छत्तीसगढ़ / रायपुर
BREAKING NEWS छत्तीसगढ़ में सीएम की रेस में अब सिर्फ ये दो नाम...!
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ ही शुरू से ही सीएम फेस को लेकर लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। इस बीच आज छत्तीसगढ़ सहित तीन राज्यों में पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति हो गई है। तो संभावना जताई जा रही है कि शनिवार या रविवार तक छत्तीसगढ़ को भी नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा।
चर्चाओं की बात करें तो शुरूआत से मुख्यमंत्री की रेस को लेकर लगातार पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव, विष्णुदेव साय, रामविचार नेताम और रेणुका सिंह के नाम प्रबल दावेदारों के रूप में सामने आने लगे थे। इसी बीच महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस का नाम भी मीडिया में उभरकर सामने आया था।
लेकिन जैसे कि संकेत मिल चुके हैं कि बीजेपी तीनों राज्यों में बिल्कुल नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की योजना पर काम कर रही है. पार्टी ने हालांकि ये बात ऑफिशियली नहीं कही है लेकिन संकेत ऐसे ही हैं.
बीजेपी अगर इन तीन राज्यों में नए चेहरों को मौका देता है तो यह कोई पहली बार किया गया प्रयोग नहीं होगा. गुजरात में ऐसा प्रयोग हो चुका है. वहां सितंबर 2021 तक विजय रुपाणी मुख्यमंत्री थे. लेकिन अचानक बीजेपी ने भूपेंद्र पटेल को सीएम बना दिया. बीजेपी ने सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं बदला बल्कि पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया था.
रविवार तक सीएम के नाम पर होगा फैसला
मुख्यमंत्री की रेस में जिन नेताओं को शामिल बताया जा रहा था. वो खुद को दौड़ में मानने से इनकार कर चुके हैं. राजस्थान और एमपी की तरह छत्तीसगढ़ का मामला भी अटका हुआ है. फैसला भले ही रविवार तक हो सकता है. लेकिन उससे पहले कुछ नाम यहां भी चर्चा में हैं. इनमें रामविचार नेताम और रेणुका सिंह शामिल हैं. रामविचार और रेणुका दोनों आदिवासी समुदाय से आते हैं. लेकिन रामविचार नेताम पर रेणुका का पलड़ा भारी दिखाई देता है. चर्चा भी रेणुका के नाम की ही ज्यादा हो रही है.
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार पर दिल्ली में मंथन आज.... भूपेश बघेल, बैज, सिंहदेव समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल....
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की समीक्षा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की बैठक में होगी। यह बैठक आज नईदिल्ली में आयोजित की गई है। बैठक में पूर्व मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल सहित अन्य नेता हिस्सा लेंगे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव केसी वेणुगोपाल हार की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा व प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज भी मौजूद रहेंगे। समीक्षा में बैठक में 55 विधायकों और नौ मंत्रियों के हारने पर भी मंथन होगा।
कांग्रेस को सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में संभावना है कि सरगुजा संभाग के हारने की विशेष समीक्षा जरूर होगी। बैठक में टीएस सिंहदेव को भी बुलाया गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 54 व कांग्रेस को 35 सीटें मिली हैं, वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को सरगुजा व रायपुर में सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।
ईवीएम मशीनों पर सवाल उठाने पर भाजपा को लगती है मिर्ची
छत्तीसगढ़ के निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कांग्रेस की हार पर कहा कि जनता ने जो जनादेश दिया है, वो स्वीकार है। समीक्षा होगी तब कारणों का पता चलेगा। वहीं ईवीएम मशीनों पर उठ रहे सवाल पर कहा कि जैसे ही इसके बारे में बोलो भाजपा को जोर से मिर्ची लगती है। इतना जोर से क्यों लगता है। इसका कुछ न कुछ तो कारण होगा।
रायपुर में तेज रफ्तार कार ने बच्चे को कुचला, मौके पर ही मौत; सुबह अखबार बांटने के लिए घर से निकला था....
