छत्तीसगढ़ / जशपुर
मुख्यमंत्री की पहल पर बंदरचुवा और दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण हेतु 1.99 करोड़ की मिली स्वीकृति
जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनसुविधा आधारित अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। उनके कार्यभार संभालते ही किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है और योजनाएं तेज़ी से ज़मीन पर उतर रही हैं।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री घोषणा मद से जशपुर जिले के बंदरचुवा में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड तथा दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण हेतु कुल 1 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, यात्रा सुगम होगी और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री की पहल पर बन्दरचुवा में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण के लिए 99.99 लाख रुपए और दुलदुला में बस स्टैंड निर्माण के लिए 99.99 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।
कौशल विकास प्रशिक्षण से युवाओं को मिला रोजगार के बेहतर अवसर
युवाओं ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के छात्र-छात्राओं को कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला जशपुर के लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में संचालित नवगुरुकुल शिक्षण संस्थान के माध्यम से बारहवीं उत्तीर्ण छात्राओं तथा स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से जुड़ने की इच्छुक युवतियों को बिजनेस एवं टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
संस्थान में अध्ययनरत छात्राओं को हॉस्टल, भोजन एवं लैपटॉप जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियाँ भी आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो सकें।
कुनकुरी की कुमारी नेहा खाखा ने 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद नवगुरुकुल में प्रवेश परीक्षा पास कर फाइनेंस स्किल प्रोग्राम जॉइन किया। एक वर्ष के अध्ययन उपरांत आज वे इसी संस्थान में एसोसिएट टीचर के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिमाह ₹15,000 का वेतन प्राप्त कर रही हैं।
वे कहती हैं कि “नवगुरूकुल ने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी। यहाँ आकर मैंने एआई फीचर और गूगल शीट जैसे आधुनिक टूल्स को सीखा। आज मैं न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर हूँ बल्कि अन्य छात्राओं को पढ़ाकर उन्हें भी आगे बढ़ा रही हूँ।”
पत्थलगाँव की कुमारी वृंदावती यादव ने कॉलेज के माध्यम से नवगुरूकुल के बारे में जानकारी प्राप्त की और प्रोग्रामिंग स्कूल जॉइन किया। 15 माह के कोर्स उपरांत वे आज पार्ट-टाइम इंटर के रूप में कार्य कर रही हैं और प्रतिमाह ₹13,000 कमा रही हैं। “मुझे लगा था कि आर्थिक स्थिति के कारण मैं आगे नहीं बढ़ पाऊँगी, लेकिन नवगुरूकुल ने मेरे सपनों को पंख दिए। आज मैं पढ़ाई के साथ काम कर रही हूँ और खुद को तकनीकी रूप से सक्षम महसूस करती हूँ।”
बगीचा की कुमारी उषा यादव को बचपन से ही डिजाइनिंग का शौक था, परंतु पारिवारिक आर्थिक स्थिति के कारण वे ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स नहीं कर पाईं। नवगुरूकुल से जुड़कर उन्होंने निःशुल्क ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी और अब बिजनेस स्कूल में भी अध्ययन कर रही हैं।“नवगुरूकुल ने मुझे वह अवसर दिया जिसकी मुझे हमेशा चाह थी। यहाँ आकर मैंने प्रोफेशनल ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी। अब मैं बिजनेस की पढ़ाई कर रही हूँ और आगे खुद का स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रही हूँ।”
स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी हुए सम्मानित
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन जशपुर द्वारा कुपोषण की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आईआईटी मुंबई की टीम के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत स्तनपान के 45 बिंदु, पोषण आहार एवं पूरक आहार जैसे विषयों पर आधारित एक ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के लगभग 5,000 कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य विभाग के 5 एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के 5 कर्मचारियों को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय कलेक्टर रोहित व्यास एवं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने सभी सम्मानित कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में कुपोषण उन्मूलन हेतु निरंतर समर्पित प्रयास जारी रहेंगे।
किशोरी से रेप करने वाला गिरफ्तार
जशपुर। जिले से नाबालिग का अपहरण कर बलात्कार करने मामला सामने आया है। आरोपी ने नाबालिग का अपहरण कर जंगल ले गया।
जहां 2 दिन तक हैवान ने जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. मामला पंडरापाठ चौकी क्षेत्र का है।
ASP अनिल कुमार सोनी ने बताया कि पूरी घटना पंडरापाठ चौकी क्षेत्र का है. जहां आरोपी मनदीप राम ने 10 अगस्त को एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया था. इसके बाद अपने साथ जबरदस्ती जंगल ले गया और 2 दिन तक रखा. आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया.
