिछले सप्ताह की शुरुआत में अपने घर से निकलते देखा गया था।
पुलिस के अनुसार, उनका स्कूटर नदी के किनारे पर लावारिस हालत में मिला, जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस को नदी में एक अज्ञात शव की मौजूदगी की सूचना मिली और जांच में पुष्टि हुई कि यह डॉ. अय्यप्पन का ही शव है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और पुत्रियां हैं। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
डॉ. सुब्बाना अय्यप्पन का जन्म 10 दिसंबर, 1955 को कर्नाटक के येलंदूर में हुआ था। वह एक अग्रणी मत्स्य वैज्ञानिक थे और उन्हें भारत की 'नीली क्रांति' के प्रमुख वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बेंगलुरु से मत्स्य विज्ञान में डिग्री और पीएचडी प्राप्त करने के बाद उन्होंने परिवर्तनकारी जलीय कृषि प्रथाओं की शुरुआत की, जिससे खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका में वृद्धि हुई।
उन्होंने केंद्रीय मीठे पानी जलकृषि संस्थान (सीआईएफए) और केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान (सीआईएफई) के निदेशक, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के संस्थापक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव सहित प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं।
वर्ष 2022 में पद्म श्री से सम्मानित, उन्होंने बाद में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (सीएयू) , इंफाल के कुलपति के रूप में कार्य किया और परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशालाओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) की अध्यक्षता करते हुए विज्ञान और कृषि में अपना योगदान जारी रखा।
शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकवादी मारे गए, 2 अभी जंगलों में छिपे
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान में मंगलवार को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां के शोपियां में जिनपाथर केलर इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। बताया जा रहा है कि लश्कर के 2 और आतंकवादी इलाके में फंसे हुए हैं। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। इलाके को घेर लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को बैसरन घाटी पर घूम रहे 26 पर्यटकों को गोलियों से भूनने वाले आतंकवादियों की तलाश जारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 3 आतंकियों आदिल हुसैन थोकर, अली भाई और हाशिम मूसा के 'वांटेड' पोस्टर जगह-जगह चिपकाएं हैं और सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये इनाम की घोषणा की है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद ही भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था, जिसके बाद तनाव बढ़ा था। बताया जा रहा है कि पहलगाम हमले के बाद आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में ही छिपे हैं, जिनकी तलाश के लिए सुरक्षा बलों ने दिन-रात एक कर दी है।
22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद 25 अप्रैल को बिजबेहरा में पुलिस ने आतंकवादी थोकर के घर को IED से उड़ा दिया था। संभावना है कि उसने आतंकियों की मदद की थी। थोकर पिछले साल घाटी में घुसपैठ करने से पहले 2018 में अटारी-वाघा सीमा पार कर पाकिस्तान गया था।
CBSE 10th board का भी रिजल्ट जारी, 93.66% बच्चे पास
नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं के बाद अब 10वीं के नतीजों की भी घोषणा कर दी है। सीबीएसई 10वीं परीक्षा में छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.66 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष के 93.60 प्रतिशत की तुलना में 0.06 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में पास प्रतिशत में बहुत अधिक अंतर नहीं है। cbse.gov.in., results.cbse.nic.in., cbseresults.nic.in. वेबसाइट्स माध्यम से छात्र अपने नतीजे देख सकते हैं। छात्रों को परिणाम देखने के लिए अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्म तिथि आदि की आवश्यकता होगी।
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ऑपरेशन सिंदूर: कंधार हाईजैक से जुड़े आतंकी समेत पांच दुर्दांत आतंकियों का खात्मा
नई दिल्ली। भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी रणनीतिक कार्रवाई में पांच खूंखार आतंकियों को मार गिराया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। मारे गए आतंकियों में कंधार हाईजैक के वांछित और मसूद अजहर के रिश्तेदार भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमापार स्थित लॉन्चपैड्स पर जवाबी हमला किया। इस ऑपरेशन में जिन पांच आतंकियों का सफाया किया गया, वे लंबे समय से भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल थे।
मारे गए आतंकियों की सूची:
मुदस्सर खादियन खास उर्फ अबू जुंदाल (लश्कर-ए-तैयबा)