रायपुर- टिकरापारा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार चालक बाइक चालक को कुचल दिया। हादसे में 13 वर्षीय नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद कार चालक लक्ष्मी नारायण नागरची को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहां मौजूद कुछ लोगों ने बच्चे को लहुलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसा टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है।
मिली जानकारी के अनुसार सुदामा नगर टिकरापारा निवासी प्रियांशु निर्मलकर (13) सुबह अखबार बांटने का काम करता है। इसके साथ ही वह उसी पैसे से अपनी पढ़ाई का खर्च की उठाता था। गुरुवार सुबह तकरीबन छह बजे वह साइकिल से संजय नगर क्षेत्र में अखबार बाटने के बाद साहू कांप्लेक्स जा रहा था। इस दौरान सड़क क्रास करने वह क्रासिंग में रूका था। इसी दौरान तेज रफ्तार में आई कार ने उसे चपेट में ले लिए।
टक्कर इतनी जोरदार थी की वह 15 मीटर दूर उछलकर गिरा। इससे उसकी घटना स्थल पर ही मौक हो गई। वहीं मौका पाकर कार चालक फरार हो गया। आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल बच्चे को उठाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। उसके अस्पताल लेकर गए। डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
छत्तीसगढ़ की नई सरकार के शपथ ग्रहण में शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी, भाजपा ने शुरू की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनाव परिणाम आने के चार दिनों बाद भी मुख्यमंत्री के चेहरे पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री को लेकर निर्णय ले सकता है। इधर, प्रशासन ने शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ की नई सरकार की शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। खबर यह भी है कि छत्तीसगढ़ में 12 दिसंबर तक मुख्यमंत्री शपथ ले सकते हैं।
इंडोर स्टेडियम में हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
माना जा रहा है कि पीएम मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रचंड जीत के लिए प्रदेश की जनता को धन्यवाद देंगे। भाजपा ने शपथ ग्रहण समारोह लेकर तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी के साइंस कालेज मैदान, इंडोर स्टेडियम या फिर नवा रायपुर के व्यापार विहार में शपथ ग्रहण समारोह पर विचार किया जा रहा है। वैसे उम्मीद है कि शपथ ग्रहण समारोह इंडोर स्टेडियम में हो सकता है। इसके पीछे मौसम भी एक बड़ी वजह हो सकता है। बतादें कि अभी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर दिल्ली में हैं। वे पर्यवेक्षक के साथ रायपुर आ सकते हैं।
सभा में पीएम मोदी ने कहा था, मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का न्योता देने आया हूं
बतादें कि पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, मैं चुनाव प्रचार करने नहीं आया हूं। चुनाव आप जीत रहे हैं। 3 दिसंबर के बाद मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का न्योता देने आया हूं।
चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा को 54 व कांग्रेस को 35 सीटें मिली हैं, वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को सरगुजा व रायपुर में सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।
बीजेपी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीएम पद के लिए नए चेहरों पर क्यों अटकलें लगा रहीं है...
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का सीएम कौन होगा? हर किसी के पास यही सवाल है. ऐसी संभवानाएं व्यक्त की जा रही हैं कि इन प्रदेशों की कमान नए लोगों को मिलने जा रही है. ये तीनों राज्य बीजेपी के पुराने गढ़ रहे हैं. सबसे पहले बीजेपी इन्हीं राज्यों में सत्ता का सुख ले सकी थी. बीजेपी के सबसे पुराने कार्यकर्ता और नेता भी इन्हीं प्रदेशों से हैं. ये भी बहुत हद तक सही है कि इन प्रदेशों में जो पुराने नेता हैं वो जमीन से जुड़े लोग हैं और उनकी अपनी फैन फॉलोइंग है. इन लोगों ने बीजेपी को अपने खून-पसीने सींचा है. तो फिर क्या कारण है कि इन प्रदेशों में पुराने लोगों को किनारे करने की बात चल रही है.आइये देखते हैं कि ऐसी बातें क्यों हो रही हैं कि इन राज्यों में नए लोगों को सीएम बनाया जा सकता है.
1- बीजेपी और आरएसएस 20 साल आगे की सोचती है
तीन प्रदेशों में जीत के बाद सीएम के चेहरे को लेकर सस्पेंस जारी है, इस बीच छत्तीसगढ़ समेत दो अन्य राज्यों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है जानिए कौन हैं ये पर्यवेक्षक...
रायपुर. देश के तीन प्रदेशों में बंपर जीत के बाद भाजपा अब मुख्यमंत्रियों की तलाश में है. परिणाम आने के पांच दिन बाद अभी तक तीनों जीते हुए राज्यों में बीजेपी ने मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान नहीं किया है. छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में सीएम के चेहरे को लेकर सस्पेंस जारी है. इस बीच छत्तीसगढ़ समेत दो अन्य राज्यों के लिए बीजेपी ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है. जिसमें छत्तीसगढ़ में अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और दुष्यंत कुमार बतौर पर्यवेक्षक छत्तीसगढ़ में विधायक दल का नेता चुनेंगे. आइए जानते हैं कौन हैं ये तीनों राष्ट्रीय नेता, जिन्हें भाजपा ने तीनों प्रदेशों में सरकार का चेहरा ढूंढने की जिम्मेदारी दी है-

सर्वानंद सोनोवाल- केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी, जलमार्ग एवं आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी पर्यवेक्षकों के पैनल में शामिल हैं. सोनोवाल असम के पूर्व मुख्यमंत्री भी रहे हैं. इस लिहाज से भी उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई है. इन्हें पूर्वोत्तर में भाजपा सरकार बनाने का अगुवा माना जाता है. सोनोवाल वर्ष 2012 और 2014 में दो बार असम भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं. 2014 में संपन्न 16वें लोकसभा के चुनाव में वे लखीमपुर से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए.
