छत्तीसगढ़ / कोंडागांव
सहकारी समितियों में किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध
कोंडागांव । जिले के खरीफ सीजन के लिए खेती-किसानी जोर पकड़ चुकी है। किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी है। किसानों को अब खाद की कमी की कोई चिंता नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि जिले की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।
कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी. टांडे से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2025 के लिए जिले में 18965.94 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों द्वारा सहकारी समितियों से खाद का लगातार उठाव किया जा रहा है। अब तक उपलब्ध खाद का 10510 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जो दर्शाता है कि किसान समय पर खाद प्राप्त कर अपने खेतों में उसका उपयोग कर रहे हैं।
जल जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए गोलावंड में चलाया जा रहा है जनजागरूकता अभियान
कोंडागांव। कोंडागांव जिले के ग्राम गोलावंड में डायरिया रोकथाम अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की गई सक्रिय पहल से हालात नियंत्रण में हैं। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी गोलावंड को डायरिया संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था। अब तक कुल 113 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि संतोषजनक बात यह रही कि किसी भी प्रकार की मृत्यु की सूचना नहीं मिली है।
विभाग द्वारा समय पर की गई निगरानी, उपचार और जन-जागरूकता की गतिविधियों के कारण स्थिति नियंत्रित बनी हुई है। पीएचईडी कोंडागांव की टीम जिसमें मितलेश साहू परियोजना समन्वयक,अमन श्रीवास्तव परियोजना समन्वयक और सुहानी बक्शी परियोजना समन्वयक शामिल थे, जिन्होंने ग्रामवासियों और विद्यालय के बच्चों के बीच जागरूकता सभा के माध्यम से डायरिया और उसके रोकथाम के उपाय के बारे में बताएं ।
इन सभाओं में बच्चों को हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छ जल पीने की आदत, भोजन से पूर्व और शौच के बाद हाथ धोने का महत्व तथा खुले में शौच से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई। साफ-सफाई बनाए रखने और टॉयलेट उपयोग को लेकर भी जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि लोग सतर्कता बरतें और स्वच्छ आदतों को अपनाएं। नियमित रूप से जल स्रोतों की सफाई, ढंके बर्तनों में पानी संग्रह करना, गंदे हाथों से भोजन न करना जैसे सामान्य उपायों को प्रभावी ढंग से अपनाने पर बल दिया गया।
ग्राम में लिए गए जल के नमूनों की जांच की गई, जिसमें अब तक किसी भी प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण के संकेत नहीं पाए गए हैं। पीएचईडी टीम ने सरल भाषा और रोचक उदाहरणों के माध्यम से ग्रामीणों को यह समझाया कि डायरिया से बचाव केवल औषधियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वच्छ जीवनशैली के पालन से भी संभव है।
ग्रामवासियों ने इस प्रयास को सकारात्मक रूप से अपनाया और सामूहिक रूप से स्वच्छ जल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता और सामुदायिक सहयोग का संकल्प लिया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और सुरक्षित ग्राम निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
जल जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए गोलावंड में चलाया जा रहा है जनजागरूकता अभियान
कोंडागांव । कोंडागांव जिले के ग्राम गोलावंड में डायरिया रोकथाम अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा की गई सक्रिय पहल से हालात नियंत्रण में हैं। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी गोलावंड को डायरिया संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था। अब तक कुल 113 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि संतोषजनक बात यह रही कि किसी भी प्रकार की मृत्यु की सूचना नहीं मिली है।
विभाग द्वारा समय पर की गई निगरानी, उपचार और जन-जागरूकता की गतिविधियों के कारण स्थिति नियंत्रित बनी हुई है। पीएचईडी कोंडागांव की टीम जिसमें मितलेश साहू परियोजना समन्वयक,अमन श्रीवास्तव परियोजना समन्वयक और सुहानी बक्शी परियोजना समन्वयक शामिल थे, जिन्होंने ग्रामवासियों और विद्यालय के बच्चों के बीच जागरूकता सभा के माध्यम से डायरिया और उसके रोकथाम के उपाय के बारे में बताएं ।
