छत्तीसगढ़ / महासमुंद
जिला स्तरीय पशु मेला उत्सव, प्रदर्शिनी एवं गौपूजन कार्यक्रम संपन्न
महासमुंद । विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम आर बी चीप मेन में आज जिला स्तरीय पशु मेला उत्सव, प्रदर्शिनी एवं गौपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक बसना, डॉ. संपत अग्रवाल शामिल हुए तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा पटेल ने अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में पशुपालकों के बीच सात विभिन्न वर्गों में प्रतिस्पर्धा आयोजित की गई, जिनमें दुधारू गाय/भैंस, उन्नत बछिया, स्वस्थ बछड़ा, बैल/भैंस, सांड वर्ग, पक्षी वर्ग, बकरा/बकरी वर्ग शामिल थे।
कुल 50 पशुपालकों ने अपने पशुओं का पंजीयन कराया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र मुख्य अतिथि डॉ. अग्रवाल और श्रीमती पटेल के करकमलों से प्रदान किए गए। अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय को अपनाने और अतिरिक्त आय का स्रोत बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। श्रीमती पटेल ने ग्रामीणों को शासन की लोकहितकारी योजनाओं से जुड़ने और राज्य डेयरी उद्यमिता योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की शुरुआत शासन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गौपूजन के साथ हुई। इस अवसर पर ग्राम आर बी चीप मेन के सरपंच, जनपद पंचायत पिथौरा के प्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और पशुधन विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।अंत में, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉ. अंजना नायडू ने आभार व्यक्त किया।
स्वरोजगार घटक के समग्र प्रदर्शन में महासमुंद नगर पालिका राज्य में प्रथम
महासमुंद। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा गुरूवार को “उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदम“ की थीम पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सम्मान समारोह-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें महासमुंद नगर पालिका को डे-एनयूएलएम अवार्ड्स 2023-24 अंतर्गत स्वरोजगार घटक में असाधारण प्रयास एवं समग्र प्रदर्शन हेतु राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पीएम स्वनिधि) एवं राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम) के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगरीय निकायों, बैंकों, लाभार्थियों और स्ट्रीट वेंडर्स को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा एवं अनुज शर्मा भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में महासमुंद नगर पालिका को डे-एनयूएलएम अवार्ड्स 2023-24 अंतर्गत स्वरोजगार घटक में असाधारण प्रयास एवं समग्र प्रदर्शन हेतु राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिसके तहत महासमुंद नगर पालिका सीएमओ महासमुंद खिरसागर नायक के नेतृत्व में सामुदायिक संगठन सीओ श्रीमती ममता बग्गा, श्रीमती प्रेमशीला बघेल और श्रीमती राखी ठाकुर को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही महासमुंद नगर पालिका को सम्मान समारोह के साथ आयोजित कार्यशाला में स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय समावेशन की जानकारी दी गई। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में नगरीय निकायों, बैंकों और लाभार्थियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कलेक्टर ने कराया प्रकृति परीक्षण
जिले मे अब तक 4100 से अधिक लोगों का प्रकृति परीक्षण पूर्ण
महासमुंद। संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार व जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रवीण चंद्राकर के मार्गदर्शन में जिले में देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान प्रभावी ढंग से 26 नवम्बर से चल रहा है। यह अभियान 25 दिसम्बर तक राज्य सहित जिले में संचालित रहेगा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट कक्ष में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वयं का प्रकृति परीक्षण करवाया। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से अपील की है आप सभी लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए स्वयं की प्रकृति का जाँच करवाएं।
