छत्तीसगढ़ / कोरबा
इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण 8 अगस्त को
मतदाता जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने पर दिया जाएगा जोर
कोरबा,।भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने तथा स्वीप कार्ययोजना के तहत युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने एवं उनमें मतदाता जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में विभिन्न संस्थानों में गठित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के माध्यम से मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
8 अगस्त को आयोजित होगा प्रशिक्षण
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार 8 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष, कोरबा में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, विद्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा औद्योगिक इकाइयों में गठित ईएलसी के नामांकित नोडल अधिकारी शामिल होंगे।
नोडल अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य
संबंधित संस्थानों के प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थान के ईएलसी के नामांकित नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण में निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित कराना सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण के माध्यम से नोडल अधिकारियों को मतदाता जागरूकता गतिविधियों के आयोजन एवं स्वीप कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
युवाओं के बीच होंगे मतदाता जागरूकता कार्यक्रम
प्रशिक्षण के उपरांत ईएलसी के नोडल अधिकारियों द्वारा जिले में स्वीप कार्ययोजना के अंतर्गत युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने तथा उनके मध्य मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजित कार्यक्रमों का पालन प्रतिवेदन फोटोग्राफ्स सहित सतीश प्रकाश सिंह, सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी, कोरबा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।
बूथ लेवल अधिकारियों का भी होगा प्रशिक्षण
इसके साथ ही सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के समस्त बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का एक सप्ताह के भीतर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण उपरांत पालन प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ्स सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी, कोरबा को उपलब्ध कराना होगा।
यह पहल जिले में मतदाता जागरूकता को व्यापक रूप से बढ़ाने, विशेषकर युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ने तथा अधिकाधिक मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बारिश, कीचड़ और टूटा पुल... फिर भी नहीं रुके कदम
कोरबा, । बरसात के दिनों में जब नदी-नाले उफान पर होते हैं, तब गांवों के लिए पुल केवल सीमेंट और लोहे की संरचना नहीं होते, बल्कि जीवनरेखा बन जाते हैं। इन्हीं पुलों के सहारे बच्चे स्कूल पहुंचते हैं, मरीज अस्पताल जाते हैं, किसान अपनी उपज बाजार तक ले जाते हैं और गांव शहर से जुड़े रहते हैं। ऐसे में जब कोई पुल क्षतिग्रस्त होता है तो सिर्फ रास्ता नहीं टूटता, बल्कि लोगों की दिनचर्या, सुविधाएं और उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं।
इसी संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच के साथ कलेक्टर कुणाल दुदावत शहर से लगभग 90 से 100 किलोमीटर दूर पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सुदूर गांव पनगंवा, सुखरीताल, हरदेवा और सरमा पहुंचे। लगातार बारिश और तेज बहाव से यहां पुल एवं पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
तेज बारिश, कीचड़ से भरे रास्ते, फिसलन और जोखिम... हालात बिल्कुल आसान नहीं थे। कई स्थानों पर वाहन आगे नहीं बढ़ सके। इसके बावजूद गांवों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने अपनी कार रास्ते में ही छोड़ दी और कीचड़ भरे मार्ग पर पैदल चलकर निरीक्षण स्थल तक पहुंचे। उनका उद्देश्य केवल क्षति का आकलन करना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि भविष्य में बनने वाले पुल और पुलियाएं इतनी मजबूत हों कि तेज बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी सुरक्षित एवं उपयोगी बने रहें।
ग्राम सुखरीताल और हरदेवा के बीच नाले में उफान से क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश समाप्त होने के बाद नए पुल का निर्माण वैज्ञानिक डिजाइन और पर्याप्त जल निकासी क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी बाइक एवं अन्य साधनों से कठिन रास्ता तय कर मौके पर पहुंचे।
कलेक्टर ने ग्राम पनगंवा में बकई नदी पर तेज बहाव से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पनगंवा-सरमा मार्ग पर आवागमन की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। इस पर कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता सी.एस. तँवर को बाढ़ आपदा राहत मद से प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सरमा तथा हरदेवा-सुखरीताल के बीच क्षतिग्रस्त पुलियाओं का भी निरीक्षण किया। ग्राम सरमा में लोक निर्माण विभाग की पुलिया पर तत्काल मिट्टी भरकर आवागमन शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके। वहीं सुखरीताल में बारिश समाप्त होते ही नई एवं अधिक मजबूत पुलिया के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का संदेश स्पष्ट था कि केवल क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत करना पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता ऐसे टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की है, जो आने वाले वर्षों में भी तेज बारिश और बाढ़ का सामना करते हुए ग्रामीणों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित कर सके। विकास की वास्तविक मजबूती ऐसे ही दूरदर्शी और स्थायी निर्माण कार्यों से सुनिश्चित होती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील भी की है कि भारी बारिश में नदी-नाले उफान पर रहने के दौरान वे इसे पार न करें।