पीड़ित परिवार ने 12 अगस्त को चौकी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने BNS की धाराओं के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी मनदीप राम को उसके घर से हिरासत में ले लिया और आरोपी के चंगुल से पीड़िता को छुड़ाया गया. पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।
प्राकृतिक आपदा में जनहानि के में प्रभावित परिजन हेतु 4 लाख की राशि स्वीकृत
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में प्रभावित परिजन को आर.बी.सी. 6-4 के तहत् 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृत दी है। फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम झारमुण्डा, निवासी अमृत साय का सांप के काटने से 08 जुलाई 2025 को मृत्यु हो गई। मृतक के निकटतम वारिस उनके पिता नंदकिशोर साय हेतु 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
जशपुर जिला चिकित्सालय में रेचा राम का सफल ऑपरेशन
समय पर उपचार से बची जान
रायपुर, 13 अगस्त 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जशपुर जिला चिकित्सालय में आमजन को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार अग्रसर है। इसी क्रम में बगीचा विकासखण्ड के ग्राम टुटटोली निवासी 51 वर्षीय श्री रेचा राम का जीवनरक्षक उपचार कर उन्हें नई जिंदगी दी गई। श्री रेचा राम को एक वर्ष से अधिक समय से सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और लगातार खांसी की शिकायत थी। प्रारंभिक जांच के लिए उन्हें जिला चिकित्सालय अंबिकापुर ले जाया गया, जहां एक्स-रे में दाहिने फेफड़े में तरल पदार्थ जमने की स्थिति (प्लूरल इंफ्यूजन) पाई गई और भर्ती की सलाह दी गई। उपचार अधूरा छोड़कर वह अपने गांव लौट आया।
इसके बाद 21 जुलाई 2025 को उनके परिजन उन्हें जशपुर जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सा अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी (आईडीएसपी) ने मरीज की गंभीर स्थिति देखते हुए तत्काल आवश्यक लैब जांच और एक्स-रे करवाया। रिपोर्ट में दाहिने फेफड़े में पस के अत्यधिक जमाव की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने से पहले ही चिकित्सक ने स्वयं थोरैसेंटेसिस प्रक्रिया अपनाकर पतली सुई के माध्यम से फेफड़े और छाती की दीवार के बीच से लगभग 1.5 लीटर तरल पदार्थ निकालकर आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं दीं। समय पर उपचार से मरीज की जान बच गई। मरीज और परिजनों ने डॉक्टर तथा जिला चिकित्सालय प्रबंधन के प्रतिकृतज्ञता व्यक्त की।
डॉ. अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्लूरल इंफ्यूजन अक्सर किसी गंभीर अंतर्निहित बीमारी का लक्षण होता है, जिसके सामान्य कारणों में हृदय विफलता, निमोनिया, कैंसर, फेफड़ों में रक्त का थक्का, यकृत या गुर्दे की बीमारी शामिल होता है। समय पर उपचार न होने पर यह सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई, सीने में तेज दर्द, बेचैनी, संक्रमण, फेफड़े का फाइब्रोसिस जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है, जो जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं।
जिला जनसंपर्क कार्यालय के राजकुमार हुए पदोन्नत
सहायक संचालक सिदार एवं कार्यालय के कर्मचारियों ने दी बधाई
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर जशपुर जिला जनसंपर्क कार्यालय के राजकुमार पैंकरा को भृत्य के पद से पदोन्नत करते हुए सहायक ग्रेड-03 के पद पर कार्यालय जिला जनसंपर्क सरगुजा में पदस्थ किया गया है।
पदोन्नति कर्मचारी राजकुमार को जिला जनसंपर्क कार्यालय जशपुर के सहायक संचालक नूतन सिदार एवं कार्यालय के कर्मचारियों ने अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की कामना की है। इसके साथ ही विगत दिवस 25 जुलाई को नवीन पदस्थापना कार्यालय हेतु भारमुक्त करते राजकुमार को गुलदस्ता एवं सम्मान स्वरूप उपहार भेटकर विदाई दी गई।
जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, प्राप्त हुए 46 आवेदन
जशपुरनगर । जिला कार्यालय में सोमवार को कलेक्टर रोहित व्यास के द्वारा कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जनदर्शन कार्यक्रम में उन्होंने आम नागरिकों को सुनकर उनसे जुड़ी समस्याओं को जाना एवं प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदनों को समयबद्ध तरीके से निराकृत करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में लगभग 46 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें राजस्व संबंधी मामले, जाति प्रमाणपत्र निर्माण, आय प्रमाण पत्र निर्माण, भूमि विवाद, राशन कार्ड निर्माण, सीमांकन सहित विभिन्न समस्याओं से संबंधित मामले एवं विभिन्न विषयों से संबंधित मांगें शामिल थीं। इसमें मुख्यतः पीएम जनमन योजनान्तर्गत आये हितग्राहियों को पीएम जन मन आवास, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र आदि से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