जिला पंचायत कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, वन विभाग व विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अब तक कार्यशाला व शिविर लगाकर प्रकृति परीक्षण किया जा चुका है। अब तक कुल 4100 से अधिक लोगों द्वारा जिले में प्रकृति परीक्षण करवाया जा चुका है। यह प्रकृति परीक्षण समस्त आयुष की संस्थाओं व निजी प्रैक्टिस कर रहे आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा जारी डिजिटल ऐप के माध्यम से इसका आंकलन किया जा रहा है। एंड्रॉयड मोबाइल सेट लेकर गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड किया जा सकता है। प्रकृति परीक्षण ऐप एन सी आई एस एम को डाउनलोड करके अपने एक मोबाईल नम्बर को प्रविष्ट करें जिस पर ओ टी पी आएगा। ओ टी पी को प्रविष्ट करने के उपरांत सिटीजन कॉलम में कुछ व्यक्तिगत जानकारियों को प्रविष्ट करना होता है। अंततः एक क्यू आर कोड जनरेट होगा जिसे आयुष चिकित्सक स्कैन करके प्रश्नावली में अंकित प्रश्नों को पूछकर व व्यक्ति को देखकर उस व्यक्ति का प्रकृति निर्धारित करते हैं।
आयुर्वेद में प्रकृति का सिद्धांत यह बताता है कि किसी भी मनुष्य के प्रकृति का निर्धारण उसके गर्भ में रहने के दौरान ही हो जाता है। सात प्रकार के दैहिक/शारीरिक प्रकृतियों का वर्णन आयुर्वेद में मिलता है। त्रिदोष ( वात, पित्त व कफ) शारीरिक प्रकृतियों का निर्माण करते हैं। वातज, पित्तज, कफज, कफ पित्तज, कफवात, वात पैत्तिक व त्रिदोषज कुल सात शारीरिक प्रकृतियों का निर्माण होता है। तीनों दोषों के मिलने से समधातुज प्रकृति का निर्माण होता है जो कि सर्वश्रेष्ठ होती है। आयुर्वेद में वर्णित चरक का सिद्धांत कहता है कि ऐसे भाव या कारण जो सामान्य होते हैं वे वृद्धि का कारण हैं और ऐसे भाव या कारण जो विशेष या भिन्न होते हैं वे क्षय या ह्रास का कारण होते हैं। इस प्रकार यदि व्यक्ति अपने प्रकृति के बारे में जान जाएगा तो उसे यह भी ज्ञात हो जाएगा कि वह क्या खाएं व क्या ग्रहण न करे। इस प्रकार हम यह समझ सकते हैं कि हमारे लिए स्वयं की प्रकृति का ज्ञान होना कितना आवश्यक होता है।
शासकीय आयुष पॉली क्लिनिक महासमुंद में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश दूबे प्रकृति परीक्षण के महत्व को बताया कि मनुष्य की प्रकृति आजीवन नहीं बदलती है। मनुष्य के शरीर का निर्माण पंचमहाभूतों (आकाश, वायु, अग्नि, जल व पृथ्वी) से हुआ है व मनुष्य की दोषिक प्रकृति इन्हीं पंचमहाभूतों का हमारे शरीर में प्रतिनिधित्व करती हैं। मानव शरीर व सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड पांच महाभूतों से मिलकर निर्मित हुआ है।
महासमुंद में आदिवासी विकास के नए आयाम, समृद्धि की ओर सशक्त कदम
महासमुंद । महासमुंद जिले में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढता विष्णु सुशासन के एक वर्ष कार्यकाल के दौरान विभाग ने शिक्षा, आर्थिक सहायता, आवासीय सुविधाओं और अधिकारों के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो जिले की समृद्धि और प्रगति की दिशा में मजबूत कदम हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
जिले में 115 छात्रावास और आश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां 5433 छात्र-छात्राएं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ग्राम भोरिंग में स्थापित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत 417 अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, सत्र 2023-24 में 7437 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 418.14 लाख रुपए वितरित किए गए।
सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण
अंतर्जातीय विवाह योजना के तहत 36 दंपतियों को 2.50 लाख रुपए प्रति प्रकरण के हिसाब से कुल 90 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिले के 936 पी.व्ही.टी.जी. परिवारों को पहचान और कल्याण योजनाओं से जोड़ते हुए 3032 आधार कार्ड, 2102 बैंक खाते, 1887 आयुष्मान कार्ड, और 3183 राशन कार्ड जारी किए गए। पी.व्ही.टी.जी. आवास योजना के तहत 7 आवासों के निर्माण के लिए 17.50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए।
