छत्तीसगढ़ / महासमुंद
विद्यालय निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को जारी किया गया शोकॉज नोटिस
महासमुंद। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू द्वारा आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खल्लारी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रारंभ होने का समय प्रातः 10ः00 बजे होते हुए भी विद्यालय के सात व्याख्याता समय पर उपस्थित नहीं पाए गए।
विद्यालयीन व्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी द्वारा स्वयं प्रार्थना सत्र संपन्न कराया गया। निरीक्षण में प्रभारी प्राचार्य सविता चंद्राकर सहित व्याख्याता सुमन चंद्राकर, भूषण सिरमौर, लक्ष्मीधर चंद्राकर, पूरी हरपाल, सरोज सिंह मर्सकोले, वेणुका साहू, ग्रंथपाल राजेन्द्र चौहान तथा व्यावसायिक शिक्षक सुभाष साहू अनुपस्थित पाए गए। अनुशासनहीनता एवं समय पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बागबाहरा द्वारा उपरोक्त सभी शासकीय सेवकों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए 3 दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। निरीक्षण उपरांत अनुविभागीय अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि विकासखंड अंतर्गत संचालित सभी शासकीय विद्यालयों में समय पालन एवं शिक्षकीय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी प्राचार्य नियमित रूप से विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी करें तथा अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल शोकॉज नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित करें। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं शैक्षणिक अनुशासन की बहाली के लिए प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी इस प्रकार के निरीक्षण किए जाते रहेंगे तथा शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। कार्यवाही में तहसीलदार नितिन ठाकुर उपस्थित रहे।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए चलाया गया अभियान
महासमुन्द। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार आगामी पर्व रक्षाबंधन को दृष्टिगत रखते हुए 21 जुलाई को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पनीर एवं खोवा की गुणवत्ता जांच हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। इसी क्रम में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं जिला अभिहीत अधिकारी सह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महामसुंद हरिशंकर पैकरा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंखनाद भोई द्वारा जिले के बागबाहरा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने संकलित किए गए।
जांच के तहत प्रतिष्ठानों से विधिक खाद्य नमूने लिए गए। जिसमें मेसर्स विश्वा फैमिली रेस्टोरेंट एण्ड ढाबा बागबाहरा से पनीर एवं पका चावल, मेसर्स छत्तीसगढ़ फैमिली ढाबा एण्ड रेस्टोरेंट बागबाहरा से पनीर, मेसर्स हर्षद मिष्ठान भंडार, बागबाहरा से खोवा संकलित किया गया। ये सभी खाद्य नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विगत माह में भी कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अभियान चलाकर 05 पनीर के खाद्य नमूने संकलित कर राज्य प्रयोगशाला को भेजे गए थे।
अवैध शराब बिक्री करते पकड़ा गया आरोपी, 20 लीटर शराब जब्त
तेन्दूकोना। चौकी बुंदेली पुलिस ने शुक्रवार दोपहर ग्राम बेलडीही-बोइरलामी मार्ग पर आम बगीचा के पास एक व्यक्ति को अवैध रूप से शराब बेचते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान घनाराम नायक (उम्र 52 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 06, लिलेसर) के रूप में हुई है।
मुखबिर की सूचना पर प्रधान आरक्षक इंद्रजीत ठाकुर व उनकी टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके कब्जे से 100 नग चिड़ी छाप देशी मदिरा के पाउच (प्रत्येक में 200-200 मि.ली.) कुल 20 लीटर (20,000 मि.ली.) शराब तथा ₹150 की बिक्री रकम, कुल ₹4,150 मूल्य की संपत्ति जब्त की गई।
घटना स्थल पर मौजूद गवाहों जयलाल नायक एवं मेहतरू बरिहा की उपस्थिति में तलाशी व जब्ती की कार्रवाई की गई। पूछताछ में आरोपी शराब बिक्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
मदिरा को सीलबंद कर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है।
न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने महासमुंद में ई-हियरिंग का किया शुभारंभ
