छत्तीसगढ़ / रायपुर
नगर पालिका एव त्रिस्तरीय पंचायत के आगामी आम/उप निर्वाचन माह दिसम्बर 2026 की तैयारियों को लेकर निर्वाचन आयुक्त ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयारी की समीक्षा
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026
आयोग द्वारा स्थानीय निकायो के निर्वाचन के संबंध में निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 30 नवम्बर 2026 को किया जायेगा। आगामी आम एवं उप निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से रिक्त पदों, आरक्षण, परिसीमन की अद्यतन जानकारी ली, साथ ही निर्वाचन हेतु आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री भीम सिंह, सचिव नगरीय प्रशासन श्री अविनाश चंपावत, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित रहे।
पंचायत निर्वाचन - सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरिया एवं कोंडागांव जिलों की 09 ग्राम पंचायतों में सरपंच तथा 126 पंच पदों का आम निर्वाचन प्रस्तावित हैं तथा जनपद पंचायत सदस्य का 01 रिक्त पद, सरपंच के 92 रिक्त पदों, पंच के 721 पदों के लिए उपनिर्वाचन कराया जाना है।
नगरीय निकाय निर्वाचन - नवगठित 02 नगर पंचायत तमनार, जिला रायगढ़ व नगर पंचायत बड़ी करेली, जिला धमतरी के साथ साथ नगरपालिक निगम भिलाई-चरौदा, रिसाली, जामुल एवं बिरगांव सहित ऐसे 15 नगरीय निकाय जिसमें आम निर्वाचन सम्पन्न कराया जाना है। इसके साथ ही एक अध्यक्ष पद (नगर पंचायत, बिलाईगढ़) एवं अलग-अलग निकायों के 06 वार्ड पार्षद का उप निर्वाचन भी कराया जाना है।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को निर्वाचन से संबंधित समस्त तैयारियों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारू निर्वाचन सुनिश्चित करना है इसलिए निर्वाचन संबधी समस्त अपेक्षित कार्यवाही समय सीमा में पूर्ण कर ली जाए।
बस्तर से सहकारिता का नया सूर्याेदय
जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशॉप का शुभारंभ
सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद
अंतिम छोर तक जनमानस को लाभ पहुंचाना ही सहकारिता की सार्थकता-सचिव सहकारिता भारत सरकार डॉ. आशीष भूटानी
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026




मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर जिले के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशॉप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से कार्य जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।
सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।
सत्र के शुभारंभ पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर के जीवट और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रभावशाली खाका खींचा। उन्होंने साझा किया कि मात्र पंद्रह दिन पहले ही यह पूरा क्षेत्र भारी जलभराव से जूझ रहा था और सम्मेलन का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा, लेकिन जिला प्रशासन और पूरी टीम ने इस प्राकृतिक आपदा को चुनौती मानकर बहुत कम समय में परिसर का कायाकल्प कर इसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि अतीत के संघर्षों को पीछे छोड़कर बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई देंगी। सम्मेलन के शुरूआत में देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लघु फिल्म के द्वारा प्रदर्शित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों एवं संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों से संबंधित स्टॉल लगाया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा करने सहित सहकारिता के क्षेत्र में नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में अवगत कराया जाएगा।
बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह दो दिवसीय मंथन देश भर में सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति और दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश
अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन - श्री अरुण साव
त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश
रायपुर ,8 अक्टूबर 2026



उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।
योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें।
निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा।
श्री साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो।
पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश
श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा।
उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त श्री विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश
अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन - श्री अरुण साव
त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश
रायपुर ,8 अक्टूबर 2026



उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।
योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें।
निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा।
श्री साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो।
पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश
श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा।
उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त श्री विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।
तमनार में अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला, बड़ी करेली में रहेगा मुक्त
नवगठित दोनों नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय, लॉटरी से निकला फैसला
रायपुर, अक्टूबर 2026
नवगठित नगर पंचायतों रायगढ़ जिले के तमनार और धमतरी जिले के बड़ी करेली के अध्यक्ष पदों का आरक्षण आज लॉटरी के जरिए तय किया गया। नगर पंचायत तमनार का अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, जबकि नगर पंचायत बड़ी करेली का अध्यक्ष पद अनारक्षित रहेगा। दोनों निकायों में अध्यक्ष पद के आरक्षण की कार्यवाही आज नवा रायपुर में इंद्रावती भवन स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की गई।
शासन द्वारा नियुक्त विहित प्राधिकारी तथा संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर की उपस्थिति में आरक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई। कार्यवाही शुरू होने से पहले उपस्थित नागरिकों को आरक्षण नियम, 1999 में विद्यमान प्रावधानों की जानकारी दी गई।
इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार अध्यक्ष पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई गई। लॉटरी में नगर पंचायत तमनार का अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए तथा नगर पंचायत बड़ी करेली का अध्यक्ष पद अनारक्षित (मुक्त) के लिए आरक्षित घोषित हुआ।
दोनों नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों की आरक्षण की पूरी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न की गई। कार्यवाही के दौरान नगर पंचायत तमनार एवं बड़ी करेली के नागरिकों के साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
ग्राम पंचायतों में लगा हुआ क्यूआर कोड है पारदर्शिता की नई मिसाल
रायपुर अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति देश के विकास में और विकास की प्रत्येक गतिविधि में शामिल हो। यह तभी संभव है जब सारे विकास के कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ हों। पारदर्शिता को अपनाते हुए विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में अब कोरिया जिला के ग्राम पंचायत में वीबीजीरामजी योजना के लाभ से लेकर उसके अनुमेय कार्यों का विवरण भी एक स्कैन दूर है। आज जिले के सभी ग्राम पंचायतों में वीबीजीरामजी योजना के अंतर्गत रोजगार सह आवास दिवस मनाया गया। इस दौरान श्रमिकों ने क्यूआर कोड स्केन कर नई जानकारी हासिल की तथा कार्य की मांग और आवश्यकताओं को चिन्हित किया गया और साथ ही आवास हितग्राहियों के भी तकनीकी समस्याओं को निराकृत किया गया।
सात तारीख यानी रोजगार सह दिवस
ग्राम पंचायतों में जागरूकता का प्रमाण सहजता से देखा जा सकता है। अब सात तारीख केवल चावल उत्सव के लिए नहीं बल्कि अपने ग्राम पंचायत में श्रममूलक महत्वपूर्ण योजना विकसित भारत जीरामजी के लिए एक विशेष दिवस के तौर भी जानी जा रही है। अब सात तारीख को रोजगार सह आवास दिवस की पहचान मिल चुकी है। ग्रामीण नागरिकों को तकनीकी से बढ़ता जुड़ाव, तुरंत प्राप्त होने वाली जानकारी और श्रमिकों को उनकी लाभप्रद योजनाओं के अंतर्गत आने वाली समस्याओं का निराकरण होने से अब रोजगार सह आवास दिवस को विशेष महत्व प्रदान कर रही है।
सबकुछ बता रहा है क्यूआर कोड
जिले की सभी 162 ग्राम पंचायतों में अब विकसित भारत जीरामजी तथा प्रधानमंत्री आवास के जमीनी क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता के लिए अब आधुनिक तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। इसी तारतम्य में सभी ग्राम पंचायत में लगाए गए स्वप्रकटीकरण क्यूआर कोड को आज बड़ी संख्या में पंजीकृत श्रमिकों और आम ग्रामीणों के द्वारा आज स्कैन किया गया और वीबीजीरामजी के अंतर्गत अपने ग्राम पंचायतों में हो पाने वाले 375 प्रकार के कार्यों का विवरण प्राप्त किया गया।
विकसित ग्राम पंचायत प्लान पर हुई बात
रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर आज ग्राम पंचायतों में श्रमिकों ने अपने ग्राम पंचायतों में संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। ग्रामीणों ने एकमत होकर विकसित ग्राम की कार्ययोजना बनाने में गांव के अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के सभी परिवारों को शामिल करने पर चर्चा की। आज ग्राम पंचायतांे में आगामी विकसित भारत ग्राम पंचायत प्लान पर विशेष तौर पर सहभागिता की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही ग्राम पंचायतों में पंजीकृत श्रमिकों की मांग अनुसार स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराए जाने की बात हुई।
आवास की प्रगति पर जोर
रोजगार सह आवास दिवस पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को यथाशीघ्र अपने आवास कार्य पूर्ण कराने हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा उनके निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण किया गया। साथ ही कुछ ग्राम पंचायतों में आज मुख्यमंत्री आवास योजना, जनमन आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को प्रगति देने के लिए तत्काल जियो टेगिंग जैसी लंबित कार्यवाही भी पूर्ण कराई गई।
