छत्तीसगढ़ / रायपुर
राज्यपाल श्री डेका से महिला आयोग की अध्यक्ष ने भेंट की
रायपुर, 21 जुलाई 2026
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सौजन्य भेंट की।
जनजातीय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगा शबरी वाचनालय -श्री डेका
रायपुर, 21 जुलाई 2026

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उद्घाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय एक दूरदर्शी पहल है, जो जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास एवं व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली बालिकाएं ज्ञान एवं शिक्षा के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करेंगी। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगी।
उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को केवल आश्रय और शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रसेवा की भावना भी प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण राज्य है। यहां की संस्कृति का संबंध रामायण काल की परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में अनेक समानताएं हैं तथा दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है। ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय इंटरनेट और तकनीक का युग है। तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच ही जीवन को सार्थक बनाती है। संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रह सकता है। जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत विगत कई दशकों से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन एवं सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का यह प्रयास वास्तव में प्रेरणादायी है। उन्होंने संस्था के संस्थापकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के समर्पण भाव की सराहना करते हुए उनके सेवा कार्यों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, सचिव श्री अनुराग जैन, संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सहयोगी तथा शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार श्री विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परिजनों से की चर्चा, बेहतर इलाज और हरसंभव सहायता का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री बोले - प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं श्री विक्रम यादव, उपचार में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी
रायपुर, 21 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार तथा आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव के कलेक्टर तथा मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सकों से भी चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को श्री विक्रम यादव के उपचार पर विशेष ध्यान देने, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि उपचार के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी तो राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्री विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी बांसुरी और लोक कला के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। ऐसे कलाकार प्रदेश का गौरव हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के साथ उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में समर्पित किया है। आवश्यकता की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सरकार का नैतिक दायित्व है।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली से पहचान बनाने वाले श्री विक्रम यादव लंबे समय से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की पहल की है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के इस गौरवशाली लोक कलाकार के स्वास्थ्य और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उनके उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर, 21 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होना केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें लोगों की सेवा का जो अवसर मिला है, वह ईश्वर का आशीर्वाद और समाज का विश्वास है। इस अवसर का उपयोग आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में युवा प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और सेवा भावना से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
सौजन्य मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों में सुश्री सुष्मिता सिंह, सुश्री वैभवी अग्रवाल, सुश्री दर्शना सिंह बघेल, श्री रौनक अग्रवाल, श्री अजय गुप्ता, श्री अंकित सकनी, श्री डायमंड ध्रुव एवं श्री संजय डहरिया सहित उनके परिजन उपस्थित थे।
राज्यपाल को प्रमुख लोकायुक्त ने सौंपा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन
रायपुर ।
राज्यपाल रमेन डेका से मंगलवार को लोकभवन में प्रमुख लोकायुक्त इंदर सिंह उबोवेजा ने भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ लोक आयोग के गतिविधियों की जानकारी दी और आयोग का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक आयोग के सचिव दीपक अग्रवाल, उप सचिव चित्रलेखा सोनवानी, कानूनी सलाहकार अजीत कुमार राजभानु एवं आयोग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विष्णु कैबिनेट की बैठक 22 को
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 22 जुलाई को पूर्वान्ह 11.30 बजे से कैबिनेट की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।
सरजू बांधा शमशान घाट के लिए महापौर ने दिए 5 लाख, पाइपलाइन भी हुई दुरुस्त
रायपुर।
कृष्ण मित्र फाउंडेशन के अध्यक्ष माधव लाल यादव के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मुलाकात कर मुक्तिधाम की समस्याओं से अवगत कराया।
फाउंडेशन ने बताया कि मुक्तिधाम का शवदाह शेड काफी समय से क्षतिग्रस्त था जिससे अंतिम संस्कार में बाधा आ रही थी। साथ ही परिसर की पाइपलाइन भी खराब थी।
महापौर ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए शेड की मरम्मत के लिए ₹5,00,000 की राशि तत्काल स्वीकृत कर दी। साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को भी ठीक करवाया गया। अब गर्मी में पेड़-पौधों की सिंचाई और संस्कार में आने वाले लोगों को पानी की दिक्कत नहीं होगी।
इस जनहितैषी कार्य के लिए फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल जिसमें उपाध्यक्ष रतन बैद, सचिव गोवर्धन झंवर, संजय चंद्राकर, धन्नू लाल देवांगन, रवि धनगर, राजेश ठाकुर ने महापौर जी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष माधव लाल यादव ने कहा कि शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
रिमझिम रिमझिम बारिश में वेलकम मानसून का प्रत्युषा फाउंडेशन रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा वृंदावन हॉल सिविल लाईन में *वेलकम मानसून बॉलीवुड थीम* पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया ......