वनाधिकार और सांस्कृतिक संरक्षण
वनाधिकार अधिनियम के तहत 50 व्यक्तिगत और 5 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किए गए। इसके अलावा, देवगुड़ी निर्माण योजना के अंतर्गत 40 देवगुड़ियों के निर्माण के लिए 60 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई। इसी के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण योजना के तहत 30 मामलों के लिए 41.25 लाख की सहायता राशि दी गई। महासमुंद जिले में आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों के सशक्तिकरण के ये प्रयास न केवल उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, बल्कि जिले की समृद्धि और विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दिव्यांग बच्चों के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
महासमुन्द । सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शासकीय बहु दिव्यांग विशेष विद्यालय, महासमुन्द में शुक्रवार को दिव्यांग बच्चों के लिए खेल-कूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बालकों के लिए कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, 200 मीटर दौड़ और नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अलावा बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती संगीता सिंह, उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, महासमुंद उपस्थित रही। उनके साथ जिला कार्यालय समाज कल्याण के अधिकारी/कर्मचारी और संस्था के अधिकारी/कर्मचारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में दिव्यांग बालक-बालिकाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। इस आयोजन से बच्चों में खुशी और उत्साह का माहौल था, और उन्हें अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक अच्छा अवसर मिला।
महासमुंद में अब तक 274341.76 टन धान खरीदी
महासमुंद । खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 अंतर्गत कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान तेजी से चल रहा है। यह अभियान किसानों को उचित मूल्य पर धान बेचने की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का कार्य कर रहा है।
नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि 10 दिसम्बर तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 54426 किसानों से 274341.76 टन धान खरीदा गया, जिसकी राशि 631 करोड़ 52 लाख रुपए किसानों को वितरित की गई। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के उपार्जन केन्द्रों में एक करोड़ 31 लाख 8 हजार से अधिक बारदाना प्राप्त हुआ है। जिसमें 71 लाख 72 हजार 258 नया बारदाना है। 41 लाख 6 हजार 907 बारदाना मिलर से प्राप्त, 15 लाख 22 हजार 402 पीडीएस से प्राप्त तथा किसानों से 3 लाख 7 हजार 109 बारदाना प्राप्त हुआ है। 73 लाख 48 हजार 692 बारदाने का उपयोग उपार्जन केन्द्रों में किया जा रहा है। अभी 57 लाख 59 हजार 984 बारदाना शेष है।
दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण हेतु चिन्हांकन शिविर आयोजित
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में और उप संचालक समाज कल्याण, संगीता सिंह के मार्गदर्शन में आज विकासखण्ड सरायपाली के माधवराव सदाशिव गोवलकर हाई स्कूल में चिन्हांकन और मूल्यांकन शिविर आयोजित किया गया। जिले में दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जबलपुर द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सीएसआर योजना के तहत आज शिविर में कुल 80 दिव्यांगजनों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 64 को विभिन्न सहायक उपकरणों के लिए चिन्हांकित किया गया।
इस दौरान चिन्हांकन किए गए उपकरणों में मोटराइज्ड ट्रायसायकल (9), ट्रायसायकल (5), एमआर किट (5), व्हीलचेयर (6), श्रवण यंत्र (7), स्मार्ट केन (6), वॉकिंग स्टिक (5), ब्रेल किट (8), कृत्रिम पैर (1), और अन्य सहायक उपकरण (12) शामिल हैं। शिविर का आयोजन जनपद पंचायत सरायपाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमित कुमार हलधर, समाज शिक्षा संगठक जयलाल भोई और पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने शिविर के सफल संचालन में सहयोग दिया।
महासमुंद में धान खरीदी में प्रगति, किसानों को मिल रहा बेहतर समर्थन मूल्य