सेवा की कहानी : बिहान से जुड़कर सनीता बनीं बीसी सखी, स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को मिल रहीं बैंकिंग सुविधाएं
रायपुर, अक्टूबर 2026
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आज आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अपने गांव और आसपास के ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम बालेंगा निवासी श्रीमती सनीता सलाम ऐेसी ही महिला हैं, जिन्होंने बिहान के पूजा स्व सहायता समूह से जुड़कर वर्ष 2018 से बैंकिंग सखी (बीसी सखी) के रूप में कार्य करते हुए ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाया है।
सनीता द्वारा ग्राम बालेंगा, किबड़ा और हरवेल सहित आसपास के ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वे विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशि आहरण में सहायता करने के साथ ही पेंशन, बीमा एवं अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करती हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक तक आने-जाने की परेशानी से राहत मिल रही है। विशेष रूप से वृद्धजनों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो रही है।
बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए सनीता को प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रुपए की आय प्राप्त हो रही है। इस आमदनी से उन्होंने अपनी स्कूटी खरीदी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में उन्हें और सुविधा मिली है। साथ ही उनकी आय से बच्चों की पढ़ाई में भी आर्थिक सहायता मिल रही है। सनीता बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला। बीसी सखी के रूप में कार्य करते हुए वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को घर के नजदीक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे रही हैं। इस तरह बिहान के माध्यम से सनीता जैसी ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के अवसर मिलने के साथ-साथ वे अपने समुदाय के लिए सेवा और आर्थिक सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण कड़ी भी बन रही हैं।
जीपीएम जिले के पीएचसी साधवानी ने एनक्यूएएस में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि
राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा स्वास्थ्य केंद्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही मजबूती
रायपुर,अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साधवानी ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं, मरीजों के अधिकारों, उपलब्ध संसाधनों, सहायक एवं क्लीनिकल सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन तथा परिणाम आधारित सेवाओं सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी साधवानी ने इन मानकों के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप जीपीएम जिले में भी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
जिला कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मरीज-केंद्रित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पीएचसी साधवानी की इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सतत मार्गदर्शन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिला स्तरीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारियों के दौरान फील्ड मॉनिटरिंग, गैप एनालिसिस, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया गया।
पीएचसी साधवानी के चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनक्यूएएस में मिली यह सफलता जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
विकसित भारत 2047 के लिए छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताओं पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित
नागरिक सेवाओं में तकनीक, निवेश, रोजगार, ग्रामीण संपर्क और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर
रायपुर, अक्टूबर 2026
‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ की भूमिका और राज्य की प्राथमिकताओं को तय करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में छठवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियों और प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए निवेश, रोजगार, नागरिक सेवाओं का विस्तार और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। ग्रामीण संपर्क (रूरल कनेक्टिविटी), जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य अधिक ठोस, स्पष्ट और समयबद्ध माइलस्टोन (समय-सीमा) के साथ होने ताकि नागरिकों के जीवन पर इनके सकारात्मक प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके।
*विशेषज्ञों के प्रमुख सुझाव*
खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास और उनसे जुड़ी संभावनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। ऊर्जा सचिव श्री सारांश मित्तर ने अनुपयोगी भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की व्यापक रणनीति साझा करते हुए ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, आदिम जाति विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों व सचिवों ने अपने-अपके विभागों की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।
बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल, उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक, नीति आयोग के सदस्य श्री आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक संपन्न
मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की समीक्षा सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार एवं पार्क विकास से संबंधित चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
अमृत 2.0 की समग्र भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के संबंध में मिशन के अंतर्गत कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं तथा शेष 11 परियोजनाओं की डीपीआर इस माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल प्रदाय योजनाएं के अंतर्गत 37 स्वीकृत परियोजनाओं में से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। बैठक के दौरान जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्य के प्रमुख नगरीय निकायों (अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई एवं दुर्ग) में कुल 333 एमएलडी क्षमता के 9 एसटीपी का निर्माण 465.82 करोड़ रूपए की लागत से कराया जा रहा है। शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से बीते एक माह में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में 04 पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।
अमृत शहरों के लिए जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु उप-योजना के तहत तैयार पुनरीक्षित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष के संकल्प के साथ जिले में निकली सेवा ज्योति यात्रा
स्वामी आत्मानंद विद्यालय से तीन मार्गों पर निकली यात्रा, पीडब्ल्यूडी चौक पर 2047 तक विकसित भारत का लिया सामूहिक संकल्प
रायपुर, अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जिला स्तरीय ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन स्वामी आत्मानंद विद्यालय परिसर से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से प्रेरणा लेते हुए सेवा, समर्पण, जनभागीदारी तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणजनों एवं नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्रीयगान के साथ किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पूर्व गृह मंत्री राम सेवक पैकरा, भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह, बाबूलाल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना से आगे बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा ज्योति यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों से सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लिए ‘सबका प्रयास’ को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम से आभासी माध्यम से ‘विकसित भारत संकल्प सभा एवं सेवा ज्योति’ कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने जनसेवा के 25 वर्षों के सफर को देशवासियों के विश्वास, कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जनता के सहयोग से जुड़ा बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से अब तक के सफर में उन्हें अनेक लोगों और घटनाओं से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता ने विनम्रता, कठिनाइयों ने संघर्ष और आलोचनाओं ने आत्ममंथन करना सिखाया। उन्होंने कहा कि हर संकट ने धैर्य की परीक्षा ली और हर उपलब्धि ने बड़े लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
प्रधानमंत्री ने ‘सबका प्रयास’ को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने देशवासियों के विश्वास और कार्यकर्ताओं के परिश्रम को अपनी शक्ति बताया तथा भारत के लोकतंत्र और संविधान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने सेवा ज्योति यात्रा में शामिल नागरिकों का अभिनंदन करते हुए सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और सामूहिक प्रयास के साथ विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
तीन मार्गों से निकली सेवा ज्योति यात्रा
प्रधानमंत्री के संबोधन के पश्चात सेवा ज्योति यात्रा को तीन अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ाया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय प्रांगण से शहीद भगत सिंह चौक होते हुए पीडब्ल्यूडी चौक तक यात्रा में सहभागिता की।
इसी क्रम में पूर्व गृह मंत्री राम सेवक पैकरा एवं जनप्रतिनिधियों ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय प्रांगण से होटल हसदेव इन होते हुए पीडब्ल्यूडी चौक तक यात्रा में सहभागिता की। वहीं भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह एवं जनप्रतिनिधियों ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय प्रांगण से बीएस मार्ट होते हुए पीडब्ल्यूडी चौक तक यात्रा में सहभागिता की।
