छत्तीसगढ़ / दुर्ग
मस्जिदों से उठी आतंकवाद के खिलाफ आवाज, की गईं अमन की दुआएं
भिलाई । इस्पात नगरी भिलाई की सभी मस्जिदों में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के विरुद्ध एकजुटता और भाईचारे की अपील की गई। शुक्रवार की दोपहर जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों में इमामों ने अपनी तकरीर में दहशतगर्दी की निंदा करते हुए मुल्क में अमन व भाईचारा कायम रखने की दुआएं की। पहलगाम के आतंकवादी हमले के बाद शहर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी है।
इस बीच शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिदों में भी इस हमले के खिलाफ ऐलान हुआ। जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमाम-खतीब मौलाना इकबाल अंजुम हैदर ने कहा कि यह हमला सीधे-सीधे इंसानियत के खिलाफ जंग है और इसके जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में हम सब एकजुट रहें और अपने मुल्क की भाईचारे की रवायत को किसी भी हालत में कमजोर न पड़ने दें। इस दौरान मुल्क में अमन के लिए दुआएं भी की गईं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के मौके पर शहर की तमाम मस्जिदों में दहशतगर्दी के खिलाफ अमन के लिए दुआओं में हाथ उठे।
शहर की हुडको, रूआबांधा, रिसाली, खुर्सीपार, कैंप-1, कैंप-2, सुपेला, हाउसिंग बोर्ड, कोहका, अयप्पा नगर और शांति नगर सहित तमाम मस्जिदों में मुल्क में अमन कायम रखने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की दुआएं की गईं। भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर मिर्जा आसिम बेग ने एक बयान जारी कर शहर के सभी वर्गों से भाईचारा व अमन कायम रखने की अपील की है। उन्होंने पहलगाम हमले की भर्त्सना करते हुए कहा कि यह हमला पूरी इंसानियत पर है और शहर का हर मुसलमान इस हमले के विरुद्ध एकजुट है। उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले सभी मृतकों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए सरकार से मांग की कि गुनहगारों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
शहर की मुहर्रम आयोजन से जुड़ी पुरानी तंजीम अंजुमन शहीदीया ने भी पहलगाम हमले की भर्त्सना की है। अंजुमन के संस्थापक अध्यक्ष हाजी एमएच सिद्दीकी ने कहा कि इस हमारे मुल्क की आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे की रवायत पर हम कभी भी आंच नहीं आने देंगे। उन्होंने शहरवासियों से एकजुटता कायम रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुल्क के हालात पर प्रशासन को पैनी नजर रखनी चाहिए की दहशत गर्दी के आड़ मे मजलूमो पर जुल्म नहीं होनी चाहिए जो जगह जगह देखने को मिल रही है।
नेहरु आर्ट गैलरी में गौतम सील की चित्रकला प्रदर्शनी उद्घाटित
सेल-भिलाई । इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित, इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर स्थित नेहरू आर्ट गैलरी में स्थानीय चित्रकार गौतम सील की चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन 24 अप्रैल 2025 को संध्याकाल मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) आर के श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन समारोह के अवसर पर महाप्रबंधक (परियोजनाएं) वी सी शेखर, महाप्रबंधक (एलडीसीपी) वी के ओगले, महाप्रबंधक (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) अमूल्य प्रियदर्शी, महाप्रबंधक (जनसम्पर्क) प्रशान्त तिवारी, सहायक महाप्रबंधक (परियोजनाएं) पुनीत कुमार वर्मा तथा संयंत्र के अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण सहित आर्ट्स क्लब के सदस्य, इस्पात नगरी के अन्य वरिष्ठ कलाकार, चित्रकला प्रेमी तथा भिलाईवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य अतिथि आर के श्रीवास्तव ने चित्रकार गौतम सील की रचनात्मकता और प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि प्रदर्शनी में लगे प्रत्येक चित्रकला में कलाकार की रचनात्मकता और विचारशीलता झलकती हैं वह हर चित्र अपने आप में विशेष और प्रभावशाली है।
