छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर में ड्रंक एंड ड्राइव पर बड़ी कार्रवाई, एक रात में पकड़ाए 42 नशेड़ी चालक
रायपुर । सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए रायपुर यातायात पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ सघन अभियान चलाते हुए एक ही रात में 42 नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर कार्रवाई की। यह विशेष अभियान 26 जुलाई की रात सहायक पुलिस आयुक्त सतीष कुमार ठाकुर के नेतृत्व में शहर के 9 प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर चलाया गया।
ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच के दौरान 20 कार, 7 पिकअप, 10 ट्रक, 4 दोपहिया और 1 ऑटो मैजिक चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 3,753 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना भी इसका उद्देश्य है।
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा ने नागरिकों से अपील की है कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद वाहन न चलाएं। जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी या परिवार के किसी सदस्य की सहायता लें। उन्होंने कहा कि रायपुर को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए यातायात पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी।
एक अगस्त ओरल हाइजिन डे के उपलक्ष्य ओरल हेल्थ से जुड़े सुझाव_
_एक अगस्त ओरल हाइजिन डे के उपलक्ष्य ओरल हेल्थ से जुड़े सुझाव_
कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा
2047 के स्वर्णिम भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम
दुर्गम चोटियों से लेकर डिजिटल दुनिया तक, सुरक्षा और सजगता ही सच्ची राष्ट्रभक्ति
रायपुर, 27 जुलाई 2026


पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।
कारगिल विजय: स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा
मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।
दैनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची देशभक्ति
उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।
सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, परिसर और डिजिटल मीडिया में भी जरूरी
डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।
2047 का विजन: विकसित भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़
. मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल
गौरेला में बालक अयांश को मिला वॉकर, समावेशी शिक्षा अभियान के तहत शासन का मानवीय प्रयास बना प्रेरणा
रायपुर, 27 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को केवल विद्यालय तक सीमित न रखकर प्रत्येक बच्चे के जीवन में समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक आवश्यक सुविधाएं और सहायक उपकरण पहुंचाने का अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड संसाधन केंद्र गौरेला द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बालक अयांश को चलने-फिरने में सुविधा और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए वॉकर उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच है कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब समाज का सबसे कमजोर और विशेष सहयोग की आवश्यकता रखने वाला व्यक्ति भी शासन की योजनाओं का समान रूप से लाभ प्राप्त करे। इसी भावना के अनुरूप प्रदेश सरकार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सहायक उपकरण, पुनर्वास सेवाएं, विशेष शिक्षण, चिकित्सकीय सहयोग तथा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
अयांश को वॉकर उपलब्ध कराए जाने से उसके जीवन में नई उम्मीद का संचार हुआ है। अब वह अधिक सहजता से चल-फिर सकेगा, विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा सकेगा और अपने दैनिक कार्य भी पहले की अपेक्षा अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाएगा। उसकी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि शासन की छोटी-सी संवेदनशील पहल भी किसी परिवार के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन का संकल्प है कि कोई भी बच्चा अपनी शारीरिक चुनौतियों के कारण शिक्षा और विकास के अवसरों से वंचित न रहे। प्रत्येक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि वॉकर जैसे सहायक उपकरण बच्चों के लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, स्वाभिमान और स्वतंत्र जीवन की नई शुरुआत होते हैं। ऐसे प्रयास बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को भी नई दिशा देते हैं।
प्रदेश में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरणों का वितरण, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षकों के माध्यम से शिक्षण, अभिभावकों का परामर्श तथा नियमित अनुवर्ती सहयोग जैसे अनेक कार्य सतत रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना तथा उसे समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जोड़ना है।