इन सभाओं में बच्चों को हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छ जल पीने की आदत, भोजन से पूर्व और शौच के बाद हाथ धोने का महत्व तथा खुले में शौच से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई। साफ-सफाई बनाए रखने और टॉयलेट उपयोग को लेकर भी जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि लोग सतर्कता बरतें और स्वच्छ आदतों को अपनाएं। नियमित रूप से जल स्रोतों की सफाई, ढंके बर्तनों में पानी संग्रह करना, गंदे हाथों से भोजन न करना जैसे सामान्य उपायों को प्रभावी ढंग से अपनाने पर बल दिया गया।
ग्राम में लिए गए जल के नमूनों की जांच की गई, जिसमें अब तक किसी भी प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण के संकेत नहीं पाए गए हैं। पीएचईडी टीम ने सरल भाषा और रोचक उदाहरणों के माध्यम से ग्रामीणों को यह समझाया कि डायरिया से बचाव केवल औषधियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वच्छ जीवनशैली के पालन से भी संभव है।
ग्रामवासियों ने इस प्रयास को सकारात्मक रूप से अपनाया और सामूहिक रूप से स्वच्छ जल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता और सामुदायिक सहयोग का संकल्प लिया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और सुरक्षित ग्राम निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
शेड्यूल-एच दवाओं में दस्तावेजी अनियमितता, बप्पी मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 10 दिन के लिए निलंबित
कोंडागांव । जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स में औषधियों की गुणवत्ता, खरीदी-बिक्री और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के आदेश और कलेक्टर कोंडागांव के निर्देशानुसार की जा रही है।
इसी क्रम में औषधि निरीक्षक सुखचौन सिंह धुर्वे द्वारा कोंडागांव ब्लॉक अंतर्गत बप्पी मेडिकल स्टोर, किबईबालेगा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शेड्यूल-एच और अन्य दवाओं की खरीदी-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
उल्लंघन के मद्देनज़र फर्म संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्राप्त उत्तर असंतोषजनक पाए जाने पर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी ने बप्पी मेडिकल स्टोर का ड्रग लाइसेंस 10 दिवस के लिए निलंबित कर दिया है।
औषधि निरीक्षक धुर्वे ने जानकारी दी कि जिले में सभी मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण जारी है और संदिग्ध औषधियों के नमूनों को औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा जा रहा है। साथ ही उन्होंने सभी मेडिकल संचालकों को निर्देशित किया है कि दवाइयों की खरीदी-बिक्री से संबंधित समस्त दस्तावेजों का नियमानुसार संधारण करें और केवल मानक और प्रमाणित दवाओं की ही बिक्री करें, साथ ही शेड्यूल-एच, शेड्यूल-एक्स, नार्काेटिक दवाएं तथा एमटीपी किट जैसी औषधियों का विक्रय केवल पंजीकृत डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही करें।
औषधि विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा ताकि जनसाधारण को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित औषधियां उपलब्ध हो सकें।
नालसा द्वारा संचालित मध्यस्थता ‘राष्ट्र के लिए‘ अभियान को लेकर हुई बैठक
कोंडागांव । 4 जुलाई को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित योजना के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव किरण चतुर्वेदी की अध्यक्षता एवं उनकी उपस्थति में नालसा द्वारा संचालित मध्यस्थता ष्राष्ट्र के लिएष् अभियान (भारत के सभी तालुका न्यायालयों, जिला न्यायालयों और उब न्यायालयों में लंबित मामलों को निपटाने के लिए 90 दिनों का मध्यस्थता अभियान) के संबंध में बैठक का हुआ।
इस बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चन्द्रा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोण्डागांव रेशमा वैरागी पटेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोण्डागांव शिव प्रकाश त्रिपाठी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के सचिव गायत्री साय और मिडिएटर अधिवक्ताओं व अधिकार मित्र उपस्थित रहे।