सहकारी समितियों के निर्वाचन के संबंध में कार्यशाला का हुआ आयोजन
पंजीकृत कार्यशील समितियों को निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में दी गयी जानकारी
जशपुरनगर। वर्ष 2025 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिसके तहत शासन के निर्देशानुसार सहकारिता विभाग द्वारा पंजीकृत कार्यशील समितियों में से चिन्हांकित 40 सहकारी समितियों में जाकर निर्वाचन के संबंध में कार्यशाला का आयोजन 23 से 27 जुलाई तक किया गया। जिसमें शासन द्वारा जारी कैलेंडर अनुसार सभी 40 सहकारी समितियों में कार्यशाला द्वारा बोर्ड के निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें निर्वाचन के महत्व को बताया गया। इसके साथ ही समय सीमा में कराने हेतु जागरूक किया गया। कार्यशाला में समिति के सदस्यों से निर्वाचन के प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। उक्त कार्यशाला में सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ सहकारी समितियों सदस्य भी उपस्थित रहे।
जशपुर में जिला स्तरीय कौशल तिहार का आयोजन
इलेक्ट्रिशियन इंस्टॉलेशन प्रतियोगिता में युवाओं ने दिखाया हुनर
जशपुरनगर। जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज जशपुर में जिला स्तरीय कौशल तिहार का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर खास तौर पर इलेक्ट्रिशियन इंस्टॉलेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लाइवलीहुड कॉलेज के प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत प्रशिक्षित सात लाभार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
यह प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित की गई थी। पहली श्रेणी 22 वर्ष से कम आयु के प्रतिभागियों के लिए थी, जबकि दूसरी श्रेणी में 22 से 45 वर्ष के बीच के लाभार्थियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में जिला परियोजना लाइवलीहुड के प्रशिक्षक, कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक और आईटीआई आरा के प्राचार्य शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों के कौशल का बारीकी से मूल्यांकन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रेरित करना और उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना था।
किसान भाईयों की खेती ने पकड़ी रफ्तार
हरेली तिहार उत्साह से मनाया अब अच्छी फसल उम्मीद
- श्रीमती नूतन सिदार, सहायक संचालक जनसंपर्क जशपुर
जशपुरनगर। बरसात का मौसम है और किसान भाई बंधुओं की खेती-किसानी का समय किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होताइहरेली का त्योहार भी बड़े उत्साह से मनाया गया जहां उन्होंने पारंम्परिक औजार और ईश्वर की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल की कामना की।
जशपुर जिले के किसान भी अपने खेतो में थरा लगाकर अच्छी फसल की उम्मीद किए हैं।
किसान दीलिप का कहना है कि खेती बाड़ी अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो काफी लाभदाय होता है और किसानों को उपज का सही दाम भी मिलता है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी भी की जा रही है जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है। किसानों को अच्छी फसल लेने के लिए मौसम और फसल का चयन बेहद जरूरी है।
हर फसल का एक निर्धारित मौसम होता है जैसे धान वर्षा ऋतु में, गेहूं सर्दियों में। यदि किसान सही समय पर बुवाई और कटाई करते हैं, तो पैदावार अच्छी होती है।
भूमि की तैयारी
खेती का समय किसान को मिट्टी की उर्वरता बढ़ान और इसके लिए सही मौका देता है। इससे बीज अंकुरित होने की संभावना बेहतर होती है। किसानों को फसल लगाने से पहले अपने खेत की मिट्टी का परिक्षण और कृषि वैज्ञानिकों से सलाह जरूर लेनी चाहिए ताकि मिट्टी के अनुसार फसल लगाई जा सके।
किसान भाई बंधुओं को कीटनाशक और खाद का सही उपयोग करना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सभी किसान भाई बंधुओं को सोसायटी के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि खेती बाड़ी करने में कोई समस्या न होने पाए।