कार्यक्रम में बीआरसी समन्वयक श्री संतोष सोनी, फिजियोथेरेपिस्ट सुश्री प्राची पीटर्स, स्पेशल एजुकेटर श्री राजेन्द्र साहू, बीआरपी श्री प्रवीण कुमार चौधरी तथा श्री अजय जोशी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अयांश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित समावेशी शिक्षा की ऐसी संवेदनशील पहलें प्रदेश के हजारों विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, स्वाभिमान और नई संभावनाओं का संचार करती रहेंगी।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल से वनांचल के लमनी और खुडि़या में 20-20 लाख रुपए की लागत से बने आधुनिक प्रतीक्षालय शेड
सोलर ऊर्जा, रात्रि विश्राम, भोजन एवं मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित होंगे श्रद्धालुओं के नए पड़ाव
रायपुर, 27 जुलाई 2026

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर पंचायत विभाग द्वारा सुदूर वनांचल के ग्राम लमनी और खुडि़या में 20-20 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण कराया गया है।श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर पदयात्रा करने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस वर्ष बड़ी राहत मिली है। वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में विश्राम, पेयजल, प्रकाश और भोजन बनाने जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करने वाले कांवडि़यों के लिए अब सुरक्षित और सुविधायुक्त विश्राम स्थल उपलब्ध हो गए हैं।
ये नवनिर्मित प्रतीक्षालय कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित पड़ाव के रूप में विकसित किए गए हैं। यहां रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हो सकेगी।
लमनी में पहला सुरक्षित पड़ाव, सोलर ऊर्जा से होगा रोशन
ग्राम लमनी कांवडि़यों का पहला प्रमुख पड़ाव माना जाता है। अब तक यहां सीमित संसाधनों के बीच श्रद्धालुओं को खुले स्थानों पर रात्रि विश्राम करना पड़ता था। बरसात, अंधेरा और घने जंगलों के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं को देखते हुए लमनी बैरियर के समीप निर्मित नए प्रतीक्षालय शेड में सुरक्षित रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष रूप से यहां सोलर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध रहेगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इसी प्रकार ग्राम खुडि़या में भी 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रतीक्षालय शेड कांवडि़यों के लिए राहत का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। अब यात्रा के दौरान दोनों स्थान श्रद्धालुओं के प्रमुख विश्राम स्थलों के रूप में उपयोगी साबित होंगे।
वर्षों पुरानी समस्या का हुआ स्थायी समाधान
कांवड़ यात्रा का मार्ग घने जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ वनांचल ग्रामों से होकर गुजरता है। हजारों श्रद्धालु कई दिनों तक पैदल यात्रा कर भगवान शंकर के मंदिरों तक पहुंचते हैं। लंबे समय से इन मार्गों पर सुरक्षित रात्रि विश्राम और मूलभूत सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। श्रद्धालुओं की इस लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचायत विभाग के माध्यम से लमनी और खुडि़या में आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण सुनिश्चित कराया, जिससे वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सका।
यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं का भी प्रबंध
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास केवल प्रतीक्षालय निर्माण तक सीमित नहीं हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर अन्य व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। यात्रा के दौरान आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। मार्गों की मरम्मत और आवश्यक रिपेयरिंग कर यात्रा को सुरक्षित बनाया जा रहा है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
भोलेनाथ के भक्तों की सुविधा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभावनाओं का महापर्व है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ के भक्तों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रतीक्षालयों का निर्माण, स्वास्थ्य शिविर, सड़क मरम्मत, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और सुविधा के साथ अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।
कांवडि़यों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि पहले वनांचल क्षेत्रों में रात्रि विश्राम के दौरान काफी परेशानियां होती थीं। बारिश और अंधेरे के बीच यात्रा करना तथा सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहद कठिन होता था। लमनी और खुडि़या में बने नए प्रतीक्षालय शेडों से अब बड़ी राहत मिलेगी। रात्रि विश्राम, भोजन बनाने और प्रकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है। श्रद्धालुओं ने इन जनहितकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ आने वाले वर्षों तक हजारों कांवड़ यात्रियों को मिलता रहेगा।
राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने की सौजन्य भेंट
रायपुर, 27 जुलाई 2026
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका और उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा के बीच प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
राज्यपाल श्री डेका ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन तथा नवाचार को बढ़ावा देने के संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री से चर्चा की।
इस दौरान प्रदेश के विश्वविद्यालयों की विभिन्न समस्याओं और उनके निराकरण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई।
विद्यालय की समस्याओं को लेकर NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जल्द समाधान का मिला आश्वासन
रायपुर । रायपुर NSUI जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी के निर्देशानुसार जिला महासचिव दिव्यांश श्रीवास्तव के नेतृत्व में सोमवार को हीरापुर स्थित वामन राव लाखे स्कूल में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर विद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। NSUI ने बताया कि विद्यालय के शौचालयों की नियमित साफ-सफाई नहीं होने से वहां अत्यधिक गंदगी एवं दुर्गंध बनी रहती है। साथ ही विद्यार्थियों को शौचालय जाने की अनुमति केवल लंच ब्रेक अथवा सीमित समय के लिए दिए जाने के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा विद्यालय में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने, कुछ शिक्षकों के विद्यार्थियों के प्रति अनुचित एवं असम्मानजनक व्यवहार तथा खेलकूद एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित आयोजन नहीं होने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। NSUI का कहना है कि इन समस्याओं का विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विद्यालय के प्राचार्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विद्यालय में व्याप्त सभी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे तथा 18 अगस्त तक अधिकांश समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।
NSUI ने कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के हित में आगे की रणनीति बनाकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
सांपों के साथ सह-अस्तित्व का संदेश, सोनबरसा में रेस्क्यू एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
वन्यजीव संरक्षण के लिए बलौदाबाजार वनमंडल की अभिनव पहल
वन अमले और युवाओं को विषैले-अविषैले सांपों की पहचान तथा सुरक्षित रेस्क्यू का दिया गया प्रशिक्षण
रायपुर, 27 जुलाई 2026


सांपों के साथ सह-अस्तित्व का अर्थ है उनके प्राकृतिक व्यवहार को समझना, डर को कम करना और सुरक्षित तरीके अपनाना। सांप पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी हैं क्योंकि वे चूहों और कीटों की संख्या को नियंत्रित रखते हैं। घर के आसपास घास, लकड़ी के ढेर या कबाड़ न जमा होने दें ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले। घर के आसपास चूहों व अन्य कृन्तकों को न पनपने दें, क्योंकि भोजन की तलाश में ही सांप घरों का रुख करते हैं।
वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में अभिनव पहल
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के वन्यजीव संरक्षण के व्यापक विजन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के मार्गदर्शन में बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में अभिनव पहल की गई। वनमंडल द्वारा सोनबरसा वन विहार में ‘सांपों के साथ सह-अस्तित्व : स्नेक रेस्क्यू एंड अवेयरनेस वर्कशॉप-2026’ का सफल आयोजन किया गया।
अविषैले सांपों की पहचान और सुरक्षित रेस्क्यू के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यशाला का उद्देश्य वन विभाग के मैदानी अमले और युवाओं में सांपों को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना तथा उनके प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करना था। कार्यशाला में विषैले और अविषैले सांपों की पहचान, उनके व्यवहार, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका और सुरक्षित रेस्क्यू के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
वैज्ञानिक जानकारी से दूर की गईं भ्रांतियां
मानव-सर्प संघर्ष को कम करने के उपायों पर चर्चा
कार्यशाला के पहले सत्र का आयोजन वनमंडल कार्यालय, बलौदाबाजार में किया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और पर्यावरण संतुलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। सर्पदंश से जुड़ी भ्रांतियों, आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा मानव-सर्प संघर्ष को कम करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