गौतम सील द्वारा चित्रित दीवारों पर सजे विभिन्न शैलियों और तकनीकों के चित्र अपनी कहानियाँ कहते प्रतीत होते हैं। कुछ चित्र अपने जीवंत रंगों से आकर्षित करते हैं, तो कुछ अपनी सूक्ष्म रेखाओं और जटिल विवरणों से मोहित करते हैं। कहीं प्रकृति का शांत चित्रण है, तो कहीं अमूर्त कला दर्शकों को अपनी कल्पना की सीमाओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित करती है। गौतम सील का चित्रकला के प्रति बचपन से ही रूझान रहा। उनका सूक्ष्म दृष्टिकोण उनके कृतियों में स्पष्टतः परिलक्षित होता है।
उनकी कृतियाँ केवल चित्र नहीं, बल्कि जीवंत कहानियाँ हैं, जो औद्योगिक जीवन, सांस्कृतिक गतिविधियों और मानव जीवन की सूक्ष्म झलकियों को अत्यंत कलात्मकता एवं संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती हैं। बैंक ऑफ इंडिया से वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में सेवानिवृत्त हुए गौतम सील, पिछले 37 वर्षों से बच्चों को चित्रकला का प्रशिक्षण देते आ रहे हैं। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी अपनी भावनाओं को रंगों और रेखाओं के माध्यम से कैनवास पर आकार देकर कल्पना की दुनिया से प्रकृति का मनोरम चित्रण कर रचनात्मकता की ऊर्जा को उन्होंने बरकरार रखा है। यह तीन दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी 24 से 26 अप्रैल 2025 तक प्रतिदिन संध्या 5.30 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक आम जनता के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
टीएसडी ने प्रमाण पत्रों में रिकॉर्ड बनाया
भिलाई । इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के अंतर्गत जन स्वास्थ्य विभाग के जन्म मृत्यु अनुभाग द्वारा जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर -09 में भर्ती मरीजों में होने वाले जन्म और मृत्यु को दर्ज कर जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र बनाये जाते हैं। इसी कड़ी में जन्म मृत्यु अनुभाग के कर्मियों ने दिनांक 24 अप्रैल 2025 को 24 घंटे में कुल 100 जन्म तथा मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर रिकॉर्ड बनाया है। इस प्रशंसनीय कार्य पर मुख्य महाप्रबंधक (नगर प्रशासन एवं सीएसआर) उत्पल दत्ता ने जन्म मृत्यु कार्यालय व पीएचडी विभाग के कार्मिको को बधाई दी व उनके कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कार्मिकों को जन्म/मृत्यु को दर्ज करने की त्वरित कार्यवाही करते हुए भविष्य में भी इसी गति से कार्य करने और समय पर प्रमाण पत्र जारी करने हेतु प्रेरित किया। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संचालित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र से जन्म और मृत्यु के प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर जन स्वास्थ्य विभाग के जन्म मृत्यु अनुभाग द्वारा वर्ष भर में लगभग 2000 जन्म प्रमाण पत्र तथा लगभग 1500 मृत्यु प्रमाणपत्र बनाये जाते है। जिन्हें बनाने का कार्य पीएचडी कार्यालय द्वारा निःशुल्क किया जाता है।
इसके पूर्व कोरोना काल के दौरान 24 घंटे में कुल 83 प्रमाण पत्र बनाने का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया था। जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार जनरल ऑफ़ इंडिया, छत्तीसगढ़ वित्त योजना आर्थिक अवैम सांख्यकी विभाग द्वारा जारी पोर्टल के माध्यम से बनाया जाता है जिसमें समस्त आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन कर अटैच किया जाता है तथा डिजिटल प्रमाण पत्र द्विभाषी रूप से हिंदी व अंग्रेजी में जारी किया जाता है। महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) के के यादव ने 23 अप्रैल 2025 को पीएचडी जन्म मृत्यु कार्यालय का निरीक्षण कर रिकार्ड्स की जांच की तथा कार्मिकों को आवश्यक निर्देश दिया और सभी कार्मिकों को 24 घंटे में 100 प्रमाणपत्र जारी करने के अनुकरणीय कार्य हेतु बधाई दी।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र एक अत्यावश्यक दस्तावेज है तथा समस्त अन्य सहायक दस्तावेज होने पर प्रमाण पत्र तीन दिनों के भीतर जारी करें तथा दूसरे जिलों या प्रदेश से आने वाले व्यक्तियों के समग्र दस्तावेज पर्याप्त तथा सही हो तो उसी दिवस कार्यालयीन अवधि में प्रमाण पत्र जारी करने का प्रयास करें और यदि किसी प्रकार का नाम परिवर्तन हो, या दस्तावेज की कमी हो, तो तत्काल उन्हें उक्त विषय पर सूचित करें।