प्रत्युषा फाउंडेशन* कि संस्थापिका प्रीति दास मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में 40 से अधिक महिलाएं शामिल हुई थी सभी बॉलीवुड अभिनेत्री की छवि के रूप में तैयार होकर आई हुई है
स्मार्ट मीटर ने आम जनता का बजट बिगड़ा : कन्हैया
बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ 23 जुलाई को कांग्रेस का जंगी धरना
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल एवं असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ आम जनता में बढ़ते भारी आक्रोश और लगातार आ रहे अत्यधिक बिजली बिलों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट मांग की है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें वहां से तुरंत निकाला जाए, नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और बढ़े हुए बिजली बिलों के मामलों की निष्पक्ष जांच कर उनका त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को राजीव गांधी चौक पर होगा एक दिवसीय धरना।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को हटाने, नई स्थापना पर रोक लगाने और बढ़े हुए बिजली बिलों से त्रस्त जनता को राहत दिलाने की मांग को लेकर 23 जुलाई, गुरुवार को कांग्रेस जनों द्वारा राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि धरना प्रदर्शन में स्मार्ट मीटर और बिजली बिल की मार झेल रहे कांग्रेसजनों के साथ पीड़ित नागरिक भी शामिल होंगे। यह आंदोलन सोई हुई प्रदेश सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने का काम करेगा।
हर घर से आ रही शिकायतें, दोगुना-तिगुना आ रहा बिल
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि जब से प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से हर घर से लगातार शिकायतें आ रही हैं। लोगों के बिजली बिल पहले की तुलना में दोगुने और तिगुने तक बढ़ गए हैं। इसके कारण आम और मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। हर परिवार इस अघोषित आर्थिक लूट को लेकर भारी आक्रोश में है, लेकिन सरकार जनता की सुध लेने को तैयार नहीं है।
जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और प्रकोष्ठ अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने पीड़ित नागरिकों, उपभोक्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे 23 जुलाई को आयोजित इस एक दिवसीय धरने में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। कांग्रेस पार्टी आम जनता के हक की इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ रही है। पूरे प्रदेश में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जी के निर्देश पर स्मार्ट मीटर को वापस निकालने के लिए घर-घर जाकर कांग्रेस जनों के माध्यम से फार्म भरवाए जा रहे हैं ।
विशेष लोक अदालत में 32 प्रकरण निराकृत, 73.43 लाख रुपये की अवार्ड राशि पारित
रायपुर।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला न्यायालय मुंगेली एवं तहसील न्यायालय लोरमी में परक्राम्य लिखित अधिनियम (चेक बाउंस) प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराते हुए कुल 32 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 73 लाख 43 हजार 595 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
जिला न्यायालय में विशेष लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, पक्षकार एवं न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए जिला न्यायालय मुंगेली में तीन तथा तहसील न्यायालय लोरमी में एक, कुल चार खंडपीठों का गठन किया गया। विशेष लोक अदालत के लिए परक्राम्य लिखित अधिनियम (चेक बाउंस) से संबंधित 152 लंबित प्रकरणों को चिन्हित कर सुनवाई के लिए रखा गया। सुनवाई के दौरान आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर 32 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली और 73 लाख 43 हजार 595 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। विशेष लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के साथ-साथ पक्षकारों के समय, श्रम एवं आर्थिक संसाधनों की भी बचत हुई।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताःउप मुख्यमंत्री शर्मा