मध्यस्थता राष्ट्र के लिए अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर न्यायालयों में लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्वक और त्वरित रूप से निपटाने की रणनीति तैयार करना था।
बैठक में न्यायाधीश महोदया ने इस 90 दिवसीय अभियान की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अभियान न्यायिक प्रणली में लंबित मामलों को सौहार्दपूर्ण, शीघ्र एवं व्यावहारिक तरीके से सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वे अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के लिए उपयुक्त मानते हुए न्यायालय को जानकारी दे ताकि दोनो पक्षों की सहमति से समाधान की प्रक्रिया को बल मिल सके।
अधिवक्ताओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से मामलों का शीघ्र और संतोषजनक निपटारा संभव है, जिससे पक्षकारों का समय, श्रम और धन की बचत होती है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि न्यायालय द्वारा चयनित उपयुक्त मामलों को प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता केन्द्र को संदर्भित किया जाएगा तथा पक्षकारों की मध्यस्थता की प्रक्रिया, लाभ और परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही संचिव महोदया ने अधिकार मित्रों को मध्यस्थता के प्रक्रिया को मजबूत करने दोनो पक्षों के आपसी राजीनामा के माध्यम से विवादों को निपटारा करने के लिए अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में शिविर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने हेतु निर्देशित किया गया।
एकलव्य विद्यालय बोर्ड परीक्षा परिणामों को लेकर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
कोण्डागांव। जिले के आदर्श एकलव्य विद्यालय, गोलावण्ड में आज कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले के पांचों एकलव्य विद्यालय चिचाड़ी, शामपुर, गोलावण्ड, कोरगांव और बेड़मा के प्राचार्यों के साथ शैक्षणिक सत्र 2024-25 के परीक्षा परिणामों की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान कलेक्टर ने विगत सत्र में सभी एकलव्य विद्यालयों के अपेक्षित परीक्षा परिणाम न आने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद कमजोर परीक्षा परिणाम चिंताजनक है।
उन्होंने प्राचार्यों से विद्यार्थियों के कमजोर प्रदर्शन के कारणों की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती पन्ना ने आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त कृपेन्द्र तिवारी को निर्देशित किया कि वे सभी प्राचार्यों और शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करें और अग्रिम आदेश तक उनका वेतन भुगतान रोकें। साथ ही सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अधीनस्थ शिक्षकों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर पाँच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस सत्र में प्रत्येक सप्ताह साप्ताहिक टेस्ट आयोजित किए जाएँ, तथा प्रत्येक माह सभी विद्यार्थियों की समग्र विषयगत प्रगति रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। टेस्ट की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विषयों के लिए अलग-अलग टेस्ट कॉपियाँ तैयार की जाएँ, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी में सुविधा हो और शिक्षकों को मूल्यांकन में स्पष्टता मिले।
इसके साथ ही, उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि शिक्षक नवाचारी तरीकों से शिक्षण पद्धति अपनाएं, ताकि बच्चों की समझ और रुचि दोनों में वृद्धि हो सके। कलेक्टर ने बैठक के दौरान बताया कि इस सत्र में आयोजित होने वाली शिक्षक-पालक बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति होगी। जिसमें एक एक बच्चे की प्रगती रिर्पाेट प्रस्तुत की जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई, समाज कल्याण विभाग के श्रीमती ललिता लकड़ा, स्वास्थय विभाग के डा. आर के सिंह, श्रीमती भावना मल्हार, मर्दापाल तहसीलदार विजय सिंह उपस्थित थे।
मक्का के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर हुई कार्यवाही, एक लाख से अधिक राशि का लगा जुर्माना