यदि किसान सही समय पर जैविक या रासायनिक खाद और कीटनाशक डालते हैं, तो फसल की रक्षा होती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
किसान भाई बंधुओं को बाजार और कीमतें अगर किसान फसल की बुवाई और कटाई समय पर करते हैं तो बाजार में उस फसल की मांग अधिक हो जाती है जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं।
अगर सब्जियां ऑफ-सीजन में तैयार होती हैं तो भाव ज्यादा मिलते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का भी लाभ किसानों को दिया जा रहा है।
खेती-किसानी के मौसम में सरकार बीज, खाद, सिंचाई उपकरण आदि पर सब्सिडी या सहायता देती है। सही समय पर खेती करने से किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ ले सकते हैं।
खेती-किसानी का समय अगर वैज्ञानिक और व्यावसायिक समझ के साथ अपनाया जाए तो यह किसानों के लिए बेहद लाभदायक हो सकता है उत्पादन ज्यादा होगा, लागत कम, और बाज़ार में अच्छे दाम मिलेंगे।
जशपुर जिले की मिट्टी बहुत ही उपजाऊ है किसानों को फल फूल सब्जी से बढ़िया लाभ मिल रहा है। किसान अपनी भूमि पर सीजन अनुसार फसल लेते हैं। धान के साथ साग सब्जी, फल फूल की भी अच्छी खेती कर रहे हैं।
कार की डिक्की से निकला सवा क्विंटल गांजा, 2 तस्कर गिरफ्तार
जशपुर । जशपुर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 क्विंटल 21 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 36 लाख रुपए बताई जा रही है। तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद स्विफ्ट डिजायर (CG04 DR 6000) में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है। 21 जुलाई को थाना तपकरा पुलिस ने एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नाकेबंदी कर दी और संदिग्ध वाहन को चेकिंग के दौरान पकड़ा।
डिक्की से मिला 100 पैकेट गांजा
वाहन की तलाशी में डिक्की से 100 पैकेट अवैध गांजा बरामद किया गया। कार में सवार आरोपियों ने अपनी पहचान अशोक कुमार यादव और निलेश कुमार यादव के रूप में दी। जब गांजे के दस्तावेज मांगे गए तो वे कुछ भी पेश नहीं कर पाए।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों तस्कर ओडिशा के संबलपुर से गांजा लेकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जा रहे थे। कार सहित मादक पदार्थ जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ के बैनर तले एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन
शासन की योजनाओं ने बदली सुमित्रा बाई की जिंदगी
जशपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ शासन की तीनों योजनाओं ने एक साथ उनकी जि़ंदगी को नई दिशा दी है। श्रीमती सुमित्रा बाई बताती हैं कि पहले हम कच्चे घर में रहते थे।
बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात साँप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी, घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढऩे-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।
प्रधानमंत्री आवास
सुमित्रा बाई आगे बताती हैं कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिलने से अब हम धुँआ से मुक्ति मिली और खाना बना पाते हैं। पहले जंगल से लकड़ी लाना पड़ता था और आग जलाना तब बहुत मुश्किल था। आँख में जलन होती थी एवं खाँसी और समय भी ज़्यादा लगता था। अब रसोई में आसानी से खाना बन जाता है। उन्होंने आगे बताया कि, मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रूपए मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे ज़रूरी सामान खरीद लेते हैं।
कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है। उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है, जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं।” परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया।
सर्पदंश के संबंध में सभी लोगों को जागरूक करने दिए निर्देश
जशपुरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा हेतु जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी एम्बुलेंसों की स्थिति एवं संचालन पर समीक्षा करते हुए सभी 15 वर्ष से पुरानी गाड़ियों को सेवा से हटाकर नीलाम करने एवं सभी एम्बुलेंस संचालकों की जानकारी सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने मनोरा एवं पंडरापाठ विकास खंडों में पहुँच विहीन क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस को क्रियाशील कर संचालित करने के निर्देश दिए।