तीनों मार्गों से निकली यात्राएं पीडब्ल्यूडी चौक पर पहुंचीं। यहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने एकजुट होकर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में चम्पादेवी पावले, अनिल केसरवानी, लखनलाल श्रीवास्तव, प्रदीप सलूजा, रामनरेश राय, संतोष सिंह, प्रतिमा यादव, धर्मेन्द्र पटवा, विरेन्द्र सिंह राणा, कौशल पटेल, रीमा यादव, अभिषेक पाण्डेय, राजकुमार बधावन, संजय राय, आशीष सिंह, गौरी सिंह, सरोज यादव, रामलाल साहू, द्वारिका जायसवाल, आशीष मजूमदार, प्रवीण सिंह, हीरालाल यादव, पवन शुक्ला, सोनमती उरें, सुशील सिंह, फलेन्द्र कुमार चेरवा, जमुना पाण्डेय, मनोज जैन, आनन्द गुप्ता, रमेष यादव, रामकृष्ण कुर्रे, रामचरित्र द्विवेदी, जवाहर, अरविन्द्र अग्रवाल, मनोज केशरवानी, रामाशंकर सिंह, यशवंती सिंह, जानकी बाई कुसरो, ज्योति गुप्ता, श्यामबाई मरकाम, विरेन्द्र सिंह करियाम, हीरालाल मौर्य, प्रदीप सिंह, नरेश यादव, मनोज गुप्ता, मुनीम सिंह, धीरज कुमार मौर्य, बबीता सिंह, रोहित वर्मा, धरमपाल सिंह एवं पुरूषोत्तम सोनकर सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
विवेकानंद महाविद्यालय में साकार हुआ ‘रंगोली राष्ट्र’ 76×76 फीट की विशाल कलाकृति बनी आकर्षण का केंद्र
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया जिला स्तरीय आयोजन का शुभारंभ, भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को रंगों के माध्यम से दिया जीवंत स्वरूप
विशाल मानव चक्र बनाकर छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों ने लिया ‘विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण और राष्ट्र सेवा का सामूहिक संकल्प
रायपुर, अक्टूबर 2026
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन एमसीबी के सहयोग से शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेंद्रगढ़ के प्रांगण में आज जिला स्तरीय ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडला’ का भव्य आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. श्राबनी चक्रवर्ती के कुशल संरक्षण एवं मार्गदर्शन में महाविद्यालयीन स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के अथक प्रयासों से तैयार की गई 76×76 फीट आकार की विशाल गोलाकार रंगोली ने पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना दिया। विविध आकर्षक रंगों से सजी इस भव्य कलाकृति में भारत सरकार की विभिन्न दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को कलात्मक ढंग से प्रदर्शित कर योजनाओं के माध्यम से देश के विकास और जनसेवा की तस्वीर को जीवंत स्वरूप दिया गया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दोपहर 12 बजे छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह, छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, चंपा देवी पावले तथा जिला संगठन प्रभारी बाबूलाल अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शुभारंभ के पश्चात विशाल रंगोली को आम जनता के अवलोकनार्थ खोला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्यजन उपस्थित हुए।
रंगों में दिखी जनकल्याणकारी योजनाओं की तस्वीर
76×76 फीट की इस विशाल गोलाकार कलाकृति को तैयार करने में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ ने निरंतर मेहनत की। रंगों के आकर्षक संयोजन और रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास की अवधारणा को रंगोली के रूप में प्रदर्शित किया गया। यह विशाल कलाकृति न केवल कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन रही, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने और सेवा, विकास तथा राष्ट्र निर्माण के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम भी बनी।
विशाल मानव चक्र में गूंजा ‘विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प
कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण विशाल रंगोली के चारों ओर बनाया गया मानव चक्र रहा। उपस्थित अतिथियों, छात्र-छात्राओं एवं विशाल जनसमूह ने एकजुट होकर रंगोली के चारों ओर विशाल मानव चक्र का निर्माण किया। इस दौरान सभी ने ‘विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने तथा राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने का सामूहिक ‘सेवा संकल्प’ लिया।
सामूहिक संकल्प के दौरान पूरा महाविद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गूंज उठा। छात्र-छात्राओं और उपस्थित नागरिकों में उत्साह का वातावरण दिखाई दिया और पूरा परिसर राष्ट्र सेवा, एकता एवं विकसित भारत के संकल्प से सराबोर नजर आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा भाव को आगे बढ़ाने का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आज का दिन देश के इतिहास में महत्वपूर्ण है। उसके 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा भाव और विकसित भारत के संकल्प को स्मरण करते हुए उपस्थित जनसमूह से देश की प्रगति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। स्वास्थ्य मंत्री ने महाविद्यालय परिवार द्वारा तैयार की गई विशाल एवं रचनात्मक रंगोली की सराहना करते हुए इस अनूठी पहल के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को राष्ट्र निर्माण, जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों की रही सहभागिता
