छत्तीसगढ़ / रायपुर
सीएम हेल्पलाइन 1076 की शिकायत पर खाद्य विभाग की त्वरित कार्रवाई
जशपुर के लोदाम में बर्तन दुकान पर दबिश, 13 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर अवैध रूप से भंडारित मिले
वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सिलेंडर जब्त, खाद्य विभाग ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई
रायपुर, 29 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का जशपुर जिले में गंभीरता एवं तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य विभाग ने हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम लोदाम स्थित एक बर्तन दुकान में छापेमार कार्रवाई कर अवैध रूप से भंडारित घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों को जब्त किया।
खाद्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत प्राप्त हुई थी कि ग्राम लोदाम के मुख्य मार्ग स्थित एक बर्तन दुकान में बिना वैध लाइसेंस के पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण एवं बिक्री की जा रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि सार्वजनिक स्थान पर अनाधिकृत रूप से गैस सिलेंडरों का विक्रय किए जाने से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक, जशपुर द्वारा 28 जुलाई 2026 को संयुक्त रूप से जांच की गई। जांच के दौरान लोदाम निवासी श्री मुकेश कुमार साहू एवं उनकी पत्नी श्रीमती रूपा साहू, जो बर्तन दुकान का संचालन करते हैं, मौके पर उपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान दुकान एवं आवास से घरेलू उपयोग से अधिक मात्रा में इंडेन कंपनी के 9 भरे एवं 1 खाली तथा बीपीसीएल के 3 खाली सहित कुल 13 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर पाए गए। जांच के दौरान संबंधित द्वारा केवल तीन वैध गैस कनेक्शन प्रस्तुत किए गए, जिनमें एक उज्ज्वला योजना का कनेक्शन उनकी माता के नाम तथा दो सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन श्री मुकेश कुमार साहू एवं उनकी पत्नी के नाम पर पाए गए। घरेलू उपयोग से अधिक मात्रा में रखे गए 13 गैस सिलेंडरों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खाद्य विभाग ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से लोदाम स्थित अधिकृत गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री जैसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल सीएम हेल्पलाइन 1076 अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई कर जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
संवेदनशील पहल से लौट रही जिंदगी की मुस्कान
अपराजिता महिला सहायता केंद्र बना मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास का सशक्त मॉडल
रायपुर, 29 जुलाई 2026

समाज कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र आज उन महिलाओं के लिए नई उम्मीद का केंद्र बन गया है, जो मानसिक अस्वस्थता, निराश्रयता और सामाजिक उपेक्षा जैसी कठिन परिस्थितियों से गुजर रही थीं। यह केंद्र केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि उपचार, आत्मविश्वास और सम्मानजनक पुनर्वास का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है।
जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच केंद्र ने 35 महिलाओं का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिवारों से पुनः मिलाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिन महिलाओं का पारिवारिक पुनर्वास तत्काल संभव नहीं हो पाया, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में सुरक्षित रूप से पुनर्वासित किया गया।
केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, योग एवं प्राणायाम, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाते हैं। इन प्रयासों से महिलाएं न केवल मानसिक रूप से स्वस्थ हो रही हैं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
अपराजिता महिला सहायता केंद्र की कार्यप्रणाली यह दर्शाती है कि समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल और प्रभावी पुनर्वास किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला सकता है। यह केंद्र राज्य में महिला संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है।
समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन महिलाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आई है, जिनके लिए कभी भविष्य अनिश्चित दिखाई देता था। आज वे महिलाएं फिर से सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ा रही हैं, जो राज्य सरकार की संवेदनशील एवं मानवीय सोच का सशक्त उदाहरण है।
महतारी वंदन योजना से मिला बिसाहिन को रोजगार का साधन
प्रतिमाह की सहायता राशि से खरीदी सिलाई मशीन बना आमदनी का जरिया
रायपुर, 28 जुलाई 2026
शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी योजना साबित हो रही है। मुंगेली जिले के ग्राम फुलवारी की निवासी श्रीमती बिसाहिन यादव ने योजना से मिलने वाली मासिक सहायता राशि का सदुपयोग कर उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत की है। श्रीमती बिसाहिन यादव ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि ने अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उन्होंने इस राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का कार्य प्रारंभ किया।