सोनबरसा वन विहार में दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला के दूसरे सत्र का आयोजन सोनबरसा वन विहार में किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने सर्प रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को रेस्क्यू उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास में छोड़ने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने साझा किया अपना अनुभव
कार्यशाला में फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) छत्तीसगढ़ की स्टेट लीड डॉ. मंजीत कौर बाल, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला, बेमेतरा के मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह बाल तथा FES के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री नरेंद्र कुमार यादव, श्री अंचल ठाकुर और श्री मानव राज ने विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से सर्प रेस्क्यू की नवीन तकनीकों की जानकारी दी।
वन अमले और ‘युवान’ वॉलंटियर्स ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
कार्यशाला में बलौदाबाजार वनमंडल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों से वन अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षा श्रमिक और ‘युवान (YUVAN)’ वॉलंटियर्स शामिल हुए। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया और वन्यजीव संरक्षण में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि सांप प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके प्रति वैज्ञानिक समझ और जागरूकता विकसित कर ही मानव-सर्प संघर्ष को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम वन अमले की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में वन्यजीवों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के सफल आयोजन में वन विभाग और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के बीच प्रभावी समन्वय रहा। आयोजन में वन परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार सुश्री एकता कर और उनके समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
मत्स्य कृषकों को स्पॉन संवर्धन योजना का लाभ, निःशुल्क मत्स्य बीज एवं तकनीकी मार्गदर्शन
वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की पहल, आय बढ़ाने और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि पर जोर
छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित स्पॉन संवर्धन योजना के तहत प्रदेश में आदिवासी मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी एवं प्रतापपुर के चार अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को निःशुल्क गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज (स्पॉन) एवं नर्सरी जाल वितरित किए गए।
मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदेई में तैयार उच्च गुणवत्ता वाले स्पॉन को सुरक्षित ऑक्सीजन पैकिंग के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुंचाया गया, जिससे परिवहन के दौरान मत्स्य बीज की गुणवत्ता और जीवित रहने की क्षमता बनी रहे। स्पॉन के बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रत्येक हितग्राही को नर्सरी जाल भी उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने हितग्राहियों को तालाब की वैज्ञानिक तैयारी, स्पॉन संचयन, नर्सरी प्रबंधन, जल गुणवत्ता संरक्षण तथा आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इससे मत्स्य कृषकों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
मत्स्य पालन विभाग का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज, आवश्यक संसाधन एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना तथा राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। विभाग की यह पहल ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
संवेदनशील सुशासन की सशक्त मिसालः पक्षाघात से पीडि़त दिव्यांग महिला के घर पहुंची आधार सेवा, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनकेंद्रित शासन व्यवस्था का दिखा मानवीय चेहरा
जिला प्रशासन की पहल से घर पर ही पूरी हुई आधार संबंधी प्रक्रिया, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं आवश्यक शासकीय सेवाएं
रायपुर, 27 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित सुशासन की परिकल्पना लगातार साकार हो रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता की प्रेरक मिसाल पेश करते हुए पक्षाघात से पीडि़त मरवाही निवासी दिव्यांग महिला श्रीमती रामकली गुप्ता को उनके घर पहुंचकर आधार संबंधी आवश्यक सेवा उपलब्ध कराई। यह पहल इस बात का सशक्त प्रमाण है कि साय सरकार की प्राथमिकता केवल जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक समय पर, सहज, सम्मानजनक और सुलभ शासकीय सेवाएं पहुंचाना है।