कोण्डागांव। कृषि उपज मंडी समिति कोण्डागांव क्षेत्रान्तर्गत मंडी समिति के अधिकारी सचिव सुरेश कुमार सिंह के नेतृत्व व मार्गदर्शन में निरीक्षण दल द्वारा वाहनों की सघन जांच निरीक्षण दौरान मक्का के अवैध परिवहन पर कार्यवाही की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 जून 2025 को ग्राम कोन्नापुर तजादूर निवासी राजकुमार को जिले के समीपवर्ती प्रांत उड़ीसा से लगे हुए ग्राम अनतपुर में वाहन क्रमांक टीएन5 एए 8098 में 500 बोरा एवं ग्राम बड़े घोड़सोड़ा से फर्म प्रिया ट्रेडर्स को वाहन क्रमांक ओडी 02 एवी 7510 में 500 बोरा में अधिसूचित कृषि उपज मक्का का परिवहन बगैर मंडी कागजात व दस्तावेज के अभाव में परिवहन करते पाये जाने पर मंडी अधिनियम 1972 की धारा 23 के तहत् जप्ती अभिग्रहण की कार्यवाही करते हुए पुलिस थाना अनतपुर में उपज सहित वाहन पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया।
उक्त प्रकरण का मंडी अधिनियम 1972 को धारा 19(4) के तहत शासन द्वारा निर्धारित कुल मूल्य आधारित देय शुल्कों का पांच गुना मंडी फीस कृषक कल्याण शुल्क, निराश्रित शुल्क तथा अधिनियम की धारा 53 के तहत प्रशमन समझौता शुल्क ली गई। जप्ती प्रकरण पर मंडी अधिनियमानुसार कार्यवाही करते हुए कुल एक लाख 2 हजार 80 रूपए की राशि संबंधित व्यपारियों से वसूली गई।
सत्र 2025-26 में अद्यतन की स्थिति में कुल 07 प्रकरण पंजीबद्ध किया गया, जिसमें 2737 बोरा अनुमानित वजन 1642.20 क्विंटल कुल मूल्य 35 लाख 37 हजार 780 रूपए पर मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19 (4) प्रावधानों के तहत कार्यवाही कर प्रकरण निराकृत की गई है।
ईथेनॉल निर्माण हेतु कोण्डागांव में मक्का खरीदी के दिशा-निर्देश जारी
कोण्डागांव। माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित, कोण्डागांव द्वारा ईथेनॉल निर्माण के लिए मक्का खरीदी प्रक्रिया हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से प्राप्त आबंटन के आधार पर समिति को 25,000 क्विंटल मक्का की आवश्यकता है, जिसकी खरीदी संस्था के अंशधारी किसान सदस्यों से की जाएगी। मक्का की खरीदी भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2225 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी।
इसके अतिरिक्त किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में विकासखण्ड अनुसार अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। कोण्डागांव एवं माकड़ी के लिए 40 रुपय क्विंटल, फरसगांव हेतु 50 रुपये क्विंटल तथा केशकाल एवं बड़ेराजपुर के किसानों को 60 रुपये क्विंटल अतिरिक्त दिया जाएगा। यह सुनिश्चित करने हेतु कि सभी अंशधारी किसानों को समान अवसर मिले, प्रति एकड़ अधिकतम 10 क्विंटल मक्का ही खरीदी जाएगी। मक्का की खरीदी सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक ग्राम कोकोड़ी स्थित ईथेनॉल प्लांट में की जाएगी।
मक्का विक्रय के लिए टोकन वितरण 19 जून 2025 से प्रारंभ होगा। टोकन वितरण सोमवार से शुक्रवार तक प्रात प्रतिशत, 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। जिले के पाँचों विकासखण्डों में चिन्हित 2-2 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों (लैम्प्स) से टोकन वितरित किए जाएंगे। टोकन वितरण केंद्र कोण्डागांव, दहीकोंगा,माकड़ी, अमरावती, फरसगांव, बड़ेडोगर, केशकाल, धनोरा, बड़ेराजपुर, सलनास्थित लैंप्स को बनाया गया है। टोकन प्राप्त करते समय किसानों को निम्न दस्तावेजों की छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिसमें ऋण पुस्तिका, शेयर सर्टिफिकेट या शेयर क्रय की रसीद, आधार कार्ड, बैंक पासबुक।
टोकन में किसान को मक्का विक्रय की तिथि एवं मात्रा की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। मक्का की खरीदी केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही की जाएगी। खरीदी के लिए मक्का को ‘औसत अच्छी किस्म की श्रेणी में आना आवश्यक है, जिसके अंतर्गत निम्न मापदंड निर्धारित किए गए हैं।
न्यूनतम स्टार्च मात्रा 58 प्रतिशत,, अधिकतम नमी 14 प्रतिशत, काला मक्का 1.3 प्रतिशत, तक कोई कटौती नहीं; 3.5 प्रतिशत, तक कटौती अनुसार; 5 प्रतिशत, से अधिक स्वीकार्य नहीं, अन्य अशुद्धियाँ 0.5 प्रतिशत, तक अनुमत, टूटा हुआ मक्का 1 प्रतिशत, तक अनुमत, अप्रिय गंध/फफूंद/कीट युक्त को खरीदी नहीं की जाएगी। साथ ही यदि मक्का गुणवत्ता मानकों से भिन्न होता है, तो उसके अनुसार कटौती कर भुगतान किया जाएगा।