उन्होंने कहा कि लोगों से व्यवहार संयमित रखें, व्यवहार कुशल रहे, किसी प्रकार का बैक लाग नहीं होने दें। विगत कुछ दिनों से सिस्टम में खराबी के कारण कार्य में उत्पन्न व्यवधान को के के यादव ने बहाल कराकर कार्य को सुचारू गति से जारी रखने का आदेश दिया। निरिक्षण के दौरान उप प्रबंधक (इनफ़ोर्समेंट) मिलिंद बंसोड व सहायक प्रबंधक (पीएचडी) मुकुंद दास मानिकपुरी भी उपस्थित थे।
मोदी राज में हिंदू भी सुरक्षित नहीं: भूपेश बघेल
पहलगाम आतंकी हमले को बताया 'झीरमघाटी जैसा'
भिलाई । छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “मोदी राज में हिंदू भी सुरक्षित नहीं हैं।” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के झीरमघाटी हमले जैसा बताया और कहा कि दोनों घटनाओं में सरकार की सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह नाकाम रही।
भिलाई के एक निजी होटल में पत्रकारों से बात करते हुए बघेल ने कहा कि पहलगाम में पर्यटकों से धर्म पूछकर मारा गया, ठीक वैसे ही जैसे झीरमघाटी में कांग्रेस नेताओं से नाम पूछकर नक्सलियों ने हमला किया था। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा और देश को सच्चाई कब बताई जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “इंटेलिजेंस फेल था, सुरक्षा बल मौके पर नहीं थे, और इतनी बड़ी चूक के बावजूद अब तक कोई जवाबदेही तय नहीं हुई है।”
संविधान बचाओ यात्रा की शुरुआत कल से
बघेल ने बताया कि 25 अप्रैल से ‘संविधान बचाओ यात्रा’ की शुरुआत की जा रही है। इसका पहला आयोजन भिलाई के कोसानाला बौद्ध बिहार में शाम 6 बजे होगा, जहां पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह यात्रा 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में चलेगी।
इस आयोजन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मंत्री, विधायक, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
स्थानीय लोगों की बहादुरी की तारीफ
बघेल ने पहलगाम में पिट्ठू और घोड़ा चलाने वाले स्थानीय लोगों की तारीफ की, जिन्होंने कई पर्यटकों की जान बचाई, कुछ ने तो आतंकियों से भिड़कर अपनी जान तक गंवाई।
झीरम कांड की जांच पर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि झीरमघाटी हमले की एसआईटी जांच को वर्तमान सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। “डेढ़ साल से सरकार नहीं बता पा रही कि जांच का क्या हुआ,” उन्होंने कहा।
"हिंदू-मुस्लिम की राजनीति बंद हो"
पूर्व सीएम ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी इस घटना को “आपदा में अवसर” में बदल रही है और समाज को हिंदू-मुस्लिम में बांटने की कोशिश कर रही है।
अन्य मुद्दों पर भी तीखे वार
भूपेश बघेल ने महंगाई, बेरोजगारी, बिजली कटौती, ट्रेनों में बढ़ते किराये और मनरेगा के काम बंद होने जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हेराल्ड मामले में ईडी का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को बदनाम किया जा रहा है।
इस संवाददाता सम्मेलन में भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, नीरज पाल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद थे।
पोहा ठेला संचालक से मारपीट करने वाला आरक्षक निलंबित, FIR भी दर्ज...
दुर्ग । सड़क किनारे पोहा बेचने वाले एक युवक के साथ मारपीट और नाश्ता फेंकने की घटना में लिप्त आरक्षक को दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल निलंबित कर दिया है। यही नहीं, आरोपी आरक्षक और उसके साथी के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
घटना 21 अप्रैल की सुबह करीब 5 बजे की है। सुपेला थाना क्षेत्र के घड़ी चौक पर चंद्रभूषण साव (26) रोज की तरह अपने पिता के साथ पोहा ठेला लगा रहा था। इसी दौरान पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक कुंदन सिंह और बटालियन में पदस्थ राजेश यादव वहां पहुंचे। नशे में धुत्त कुंदन सिंह ने ठेला हटाने को लेकर चंद्रभूषण से विवाद किया और देखते ही देखते मारपीट कर दी और ठेले का नाश्ता व सामान नीचे फेंक दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को थाने लाया गया। वहां भी दोनों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से बत्तमीजी और तूतू-मैं-मैं की।