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जिले के आठ स्वास्थ्य संस्थानों को कवर्धा में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणन केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की बेहतर कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति संवेदनशील सेवाओं का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पलानसरी, मिनमिनिया, गोछिया, वीरेंद्रनगर, गौरमाटी, धरमगढ़, गेंदपुर एवं रंजीतपुर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्रदान किए।
कबीरधाम जिले की 60 शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह प्रमाणपत्र स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध उत्कृष्ट गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं एवं रोगी-केंद्रित देखभाल का प्रमाण है। यह उन संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, समर्थन सेवाएं, नैदानिक सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण तथा गुणवत्ता प्रबंधन जैसे कठोर मानकों पर खरे उतरते हैं।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार व्यापक तैयारी करनी होती है। इसके बाद जिला एवं राज्य स्तरीय टीम संस्था का निरीक्षण कर दस्तावेजों का परीक्षण, साक्षात्कार, साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों एवं जांच किट की उपलब्धता, भवन की स्थिति, जल एवं विद्युत आपूर्ति तथा मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करती है। प्रत्येक मानक में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद ही संस्था राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण हेतु सक्षम पोर्टल पर आवेदन करती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य शासन द्वारा जिले के 73 स्वास्थ्य संस्थानों को प्रमाणीकरण हेतु तैयार करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरुद्ध कबीरधाम जिले ने 91 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों (125 प्रतिशत) में गुणवत्ता सुधार का कार्य प्रारंभ कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इन 91 स्वास्थ्य संस्थानों में से 60 संस्थानों का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण पूर्ण हो चुका है, जबकि 12 संस्थानों के परिणाम लंबित हैं तथा 19 संस्थानों में तैयारी जारी है। इनमें जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया, एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 52 उप स्वास्थ्य केंद्रों का प्रमाणीकरण पूर्ण हो चुका है।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक से प्रमाणित होने के बाद उप स्वास्थ्य केंद्रों को 2.16 लाख रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 3 लाख रुपये, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय को प्रति बेड 10 हजार रुपये की दर से प्रतिवर्ष तीन वर्षों तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ. वीरेन्द्र साहू, श्री नितेश अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
जंगलेसर मोखला एनीकट के कार्यों के लिए 4.69 करोड़ रूपए स्वीकृत
रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड-राजनांदगांव की जंगलेसर मोखला एनीकट के डाउनस्ट्रीम में बैंक प्रोटेक्शन कार्य के लिए 4 करोड़ 69 लाख 99 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
मूंग की उन्नत किस्म GAM-5 से बदलेगी क्षेत्र के किसानों की तकदीर
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में कृषि विभाग और छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसानों को प्रमाणित उन्नत बीजों की मिनी-किट निःशुल्क प्रदान की जाती है। जीएएम-5 (GAM-5) मूंग की एक बेहतरीन और अत्यधिक उपज देने वाली किस्म है जो 60-65 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और पीले मोज़ेक (YMW) रोग के प्रति प्रतिरोधी है। मूंग की बुवाई को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को अनुदान पर प्रमाणित मूंग बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग की आत्मा योजना के अंतर्गत क्षेत्र के किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने तथा उन्नत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में अंबिकापुर में एक स्थानीय किसान ने कृषि विभाग के सहयोग से मूंग की उन्नत बुवाई कर क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है।