वर्षा ऋतु के दौरान मौसमी बीमारियों के सम्भावित फैलाव को देखते हुए सभी मितानिनों के पास दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में आकस्मिक उपचार हेतु भण्डारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आईआईटी बॉम्बे द्वारा संचालित पोषण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा करते हुए मैदानी सर्वे के द्वारा योजना की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थित विद्युत कनेक्शन एवं ऑपरेशन थिएटरों में वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों द्वारा जेनेरिक दवाइयां देने के निर्देश दिए एवं इसकी नियमित जांच के लिए अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण कर लिखी जा रही दवाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एनक्वास सर्टिफ़िकेशन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी केंद्रों को सर्टिफिकेशन के लिए मानकों के अनुसार तैयारी करने के निर्देश दिए।
सर्पदंश के मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में आपात स्थितियों के लिए सभी तैयारी रखने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार हेतु उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में लोगों को जागरूक करने को कहा। राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा लोगों को प्रोत्साहित कर स्वास्थ्य केंद्रों तक लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गर्भवती माताओं को गर्भाधान की शुरुआत से ही एएनसी पंजीकरण कराकर उनकी नियमित देखभाल करने को कहा। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव की प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा करते हुए जिस भी केंद्रों में 03 महीने में एक भी डिलीवरी नहीं हुई है उन केंद्रों के आरएचओ एवं सीएचओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने रात्रिकालीन प्रसव सुविधाओं पर भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निजी अस्पतालों में हुए प्रसवों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव संबंधित सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें ताकि ग्रामीणों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के लिए घर से मीलों दूर का सफर ना तय करना पड़े।
पोस्टमार्टम एवं दुष्कर्म के मामलों में शासन के नियमानुसार 07 दिनों के अंदर चिकित्सकीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्थलगांव में भी सीटी स्कैन मशीन स्थापना के लिए शासन को मांग प्रेषित करने की कहा। स्वास्थ्य कार्यक्रम में धीमी प्रगति पर फरसाबहार बीएमओ में नोटिस जारी करने को कहा। जिले के समस्त एनआरसी में कुपोषित बच्चों को दाखिल कराकर उनके सम्पूर्ण स्वास्थ्य पर ध्यान रखने के लिए चिकित्सकों को माता पिता से काउंसलिंग कर के उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, चिरायु कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बहरापन कार्यक्रम, टेलीकंसल्टेशन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, हाट बाजार क्लिनिक योजना, फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, जनऔषधि केंद्र संचालन आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जी एस जात्रा, डीपीएम राजीव रंजन सहित सभी बीएमओ, बीपीएम सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ में रचा भारतीय एथलेटिक्स का इतिहास
नंगे पांव की शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक का सफर तय कर अनिमेष बने लोगों के लिए प्रेरणा
जशपुरनगर। बुलंद हौसले और मजबूत इरादों के साथ गढ़ी गई धावक अनिमेष कुजूर की सफलता लोगों के लिए प्रेरणादायी है। जिले के छोटे से गांव घुइटांगर की पगडंडियों पर कभी नंगे पांव दौड़ने वाला लड़का आज देश की सबसे तेज़ दौड़ का रिकॉर्ड बना चुका है। 5 जुलाई 2025 को ग्रीस के वारी शहर में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर की दौड़ को 10.18 सेकंड में पूरा कर अनिमेष कुजूर ने इतिहास रच दिया। हालांकि वह तीसरे स्थान पर रहे।
पहला दक्षिण अफ्रीका, दूसरा ओमान, लेकिन उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स का नया कीर्तिमान रच दिया। अमृत कुजूर ने बताया कि जब उन्हें फोन पर बताया गया कि उन्होंने 10.18 सेकंड में दौड़ पूरी की है, तब उन्हें समझ नहीं आया की इसका क्या मतलब है। बाद में जब अखबारों और टीवी के माध्यम से पता चला की भारत की यह सबसे तेज़ दौड़ है तो यह उनके लिए एक अविश्मरणीय पल था।