आज वे गांव की महिलाओं और बच्चों के कपड़ों, बैग आदि की सिलाई कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इससे उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार का साधन प्राप्त हुआ है। बिसाहिन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहायता के साथ ही आत्मनिर्भर बनने का हौसला दिया। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से खरीदी गई आमदनी का जरिया बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान को नई दिशा देने वाली पहल है। इससे हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
मुंगेली जिले की 02 लाख 11 हजार से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह 01 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जाती है। अब तक जिले की महिलाओं के खातों में 561.59 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग जिले की हजारों महिलाएं स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। इससे महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ बचत की प्रवृत्ति भी बढ़ी है और वे परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इस सहायता राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं, छोटे स्वरोजगार और बचत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी उम्मीद की किरण
त्वरित कार्यवाही से मिली पीएम आवास का लंबित किस्त की राशि
रायपुर, 28 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजनों को समयबद्ध न्याय एवं योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए सीएम हेल्पलाइन लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में मुंगेली जिले के पथरिया निवासी श्री सम्बत निषाद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लंबित किस्त नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई थी।
शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की गई और आवश्यक कार्यवाही करते हुए उनकी लंबित किस्त शीघ्र जारी कर दी गई। उन्होंने बताया कि समय पर समाधान मिलने से उनकी बड़ी चिंता दूर हो गई और अब उनका अपने परिवार के लिए सुरक्षित एवं पक्का घर बनाने का सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सम्पत निषाद ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से अपनी समस्या का त्वरित समाधान मिलने पर मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए अत्यंत उपयोगी और भरोसेमंद साबित हो रही है।
प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेज़ी के साथ जारी
राज्य में लक्ष्य का 80 प्रतिशत बोनी पूर्ण
रायपुर, 28 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में खेती किसानी का कार्य तेज़ी के साथ जारी हैं। राज्य में 28 जुलाई की स्थिति में राज्य के 39.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 80 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
किसानों को 9.95 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.38 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 9.95 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.38 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती- किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है।
लक्ष्य का 80 प्रतिशत क्षेत्रों में बोनी पूर्ण
राज्य में अब तक 39.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 80 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।
प्रदेश में अब तक 447.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मि.मी.
अधिकारियों ने बताया कि 28 जुलाई सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 447.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।
किसानों को 4.38 लाख क्विंटल बीज वितरित
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.75 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.38 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 88 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 4.31 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।
14.95 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण
प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 14.95 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 9.95 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 64 प्रतिशत है।
जरूरतमंद किसानों को 6931.51 करोड़ रूपये का निःशुल्क अल्पकालीन कृषि ऋण
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 27 जुलाई की स्थिति में 6931.51 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 5691.72 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्मार्ट मीटर बना उपभोक्ताओं का भरोसेमंद साथी
सटीक रीडिंग, पारदर्शी बिल...स्मार्ट मीटर से बदला बिजली सेवाओं का अनुभव
रायपुर, 28 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर योजना प्रभावी साबित हो रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली की सटीक रीडिंग के साथ रियल टाइम में खपत की जानकारी मिल रही है। रायगढ़ निवासी मोहन सोनी का कहना है कि वे स्वयं भी अपनी बिजली खपत पर आसानी से नजर रख पा रहे हैं। मोहन सोनी ने बताया कि उनके घर में स्मार्ट मीटर स्थापित होने के बाद बिजली की रीडिंग पूरी तरह सटीक मिल रही है। जितनी बिजली की खपत होती है, उसका रिकॉर्ड स्वतः दर्ज हो जाता है, जिससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है। उन्होंने बताया कि मोर बिजली मोबाइल एप के माध्यम से भी वे कभी भी अपने मोबाइल पर बिजली की खपत और मीटर की रीडिंग देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग पर नियमित निगरानी रखना आसान हो गया है और आवश्यकता के अनुसार बिजली की खपत को नियंत्रित करने में भी सुविधा मिल रही है।