जानकारी के अनुसार श्रीमती रामकली गुप्ता पक्षाघात से पीडि़त हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उनके लिए आधार सेवा केंद्र तक पहुंचना संभव नहीं था। परिवार द्वारा आधार संबंधी आवश्यक सेवा की जरूरत बताने पर जिला प्रशासन ने तत्काल संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की। आधार ऑपरेटर श्री अंशु गुप्ता स्वयं उनके निवास पहुंचे और घर पर ही आधार संबंधी समस्त आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई। इससे न केवल मरीज को अनावश्यक परेशानी से राहत मिली, बल्कि उनके परिजनों ने भी प्रशासन की इस मानवीय पहल के प्रति संतोष और आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश में ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को उसकी परिस्थितियों के अनुरूप सहज, सरल और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध हों। विशेष रूप से दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल शारीरिक असमर्थता के कारण शासकीय सेवाओं से वंचित न रहे।
यह पहल सुशासन, सेवा और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। घर-घर तक सेवाएं पहुंचाने की ऐसी पहलें न केवल आम नागरिकों का विश्वास मजबूत कर रही हैं, बल्कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितैषी प्रशासन की सकारात्मक छवि को भी और अधिक सशक्त बना रही हैं।
सेवा सेतु से नागरिक सेवाएं हुआ सुलभ : मुकेश कुमार को ऑनलाइन मिला विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
रायपुर 27 जुलाई 2026
राज्य सरकार की डिजिटल सुशासन के माध्यम से शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंच रही है। कोण्डागांव जिले के जनपद पंचायत केशकाल के ग्राम खुटपदर निवासी मेहतरीन नेताम और उनके पति मुकेश कुमार नेताम के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं आवश्यक दस्तावेजी कार्यों में इसकी जरूरत पड़ती है, लेकिन पहले इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था और कई बार कार्यालयों के चक्कर भी लगाने पड़ते थे।
सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने पर उन्होंने विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का निर्णय लिया। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पोर्टल पर जमा किया गया। पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होने के कारण आवेदन बिना किसी परेशानी के पूर्ण हो गया। आवेदन के सत्यापन के बाद निर्धारित समय-सीमा में उनका विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इससे उन्हें न केवल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली, बल्कि समय और अनावश्यक खर्च की भी बचत हुई।
मुकेश नेताम ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुलभ हो गई हैं। अब वे बिना किसी परेशानी के आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर सका, जिससे उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा मिल रही है। उन्होंने जिले के नागरिकों से सेवा सेतु पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं
रायपुर, 28 जुलाई 2026
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी वीर जवानों, अधिकारियों एवं उनके परिवारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत प्रहरी है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने में सीआरपीएफ के जवान अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वाेच्च समर्पण के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सीआरपीएफ के वीर जवान मातृभूमि की रक्षा, आतंकवाद एवं नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। उनका शौर्य और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सभी जवानों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ नमन करता है।
मत्स्य कृषकों को स्पॉन संवर्धन योजना का लाभ, निःशुल्क मत्स्य बीज एवं तकनीकी मार्गदर्शन
वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की पहल, आय बढ़ाने और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि पर जोर
रायपुर, 27 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित स्पॉन संवर्धन योजना के तहत प्रदेश में आदिवासी मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी एवं प्रतापपुर के चार अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को निःशुल्क गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज (स्पॉन) एवं नर्सरी जाल वितरित किए गए।
मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदेई में तैयार उच्च गुणवत्ता वाले स्पॉन को सुरक्षित ऑक्सीजन पैकिंग के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुंचाया गया, जिससे परिवहन के दौरान मत्स्य बीज की गुणवत्ता और जीवित रहने की क्षमता बनी रहे। स्पॉन के बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रत्येक हितग्राही को नर्सरी जाल भी उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने हितग्राहियों को तालाब की वैज्ञानिक तैयारी, स्पॉन संचयन, नर्सरी प्रबंधन, जल गुणवत्ता संरक्षण तथा आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इससे मत्स्य कृषकों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