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह राणा सहित जनभागीदारी समिति के सदस्यगण, नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के पार्षदगण, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण, महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
महाविद्यालय परिवार ने आयोजन को सफल बनाने के लिए उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नागरिकों, पत्रकारों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
तीन चरणों में आयोजित हुआ रंगोली राष्ट्र/भारत मंडला
उल्लेखनीय है कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडला’ का आयोजन एमसीबी जिले में तीन चरणों में किया गया। प्रथम चरण में जिले के प्रत्येक शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में रंगोली राष्ट्र का आयोजन किया गया। इसके बाद द्वितीय चरण में विकासखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें 17×17 फीट आकार की ‘रंगोली राष्ट्र’ तैयार की गई।
इसी श्रृंखला के तृतीय चरण में आज जिला स्तरीय आयोजन शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेंद्रगढ़ परिसर में किया गया। यहां 76×76 फीट की विशाल रंगोली के माध्यम से कला, जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रसेवा, एकता और विकसित भारत की परिकल्पना को एक ही मंच पर साकार किया गया। इस आयोजन ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के संदेश को रचनात्मक एवं जनभागीदारी पूर्ण स्वरूप प्रदान किया।
सेवा संकल्प अभियान में सजी सेवा और संकल्प की रंगोली
120 विद्यार्थियों ने 76×76 वर्गफीट में उकेरे सेवा के रंग, करीब 1200 लोगों ने किया अवलोकन
रायपुर, अक्टूबर 2026

सेवा संकल्प अभियान के तहत उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश से बैकुंठपुर के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय रंगोली का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जिले के 8 उच्च शैक्षणिक संस्थानों से महाविद्यालय स्तर पर चयनित 120 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
विद्यार्थियों ने रासेयो स्वयंसेवकों और प्रभारियों के मार्गदर्शन में 76×76 वर्गफीट क्षेत्र में प्राकृतिक उत्पादों, अनाज, फल-पत्तियों आदि के माध्यम से आकर्षक रंगोली तैयार की। इसकी थीम ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग-आभार एवं संकल्प’ रही। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नामित सर्जिकल स्ट्राइक एवं ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित विशाल रंगोली भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
रंगोली का अवलोकन मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, बैकुंठपुर विधायक श्री भईयालाल राजवाड़े सहित जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, नगर पंचायत पटना के अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता राजवाड़े सहित गणमान्यजन श्री देवेंद्र तिवारी, श्री अम्बिकेश केसरी, श्री कृष्ण बिहारी जायसवाल, श्री शैलेश शिवहरे, श्री पंकज गुप्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार विशाल रंगोली की सराहना की। आयोजन में लगभग 1200 लोगों ने रंगोली का अवलोकन किया।
सेवा की कहानी : कैंटीन संचालन से बनी लखपति दीदी, नीरू निषाद ने मेहनत से बदली परिवार की आर्थिक तस्वीर
कैंटीन, मछली पालन और कृषि से सालाना करीब 2.50 लाख रुपये की आय, 8 महिलाओं को दे रहीं रोजगार
रायपुर, अक्टूबर 2026

सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत खैरागढ़ जिले के ग्राम पासलखैरा की श्रीमती नीरू निषाद ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर मेहनत और स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार का माध्यम तैयार किया है। कभी सामान्य मजदूरी के सहारे परिवार का जीवन-यापन करने वाली नीरू निषाद आज कैंटीन संचालन, मछली पालन और कृषि जैसी गतिविधियों से जुड़कर लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
श्रीमती नीरू समृद्धि महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। परिवार के पास करीब आधा एकड़ कृषि भूमि थी, जिससे होने वाली आय से परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने ऋण लेकर सिलाई का कार्य शुरू किया। इससे परिवार की आय में सुधार की शुरुआत हुई। इसके साथ ही उन्होंने एफएलसीआरपी के रूप में कार्य करते हुए समूह की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में भी योगदान दिया।
*10 लाख से अधिक का ऋण लेकर किया स्वरोजगार में विस्तार*
समूह की सदस्यों के साथ मिलकर ऋण लेकर उन्होंने मछली पालन शुरू किया। धीरे-धीरे इस गतिविधि में अनुभव बढ़ा और वर्तमान में मछली पालन का संचालन वे स्वयं कर रही हैं। समय-समय पर ऋण का नवीनीकरण कर उन्होंने विभिन्न आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाया। अब तक वे 10 लाख रुपये से अधिक का ऋण लेकर उसका उपयोग स्वरोजगार के विस्तार में कर चुकी हैं।
कलेक्टोरेट परिसर में संचालित कर रहीं गढ़ कलेवा