मोहन सोनी ने कहा कि यह सुविधा उपभोक्ताओं के हित में है। इससे बिजली की सटीक रीडिंग, पारदर्शी बिलिंग और खपत की वास्तविक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध होती है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा छत्तीसगढ़ शासन और विद्युत विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। स्मार्ट मीटर व्यवस्था से बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत हो रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिजली सेवाओं को सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
स्वच्छ पेयजल की दिशा में बड़ा कदम: ग्राम सेमरिया के हैंडपंपों का क्लोरीनेशन, जलजनित बीमारियों से बचाव हुआ और मजबूत
रायपुर, 28 जुलाई 2026

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत डुगला के ग्राम सेमरिया में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सार्वजनिक हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना, जल स्रोतों की गुणवत्ता बनाए रखना तथा जलजनित बीमारियों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करना है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार के निर्देशानुसार विभाग की तकनीकी टीम एवं हैंडपंप टेक्निशियनों ने ग्राम के सभी सार्वजनिक हैंडपंपों में निर्धारित मानकों के अनुरूप 30 एमएल क्लोरीन का उपयोग कर क्लोरीनेशन किया। इस वैज्ञानिक प्रक्रिया से पेयजल में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं, बैक्टीरिया एवं संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों का प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके।
क्लोरीनेशन अभियान के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, जल जनित रोगों से बचाव तथा जल संरक्षण के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि यदि जल स्त्रोतों की स्वच्छता और रखरखाव पर सामूहिक रूप से ध्यान दिया जाए तो अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, पेयजल को प्रदूषित होने से बचाने तथा सुरक्षित जल के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नियमित क्लोरीनेशन अभियान से गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जल गुणवत्ता संरक्षण, हैंडपंपों के क्लोरीनेशन तथा सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार अभियान संचालित किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना, जल जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं स्वच्छ गांवों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना है।
कृत्रिम गर्भाधान से बदली किस्मत
कंचनपुर की प्रेम कुमारी बनीं सफल डेयरी उद्यमी
रायपुर, 28 जुलाई 2026
ग्रामीण अंचल में जब दृढ़ इच्छाशक्ति को आधुनिक तकनीक का साथ मिलता है, तो सफलता की एक ऐसी इबारत लिखी जाती है जो पूरे समाज को नई राह दिखाती है। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी है सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कंचनपुर की निवासी प्रेम कुमारी सारथी की, जिन्होंने पारंपरिक पशुपालन से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तौर-तरीकों को अपनाया और आज वे एक सफल डेयरी उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
प्रेम कुमारी की इस सफलता की नींव रखी पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान तकनीक ने। विभागीय डॉक्टरों के मार्गदर्शन में किए गए कृत्रिम गर्भाधान से जो बछिया पैदा हुईं, वे आज उच्च उत्पादक दुधारू गायों का रूप ले चुकी हैं। वर्तमान में उनके पास एचएफ और जर्सी नस्ल की 5 दुधारू गायें हैं, जो उनकी डेयरी व्यवसाय की रीढ़ बनी हुई हैं।
तकनीक और सही देखभाल का ही परिणाम है कि आज प्रेम कुमारी की डेयरी से प्रतिदिन लगभग 25 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इस दूध को वे बरमकेला स्थित अमृत डेयरी में 40 रुपए प्रति लीटर की दर से आसानी से बेच देती हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 25 हजार रुपए की नियमित आय प्राप्त हो रही है। इस आर्थिक मजबूती ने न केवल उनके परिवार के जीवन स्तर को सुधारा है, बल्कि उन्हें आत्म-निर्भरता का एक नया अहसास भी दिया है।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय प्रेम कुमारी पशुधन विकास विभाग और पशु चिकित्सालय बरमकेला की टीम को देती हैं। विभाग द्वारा समय-समय पर कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, स्वास्थ्य परीक्षण और वैज्ञानिक खान-पान से संबंधित जो तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया, उसी की बदौलत उनके पशु स्वस्थ और अत्यधिक उत्पादक बने रहे।
इस बारे में बात करते हुए प्रेम कुमारी उत्साह से कहती हैं कि पशुपालन विभाग के सतत सहयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने से मेरा डेयरी व्यवसाय आज नई ऊंचाइयों पर है। मुझे खुशी है कि मैं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर पाई हूँ।
आज कंचनपुर की प्रेम कुमारी सारथी अपने आसपास के ग्रामीण पशुपालकों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। उन्हें देखकर क्षेत्र के कई अन्य किसान और ग्रामीण भी पारंपरिक पशुपालन छोड़ उन्नत नस्ल सुधार और वैज्ञानिक पद्धतियों की ओर प्रेरित हो रहे हैं। उनकी यह सफलता साबित करती है कि अगर सही मार्गदर्शन और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