आत्मा योजना के तहत एटीएम (कृषि तकनीकी प्रबंधक) अंजू आदिले एवं बीटीएम (ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक) कंचन कुशवाहा द्वारा किसान को मूंग की उन्नत किस्म जीएएम-5 (GAM-5) का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। विभागीय अधिकारियों की देखरेख में किसान ने अपने खेत में पंक्तिबद्ध (लाइन सोइंग) पद्धति से इसकी बुवाई संपन्न की। बुवाई के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसान को खेत की तैयारी, बीज उपचार, उचित दूरी पर बुवाई तथा फसल प्रबंधन के संबंध में गहन तकनीकी जानकारी भी साझा की।
अनुभव साझा करते हुए किसान ने बताया कि परंपरागत खेती (छिटकवां पद्धति) की तुलना में लाइन सोइंग पद्धति कहीं अधिक लाभकारी है। इस आधुनिक तकनीक से पौधों का समान और संतुलित विकास होता है। फसल की देखरेख और निराई-गुड़ाई आसान हो जाती है। पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, जिससे कीट एवं रोगों का प्रकोप होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। किसान ने उम्मीद जताई है कि इस तकनीक से फसल के उत्पादन और गुणवत्ता, दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मूंग एक ऐसी दलहनी फसल है जो बहुत ही कम अवधि में तैयार हो जाती है। इसमें लागत कम आती है, लेकिन यह किसानों को बेहतर आय देने की पूरी क्षमता रखती है। किसान के अनुसार, आत्मा योजना के माध्यम से निःशुल्क उन्नत बीज और समय पर तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उनमें आधुनिक खेती को अपनाने का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किसान ने कहा कि अधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के कारण क्षेत्र के अन्य किसान भी नई कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए भी एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत साबित होगी।
पशुधन विभाग ने घर घर जाकर पशुओं को लगाए ९२ हजार से अधिक टीके
रायपुर।
पशुधन को खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, और लंगड़ा बुखार जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है। इससे न केवल पशुओं की असमय मृत्यु रुकती है, बल्कि उनका दूध व मांस उत्पादन भी सुरक्षित रहता है। पशु चिकित्सा टीकों का महत्व सुरक्षित और कुशल खाद्य उत्पादन तथा पशुओं और मनुष्यों में उभरती और दुर्लभ बीमारियों के नियंत्रण में निहित है। पशु चिकित्सा टीकों का उपयोग पशुधन और मुर्गीपालन में पशु स्वास्थ्य बनाए रखने और समग्र उत्पादन में सुधार के लिए किया जाता है।
मानसून की पहली दस्तक के साथ ही बस्तर के वनांचल जिले नारायणपुर में पशुपालकों की धड़कनें तेज हो जाती थीं। बारिश की फुहारों के साथ घड़सरा, एकटंगिया, लंपी स्किन डिजीज और एंटेरोटॉक्सिमिया जैसी जानलेवा संक्रामक बीमारियों का साया मंडराने लगता था। ये बीमारियां न केवल पशुओं का स्वास्थ्य छीनती थीं, बल्कि दूध उत्पादन घटाकर और इलाज का खर्च बढ़ाकर गरीब पशुपालकों की आजीविका पर भी भारी चोट करती थीं। लेकिन इस वर्ष मानसून की शुरुआत में ही नारायणपुर जिले ने बीमारी के इस खतरे के खिलाफ एक मजबूत श्सुरक्षा कवचश् तैयार कर लिया।
राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कलेक्टर के मार्गदर्शन और उपसंचालक के नेतृत्व में पशुधन विकास विभाग ने 1 जुलाई 2026 से जिलेभर में एक वृहद व सघन निःशुल्क टीकाकरण अभियान का आगाज किया। विभाग की 10 पशु चिकित्सालय एवं औषधालयों की टीमों ने केवल कस्बों तक सीमित न रहकर दूरस्थ, दुर्गम और वनांचल गांवों का रुख किया। बारिश की परवाह किए बिना मैदान में उतरे अमले ने न केवल चौपालों पर जागरूकता फैलाई, बल्कि श्डोर-टू-डोरश् पहुंचकर पशुधन को सुरक्षा टीके लगाए।
विभाग की इस सक्रियता और मुस्तैदी के परिणामस्वरूप जिले में 92,000 से अधिक टीके सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। जिसमें घड़सरा रोधक टीकेः 51,893, लंपी स्किन डिजीज टीके 27,679,एंटेरोटॉक्सिमिया टीके 8,655, एकटंगिया रोधक टीके 4,650 तथा संक्रमण के अन्य खतरों को मात देने के लिए 11,013 पशुओं को कृमिनाशक दवा पिलाई गई और 10,938 पशुओं का किलनीनाशक उपचार किया गया।