समूह की सदस्यों के साथ मिलकर ऋण लेकर उन्होंने कलेक्टर परिसर, खैरागढ़ में गढ़-कलेवा कैंटीन शुरू की। वर्तमान में कैंटीन का संचालन वे स्वयं कर रही हैं। यहां चाय, नाश्ता और भोजन उचित दरों पर उपलब्ध कराया जाता है। गढ़-कलेवा से उन्हें सालाना करीब 2 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इसके अलावा मछली पालन से लगभग 15 हजार रुपये और कृषि से करीब 30 हजार रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। इस प्रकार विभिन्न गतिविधियों से उन्हें लगभग 2.50 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है।
*आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना*
नीरू भविष्य में गढ़-कलेवा कैंटीन का विस्तार करने के साथ ही टेंट, साउंड सिस्टम और डेकोरेशन का कार्य बड़े स्तर पर शुरू करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य अपनी आजीविका को और मजबूत करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना है। नीरू निषाद की सफलता यह संदेश देती है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर मिले अवसरों का सही उपयोग और निरंतर मेहनत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें रोजगारदाता भी बना सकता है।
विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ निकली सेवा ज्योति यात्रा
श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में कोरबा के घंटाघर स्थित ओपन थिएटर मैदान में सभा आयोजित
रायपुर, अक्टूबर 2026


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कोरबा जिला मुख्यालय के घंटाघर स्थित ओपन थिएटर मैदान में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ आयोजित हुई। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में हुई सभा में प्रधानमंत्री के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए श्रम, उद्योग एवं आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में सेवा, सुशासन, विकास और गरीब कल्याण को प्राथमिकता मिली है। उन्होंने नागरिकों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डीएमएफ के माध्यम से कोरबा जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, आश्रम-छात्रावास और सड़क सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है। वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के कार्य 15 अक्टूबर के बाद तेज किए जाएंगे। शहर के अंडरब्रिज निर्माण की तकनीकी अड़चनें दूर हो गई हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
सभा में मंत्री श्री देवांगन ने उपस्थित जनसमुदाय को ‘विकसित भारत सेवा संकल्प’ की शपथ दिलाई। उन्होंने ओपन थिएटर मैदान में चार फ्लड लाइट लगाने और पुराने बस स्टैंड के रानी रोड के पास स्थित चौक का नाम ‘विकसित भारत चौक’ रखने की घोषणा की। विधायक श्री प्रेमचंद पटेल और श्री गोपाल मोदी ने भी विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी और सेवा कार्यों के महत्व पर विचार रखे।
सभा के बाद ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। हाथों में मशाल लेकर मंत्री श्री देवांगन के नेतृत्व में यात्रा घंटाघर और निहारिका मार्ग से होते हुए सुभाष चौक पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता निभाई।
फूलों की खुशबू के साथ समृद्धि की राह पर कृषक घनश्याम साहू
फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना से गेंदा उत्पादन को मिला बढ़ावा
फसल विविधीकरण से उद्यानिकी खेती को दिया गया व्यावसायिक स्वरूप
रायपुर, अक्टूबर 2026

पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी और पुष्प उत्पादन को अपनाना अब किसानों के लिए आमदनी के नए रास्ते खोल रहा है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम मोहड़ के कृषक श्री घनश्याम साहू ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए पुष्प उत्पादन के साथ सब्जी फसलों का एक शानदार विविधीकृत मॉडल विकसित किया है। रा.पो. फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना (वर्ष 2026-27) से जुड़कर उन्होंने अपनी खेती में एक नई मिसाल पेश की है।
*विविधीकृत खेती का मॉडल*
श्री साहू वर्तमान में कुल 4.83 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे हैं। गेंदा फूल की 1 हेक्टेयर (रा.पो. फ्लोरीकल्चर हब प्रोत्साहन योजना के तहत, खीरा 1.62 हेक्टेयर में, मिर्च 0.81 हेक्टेयर में, कुंदरू 0.40 हेक्टेयर में, लौकी की खेती 1 हेक्टेयर में कर रहे हैं।
*बाजारोन्मुखी दृष्टिकोण*
एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने अलग-अलग पुष्प एवं सब्जी फसलों को अपनाकर अपनी खेती को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया है। गेंदा फूल की धार्मिक, सामाजिक और विभिन्न मांगलिक आयोजनों में लगातार मांग बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर, खीरा, मिर्च, कुंदरू और लौकी जैसी सब्जियों की स्थानीय बाजारों में नियमित खपत होती है। इस समन्वित उत्पादन के जरिए उन्हें बाजार की अलग-अलग आवश्यकताओं से जुड़ने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में वे भूमि की तैयारी, पौध स्थापना, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण और कीट प्रबंधन जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों का पालन कर रहे हैं। श्री घनश्याम साहू की यह पहल साबित करती है कि उपलब्ध भूमि का योजनाबद्ध उपयोग करके उद्यानिकी खेती को अधिक लाभदायक और व्यावसायिक बनाया जा सकता है, जो क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी है।
बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन, 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में जुटेंगे देशभर के वरिष्ठ अधिकारी
रायपुर । बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार से समृद्धि’ की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे। सम्मेलन भारत सरकार के सहकारिता विभाग के सचिव श्री आशीष कुमार भूटानी की अध्यक्षता में होगा। इसमें अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पंकज बंसल तथा भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव श्री सिद्धार्थ जैन भी शामिल होंगे।
सम्मेलन में मल्टीपर्पस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (एम-पैक्स) और दुग्ध समितियों के गठन, एम-पैक्स कंप्यूटरीकरण, सहकारिता में डिजिटल तकनीक के उपयोग, भंडारण क्षमता के विस्तार और सहकारी बैंकिंग के सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा होगी। एम-पैक्स से उर्वरक वितरण और बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं से समन्वय पर भी विचार कर अगले तीन महीनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बताया कि सम्मेलन में 15 राज्यों के सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक भाग लेंगे। सम्मेलन में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और स्थानीय रोजगार को मजबूती देने पर जोर रहेगा।
पहले दिन सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा की जाएगी। विभिन्न राज्य एम-पैक्स व दुग्ध समितियों के गठन, सदस्यता विस्तार, डिजिटल सेवाओं और ऋण उपलब्धता के अनुभव साझा करेंगे। विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना, कारोबार के विविधीकरण तथा प्राथमिक समितियों को राष्ट्रीय निर्यात, जैविक और बीज सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर भी चर्चा होगी।दूसरे दिन नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम आगामी पांच वर्षों के वित्तीय सहयोग तथा राज्यवार लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। एम-पैक्स से उर्वरक व अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता और जिला स्तर के सफल सहकारी मॉडल साझा किए जाएंगे। अधिकारी बस्तर की एम-पैक्स, लघु वनोपज और जनजातीय सहकारी समितियों का भ्रमण भी करेंगे।
नई समितियों और डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पहुंच
सचिव डॉ. प्रसन्ना ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। ‘सहकारिताओं में सहकार’ अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 3.18 लाख नए कृषकों के खाते खोले गए हैं। एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में परिवर्तित किया गया है। राज्य के 2,058 एम-पैक्स में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से अब तक 324 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन हुए हैं।
गोदाम निर्माण से बढ़ रही भंडारण क्षमता
राज्य में एम-पैक्स के लिए 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जा रहे हैं। आरआईडीएफ योजना 2022 के तहत 725 एम-पैक्स में गोदामों का निर्माण किया गया है। वर्ष 2025 में जर्जर गोदाम वाले अथवा गोदाम विहीन 100 एम-पैक्स में गोदाम निर्माण की योजना स्वीकृत कर निर्माण एजेंसियां चयनित की गई हैं। नवगठित 515 एम-पैक्स में भी गोदाम निर्माण प्रस्तावित है।
विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत राज्य के 46 एम-पैक्स चयनित हैं। इनमें 20 के लिए ऋण स्वीकृत हो चुका है, नौ को एएमआई सब्सिडी मिली है और छह में निर्माण शुरू हो गया है।
राष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ाव
राज्य शासन ने उपार्जन के लिए एनसीसीएफ को 14 और नाफेड को 15 जिलों में एजेंसी नियुक्त किया है। एनसीसीएफ में राज्य के 2,058 और नाफेड में 412 एम-पैक्स का पंजीयन हुआ है। वहीं, 1,681 एम-पैक्स को राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, 1,633 को राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति और 1,746 को भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता मिली है।
एथेनॉल संयंत्रों से मूल्य संवर्धन और रोजगार को बढ़ावा
कोंडागांव में 80 केएलपीडी क्षमता के एथेनॉल संयंत्र से स्थानीय मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन और रोजगार सृजन हो रहा है। भोरमदेव में पीपीपी मॉडल पर संचालित 80 केएलपीडी संयंत्र सहकारी शक्कर कारखाने को नियमित और बढ़ती आय प्रदान कर रहा है। पंडरिया, अंबिकापुर और बालोद में तीन और एथेनॉल संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। इनसे कृषि उपज के मूल्य संवर्धन, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।सम्मेलन में इन अनुभवों के आधार पर सहकारी समितियों की पहुंच, सेवाओं और कारोबार के विस्तार की आगामी दिशा पर विचार किया जाएगा।