शाला प्रवेशोत्सव में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने किया विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत
पुस्तक एवं साइकिल वितरित कर कहा - मन लगाकर पढ़ें, अपने माता-पिता, विद्यालय और जिले का नाम करें रोशन
रायपुर, 28 जुलाई 2026


उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री श्री लखनलाल देवांगन आज कोरबा के पीएम श्री सेजस, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बालको में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का माथे पर तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कर आत्मीय स्वागत किया। साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं साइकिल वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता, विद्यालय तथा जिले का नाम ऊँचा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के शासकीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बन रहे हैं। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की समस्या का समाधान हुआ है तथा सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से नए विद्यालय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है और शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने बच्चों, जनप्रतिनिधियों एवं अभिभावकों के साथ न्योता भोजन में भी सहभागिता की तथा विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं संस्कारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में पार्षद श्री सत्येंद्र दुबे, एल्डरमैन श्रीमती मंदाकिनी त्रिपाठी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री जे.एन. दुबे, प्राचार्य श्री नीलकंठ राठौर, श्री प्रफुल्ल तिवारी सहित जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
आजादी के 79 वर्षों बाद भिरागांव को मिली पक्की सड़क की सौगात, ग्रामीणों ने विधायक सुश्री लता उसेण्डी का जताया आभार
रायपुर, 28 जुलाई 2026

आदिवासी बहुल कोण्डागांव जिले के विकासखंड माकड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत भिरागांव के ग्रामीणों का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। आजादी के 79 वर्षों बाद ग्राम पंचायत भिरागांव से सड़क पारा बरकई तक 5 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन संपन्न हुआ। लगभग 703.07 लाख रुपए की लागत से बनने वाली यह सड़क कग्रामीणों की बहुप्रतिक्षित मांग थी।
भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेण्डी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सड़क निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से जर्जर सड़क के कारण विशेषकर बरसात के मौसम में आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। विद्यार्थियों, किसानों एवं मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सड़क बनने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों का आवागमन आसान होगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
इस अवसर पर ग्रामवासियों ने विधायक सुश्री लता उसेण्डी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप गांव को यह बहुप्रतीक्षित सौगात मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि सड़क निर्माण से भिरागांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम, श्री बालकुंवर प्रधान, श्री अनिल अग्रवाल, श्री दीपेश अरोरा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री श्री केदार कश्यप
मंत्री ने की विभागीय कामकाज की समीक्षा किसानों के हित में दिए कड़े निर्देश
रायपुर, 28 जुलाई 2026

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के सभाकक्ष में सहकारिता विभाग की एक महत्वपूर्ण एवं उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विभाग की 16 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और मैदानी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

सहकारिता को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
समीक्षा बैठक के दौरान सहकारिता के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा मुख्य ध्येय प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और प्रदेश के प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है। डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से किसानों का भरोसा सहकारिता प्रणाली पर और मजबूत होगा।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा एवं कड़े निर्देश:
बैठक में उपस्थित अधिकारियों, प्रबंध संचालकों, संभागीय संयुक्त आयुक्तों, उप/सहायक आयुक्तों तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मंत्री श्री कश्यप ने प्राथमिकताओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्ययोजना बनाकर दुग्ध उत्पादन तथा प्रसंस्करण करने के दिए निर्देश
बैठक में मंत्री श्री केदार कश्यप ने छतीसगढ़ में डेयरी तथा मत्स्य सोसाइटियों के कार्य प्रणाली को सक्रिय करने का निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ में दुग्ध सोसाइटियों को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ एओयू के तहत कार्ययोजना बनाकर दुग्ध उत्पादन तथा प्रसंस्करण करने के निर्देश दिए।
डिजिटलाइजेशन एवं पारदर्शिता:
पैक्स (PACS) के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए ताकि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे।