मत्स्य पालन विभाग का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज, आवश्यक संसाधन एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना तथा राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। विभाग की यह पहल ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रदेश में अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज
छत्तीसगढ़ में अब तक 85% बारिश, मैदानी इलाकों में जमकर बरसे बदरा
रायपुर, 27 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में बारिश का असमान वितरण देखने को मिल रहा है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 27 जुलाई की स्थिति में जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। यह बीते 10 वर्षों की औसत बारिश (494 मि.मी.) का 85.2 प्रतिशत है। औसतन आंकड़ों के लिहाज से स्थिति भले ही सामान्य के करीब नजर आ रही हो, लेकिन जिलों के धरातलीय आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य छत्तीसगढ़ यानी मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में अब भी पानी की दरकार है।
इस मानसून में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में औसत के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ 181.5 फीसदी (694.3 मि.मी.) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही महासमुंद (123.2%), बलरामपुर (125.5%), जांजगीर-चांपा (117.6%), बलौदाबाजार (114.0%), सक्ती (113.7%) और राजधानी रायपुर (111.1%) में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे यहाँ के नदी-नाले उफान पर हैं और खेती-किसानी के काम में तेजी आई है। इसके अलावा बिलासपुर (102.5%), दुर्ग (105.1%) और मुंगेली (100.6%) में भी वर्षा का कोटा लगभग पूरा हो चुका है।
दूसरी ओर बस्तर संभाग का बीजापुर जिला राज्य में सबसे पीछे है, जहाँ अब तक महज 42.9 प्रतिशत (387.5 मि.मी.) बारिश ही हो पाई है। कमोबेश यही स्थिति सुकमा (45.0%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (51.8%), कांकेर (54.0%), कोण्डागांव (54.4%), बस्तर (54.5%) और सरगुजा (69.0%) जिलों की भी है, जहाँ बारिश का आंकड़ा सामान्य के आधे के आसपास ही अटका हुआ है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 7.6 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जिसमें महासमुंद में सर्वाधिक 37.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 34.4 मि.मी. और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 33.4 मि.मी. वर्षा हुई। वहीं बलरामपुर, कोरिया, मोहला-मानपुर, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी है।
रायपुर : संवेदनशील सुशासन की सशक्त मिसालः पक्षाघात से पीडि़त दिव्यांग महिला के घर पहुंची आधार सेवा, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनकेंद्रित शासन व्यवस्था का दिखा मानवीय चेहरा
जिला प्रशासन की पहल से घर पर ही पूरी हुई आधार संबंधी प्रक्रिया, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं आवश्यक शासकीय सेवाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित सुशासन की परिकल्पना लगातार साकार हो रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता की प्रेरक मिसाल पेश करते हुए पक्षाघात से पीडि़त मरवाही निवासी दिव्यांग महिला श्रीमती रामकली गुप्ता को उनके घर पहुंचकर आधार संबंधी आवश्यक सेवा उपलब्ध कराई। यह पहल इस बात का सशक्त प्रमाण है कि साय सरकार की प्राथमिकता केवल जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक समय पर, सहज, सम्मानजनक और सुलभ शासकीय सेवाएं पहुंचाना है।
जानकारी के अनुसार श्रीमती रामकली गुप्ता पक्षाघात से पीडि़त हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उनके लिए आधार सेवा केंद्र तक पहुंचना संभव नहीं था। परिवार द्वारा आधार संबंधी आवश्यक सेवा की जरूरत बताने पर जिला प्रशासन ने तत्काल संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की। आधार ऑपरेटर श्री अंशु गुप्ता स्वयं उनके निवास पहुंचे और घर पर ही आधार संबंधी समस्त आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई। इससे न केवल मरीज को अनावश्यक परेशानी से राहत मिली, बल्कि उनके परिजनों ने भी प्रशासन की इस मानवीय पहल के प्रति संतोष और आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश में ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को उसकी परिस्थितियों के अनुरूप सहज, सरल और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध हों। विशेष रूप से दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल शारीरिक असमर्थता के कारण शासकीय सेवाओं से वंचित न रहे।
