छत्तीसगढ़ / रायपुर
46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटन से खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता हुई सुनिश्चित
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का जताया आभार
रायपुर, 4 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटित किए जाने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा के विशेष सहयोग से लिया गया यह निर्णय प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि कुछ समय पूर्व नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा से हुई भेंट के दौरान उन्होंने खरीफ सीजन की आवश्यकताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया था, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को अतिरिक्त डीएपी का आवंटन प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूरिया की उपलब्धता पहले से ही पर्याप्त थी और अब अतिरिक्त डीएपी मिलने से खरीफ सीजन के लिए खाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें समय पर डीएपी, यूरिया सहित सभी आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार अन्नदाता के कल्याण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की
परिजनों से फोन पर चर्चा कर जाना स्वास्थ्य : बेहतर उपचार और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
रायपुर, 4 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के अस्वस्थ होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। श्रीमती तीजन बाई वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के मेडिकल आईसीयू में उपचाराधीन हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती तीजन बाई के परिजनों से स्वयं दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि तीजन बाई के उपचार, निरंतर चिकित्सकीय निगरानी तथा सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय पंडवानी शैली और विलक्षण कला-साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनका योगदान राज्य की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि तीजन बाई शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः अपनी अनुपम कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाती रहें।
सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय सेवाओं की राह
रायपुर, 4 जुलाई 2026
शासन की महत्वाकांक्षी पहल सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में प्रभावी साबित हो रहा है। पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में लाभ प्राप्त किया जा रहा है। इससे नागरिकों का समय और धन दोनों बच रहे हैं तथा कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ रही है।
कोरबा जिले की पोड़ी उपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम सुतर्रा निवासी कुमारी निधि सेन ने सेवा सेतु के माध्यम से समयबद्ध सेवा का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने निवास प्रमाण पत्र के लिए ग्राम सुतर्रा स्थित लोक सेवा केंद्र में आवेदन किया। पटवारी प्रतिवेदन सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के उपरांत उनका आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से निराकृत किया गया और उन्हें मात्र एक सप्ताह के भीतर निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।
निधि ने बताया कि आवेदन से लेकर प्रमाण-पत्र प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। उन्हें किसी भी कार्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े, जिससे समय और आर्थिक व्यय दोनों की बचत हुई। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम हुई है। उन्होंने शासन की इस जनहितैषी पहल के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु ने सरकारी सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाया है। समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी सेवा वितरण की यह व्यवस्था सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक भी आसानी से शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
सीएम हेल्पलाइन 1076 से श्रीमती तीजन बाई को मिला नया राशन कार्ड
शिकायत के त्वरित निराकरण से मिली राहत
हितग्राही ने शासन के प्रति जताया आभार
रायपुर 04 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किए जाने से आमजन को राहत मिल रही है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंढा निवासी श्रीमती तीजन बाई मंडावी को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नया राशन कार्ड प्राप्त हुआ है।
ग्राम मेंढा निवासी श्री बलराम मंडावी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कर बताया था कि श्रीमती तीजन बाई मंडावी का नया राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है, जिससे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले का परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई की गई। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए श्रीमती तीजन बाई मंडावी का नया राशन कार्ड जारी कर दिया गया। इसके पश्चात विभाग द्वारा दूरभाष के माध्यम से हितग्राही से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें श्रीमती तीजन बाई मंडावी ने नया राशन कार्ड प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए समाधान पर संतोष व्यक्त किया। श्रीमती तीजन बाई मंडावी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण हुआ और अब उन्हें राशन कार्ड प्राप्त हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की प्रभावी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
’वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर किया सादर नमन’
रायपुर, 4 जुलाई 2026
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने महान राष्ट्रचिंतक, आध्यात्मिक चेतना के अग्रदूत एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपने ओजस्वी विचारों, आध्यात्मिक दृष्टि और राष्ट्रनिर्माण के संदेश से भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन आत्मविश्वास, सेवा, चरित्र निर्माण और मानवता के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरक विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र और समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके आदर्श आत्मबल, ज्ञान, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त करते हैं।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन-दर्शन और उनके विचार सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज बने रहेंगे तथा विकसित और सशक्त भारत के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते रहेंगे।
’वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने पिंगली वेंकैया जी की पुण्यतिथि पर किया पुण्य स्मरण’
रायपुर, 4 जुलाई 2026
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ के अभिकल्पक एवं प्रखर देशभक्त पिंगली वेंकैया की पुण्यतिथि पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पिंगली वेंकैया जी का राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारतीय तिरंगे के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रीय ध्वज केवल भारत की पहचान ही नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिंगली वेंकैया जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, समर्पण और राष्ट्रीय चेतना का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका योगदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन और देशहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि राष्ट्र सदैव पिंगली वेंकैया जी के योगदान का ऋणी रहेगा तथा उनका प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढि़यों को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
धान के बदले वैकल्पिक फसलों पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगी आदान सहायता राशि
दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, 04 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि में फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। योजना के तहत खरीफ सीजन में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
योजना के अंतर्गत अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, मक्का, कपास तथा कोदो, कुटकी और रागी जैसी मोटे अनाज की फसलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य धान पर निर्भरता कम करना, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना तथा भूमि की उर्वरता में सुधार करना है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से यह सत्यापित किया जाएगा कि किसान ने धान के स्थान पर स्वीकृत वैकल्पिक फसल की ही खेती की है। विगत खरीफ सीजन में धान की खेती करने वाले और इस वर्ष वैकल्पिक फसल का चयन करने वाले पात्र किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
वहीं जो किसान पहले से खरीफ सीजन में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी अथवा कपास की खेती कर रहे हैं, उन्हें पूर्ववत 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि मिलेगी। योजना का लाभ ट्रस्ट, निजी कंपनियों, शाला विकास समितियों तथा शासकीय संस्थानों सहित अन्य विधिक संस्थाओं को नहीं मिलेगा। कृषि विभाग ने बताया कि पंजीयन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1 एवं पी-2), डीबीटी से लिंक बैंक खाता तथा मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। किसान अपनी फसल प्रविष्टि में संशोधन के लिए निकटतम प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा विकासखंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के विपणन के लिए प्रधानमंत्री आशा योजना भी संचालित है। इसके तहत अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली एवं सोयाबीन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले की 13 सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी। शासन द्वारा अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,450 रुपये, उड़द 8,200 रुपये, मूंग 8,780 रुपये, मूंगफली 7,517 रुपये तथा सोयाबीन 5,708 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विभाग के अनुसार जिले में इस खरीफ सीजन के लिए मक्का 18,200 हेक्टेयर, दलहन 15,270 हेक्टेयर, तिलहन 4,920 हेक्टेयर तथा लघु धान्य फसलों के लिए 1,158 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 जुलाई को करेंगे थोक बाजार डूमरतराई फेस-2 का नामकरण एवं लोकार्पण
गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित समारोह में होंगे शामिल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे अध्यक्षता
रायपुर, 4 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।
कार्यक्रम में मंत्री श्री केदार कश्यप, मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।
'सुपर अल नीनो' की चुनौती: धमतरी में कृषक मित्रों को मिला अल्प वर्षा से निपटने का गुरुमंत्र
वैज्ञानिक खेती, सीधी बुवाई और फसल बीमा से सुरक्षित होगी किसानों की उपज,गांव-गांव फैलेगा जागरूकता का संदेश
रायपुर, 04 जुलाई 2026
जलवायु परिवर्तन और 'सुपर अल नीनो' (Super El Niño) के कारण संभावित अल्प एवं अनियमित वर्षा की चुनौती से निपटने के लिए धमतरी के कृषि विभाग में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एक्सटेंशन रिफॉर्म्स 'आत्मा' योजना के तहत आयोजित इस विशेष सत्र में जिलेभर के कृषक मित्रों को आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक खेती और फसल बीमा के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे इस ज्ञान को गांव-गांव तक पहुंचा सकें।
विपरीत मौसम में भी बेहतर प्रबंधन, विशेषज्ञों की सलाह
प्रशिक्षण में कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने कम वर्षा की स्थिति में फसलों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषक मित्रों को प्रेरित किया गया कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों को समय रहते जागरूक करें।
वैज्ञानिकों ने विपरीत मौसम की परिस्थितियों से निपटने के लिए पारंपरिक फसलों के स्थान पर कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों, दलहनी (दालें) और तिलहनी फसलों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। पानी की बचत के लिए वैज्ञानिक तरीके से 'डायरेक्ट सीडेड राइस' (धान की सीधी बुवाई) तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया। इसी तरह खेतों में उपलब्ध पानी का सही उपयोग, संतुलित पोषण प्रबंधन और मिट्टी की नमी को लंबे समय तक बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुविभागीय कृषि अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ, आत्मा के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक सहित आत्मा योजना के जिला व विकासखंड स्तरीय अधिकारी- कर्मचारी और कृषक मित्र उपस्थित थे।