महासमुंद । महासमुंद जिला ई-हियरिंग के माध्यम से पूरे भारतवर्ष से जुड़ गया। शुक्रवार को न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया, अध्यक्ष छ0ग0 राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा राज्य आयोग रायपुर से ई-हियरिंग का उद्घाटन वर्चुअल फीता काटकर किया। इस सुविधा के प्रारंभ होने से उपभोक्ताओं को तकनीकी न्याय का लाभ मिलेगा जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी, इस सुविधा के प्रारम्भ होने से उपभोक्ता एवं अधिवक्तागण देश के किसी भी हिस्से से जिला उपभोक्ता आयोग महासमुन्द से जुड़कर अपने प्रकरण की सुनवाई में भाग ले सकते हैं।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग, महासमुन्द में ई-हियरिंग के शुभारम्भ पर शुभकामनाएॅं प्रदान की व देश में छत्तीसगढ़ पहला राज्य होगा जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेगा। इस तरह न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय और जुड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष गोपाल रंजन पाणिग्राही द्वारा उपस्थित अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं कर्मचारीगणों को ई-हियरिंग के माध्यम से सुनवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पक्षकारों को अपने प्रकरण की ’’ई-हियरिंग’’ के माध्यम से सुनवाई हेतु तीन दिवस पूर्व निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा, उसके पश्चात् जिला उपभोक्ता आयोग से उनके मोबाईल पर एक लिंक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से पक्षकार अथवा अधिवक्तागण अपने मोबाईल के द्वारा सीधे प्रकरणों की ऑनलाईन सुनवाई में भाग ले सकते हैं।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया की उपस्थिति में प्रकरण क्रमांक- 79/2024 पक्षकार भोजनाथ देवांगन विरूद्ध महिन्द्रा एण्ड महिन्दा फायनेंशियल सर्विस में उभयपक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा अध्यक्ष गोपाल रंजन पाणिग्राही एवं सदस्य श्रीमती टी.दुर्गा ज्योति राव व सदस्य गिरीश श्रीवास्तव की उपस्थिति में ई-हियरिंग के माध्यम से अंतिम तर्क किया गया। ई-हियरिंग की सुविधा को ऐतिहासिक पहल बताते हुए उपस्थित सभी अतिथियों पक्षकारों एवं तकनीकी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता आयोग महासमुंद के अध्यक्ष गोपाल रंजन पाणिग्रही, राज्य उपभोक्ता आयोग के रजिस्ट्रार श्रीनिवास तिवारी, डिप्टी रजिस्ट्रार श्रीमती मोना चौहान, सदस्य प्रमोद वर्मा, एकाउन्ट अधिकारी श्रीमती मधुलिका यादव, जिला उपभोक्ता आयोग, रायपुर के अध्यक्ष डाकेश्वर शर्मा, सदस्य नीलिमा प्रधान एवं महासमुंद आयोग के सदस्यद्वय श्रीमती टी0दुर्गा ज्योति राव व गिरीश श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता संघ महासमुंद के अध्यक्ष अनिल शर्मा व सचित नूतन साहू सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने पिथौरा के गांवों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की
महासमुंद। कलेक्टर विनय लंगेह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एस. आलोक द्वारा पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम भुरकोनी एवं बुन्देली का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास, जल जीवन मिशन, पोषण, सड़क एवं खाद-बीज आपूर्ति सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। ग्राम भुरकोनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान आर.एम.ए. स्टाफ की उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं होने की स्थिति पाई गई, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित स्टाफ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से अटैचमेंट को समाप्त कर तत्काल भुरकोनी में सेवा देने के निर्देश दिए। स्वीपर टेकराम साहू के बिना सूचना लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
दवाओं एवं पेयजल की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहीं आयसोलेशन वार्ड के 4 वर्षों से प्रारंभ न होने पर उसे शीघ्र शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए। ग्रामीणों द्वारा एम्बुलेंस की मांग पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। साथ ही, ओपीडी पंजीयन की प्रक्रिया तत्काल ऑनलाइन प्रारंभ करने, रात्रिकालीन ड्यूटी हेतु मेडिकल स्टाफ का रोस्टर बनाने, और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत बुन्देली में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। अभी भी कई आवास निर्माण प्रारंभ नहीं हुए हैं, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए 5 दिवस में कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सीसी रोड को नहीं भरने की शिकायत पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। भुरकोनी से बुन्देली (5 किमी), भुरकोनी से मोहंदा (7 किमी, जिसमें 1.5 किमी वन क्षेत्र) एवं बुन्देली से ठाकुरदियाखुर्द (10 किमी) मार्ग की खराब स्थिति पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग को तत्काल प्राक्कलन तैयार कर मरम्मत/निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय बुन्देली का निरीक्षण किया, जो मरम्मत योग्य पाया गया।
ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी गई कि मरम्मत कार्य हेतु राशि आहरित की जा चुकी है, परंतु कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। इस पर जांच कर 3 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और आवश्यकतानुसार वसूली कर आरसीसी प्रकरण बनाने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी भवन में छत से पानी टपकने की शिकायत पर भवन की मरम्मत 15वें वित्त आयोग एवं पंचायत मद से कराने के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों ने डीएपी खाद की कमी बताई, जिस पर कलेक्टर ने सहकारी समिति बुन्देली में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश उपसंचालक कृषि को दिए।
कृषि विस्तार अधिकारी की नियमित अनुपस्थिति की शिकायत पर कलेक्टर ने सख्त कार्यवाही करने को कहा। गांव में अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री की शिकायत पर पुलिस एवं आबकारी विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।इसके अलावा कलेक्टर ने गजगिजनी एवं नया तालाब जलाशय की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु संबंधित विभाग को पहल करने के निर्देश दिए । कन्या शाला भवन के पास बनाए गए निजी मकान से जल निकासी बाधित होने पर अतिक्रमण हटाने हेतु ग्राम पंचायत को प्रस्ताव पारित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। स्कूल के बगल में बने अवैध निर्माण पर नोटिस जारी कर, तहसीलदार को आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महासमुंद बम्हनी में श्रमिक पंजीयन-नवीनीकरण के लिए शिविर 18 को
महासमुंद। शासन के निर्देशानुसार जिले में मोबाईल कैम्प शिविर का आयोजन कर संगठित, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजनाओं का आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण किया जाना है।
श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इस हेतु जिले के सभी विकासखण्डों में कुल 27 स्थलों पर 18 जुलाई से 29 अगस्त 2025 तक शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 18 जुलाई को ग्राम बम्हनी में, 28 को चिंगरौद, 04 अगस्त को ग्राम भलेसर, 12 अगस्त को ग्राम मोंगरा एवं 20 अगस्त को ग्राम मोरधा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 21 जुलाई को ग्राम दारगांव, 29 जुलाई को पचेड़ा, 05 अगस्त को मामाभांचा, 13 अगस्त को डोंगरपाली, 21 अगस्त को ओंकारबंद एवं 29 अगस्त को ग्राम खल्लारी में, पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 22 जुलाई को ग्राम अरंड, 30 जुलाई को मोहदा, 06 अगस्त को परसापाली, 14 अगस्त को भोकलूडीह, 22 अगस्त को राजासेवैया एवं 28 अगस्त को ग्राम बरतुंगा, बसना विकासखण्ड अंतर्गत 23 जुलाई को ग्राम बंसुला, 31 जुलाई को अरेकेल, 07 अगस्त को बड़ेढाबा, 18 अगस्त को दूधीपाली एवं 25 अगस्त को ग्राम छांदनपुर में तथा सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत 25 जुलाई को ग्राम बोडेसरा, 01 अगस्त को कुटेला, 11 अगस्त को सेमलिया, 19 अगस्त को बाराडोली एवं 27 अगस्त को ग्राम भोथलडीह में मोबाईल कैम्प का आयोजन होगा।
छात्रों को ने सीखे प्राथमिक सहायता व सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के गुर
जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर का प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण संपन्न
महासमुंद। विद्यालयों में अध्ययन, अध्यापन के साथ-साथ अन्य शिक्षकोत्तर गतिविधियों में रेडक्रॉस की गतिविधियां अत्यंत ही महत्वपूर्ण होती है, इसी के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में जूनियर रेडक्रॉस का संचालन किया जाता है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के विकासखंड पिथौरा, बागबाहरा एवं महासमुंद के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की रेडक्रॉस प्रभारी शिक्षकों (काउंसलर) संख्या 111 का रेडक्रॉस से संबंधित समस्त प्रशिक्षण एवं प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण का आयोजन जिला स्तर पर महासमुंद में किया गया।
प्रशिक्षण के तृतीय दिवस बुधवार को समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे पदेन अध्यक्ष जूनियर रेडक्रॉस महासमुंद, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष संदीप कुमार दीवान, इसके साथ ही बतौर विशिष्ट अतिथि पारस चोपड़ा, संजय शर्मा, दाऊलाल चंद्राकार, अभिषेक पांडे, आशीष पांडे श्रीमती सती साहू, श्रीमती करुणा शुक्ला, जिला क्रीड़ा अधिकारी अंजलि बरमाल उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 14 जुलाई को हुआ, जो कि प्रशिक्षण का द्वितीय चरण था, प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संदीप दीवान, सभापति रेडक्रॉस महासमुंद, विशिष्ट अतिथि के रूप में ऐतराम साहू, जिला अध्यक्ष स्काउट एवं गाइड संघ, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राठौर, अशोक गिरी गोस्वामी जिला संगठक महासमुंद एवं राजेश्वर खरे, प्रेम चंन्द्राकर, माधव लाल टांकसले, अभिषेक पांडे और आशीष पांडे सदस्य प्रबंध संचालन, अरशी अन्वर एवं सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का प्रशिक्षण सरायपाली में बसना विकासखंड एवं सरायपाली विकासखंड के काउंसलर का प्रशिक्षण 10 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक आयोजित किया गया जिसमें 80 काउंसलर ने भागीदारी दी।