लश्कर के मरकज तैयबा (मुरीदके) का प्रभारी।
पाकिस्तानी सेना ने राजकीय सम्मान के साथ दफनाया।
अंतिम संस्कार में पाक सेना के जनरल और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज भी मौजूद थीं।
हाफिज मुहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद)
मसूद अजहर का साला और बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी।
आतंकी भर्ती और फंडिंग में सक्रिय भूमिका।
मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी (जैश-ए-मोहम्मद)
मसूद अजहर का रिश्तेदार।
कंधार आईसी-814 अपहरण केस में वांछित।
जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में शामिल।
खालिद उर्फ अबू अकाशा (लश्कर-ए-तैयबा)
अफगानिस्तान से हथियार तस्करी और भारत में हमलों में सक्रिय।
फैसलाबाद में दफनाया गया, जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अफसर भी शामिल हुए।
मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद)
जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती असगर खान का बेटा।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों का समन्वय करता था।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया:
भारत के ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों के जरिए गुरुवार से लेकर अब तक जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक 26 स्थानों को निशाना बनाने की कोशिश की है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।
पाक हमले नाकाम, चकलाला से सियालकोट तक भारतीय जवाबी कार्रवाई
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया। इसके जवाब में बौखलाए पाकिस्तान ने बीते चार दिनों से भारत के सीमावर्ती इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मिसाइल, ड्रोन और मोर्टार हमलों के जरिए भारत के नागरिक और सैन्य ठिकानों को टारगेट किया गया है, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते कई हमलों को विफल कर दिया।
गुरुवार की रात पाकिस्तान ने भारत के कई एयरबेस पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत ने तगड़ा जवाब देते हुए पाकिस्तान के अंदर कई अहम सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं।
भारत की जवाबी कार्रवाई में निशाने पर रहे ये पाक सैन्य ठिकाने:
चकलाला एयरबेस (एलओसी से 100 किमी)
पाकिस्तान वायुसेना का वीआईपी और लॉजिस्टिक बेस, जिसे नूर खान एयरबेस के नाम से भी जाना जाता है।
मुरीद एयरबेस (एलओसी से 160 किमी)
ड्रोन संचालन और हवाई रक्षा अभियानों का प्रमुख केंद्र। इस्लामाबाद से 120 किमी दूर।
रफीकी एयरबेस (फजिल्का से 175 किमी)
JF-17 और मिराज जैसे फाइटर जेट्स की तैनाती वाला बेस, आक्रामक अभियानों के लिए प्रसिद्ध।
रहीमयार खान एयरबेस (जैसलमेर से 180 किमी)
नागरिक हवाई अड्डा, पर संभावित सैन्य उपयोग के कारण निशाने पर।
सुक्कूर एयरबेस (जैसलमेर से 225 किमी)
हाल ही में सक्रिय किया गया, यहां से एफ-16 फाइटर जेट्स संचालित होते हैं।
चुनियांन एयरबेस (फिरोजपुर से 62 किमी)
लाहौर के पास स्थित यह ऑपरेशनल एयरबेस पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा में अहम है।
पसरुर रडार साइट (गुरुदासपुर से 75 किमी)
वायु निगरानी और अलर्ट सिस्टम का अहम हिस्सा।
सियालकोट एविएशन बेस (सांबा से 55 किमी)
सैन्य और एविएशन गतिविधियों के लिए संवेदनशील आधार।
‘नागरिक विमानों की आड़ में हमला’
भारतीय विदेश मंत्रालय और सेना के अधिकारियों ने प्रेस वार्ता में खुलासा किया कि पाकिस्तान लाहौर से उड़ान भरने वाले नागरिक विमानों की आड़ में सैन्य गतिविधियां कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
झूठा प्रचार और भारत की सख्त प्रतिक्रिया
भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भारत के एयर डिफेंस सिस्टम (S-400) और सूरत, सिरसा एयरबेस को नष्ट करने के झूठे दावे किए जा रहे हैं। भारत ने इन सभी फर्जी प्रचारों को खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि जमीनी सच्चाई कुछ और है।
डॉ. प्रीति अदाणी दूसरी बार डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित
अहमदाबाद, 7 मई 2025: आज डॉ. प्रीति अदाणी को महाराष्ट्र के वर्धा स्थित दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (डीम्ड यूनिवर्सिटी) की ओर से डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी.) ऑनोरिस कॉज़ा की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
डॉ. प्रीति अदाणी, अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं। यह फाउंडेशन अदाणी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा है। अदाणी समूह भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता व्यापार समूह है। यह सम्मान उन्हें डीएमआईएचईआर के माननीय चांसलर दत्ता मेघे द्वारा संस्थान के 16वें दीक्षांत समारोह में दिया गया। इस अवसर पर डॉ. अदाणी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं।