फसल बीमा बनेगा किसानों का सुरक्षा कवच
प्राकृतिक आपदाओं और सूखे के जोखिम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। योजना के जिला प्रबंधक ने धान, उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी और रागी जैसी अधिसूचित फसलों की बीमा प्रक्रिया, पात्रता और अंतिम तिथि की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कृषक मित्रों से अपील की कि वे अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक किसानों का फसल बीमा सुनिश्चित कराएं ताकि किसी भी नुकसान की भरपाई हो सके।
उत्पादन और आय बढ़ाना मुख्य लक्ष्य
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने कृषक मित्रों का आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण में सीखी गई आधुनिक कृषि तकनीकों और शासकीय योजनाओं की जानकारी को ग्रामीण स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रसारित करें। जब किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप खेती करेंगे, तभी विपरीत मौसम में भी जिले का कृषि उत्पादन और किसानों की आय सुरक्षित रह सकेगी।
जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न
केरेमुड़ा में किसानों को दी गई ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती की कमान
नगरी विकासखंड में बांटे गए 1 लाख से अधिक पौधे, लागत घटेगी और बढ़ेगी किसानों की आय
जिला पंचायत, प्रदान (PRADAN) संस्था और गट्टासिल्ली FPO की अनूठी साझा पहल
रायपुर, 04 जुलाई 2026
खरीफ और रबी मौसम में बदलती जलवायु (Climate Change) की चुनौतियों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कम लागत में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन दिलाने के लिए धमतरी जिले में एक बड़ी पहल की गई है। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम केरेमुड़ा में ग्राफ्टेड (कलमी) टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन प्रदान (PRADAN) संस्था द्वारा किया गया।
इस प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड की कृषि सखियों, मास्टर ट्रेनर्स सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन की आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों से रूबरू कराकर उन्हें जलवायु-अनुकूल, टिकाऊ और अधिक मुनाफे वाली खेती के लिए प्रेरित करना था।
बांटे गए 1 लाख से अधिक ग्राफ्टेड पौधे
अधिकारियों ने बताया कि इस आजीविका मिशन के तहत नगरी विकासखंड में किसानों को कुल 1 लाख 1 हजार 800 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण किया गया है। इसमें 51 हजार 800 ग्राफ्टेड टमाटर और 50 हजार ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्राफ्टेड पौधे सामान्य पौधों की तुलना में बेहद मजबूत होते हैं। इनकी जड़ प्रणाली (Root System) सशक्त होती है, जिससे इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ये पौधे विपरीत मौसम में भी तेजी से बढ़ते हैं और बंपर पैदावार देते हैं, जिससे किसानों को बाजार में अपनी फसल की बेहतर कीमत मिलती है।
ग्राफ्टेड पौधा में बीमारियां कम और पैदावार दोगुनी होती है
ग्राफ्टिंग एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें एक पौधे के मजबूत जड़ वाले हिस्से (रूटस्टॉक) पर दूसरे अधिक उत्पादन देने वाले पौधे के ऊपरी हिस्से (सायन) को जोड़कर एक नया 'सुपर प्लांट' तैयार किया जाता है। इससे बीमारियां कम लगती हैं और पैदावार दोगुनी तक हो जाती है।
खेत पर ही दिया गया लाइव डिमांस्ट्रेशन
प्रशिक्षण की सबसे खास बात रहा खेत पर आयोजित 'लाइव फील्ड डेमोंस्ट्रेशन' (व्यावहारिक प्रदर्शन)। इसमें किसानों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर सीधे खेत में ले जाकर भूमि की तैयारी, पौधों का उपचार, वैज्ञानिक तरीके से रोपण (Plantation), मल्चिंग, नमी संरक्षण और जैविक कृषि तकनीकों का लाइव प्रदर्शन करके दिखाया गया।
इसके साथ ही कृषि विशेषज्ञों ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), मृदा स्वास्थ्य (Soil Health), जैव उर्वरकों का सही उपयोग और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। संवाद सत्र में किसानों ने खेती के दौरान होने वाली अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को रखा, जिसका विशेषज्ञों ने मौके पर ही वैज्ञानिक समाधान बताया।
FPO और प्रदान (PRADAN) का मिला मजबूत साथ
इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने में 'गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी' (FPO) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके माध्यम से किसानों को उन्नत ग्राफ्टेड पौधे और जरूरी जैविक खाद-सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं प्रदान संस्था द्वारा कृषि सखियों और किसानों को पूरे फसल चक्र (Crop Cycle) के दौरान लगातार तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास किया जा रहा है।
जिला पंचायत धमतरी के मार्गदर्शन में चल रही यह त्रिकोणीय पहल (प्रशासन, FPO और प्रदान संस्था) नगरी और मगरलोड विकासखंड में आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ खेती का एक नया मॉडल पेश कर रही है। इससे न केवल ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा को भी एक नया आयाम मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से बदली जिंदगी श्रीमती कुंती के सपनों को मिला अपना आशियाना, अब भयमुक्त और सम्मानजनक जीवन
जर्जर कच्चे मकान और जंगली हाथियों के खतरे से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने दिया सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार
रायपुर, 04 जुलाई 2026
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिख रही है। योजना के माध्यम से न केवल जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और पक्के आवास उपलब्ध हो रहे हैं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी मिल रही है। सूरजपुर जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम घुई की निवासी श्रीमती कुंती की कहानी इस बदलाव का प्रेरक उदाहरण है।
जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत घुई की 32 वर्षीय श्रीमती कुंती का परिवार लंबे समय तक जर्जर कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकना, घर में पानी भर जाना और आसपास के वन क्षेत्र से जंगली हाथियों के आने का लगातार खतरा परिवार के लिए चिंता और असुरक्षा का कारण बना रहता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण वे अपने पति के साथ दिहाड़ी मजदूरी कर किसी प्रकार परिवार का पालन-पोषण करती थीं।
वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत हुआ। शासन द्वारा समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से आवास निर्माण में मजदूरी का लाभ मिलने से निर्माण कार्य का आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हुआ। ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक के सतत मार्गदर्शन तथा प्रशासन की सक्रिय निगरानी से निर्धारित समयावधि में आवास का निर्माण पूर्ण हो सका। आज श्रीमती कुंती का परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और पक्के घर में निवास कर रहा है। अब उन्हें बरसात, प्राकृतिक आपदाओं अथवा जंगली जानवरों के भय से मुक्त होकर जीवन जीने का आत्मविश्वास मिला है। पक्के आवास ने उनके परिवार के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ सामाजिक सम्मान और भविष्य के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।
भावुक होकर श्रीमती कुंती कहती हैं कि पहले हर बारिश का मौसम चिंता लेकर आता था, लेकिन अब उनका परिवार अपने सुरक्षित घर में निश्चिंत और सम्मानपूर्वक जीवन बिता रहा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है। श्रीमती कुंती ने भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन सूरजपुर और ग्राम पंचायत के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील पहल और सुशासन आधारित कार्यप्रणाली ने उनके वर्षों पुराने पक्के घर के सपने को साकार कर दिया है।
11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए मिलेगा ऋण, कौशल प्रशिक्षण भी होगा अनिवार्य: श्री लोकेश कवाडि़या
राज्य सरकार की पहल से दिव्यांगजन बनेंगे आत्मनिर्भर उद्यमी, व्यवसाय संचालन और विपणन सहायता भी मिलेगी
रायपुर, 04 जुलाई 2026


प्रदेश के दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम ने बड़ी पहल करते हुए 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन और विपणन सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कवाडि़या ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) से अधिकृत विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर स्वरोजगार ऋण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री कवाडि़या ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से दिव्यांगजन आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार ऋण प्राप्त करने वाले प्रत्येक हितग्राही के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। निगम द्वारा विकसित किए जा रहे प्रशिक्षण केंद्रों में तकनीकी दक्षता के साथ वित्तीय प्रबंधन, उद्यमिता विकास तथा व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपने उद्यम का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें।
श्री कवाडि़या ने कहा कि दिव्यांग उद्यमियों को व्यवसायिक परामर्श, नियमित मार्गदर्शन और विपणन सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। निगम प्रतिष्ठित व्यावसायिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है, ताकि लाभार्थी लॉन्ड्री, किराना, रेडीमेड वस्त्र, जूते-चप्पल तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़े व्यवहारिक और लाभकारी व्यवसाय स्थापित कर सकें।
बैठक में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (एनडीएफडीसी) के मुख्य महाप्रबंधक ने आश्वस्त किया कि सभी वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं को पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत और वितरित किए जाने के बाद एनडीएफडीसी द्वारा पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी ऋण प्रकरण छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से संचालित किए जाएंगे, जिससे हितग्राहियों का समग्र डाटाबेस तैयार किया जा सके तथा योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, आईडीबीआई बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, एपेक्स बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैंक प्रतिनिधियों ने निगम की पहल की सराहना करते हुए ऋण वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने का सुझाव दिया। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक, महाप्रबंधक, सलाहकार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल से प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ ही उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।
धमतरी में माफियाओं पर प्रशासन का 'सख्त': राजस्व और खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई
अवैध रेत परिवहन करते 8 ट्रैक्टर जब्त
कोलियारी मार्ग पर रेत का अवैध खेल उजागर
रायपुर, 04 जुलाई 2026
धमतरी जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वाले माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर के कड़े निर्देशानुसार आज राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 8 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों जब्त किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लगातार कोलियारी-धमतरी मार्ग पर अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए राजस्व और खनिज विभाग की एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने जब मार्ग पर घेराबंदी कर रेत ले जा रहे ट्रैक्टरों को रोका और उनसे खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज (रॉयल्टी पर्ची/अनुमति) की मांग की, तो वाहन चालक कोई भी संतोषजनक कागजात पेश नहीं कर सके।
वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 8 ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। इन सभी वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखवा दिया गया है और खनिज अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की चेतावनी: आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद रेत और अन्य खनिज माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान आगे भी इसी तरह बिना रुके जारी रहेगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और केवल वैध अनुमति के साथ ही खनिजों का परिवहन करें।