सैनिक स्कूल में रहकर सीखा कड़ी मेहनत और लगन का पाठ :
अनिमेष को यूं ही पहचान नहीं मिली इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और संकल्प है। संसाधनों की कमी कभी उनके संकल्प के रास्ते में बाधा नहीं बनी। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखण्ड स्थित घुइटांगर जैसे छोटे से गांव में जन्मे अनिमेष, कोई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से नहीं निकले, उन्होंने अपने शुरुआती कदम खेतों के मेड़ों और कच्चे रास्तों पर दौड़ते हुए उठाए। माता-पिता की सरकारी नौकरी के कारण अनिमेष का बचपन छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बीता। प्रारंभिक शिक्षा महासमुंद जिले के वेडनर मिशन स्कूल में हुई। पाँचवीं के बाद वे कांकेर आ गए, जहाँ उन्होंने सेंट माइकल स्कूल में पढ़ाई की। जीवन में असली मोड़ तब आया जब छठवीं कक्षा में उनका चयन सैनिक स्कूल अंबिकापुर में हो गया। यहीं से उनके जीवन में अनुशासन और कड़ी मेहनत की जो नींव पड़ी वह उनके जीवन की दिशा बदल दी। उसके पिता अमृत कुजूर कहते हैं कि सैनिक स्कूल में एडमिशन हमारे लिए किसी सपने से कम नहीं था। वहाँ की कड़े अनशासन ने उनके दिनचर्या को निखारा।
अनिमेष के माता और पिता दोनो छत्तीसगढ़ पुलिस में बतौरा डीएसपी के पद पर पदस्थ है और वर्तमान में दोनो बलौदा बाजार में पदस्थ हैं। अनिमेष के पिता अमृत कुजूर ने बताया कि कोरोनाकाल में स्कूल, खेल, कोचिंग सब बंद थे। तब सैनिक स्कूल में रहकर अनिमेष ने खुद को एक नई दिशा दी और वह एथलेटिक्स बनकर लोगों के सामने उभरा। पिता ने बताया कि हमें उसने कभी नहीं बताया कि वो दौड़ना शुरू कर चुका है। जब पहली बार उसने बताया कि वो स्कूल में रनिंग कर रहा है, तो हमें अच्छा लगा, पर अंदाज़ा नहीं था कि यह एक जुनून में बदल जाएगा।
एक साथ पांच स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक पाकर चढ़ी सफलता की सीढ़ियां :
कांकेर जिले में जब युवा एवं खेल विभाग द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में अनिमेष ने 100 मीटर दौड़ ,200 मीटर दौड़, 400 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, हाई जंप स्पर्धा में भाग लिया। उन्होंने पाँचों में स्वर्ण पदक जीता। इस असाधारण जीत ने अनिमेष को नई पहचान दी। इस प्रदर्शन के बाद अनिमेष को रायपुर वेस्ट ज़ोन एथलेटिक्स मीट में भेजा गया। वहाँ भी उन्होंने 100 और 200 मीटर में गोल्ड मेडल जीतकर गुवाहाटी में नेशनल अंडर-18 प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए। लेकिन वहाँ एक चुनौती सामने आई उन्होंने कभी स्पाइक शूज़ नहीं पहने थे। प्रतियोगिता से पहले उनके पिता ने उन्हें जीवन के पहले प्रोफेशनल स्पाइक शूज़ दिलाए। वो पहली बार उन जूतों को पहनकर नेशनल ट्रैक पर दौड़े और 100 व 200 मीटर दोनों में चौथा स्थान प्राप्त किया। अनिमेष की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जशपुर जैसे सीमावर्ती और वन बहुल जिलों से भी निकलकर प्रतिभाएं अंतर्राष्ट्रीय फलक पर छाने लगी है।
सिंगीबहार से अबीरा सड़क मार्ग का सुढृढ़ीकरण का कार्य प्रगतिरत
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में अधोसंरचना विकास के लिए मिल रही कार्यों की स्वीकृति और निर्माण कार्य में तेजी से जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विकास की जीवनरेखा कही जाने सड़कों के निर्माण से अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। साथ ही सुदूर इलाके मुख्य मार्गों से जुड़ रहे है। इसका लाभ कृषक, विद्यार्थियों, व्यापारियों, ग्रामीणों सहित समाज के सभी वर्गों को मिल रहा है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री के पहल पर स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फरसाबहार विकासखंड में 3 करोड़ 3 लाख 43 हजार रूपए की लागत के टी आर-01 सिंगीबहार से अबीरा सड़क मार्ग पर सुढृढ़ीकरण का कार्य प्रगतिरत है। 5.60 किमी लंबाई की यह सड़क के सुढृढ़ीकरण कार्य पूर्ण हो जाने से आसपास के गांवों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सड़क छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा को भी जोड़ता है।
इसी तरह दुलदुला विकासखंड में पीएमजेएसवाई अंतर्गत 3 करोड़ 55 लाख 36 हजार रूपए लागत के 17.22 किमी लंबाई की जमनी से दुलदुला और फरसाबहार विकासखंड में 3 करोड़ 87 लाख 03 हजार रूपए की लागत के 14 किमी लंबाई की पालेपखना से पंडरीपानी सड़क मार्ग का भी सुढृढ़ीकरण कार्य प्रगतिरत है।