शिकायत पर सुपेला पुलिस ने दोनों पर मामला दर्ज किया, लेकिन बाद में ठेला संचालक के खिलाफ भी काउंटर केस दर्ज कर दिया गया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
SSP विजय अग्रवाल ने ज्वाइनिंग के दूसरे ही दिन मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित कर दिया और रक्षित निरीक्षक को तीन दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
इस त्वरित कार्रवाई को दुर्ग पुलिस में अनुशासन और जवाबदेही की ओर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। SSP के सख्त रुख से स्पष्ट है कि पुलिसकर्मियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संस्था प्रमुख, प्राचार्य एवं शिक्षक नही रहते है मुख्यालय में - स्वाधीन जैन
डीईओ की संलिप्तता संदिग्ध, साथी को ही बना दिये जांचकर्ता
एक मूकबधिर मां की बेटी की सुपोषण यात्रा
दुर्ग । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण मुक्ति की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। इसी प्रयास की एक प्रेरणादायक मिसाल है तेलुगु पारा मरौदा आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ी एक विशेष कहानी मूकबधिर माता की बेटी उमेश्वरी रानी मेहर की।
उमेश्वरी रानी का जन्म 9 जून 2021 को हुआ था, तब उसका वजन केवल 2 किलोग्राम था। जो गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आता है। उसके पिता सुरेश मेहर भिलाई स्टील प्लांट में मजदूरी करते हैं, और माता लुकेशवरी मूकबधिर एवं शारीरिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में उमेश्वरी की देखभाल का जिम्मा उसकी नानी ने संभाला।
आर्थिक व पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उसे न्यूट्रिशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) में भर्ती नहीं कराया जा सका। इस कठिन परिस्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिंदु साहू ने हार नहीं मानी। उन्होंने सहायिका दुलेश्वरी के साथ मिलकर लगातार प्रभावी गृहभेट की, जिससे परिवार को सही पोषण, साफ-सफाई, और रेडी-टू-ईट भोजन के उपयोग की जानकारी दी जाती रही। बच्ची को समय पर दवाइयाँ देना, घरेलू भोजन को पोषणयुक्त बनाना, और देखभाल के छोटे-छोटे मगर अहम पहलुओं को बार-बार समझाया गया।
आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक शिल्पा श्रीवास्तव बताती हैं कि लगातार गृहभेट और बाल संदर्भ सेवा के कारण ही आज उमेश्वरी सामान्य पोषण श्रेणी में आ चुकी है। वर्तमान में उसका वजन 12.5 किलोग्राम है। जहाँ पहले वह आंगनबाड़ी केंद्र में सहज नहीं रहती थी, अब वह स्वयं केंद्र आती है और अन्य बच्चों के साथ हंसते-खेलते समय बिताती है।
उमेश्वरी के सुपोषित होने से न केवल उसका स्वास्थ्य सुधरा है, बल्कि पूरे परिवार में नई आशा और खुशी का संचार हुआ है। यह सफलता न केवल उमेश्वरी की है, बल्कि कार्यकर्ताओं की भी है जिन्होंने निरंतर प्रयास और व्यक्तिगत संपर्क, गृहभेट से कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को खत्म करने लगातार प्रयास कर रही है।
बेटी बचाव बेटी बढ़ाओं एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान
दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ एवं बाल विवाह के रोकथाम एवं एक युद्ध नशे के विरूद्ध जागरूकता कार्यक्रम व रैलियों का आयोजन किया गया।
जिसके अंतर्गत पाटन विकासखण्ड के ग्राम छाटा और दुर्ग विकासखण्ड के ग्राम नगपुरा में कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें सरपंच, सचिव, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व ग्रामीणों को महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग में पदस्थ श्रीमती सीता कनौजे एवं चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 से आशीष साहू, श्रीमती भारती चौबे, सविता साहू, सखि वन स्टाप 181 से श्रीमती असंति साहू, श्रीमती हिना द्वारा भिक्षावृत्ति, बाल विवाह रोकथाम, दत्तक ग्रहण, महिला उत्पीड़न, फास्टर केयर, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार बच्चों को यह भी जानकारी दी गई कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित करता है। अगर कोई 21 वर्ष से कम आयु के लड़के 18 वर्ष से कम आयु की किसी बालिका से विवाह करता या कराता है तो उसे दो वर्ष तक के कठोर कारवास अथवा