सम्मान स्वीकार करते हुए डॉ. अदाणी ने कहा, "मैं डॉक्टरेट की उपाधि को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। यह मेरे उस विश्वास को मजबूत करता है कि 'सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है।' मैं ऐसे समाधानों और प्रणालियों के विकास के लिए समर्पित हूं, जो समाज में स्थायी बदलाव लाएं, जरूरतमंदों को सशक्त बनाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बढ़ाएं और समुदायों को आगे लाएं।”
इससे पहले, फरवरी 2020 में उन्हें गुजरात लॉ सोसाइटी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद द्वारा भी सामाजिक कार्यों में उनके योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया था। जनवरी 2019 में डॉ. अदाणी को रोटरी क्लब ऑफ पालनपुर, गुजरात द्वारा बनास रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। फरवरी 2022 में उन्हें फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (फ़्लो) अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस फॉर सोशल इम्पैक्ट से भी नवाज़ा गया।
डॉ. अदाणी एक क्वालिफाइड डेंटल सर्जन हैं, लेकिन उन्होंने निजी प्रैक्टिस की जगह जनसेवा का रास्ता चुना। 1996 में स्थापित अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने भारत में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की परिभाषा ही बदल दी। उनके नेतृत्व में फाउंडेशन ने पांच मुख्य क्षेत्रों में स्थायी बदलाव लाने का कार्य किया है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सतत आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास शामिल है।
अदाणी फाउंडेशन ने अब तक 21 राज्यों के 6,769 गांवों में 91 लाख से अधिक लोगों की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वंचित समुदायों के जीवन में यह महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य मारे गए
भारत की एयर स्ट्राइक से जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा झटका
नई दिल्ली। भारत की सशस्त्र सेनाओं द्वारा चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को करारा झटका लगा है। इस ऑपरेशन में जैश प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं। खुद मसूद अजहर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, "अच्छा होता कि मैं भी इस हमले में मारा जाता।"
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ पंजाब का बहावलपुर भी शामिल है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया था जहाँ से भारत पर हमलों की योजना और संचालन होता था।
मसूद अजहर के बयान के अनुसार, हमले में उसकी बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां, बाजी सादिया के पति और उसकी सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे या तो मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया गया है कि ज्यादातर मृतक महिलाएं और बच्चे हैं।
भारत सरकार ने अभी तक इस ऑपरेशन की पूरी रणनीति उजागर नहीं की है, लेकिन रक्षा मंत्रालय के बयान से स्पष्ट है कि यह हमला पूरी तरह योजनाबद्ध और सर्जिकल था, जिसका मकसद आतंक के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में आए नई आक्रामकता और निर्णायकता को दर्शाता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान की तरफ से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने लिया पहलगाम हमले का हिसाब, आतंकी ठिकानों पर बरपा कहर
नई दिल्ली। पाकिस्तान के भाड़े के आतंकियों द्वारा कश्मीर के पहलगाम में भारतीय महिलाओं के सिंदूर को मिटाने की बर्बर हरकत के 15 दिन बाद भारत ने करारा जवाब दिया है। 6 और 7 मई की दरमियानी रात भारतीय सशस्त्र बलों ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में आतंकियों के 9 ठिकानों पर घातक ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकी ढांचे पूरी तरह तबाह हो गए।
हमले की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों को धर्म पूछकर निशाना बनाया था, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था और प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार जवाब सर्जिकल नहीं, निर्णायक होगा।
सटीक लक्ष्य, तगड़ा वार
सेना के अनुसार, यह हमला "न्याय की मांग" नहीं, "इंसाफ की घोषणा" था। रात के अंधेरे में चले इस ऑपरेशन में हाई-प्रिसिशन ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और विशेष बलों की मदद से आतंक के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। जिन जगहों पर हमला किया गया, उनमें मुजफ्फराबाद, कोटली, और बालाकोट जैसे पुराने आतंकी अड्डे शामिल हैं।
ऑपरेशन का संदेश
सेना ने बयान में कहा, “यह ऑपरेशन सिर्फ जवाब नहीं, संदेश है – अगर भारत की महिलाओं के सिंदूर पर हाथ डाला गया, तो जवाब सरहद पार मिलेगा।” रक्षा विशेषज्ञ इसे 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक से भी आगे का कदम मान रहे हैं।
अब क्या आगे?