यह पहल सुशासन, सेवा और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। घर-घर तक सेवाएं पहुंचाने की ऐसी पहलें न केवल आम नागरिकों का विश्वास मजबूत कर रही हैं, बल्कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितैषी प्रशासन की सकारात्मक छवि को भी और अधिक सशक्त बना रही हैं।
रायपुर नगर निगम का बड़ा फैसला, अब मनमाने पोस्टर लगाने पर जुर्माना
रायपुर । राजधानी रायपुर में अब सार्वजनिक स्थानों पर मनमाने ढंग से पोस्टर, बैनर और फ्लेक्स लगाना महंगा पड़ेगा। रायपुर नगर निगम ने आउटडोर एडवरटाइजमेंट पॉलिसी-2024 के तहत सभी 10 जोनों में पोस्टर लगाने के लिए निशुल्क निर्धारित स्थान तय कर दिए हैं। तय स्थानों के अलावा कहीं भी पोस्टर चिपकाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
नगर निगम ने शहर में अनधिकृत विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत ई-चालान प्रणाली लागू की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
दुकानों पर भी लागू होंगे नए नियम
नई व्यवस्था के तहत दुकानदार अब अपनी दुकान पर केवल प्रतिष्ठान और संचालक का नाम ही प्रदर्शित कर सकेंगे। किसी भी कंपनी, ब्रांड, ऑफर, डिस्काउंट, एलईडी डिस्प्ले या अन्य प्रचार सामग्री लगाने के लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
बिना अनुमति ब्रांडिंग या विज्ञापन सामग्री लगाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अनधिकृत विज्ञापनों पर तय हुआ जुर्माना
नगर निगम ने विभिन्न प्रकार के अनधिकृत विज्ञापनों के लिए जुर्माने की राशि भी निर्धारित की है।
बिना अनुमति दुकान पर ब्रांडिंग, ऑफर, एलईडी डिस्प्ले या प्रचार सामग्री लगाने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना।
अनधिकृत होर्डिंग लगाने पर कम से कम 1 लाख रुपये का जुर्माना।
बिना अनुमति बल्क विज्ञापन पर 10 हजार रुपये प्रति आयोजन।
बिना अनुमति हवाई विज्ञापन पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना।
इन स्थानों पर लगा सकेंगे मुफ्त पोस्टर
नगर निगम ने प्रत्येक जोन में पोस्टर लगाने के लिए निशुल्क स्थान निर्धारित किए हैं।
जोन-1: दम्मानी पेट्रोल पंप, गुढ़ियारी पड़ाव, पैराडाइज होटल
जोन-2: एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड
जोन-3: जोन कार्यालय, एक्सप्रेस-वे सर्विस रोड
जोन-4: पुराना धरना स्थल, बूढ़ातालाब
जोन-5: गोल चौक, लाखेनगर, चंगोराभाठा
जोन-6: आईएसबीटी, पौनी पसारी, 100 बिस्तर अस्पताल बाउंड्री
जोन-7: कबीर चौक फ्लाईओवर
जोन-8: पौनी पसारी सब्जी मंडी
जोन-9: मढ़िया तालाब, जोरा, फुंडहर पानी टंकी
जोन-10: जोन कार्यालय, अमलीडीह गौठान
20 करोड़ के विज्ञापन बाजार पर निगम की नजर
नगर निगम अब शहर के विज्ञापन कारोबार को व्यवस्थित करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। अब तक निगम की आय मुख्य रूप से होर्डिंग और यूनीपोल से होती थी, लेकिन नई नीति के तहत दुकानों की ब्रांडिंग, ऑफर बोर्ड, दिशा-सूचक और अन्य आउटडोर विज्ञापनों को भी अनुमति व्यवस्था के दायरे में लाया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम को विज्ञापन शुल्क से 20.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
निगम ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
राजस्व उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा ने कहा कि नई व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए विज्ञापन एजेंसियों, प्रिंटरों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नियमों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
रायपुर में 1.21 करोड़ की चोरी, घर का रसोइया निकला मास्टरमाइंड...
रायपुर । राजधानी रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन अपार्टमेंट में हुई करीब 1.21 करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में घर में काम करने वाले रसोइए महेंद्र कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए हैं, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
परिवार के बाहर जाते ही रची साजिश
पुलिस के अनुसार वारदात उस समय हुई, जब परिवार किसी काम से नया रायपुर गया हुआ था। मौके का फायदा उठाकर रसोइए महेंद्र कुमार यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की साजिश को अंजाम दिया।
अलमारी तोड़कर उड़ाए लाखों रुपये और जेवर
आरोपियों ने घर की अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे 51 लाख रुपये नकद और करीब 70 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की।
पूछताछ में खुला राज
जांच के दौरान पुलिस का शक घर में काम करने वाले रसोइए महेंद्र कुमार यादव पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर मिले सुरागों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए हैं।
साथियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें और कौन-कौन शामिल था। मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है।