टोकन तुहर हाथ ऐप से किसानों की बढ़ी सहूलियत, धान खरीदी से प्रसन्न किसान
महासमुंद। महासमुन्द जिले में खरीफ विपणन वर्ष हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य अपनी पूर्ण सरलता, सुगमता गति से चल रहा है। 27 नवम्बर तक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंतर्गत 182 उपार्जन केन्द्रों पर धान की खरीदी की जा चुकी है। इस दौरान कुल 23,285 किसानों से 1,12,298.16 टन धान खरीदी गई, जिसका मूल्य 258 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। यह धान खरीदी में किसानों को मिलने वाले बेहतर समर्थन मूल्य का स्पष्ट संकेत है।
खरीदी के दौरान 38 केन्द्रों पर 3000 क्विंटल से कम और 103 केन्द्रों पर 5000 क्विंटल से कम धान की खरीदी हुई, बावजूद इसके कुल खरीदी में शानदार वृद्धि देखी गई। 4517 किसानों ने स्वस्फूर्त रकबा समर्पित किया है। बारदाना की आपूर्ति भी इस बार उच्चतम स्तर पर रही। 83,96,792 नग बारदाना प्राप्त हुए हैं और 53,16,694 नग बारदाना उपार्जन केन्द्रों में शेष हैं। यह दर्शाता है कि सरकार ने किसानों को बेहतर सुविधा और सुविधा प्रदान करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।
जिले में किसानों को अब धान की बिक्री में कोई कठिनाई नहीं हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा सहकारी समिति शेर में की गई बेहतर व्यवस्थाओं और टोकन तुहर हाथ ऐप की सुविधा ने किसानों के लिए धान की बिक्री को और भी सरल बना दिया है। अब किसान घर बैठे ही अपना टोकन काट सकते हैं और आसानी से धान की बिक्री कर रहे हैं। शेर धान खरीदी केन्द्र में किसानों के लिए विशेष सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जैसे बैठक, पेयजल, शौचालय और सीसीटीवी कैमरे सहित बायोमेट्रिक मशीन और इलेक्ट्रॉनिक तराजू की व्यवस्था। इन व्यवस्थाओं से किसान निश्चिंत होकर अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री से बच रहे हैं।
यहां धान विक्रय करने पहुंचे ग्राम मोरधा के किसान लखन लाल साहू ने बताया कि उन्होंने 20 एकड़ में कृषि कार्य किया है और धान खरीदी के दौरान उन्हें कोई असुविधा नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की सराहना की और कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है। इसी तरह ग्राम मुरकी के किसान भारत राम साहू ने भी धान खरीदी केन्द्र की सुविधाओं की सराहना की और बताया कि उन्होंने 10 एकड़ में कृषि किया है। धान की बिक्री के बाद 72 घंटे के भीतर उनके खाते में राशि जमा हो गई, जिसे वह बोरवेल खुदवाने और बेटे की शादी में उपयोग करेंगे। भारत राम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्णय की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं : मुख्यंमत्री कौशल विकास से सक्षम हुई ज्योति
महासमुंद। जिले के पिथौरा ब्लॉक की 26 वर्षीय युवती, ज्योति सोनी आज आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प की मिसाल बन चुकी हैं। एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्मी ज्योति ने अपने माता-पिता की कठोर मेहनत और सीमित साधनों के बावजूद अपनी सफलता की कहानी खुद लिखी। उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी मजदूर थे, और चार बच्चों वाले परिवार को चलाना उनके लिए हमेशा एक चुनौती रही। बावजूद इसके, माता-पिता ने उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी।
ज्योति ने अपने बचपन में आर्थिक समस्याओं और सीमित संसाधनों को देखा। उन्होंने पिथौरा के एक सरकारी हाई स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। उच्च माध्यमिक शिक्षा के बाद, ज्योति ने अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नए अवसरों की तलाश शुरू की। इसी दौरान, उन्हें “मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना“ के तहत फूलों की खेती (फ्लोरीकल्चर) में 6 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली। अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, ज्योति को बेंगलुरु में कैफे कॉफी डे में नौकरी का प्रस्ताव मिला। यह नौकरी उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। आज, ज्योति अपनी मेहनत और काबिलियत से न केवल अपने परिवार को आर्थिक मदद कर रही हैं बल्कि अपनी खुद की पहचान भी बना रही हैं।
