छत्तीसगढ़ / महासमुंद
पीएम जनमन आवास योजना :कुमारी बाई की पक्के आवास का सपना हुआ पूरा, मिला सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन
महासमुंद, 06 अगस्त 2026
जिंदगी कई बार ऐसे कठिन इम्तिहान लेती है, जिनके सामने इंसान खुद को असहाय महसूस करने लगता है। महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत डुमरपाली के आश्रित ग्राम रामपुर की 35 वर्षीय कुमारी बाई कमार का जीवन भी कुछ ऐसा ही था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति का असामयिक निधन हो गया, जिससे दो छोटे बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कुमारी बाई बांस से बने घरेलू सामान तैयार कर अपनी आजीविका चलाती थीं। किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो जाता था, लेकिन रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं था। जंगल से लगे क्षेत्र में कच्चे मकान में रहते हुए जंगली जानवरों का भय हर रात बना रहता था। ऐसे में पक्का और सुरक्षित घर उनके लिए केवल एक सपना बनकर रह गया था।
इसी दौरान ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) आवास योजना की जानकारी मिली। पात्रता के आधार पर उनका नाम योजना में स्वीकृत हुआ और उन्हें पक्का आवास मिला। आज कुमारी बाई अपने दोनों बच्चों के साथ नए पक्के घर में सुरक्षित, सम्मान पूर्वक और निश्चिंत जीवन जी रही हैं। अब उन्हें बारिश, आंधी या जंगली जानवरों का भय नहीं सताता। उनका कहना है कि इस योजना ने उन्हें मकान के साथ उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की नई उम्मीद भी दी है। कुमारी बाई ने खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में विद्यार्थियों को लोअर, टी-शर्ट एवं दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित
महासमुंद, 6 अगस्त 2026
शासन की मंशानुरूप छात्रावासों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन के साथ-साथ उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप लोअर, टी-शर्ट, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, महासमुंद में छात्रावासी बच्चों को अधीक्षक श्री नीलेश खांडे द्वारा लोअर, टी-शर्ट एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
उल्लेखनीय है कि दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थी बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से विकासखंड एवं जिला मुख्यालय स्थित छात्रावासों में प्रवेश लेते हैं। विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने तथा उन्हें छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा विभिन्न प्रोत्साहनात्मक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, महासमुंद विद्यार्थियों के लिए पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। यहां गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था के साथ प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को शिक्षाप्रद फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है। साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिदिन विशेष अध्ययन एवं डाउट क्लास का आयोजन भी किया जाता है। हरा भरा एवं स्वच्छ परिसर, अनुशासित वातावरण तथा विद्यार्थियों की समग्र आवश्यकताओं का ध्यान रखने वाली व्यवस्थाओं के कारण छात्रावास बच्चों के लिए घर जैसा माहौल प्रदान कर रहा है। जिससे विद्यार्थी छात्रावास में रहकर अध्ययन करने में रुचि ले रहे हैं।
बिहान मिशन के संविदा पदों हेतु अंतिम सूची एवं परीक्षा की सूचना जारी
महासमुन्द, 05 अगस्त 2026
कार्यालय जिला पंचायत महासमुन्द द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के विभिन्न संविदा पदों की भर्ती प्रक्रिया के संबंध में सूचना जारी की गई है।
विभाग द्वारा 04 फरवरी 2026 के माध्यम से क्षेत्रीय समन्वयक के 02 बैकलॉग पद (अनारक्षित-01, अन्य पिछड़ा वर्ग-01) तथा लेखा सह एम.आई.एस. सहायक के 02 बैकलॉग पद (अनुसूचित जनजाति-01, अन्य पिछड़ा वर्ग-01) के लिए एवं 18 मार्च 2026 के माध्यम से विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक के 02 पद (अनारक्षित-01, अनुसूचित जाति-01) तथा क्षेत्रीय समन्वयक के 01 पद (अनारक्षित) के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची दावा-आपत्ति हेतु जिला पंचायत महासमुन्द के सूचना पटल एवं जिले की वेबसाइट पर प्रकाशित की गई थी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का चयन समिति द्वारा परीक्षण एवं निराकरण किए जाने के बाद अब दावा-आपत्ति निराकरण सूची, मेरिट सूची, पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की अंतिम सूची तथा दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा, कौशल परीक्षा एवं साक्षात्कार संबंधी सूचना जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी उक्त सभी सूचनाएं जिला पंचायत महासमुंद के सूचना पटल तथा जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://mahasamund.gov.in पर अवलोकन कर सकते हैं।