जुर्माना जो कि एक लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसकी सहायता करता है, उन्हें दण्डित किया जा सकता है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा अथवा जानबूझकर उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है तो उसे भी दण्डित अथवा जानबुझकर उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है तो उसे भी दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह को विमर्श में लेकर उन कारणों को पूर्णतः समाप्त कर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाना आवश्यक है। बाल विवाह की सूचना व जानकारी प्राप्त होने पर 1098 चाईल्ड हेल्प लाईन दुर्ग में संपर्क कर सकते हैं।
सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का निराकरण गुणवत्तापूर्वक करें अधिकारी : कलेक्टर
हितग्राही मूलक योजनाओं की मांगों पर पात्रता परीक्षण किया जाये
दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत 30 अप्रैल तक विभागों को प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाना है। अधिकारी आवेदनों का निराकरण गुणवत्तापूर्वक करना सुनिश्चित करें। प्रयास यह होना चाहिए कि निराकरण से आवेदक पूर्णतः संतुष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि 4 मई 2025 तक विभागों को प्राप्त आवेदनों का संपूर्ण निराकरण कर लिया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने आज अधिकारियों की समय-सीमा लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत विभागों कों प्राप्त आवेदन और इनके निराकरण की समीक्षा करते हुए उक्त बाते कही। उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं की मांगों पर अधिकारी पात्रता परीक्षण करना सुनिश्चित करें। सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदन विभाग से संबंधित न हो तो ऐसे आवेदनों को संबंधित विभागों को फारवर्ड किया जाए ताकि विभाग द्वारा समय पर इसका निराकरण किया जा सके।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अधिकारी मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन (वेब व पोस्ट) पोर्टल, सार्थ-ई और पीजी पोर्टल के अंतर्गत एक से तीन माह के अंतर्गत लंबित सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। इसी प्रकार राजस्व अधिकारी राजस्व से संबंधित अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, सीमांकन के भी एक से तीन माह तक के लंबित प्रकरणों का निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण में विभागों को प्राप्त मांग एवं शिकायत संबंधी आवेदनों और विभागीय निराकरण हेतु पहल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मांगों पर विभागीय तैयारी पूरी करें। आवश्यक दस्तावेज हेतु मोबाइल नंबर के माध्यम से आवेदकों से संपर्क करें। स्वीकृत मुआवजा राशि का वितरण समय पर हो, राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने कहा कि नगरीय निकायों में भी मांगों एवं शिकायतों का निराकरण औचित्यपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी विभागवार निराकृत प्रकरणों की प्रवृष्टि पोर्टल में कराते जाएं। कलेक्टर ने अवगत कराया कि आवेदनों के विभागीय निराकरण के संबंध में आगामी 26 अप्रैल 2025 से जिलास्तरीय समीक्षा की जाएगी। बैठक में एडीएम अरविन्द एक्का, सहायक कलेक्टर बबन अभिजीत पठारे, जिला पंचायत के सीईओ बी.के. दुबे, सभी नगरीय निकायों के आयुक्त एवं सभी एसडीएम सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
पोषण पखवाड़ा के समापन पर हुए विविध कार्यक्रम
भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग भिलाई-1 परियोजना के खुर्सीपार जोन-3 सेक्टर के आंगनवाड़ी केंद्र घासीदास नगर-2 में पोषण पखवाड़ा के समापन दिवस का आयोजन मंगलवार को किया गया। 8 अप्रैल से प्रारंभ किए गए पोषण पखवाड़ा में सामाजिक संगठन गोल्डन एम्पथी (जी ई) फाउंडेशन टीम ने एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के साथ मिलकर विविध गतिविधियां संचालित की।