इस अवसर पर ड़ॉ. अशोक गिरि गोस्वामी द्वारा रेडक्रॉस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला गया एवं रेडक्रॉस की उद्देश्य एवं सामाजिक गतिशीलता के साथ-साथ सामाजिक पृष्ठभूमि पर इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं जिला सीईओ एस आलोक के द्वारा उद्बोधन दिया गया, जिसमें समस्त काउंसलर को जमीनी स्तर पर विद्यालय में रेडक्रॉस की टीम तैयार करने हेतु निर्देश दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणवत्ता के साथ-साथ रेडक्रॉस की गतिविधियों को निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। पारस चोपड़ा के द्वारा बच्चों में सेवा की भावना को जागृत करने का संदेश दिया गया। संदीप दीवान के द्वारा विद्यालयीन रेडक्रॉस बच्चों में प्राथमिक सहायता की शिक्षा, जो कि प्रशिक्षण में प्रदान किया गया, उसे देखकर उनके सामाजिक दायित्वों के निर्वहन संबंधी संदेश दिया गया। दाऊलाल चंद्राकर के द्वारा महासमुंद जिले में रेडक्रॉस की विशिष्ट भूमिका एवं लगातार महासमुंद जिले में रेडक्रॉस के क्षेत्र में विशेष रूप से सभी को भविष्य में कार्य करने की प्रेरणा प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में राष्ट्रीय स्तर के प्राथमिक उपचार प्रशिक्षक डॉ यशवंत चंद्राकर एवं जिला प्रशिक्षक दिनेश कुमार साहू के द्वारा विभिन्न विद्यालयों से आए रेडक्रॉस प्रभारी काउंसलर को रेडक्रॉस के इतिहास उद्देश्य एवं सिद्धांत तथा रेडक्रॉस की मूल पृष्ठभूमि एवं विभिन्न दायित्वों का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही इस प्रशिक्षण का मुख्य फोकस बिंदु जीवन को बचाने वाले प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभिन्न प्रकार के दुर्घटनाओं जैसे की सड़क दुर्घटना, आग लगने पर, भूकंप, बाढ़ एवं पानी में डूबने एवं प्राकृतिक आपदाओं पर एक रेडक्रॉस वॉलिंटियर का किस प्रकार से दायित्व होता है और किस प्रकार से प्राथमिक सहायता दी जा सकती है, इसका संपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें मुख्य रूप से घायल व्यक्ति का रक्त प्रवाह होने पर बैंडेज बांधना फ्रैक्चर की स्थिति में सहायता देना, सीपीआर थेरेपी के साथ-साथ बिच्छू डंक, कुत्ता के काटने, मधुमक्खी के काटने, मिर्गी, जहर सेवन कर लेने पर, आग से या किसी भी प्रकार से जलने पर एवं विभिन्न प्रकार के दुर्घटनाओं में प्राथमिक सहायता का संपूर्ण प्राथमिक सहायता प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक दायित्वों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया जैसे कि प्रदूषण एवं साक्षरता, वृक्षारोपण, बालक -बालिका शिक्षा एवं रक्तदान, नेत्रदान तथा टीकाकरण एवं विभिन्न प्रकार के सामाजिक परिवेश में रेडक्रॉस के दायित्वों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्कूली विद्यार्थियों को स्कूल में विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं में उनकी भूमिका किस प्रकार से होगी, इसका प्रशिक्षण दिया गया।
उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में महासमुंद जूनियर रेड क्रॉस सचिव श्रीमती किरण पटेल विकासखंड महासमुंद, परसराम सिंन्हा सचिव विकासखंड जूनियर रेडक्रॉस बागबाहरा एवं विकासखंड पिथौरा सचिव जूनियर रेड क्रॉस पिथौरा दिनेश कुमार साहू के कुशल नेतृत्व में तीनों विकासखंड के रेड क्रॉस काउंसलर का प्रशिक्षण विधिवत् प्रदान किया गया उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के वार्षिक कैलेंडर पर चर्चा किया गया और आगामी समय में रेडक्रॉस के समस्त गतिविधियों को स्कूली विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु संचालित करने का निर्णय लिया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अंशुमन तांडी, रामकुमार जांगड़े, प्रकाश दास मानिकपुरी एवं लोकेश्वरी साहू, विनीता अंजलि दीवान, नोबेल ध्रुव, श्रीमती भावना पांडव, श्रीमती यशोदा चौहान, श्रीमती पुष्पलता भार्गव, तेजलाल देवांगन रेडक्रॉस कार्यालय प्रभारी, एवं द्वारका प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती किरण पटेल सचिव जूनियर रेड क्रॉस विकासखंड शाखा महासमुंद के द्वारा किया गया। संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. अशोक गिरी गोस्वामी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
आंगनबाड़ी की बदली तस्वीर : खेलते-खिलखिलाते नन्हे कदमों से संवर रहा भविष्य