शकुंतला फाउंडेशन ने अंतरराष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सकों का किया सम्मान
रायपुर
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर सामाजिक संस्था शकुंतला फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा धरा पर ईश्वर का रूप कहे जाने वाले स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहे चिकित्सकों को उनके सेवा स्थल पर सम्मानित किया।
संस्था प्रमुख स्मिता सिंह ने कहा कि संस्था स्वास्थ्य के क्षेत्र में वंचित मरीजों के लिए सेवा कार्य करते हुए चिकित्सक के महत्व को जाना। उन्होंने कहा, नवजीवन प्रदाता चिकित्सकों के प्रति हम सब को उनके अहम योगदान के लिए आभार व्यक्त कर सम्मान करना चाहिए। इस बात को ध्यान में रखकर रामकृष्ण केयर अस्पताल के डॉ संदीप दवे, डॉ पंकज धाबलिया, डॉ प्रतीक धावलिया, डॉ विनोद आहूजा, डॉ रवि जायसवाल, डॉ कल्पेश अग्रवाल, डॉ पवन नगपुरे, इटसा अस्पताल से डॉ जयेश शर्मा, आइएलएस अस्पताल से डॉ ज़ावेद परवेज, डॉ प्रतीक पांडे जी का प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो, शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चा
रायपुर, 04 जुलाई 2026


नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के आवंटन, पंचायतों की वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।


कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में सहभागिता करते हुए पंचायतों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श का अवलोकन किया।
छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान
कार्यशाला के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies) के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी साझा की गई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। वहीं, ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
वर्षवार आवंटन के अनुसार 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपए की बेसिक ग्रांट मिलेगी। 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 248 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 624 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 693 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट तथा 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 768 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है।
यह अनुदान ग्राम पंचायतों एवं अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वन्यजीव संरक्षण में बड़ी सफलता : नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल
सरकार की सख्ती से वन्यजीव अपराधों पर लग रहा अंकुश, वन्यजीव संरक्षण को मिल रही मजबूती
रायपुर, 04 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कवर्धा परियोजना मंडल ने नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध कार्रवाई
वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। इसके बाद उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर वन विकास निगम की टीम ने तत्काल योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी सात आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
शिकार में प्रयुक्त सामग्री और चीतल का मांस जब्त
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाडि़यां, स्टील के तार एवं लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
सघन निगरानी और गश्त से मिल रही सफलता
वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा विशेष निगरानी अभियान चलाने के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अवैध शिकार करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की स्पष्ट नीति
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन मंत्री श्री कश्यप ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित
नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम में आयोजित हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम
रायपुर, 4 जुलाई 2026

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। तीन जुलाई शुक्रवार को आयोजित सम्मेलन में देश के 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ से सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अपर संचालक जनसंपर्क विभाग तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की प्रत्येक कार्यवाही संविधान, निर्वाचन संबंधी कानूनों तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी पारदर्शी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं फर्जी सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा तथ्यात्मक जानकारी के प्रभावी प्रसार के माध्यम से गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने में मीडिया एवं संचार अधिकारियों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत भारतीय मतदाताओं के निर्वाचन प्रणाली पर गहरे विश्वास का परिचायक है।
चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक तथा भ्रामक डिजिटल सामग्री से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने चुनावी साक्षरता क्लबों के माध्यम से युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।

सम्मेलन में निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से संबंधित संचार रणनीतियों, मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया, ईसीआईनेट, संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों, मीडिया प्रबंधन, प्रेस विज्ञप्ति लेखन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को समूहों में निर्वाचन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया तथा प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का अवलोकन भी कराया गया। कार्यक्रम के दौरान हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने निर्वाचन प्रबंधन एवं जनसंचार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा प्रभावी संचार की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की। सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों एवं भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।