भिलाई परियोजना अधिकारी पद्मजा सिन्हा, पर्यवेक्षक कंचन महतो और जीई फाउंडेशन की ओर से प्रदीप पिल्लै ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व नवजात शिशु का अन्नप्राशन करवाया। पखवाड़े भर की गतिविधियों के अंतर्गत जीई फाउंडेशन की ओर से कुल 28 गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को प्रोटीन पाउडर वितरित किया गया साथ ही सोया, चना, गुड़, तिल, दाल, साबुत मूंग दाल, फल से भरी पोषण खजानी वाली सुपोषण टोकनी बांटी गई।
परियोजना अधिकारी श्रीमती सिन्हा ने उपस्थित हितग्राहियों को पोषण पखवाड़ा के महत्व से परिचित कराया। साथ ही कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकलने हेतु उपाय के संबंध में विस्तृत चर्चा की। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत जीई फाउंडेशन द्वारा गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों के लिए सुपोषण किट और प्रोटीन पाउडर का वितरण किया गया साथ ही 6 आँगनबाड़ी केंद्र के कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
इन आयोजनों में जीई फाउंडेशन से मृदुला शुक्ला,प्रकाश देशमुख,विशाखा मांगूडे,सोनम सागर, अजीत और घासीदास नगर (1,2,3),फौजी नगर,हाउसिंग बोर्ड, कुरूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आशा पाठक,उमेश्वरी रात्रे,पिंगला बंजारे,जीतू मनहर,सिंधु पगारे, भगवती, सहायिका, चंचल निषाद, किरण सिंह और विमला कामले सहित अन्य का विशिष्ट सहयोग रहा।
इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 ने रिटायर कर्मियों को दी विदाई
भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित सहकारी संस्था इस्पात कर्मचारी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-6 में एक आयोजन में सोसाइटी के माह मार्च या उसके पूर्व सेवानिवृत्त हुए बीएसपी के सदस्य कर्मियों को भावभीनी विदाई दी गई। सोसाइटी के अध्यक्ष बृज बिहारी मिश्र व अन्य पदाधिकारियों ने इन सदस्य कर्मियों को शाल/श्रीफल और उनकी जमा पूंजी का चेक देकर सम्मानित किया।
अपने स्वागत भाषण में अध्यक्ष बृज बिहारी मिश्र ने कहा कि सेवानिवृत्ति के इस भावुकता से भरे अवसर पर हम अपने वरिष्ठ कर्मियों का सम्मान ही नहीं कर रहे हैं बल्कि एक आत्मीय रिश्ते को और मजबूत भी कर रहे हैं। उन्होंने सभी रिटायर कर्मियों को जीवन के नए पड़ाव की शुभकामनाएं दी।
इस दौरान रिटायर हुए कर्मियों की ओर से सुरेश कुमार यादव व वी के सिंह ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की और सम्मान के लिए आभार जताया। इन रिटायर कर्मियों ने अपना सेवाकाल याद करते हुए बताया कि जब भी विपरीत परिस्थिति आई तो सोसाइटी ने तत्काल लोन मंजूर करने पहल की। इससे सोसाइटी के माध्यम से हमेशा हमें संबल मिला। रिटायर होने वाले बीएसपी के इन सदस्य कर्मियों में,बंसी टुडू, इंजीनियरिंग ड्राइंग एंड डिजाइन, मंजू शुक्ला,मानव संसाधन,प्लेट मिल से रविंद्र कुमार, औद्योगिक संबंध विभाग से सच्चिदानंद सिंह,स्टील मेल्टिंग शॉप-2 से सुरेश कुमार,विजय कुमार,ब्लास्ट फर्नेस से रमेश कनौजिया, टोमन लाल, मैकेनिकल मेंटेनेंस से कृष्णा,फोर्ज शॉप से आशीष कुमार,पब्लिक हेल्थ एंड इंजीनियरिंग विभाग से सहदेव बंजारे,पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन से दाऊ कांति नेगी,बार एंड रॉड मिल से विशाखा राम ठाकुर,एलडीसीपी से अरुण कुमार,कोक ओवन एंड कोल केमिकल विभाग से ओमप्रकाश, रमेश देवांगन,स्टील मेल्टिंग शॉप-3 से लक्ष्मीचंद,मर्चेंट वायर एंड रॉड मिल से सुरेश कुमार यादव, झरनदल्ली माइंस से पूजन प्रसाद, इंस्ट्रूमेंटेशन से के.श्रीनिवास,तथा मशीन असेंबलिंग एंड इंजीनियरिंग शॉप(मार्स) से शिवकांत शामिल हैं। इस अवसर पर संचालक मंडल की उपाध्यक्ष इंद्रजीत कौर, अमिताभ वर्मा,हरिराम यादव, कुलेश्वर चंद्राकर, नीरजा शर्मा,विनोद वासनिक और पवन कुमार साहू सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक एम मुरलीधर और धन्यवाद ज्ञापन जे के गहिने संचालक ने किया।
भोपाल संस्कृत विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद, सलामी गारद का भी किया निरीक्षण