कलेक्टर ने माँझीपारा में किसान चौपाल का किया निरीक्षण
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न संस्थानों के सघन निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत तानाखार अंतर्गत ग्राम माँझीपारा में कृषि विभाग द्वारा आयोजित कृषक चौपाल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कृषक चौपाल के संचालन, किसानों के पंजीयन की प्रगति तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का पंजीयन अभी तक नहीं हो पाया है, उनका चिन्हांकन कर डोर-टू-डोर संपर्क अभियान के माध्यम से शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए किसानों को योजना के लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने तथा उन्हें योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने अधिकारियों से कहा कि कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी कृषक चौपाल के माध्यम से प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम पोंड़ीउपरोड़ा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पशुधन विकास विभाग स्थायी समिति की बैठक आज
कोरबा । जिला पंचायत कोरबा की पशुधन विकास विभाग स्थायी समिति की बैठक 07 अगस्त को दोपहर 12 बजे कार्यालय पशु चिकित्सालय कटघोरा में आयोजित की गई है।
बाढ़ आपदा प्रशिक्षण की पूर्व तैयारियों की समीक्षा आज
कोरबा । भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा राज्य में बाढ़ आपदा को दृष्टिगत रखते हुए 07 अगस्त को विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ओरिएंटेशन एण्ड कोआर्डिनेशन एवं 18 अगस्त को टेबल टाप एक्सरसाइज तथा 20 अगस्त को मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जायेगी। उक्त प्रशिक्षण की पूर्व तैयारियों की समीक्षा विभाग द्वारा विडियो कान्फ्रेस के माध्यम से 7 अगस्त को दोपहर 02 बजे किया जायेगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा जिले के सर्व संबंधित अधिकारियों को उक्त विडियो कान्फ्रेस हेतु 07 अगस्त को दोपहर 02 बजे कलेक्टर कार्यालय कोरबा स्थित विडियो कान्फ्रेस कक्ष में उपस्थित होने निर्देशित किया गया है।
शिक्षक बन कलेक्टर ने पढ़ाया भौतिकी का पाठ, विद्यार्थियों से संवाद कर दिया परिश्रम कर आगे बढ़ने का ज्ञान
कोरबा, । कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लमना का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, अधोसंरचना, निर्माणाधीन कार्यों तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का व्यापक अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर अध्ययन-अध्यापन की स्थिति देखी। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से चर्चा की और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
विद्यालय पहुंचते ही कलेक्टर ने कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, पसंदीदा विषय, परीक्षा की तैयारी, पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय के सदुपयोग का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनता है, इसलिए पूरे मनोयोग और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें।
संवाद के दौरान कलेक्टर स्वयं शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान पढ़ाते हुए भौतिक मात्रक, सदिश एवं अदिश राशियां, चाल, समय, दूरी तथा विस्थापन जैसे विषयों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उनकी सहज शिक्षण शैली से विद्यार्थी उत्साहित नजर आए और उन्होंने विषय से जुड़े प्रश्नों का भी समाधान किया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से विद्यालय की आवश्यकताओं के संबंध में भी खुलकर चर्चा की। बच्चों ने प्रयोगशाला, प्रायोगिक सामग्री, पुस्तकालय, खेल मैदान, खेल सामग्री, बालक एवं बालिका के लिए पृथक शौचालय, कक्षाओं में सीपेज तथा प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने बताया कि विद्यालय के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है एवं जल्द पूर्ण हो जाएगा, जिसके पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने वर्तमान भवन में सीपेज की मरम्मत शीघ्र कराने, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को दिए।
विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कलेक्टर ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग सुविधा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इच्छुक विद्यार्थी इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से पूरे समर्पण के साथ अध्ययन करने तथा अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, वहां के विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा इसरो जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों से भी चर्चा कर शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा परिणाम तथा विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी ली। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