ज्योति की सफलता उनके परिवार के लिए गर्व की बात है। उनकी मां कहती है कि हमने अपनी बेटी को बहुत कठिन परिस्थितियों में पाला। आज वह हमारी मदद कर रही है और हमें गर्व महसूस होता है। उसने यह साबित कर दिया है कि बेटियां भी बेटों के समान काबिल होती हैं।
ज्योति बताती है कि उनके सफलता में स्थानीय महिला समूह और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा। अगर आंगनवाड़ी दीदी ने मुझे कौशल विकास कार्यक्रम के बारे में नहीं बताया होता, तो शायद मेरी शादी हो गई होती और मैं कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाती। उनकी मेहनत और उपलब्धियों को स्थानीय परियोजना अधिकारी और अन्य अधिकारियों ने भी सराहा। अगर किसी के पास इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प हो, तो वह हर मुश्किल को पार कर सकता है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे सरकारी प्रयासों और कौशल विकास कार्यक्रमों ने न केवल लड़कियों को शिक्षित किया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका भी दिया है।
संविदा भर्ती के लिए कौशल परीक्षा एवं साक्षात्कार के परिणाम जारी
महासमुंद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में स्टाफ नर्स (SNCU), स्टाफ नर्स(NBSU), स्टाफ नर्स ( UHWC) एवं नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर संविदा भर्ती के लिए कौशल परीक्षा आयोजित किया गया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उक्त कौशल परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त अंकों का विवरण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। सभी अभ्यर्थी कार्यालयीन समय में सूचना पटल का अवलोकन कर सकते हैं।
सांसद चौधरी ने किया जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मुनगासेर का शुभारंभ
नवीन बैंक खुलने से किसानों में खुशी की लहर, जताया आभार
महासमुंद। जिले के विकासखंड बागबाहरा के ग्राम मुनगासेर में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायुपर की 72वीं शाखा मुनगासेर का रविवार को सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा एवं विशेष अतिथियों ने फीता काटकर एवं तिजोरी का पूजन कर शुभारम्भ किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अल्का चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्मिता चंद्राकर, बैंक की सीईओ श्रीमती अपेक्षा व्यास, जनप्रतिनिधि एवं कृषकगण मौजूद थे।
बैंक के शुभारम्भ अवसर पर सांसद एवं मुख्य अतिथि श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि अब क्षेत्र के किसानों को अपनी बैंक संबंधी काम व धान का भुगतान प्राप्त करने कोमाखान जाना नहीं पड़ेगा। आप लोगों की परेशानियों को देखते हुए राज्य शासन ने यहां बैंक की शाखा प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार गांव के विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने बताया कि आज यहां शाखा का शुभारंभ हुआ है। इसी माह में सिरपुर एवं गढ़फुलझर में भी खुलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन किसानों के अलावा युवाओं, महिलाओं के विकास के लिए भी संकल्पित है। सांसद श्रीमती चौधरी ने बताया कि सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के तेलांगना प्रवास के कारण यहां शामिल नहीं हो पाए। लेकिन उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने भवन के सामने शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा की है।
महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की समस्या को समझते हुए यहां बैंक शाखा प्रारंभ की है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में सारे वायदे पूरे हो रहे है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ प्रदेश विकसित राज्य की ओर बढ़ रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अल्का चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्मिता चंद्राकर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