किसान कल्याण व ऋण-खाद, बीज वितरण:
अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, समय पर उर्वरक (खाद), बीज एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई। प्रदेश के किसानों को कोआपरेटिव्ह बैंको के माध्यम से चालू खरीफ सीजन 2026 हेतु 8800 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 14 लाख से अधिक किसानों को 6932 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 79 प्रतिशत है। बैठक में मंत्री श्री कश्यप द्वारा अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण के निर्देश दिया गया।
बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार:
ग्रामीण अंचलों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का विस्तार करने तथा माइक्रो ए.टी.एम. की उपलब्धता बढ़ाकर डिजिटल बैंकिंग को सुलभ बनाने पर बल दिया गया।
गोदाम निर्माण एवं नवगठित पैक्स
100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण व RIDF योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई, साथ ही नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए। बैठक में आराईडीएफ अंतर्गत आबंटित 725 गोदामों में 712 गोदामों के निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई है। शेष 13 गोदाम के जल्द ही निर्माण पूर्ण किये जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।
जन-शिकायतें एवं ई-ऑफिस
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने तथा कार्यालयों में ई-ऑफिस और आधार-बेस्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए।
धान उपार्जन का अंतिम निराकरण:
धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने के आदेश दिए गए। बैठक के अंत में मंत्री श्री केदार कश्यप ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिये।
इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ सी.आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाए छत्तीसगढ़ श्री रमेश शर्मा, मार्कफेड एमडी श्री जितेंद्र शुक्ला, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक श्री के एन कांडे, अपर पंजीयक श्री यू बीएस राठिया, अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत व सहकारिता विभाग व अपेक्स बैंक के अधिकारीगण तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित रहे।
राष्ट्रमंडल खेलों में सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने रचा इतिहास, रजत पदक जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी हार्दिक बधाई
राजनांदगांव की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराकर प्रदेश को किया गौरवान्वित
रायपुर, 28 जुलाई 2026
ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में छत्तीसगढ़ की होनहार भारोत्तोलक सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे प्रदेश में हर्ष और गर्व का माहौल है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की बेटी ने विश्व मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल भारत, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुश्री ज्ञानेश्वरी की सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां खेल, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव की यह सफलता महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायी मिसाल है और यह राज्य की हजारों युवतियों को बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को खेलों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्णिम सफलता की कामना की है। यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा, गौरव और उत्साह का प्रतीक बन गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कांकेर जिला अस्पताल सहित विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण
मरीजों व परिजनों से मुलाकात कर जाना हालचाल
रायपुर, 28 जुलाई 2026



प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल आज कांकेर जिला प्रवास के दौरान कोमलदेव शासकीय जिला चिकित्सालय पहंुचे, जहां पर उन्होंने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। साथ ही इस दौरान मरीजों व उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने अलबेलापारा स्थित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया।
जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज आयोजित संभाग स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक के उपरांत स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने जिला अस्पताल में हाल ही में शुरू किए गए एमआरआई सेवाओं का अवलोकन किया तथा प्रतिदिन आने वाले औसतन मरीजों की जानकारी ली। साथ ही मरीजों के साथ आए उनके परिजनों से भेंट कर जिला अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं के संबंध में फीडबैक लिया। इसके उपरांत प्रथम तल में स्थित आईपीडी कक्ष में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर सेहतपुर्सी की जानकारी ली। कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बारदेवरी से आई मरीज श्रीमती कलावती प्रधान, ग्राम लेण्डारा की मलेरिया से पीडि़त मरीज श्रीमती श्यामबाई यादव तथा श्री प्रवीण तारम का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इसके उपरांत वे अलबेलापारा स्थित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र पहंुचे जहां पर उन्होंने चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी ली। इस दौरान शिशु चिकित्सा कक्ष में जाकर भर्ती मरीजों से उनकी सेहत का हालचाल जाना तथा मलेरिया से ग्रसित कक्षा चौथी का मरीज समीर उईके से भेंट की।