ईथेनॉल निर्माण हेतु कोण्डागांव में मक्का खरीदी के दिशा-निर्देश जारी
कोण्डागांव । माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित, कोण्डागांव द्वारा ईथेनॉल निर्माण के लिए मक्का खरीदी प्रक्रिया हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से प्राप्त आबंटन के आधार पर समिति को 25,000 क्विंटल मक्का की आवश्यकता है, जिसकी खरीदी संस्था के अंशधारी किसान सदस्यों से की जाएगी।
मक्का की खरीदी भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2225 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी। इसके अतिरिक्त किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में विकासखण्ड अनुसार अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। कोण्डागांव एवं माकड़ी के लिए 40 रुपय क्विंटल, फरसगांव हेतु 50 रुपये क्विंटल तथा केशकाल एवं बड़ेराजपुर के किसानों को 60 रुपये क्विंटल अतिरिक्त दिया जाएगा।
यह सुनिश्चित करने हेतु कि सभी अंशधारी किसानों को समान अवसर मिले, प्रति एकड़ अधिकतम 10 क्विंटल मक्का ही खरीदी जाएगी। मक्का की खरीदी सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक ग्राम कोकोड़ी स्थित ईथेनॉल प्लांट में की जाएगी।
मक्का विक्रय के लिए टोकन वितरण 19 जून 2025 से प्रारंभ होगा। टोकन वितरण सोमवार से शुक्रवार तक प्रात प्रतिशत, 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। जिले के पाँचों विकासखण्डों में चिन्हित 2-2 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों (लैम्प्स) से टोकन वितरित किए जाएंगे। टोकन वितरण केंद्र कोण्डागांव, दहीकोंगा,माकड़ी, अमरावती, फरसगांव, बड़ेडोगर, केशकाल, धनोरा, बड़ेराजपुर, सलनास्थित लैंप्स को बनाया गया है।
टोकन प्राप्त करते समय किसानों को निम्न दस्तावेजों की छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिसमें ऋण पुस्तिका, शेयर सर्टिफिकेट या शेयर क्रय की रसीद, आधार कार्ड, बैंक पासबुक। टोकन में किसान को मक्का विक्रय की तिथि एवं मात्रा की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। मक्का की खरीदी केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही की जाएगी। खरीदी के लिए मक्का को ‘औसत अच्छी किस्म की श्रेणी में आना आवश्यक है, जिसके अंतर्गत निम्न मापदंड निर्धारित किए गए हैं ।
न्यूनतम स्टार्च मात्रा 58 प्रतिशत,, अधिकतम नमी 14 प्रतिशत, काला मक्का 1.3 प्रतिशत, तक कोई कटौती नहीं; 3.5 प्रतिशत, तक कटौती अनुसार; 5 प्रतिशत, से
अधिक स्वीकार्य नहीं, अन्य अशुद्धियाँ 0.5 प्रतिशत, तक अनुमत, टूटा हुआ मक्का 1 प्रतिशत, तक अनुमत, अप्रिय गंध/फफूंद/कीट युक्त को खरीदी नहीं की जाएगी। साथ ही यदि मक्का गुणवत्ता मानकों से भिन्न होता है, तो उसके अनुसार कटौती कर भुगतान किया जाएगा।
मक्का का विक्रय 50 किलोग्राम के बारदानों में किया जाएगा। किसानों को मक्का विक्रय की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से 07 कार्य दिवसों के भीतर किया जाएगा। जिले की आधिकारिक वेबसाइट से किसान अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सूक्ष्म खाद्य उद्योग स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित
कोण्डागांव । केन्द्र सरकार द्वारा सूक्ष्म उद्यमों को साझा सेवाओं के लाभ लेने और कृषक उत्पादक संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों, उत्पाद सहकारिताओं तथा सहकारी समितियों को उनकी सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला में सहायता हेतु जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना संचालित है। योजनातंर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हालर मिल, गुड निर्माण, मिनी राईस मिल, मसाला उद्योग, आटा चक्की, पोहा मिल, बेसन निर्माण, नमकीन मिक्चर निर्माण, पापड़ निर्माण, बेकरी, चिप्स, रेवड़ी, ब्रेड, मिठाई, गुपचुप, लड्डू, रेडी टू ईट निर्माण जैसे कई खाने की वस्तुएं बनाने वाले उद्यमी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना में अनुदान 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख तक प्रावधान है। योजना हेतु आवश्यक दस्तावेज जैसे पेन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली बिल, राशन कार्ड, बैंक पास बुक एवं अंतिम छः माह का बैंक स्टेटमेन्ट आवश्यक है। ईच्छुक आवेदक डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन अक्षत श्रीवास्तव के मोबाईल नम्बर 9340080289 एवं सुरेश मरकाम मोबाईल नम्बर 8817184126 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विधायक नीलकंठ टेकाम के काफिले की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, चालक की मौत