बैंक सीईओ श्रीमती अपेक्षा व्यास ने बताया कि इस ब्रांच में पांच समितियां, 12 ग्राम पंचायतें एवं 45 ग्राम शामिल है, जिनका 700 बचत खाता संचालित है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ब्रांच से किसानों को ही नहीं बल्कि आम नागरिकों को भी बैंकिंग सुविधा मुहैया होगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रीतम दीवान, नरेश चंद्राकर, हितेश चंद्राकर उपस्थित थे।
रामलला दर्शन के लिए महासमुंद से 158 श्रद्धालु अयोध्या रवाना
महासमुंद। रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और जिला प्रशासन के कुशल प्रबंधन से संचालित यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अनुपम अवसर प्रदान कर रही है।
महासमुंद जिले से सातवें चरण में 158 श्रद्धालुओं का जत्था 25 से 28 नवंबर तक अयोध्या धाम के दर्शन के लिए सोमवार को रवाना हुआ। जनपद पंचायत महासमुंद से बस को हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को रायपुर के लिए रवाना किया। वहां से यह जत्था ट्रेन द्वारा अयोध्या पहुंचेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चाय-नाश्ता, और ठहरने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन की कुशल व्यवस्थाओं के कारण अब तक महासमुंद जिले से 1106 श्रद्धालु इस यात्रा का लाभ उठा चुके हैं।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एस. आलोक के मार्गदर्शन में यह यात्रा सभी वर्गों के लिए सुविधाजनक बनी हुई है। यह योजना प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी उदाहरण बन रही है। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए योजना की सराहना की है। अयोध्या यात्रा को लेकर सभी में उत्साह का माहौल है, और यह योजना लोगों के दिलों में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था को और मजबूत कर रही है।
महासमुंद अब तक 4.89 लाख क्विंटल धान की खरीदी
महासमुंद। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान तेजी से चल रहा है। 22 नवंबर तक 177 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 10,395 किसानों से 48965.12 टन धान खरीदा गया, जिसमें 118 करोड़ रुपये की राशि किसानों को वितरित की गई। नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि 22 नवंबर तक जिले में कुल 4 लाख 89 हजार 651 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसमें से 4 लाख 63 हजार 632 क्विंटल मोटा धान, 11.60 क्विंटल पतला धान और 26 हजार 7 क्विंटल सरना धान शामिल हैं।
महासमुंद विकासखंड के 38 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 86 हजार 571 क्विंटल धान की खरीदी हुई, बागबाहरा विकासखंड के 31 केंद्रों पर एक लाख 43 हजार 599 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार पिथौरा विकासखंड के 44 केंद्रों में 81 हजार 785 क्विंटल धान उपार्जित हुआ है। बसना विकासखंड के 36 केंद्रों में 57 हजार 51 क्विंटल धान की खरीदारी की गई है और सरायपाली विकासखंड के 33 केंद्रों के माध्यम से एक लाख 20 हजार 643 क्विंटल धान खरीदा गया है। इस वर्ष, जिले में धान की खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है, जिससे किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने में सहायता मिल रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पंजीकृत किसानों से तय समय सीमा में धान की खरीद पूरी हो। किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ पहुंचाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इस बार की खरीदी प्रक्रिया में किसानों का विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: विधायक अग्रवाल
बसना। गढफुलझर में आदिवासी समाज की बैठक में विधायक डॉ सम्पत अग्रवाल शामिल हुए। आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने अंगवस्त्र से विधायक डॉ सम्पत अग्रवाल का सम्मान किया। विधायक डॉ सम्पत अग्रवाल ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी भाईयों और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ की हमारी भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है।
हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ‘‘हमने बनाया है हम ही संवारेगें‘‘ की दिशा में कार्य कर रही है।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल,भाजपा नेता रामचंद्र अग्रवाल, सोनू श्रीवास्तव, विधायक प्रतिनिधि व महामंत्री अभिमन्यु जायसवाल, विधायक कार्यालय प्रभारी प्रकाश सिन्हा, सुवर्धन प्रधान,एन एल भोई सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
