छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की जनकल्याणकारी सोच और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुकमा ने रचा नया कीर्तिमान
आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन (एनक्वास) प्रमाणपत्र
जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे
रायपुर, 2 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुदूर और नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं।
93.04 प्रतिशत अंक के साथ हासिल की राष्ट्रीय उपलब्धि कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य केंद्र ने भारत सरकार के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रेणूका सूना तथा श्री माड़वी हिड़मा सहित पूरी स्वास्थ्य टीम की मेहनत, समर्पण और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है।

कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद मिला एनक्वास प्रमाणपत्र
एनक्वास (National Quality Assurance Standards) प्रमाणपत्र भारत सरकार द्वारा केवल उन स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इसमें मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की देखभाल, प्रयोगशाला सेवाएं तथा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
7,417 ग्रामीणों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से लैस है। यह केंद्र लगभग 7,417 ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
शासकीय योजनाओं से बदल रही सुकमा की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
अन्य जिलों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल
सुकमा की यह उपलब्धि बताती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा से दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आज सुकमा का यह मॉडल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
सुकमा में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना' का शुभारंभ
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी
रायपुर, 2 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना' का शुभारंभ किया गया। सुकमा जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी
सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
महिलाओं और युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास, वित्तीय सहायता और आजीविका आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों ने बताया ग्रामीण विकास की बड़ी पहल
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने योजना को ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
केंद्रीय मंत्री के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। इसमें विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका, रोजगार सृजन और आजीविका के नए अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
जिला प्रशासन का विश्वास है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, लोगों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह योजना आत्मनिर्भर गांव और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग प्रतिबद्ध: डॉ. आशा लकड़ा
जशपुर में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, समस्याएं और सुझाव सुने
कहा- सभी वैध प्रकरणों का नियमानुसार होगा निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी सतत निगरानी
रायपुर, 02 जुलाई 2026

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने गुरुवार को जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ संवाद किया। बैठक में उन्होंने जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय तथा छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का मूल उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का छत्तीसगढ़ प्रवास जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी करता है। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
डॉ. लकड़ा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने जनजातीय अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो अथवा अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, तो आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के नागरिक और 725 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में संविधान के अनुच्छेद 338(क) के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। आयोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देता है।
डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है तथा प्रकरणों की विधिवत सुनवाई कर सकता है। आयोग की अनुशंसाएं कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं।
ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत
डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी शिकायतें एवं समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर प्रकरण की सुनवाई की जाती है। उन्होंने आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर एवं पिनकोड सही ढंग से दर्ज करने की अपील की।
बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट श्री एच.आर. मीणा एवं श्री जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर श्रीमती सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती-किसानी में तेजी
राज्य में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 13 प्रतिशत बोनी पूर्ण
इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज
किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित
प्रदेश में अब तक 96.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी
रायपुर, 02 जुलाई 2026

प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य तेजी के साथ शुरू हो गया है। राज्य में 02 जुलाई की स्थिति में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 13 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 7.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 13 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 02 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 96.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 62 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।
अधिकारियों बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। खरीफ सीजन 2026 के लिए 30 जून की स्थिति में 5525 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4517 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम जनमन योजना ने बदली श्री सरजू कोरवा के परिवार की जिंदगी
पक्का आवास, मूलभूत सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से बढ़ी जीवन की गुणवत्ता
रायपुर, 02 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में निवासरत परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय जुड़ रहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में योजना से लाभान्वित परिवार अब कच्चे और असुरक्षित आवासों से निकलकर पक्के घरों में सुरक्षित जीवन यापन कर रहे हैं। आवास के साथ-साथ उन्हें शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।
बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत चिलमा निवासी श्री सरजू कोरवा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिलने से सपरिवार सुरक्षित जीवन यापन कर रहे हैं। श्री सरजू कोरवा पहले अपने परिवार के साथ मिट्टी के छप्पर वाले कच्चे मकान में निवासरत थे। बरसात के मौसम में लगातार पानी टपकता था, जिससे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पीएम जनमन योजना के तहत आवास स्वीकृत होने, समय पर भुगतान एवं तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से उनका पक्का मकान निर्धारित समय में पूर्ण हो सका।
सीएम हेल्पलाइन बनी आमजन के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम
शिकायतों के समयबद्ध निराकरण से प्रदेशभर में मजबूत हो रही जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था
रायपुर, 02 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण की दिशा में प्रदेशभर में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। शासन की जनहितैषी पहल के तहत आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे लोगों को शीघ्र राहत मिल रही है।
इसी क्रम में बलरामपुर जिले के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम रनहत एवं मकरो में खराब ट्रांसफार्मरों के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित होने संबंधी शिकायत श्री रामकृष्ण मिश्रा द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई। शिकायत प्राप्त होते ही विद्युत विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी दल को तत्काल मौके पर भेजा। आवश्यक परीक्षण एवं मरम्मत कार्य पूर्ण कर दोनों गांवों के खराब ट्रांसफार्मरों को सुधारते हुए विद्युत आपूर्ति पुनः सुचारु कर दी गई।
विद्युत आपूर्ति बहाल होने से ग्राम रनहत एवं मकरो के ग्रामीणों को निर्बाध बिजली सुविधा मिलने लगी, जिससे दैनिक जीवन एवं अन्य गतिविधियों में आ रही कठिनाइयों का समाधान हुआ। शिकायत के त्वरित निराकरण पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी एवं भरोसेमंद मंच बताया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के निरंतर और समयबद्ध निराकरण से शासन की पारदर्शी, संवेदनशील एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली सुदृढ़ हो रही है तथा नागरिकों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।
बीजापुर के मत्स्य पालन केंद्र को बनाया जाएगा प्रशिक्षण केंद्र
किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम
बस्तर का प्राकृतिक वातावरण कृषि और मत्स्य पालन के लिए बेहद अनुकूल
रायपुर, 2 जुलाई 2026

कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बीजापुर जिले के मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण कर इसे भविष्य में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र (ट्रेनिंग सेंटर) के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में आसपास के किसानों को मत्स्य पालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा, जिससे जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

मंत्री श्री रामविचार नेताम ने हैचरी में संचालित मत्स्य उत्पादन गतिविधियों का अवलोकन किया और विभागीय अधिकारियों से केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस केंद्र को जिले के किसानों के लिए आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का मॉडल केंद्र बनाने पर जोर दिया।
मंत्री श्री नेताम ने कार्यक्रम में मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं के तहत सामग्री का वितरण करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि बस्तर का प्राकृतिक वातावरण कृषि और मत्स्य पालन के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने फल, फूल, कोदो, कुटकी, रागी जैसी फसलों के उत्पादन के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही स्व-सहायता समूहों को तालाबों की स्वीकृति देकर मत्स्य पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों के सदस्यों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में पशु औषधालय की स्थापना तथा पशुपालन विभाग की सेवाओं को मजबूत करने की मांग की। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही। इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मांडवी, व्यंकट, घासीराम नाग, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्रीनिवास मुदलियार, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर हर महीने प्रगति की समीक्षा के दिए निर्देश
नए कार्यों के प्राक्कलन 31 जुलाई तक भेजने कहा
रायपुर. 2 जुलाई 2026