भिलाई । भारतीय ज्ञान परम्परा के सन्दर्भ में संस्कृति-संस्कृत विशेषज्ञ एवं लेखक आचार्य डॉ. महेश चन्द्र शर्मा ने हाल ही में भोपाल का दौरा किया। यहां मध्यप्रदेश शासन के महर्षि पतंजलि संस्कृत विद्या मंडल, संस्कृतभवनम् द्वारा संचालित शासकीय आदर्श रेजिडेंशियल गर्ल्स इंस्टीट्यूट फॉर संस्कृतम् अर्थात् गार्गी विद्यालय भोपाल में उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। विद्यालय की प्राचार्या स्नेहा सालोडकर एवं युवा शिक्षक अनुपम शुक्ल ने उनका सम्मान किया। डॉ.शर्मा ने इस दौरान सशस्त्र बल की सलामी गारद का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज जब पूरी दुनिया में गीता और नाट्यशास्त्र को यूनेस्को द्वारा मेमोरी ऑफ़ वर्ल्ड बनाये जाने की धूम है ,तब यहां के तपस्वी शिक्षकों और छात्राओं जैसे संस्कृत के प्रति समर्पित असंख्य व्यक्तियों और संस्थाओं की ओर हमारा ध्यान जाता है। नारी शक्ति का सम्मान और पंच कन्याओं के प्रति पूज्य भावना भी शायद ऐसी ही मातृशक्ति की देन है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश के 42 जिलों की 333 बच्चियां यहां संस्कृत माध्यम पढ़ाई कर रही हैं रही हैं और संस्कृत और संस्कृति को अपने आचरण में ढाल रहीं हैं। कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में अध्ययनरत इन बच्चियों को न केवल भोजनावास नि: शुल्क है, साथ ही स्मार्ट क्लास, पुस्तकें, पुस्तकालय, स्टीम लैब, एन.सी.सी., रायफल शूटिंग और रेंज आदि की भी नि: शुल्क सुविधाएं हैं। बालिकाओं की चौमुखी उन्नति हो रही है। सुदूर ग्रामीण, जनजाति और पिछड़े क्षेत्र की कन्याओं को सुसंस्कृत और सुशिक्षित किया जा रहा है। संस्कृत में आधुनिक विषय भी पढ़ाये जाते हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। ऐसी अनेक संस्थाओं के कारण आज गीता और नाट्यशास्त्र के माध्यम से हमारा प्रिय भारत राष्ट्र विश्व स्तर पर सम्मानित है। इस दौरान उन्होंने संस्कृत संस्था की सराहना की और प्रवीणता प्राप्त छात्राओं को पुरस्कृत कर आशीर्वाद दिये।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के कार्यों की समीक्षा एवं एजेंडा पर चर्चा हेतु 22 अप्रैल 2025 को अपरान्ह 1.00 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है। उक्त बैठक में समिति से संबंधित सभी अधिकारियों को आवश्यक जानकारी के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक
दुर्ग । अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 एवं संशोधन नियम 2016 के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक 22 अप्रैल 2025 को शाम 4 बजे कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित की गई है। आयोजित बैठक में समिति के संबंधित अधिकारियों को उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
आबकारी विभाग ने जप्त की मध्यप्रदेश निर्मित मदिरा
1 आरोपी गिरफ्तार एवं वाहन जप्त
दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार उपायुक्त आबकारी जी.के. भगत व प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में 21 अप्रैल 2025 को गश्त के दौरान आबकारी विभाग के वृत-भिलाई क्रमांक 02 के अन्तर्गत पोलसाय पारा वार्ड नंबर 27 में अवैध शराब के परिवहन की सूचना पर त्वरित एवं विधिवत कार्यवाही कर एक सफेद रंग के सेंट्रो कार क्रमांक सीजी 04 एचए 1585 में 150 नग पाव गोवा (फार सेल इन मध्यप्रदेश) मदिरा जप्त किया गया। उक्त प्रकरण में आरोपी सुधाकर बनवासी आत्मज विश्वनाथ उम्र 48 वर्ष, निवासी संतरा बाड़ी वार्ड क्र. 26 थाना मोहन नगर के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 36 के तहत प्रकरण दर्ज कर सुप्रिया शर्मा सहायक जिला आबकारी अधिकारी द्वारा आरोपी को जेल दाखिल कर प्रकरण विवेचना में लिया गया है। कार्यवाही के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी पंकज कुजूर, आबकारी उप निरीक्षक प्रियंक ठाकुर, आरक्षक संदीप तिर्की, आरक्षक चितेश्वरी ध्रुव, गार्ड अमित कुमार पटेल, खोमेंद्र देशमुख, ड्राइवर दुर्गा साहू का योगदान रहा।
समय पर भुगतान करें, ₹1000 व 15% पेनाल्टी से बचें
दुर्ग । नगर पालिक निगम/आयुक्त सुमीत अग्रवाल ने शहर क्षेत्र के करदाताओं से अपील कर कहा कि 2024-25 का संपत्ति कर करदाता ऑनलाइन या टैक्स काउंटर निगम कार्यालय में जाकर टैक्स जमा कर सकते हैं। कहा कि जुर्माना से बचे, जल्द करें भुगतान,अंतिम 10 शेष है,01 मई से 1000 पैनल चार्ज एवं 15% पेनाल्टी जुर्माना लगेगा।उन्होंने कहा कि अवकाश पर भी खुले रहेंगे टैक्स काउंटर अगर आप दुर्ग में संपत्ति के मालिक हैं और आपने अब तक अपना संपत्ति कर नहीं भरा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है.