महासमुंद । नन्हे कदमों से गूंजते आंगन, दीवारों पर रंग-बिरंगी पेंटिंग्स, कविताएं गुनगुनाते बच्चे और खेल-खेल में सीखने की ललक कुछ ऐसी ही सजीव और संजीव छवि अब जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की बन गई है। महासमुंद शहरी सेक्टर-1 स्थित संजय नगर-2, दलदली रोड और विश्वकर्मा वार्ड के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र इसकी सजीव मिसाल हैं, जहां आंगनबाड़ी अब केवल पोषण और देखभाल का केन्द्र नहीं, बल्कि बच्चों के संपूर्ण विकास की पाठशाला बन चुकी हैं। इन केन्द्रों की सजावट किसी प्ले स्कूल से कम नहीं है। दीवारों पर उकेरी गई रंगीन चित्रकारी और शैक्षणिक चार्ट नन्हे मन को पढ़ाई की ओर आकर्षित कर रहे हैं। अक्षर ज्ञान, गिनती, कविताएं और व्यवहारिक जानकारियां बच्चों को सहज और रोचक तरीके से दी जा रही हैं।
संदेशों के माध्यम से सामाजिक बदलाव की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। जितनी अच्छी वजन की रेखा, उतना अच्छा बच्चा देखा, लड़का-लड़की एक समान जैसे संदेश दीवारों पर उकेरे गए हैं, जो बाल देखभाल के साथ सामाजिक चेतना का संचार भी कर रहे हैं। यहां न केवल बच्चे बल्कि गर्भवती माताएं और किशोरी बालिकाएं भी लाभान्वित हो रही हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए गर्म पौष्टिक भोजन की नियमित व्यवस्था है, साथ ही सुपोषण चौपाल जैसे आयोजनों के माध्यम से टीकाकरण व स्वास्थ्य परामर्श दिया जाता है। किशोरियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान बताती हैं कि यहां मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, नोनी सुरक्षा, महतारी वंदन, सुकन्या समृद्धि योजना जैसे कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं के ज़रिए बालिकाओं और माताओं के स्वास्थ्य एवं अधिकारों की रक्षा की जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित साफ-सफाई की जा रही है। आरओ वाटर प्योरीफायर, स्वच्छ किचन रूम और पर्याप्त खेल सामग्री यहां की विशेषता बन चुके हैं। बच्चों के लिए खेल घर उपलब्ध है और अर्ली चाइल्डहुड केयर के तहत भाषा, गणित आदि विषयों की बुनियादी जानकारी रोचक तरीकों से दी जा रही है। यहां पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूपा भारती और अंजू चंद्राकर बताती हैं कि यहां बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार से लेकर किशोरी बालिकाओं तक के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम होते हैं। महतारी समिति की बैठकें भी नियमित होती हैं, जिससे माताओं की सहभागिता भी सुनिश्चित होती है।
महासमुंद में मां की रोटी कैंटीन का शुभारंभ
महासमुंद । महासमुंद नगर में आज सामाजिक सरोकार की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल हुई। स्टेशन रोड स्थित मां की रोटी नामक महिला संचालित कैंटीन का भव्य शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू एवं उपाध्यक्ष देवीचंद राठी के करकमलों से किया गया।
इस कैंटीन का संचालन शहर की जय गंगा मैया महिला समूह द्वारा किया जाएगा, जिसका उद्देश्य है जनता को मात्र 50 रुपए में स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि यह पहल न
केवल लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी बेहतरीन उदाहरण बनेगी। महिला समूहों ने समय-समय पर अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता सिद्ध की है, और मुझे विश्वास है कि वे इस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाएंगे।” नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने महिला समूह को शुभकामनाएं देते हुए कहा, कि हमारे नगर की महिलाओं को यह अवसर मिलना गौरव की बात है।
हम आशा करते हैं कि यह कैंटीन स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वाद तीनों मानकों पर खरा उतरेगी। जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने महिला समूहों की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा की “महिला समूह कोई भी कार्य मन से करें तो उसमें सफलता निश्चित होती है। ‘मां की रोटी’ से आमजन को घर जैसा भोजन मिलेगा, यह विश्वास है। कार्यक्रम में नगर के वार्ड पार्षद नानू भाई, धनेंद्र चंद्राकर, नीरज चंद्राकर पीयूष साहू,चंद्रशेखर बेलदार ,समेत कई गणमान्य नागरिक एवं मां फाउंडेशन मुंबई के विलास कांबले,गणेश गुली, संजय तारम उपस्थित रहे। मां फाउंडेशन ने इस कैंटीन में सहयोग प्रदान किया है। कैंटीन की मार्गदर्शक प्रेमशीला बघेल ने जानकारी दी कि यह कैंटीन नगर पालिका की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत गठित महिला समूह द्वारा संचालित की जा रही है। समूह में कुल 12 सदस्य हैं। यहां प्रतिदिन केवल 50 रुपए में एक प्लेट चावल, तीन रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नाश्ते के विकल्प भी मौजूद है। “मां की रोटी“ सिर्फ एक कैंटीन नहीं, बल्कि वह स्थान है जहां जरूरतमंदों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन मिलेगा और महिला समूहों को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया आयाम मिलेगा।