दूरस्थ क्षेत्रों में निर्माणाधीन कार्यों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
कोरबा, । जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की जमीनी स्थिति जानने कलेक्टर कुणाल दुदावत आज पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न स्थानों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के चल रहे निर्माण कार्यों एवं संस्थानों का मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोड़ी के विद्यालय भवन, किचन एवं डाइनिंग ब्लॉक, बालक एवं बालिका छात्रावास भवन सहित प्रस्तावित परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण ड्राइंग का अवलोकन करते हुए स्थल का साइट लेवलिंग कराने, प्लिंथ लेवल सुरक्षित ऊंचाई तक विकसित करने, बाउंड्री वॉल निर्माण में तेजी लाने तथा लाइन शिफ्टिंग का कार्य शीघ्रता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी एजेंसी से मैनपावर बढ़ाकर निर्माण में अपेक्षित प्रगति लाने और प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर एसडीओ एवं सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश
इसी प्रकार पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने निर्मित भवन के सभी कक्षों एवं परिसर का अवलोकन किया। धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शेष सभी कार्य आगामी तीन माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, तकनीकी स्वीकृति में निर्धारित सामग्रियों का ही उपयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने विद्यालय में प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा परिसर के पुराने भवन में लीकेज, सीपेज एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए।
समेलीभांठा के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने संस्थान में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी ली और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने भवन के लीकेज एवं सीपेज की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्श पर टाइल्स लगाने सहित आवश्यक सुधार कार्यों के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन चिकित्सक आवास एवं कोनकोना में ट्रेनिंग सेंटर भवन का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने सम्बंधित निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तानाखार में निर्माणाधीन उचित मूल्य दुकान भवन का निरीक्षण कर शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
तानाखार पंचायत के ग्राम मांझीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, विभिन्न पंजियों तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में दर्ज गर्भवती महिलाओं एवं उन्हें वितरित किए जा रहे रेडी-टू-ईट आहार की जानकारी भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने, नियमित रूप से सीखने की नई गतिविधियां संचालित करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बरसती बूंदों के बीच बिरहोर बस्ती पहुँचे कलेक्टर, चौपाल में सुनीं उम्मीदों की आवाज़
विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच बैठकर जाना उनका दर्द, समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा, आजीविका से जोड़ने की भी बनाई कार्ययोजना
कोरबा ।तेज बारिश, कीचड़ भरे रास्ते और दुर्गम पहाड़ी इलाका... लेकिन इन सबके बीच कलेक्टर कुणाल दुदावत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम समेलीभांठा स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर बस्ती पहुँचे। बारिश की परवाह किए बिना उन्होंने गाँव के स्कूल और आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया तथा बिरहोर परिवारों के बीच एक कमरे में चौपाल लगाकर उनकी समस्याओं को आत्मीयता से सुना। अपने बीच कलेक्टर को पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर आश्चर्य, खुशी और उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी।
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से आत्मीयता से कहा, मैं यह देखने आया हूँ कि आप सभी ठीक हैं या नहीं। यदि कोई परेशानी है तो बेझिझक बताइए, उसे दूर करना हमारी जिम्मेदारी है। शुरुआत में ग्रामीण संकोचवश कुछ नहीं बोले, लेकिन कलेक्टर के सहज और अपनत्व भरे व्यवहार ने उनकी झिझक तोड़ दी। इसके बाद एक-एक कर ग्रामीणों ने अपने मन की बातें रखीं।
ग्रामीणों ने गाँव में बिजली और पेयजल की समस्या, जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत, स्कूल की बाउंड्रीवाल, मिडिल स्कूल की आवश्यकता तथा आवागमन के लिए पुल निर्माण की मांग रखी। भुडूपानी मोहल्ले के ग्रामीणों ने भी बिजली और पेयजल की समस्या से अवगत कराया। महिलाओं ने भी अपनी कठिनाइयों को खुलकर साझा किया।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने समेलीभांठा के स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत, पेयजल के लिए बोर और सोलर ड्यूल पम्प की व्यवस्था, विद्युत लाइन विस्तार कर विद्युतीकरण, स्कूल की बाउंड्रीवाल, तालाब एवं पुल निर्माण, स्कूल के पास लगे बिजली के खंभे को हटाने, खेत जोतने के लिए आधुनिक कृषि यंत्र प्रदान करने, भुडूपानी में पेयजल समस्या के समाधान तथा वहाँ के बच्चों को समेलीभांठा स्कूल तक आने-जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा आधुनिक कृषि उपकरण की मांग पर भी आवश्यक पहल करने की बात कही।
चौपाल के दौरान यह भी सामने आया कि बिरहोर परिवार बांस शिल्प में विशेष रुचि रखते हैं। इस पर कलेक्टर ने उन्हें बांस उपलब्ध कराने, टोकरी सहित अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि बिरहोर परिवारों की आजीविका को नया आधार मिल सके।
ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अमिता राज ने भी गाँव की विभिन्न समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने सभी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बारिश से भीगे उस छोटे से कमरे में लगी चौपाल केवल समस्याएँ सुनने का मंच नहीं थी, बल्कि प्रशासन और विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और विकास के नए संवाद का सशक्त माध्यम बन गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, एसडीएम मनोज बंजारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर की संवेदनशील पहल से दिव्यांग छात्र के सपनों को मिली नई उड़ान
कोरबा । जिले के पोड़ी बहार निवासी बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषभ जैन के लिए कॉलेज जाना और दैनिक कार्यों के लिए घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं था। दिव्यांगता के कारण उन्हें आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। बावजूद इसके उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया।
अपनी समस्या के समाधान के लिए ऋषभ जैन ने 3 अगस्त 2026 को कलेक्टर कुणाल दुदावत को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर उपलब्ध कराने हेतु आवेदन दिया। कलेक्टर ने उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की संवेदनशील एवं त्वरित पहल का परिणाम यह रहा कि आवेदन के मात्र एक दिन बाद, 4 अगस्त 2026 को ऋषभ जैन को इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर एवं एल्बो क्रच प्रदान कर दिए गए। अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए कॉलेज आ-जा सकेंगे और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ दैनिक कार्य भी आसानी से कर पाएंगे।
इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर मिलने पर ऋषभ जैन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। अब उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और अपने भविष्य के सपनों को पूरा करने में काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने इस त्वरित सहायता के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत तथा जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह पहल दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
सेवा सेतु - हर नागरिक तक सरल, सहज और समयबद्ध सेवाएँ
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकेंद्रित प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, त्वरित एवं सहज रूप से पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में शुरू की गई ‘‘सेवा सेतु‘‘ पहल शासन और आम नागरिक के बीच विश्वास का सशक्त माध्यम बन रही है।
कोरबा जिले के ग्राम ढंगुरडीह, तहसील भैंसमा निवासी शिव कुमार राठिया को अपने स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहे दोनों पुत्रों के शैक्षणिक कार्यों के लिए निवास एवं आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में बच्चों के शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में उन्होंने बिना किसी विलंब के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सेवा सेतु केंद्र का रुख किया।
सेवा सेतु केंद्र में कर्मचारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक प्रक्रिया एवं दस्तावेजों के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया। मार्गदर्शन प्राप्त होने के बाद राठिया ने वहीं आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका प्रकरण प्राथमिकता के साथ निराकृत किया गया और उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर निवास एवं आय दोनों प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए गए।
श्री राठिया ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया अत्यंत सरल, सहज एवं पारदर्शी रही। उन्हें किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा तथा समय पर दस्तावेज प्राप्त होने से उनके बच्चों के शैक्षणिक कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि यदि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती, तो उन्हें विभिन्न शासकीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते, जिससे समय और श्रम दोनों की अनावश्यक व्यय होता।
उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभ की गई सेवा सेतु पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक त्वरित, सरल और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित कर रही है। श्री राठिया ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित को केंद्र में रखकर संचालित इस पहल से आम नागरिकों को वास्तविक राहत मिल रही है।
रेडियोग्राफर पद पर नियुक्ति हेतु दावा आपत्ति एवं अनंतिम मेरिट सूची जारी
कोरबा । कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत रेडियोग्राफर के पदों हेतु दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं अनंतिम मेरिट सूची जारी कर दावा-आपत्ति 25 जून तक आमंत्रित किये गये थे।
कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार दावा-आपत्ति में कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं होने पर अंतिम मेरिट सूची, चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा तथा जिले के शासकीय वेबसाइट www.korba.gov.in में सर्व संबंधितों के अवलोकनार्थ अपलोड कर दिया गया है।
563.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