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों, मैदानी अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिरपुर भवन स्थित सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर हर महीने प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार हर कार्य की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने राज्य में निर्माणाधीन सभी पुलों की प्रगति की संभागवार और वर्षवार समीक्षा की। उन्होंने बस्तर में आरसीपीएलडब्लूए (RCPLWA) के अंतर्गत प्रगतिरत पुलों के कार्य हर हाल में दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के निर्माण के लिए प्रत्येक चरण और प्रक्रिया को निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के लिए मुख्य अभियंता को एसओपी बनाने को कहा। उन्होंने इनका कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित करने को कहा।
विभागीय सचिव ने पुलों के निर्माण के दौरान कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सभी मानकों का पूरा ध्यान रखने को कहा, जिससे की जान-माल की कोई हानि न हो। उन्होंने पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के निर्माण में सड़क सुरक्षा के सभी मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को फील्ड में कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के नियमित भुगतान करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को हर महीने भुगतान करने को कहा।
श्री बंसल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के नए कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनके प्राक्कलन 31 जुलाई तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पहुंचविहीन गांवों तक बारहमासी कनेक्टीविटी के लिए पुलों के प्रस्ताव के साथ ही द्रुतगामी सड़कों में भी जहां पुलों की जरूरत है, उनके भी प्रस्ताव प्राथमिकता सूची में शामिल कर भेजने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों के साथ समन्वय कर ब्लॉस्टिंग की अनुमति, भू-अर्जन, वन व्यपवर्तन, पेड़ कटाई तथा स्थल विवाद के लंबित मामलों का तेजी से निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इनका निराकरण नहीं होने की स्थिति में उच्च कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि उच्च स्तर पर इनका समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही से काम करते हुए निर्माण सामग्री और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पुलों के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सभी पुलों की जानकारी 10 जुलाई तक अपलोड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी और अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. माहेश्वरी सहित सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता, सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा सभी उप संभागों के अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
स्काई-वॉक के संचालन-संधारण की कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश
श्री बंसल ने रायपुर में निर्माणाधीन स्काई-वॉक के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसके संचालन और संधारण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके चालू होने के बाद साफ-सफाई, रखरखाव और बिजली आपूर्ति की स्थायी और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने इसके हैंड-ओवर के लिए नगर निगम से चर्चा करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्काई-वॉक का काम इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। लोगों के चढ़ने-उतरने के लिए 1.2 किमी लंबाई के इस स्काई-वॉक में 9 एस्केलेटर्स और 4 लिफ्ट भी लगाए जाएंगे।
ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने पुलों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, लोगों के बारहमासी आवागमन और माल परिवहन की दृष्टि से पुलों के निर्माण बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समयावधि में अच्छा काम होना चाहिए।
सोशल मीडिया से मिली सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी, 15 दिनों में दिव्यांग दुर्गेश साहू को मिली नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल
दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा खोली जाएगी रिपेयरिंग शॉप
रायपुर, 2 जुलाई 2026
सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी मिलने के बाद बलौदाबाजार संजय कॉलोनी निवासी दिव्यांग दुर्गेश साहू ने नई ट्राई साइकिल प्रदान करने के लिए कॉल किया। इसके बाद 15 दिनों के भीतर उन्हें नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने आज दुर्गेश साहू को नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने दुर्गेश से उनका हाल-चाल जाना और ट्राइसाइकिल का अनुभव भी पूछा। इस पर दुर्गेश साहू ने बताया कि ट्राइसाइकिल की गुणवत्ता काफी अच्छी है तथा इसकी ऊंचाई भी सुविधाजनक है, जिससे इसे चलाने में आसानी होगी।
कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरणों की मरम्मत के लिए बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र ही रिपेयरिंग शॉप की स्थापना की जाएगी। इससे दिव्यांगजनों को अपने सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में एक सड़क दुर्घटना के कारण दुर्गेश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उनके शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर गया, जिससे वे पूर्णतः दिव्यांग हो गए। लंबे समय तक उन्हें आने-जाने सहित दैनिक कार्यों के लिए अपने परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था।
दुर्गेश साहू को पूर्व में भी समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन समय के साथ उसके महत्वपूर्ण पार्ट्स खराब हो गए और उनकी मरम्मत संभव नहीं हो पा रही थी। इससे उनकी आवाजाही और आजीविका दोनों प्रभावित हो रही थीं। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी मिली। उन्होंने हेल्पलाइन पर अपनी समस्या दर्ज कराई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 15 दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई।
नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल मिलने से अब दुर्गेश साहू को अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ अपनी छोटी सी किराना दुकान के संचालन में भी काफी सुविधा मिलेगी। इससे वे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर होकर अपना जीवनयापन कर सकेंगे। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सिनीवाली गोयल ने दुर्गेश साहू को दिव्यांग जनों के लिए संचालित ऋण योजनाओं मो जानकारी भी दी ताकि उनको अपने व्यवसाय में मदद मिल सके।
दुर्गेश साहू के पुत्र रवि कुमार साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि नई ट्राइसाइकिल मिलने से उनके पिता की कई समस्याएं दूर हो गई हैं। अब उन्हें आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 वास्तव में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने वाला प्रभावी मंच बन चुकी है। दुर्गेश की समस्या का यह त्वरित समाधान सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का एक प्रेरक उदाहरण है।
’मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी उम्मीद की किरण: सिर्फ एक सप्ताह में बना आयुष्मान कार्ड’
’हितग्राही ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार’
रायपुर ,02 जुलाई 2026
शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इसी सुशासन की सोच को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 लगातार साकार कर रही है। मनेंद्रगढ़ निवासी अभिनव द्विवेदी की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ एक शिकायत ने महज़ एक सप्ताह में उनकी चिंता को राहत में बदल दिया।
काफी समय से आयुष्मान कार्ड नहीं बनने के कारण अभिनव द्विवेदी शासन की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद कार्ड जारी नहीं होने से वे परेशान थे। अंततः उन्होंने अपनी समस्या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई और समाधान की उम्मीद जताई।
शिकायत प्राप्त होते ही प्रकरण को स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा गया। विभाग ने मामले को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई की। लगातार मॉनिटरिंग और त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप सिर्फ एक सप्ताह के भीतर अभिनव द्विवेदी का आयुष्मान कार्ड बनकर तैयार हो गया।
आयुष्मान कार्ड बनने के साथ ही अभिनव अब आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।
शिकायत के निराकरण के बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जब अभिनव से फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने बताया कि उनकी समस्या का पूरी तरह समाधान हो चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इतनी शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन वास्तव में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है।
यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान का प्रभावी माध्यम है। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सुशासन की भावना निरंतर सशक्त होती रहे।
125 दिनों के रोजगार से बढ़ी उम्मीदें: विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन बना ग्रामीणों का नया संबल
रोजगार अवधि बढ़ने एवं मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण, सुनीता साहू ने जताई खुशी
रायपुर, 02 जुलाई 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन से गांवों में नई उम्मीद जगी है। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। योजना के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी। साथ ही मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में इजाफा होगा।
मुंगेली जिले के ग्राम लिम्हा की सुनीता साहू ने योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रोजगार के दिनों में वृद्धि ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत है। पहले 100 दिनों तक ही रोजगार उपलब्ध होता था, लेकिन अब अतिरिक्त दिनों के रोजगार से परिवार की आय बढ़ेगी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई मजदूरी और अतिरिक्त रोजगार के अवसर से अब परिवार को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं और अन्य खर्चों को पूरा करने में भी सहूलियत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब गांव में ही अधिक समय तक रोजगार मिलने से बाहर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी।
सुनीता साहू ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीणों के लिए केवल रोजगार की योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का माध्यम है। इससे गांवों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आधारभूत संरचना निर्माण तथा स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय ग्रामीण परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
चिरायु योजना बनी नई जिंदगी की उम्मीद
सफल ऑपरेशन के बाद अब दौड़ने लगा 10 वर्षीय मीर सय्यद सुल्तान अली
जन्मजात पैरों की बीमारी से मिली मुक्ति, डीकेएस अस्पताल रायपुर में हुआ निःशुल्क उपचार
रायपुर, 02 जुलाई 2026