कोंडागांव । केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम के काफिले में शामिल एक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। भीषण हादसे में वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, विधायक टेकाम किसी स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान काफिले की एक गाड़ी अचानक मोड़ पर संतुलन खो बैठी और पेड़ से टकरा गई। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त गाड़ी में केवल चालक मौजूद था।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गाड़ी की रफ्तार तेज थी और मोड़ पर ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। चालक के शव को गाड़ी से निकालकर अस्पताल भिजवाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
विधायक ने जताया शोक, सहायता का भरोसा
विधायक नीलकंठ टेकाम ने दुर्घटना पर गहरा दुख जताया और दिवंगत चालक के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने पुलिस को मामले की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाह वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई, एक माह में 18 के लाइसेंस निलंबित
कोण्डागांव । कोण्डागांव जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अतुल असैया के नेतृत्व में परिवहन विभाग व यातायात विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक माह में 18 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन चालकों पर यातायात नियमों का उल्लंघन और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के आरोप हैं। संयुक्त जांच के दौरान मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत कुल 27 प्रकरणों में 41 हजार 700 रुपये शमन शुल्क वसूला गया।
वहीं बिना हेलमेट लगाए वाहन चलाने के 105 मामलों में 70 हजार 200 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इस प्रकार कुल 1 लाख 11 हजार 900 रुपये का शमन शुल्क वसूलते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अतुल असैया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। कोण्डागांव प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। यह पहल जिले में यातायात अनुशासन को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
लापरवाह वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई: 18 के लाइसेंस निलंबित
कोण्डागांव । जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अतुल असैया के नेतृत्व में परिवहन विभाग व यातायात विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक माह में 18 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन चालकों पर यातायात नियमों का उल्लंघन और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के आरोप हैं।
संयुक्त जांच के दौरान मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत कुल 27 प्रकरणों में 41 हजार 700 रुपये शमन शुल्क वसूला गया। वहीं बिना हेलमेट लगाए वाहन चलाने के 105 मामलों में 70 हजार 200 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इस प्रकार कुल 1 लाख 11 हजार 900 रुपये का शमन शुल्क वसूलते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अतुल असैया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। कोण्डागांव प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। यह पहल जिले में यातायात अनुशासन को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की
कोंडागांव। सुशासन तिहार अंतर्गत शुक्रवार 30 मई को रात में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल तक समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2 साल का बकाया बोनस भी दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ।