महासमुंद में उत्साहपूर्वक चला ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026
देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों को भेजे जाएंगे 31,355 रक्षा-सूत्र और शुभकामना संदेश
महासमुंद, 05 अगस्त 2026
देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और राष्ट्रभक्ति की भावना को अभिव्यक्त करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित राज्यव्यापी ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026 का महासमुंद जिले में उत्साहपूर्वक संचालन किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एंव बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालयों के माध्यम से अभियान को व्यापक जनसहभागिता के साथ सफल बनाया गया। अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों, स्कूल एवं कॉलेज की छात्राओं, धार्मिक संगठनों, राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संगठन छत्तीसगढ़ तथा जिले के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने देश के वीर जवानों के लिए रक्षा-सूत्र (राखियां) तैयार करने के साथ उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के लिए शुभकामना संदेश भी लिखे। इस अभियान के माध्यम से नागरिकों ने भारतीय सैनिकों के प्रति अपने सम्मान, विश्वास और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त रूप से व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जिलेभर से तैयार किए गए कुल 31,355 रक्षा-सूत्र एवं शुभकामना संदेशों का संकलन किया गया है। इनमें महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत 3145 रक्षा सूत्र, महासमुंद ग्रामीण से 5814, बागबाहरा परियोजना से 6586, पिथौरा से 2982, बसना से 2483 एवं सरायपाली परियोजना से 10345 रक्षा सूत्र संकलित किया गया। आज कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुधा रात्रे, सुलेखा शर्मा एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षक शीला प्रधान, कुंती यादव और ऋतु सिन्हा को रक्षा सूत्र सौंपकर वीर जवानों को शुभकामना संदेश प्रेषित किए। इन्हें शासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर भेजा जा रहा है, जहां से इन्हें देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों तक पहुंचाया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला महासमुंद ने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, बालिकाओं, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं जिलेवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
एटीआर मॉड्यूल का प्रशिक्षण सम्पन्न, पंचायतों में ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रणाली होगी अधिक पारदर्शी
राज्य संपरीक्षा कार्यालय की टीम ने पंचायत अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण
समयबद्ध ऑनलाइन रिपोर्टिंग और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर दिया गया जोर
महासमुंद, 05 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा कार्यालय, रायपुर के सात सदस्यीय दल द्वारा आज जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) मॉड्यूल का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के पंचायत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में राज्य संपरीक्षा कार्यालय के सहायक संचालक श्री कदम सिंह सिदार तथा अधिकारियों श्री यू.के. कोसरिया, श्री सौरभ तिग्गा, श्री सुमित साहू, ज्येष्ठ संपरीक्षक श्री फैजान अहमद ने जिला पंचायत कार्यालय के श्री अशोक चंद्राकर एवं श्री योगेश साहू के साथ मिलकर प्रतिभागियों को एटीआर मॉड्यूल के प्रभावी संचालन की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत स्तर पर ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से एटीआर मॉड्यूल के संचालन, ऑनलाइन प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया तथा उससे जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रतिवेदन दर्ज करने की प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों के संधारण, डेटा की शुद्धता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी अपलोड करने के संबंध में भी विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि एटीआर मॉड्यूल के माध्यम से पंचायत स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा योजनाओं की प्रगति की प्रभावी समीक्षा संभव होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मॉड्यूल का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं और तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि एटीआर मॉड्यूल के नियमित एवं प्रभावी उपयोग से पंचायतों में कार्यों की प्रगति का समयबद्ध ऑनलाइन प्रतिवेदन उपलब्ध होगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन सकेगी। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों से मॉड्यूल का नियमित उपयोग करते हुए निर्धारित समय पर ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।