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु योजना ऐसे बच्चों के लिए आशा की किरण बन रही है, जो जन्मजात बीमारियों या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार और पूरी तरह निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से यह योजना बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत विकासखंड मुंगेली के ग्राम प्रतापपुर निवासी 10 वर्षीय मीर सय्यद सुल्तान अली का जन्मजात पैरों की बीमारी का सफल एवं निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया, जिसके बाद अब वह बिना किसी परेशानी के चल-फिर पा रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में चिरायु योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु दल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका कुर्रे एवं उनकी टीम ने मीर सय्यद सुल्तान अली के पैरों की जन्मजात समस्या की पहचान की। बच्चे के चलने में हो रही कठिनाई को देखते हुए टीम ने उसके परिवार को चिरायु योजना की जानकारी दी और उपचार की पूरी प्रक्रिया प्रारंभ कराई। बच्चे को 10 फरवरी 2026 को रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल में विशेषज्ञ अस्थि रोग चिकित्सकों को दिखाया गया। आवश्यक जांचों के बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई। इसके पश्चात 12 मई 2026 को उसका सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार और पुनर्वास के बाद अब मीर सय्यद सुल्तान अली सामान्य बच्चों की तरह सहजता से चल-फिर रहा है।
बच्चे के पिता वकार अली ने बताया कि आर्थिक स्थिति के कारण इतने बड़े उपचार की कल्पना भी कठिन थी, लेकिन चिरायु योजना के माध्यम से पूरे इलाज का खर्च शासन ने वहन किया। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम और सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके बेटे को नया जीवन और उज्ज्वल भविष्य दिया है। इस सफलता में विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष गुप्ता, प्रभारी जिला आरएमएनसीएचएन सलाहकार डॉ. अखिलेश कुमार बंजारे, चिरायु टीम की डॉ. मोनिका कुर्रे, सती ध्रुुव (एएनएम) एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।
विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और ग्रामसभा आधारित कार्ययोजना से सशक्त होंगे गांव
जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, 02 जुलाई 2026
विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान तथा ग्रामसभा आधारित कार्ययोजनाओं के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। यह बात महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विकसित भारत-जी रामजी योजना के शुभारंभ अवसर पर कही।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं तथा इन क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के स्थान पर अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामसभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन एवं अनुमोदन किए जाने से विकास कार्यों की प्रभावशीलता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित गतिविधियों तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार होने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सभी संबंधित विभागों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विकसित भारत-जी रामजी योजना तथा ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने नशा मुक्त भारत और बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ भी ली। मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वीबी जी राम जी योजना का सरगुजा जिले में शुभारंभ
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय जन सम्मेलन सह शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ आयोजन
"सशक्त गांव से साकार होगा विकसित भारत का सपना"-मंत्री श्री अग्रवाल
योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार और आजीविका सशक्तिकरण का नया अवसर, 300 रुपये मजदूरी और 125 दिन रोजगार से श्रमिकों को बड़ी सौगात
रायपुर, 2 जुलाई 2026

विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के लिए जिला स्तरीय जन सम्मेलन सह शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को अंबिकापुर जिला पंचायत सभाकक्ष में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ आंध्रप्रदेश राज्य के तिरुपति जिले से केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना का राष्ट्रीय स्तर पर किया गया।

कार्यक्रम में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जन आंदोलन है। इसका उद्देश्य गांव को समृद्ध बनाना, श्रम को सम्मान देना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य की मजबूत नींव हमारे गांव में रखी जाएगी, जब गांव सशक्त होंगे, तभी भारत विकसित होगा। पहले 100 दिन का रोजगार था, अब 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
भारत सरकार ने श्रमिकों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 जुलाई 2026 से मनरेगा श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 से 300 रूपए कर दी है। यह केवल मजदूरी में वृद्धि नहीं, बल्कि हमारे श्रमिक भाई-बहनों के परिश्रम, समर्पण और आत्म सम्मान का सम्मान है। अब हमारा लक्ष्य केवल अस्थायी कार्य नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी एवं उपयोगी परियोजनाओं का निर्माण करना है, जो आने वाले हमारे पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी हो। व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण, खेत तालाब और सिंचाई सुविधा का विस्तार करना, ग्रामीण अधोसंरचना के निर्माण काम को प्राथमिकता देना है। इन कार्यों से रोजगार भी मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी होगा।
उन्होंने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों, स्वयं सहायता समूहों के दीदियों, युवाओं तथा ग्रामीण नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा कि इसे केवल योजना न समझें, बल्कि अपने गांव के विकास का जन अभियान बनाएं। जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करेंगे, तभी विकसित गांव और विकसित भारत का सपना साकार होगा। प्रत्येक कार्य पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किया जाए, प्रत्येक कार्य का भौगोलिक चिन्हांकन तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। गांव सशक्त होगा तो प्रदेश सशक्त होगा और प्रदेश सशक्त होगा तो हमारा देश सशक्त होगा। आप सभी इस मिशन से जुड़ें, अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें और अपने गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने दिशा में वीबी जी राम जी योजना मील का पत्थर साबित होगी। योजना के तहत वे काम होंगे जिनकी उस गांव में आवश्यकता होगी। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि योजना के माध्यम से हम ग्रामीण विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जिले स्तर पर इसकी बेहतर मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि लोगों को योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल द्वारा पीपीटी के माध्यम से योजना की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। जिसमें योजना के संबंध में बिंदुवार जानकारी तथा कार्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गई।
इस अवसर पर जिले में पूर्व में क्रियान्वित किए गए कार्यों की प्रदर्शनी भी लगाई गई , जिसे अतिथियों एवं आमजनों द्वारा सराहा गया। साथ ही योजना के हितग्राहियों ने मंच से पूर्व की योजना से प्राप्त लाभ एवं जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में अपने अनुभव साझा किए ।कार्यक्रम के अंत में नवाबांध की मुस्कान महिला समूह को नवा तरिया में मक्का की खेती हेतु बीज वितरण किया गया तथा 15 कृषकों को कृषि विभाग के सहयोग से अरहर के बीज वितरण किया गया। सम्मेलन में शामिल सभी को कटहल,मुनगा,जामुन,आम आदि के पौधें वितरित किये गये। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, जिला पंचायत सदस्य श्री विजय अग्रवाल, श्रीमती पायल सिंह तोमर,श्रीमती राधा रवि, श्रीमती नानमणि पैकरा सहित जनपद सदस्य , सरपंच, सचिव एवं समूह की महिलाएं तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे ।
बता दें विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम-जी, अधिनियम 2025
1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हो गई है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार, आजीविका सुरक्षा और गांवों के सतत विकास को नई मजबूती देगा। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत मजदूरों को 300 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
पीएमईजीपी योजना से बदली रमेश नाग की जिंदगी
सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर बने आत्मनिर्भर, दूसरों के लिए भी बने प्रेरणा
रायपुर, 2 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासकीय योजनाएं प्रभावी साबित हो रही हैं। इन्हीं योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने बीजापुर जिले के निवासी रमेश नाग के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इस योजना की मदद से उन्होंने सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर अपना सफल व्यवसाय शुरू किया है।
पूंजी की कमी बनी थी सबसे बड़ी चुनौती
रमेश नाग लंबे समय से अपना सीमेंट ब्रिक्स निर्माण व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर से संपर्क किया, जहां उन्हें पीएमईजीपी योजना की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन मिला।
10 लाख रुपये का ऋण और 3.50 लाख रुपये का अनुदान मिला
योजना के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बीजापुर के सहयोग से रमेश नाग को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसके साथ ही उन्हें लगभग 3.50 लाख रुपये का मार्जिन मनी (अनुदान) भी प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनों के साथ सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित की।
स्वरोजगार के साथ दूसरों को भी मिला रोजगार
आज रमेश नाग की इकाई में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट ब्रिक्स का उत्पादन हो रहा है। इससे स्थानीय निर्माण कार्यों की जरूरतें पूरी हो रही हैं और आसपास के लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है।
सरकारी योजना ने पूरा किया आत्मनिर्भर बनने का सपना
रमेश नाग बताते हैं कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का लाभ नहीं मिलता, तो अपना उद्योग शुरू करना संभव नहीं था। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बना यह प्रयास
रमेश नाग की सफलता यह साबित करती है कि यदि शासकीय योजनाओं का सही समय पर लाभ लिया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भर बनना संभव है। उनकी सफलता आज बीजापुर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दे रही है।
श्रमिक जनसंवाद सम्मेलन में असंख्य श्रमिकों को मिला तत्काल लाभ
हितग्राहियों को लाखो रुपये की सहायता राशि का चेक वितरित
शिविर में लोगों ने स्वास्थ्य जांच, नवीन श्रम कार्ड पंजीयन और ईंकेवायसी कराया
रायपुर, 02 जुलाई 2026