कोरबा । कोरबा जिले में एक जून से आज तक कुल 563.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 599 मिलीमीटर, अजगरबहार 406, भैंसमा, 519.8, करतला 521.1, बरपाली 604.7, कटघोरा 569.1 दीपका 594.9, दर्री 703.7, पाली 608.8, हरदीबाजार 457.2, पोंड़ीउपरोड़ा 614.8, और पसान तहसील में 560.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह पिछले 24 घंटे में जिले में 1.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
नए बीटीएपी एल्यूमिना रेलवे रेक के साथ बालको ने आपूर्ति श्रृंखला को किया और मजबूत
बालकोनगर, 31 जुलाई, 2026।* भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बीटीएपी (बोगी टैंक एल्यूमिना पाउडर) एम-1 (बी12) रेलवे रेक शामिल किया है। यह कंपनी की प्रचालन दक्षता बढ़ाने, एल्यूमिना की बिना रूकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (1 एमटीपीए) के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।
सेवा सेतु केंद्र - सुशासन का सशक्त सेतु, जनसेवा का नया आयाम
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सेवा सेतु केंद्र सुशासन की प्रभावी कड़ी बन रही हैं। इसके माध्यम से आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेवा सेतु केंद्रों में आय, जाति, निवास सहित अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों एवं जनोपयोगी सेवाओं के लिए एकीकृत व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे लोगों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली है। निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित होने से नागरिकों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
कोरबा जिले के भैंसमा अंतर्गत ग्राम धौराभाठा निवासी चीन्हा राम (पिता छेरकु) को लंबे समय से जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के अभाव में उन्हें विभिन्न शासकीय कार्यों एवं योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समाधान की उम्मीद लेकर वे सेवा सेतु केंद्र, भैंसमा पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी आवश्यकता से संबंधित जानकारी दी और आवश्यक दस्तावेजों के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
सेवा सेतु केंद्र के कर्मचारियों द्वारा उन्हें आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा संबंधित औपचारिकताओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आवेदन के पश्चात उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उन्हें जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए गए। आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त होने से चीन्हा राम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि पहले ऐसे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसमें काफी समय और आर्थिक व्यय होता था तथा प्रक्रिया भी जटिल महसूस होती थी। लेकिन अब एक ही स्थान पर आवश्यक मार्गदर्शन के साथ आवेदन करने और निर्धारित समय-सीमा में दस्तावेज प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक सहज, सरल और पारदर्शी ढंग से पहुंच रही हैं।
चीन्हा राम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु केंद्र जैसी जनहितकारी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिल रही है।
आदतन अपराधी सोमनाथ अग्रवाल एक वर्ष के लिए जिला बदर
कोरबा । जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत आदतन अपराधी सोमनाथ अग्रवाल उर्फ सोमू अग्रवाल, निवासी रविशंकर शुक्ल नगर(आरएसएस नगर) थाना कोतवाली, जिला कोरबा को एक वर्ष की अवधि के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार सोमनाथ अग्रवाल को जिला कोरबा के साथ-साथ बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष तक बाहर रहना होगा। आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति को इन जिलों की सीमा से बाहर जाना अनिवार्य होगा तथा बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के वह प्रतिबंधित अवधि में इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा पारित आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध समय-समय पर विभिन्न गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उसके विरुद्ध मारपीट, बलवा, गाली-गलौज, धमकी, अवैध वसूली, शासकीय कार्य में बाधा, लोक शांति भंग करने सहित अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उसके विरुद्ध लगातार आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त होती रही हैं तथा उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद उसके व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं आया।
आदेश में यह भी उल्लेखित है कि संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों के कारण क्षेत्र के नागरिकों एवं व्यापारियों में भय एवं असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो गया था। अनेक मामलों में प्रत्यक्षदर्शी एवं पीड़ित व्यक्ति उसके प्रभाव एवं भय के कारण खुलकर गवाही देने अथवा शिकायत दर्ज कराने से भी कतराते रहे। पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह पाया गया कि यदि संबंधित व्यक्ति को जिले में रहने दिया जाता है तो लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की प्रबल संभावना बनी रहेगी। इन्हीं तथयों को दृष्टिगत रखते हुए जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के प्रावधानों के तहत जिला बदर की कार्रवाई करते हुए एक वर्ष तक संबंधित व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करता है अथवा आदेश की किसी भी शर्त का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान यदि संबंधित व्यक्ति जिले अथवा प्रतिबंधित क्षेत्रों में दिखाई देता है या उसकी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