महासमुंद : खट्टीडीह कांपा में महिला सशक्तिकरण से स्वावलंबन कार्यक्रम का भव्य आयोजन
महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत खट्टीडीह कांपा में विगत दिवस महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला सशक्तिकरण से स्वावलंबन कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन ग्राम पंचायत द्वारा की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज सेविका डॉ. एकता की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती सृष्टि चंद्राकर जिला पंचायत सदस्य और श्रीमती सुधा चंद्राकर जनपद सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही सक्रिय महिलाओं का सम्मान किया जाना था। इस अवसर पर महिला स्व-सहायता समूहों की उत्कृष्ट सदस्यों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों को उनके सराहनीय कार्यों और समुदाय में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि समाज सेविका डॉ. एकता ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई। उन्होंने कहा, आज के दौर में घर बैठे भी रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं। महिलाओं को अपनी रुचि और कौशल के अनुसार नई चीजों का प्रशिक्षण लेकर उसे अपने जीवन में अमल में लाना चाहिए और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनना चाहिए। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है। यहां की महिला बहनों को देखकर एहसास होता है कि वे किसी से पीछे नहीं है। उन्होंने सभी महिलाओं को उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और बधाई दी।
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर ने महिलाओं को जागरूक रहने और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जानकारी ही शक्ति है और योजनाओं का सही उपयोग महिलाओं की दशा और दिशा दोनों बदल सकता है। जनपद सदस्य श्रीमती सुधा चंद्राकर ने विशेष रूप से महिला स्वावलंबन पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को सुझाव दिया कि वे समय-समय पर रोजगार और स्वरोजगार पर चर्चा करें, नए उद्यम शुरू करने के लिए योजनाओं का लाभ लें और समूह के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करें।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही विशेष विभागीय योजनाओं, जैसे - महिला स्वास्थ्य, महतारी वंदन योजना, महिला हिंसा से बचाव के कानूनी प्रावधानों, महिला आर्थिक स्वावलंबन और उनके मूल अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के लिए खेलकूद का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती तारिणी चंद्राकर द्वारा उपस्थित सभी महिलाओं, पुरुषों और ग्राम वासियों को नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही अतिथियों द्वारा मंदिर परिसर पर पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री गोपाल साहू ने किया। आभार प्रदर्शन करते हुये श्री योगेश्वर चंद्राकर द्वारा कहा गया ग्राम वासियों के आमंत्रण पर समाज सेविका डॉ एकता का हम सबके बीच आकर ग्रामीण महिलाओं का मनोबल बढ़ाना हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। एक प्रसाशनिक प्रमुख की पहचान से परे समाज सेवा के माध्यम से अपनी स्वयं की पहचान बनाना इस बात का मिसाल है की एक नारी न केवल पिता के बल्कि पति के घर को भी रौशन करती हैं। साथ ही प्रसाशनिक पदों पर पहुँच प्रसाशनिक व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संभाल सकती है। साथ ही राजनितिक और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी योग्यता का परचम लहरा रही हैं ऐसे में ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुंचना निश्चित ही महिलाओं के मनोबल को बढ़ाएगा। इस अवसर पर विशेष रूप से ग्राम सरपंच खट्टीडीह श्री भुनेश्वर ध्रुव, श्री विकास चंद्राकर, श्रीमती शोभा शर्मा, कल्याणी, और श्रीमती पूनम श्रीवास्तव रुपेश, पंच सालिक साहू, गंगाराम, ईश्वर सहित क्षेत्र की सैकड़ों महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं, संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में कुल 66 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया तथा शेष प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनदर्शन के दौरान ग्राम मोंगरा के दिव्यांग अशोक साहू भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि उनकी पुरानी ट्राइसिकल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उन्हें आवागमन एवं दैनिक कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिव्यांग अशोक की समस्या को संवेदनशीलता से लेते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तत्काल समाज कल्याण विभाग को नई ट्राइसिकल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्देश के अनुरूप अशोक साहू को नई ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल के मिलने पर उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनदर्शन में ग्राम पंचायत लोहारडीह के ग्रामीणों ने गांव तक पहुंच मार्ग तथा ग्राम के भीतर की सड़कों के डामरीकरण की मांग की। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को आवश्यक एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम कछारडीह के ग्रामीणों ने कछारडीह बांध की नहर एवं गेट की मरम्मत कराने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं बसना विकासखंड के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी प्रेम कुमार साव ने कच्चे मकान के लिए आबादी पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्राम बिछिया के सरपंच ने गांव के पात्र परिवारों को आबादी पट्टा उपलब्ध कराने का आवेदन दिया। कोमाखान तहसील के ग्राम भिलाईदादर के नोहर लाल साहू ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जबकि सरायपाली तहसील के ग्राम मौहाडीपा के ग्रामीणों ने गांव को नवीन ग्राम पंचायत घोषित करने की मांग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत् तकनीकी सहयोगी संस्थाओं से 10 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित
हासमुंद 04 अगस्त 2026
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अतंर्गत वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन योजना के विकास के लिए जिला महासमुन्द में तकनीकी सहयोगी संस्थाओं, सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन एवं स्थानीय संस्थाओं से 10 अगस्त 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए है।
कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास महासमुन्द से जारी सूचना के अनुसार भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चयनित संस्थायें ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना तैयार करने तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगी, इसके लिये भारत सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। चयनित तकनीकी सहयोगी संस्थाओं को ग्राम सभाओं का क्षमता विकास, वन भूमि का सर्वेक्षण प्राकृतिक संसाधनों एवं लघु वनोपज की मैपिंग, जैव विविधता का दस्तावेजीकरण तथा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति को तकनीकी हैन्ड होल्डिंग उपलब्ध कराने का दायित्व निभाना होगा, साथ ही सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजनाओं के प्रभावी संचालन में भी सहयोग प्रदान करना होगा
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
महासमुंद, 03 अगस्त 2026
जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।
बैठक कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक रणनीतियों पर चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, अगस्त एवं सितंबर माह के ऑपरेशन थिएटर की कार्ययोजना, स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं एवं जांच सुविधाओं, आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की स्थिति, सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव सेवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य संस्थानों के पर्यवेक्षण, रिपोर्ट, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान तथा पीएमएसएमए एंड डीबीटी की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने सभी विकासखंडों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन एवं नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। हाई रिस्क गर्भावस्था वाले मामलों की शीघ्र पहचान कर उनका समुचित उपचार किया जाए तथा आवश्यकता होने पर समय पर उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों, मानव संसाधनों एवं प्रसव संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला मीडिया अधिकारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, आरसीएच नोडल अधिकारी, विकासखंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड डाटा प्रबंधक तथा विकासखंड लेखा प्रबंधक, मितानिन समन्वयक उपस्थित रहे।
महासमुंद : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा की अंतिम तिथि 14 अगस्त तक बढ़ी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 कर दी गई है। इससे ऐसे किसान, जो निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा नहीं करा सके थे, अब अतिरिक्त समय का लाभ उठाकर योजना से जुड़ सकेंगे।
उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में ग्राम स्तर पर धान सिंचित, असिंचित, मक्का एवं सोयाबीन तथा राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिसूचित किया गया है। किसानों को इन फसलों का बीमा निर्धारित प्रीमियम पर कराने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसानों को मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा। धान (सिंचित) के लिए प्रति हेक्टेयर 66 हजार की बीमित राशि पर 1,320, धान (असिंचित) के लिए 49,500 पर 990, मक्का के लिए 50,600 पर 1,012, सोयाबीन के लिए 48,400 पर 968 तथा मूंगफली के लिए 51,700 की बीमित राशि पर 1,034 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार अरहर के लिए 46,200 की बीमित राशि पर 924, मूंग एवं उड़द के लिए 27,500 की बीमित राशि पर 550-550, कोदो के लिए 19,800 पर 396, कुटकी के लिए 20,900 पर 418 तथा रागी के लिए 18,700 की बीमित राशि पर 374 प्रति हेक्टेयर कृषक प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि निर्धारित अंतिम तिथि के पूर्व अपने निकटतम बैंक, सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र (सीएससी) में संपर्क कर फसल बीमा अवश्य कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।
नालसा द्वारा संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण की सचिव द्वारा दी गई अधिकार मित्रों को प्रशिक्षण
महासमुंद 01 अगस्त 2026
नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित योजनाओं एवं विशेष अभियानों के सफल क्रियान्वयन के संबंध में जिले के समस्त अधिकार मित्रों की प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में प्राधिकरण की सचिव श्रीमती आफरीन बानों द्वारा जिले में स्थापित लीगल एड क्लीनिक जैसे बाल संप्रेक्षण गृह, संखी वन स्टाप सेंटर, जिला जेल, ग्राम पंचायत लीगल एड क्लीनिक बेमचा तथा पटेवा एवं सभी आरक्षी केंद्रों में पदस्थ अधिकार मित्रों का जिला न्यायालय परिसर स्थित वैकल्पित विवाद समाधान केन्द्र, एडीआर भवन में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्टेट प्लान आफ एक्शन के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद कीे सचिव श्रीमती आफरीन बानों द्वारा नालसा द्वारा संचालित एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के संबंध में उपस्थित अधिकार मित्रों को उनके सफल क्रियान्यवन एवं नागरिकों को दी जाने वाली विधिक सलाह एवं सहायता तथा नालसा हेल्प लाईन नंबर 15100 का व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए ताकि विधिक सलाह लेने ना पहुच पाने की स्थिति में उक्त टोल फ्री नंबर में डायल कर प्रतिधारक अधिवक्ता के माध्यम से विधिक सलाह प्रदान की जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने प्राधिकरण का उद्देश्य सभी के लिए तक पहुंच सुनिश्चित करना है कि अर्थिक या अन्य अक्षमतओं के कारण कोई भी न्याय से वंचित ना रहे। इसलिए अधिक से अधिक स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम, ग्राम पंचायतों एवं अन्य सामुदायिक स्थानों में जाकर नालसा की योजनाओं से संबंधित विधिक जागरूगता शिविर, कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। नालसा के निर्देशानुसार जागृति योजना अर्थात सरल कानूनी शिक्षा जैसे नुक्कड़ नाटक और सरल हैण्डबुक के जरिए जमीनी स्तर पर नागरिकों में काननी अधिकारों व पारदर्शिता का जागरूकता फौलाना, नालसा संवाद अंतर्गत दूरस्थ वीहड़ क्षेत्रों में निवासरत तथा आदिवासियों तक न्याया की पहुंच को मजबूत करना, नालसा वीर परिवार सहायता योजना के तहत रक्षा और अर्धसैनिक बलों के जवानों तथा उनके आश्रित परिवारों को मुक्त व सक्षम कानूनी सेवाए देना, नालसा डान के तहत नशीली दवाओं के दुष्परिणामों की जानकारी व दुरूपयोग पर अधारित पीड़ितों को परामर्श और नशामुक्ति केन्द्रों तक पहुंच हेतु सहयोग प्रदान करना इसी प्रकार नालसा के मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों को न्याय एवं मुआवजा दिलाने सहयोग प्रदान करना है। इसके अलावा उन्होंने जनचेतना, नेशनल लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर किए जाने वाले प्रकरणों के बारे में जन-जागरूकता, हमर अंगना, वृद्वजनों के लिए करूणा अभियान, बेसहारा बच्चों के लिए अभियान आसरा सहित आमतौर पर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करने संबंधी चर्चा करते हुए उपस्थित अधिकार मित्रों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
संभागायुक्त श्री श्यामलाल धावड़े की अध्यक्षता में स्वशासी समिति की बैठक आयोजित
मेडिकल कॉलेज के विकास को मिली नई गति, स्वशासी समिति की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
महासमुंद 01 अगस्त 2026
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, महासमुंद में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और संस्थागत विकास को गति देने संभाग के संभागायुक्त श्री श्यामलाल धावड़े की अध्यक्षता में गुरुवार को स्वशासी समिति (गवर्निंग बॉडी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह भी उपस्थित थे।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में हुई इस बैठक में मेडिकल कॉलेज और संबद्ध चिकित्सालय से जुड़े कुल 23 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा की गई। इनमें वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन, नए स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की शुरुआत, आवश्यक उपकरणों की खरीदी, मल्टीफंक्शनल प्रोजेक्टर, वाटर कूलर, मल्टीफंक्शनल जिम, छात्रावास मरम्मत और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास संबंधी प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा अस्पताल में मॉड्यूलर किचन विकसित करने, ओपीडी में कियोस्क सुविधा उपलब्ध कराने, विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, ब्लड स्टोरेज सेंटर को मॉडल ब्लड सेंटर के रूप में विकसित करने, विभागों के लिए हल्के मालवाहक वाहन एवं चिकित्सा उपकरणों की खरीदी जैसे विषयों पर भी विचार किया गया।
बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था, विशेषज्ञ चिकित्सक के नामांकन, चिकित्सकों के प्रशिक्षण, बैंक खाते के स्थानांतरण तथा संबद्ध चिकित्सालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रेणुका गहिने सहित चिकित्सा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे।
आरसेटी में संचालित सिलाई प्रशिक्षण बैच का सफल समापन
अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए किया गया प्रेरित
महासमुंद, 01 अगस्त 2026
बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुंद में संचालित सिलाई प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा किशन पटेल, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. एकता एवं श्रीमती तारिणी चंद्राकर मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर अतिथियों ने संचालित सिलाई प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण कक्ष एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा किशन पटेल ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल का निरंतर उपयोग करें और सिलाई कार्य के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने महिलाओं से अपने हुनर को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाने का आह्वान किया।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. एकता ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रतिभागियों को सिलाई कार्य को व्यवसाय के रूप में अपनाने, अन्य महिलाओं को इससे जोड़ने तथा समूह बनाकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
आरसेटी के निदेशक श्री टुटु बेहरा ने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान वर्षभर ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण आयोजित करता है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से प्रतिभागी कौशल अर्जित कर अपने क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में संस्थान में कंप्यूटर प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण तथा केक निर्माण जैसे विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी प्रशिक्षण संबंधी जानकारी एवं पंजीयन के लिए कार्यालयीन समय में आरसेटी महासमुंद कार्यालय अथवा मोबाइल नंबर 7999700673 एवं 9691089327 पर संपर्क कर सकते हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न पदों पर संविदा भर्ती हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी
10 अगस्त तक कर सकते हैं दावा-आपत्ति
महासमुन्द, 31 जुलाई 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई महासमुंद में परामर्शदाता, बाल कल्याण समिति में सहायक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह महासमुंद में परामर्शदाता एवं सहायक सह रात्रि चौकीदार के विभिन्न संविदा रिक्त पदों के लिए 30 जून 2026 तक डाक के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि प्राप्त आवेदनों का परीक्षण चयन समिति द्वारा किया गया है तथा पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन महिला एवं बाल विकास विभाग, महासमुंद के सूचना पटल तथा जिला महासमुन्द की वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को पात्र-अपात्र सूची के संबंध में कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी हो, तो वह 10 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे तक स्वयं उपस्थित होकर अथवा स्पीड पोस्ट/पंजीकृत डाक के माध्यम से अपना दावा-आपत्ति कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला महासमुंद में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों पर चयन समिति द्वारा कोई विचार नहीं किया जाएगा।
जिले में अब तक 724.7 मिलीमीटर औसत वर्षा
सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 917.3 मिलीमीटर
आज 4.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
महासमुंद 31 जुलाई 2026
महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2026 से अब तक 724.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 917.3 मिलीमीटर दर्ज की गई। वहीं अन्य तहसीलों में जिसमें सरायपाली में 914.4 मिलीमीटर, बसना में 777.6 मिलीमीटर, बागबाहरा में 591.9 मिलीमीटर, कोमाखान में 576.3 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 571.1 मिलीमीटर महासमुंद तहसील में दर्ज की गई। आज 31 जुलाई को 4.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में महासमुंद तहसील में 5.9 मिलीमीटर, सरायपाली में 4.9 मिलीमीटर, बागबाहरा में 4.1 मिलीमीटर, बसना में 4.0 मिलीमीटर, पिथौरा तहसील में 3.7 मिलीमीटर एवं कोमाखान तहसील में 2.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