श्रमिक जनसंवाद सम्मेलन का जिला स्तरीय आयोजन मंडी प्रांगण सारंगढ़ में किया गया, जिसमें भारी संख्या में श्रमिकों ने नवीन श्रम कार्ड और ईंकेवायसी करवाया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली।सम्मेलन में श्रम विभाग सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने- अपने स्टॉल लगाए गए थे। श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा श्रम पंजीयन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि यह सम्मेलन पूरी तरह श्रमिकों को समर्पित है। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ और जानकारी उपलब्ध कराकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को श्रमिकों तक पहुंचाया जा रहा है। अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्र में योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

सम्मेलन में श्रमिक ईश्वर पटेल ने बताया कि उनकी संतान अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रही है, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। वहीं हितग्राही चौतराम विश्वकर्मा की पुत्री ने भी योजना के तहत कक्षा 7वीं में निःशुल्क अध्ययन करने का अनुभव साझा करते हुए शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 10 हितग्राहियों को कुल 10 लाख रुपये, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 12 हितग्राहियों को 2.40 लाख रुपये, मिनी माता महतारी जतन योजना के तहत 32 हितग्राहियों को 6.40 लाख रुपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 6 हितग्राहियों को 1.20 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 1,618 हितग्राहियों को 32.47 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जिले के श्रमिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, एसडीएम वर्षा बंसल, गणमान्य नागरिक ज्योति लाल पटेल, जगन्नाथ केशरवानी, श्रम अधिकारी घनश्याम पाणीग्राही सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में शुभारंभ
रायपुर, 2 जुलाई 2026

विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित अरपा सभा कक्ष कलेक्ट्रेट में किया गया। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित शुभारंभ समारोह का सीधा प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची थे, जबकि अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा ने की। राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मिशन का शुभारंभ करते हुए ग्रामीण रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सभी पंचायतों में समान रूप से विकास कार्य किए जा सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की अपील की। जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा ने कहा कि यह योजना गांव, गरीब और किसानों के विकास से सीधे जुड़ी है। इसके माध्यम से आजीविका, निर्माण कार्य एवं अन्य विकास योजनाओं को गति मिलेगी, जिससे पंचायतों के साथ-साथ जिले और प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष मरवाही जानकी कुशरो, जिला पंचायत सदस्य भवर सिंह गोवास, पवन पैकरा, पूर्णिमा पैकरा, जिला अध्यक्ष लालजी यादव, डिप्टी कलेक्टर सुश्री आकांक्षा पांडे सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।