प्रदेश सरकार जो गत वर्षों में छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा लगातार कार्य कर रही है और राज्य में खुशहाली भी आ रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल की पंचायती राज दिवस सरकार ने पूरे प्रदेश में अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया गया है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक सेवक राम नेताम मौजूद थे।
कोंडागांव में 'विकसित कृषि संकल्प यात्रा' का शुभारंभ
विधायक लता उसेंडी ने हरी झंडी दिखाकर किसान रथ को किया रवाना
कोंडागांव । 'विकसित कृषि संकल्प यात्रा' का जिले में गुरुवार को बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने एसडीएम कार्यालय परिसर से शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने आज सुबह तीन किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं पूर्व विधायक सेवकराम नेताम भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा विकसित कृषि संकल्प अभियान का आयोजन 29 मई से 12 जून 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है। यह रथ निर्धारित शिविरों में जाकर प्रचार प्रसार करेगी। इस रथ में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी विभाग द्वारा विकसित कृषि संकल्प यात्रा में मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने और फसल चक्र परिवर्तन, प्राकृतिक जैविक खेती, उन्नत बीज, उन्नत कृषि यंत्र संतुलित उर्वरक, जल संरक्षण, मूल्य संवर्धन, पशु पालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बहीगांव में समाधान शिविर का हुआ आयोजन
कोंडागांव। केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बहीगांव में सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन किया जिसमें 8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का विभिन्न विभागों के द्वारा निराकरण किया गया तथा शासन की महत्वपूर्ण हितग्राहीमूलक योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
शिविर में कुल 10 ग्राम पंचायत को क्लस्टर स्तर पर सम्मिलित करते हुए बहीगांव में शिविर किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक सेवक राम नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नंदनी पोटाई उपस्थित थे। बहीगांव समाधान शिविर में 39 हितग्राहियों को राशन कार्ड, पंचायत विभाग द्वारा 26 को मनरेगा जॉब कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 20 को निवास प्रमाण, 20 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र और 14 किसान किताब, उद्यान विभाग द्वारा 15 किसानों को सब्जी बीज, सहकारिता विभाग द्वारा 10 किसानों को धान बीज और 09 किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किया गया। इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 13 हितग्राहियों का गोद भराई कार्यक्रम संपन्न कराया गया। शिविर में जिला पंचायत सदस्य कपिल नाग, श्रीमती चरनतीन राजेश नेताम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंकित चौहान, सीईओ जनपद केशकाल, तहसीलदार केशकाल, सभी सरपंच गण्उपस्थित थे।
कोंडागांव में जनवरी से अप्रैल तक 98 दुर्घटनाओं में 66 की हुई मौत, 108 घायल
कोंडागांव । जिले में लगातार सड़क हादसों की बढ़ती संख्या चिंता का सबब बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में जनवरी से अप्रैल के बीच 98 दुर्घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो गई, वहीं इन हादसों में 108 लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के कार्यपालन अभियंता प्रज्ञानंद ने बताया कि शहर में 12 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां डिवाइडर कटे हुए हैं । इनके सुधार के लिए प्राकलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
शहर के नागरिकों का कहना है, कि केवल चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं होगा । उन्होंने यातायात पुलिस से नियमित अभियान चलाने की मांग की है । साथ ही ब्लैक स्पॉट की पहचान और प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की आवश्यकता पर बल दिया है । कोंडागांव के एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल ने कहा कि ब्लैक स्पॉट पर धीमी गति के पोस्टर लगाए जाएंगे । नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है । यातायात विभाग को हेलमेट जांच और चालानी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।