सोलो साइकिल यात्री एवं पर्वतारोही समीरा खान ने जिले केविभिन्न विद्यालयों का किया भ्रमण
छात्राओं और महिलाओं को दिया गया महिला सशक्तिकरण का संदेश
महासमुंद, 31 जुलाई 2026
देशभर में मिशन माउंट एवरेस्ट एवं रूरल गर्ल्स एम्पावरमेंट एंड सोलो साइकिलिंग कैंपेन अक्रॉस इंडिया के तहत सोलो साइकिल यात्रा कर रही भारतीय पर्वतारोही एवं प्रेरक वक्ता सुश्री समीरा खान इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। ओडिशा के बरगढ़ से अपनी साइकिल यात्रा प्रारंभ कर सरायपाली होते हुए वे मंगलवार रात लगभग 10 बजे महासमुंद पहुंचीं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उनके ठहरने की व्यवस्था नया सर्किट हाउस में की गई तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।
बुधवार को सुश्री समीरा खान ने महर्षि विद्या मंदिर मचेवा, आशीबाई गोलछा उमा कन्या शाला, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, गुड शेफर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों का भ्रमण कर छात्राओं एवं महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वे आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले की निवासी हैं। बचपन में माता-पिता को खो देने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने साहस, आत्मविश्वास तथा दृढ़ संकल्प के बल पर पर्वतारोहण और सोलो साइकिलिंग के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने नेपाल की विश्व प्रसिद्ध एवं चुनौतीपूर्ण अमा डबलम पर्वत चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण किया है तथा भविष्य में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने का लक्ष्य रखा है।
सुश्री समीरा खान ने बताया कि सोलो साइकिलिंग उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब तक वे लगभग 9 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर चुकी हैं तथा 37 देशों के साथ भारत के अनेक राज्यों का भ्रमण कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अधिकांश यात्राएं स्व-वित्तपोषित हैं और वे उद्यमी के रूप में कार्य कर अपने अभियानों का खर्च स्वयं वहन करती हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि प्रत्येक लड़की को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का पूरा अधिकार है। आत्मविश्वास, शिक्षा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक बेटी को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अनुकूल वातावरण मिले। जिले में उनके विभिन्न विद्यालयों के भ्रमण के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त की।
महासमुंद : सुरक्षित प्रसव और आपातकालीन सहायता का भरोसेमंद माध्यम बनी महतारी एक्सप्रेस
प्रदेश में कम्युनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशन प्रोग्राम (CAMP) के माध्यम से संचालित 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा ने विगत तीन वर्षों से लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाया है। इसी क्रम में जिले में 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य परिवहन उपलब्ध कराकर सुरक्षित प्रसव और आपातकालीन चिकित्सा सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक इसकी पहुंच से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है।
जिला क्लस्टर प्रोग्राम मैनेजर श्री एन.एस. मूर्ति ने बताया कि 102 महतारी एक्सप्रेस की निःशुल्क सेवा टोल-फ्री नंबर 102 पर कॉल कर प्राप्त की जा सकती है। जिला अस्पताल द्वारा पिछले छह माह के दौरान इस सेवा के माध्यम से कुल 2305 मरीजों को हॉस्पिटल से घर तक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी तरह 1742 मरीजों को घर से अस्पताल एवं 478 मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक सुरक्षित और निःशुल्क पहुंचाया गया। जिले के नागरिकों ने इस सेवा को उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने बताया कि महतारी एक्सप्रेस सेवा विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने, सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने तथा प्रसव के बाद एक वर्ष तक के बीमार बच्चों को उपचार के लिए निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराने में प्रभावी साबित हो रही है। मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से यह सेवा ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में भी लगातार लोगों तक पहुंच रही है। समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को भी बल मिला है।