स्थानीय पशुपालको का कहना है कि पहले मानसून आते ही चिंता घेर लेती थी कि बीमारी फैली तो इलाज कैसे कराएंगे। अब विभाग की टीम खुद घर तक आकर टीके लगा रही है। हमारे पशु सुरक्षित हैं, दूध का उत्पादन सही है और खेती के काम के लिए बैल भी तंदुरुस्त हैं। समय पर मिली इस डॉक्टरी ढाल से दूरस्थ क्षेत्रों के पशुपालकों के चेहरे पर राहत और मन में अटूट भरोसा लौट आया है।नारायणपुर का यह सघन अभियान केवल एक विभागीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समयबद्ध रोकथाम, जनजागरूकता और बेहतर प्रशासनिक समन्वय की एक मिसाल बन चुका है। इसने साबित कर दिया है कि यदि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाएं, तो न सिर्फ पशुधन की रक्षा की जा सकती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को भी मजबूत और सुरक्षित रखा जा सकता है।
वैज्ञानिक पशुपालन से मिसाल बने धमतरी के धनऊ सोनकर
रायपुर।
धमतरी जिला वैज्ञानिक पशुपालन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है। उन्नत नस्ल के लिए 'कृत्रिम गर्भाधान', 'फोल्डस्कोप' जैसी पोर्टेबल माइक्रोस्कोप तकनीक और गौधामों के सफल संचालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। जिले का ग्राम पुरी कृत्रिम गर्भाधान और उन्नत पशुधन विकास का एक प्रमुख मॉडल है। इसके जरिए दुग्ध उत्पादन में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती, बल्कि संकल्प, वैज्ञानिक सोच और निरंतर परिश्रम का परिणाम होती है।
यह उक्ति धमतरी जिले के ग्राम सिलघट निवासी 75 वर्षीय श्री धनऊ (भजनाहा) सोनकर पर सटीक बैठती है। जहाँ इस उम्र में लोग प्रायः विश्राम को प्राथमिकता देते हैं, वहीं श्री सोनकर अपने अनुशासन, अथक परिश्रम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।श्री सोनकर की दिनचर्या किसी युवा से कम अनुशासित नहीं है। वे प्रतिदिन स्वयं खेतों से अपने गौवंशीय पशुओं के लिए हरा चारा काटते हैं और उसे साइकिल से घर लाते हैं। वर्तमान में उनके पास 4 गौवंशीय पशु हैं। जिसमें 1 एचएफ × जर्सी संकर गाय, 1 गिर × जर्सी संकर गाय,1 गिर नस्ल की बछिया और 1 बछड़ा है।इनकी देखभाल, आहार-पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य प्रबंधन का पूरा दायित्व वे बिना किसी सहायता के स्वयं संभालते हैं।
श्री धनऊ सोनकर पारंपरिक पशुपालन के बजाय वैज्ञानिक तरीकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। जैसे ही गाय हीट में आती है, वे बिना विलंब किए पशु चिकित्सा अमले को सूचित करते हैं। मई-जून की भीषण गर्मी में भी वे 3-4 किलोमीटर साइकिल चलाकर सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी (AVFO) को लाने खुद जाते हैं। क्षेत्र के एवीएफओ श्री चंद्रशेखर निर्मलकर बताते हैं कि पिछले 11 वर्षों से श्री सोनकर नियमित कृत्रिम गर्भाधान (AI) कराकर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली दुग्ध उत्पादक नस्लों के विकास में योगदान दे रहे हैं। वे अवांछित (नाटे) सांडों का समय पर बधियाकरण कराते हैं। इसके साथ ही खुरपका-मुंहपका (FMD), गलघोटू (HS) और लम्पी स्किन डिजीज (LSD) जैसे गंभीर रोगों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करते हैं।
श्री धनऊ सोनकर का कहना है कि पशुपालन केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार है। सही पोषण, समय पर उपचार और वैज्ञानिक प्रबंधन से पशु स्वस्थ रहते हैं और परिवार की आय में निरंतर वृद्धि होती है।धमतरी जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग द्वारा पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और नस्ल सुधार जैसी सुविधाएँ निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। शासन के इन प्रयासों को श्री सोनकर जैसे जागरूक पशुपालक धरातल पर सफल बना रहे हैं।
1000 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में रायपुर का कारोबारी महेंद्र गोयनका गिरफ्तार
रायपुर।
यूरो कंपनी से जुड़े करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी को दिल्ली की अदालत में पेश करने के बाद 10 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
फर्जी दस्तावेजों से कंपनियों पर कब्जे का आरोप
जानकारी के अनुसार, महेंद्र गोयनका पर आरोप है कि उसने मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों में फर्जी दस्तावेज और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर कंपनी के नियंत्रण और करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश की।
शिकायतकर्ताओं हरनीत लांबा और सुरेंद्र सलूजा ने कटनी के कोतवाली और माधवनगर थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, कंपनी का मुख्यालय कोलकाता में होने के कारण वहां भी मामला दर्ज किया गया था।
प्रबंधक रहते हुए की कथित हेराफेरी