कलेक्टर ने ग्राम बनपचरी में विकास कार्यों की गुणवत्ता का लिया जायजा
स्कूल, आंगनबाड़ी, इंजेक्शन वेल व पीएम जनमन आवास का किया निरीक्षण
महासमुंद। महासमुंद विकासखंड के ग्राम बनपचरी में बुधवार को कलेक्टर विनय लंगेह द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं और संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, शासकीय विद्यालय, इंजेक्शन वेल और प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों का जायजा लिया।
ग्राम बनपचरी में आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वहां उपलब्ध सुविधाओं, पोषण आहार की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति, टीकाकरण और स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बच्चों को समय पर गर्म भोजन, साफ-सफाई और पोषण से भरपूर आहार सुनिश्चित कराया जाए। कलेक्टर ने केन्द्र में कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। साथ ही देने वाले गरम भोजन की भी जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती माताओं को नियमित पूरक पोषण आहार वितरण की भी जानकारी ली। साथ ही पंजी संधारण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात कलेक्टर ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर शिक्षण कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा विद्यार्थियों से संवाद भी किया। शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षण सामग्री की उपलब्धता एवं भौतिक अधोसंरचना की स्थिति की भी उन्होंने जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद करने के दौरान कहा कि मोबाइल का कम से कम उपयोग करें। उन्हांने जीवन में पढ़ाई के महत्व को बताते हुए कहा कि कठिन मेहनत और लगन का कोई विकल्प नहीं है। वर्तमान में नींव मजबूत होगा तभी भवन टिक सकेगा। विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।
तत्पश्चात निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को दिए गए मकानों का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने निर्माण की गुणवत्ता और आवास में मूलभूत सुविधाओं की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधूरे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। इस दौरान महिला समूहों को सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय देने के लिए निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम में उन्होंने जनभागीदारी से जल संरक्षण के तहत बनाए गए इंजेक्शन वेल का निरीक्षण भी किया। उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण के आसान उपयों को अपनाने के लिए सुझाव दिए। कलेक्टर ने कहा कि अपने घरों के आसपास सोख्ता गड्ढा अवश्य बनाएं और बंद पड़े बोर को इंजेक्शन वेल के रूप में तब्दील करें। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, जनपद पंचायत सीईओ बी.एस. मांडवी, ग्राम सरपंच सहित अन्य स्थानीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों की प्रगति पर नजर रखें और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक समाधान हेतु निर्देश दिए।
कलेक्टर ने किया पिथौरा संग्रहण केंद्र का निरीक्षण
महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सोमवार को पिथौरा स्थित धान संग्रहण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने धान के भंडारण, सुरक्षा, परिवहन और उठाव की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए धान का शीघ्रता से उठाव सुनिश्चित किया जाए, जिससे धान की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण रखरखाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि धान भीगने या खराब होने की स्थिति में संभावित नुकसान रोकने की कोशिश करें।
मौके पर डीएमओ राठौर ने बताया कि यहां कुल 2 लाख 53 हजार क्विंटल धान का भंडारण किया गया है। जिसमें 50 हजार क्विंटल धान का डी.ओ. (डिलिवरी ऑर्डर) पहले ही कट चुका है, इस पर कलेक्टर ने संबंधित परिवहन एजेंसी और फूड विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस धान का तत्काल उठाव प्रारंभ किया जाए और परिवहन में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संग्रहण केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति देखते हुए कहा कि बरसात में कीचड़ और जलभराव से उठाव कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सड़क की मरम्मत मुरूम या गिट्टी से शीघ्र की जाए। कलेक्टर ने गोदामों की साफ-सफाई, तिरपाल व्यवस्था, नमी नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र में कार्यरत सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाया जाए और उठाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक दिवस उठाव की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिथौरा ओंकारेश्वर सिंह, खाद्य अधिकारी अजय यादव, डीएमओ राठौर एवं नान के अधिकारी उपस्थित रहे।