समय पर टैक्स जमा करें पेनाल्टी से बचें। नगर निगम के संपत्ति कर विभाग ने बकायेदारों से वसूली के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.बड़े बकायेदारों की बनाई सूची, हो सकती है सख्त कार्रवाई राजस्व अधिकारी राजकमल बोरकर एवं सहायक राजस्व अधिकारी शुभम गोइर बताया कि कर न भरने वाले सभी बकायेदारों को चिह्नित किया जा चुका है और उन्हें टेलीफोन एवं सहायक राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से सूचित किया जा रहा है।
क्या होगा अगर आप समय पर टैक्स नहीं भरते?
समय पर बड़े संपत्ति कर का भुगतान नहीं करते, तो नगर निगम नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा. इसमें जुर्माने की राशि के साथ ब्याज, निगम की ओर से नोटिस और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई के अलावा कानूनी कार्रवाई की संभावना भी शामिल हैं.
छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे टैक्स काउंटर ऑफिस खुला रहेगा
नगर निगम ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अवकाश के दिनों में भी निगम कार्यालय खुले रखे जायेंगे. आप सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे कार्यालय में जाकर टैक्स जमा कर सकते हैं.
अब न करें देरी, जल्द करें भुगतान
इससे पहले की शेष 10 दिन आख़िरी तारीख बीत जाए और निगम के राजस्व विभाग आप पर सख्ती बरते, बेहतर होगा कि आप तुरंत यह काम निपटा लें.जुर्माना से बचने के लिए आपके पास शेष 10 दिन है। तारीख 30 अप्रैल के बाद 01 मई से 1000 पैनल चार्ज एवं 15% पेनाल्टी जुर्माना लगेगा।सही समय पर टैक्स भरें और परेशानी से बचें।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत स्कूल में प्रवेश दिलाने अभिभावक ने जनदर्शन में लगाई गुहार
जनदर्शन में प्राप्त हुए 137 आवेदन
दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सहायक कलेक्टर अभिजीत पठारे एवं डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव ने साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 137 आवेदन प्राप्त हुए। आज जनदर्शन में सबसे अधिक शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश दिलाने के अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन में शिकायत लेकर पहुंचे अंजोरा निवासियों ने पेयजल की समस्या को लेकर आवेदन दिया। ग्राम अंजोरा(ढाबा) में पेयजल हेतु कोई भी पर्याप्त संसाधन नही है। गांव में एक ही बोर है, जिससे पूरा गांव पानी पी रहा है। पानी की टंकी बने सात साल हो गए हैं, लेकिन गांव वालों को आज तक टंकी से पानी प्राप्त नही हुआ है। पानी को लेकर गांव वालों को बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में बोर खनन, हैंडपम्प सुधारने एवं टेंकर उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने पीएचई को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत कक्षा पहली में प्रवेश हेतु नोडल अधिकारी द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया कि बी.पी.एल. राशन कार्ड में माता-पिता का नाम दर्ज नहीं है। इस पर अभ्यर्थी के परिजनों ने आपत्ति जताया। अभ्यर्थी के पिता ने बताया कि वर्ष 2007-08 में जब बी.पी.एल. सर्वे हुआ था, उस समय उनकी पुत्री नाबालिक थी और उनके दादा जो उस समय परिवार के संरक्षक थे, के नाम पर ही बी.पी.एल. कार्ड बना था। वर्तमान सत्र ना तो नगर निगम और ना ही राज्य शासन द्वारा कोई नया बी.पी.एल. सर्वे किया गया है, जिस कारण वर्तमान बी.पी.एल. कार्ड में उनका नाम नहीं जुड़ सका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007-08 में जारी सत्यापन प्रमाण पत्र में उनके परिवार का नाम हितग्राही के रूप में दर्ज है और यह प्रमाण पत्र शाला प्रवेश हेतु जारी किया गया था। इसी आधार पर आरटीई के अंतर्गत बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इस पर सहायक कलेक्टर ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदनों का परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
बगदाई धाम कॉलोनी वासियों ने स्ट्रीट लाईट लगवाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि बघेरा से कोटनी मार्ग बहुत ही व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग में हजारों लोगों को आना-जाना लगा रहता है। रात होते ही सड़क पर पशु-मवेशी तथा शराबी लोगों का जमावाड़ा लगा रहता है। यह मार्ग अंधेरा होने के कारण दुर्घटना की आंशका बनी रहती है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने जनपद सीईओ को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।