2 अगस्त को “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” का होगा आगाज़
कोरबा । युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कोरबा जिले में कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में “माय भारत युवा कार्यक्रम” का प्रभावी संचालन किया जा रहा हैं।
इस कड़ी में “माय भारत कार्यक्रम” के जिला नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि दिनांक 2 अगस्त,2026 रविवार को नशामुक्त भारत अभियान के तहत शासकीय ई.व्ही.पी.जी. कॉलेज कोरबा में प्रातः 9ः30 बजे से 11ः30 बजे तक “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” का जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं।
इस कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश के 10000 स्थानों पर युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे।
जिला नोडल अधिकारी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के युवाओं से “नशामुक्त युवा - नशामुक्त भारत” बनाने के वर्चुअल संवाद के साथ ही कोरबा जिले में “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” का शुभारंभ होगा, जिसके तहत् सभी शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों, सभी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, औद्योगिक इकाइयों सहित विभिन्न स्थानों में सतत् रूप से “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत हजारों छात्र-छात्राओं, युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों को “नशा मुक्त युवा-नशा मुक्त भारत” बनाने की शपथ दिलाई जायेगी।
मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी
मानसून में होने वाले रोगों से बचाव के लिए अपनाए ये उपाय, सेहत पर नहीं पड़ेगा बारिश का असर
कोरबा । मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी की मार से राहत तो मिली हैं लेकिन मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो जाता है। बच्चों से लेकर बड़ो तक किसी भी आयु के व्यक्ति को मौसमी बीमारियॉं हो सकती है। इसलिए बरसात के मौसम में अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वह बीमारियों से लड़ने में सफल रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन. केशरी ने बताया कि वर्षाकाल में मच्छरों की भरमार होने के साथ ही इनसे जनित बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों में मलेरिया, डेंगू,हैजा, टाईफाईड, हेपेटाईटिस ए आदि शामिल हैं। बरसात के मौसम में मलेरिया से अधिक लोग ग्रस्त रहते हैं, बारिश का पानी भरे रहने पर उसमें मच्छरों की प्रजनन क्रिया होती है। डेंगू बुखार जानलेवा माना जाता है जो कि एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। हैजा(डायरिया) एक जलजनित संक्रमण है जो शरीर में कालरा फैलाता है इस रोग के होने पर दस्त व निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। डायरिया एक संक्रामक रोग है जो सभी विकासशील देशों में व्यापक है। यह तीन साल से कम उम्र के बच्चों को हर साल औसतन तीन बार होता है। डायरिया कुपोषण का एक प्रमुख कारण होता है और कुपोषित बच्चों को डायरिया से बीमार पड़ने की संभावना अधिक रहती है। टाईफाइड बुखार दूषित भोजन व पानी से होता है। हेपेटाईटिस ए संक्रमण दूषित पानी व भोजन के कारण होता है। यह बीमारी लिवर को अधिक प्रभावित करती है। बारिश में त्वचा संबंधी कई तरह के रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। खुजली , जलन और रूखी त्वचा की समस्या होने लगती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नें बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के उपाय बताए हैं। उन्होने बताया कि बेहतर स्वच्छता का उपयोग करें तथा खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हॉथ धोना चाहिए। नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखना चाहिए। बरसात के मौसम में पानी को उबालकर पीना उचित होता है सीधे नल का पानी नहीं पीना चाहिए। बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना ताजा भोजन ले। अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन से बचना चाहिए । सब्जियों तथा फलों को धोकर उपयोग करना चाहिए। कटे फल , दही , रायता जैसे कच्चे भोजन खाने से बचें तथा घर से बाहर गोलगप्पे, चाट तथा दही खाने से बचें। संक्रमण व बुखार से बचने के लिए अदरक, तुलसी , कालीमिर्च, दालचीनी, इलायची की चाय बनाकर पीनी चाहिए। मानसून में त्वचा संबंधी रोग की समस्या से बचाव के लिए बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदल लेने चाहिए। अधिक देर बारिश में न रहें तथा त्वचा को सूखा रखें।
कलेक्टर कुणाल दुदावत तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के लोगों से अपील कर कहा है कि उपरोक्त सावधानिया बरतने से मौसमी बीमारियों के खतरों से बचा जा सकता है तथा किसी व्यक्ति को मलेरिया, डायरिया,टाईफाईड, हेपेटाईटिस तथा त्वचा रोग संबंधि लक्षण दिखाई दे तो वे चिकित्सालय, जाकर अपना उपचार करावें। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान जल जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के उपाय के संबंध में जनसमुदाय/समाज के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। जिससे मौसमी बीमारियों से क्षेत्र की जनता को बचाया जा सके।