पेंशन प्रकरणों की समीक्षा के लिए बैठक मंगलवार को
महासमुंद। संचालक पेंशन एवं भविष्य निधि रायपुर द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा लंबित पेंशन प्रकरणों एवं आपत्तियां वाले पेंशन प्रकरणों की निरंतर समीक्षा की जा रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्यालय से संबंधित पेंशन प्रकरण जिसमे संभागीय संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन रायपुर द्वारा दस्तावेजों की कमियों के कारण (रेगुलर केस/रिवाइज्ड केस) आपत्ति लगाए गए है। उन प्रकरणों में नियमानुसार आपत्ति, दस्तावेजों की कमियों को पूर्ति कर प्रकरण पुनः प्रेषित करें। संभागीय संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन रायपुर द्वारा पेंशन भुगतान आदेश जारी किये जा चुके है किन्तु विभागीय जानकारी के अभाव में पेंशन प्रकरण कोषालय स्तर पर लंबित है उक्त प्रकरणों में जानकारी पूर्ण कर पेंशन प्रकरणों का निराकरण कराने के निर्देश दिए हैं। आगामी दो माहों में सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण यथाशीघ्र तैयार कर शासन के मंशानुरूप संभागीय संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन रायपुर को प्रेषित किए जाने कहा गया है।
समय सीमा बैठक में उक्त पेशन प्रकरणां की समीक्षा की जाएगी। इस हेतु समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी वस्तु स्थिति की जानकारी मंगलवार 15 जुलाई तक जिला कोषालय अधिकारी महासमुंद के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे। विभाग से संबंधित पेंशन प्रकरण / आपत्तिकृत पेंशन प्रकरण आभार पोर्टल पर प्रदर्शित है। आभार पोर्टल का अवलोकन कर नियमानुसार निराकरण की कार्यवाही करेंगें। निराकरण में किसी भी प्रकार की समस्या एवं दिक्कत होने की स्थिति में जिला कोषालय अधिकारी महासमुंद से सम्पर्क कर कर सकते है।
जिले महासमुंद में अब तक 329.3 मिलीमीटर औसत वर्षा
महासमुंद। जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 329.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 391.4 मिलीमीटर, सरायपाली में 375.2 मिलीमीटर, महासमुंद में 316.9 मिलीमीटर, बागबाहरा में 311.4 मिलीमीटर, बसना में 309.3 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 272.0 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई।
आज 11 जुलाई को 13.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में पिथौरा तहसील में 23.3 मिलीमीटर, सरायपाली में 12.8 मिलीमीटर, महासमुंद में 12.4 मिलीमीटर, बागबाहरा में 12.2 मिलीमीटर, बसना में 10.5 मिलीमीटर एवं कोमाखान तहसील में 8.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
सहकारी समिति बरोंडाबाज़ार में सुगम खाद वितरण व्यवस्था: किसानों ने जताई खुशी
महासमुंद । वर्तमान में मानसून सीजन का समय है ऐसे में किसानों के लिए समय पर खाद व बीज का इंतजाम करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। महासमुंद जिले में खाद भण्डारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था से किसान संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है। जिससे किसानों को उपलब्ध खाद का आवश्यकतानुसार वितरण किया जा रहा है। जिले में अब तक 35798 टन खाद का भण्डारण किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के सहकारी समितियों के माध्यम से भी खाद का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। ऐेसे ही 10 जुलाई की स्थिति में सहकारी समिति बरोंडाबाज़ार में खाद की उपलब्धता एवं वितरण की व्यवस्था से किसान खुश नजर आ रहे हैं।
समिति प्रबंधक ने बताया कि समिति में अब तक यूरिया 66.60 टन, सुपर फॉस्फेट 50 टन, पोटाश 25 टन, डी.ए.पी. 50 टन तथा एन.पी.के. 25 टन का भंडारण किया गया है, जिसमें से 51.010 टन खाद अभी भी विक्रय हेतु शेष है। खाद वितरण की यह व्यवस्था किसानों के लिए राहत भरी साबित हो रही है। ग्राम लाफिन खुर्द के लघु कृषक गंगाराम मार्कंडेय ने समिति में उपलब्ध खाद व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उन्हें समय पर उनकी जरूरत के अनुसार 2 बोरी यूरिया और 2 बोरी सुपर फॉस्फेट उपलब्ध कराई गई। उन्होंने समिति के प्रबंधन को सराहनीय बताया।
इसी तरह, लाफिन खुर्द के ही एक अन्य किसान दशरथ साहू ने भी 4 बोरी यूरिया और 4 बोरी सुपर फॉस्फेट प्राप्त किया तथा बताया कि समिति की व्यवस्था सहज और सुचारु है। ग्राम मचेवा के किसान कार्तिक ने 3 बोरी यूरिया, 2 बोरी सुपर फॉस्फेट और 1 बोरी पोटाश प्राप्त कर संतोष व्यक्त किया। वहीं, बरोंडाबाज़ार के किसान मालिक जगत ने 3 बोरी यूरिया और 5 बोरी सुपर फॉस्फेट तथा तोमनलाल ने 2 बोरी यूरिया और 2 बोरी सुपर फॉस्फेट प्राप्त किए। सभी किसानों ने सहकारी समिति की इस समयबद्ध और मांग के अनुरूप खाद वितरण व्यवस्था को लेकर शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया है।
सीईओ ने जन चौपाल में सुनी आम जनों की समस्याएं
अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ एस आलोक ने मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 26 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। सीईओ ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
जन चौपाल में सरायपाली के हितग्राही तिलक राम ने पीएम आवास की राशि जारी करने हेतु सचिव द्वारा पैसे लिए जाने के संबंध में शिकायत प्रस्तुत किया, इसी क्रम में दीनबंधु सोना ने भी शिकायत किया जिस पर सीईओ ने उक्त मामलों में प्राथमिकता से जाँच करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा सेवक राम साहू पोटापारा पिथौरा द्वारा त्रुटि सुधार हेतु आवेदन, ग्राम पंचायत छांदनपुर के शिव मंदिर में अतिक्रमण वेणुधर थानापति द्वारा आवेदन, झलप में शासकीय भूमि अतिक्रमण संबंधी आवेदन, परमेश्वर यादव साराडीह महासमुंद द्वारा बैंक की ग़लत एंट्री के संबंध में आवेदन, राजकुमार भोई झगरेनडीह पिथौरा द्वारा सीमांकन हेतु आवेदन किया गया। जन चौपाल में इसके अलावा पीएम आवास योजना, अवैध अतिक्रमण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, धान खरीदी, मुआवजा राशि, साथ ही अन्य माँग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
सागौन चिरान के 75 नग लकड़ी, वन विभाग ने की कार्रवाई
बारनवापारा। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य में वन अपराधों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बारनवापारा परियोजना मंडल, रायपुर के अंतर्गत आरंग परिक्षेत्र के ग्राम मालीडीह में एक बड़ी कार्रवाई की गई है।
मंडल प्रबंधक बारनवापारा परियोजना मंडल ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उपमंडल प्रबंधक महासमुंद द्वारा सर्च वारंट जारी किया गया था। जिसके तहत आज वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मालीडीह गांव में छापामार कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान एक आरोपी के कब्जे से सागौन चिरान के 75 नग लकड़ी, मात्रा 0.418 घन मीटर बरामद की गई। पूछताछ के दौरान जब आरोपी से लकड़ी के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
यह कार्रवाई वनपाल एच.आर. पैकरा, उड़नदस्ता प्रभारी ए.के. खुमरी, उपक्षेत्रपाल लोकेश साहू, लोचन साहू, के.के. पटेल, कोमल सिंह मरकाम, दीपा पटेल, चंद्रहास साहू, क्षेत्र रक्षक होमलता मंडावी एवं चौकीदारों के साथ-साथ तुमगांव थाने की पुलिस टीम की उपस्थित थी।
अवैध लकड़ी की कीमत लगभग 70 हजार रुपये आँकी गई है। जप्त की गई सागौन चिरान को कोडार डिपो भेजा गया है और आरोपी के विरुद्ध भारतीय काष्ठ चिरान वन अधिनियम के तहत पी.ओ.आर. क्रमांक 37/11, दिनांक 06/07/2025 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।
प्राथमिक शाला मुडियाडीह-नांदबारू में शिक्षकों की पदस्थापना
महासमुंद । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू युक्तियुक्तकरण नीति ने उन विद्यालयों में शिक्षा का नया सवेरा हुआ है, जो वर्षों से शिक्षक संसाधनों की कमी से जूझ रहे थे। ऐसे ही दो विद्यालय महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत प्राथमिक शाला मुडियाडीह (पासीद) और प्राथमिक शाला नाँदबारू, जो 1994-95 से एकल शिक्षक विद्यालय के रूप में संचालित हो रहे थे।
तीन दशकों से इन विद्यालयों में एकमात्र शिक्षक के भरोसे शिक्षा व्यवस्था चल रही थी। सीमित संसाधनों और भारी जिम्मेदारियों के बावजूद शिक्षकगण पूरी निष्ठा से कार्य करते रहे, लेकिन कई शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही थीं।
सत्र 2024-25 में छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इन विद्यालयों को द्वि-शिक्षकीय स्वरूप मिला। पहली बार यहाँ दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि इन विद्यालयों के लिए शैक्षणिक परिवर्तन का सकारात्मक पल था। दूसरे शिक्षक के आने से बच्चों के चेहरे पर नई ऊर्जा और उत्साह देखा गया। पढ़ाई अब और व्यवस्थित हुई, समूह कार्य, खेल, गतिविधि आधारित शिक्षण और व्यक्तिगत ध्यान संभव हो सका। गाँव वासियों ने भी इस बदलाव का दिल से स्वागत किया। पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर पालकगण तक, सभी ने शासन के इस निर्णय के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे सच्चे मायनों में शिक्षा का सशक्तिकरण बताया।
प्राथमिक शाला मुडियाडीह (पासीद) और नांदबारू आज उन विद्यालयों की श्रेणी में आ चुके हैं, जहाँ गुणवत्ता आधारित शिक्षण की बुनियाद और मजबूत हो रही है। इस बदलाव को एक सफलता के रूप में महसूस किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की नीति और इच्छाशक्ति से शिक्षा के क्षेत्र में एक नया प्रतिमान गढ़ा जा सकता है।