शिकायत के मुताबिक, यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में प्रबंधकीय पद पर रहते हुए महेंद्र गोयनका ने अपनी पत्नी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि उसने कंपनी के दो डायरेक्टरों को हटाकर उनकी जगह चार नए डायरेक्टर नियुक्त करवा दिए और वित्तीय लेन-देन में अनियमितता कर करोड़ों रुपये का गबन किया।
जांच एजेंसियों का दावा है कि पूरे मामले में करीब 1000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी हुई है।
कोलकाता और मध्यप्रदेश में दर्ज है मामला
इस मामले में वर्ष 2024 में कोलकाता में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 467, 468 और 471 समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा मध्यप्रदेश में भी शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
कोलकाता पुलिस को सूचना मिली थी कि महेंद्र गोयनका दिल्ली में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत से रिमांड मिलने के बाद आरोपी को कोलकाता ले जाया गया है, जहां उससे धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा रही है।
नेटबॉल प्रतियोगिता में जांजगीर-चांपा ने दुर्ग को हराकर जीता राज्य स्तरीय खिताब
रायपुर।
राजधानी के सप्रे मैदान एवं डिग्री गर्ल्स कॉलेज मैदान में आयोजित 'प्रथम छत्तीसगढ़ सीनियर राज्य स्तरीय मिक्स नेटबॉल प्रतियोगिता' का रंगारंग समापन हुआ। इस रोमांचक टूर्नामेंट में जांजगीर-चांपा की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में दुर्ग की मजबूत टीम को 25-21 के स्कोर से हराकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, राजनांदगांव और गरियाबंद की टीमें संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं।
समापन समारोह छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी अकरम खान के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि में सैयद राजा, उमेश ठाकुर, श्रेयांश जैन
अनील सिंह,एस मोहन राव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुमित मजूमदार उपस्थित थे।
कार्यक्रम में नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह, रायपुर जिला संघ के सचिव अनूप यदु एवं एनएफआई ऑब्जर्वर पवन पटले की विशेष उपस्थिति रही। प्रतियोगिता को सफल बनाने में प्रदेश के विभिन्न जिला संघों के पदाधिकारियों ने सक्रिय योगदान दिया, जिनमें दुर्ग जिला सचिव मोहनराव, धमतरी जिला सचिव गोपाल साहू, सरगुजा जिला सचिव रजत सिंह, सूरजपुर जिला सचिव राहुल सिंह, जशपुर जिला सचिव खुशबू गुप्ता, कोरबा जिला अध्यक्ष खुशबू राठौर, बलौदा बाजार-भाटापारा से संदीप वर्मा, राजनांदगांव से ऋषि मेश्राम, गरियाबंद से अनिल सिंह, शक्ति से चंद्र प्रकाश तिवारी, रायगढ़ से अभिषेक गुप्ता, कांकेर से सुनील सिंह और मुंगेली से स्वप्निल चुनेकर प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय खिलाड़ी इमरान खान, प्रशांत जेकब और अन्य जिलों के अध्यक्ष व सचिवों ने प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
16 जिलों के 250 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ एवं नेटबॉल एसोसिएशन ऑफ रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश से 16 जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया। राउंड-रॉबिन लीग फॉर्मेट में कुल 24 लीग मैच, 4 क्वार्टर फाइनल, 2 सेमीफाइनल और 1 फाइनल मैच खेला गया। प्रतियोगिता में लगभग 250 खिलाड़ी, कोच, मैनेजर और ऑफिशियल शामिल हुए।
राष्ट्रीय टीम के चयन की प्रक्रिया शुरू
नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष मीना केरकेट्टा ने सभी विजेता टीमों को बधाई दी और आगामी 'तीसरी राष्ट्रीय सीनियर मिक्स नेटबॉल प्रतियोगिता' के लिए छत्तीसगढ़ की एक मजबूत टीम तैयार करने पर जोर दिया। एसोसिएशन के महासचिव राजेश राठौर ने बताया कि इस प्रतियोगिता के आधार पर 8 पुरुष और 8 महिला खिलाड़ियों का चयन कैंप के लिए किया जाएगा। कैंप के पश्चात अंतिम 12 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए होगा। समापन समारोह में रायपुर जिला सचिव अनूप यदु ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
सुदूर जिलों के खिलाड़ियों का दम
इस प्रतियोगिता में केवल बड़े जिलों ने ही नहीं, बल्कि कांकेर और सरगुजा जैसे दूर-दराज के जिलों के खिलाड़ियों ने भी अपने खेल कौशल से सभी को प्रभावित किया और अपना दम दिखाया।