सरकार ने अब तक इस कार्रवाई पर आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों का कहना है कि यदि पाकिस्तान की ओर से कोई जवाबी हरकत होती है, तो अगला कदम और सख्त होगा।
एनडीए द्वारा जाति जनगणना का फैसला 'सामाजिक न्याय की जीत' - डॉ. अखिलेश पटेल, राष्ट्रीय महासचिव, युवा मंच, अपना दल (एस)
भारतीय समाज में सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, केंद्र की मोदी सरकार ने आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय न केवल सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देगा, बल्कि नीति-निर्माण को और अधिक डेटा-आधारित व प्रभावी बनाएगा। हालाँकि इस उपलब्धि के पीछे अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री माननीय अनुप्रिया पटेल जी के अथक प्रयास और दृढ़ संकल्प को सबसे अधिक श्रेय दिया जाना चाहिए। अनुप्रिया जी ने सड़क से लेकर संसद तक जाति जनगणना की मांग को बुलंद किया है, और आज इस मांग के चरितार्थ होने का अर्थ है कि उनके नेतृत्व में सालों से चले आ रहे अपना दल (एस) के कार्यकर्ताओं के संघर्ष की जीत हुई है।
पार्टी के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के सिद्धांत 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' को आधार बनाकर उन्होंने इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। यह उनकी दूरदर्शिता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज यह मांग हकीकत में बदल रही है। अनुप्रिया जी ने न केवल संसद में, बल्कि एनडीए की बैठकों और विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को बार-बार उठाया, जिसके फलस्वरूप केंद्र सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया।
यहां इस बात का जिक्र होना भी अति आवश्यक है कि अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में अपना दल (एस) ने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी अगुवाई में नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, और सैनिक स्कूलों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करवाया गया। इसके अलावा, नीट जैसी प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा और स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया में भी ओबीसी आरक्षण को लागू करवाने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। यह केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि लाखों ओबीसी युवाओं के लिए शिक्षा और अवसर के नए द्वार खोलने वाला कदम है।
साथ ही, अनुप्रिया जी के प्रयासों से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया, जो ओबीसी समुदाय के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोग ओबीसी समुदाय की समस्याओं को समझने और उनके लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लेकिन अपना दल (एस) का संघर्ष यहीं समाप्त नहीं होता।
अनुप्रिया जी के नेतृत्व में हम निजी क्षेत्र में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने और एक अलग ओबीसी मंत्रालय के गठन की मांग को लेकर निरंतर प्रयासरत हैं। ओबीसी मंत्रालय की स्थापना से पिछड़े वर्गों के लिए केंद्रित नीतियां बनाना और उनके कल्याण को सुनिश्चित करना आसान होगा। यह मांग सामाजिक न्याय के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
जाति जनगणना का यह निर्णय न केवल ओबीसी, बल्कि समाज के सभी वंचित वर्गों के लिए एक नई शुरुआत है। यह सुनिश्चित करेगा कि हर समुदाय को उसकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व और अवसर मिले। अपना दल (एस) इस दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, सामाजिक समानता और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगा।