छत्तीसगढ़ / रायपुर
डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें -मुख्य सचिव श्री विकासशील
फसल की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश
नक्शों की त्रुटियों के निराकरण और भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने पर जोर

मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की पूर्णता और शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में फसलें बोई गई है, वहां उसकी वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि पर फसल लगी है या नहीं। फसल वाले क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसल का सटीक और विश्वसनीय विवरण तैयार किया जाना चाहिए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे में दर्ज जानकारी का मौके पर सत्यापन किया जाए तथा कितने खसरों का सत्यापन हुआ है, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए है, कहां त्रुटियां मिलीं है इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड को सुधारने के साथ ही सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी का मिलान कर आवश्यक सुधार करने कहा है।
नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए तकनीकी समाधान तलाशें
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई प्रमुख बाधाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि नक्शों की अनुपलब्धता और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व विभाग इन समस्याओं के निराकरण के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान तलाशे। मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यकतानुसार नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर लिया जाए।
कलेक्टरों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें
मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और सत्यापन कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टरों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के संबंधित अधिकारी गांवों और खेतों के रिकॉर्ड का सत्यापन करें तथा कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। सर्वे की नियमित निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव सुश्री रीना बाबा साहब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार, संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति
छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्ड टीबी मुक्त घोषित


छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन की दिशा में जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए गुरुवार को राज्य में ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गंवा से किया गया साथ ही पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय शुभारंभ जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की जा रही इस पहल के अंतर्गत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों एवं एनसीसी के कैडेटों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्डों खड़गंवा, सोनहत, बतौली व घरघोड़़ा को टीबी मुक्त विकासखण्ड घोषित किया गया। जिन्होंने न सिफ छत्तीसगढ़ में बल्कि पूरे भारत में प्रथम टीबी मुक्त विकासखण्ड होने का गौरव अपने नाम किया।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की ऊर्जा और जनभागीदारी को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर इस अभियान को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार की पूर्णता के साथ टीबी के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ‘जोश टीम’ के माध्यम से माय भारत और एनसीसी से जुड़े युवा अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के संबंध में जागरूक करेंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन का संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर राज्य के वर्ष 2025 हेतु 4676 टीबी मुक्त पंचायतों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने कहा चार विकासखण्डों की उपलब्धि बनी प्रेरणा
छत्तीसगढ़ में पहली बार चार विकासखण्डों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना राज्य के टीबी उन्मूलन अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों तथा समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि इन विकासखण्डों में प्राप्त उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ अन्य विकासखण्डों को भी टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए हर संभावित मरीज की समय पर पहचान एवं जांच, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना और उपचार पूरा करवाना प्राथमिकता है। साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा जनअभियान
कार्यक्रम में माय भारत एवं एनसीसी के जिला अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे टीबी उन्मूलन के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। युवाओं के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच तथा नियमित एवं पूर्ण उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं युवाओं ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
इसी संकल्प के साथ ‘जोश टीम’ के माध्यम से युवाओं की सहभागिता और जनभागीदारी को बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को निरंतर गति देने की बात कही गई।
कला और कल्पनाशीलता से युवाओं ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश
वन्यजीव सप्ताह का समापन, कला और रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों ने दिखाई पर्यावरण के प्रति जागरूकता


वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने वाली युवा प्रतिभाओं को गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में पुरस्कृत किया गया। वन्यजीव सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में कला और ज्ञान आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा रायपुर वनमंडल द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया गया। ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ की थीम पर आयोजित इस सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए प्रकृति और जैव विविधता संरक्षण का महत्व समझा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सप्ताहभर चले आयोजन में कागज की आकृतियां और घोंसलों के प्रतिरूप बनाने, बीजगोलक (सीड बॉल) निर्माण, वन्यजीव छायाचित्रण तथा प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के देवेश मिंज, सिद्धांत नागपुरे और वर्षा साहू क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहे। निबंध प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय की श्रेया साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उपरवारा की शैल्या साहू और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय माना कैंप के आकाश दास ने क्रमशः प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार मिला। वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और प्रकृति आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने तथा जैव विविधता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया।
युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की बड़ी पहल, चार संस्थाओं के साथ एमओयू
टीसीएस, अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर विशेष जोर
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से कराया गया थर्ड पार्टी मूल्यांकन



छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रतिष्ठित औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू), तकनीकी शिक्षा में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
चार संस्थाओं के साथ एमओयू से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण
दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन अवसर पर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की पहल की गई। इन समझौतों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों में उपयोग होने वाले व्यावहारिक कौशल की जानकारी प्राप्त होगी।
इसी प्रकार अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और रोजगार क्षमता में वृद्धि के लिए नांदी फाउंडेशन के सहयोग से सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है। इससे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने विशेष पहल
प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इस मूल्यांकन में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और अन्य आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया है। मूल्यांकन की रिपोर्ट का रोजगार मेला के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय, मंत्री तकनीकी शिक्षा श्री साहेब, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने विमोचन किया। इसमें संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इन सुझावों के आधार पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।
आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक तकनीक आधारित रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम
राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने एवं अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल किया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक दक्षता प्राप्त होगी। इससे वे बदलते औद्योगिक परिवेश में रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा डिजिटल रोजगार पोर्टल को भविष्य में स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इस पोर्टल पर उद्योगों की आवश्यकताओं, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार के इच्छुक युवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।
छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस व्यवस्था के माध्यम से युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं उद्योग एवं नियोजक संस्थाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी। इससे रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी होगी। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय, आधुनिक पाठ्यक्रम, डिजिटल रोजगार सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से चला सेवा संकल्प के साथ स्वच्छता अभियान
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ किया श्रमदान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की सफाई
रायपुर, 09 अक्टूबर 2026
बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चपका स्थित रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इस दौरान ऐतिहासिक मंदिर परिसर, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की साफ-सफाई कर स्वच्छता एवं जलस्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
स्वच्छता अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सभी ने मिलकर नदी घाट, प्राकृतिक जल कुंड और मंदिर परिसर के आसपास फैले कचरे, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट की सफाई की। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने जलस्रोतों को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अभियान में जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छ भारत मिशन की टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने श्रमदान किया
सेवा के रंग–राष्ट्र के संग’ में बिखरे देशभक्ति के रंग, रंगोली और नुक्कड़ नाटक से दिया जनजागरूकता का संदेश धरसीवां में सेवा संकल्प अभियान के तहत भव्य आयोजन, विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से दिखाई राष्ट्रप्रेम की भावना नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश, युवाओं ने लिया विकसित भारत के निर्माण का संकल्प
रंगोली में उभरी राष्ट्रभक्ति की भावना, विद्यार्थियों की रचनात्मकता ने मोहा मन
कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से ओतप्रोत आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं। रंगोली प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रप्रेम, एकता और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया। रंगों के माध्यम से प्रस्तुत देशभक्ति की भावना ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और दर्शकों को प्रभावित किया।
नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। इसके माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, सामाजिक कुरीतियों और जनजागरूकता से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक ने यह संदेश दिया कि जागरूक और जिम्मेदार युवा ही स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित समाज की आधारशिला हैं।
विद्यार्थियों ने लिया विकसित भारत 2047 के निर्माण में भागीदारी का संकल्प
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ ली। विद्यार्थियों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए स्वच्छता, नशामुक्ति, सामाजिक सद्भाव, जनसेवा और देश के सर्वांगीण विकास में योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी समझने और समाज के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला प्रभारी श्री सुरेंद्र पाटनी, पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की उपाध्यक्ष एवं ‘रंग राष्ट्र’ की जिला प्रभारी श्रीमती चंद्रकांती वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला सेन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिनेश खूंटे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज चंद्रवंशी, श्रीमती सविता चंद्राकर एवं श्री हरिशंकर निषाद और जनपद पंचायत धरसीवां के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आशीष केशरवानी, तहसीलदार श्री राजकुमार साहू, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया। ‘सेवा के रंग–राष्ट्र के संग’ के माध्यम से कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ राष्ट्रभक्ति, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका का प्रभावशाली संदेश दिया गया।
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन के रोजगार विभाग द्वारा 7 एवं 8 अक्टूबर 2026 को सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आज उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। प्रदेश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में युवाओं ने इस आयोजन में भाग लेकर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाया। दो दिनों के दौरान 13 हजार से अधिक युवाओं ने रोजगार मेले में सहभागिता की तथा 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से लगभग 1,100 चयनित युवाओं को आफर लेटर किए गए।
रोजगार मेले में प्रदेश के सभी जिलों से युवाओं की उत्साहजनक भागीदारी रही। दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने अपनी शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने के लिए विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रियाओं में भाग लिया। बड़ी संख्या में युवाओं का चयन होने से आयोजन स्थल पर उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण रहा।
95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों के साथ अन्य कंपनियों ने भी रोजगार मेले में सहभागिता की। आयोजन स्थल पर लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए, जहाँ विभिन्न औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्रों की कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया संचालित की गई। रोजगार मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक एवं अन्य शैक्षणिक तथा व्यावसायिक योग्यताओं वाले युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए।
रोजगार मेले की विशेषता यह रही कि अभ्यर्थियों के पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति एवं चयन संबंधी प्रक्रियाओं को ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया गया। इससे रोजगार के अवसरों को युवाओं तक पहुँचाने तथा चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में रोजगार विभाग के साथ-साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की सक्रिय सहभागिता रही। विभिन्न जिलों के रोजगार अधिकारियों, आईटीआई प्राचार्यों, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के प्राचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं ने भी बड़ी संख्या में रोजगार मेले में भाग लिया।
आयोजन के दौरान विभिन्न संस्थाओं के साथ सहयोग एवं समझौता ज्ञापन संबंधी गतिविधियों तथा तकनीकी शिक्षा एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जुड़ी पहलों को भी स्थान दिया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना तथा भविष्य में रोजगार के नए अवसर विकसित करना है।
यह रोजगार मेला केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं, उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच सीधे संवाद और समन्वय का एक महत्वपूर्ण मंच भी बना। आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी उद्योगों की अपेक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
राज्य स्तरीय रोजगार मेले की सफलता ने प्रदेश के युवाओं में रोजगार के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया है। चयनित युवाओं के चेहरों पर खुशी और बेहतर भविष्य की उम्मीद स्पष्ट दिखाई दी। विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने इस प्रकार के बड़े आयोजनों को रोजगार प्राप्त करने का उपयोगी अवसर बताया।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी समय में भी राज्य स्तरीय एवं अन्य रोजगार मेलों का समय-समय पर आयोजन किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
— रोजगार विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत युवा शक्ति एवं जनभागीदारी को टीबी उन्मूलन की दिशा में सक्रिय रूप से जोड़ने के उद्देश्य से ‘जोश टीम’ के शुभारंभ एवं टीबी मुक्त ग्राम पंचायत सम्मान समारोह का आयोजन जिला रायपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री सुनील सोनी जी, रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु जी, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के अपर संचालक श्री इंद्रजीत बर्मन जी, जिला रायपुर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी जी एवं राज्य युवा अधिकारी श्री अर्पित तिवारी जी, श्रीमती मनीषा दमानी जी, राज्य स्तर के अधिकारीगण, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष मैजरवार जी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ‘जोश टीम’ का औपचारिक शुभारंभ, टीबी जनजागरूकता हेतु तैयार फ्लिपबुक का विमोचन तथा My Bharat Volunteers को जनजागरूकता किट प्रदान की गई। जनजागरूकता किट के माध्यम से युवाओं को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच एवं उपचार, टीबी से जुड़े भ्रम एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने तथा समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया।
287 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का सम्मान
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वर्ष 2025 में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में चयनित 287 ग्राम पंचायतों का सम्मान रहा। ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने टीबी उन्मूलन में ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य विभाग, युवाओं तथा आमजन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने का आह्वान किया।
जनभागीदारी से टीबी मुक्त भारत की ओर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि टीबी के विरुद्ध लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। जोश टीम के माध्यम से युवाओं को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर जनजागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं की ऊर्जा, ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, जनप्रतिनिधियों का सहयोग और स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में रायपुर जिले द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने टीबी के लक्षण होने पर समय पर जांच कराने, उपचार पूरा करने, टीबी मरीजों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार रखने तथा टीबी मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।
— जिला प्रशासन, रायपुर / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, रायपुर
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी ने की सफाई कर्मचारियों के कल्याण एवं सुरक्षा संबंधी कार्यों की समीक्षा रायपुर मॉडल को देशभर में लागू करने की जताई इच्छा
आयोग के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी ने उपस्थित अधिकारियों से उनके-अपने विभागों एवं संस्थानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की संख्यात्मक जानकारी लेते हुए उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा, इंश्योरेंस, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र सफाई कर्मचारी तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा संबंधित विभाग नियमित रूप से सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करें।
बैठक में रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में घटित सेप्टिक टैंक दुर्घटना की भी विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें तीन श्रमिकों की मृत्यु हुई थी। इस संबंध में तैयार जांच एवं कार्रवाई प्रतिवेदन पर चर्चा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त, जोन पश्चिम, कमिश्नरेट रायपुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर थाना टिकरापारा में अपराध दर्ज कर वैधानिक विवेचना की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा तीनों मृतक श्रमिकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता तथा परिजनों के लिए अस्पताल में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी इकरारनामा भी निष्पादित किया गया है। प्रकरण में नियमानुसार आगे की विधिक एवं विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
आयोग के उपाध्यक्ष श्री बिहारी ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन तथा संबंधित संस्थानों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिला प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था, जनकल्याण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने प्रोजेक्ट धड़कन, प्रोजेक्ट दृष्टि सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं और नवाचारों के माध्यम से जिले में किए जा रहे कार्यों की जानकारी आयोग के उपाध्यक्ष को दी। श्री कैशब बिहारी ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि रायपुर में किए जा रहे नवाचार देश के अन्य जिलों के लिए भी उपयोगी मॉडल बन सकते हैं और रायपुर के सफल मॉडल को देशभर में लागू करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्री बिहारी को प्रोजेक्ट रचना के तहत तैयार किया गया वॉटर बॉटल बैग भेंट किया।
आयोग के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी ने कहा कि सफाई कार्य को केवल सेवा के रूप में देखने के बजाय इसे सम्मानजनक एवं सुरक्षित रोजगार के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अनुभव और कौशल का उपयोग करते हुए सफाई से संबंधित विभिन्न उपयोगी उत्पादों का निर्माण भी नवाचार के रूप में किया जा सकता है। इससे सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त रोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके कौशल को भी नई पहचान मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करने और सफाई कर्मचारियों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के पश्चात राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष श्री कैशब बिहारी ने संकरी स्थित गार्बेज प्लांट का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं उसके वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कार्य की प्रकृति, कार्यस्थल पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। श्री बिहारी ने अधिकारियों से कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए यह भी जाना कि सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान किस प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने गार्बेज प्लांट में सफाई एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संचालित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात श्री कैशब बिहारी ने आईटीआई सद्दू का भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रोजेक्ट रचना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का विस्तार से अवलोकन किया और प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रोजेक्ट रचना के माध्यम से तैयार किए जा रहे उत्पादों को देखा तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और नवाचार को सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जोड़कर उन्हें नए अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। सफाई कार्य से जुड़े अनुभव और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए ऐसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिनकी बाजार में मांग हो। उन्होंने इस प्रकार के प्रयासों को बढ़ावा देने तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लोगों को स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया। श्री बिहारी ने आईटीआई सद्दू में प्रोजेक्ट रचना के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे कौशल विकास, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त रायपुर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति
छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्ड टीबी मुक्त घोषित
रायपुर, 09 अक्टूबर 2026


छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन की दिशा में जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए गुरुवार को राज्य में ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गंवा से किया गया साथ ही पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय शुभारंभ जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की जा रही इस पहल के अंतर्गत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों एवं एनसीसी के कैडेटों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्डों खड़गंवा, सोनहत, बतौली व घरघोड़़ा को टीबी मुक्त विकासखण्ड घोषित किया गया। जिन्होंने न सिफ छत्तीसगढ़ में बल्कि पूरे भारत में प्रथम टीबी मुक्त विकासखण्ड होने का गौरव अपने नाम किया।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की ऊर्जा और जनभागीदारी को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर इस अभियान को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार की पूर्णता के साथ टीबी के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ‘जोश टीम’ के माध्यम से माय भारत और एनसीसी से जुड़े युवा अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के संबंध में जागरूक करेंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन का संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर राज्य के वर्ष 2025 हेतु 4676 टीबी मुक्त पंचायतों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने कहा चार विकासखण्डों की उपलब्धि बनी प्रेरणा
छत्तीसगढ़ में पहली बार चार विकासखण्डों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना राज्य के टीबी उन्मूलन अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों तथा समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि इन विकासखण्डों में प्राप्त उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ अन्य विकासखण्डों को भी टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए हर संभावित मरीज की समय पर पहचान एवं जांच, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना और उपचार पूरा करवाना प्राथमिकता है। साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा जनअभियान
कार्यक्रम में माय भारत एवं एनसीसी के जिला अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे टीबी उन्मूलन के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। युवाओं के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच तथा नियमित एवं पूर्ण उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं युवाओं ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
इसी संकल्प के साथ ‘जोश टीम’ के माध्यम से युवाओं की सहभागिता और जनभागीदारी को बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को निरंतर गति देने की बात कही गई।
सरगुजा ओलंपिक 2026-27 का खेल महाकुंभ
एमसीबी में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं की तिथियां घोषित
तीन विकासखंडों में 9 से 13 अक्टूबर तक होंगी ब्लॉक स्तरीय स्पर्धाएं
23-24 अक्टूबर को सद्भावना स्टेडियम नई लेदरी में जिला स्तरीय मुकाबले
एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल सहित 12 खेलों में दमखम दिखाएंगे जूनियर और सीनियर खिलाड़ी
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
सरगुजा क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को पहचान, प्रोत्साहन और अपनी क्षमता प्रदर्शन के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरगुजा ओलंपिक 2026-27 के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं की तिथियों घोषण कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस खेल महाकुंभ में जिले के प्रतिभावान खिलाड़ी जूनियर एवं सीनियर वर्ग में विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करने के साथ-साथ युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में खिलाडि़यों के शामिल होने की उम्मीद है।
12 प्रमुख खेल विधाओं में होगी जोरदार प्रतिस्पर्धा
सरगुजा ओलंपिक के अंतर्गत कुल 12 प्रमुख खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, कुश्ती एवं रस्साकशी शामिल हैं।
एथलेटिक्स में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो तथा 4×100 मीटर रिले रेस आयोजित होगी। तीरंदाजी में इंडियन राउंड के अंतर्गत 30 मीटर एवं 50 मीटर की स्पर्धाएं होंगी। इसी तरह कराते में विभिन्न आयु एवं भार वर्ग के अनुसार मुकाबले होंगे। फुटबॉल, बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल एवं बास्केटबॉल में भी खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिताएं केवल जिला स्तर पर आयोजित होंगी। कुश्ती में विभिन्न भार वर्गों में मुकाबले होंगे। वहीं रस्साकशी प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में केवल सीनियर महिला वर्ग के लिए आयोजित की जाएगी।
मनेन्द्रगढ़ में 9-10 अक्टूबर को ब्लॉक स्तरीय मुकाबले
मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएं 09 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक सद्भावना स्टेडियम, नई लेदरी में आयोजित की जाएंगी। जनकपुर विकासखंड की प्रतियोगिताएं 12 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 तक इंद्रप्रस्थ स्टेडियम, जनकपुर में होंगी। वहीं खड़गवां विकासखंड की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएं 12 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2026 तक मिनी स्टेडियम, खड़गवां में आयोजित की जाएंगी। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर चयनित एवं पात्र खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।
23-24 अक्टूबर को होगा जिला स्तरीय आयोजन
सरगुजा ओलंपिक का जिला स्तरीय आयोजन 23 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 तक सद्भावना स्टेडियम, नई लेदरी में किया जाएगा। जिला स्तर पर खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रतिस्पर्धा में शामिल होंगे। विशेष रूप से हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिताएं जिला स्तर पर ही आयोजित की जाएंगी।
14 से 17 वर्ष के खिलाड़ी जूनियर वर्ग में होंगे शामिल
सरगुजा ओलंपिक में प्रतियोगिताओं का आयोजन दो प्रमुख वर्गों में किया जाएगा। जूनियर वर्ग में 14 वर्ष से 17 वर्ष तक के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। वहीं सीनियर वर्ग में महिला एवं पुरुष खिलाडि़यों के लिए आयु की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इससे जिले के किशोर खिलाडि़यों के साथ-साथ विभिन्न आयु वर्ग के अनुभवी एवं उभरते खिलाडि़यों को भी अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
एक खिलाड़ी एक एकल और एक सामूहिक खेल में ले सकेगा भाग
प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रतिभागियों के लिए आवश्यक नियम एवं दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक खिलाड़ी केवल एक एकल खेल एवं एक सामूहिक खेल में ही भाग ले सकेगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाडि़यों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। वहीं मैदान पर उपस्थिति दर्ज कराते समय प्रत्येक खिलाड़ी को अपना पहचान पत्र (आधार कार्ड) तथा बैंक पासबुक की फोटोकॉपी अनिवार्य रूप से साथ लानी होगी।
खेल प्रतिभाओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील
खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा स्थानीय प्रशासन ने जिले के सभी युवा खिलाडि़यों, खेल प्रतिभाओं एवं खेल प्रेमियों से सरगुजा ओलंपिक में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। विभाग का उद्देश्य जिले के प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को बेहतर मंच उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को निखारना और उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। सरगुजा ओलंपिक 2026-27 जिले के खिलाडि़यों के लिए अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन 9 अक्टूबर को सेवा संकल्प कॉनक्लेव में होंगे शामिल
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शुक्रवार 9 अक्टूबर को सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन 9 अक्टूबर को शाम 4.15 बजे नया रायपुर अटल नगर स्थित अपने निवास से रायपुर के टाटीबंध स्थित सिंघानिया सरोवर पोर्टिका के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 5 बजे वे सिंघानिया सरोवर पोर्टिका में आयोजित कॉन्क्लेव में शामिल होंगे। इसके पश्चात वे शाम 5.30 बजे कोरबा के लिए प्रस्थान करेंगे।
निर्माण श्रमिकों के लिए रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण का अवसर
’18 से 30 वर्ष के पंजीकृत श्रमिक और पात्र आश्रित कर सकते हैं आवेदन
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके पात्र आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तीकरण योजना के तहत रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत सीआईपीईटी, रायपुर के माध्यम से प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग ट्रेड में 480 घंटे यानी 80 दिवस का आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान चयनित प्रशिक्षणार्थियों को सीआईपीईटी रायपुर में छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण में प्लास्टिक उत्पादों के विनिर्माण एवं प्रसंस्करण से संबंधित व्यावहारिक कौशल प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण के लिए आवेदक की आयु प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि को 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक अथवा पात्र आश्रित होना चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के तहत 10वीं उत्तीर्ण, अथवा 9वीं उत्तीर्ण के साथ संबंधित कार्य का 1.5 वर्ष का अनुभव, अथवा 8वीं उत्तीर्ण के साथ संबंधित कार्य का 3 वर्ष का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी पात्र होंगे।
इच्छुक पात्र हितग्राही सेवा सेतु केन्द्र/सीएससी सेंटर, जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर एवं सोनहत के श्रम संसाधन केन्द्र तथा श्रम पदाधिकारी कार्यालय बैकुण्ठपुर से आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
श्रम विभाग ने पात्र निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों से अधिकाधिक संख्या में आवेदन कर इस रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की है।
रायगढ़ की 9 ग्राम पंचायतों में खेल परिसरों के विकास के लिए 46.32 लाख रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से ग्रामीण खेल अधोसंरचना को मिलेगी’ मजबूती
धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार में खेल परिसरों में अहाता निर्माण, स्थानीय युवाओं को मिलेंगी बेहतर खेल सुविधाएं
वीबी-जी राम जी के अभिसरण से होंगे निर्माण कार्य, ग्रामीणों को गांव में ही मिलेगा रोजगार
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले के तीन विकासखंडों की 9 ग्राम पंचायतों में खेल परिसरों के अहाता निर्माण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 46 लाख 31 हजार 848 रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस पहल से धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार विकासखंडों के ग्रामीण खेल परिसरों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। बच्चों और युवाओं को खेलकूद, अभ्यास एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
स्वीकृत सभी निर्माण कार्य वीबी-जी राम जी के अभिसरण से कराए जाएंगे। इससे डीएमएफ एवं ग्रामीण रोजगार योजना के संसाधनों का समन्वित उपयोग सुनिश्चित होगा। निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस प्रकार यह पहल ग्रामीण खेल अधोसंरचना के विकास के साथ आजीविका संवर्धन में भी सहायक होगी।
धरमजयगढ़ की 6 ग्राम पंचायतों में 28.24 लाख रुपये के कार्य
धरमजयगढ़ विकासखंड की 6 ग्राम पंचायतों में अहाता निर्माण के लिए लगभग 28.24 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें ग्राम पंचायत खम्हार के लिए 6 लाख 6 हजार 858 रुपये, भोजपुर के लिए 2 लाख 51 हजार 587 रुपये, पुटुकछार के ग्राम थिर्रीआमा के लिए 3 लाख 38 हजार 461 रुपये, कमरई के लिए 5 लाख 5 हजार 53 रुपये, धौराभांठा के लिए 5 लाख 21 हजार 989 रुपये तथा गनपतपुर के लिए 5 लाख 99 हजार 948 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
घरघोड़ा और तमनार में भी विकसित होंगे खेल परिसर
घरघोड़ा विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में लगभग 12.40 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इनमें ग्राम पंचायत घरघोड़ी के लिए 6 लाख 12 हजार 322 रुपये तथा कया के लिए 6 लाख 28 हजार 69 रुपये शामिल हैं। इसी प्रकार तमनार विकासखंड की ग्राम पंचायत सराईपाली में अहाता निर्माण के लिए 5 लाख 67 हजार 561 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ की राशि का उपयोग जनहित और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए कर रही है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खेल सुविधाओं और अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण खेल परिसरों की सुरक्षा और उपयोगिता बढ़ेगी। गांवों के बच्चों एवं युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में छत्तीसगढ़ का बड़ा सुधार, भूमि उपयोग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव
भारत सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने संबंधी सुधारों के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने अपनाया नेगेटिव लिस्ट मॉडल
त्रिपुरा, मध्यप्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर भूमि उपयोग नियमों को बनाया गया अधिक सरल और लचीला
आवासीय क्षेत्रों में अस्पताल, स्कूल और कार्यालय जैसी सुविधाओं को अनुमति, औद्योगिक क्षेत्रों में हॉस्टल और श्रमिक आवास का भी प्रावधान
शहरी नियोजन सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ को दो वर्षों में केंद्र सरकार से मिली 885 करोड़ रुपये की सहायता
रायपुर, 8 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने, निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और शहरी विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किया है। भारत सरकार द्वारा डीरिगुलेशन (Deregulation) और अनुपालन बोझ कम करने (Compliance Burden Reduction) के लिए सुझाए गए सुधारों के अनुरूप राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इस बदलाव से भूमि उपयोग संबंधी प्रावधान अधिक सरल, स्पष्ट और लचीले होंगे तथा आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में किए गए इन सुधारों का उद्देश्य शहरी नियोजन व्यवस्था को बदलती आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाना है। नई व्यवस्था में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए नेगेटिव लिस्ट (Negative List) आधारित मॉडल अपनाया गया है। इससे भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक जटिलताएं कम होंगी और नागरिकों, उद्यमियों तथा निवेशकों को अधिक सुविधा मिलेगी।
शहरी नियोजन सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ को मिली 885 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता
भारत सरकार की विशेष सहायता योजना (Special Assistance to States for Capital Investment-SASCI) के अंतर्गत शहरी नियोजन सुधारों को अपनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय पहल की है। इन सुधारों के लिए राज्य को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 800 करोड़ रुपये तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 85 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इस प्रकार दो वर्षों में कुल 885 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिली है।
इसी सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने अब भूमि उपयोग नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह पहल केंद्र सरकार की उस व्यापक नीति के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत राज्यों में नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक प्रतिबंधों को कम करने और निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नेगेटिव लिस्ट मॉडल से भूमि उपयोग में आएगा अधिक लचीलापन
संशोधित भूमि विकास नियमों में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए नेगेटिव लिस्ट आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इस मॉडल के अंतर्गत प्रत्येक भूमि उपयोग श्रेणी में उन गतिविधियों को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया है, जो संबंधित क्षेत्र के लिए अनुपयुक्त हैं। वहीं, अन्य अनुमत्य गतिविधियों के संचालन के लिए अधिक व्यापक अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
इस व्यवस्था का प्रमुख लाभ यह होगा कि भूमि उपयोग से संबंधित नियम अधिक स्पष्ट और व्यावहारिक बनेंगे। बदलती आर्थिक परिस्थितियों, नई व्यावसायिक गतिविधियों और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
भारत सरकार द्वारा सुझाए गए सुधारों के अनुरूप त्रिपुरा, मध्यप्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों ने भी अपने विकास नियंत्रण विनियमों (Development Control Regulations-DCR) में नेगेटिव लिस्ट मॉडल अपनाया है। छत्तीसगढ़ ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए भूमि उपयोग नियमन को अधिक आधुनिक, लचीला और विकासोन्मुख बनाया है।
आवासीय क्षेत्रों में अस्पताल, स्कूल और कार्यालयों को मिलेगी अनुमति
संशोधित नियमों की एक महत्वपूर्ण विशेषता विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के बीच अनुमत्य गतिविधियों का विस्तार है। आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मिश्रित भूमि उपयोग (Mixed Use) को प्रोत्साहित किया गया है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत अस्पताल और स्कूल जैसी जन-आवश्यक सुविधाओं को आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि उपयोग में अनुमत्य किया गया है। इसी प्रकार कार्यालयों को भी आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि उपयोग में अनुमति दी गई है।
इस बदलाव से नागरिकों को अपने निवास स्थान के आसपास ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, आवासीय और कार्यस्थलों के बीच की दूरी कम होने से आवागमन में लगने वाले समय और यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकेगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में हॉस्टल, डॉर्मिटरी और श्रमिक आवास की सुविधा
राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों की आवश्यकताओं को भी भूमि उपयोग सुधारों में विशेष महत्व दिया है। संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों में हॉस्टल, डॉर्मिटरी तथा संबंधित श्रमिकों के लिए आवास जैसी सुविधाओं को अनुमत्य गतिविधियों में शामिल किया गया है।
इससे औद्योगिक इकाइयों के आसपास कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। श्रमिकों को कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा उपलब्ध होने से उनके दैनिक आवागमन में आसानी होगी और औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यक सामाजिक अधोसंरचना के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके अतिरिक्त मनोरंजन भूमि उपयोग श्रेणी में श्मशान एवं कब्रिस्तान से संबंधित आवश्यक गतिविधियों को भी अनुमत्य किया गया है। इस प्रकार संशोधित व्यवस्था में नागरिक सुविधाओं, सामाजिक आवश्यकताओं और आर्थिक गतिविधियों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
निवेश, रोजगार और शहरी विकास को मिलेगी नई गति
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ भूमि उपयोग की आवश्यकताएं भी लगातार बदल रही हैं। आवासीय क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता, व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार और औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सुविधाओं का विकास आधुनिक शहरी नियोजन के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
राज्य सरकार द्वारा किए गए इन सुधारों से भूमि उपयोग संबंधी नियम अधिक व्यावहारिक होंगे और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुविधा मिलेगी। नियमों में स्पष्टता और अनुपालन संबंधी बोझ कम होने से उद्यमियों तथा निवेशकों को भी लाभ मिलने की अपेक्षा है।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राज्य में निवेश के नए अवसर विकसित करने, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और नागरिकों के लिए बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निवेश अनुकूल वातावरण के निर्माण को प्राथमिकता दे रही है। भूमि उपयोग नियमों में किया गया यह संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भारत सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने संबंधी सुधारों के अनुरूप लागू की गई नई व्यवस्था से छत्तीसगढ़ में शहरी नियोजन को अधिक आधुनिक और विकासोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में यह सुधार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जताया गहरा शोक
भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति, उनका अद्वितीय अभिनय और योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा: वित्त मंत्री श्री चौधरी
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने पद्मश्री से सम्मानित भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता श्री नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। उनका निधन भारतीय सिनेमा और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नाना पाटेकर जी ने अपने सशक्त अभिनय, विशिष्ट संवाद अदायगी और प्रभावशाली व्यक्तित्व से भारतीय सिनेमा में अमिट छाप छोड़ी। हिंदी एवं मराठी सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान और यादगार अभिनय को सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से दर्शकों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। उनका कला और सिनेमा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
श्री चौधरी ने दिवंगत अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों और प्रशंसकों को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।
सेवा की कहानी: बेटी के जन्म की खुशी के साथ मिला आर्थिक सहारा
मातृ वंदना योजना बनी बृजकुमारी के परिवार का संबल
रायपुर, अक्टूबर 2026
मातृत्व के सुखद अवसर पर परिवार को आर्थिक संबल मिले तो खुशी और बढ़ जाती है। रायगढ़ जिले के बृजकुमारी यादव के परिवार के लिए मातृ वंदना योजना ऐसी ही मदद लेकर आई। योजना के तहत उन्हें पहले बच्चे के जन्म पर 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। वहीं दूसरे बच्चे के रूप में बेटी की जन्म होने पर उन्हें 6 हजार रुपये की सहायता का लाभ मिला।
बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के लिए दी जाती है योजना के तहत राशि
बृजकुमारी बताती हैं कि बच्चों के जन्म के समय परिवार की जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में सरकार की ओर से मिली आर्थिक सहायता काफी उपयोगी रही। योजना के माध्यम से मिली राशि से उन्हें परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। वह कहती हैं कि मातृ वंदना योजना जैसी सहायता से महिलाओं और परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा मिलता है। अपने अनुभव साझा करते हुए बृजकुमारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण सुनिश्चित करना है। योजना के मुख्य लाभ पहले बच्चे के लिए 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो किस्तों में दी जाती है। दूसरे बच्चे के लिए (यदि वह बालिका हो) 6 हजार रुपये की सहायता एकमुश्त दी जाती है।
योजना का लाभ के लिए निर्धारित पात्रता जरूरी
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पात्र महिलाएं अंतिम मासिक धर्म की तारीख के 570 दिनों के भीतर आवेदन कर सकती हैं। लाभार्थी का नाम आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज होना चाहिए। पंजीकरण के लिए गरीबी रेखा का राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, या अनुसूचित जाति/जनजाति का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा, एक बैंक खाता जो आधार से लिंक हो, होना भी जरूरी है। इच्छुक और पात्र महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर या परियोजना अधिकारी से संपर्क करके इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना : खेल और शॉपिंग कॉप्लेक्स सहित सड़क और नाली के होंगे काम
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की पहल पर 38.23 करोड़ मंजूर
रायपुर. 8 अक्टूबर 2026
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर बिलासपुर नगर निगम के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 38 करोड़ 23 लाख 82 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है। राज्य शासन द्वारा मंत्रालय से आज इसकी प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत बिलासपुर में सिरगिट्टी बन्नाक चौक के पास 12 करोड़ 21 लाख 76 हजार रुपए की लागत से खेल कॉम्पलेक्स और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बनाया जाएगा। योजना के तहत जोन क्रमांक-2 में नर्मदा कोल्ड ड्रिंक से गोकने नाला तक 3 करोड़ 15 लाख रुपए की लागत से नाला निर्माण तथा जोन क्रमांक-7 के खमतराई में 4 करोड़ 58 लाख 39 हजार रुपए की लागत से सड़क और नाली के कार्य होंगे। जोन क्रमांक-8 में इंदिरा विहार के पास 3 करोड़ 90 लाख रुपए से सड़क और व्यावसायिक परिसर भी बनाए जाएंगे।
बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-7 में बहतराई चौक के पास भक्त माता कर्मा चौक से मोपका बायपास तक 9 करोड़ 38 लाख 44 हजार रुपए की लागत से सड़क, नाली और विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे। जोन क्रमांक-7 में ही 4 करोड़ 99 लाख 25 हजार रुपए की लागत से शॉपिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से इन अधोसंरचनाओं के निर्माण से शहर में खेल गतिविधियों के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। साथ ही यातायात और ड्रेनेज की समस्या से मुक्ति भी मिलेगी। नए व्यावसायिक परिसरों के निर्माण से व्यावसायिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने के साथ ही निगम के राजस्व में वृद्धि भी होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोंटा क्षेत्र में सीआरपीएफ के चार जवानों के घायल होने पर जताया दुःख
रायपुर 8 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र स्थित एलाड़मडगु कैंप के समीप आईईडी को निष्क्रिय करने के दौरान सीआरपीएफ के चार जवानों के घायल होने की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घायल जवानों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से सभी घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।