परिवार व्यवस्था दुनिया के लिए प्रेरणादायी : विधायक
बसना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बसना खण्ड के द्वारा आयोजित परिवार सम्मेलन कार्यक्रम गढफुलझर के रामचण्डी मंदिर परिसर में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक डॉ.सम्पत अग्रवाल शामिल हुए। सर्वप्रथम उन्होंने श्री श्री श्री रणेश्वर रामचण्डी माता की पूजा अर्चना कर क्षेत्र की समृद्धि और खुशहाली की कामना किए तथा सम्मेलन में शामिल होकर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपरा में परिवार व्यवस्था दुनिया के लिए प्रेरणादायी रहा है। जिसमें सृष्टि के सभी प्राणियों, नदियों, पर्वतों आदि का ध्यान स्वाभाविक रखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जिसे हम मां कहकर पुकारते हैं। इन बातों का ज्ञान हमें हमारा सनातन शास्त्र कराता है। सभी श्रेष्ठ संस्कारों की प्राप्ति का स्थान परिवार ही होता है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, भाजपा नेता रामचंद्र अग्रवाल, सोनू श्रीवास्तव,विधायक प्रतिनिधि व महामंत्री अभिमन्यु जायसवाल, विधायक कार्यालय प्रभारी प्रकाश सिन्हा, सुवर्धन प्रधान,एन एल भोई सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं के संग विधायक ने सुनी मन की बात
बसना। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 116वां एपिसोड बसना के विधायक कार्यालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक डॉ सम्पत अग्रवाल के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल और जितेन्द्र त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
विधायक कार्यालय प्रभारी प्रकाश सिन्हा,मंडल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधिगण अभिमन्यु जायसवाल, अरविंद मिश्रा, विकास वाधवा और पार्षद शीत गुप्ता समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान 'मन की बात' के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायक विचारों और देश के विकास के प्रति उनके दृष्टिकोण को साझा किया गया।
सभी उपस्थित सदस्यों ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेशों का समर्थन किया और उनमें निहित योजनाओं को आत्मसात करने की प्रतिबद्धता जताई।
खरोरा मे नवनिर्मित मितानिन भवन का लोकार्पण
महिलाओं के आत्मनिर्भरता से समाज मे समृद्धि आएगी
महासमुंद। ग्राम पंचायत खरोरा में शनिवार को मुख्य अतिथि डॉ. एकता लंगेह द्वारा नवनिर्मित मितानिन भवन और रोजगार प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मितानिनों द्वारा विभिन्न तरह के खेल जैसे मटका फोड़, नुककड़ नाटक, प्रेरणादायक गीत और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. एकता लंगेह ने कहा की मितानिन भवन के निर्माण से यहां महिलाएं आपस में बैठकर अपने स्वास्थ्य से लेकर आर्थिक समृद्धि और अन्य भविष्य की योजनाओं पर कार्य कर सकते हैं। यहां भवन बनने से उन्हें इधर-उधर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज महिला हर क्षेत्र में आगे है, यहां महासमुंद में महिलाएं प्रत्येक गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। महिला एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ी की धुरी है। उनके पास धैर्य भी है और काबिलियत भी है आज वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर होना आवश्यक है ताकि वे अपने जरूरतो को भी पूरा कर सके, परिवार और समाज की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वावलंबी से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगी। डॉ. लंगेह ने कहा कि महिला स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण है यदि महिला स्वस्थ है तो परिवार भी स्वस्थ रहेगी उन्होंने मितानिनों से कहा कि वह अपने काम बखूबी निभा रही है और भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग से करते रहे। कार्यक्रम में सरपंच सुनीता चंद्राकर सहित मितानिन समन्वयक राजमणि पवार स्थानीय पंच, सहित सखी सेंटर के सदस्य और मितानिन मौजूद थे।