स्वास्थ्य मंत्री ने शिशुओं की माताओं से भी मिलकर चर्चा की और घरों के आस-पास साफ सफाई रखने, गड्ढों मे पानी जमा न होने देने व लार्वा न पनपने देने की समझाइश भी दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, स्वास्थ्य संचालक डॉ. संजीव झा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, मेडिकल कॉलेज कांकेर की डीन डॉ. यास्मीन खान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरसी ठाकुर सहित स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक व स्टाफ मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन सरकार में गांव-गांव पहुंच रही डिजिटल सेवाएं
सेवा-सेतु पोर्टल बना ग्रामीणों का भरोसेमंद साथी घर के नजदीक ही मिला ऑनलाइन विवाह प्रमाण-पत्र
रायपुर, 28 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में लगातार प्रभावी पहल की जा रही है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उसके घर के निकट उपलब्ध हों। इसी सोच को साकार करने में सेवा-सेतु पोर्टल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल के जरिए लोगों को अनेक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश में डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देते हुए शासकीय सेवाओं को नागरिकों के द्वार तक पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। सेवा-सेतु पोर्टल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासकीय सेवाओं की पहुंच को आसान और पारदर्शी बनाया है। इससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
इस पहल का सकारात्मक उदाहरण गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिवनी (सिलवारीटोला) में देखने को मिला। यहां सेवा-सेतु ऑपरेटर श्री खिलावन सिंह पोट्टाम ने आवेदक लवकुश मरावी को सेवा-सेतु केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन विवाह प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया। पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हुई। हितग्राही को किसी भी शासकीय कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े और घर के नजदीक ही आवश्यक सेवा प्राप्त हो गई।
हितग्राही लवकुश मरावी ने बताया कि पहले विवाह प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज़ बनवाने के लिए कई बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त आवश्यकता होती थी। अब सेवा-सेतु केंद्र के माध्यम से यह कार्य बेहद सरल, त्वरित और सुविधाजनक हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस जनहितकारी व्यवस्था तथा सेवा-सेतु केंद्र के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है।
सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सेवाओं के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन को भी नई गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे ऐसे प्रयास नागरिकों के जीवन को अधिक सरल, सुगम और सुविधाजनक बना रहे हैं तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की संकल्पना को साकार कर रहे हैं।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता को स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में किया गया रेखांकित
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वीडियो कॉल पर ज्ञानेश्वरी को कॉन्क्लेव की दिखाई झलक, सभी ने खड़े होकर ताली बजाकर दी बधाई
रायपुर. 28 जुलाई 2026


राजधानी रायपुर में स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के दौरान उस समय भावपूर्ण नजारा देखने को मिला जब उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने वीडियो कॉल पर कॉमनवेल्थ गेम्स में सोमवार को रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव को कॉन्क्लेव और इसमें भागीदारी कर रहे नामचीन विशेषज्ञों की झलक दिखाई। ज्ञानेश्वरी को स्क्रीन पर देखकर कॉन्क्लेव में मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर ताली बजाकर उन्हें रजत पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और देश को गौरवान्वित करने पर बधाई दी।
ज्ञानेश्वरी ग्लासगो से वीडियो कॉल पर कॉन्क्लेव से जुड़ी थीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव पर खुशी जताते हुए सबकी शुभकामनाओं, सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच में भारत का प्रतिनिधित्व करने और छत्तीसगढ़ का नाम यहां तक लेकर आने में बहुत मेहनत लगी है। आप सब के आशीर्वाद से ही यह संभव हो पाया है। इसके लिए मैं सभी को दिल से धन्यवाद देती हूं।
राज्यपाल श्री डेका से वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सौजन्य भेंट की
रायपुर, 28 जुलाई 2026


राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सौजन्य भेंट की।
विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई
कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत
"आपने देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है, आगे भी नई ऊंचाइयां हासिल करें" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर, 28 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपसे प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी मुलाकात हुई थी और आज आपकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।