इसके बाद केंद्रीय मंत्रीमंडल में उन्हें खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया था. केंद्रीय खेल मंत्री के रूप में इनका कार्यकाल 26 मई 2014 से 23 मई 2016 तक रहा.

दुष्यंत कुमार गौतम- संगठन का लंबा अनुभव रखने वाले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार को भी पार्टी ने पर्यवेक्षक का दायित्व सौंपा है. वे हरियाणा से राज्यसभा सांसद भी रहे हैं. इस तरह इनके राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए हुए इन्हें छत्तीसगढ़ में सीएम की तलाश की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा वे भाजपा संगठन के अलग-अलग पदों पर रह चुके हैं. दुष्यंत गौतम दिल्ली विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. छात्र राजनीति में सक्रिय रहे दुष्यंत गौतम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और पढ़ाई खत्म करके मंडल अध्यक्ष बने. वहीं तीन बार वे भाजपा अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष रहे.
1997 में पहली बार जिला पार्षद का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्श को अपनाकर दुष्यंत गौतम ने राजनीतिक जीवन में काम किया. साथ ही उन्होंने चुनावी राजनीति की जगह संगठन में काम करने पर जोर दिया.

मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए BJP ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लिए किया पर्यवेक्षकों का ऐलान, होगा अब CM का चुनाव...
भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है. राजस्थान के लिए राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े को पर्यवेक्षक बनाया है. मध्य प्रदेश का पर्यवेक्षक मनोहरलाल खट्टर, के लक्ष्मण और आशा लाकड़ा को बनाया गया है. वहीं छत्तीसगढ़ के लिए अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और दुष्यंत कुमार गौतम को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
छत्तीसगढ़ में सीएम की रेस में सबसे आगे ये तीन नाम... रमन, रेणुका और अरूण
छत्तीसगढ़ में कौन बनेगा मुख्यमंत्री, इसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है। इस बीच हर दिन नए-नए नाम निकल कर सामने आ रहे हैं। इन सबके बीच जो तीन नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, रेणुका सिंह और अरूण साव हैं। वहीं कयास यहां तक लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी किसी नए चेहरे को भी मुख्यमंत्री बना सकती है। चर्चाओं के बीच एक नाम और उभरकर सामने आने लगा है, वो है रमेश बैस का। छत्तीसगढ़ में ७ बार के सांसद रहे रमेश बैस वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। उनका नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।
जैसे कि संकेत मिल चुके हैं कि बीजेपी तीनों राज्यों में बिल्कुल नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की योजना पर काम कर रही है. पार्टी ने हालांकि ये बात ऑफिशियली नहीं कही है लेकिन संकेत ऐसे ही हैं.
बीजेपी अगर इन तीन राज्यों में नए चेहरों को मौका देता है तो यह कोई पहली बार किया गया प्रयोग नहीं होगा. गुजरात में ऐसा प्रयोग हो चुका है. वहां सितंबर २०२१ तक विजय रुपाणी मुख्यमंत्री थे. लेकिन अचानक बीजेपी ने भूपेंद्र पटेल को सीएम बना दिया. बीजेपी ने सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं बदला बल्कि पूरा मंत्रिमंडल ही बदल दिया था.
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर फैसला रविवार तक आ सकता है, लेकिन उससे पहले कुछ नाम यहां भी चर्चा में हैं. इनमें डॉ. रमन सिंह, अरूण साव और रेणुका सिंह सबसे आगे हैं। इनके साथ ही विष्णुदेव साय और रामविचार नेताम का नाम भी चर्चाओं में है।
चर्चा में रेणुका सिंह की नड्डा से मुलाकात
भरतपुर-सोनहत सीट से विधायक का चुनाव जीतने वालीं रेणुका सिंह ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से गुरुवार को मुलाकात की। इस बीच बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब तीस मिनट तक मुलाकात चली. राजनीतिक गलियारों में इसकी भी जमकर चर्चा हो रही है।
सड़क निर्माण के दौरान गई जमीन, नहीं मिला मुआवजा
मुख्यमंत्री ने बालोद कलेक्टर को दिए कार्रवाई के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री जनदर्शन में आए बालोद निवासी बोधनलाल के भूमि के संबंध में मुआवजा प्रदान करने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्वरित कारवाई के निर्देश दिए। बोधन लाल ने बताया कि उनकी जमीन अंडा सड़क निर्माण में ली गई है लेकिन अब तक भू अर्जन की राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने इस पर बालोद कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई कर भू अर्जन की राशि दिलाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही भू अर्जन से प्रभावित अन्य लोगों को भी शीघ्र राहत देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के प्रति बोधनलाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भू अर्जन की राशि आपसे मिलने के बाद शीघ्र ही मिल जाएगी। आपने मुझे आश्वस्त कर दिया है। अब मेरी सारी चिंता दूर हो गई है।
जनदर्शन: बोधनलाल की अधिग्रहित जमीन का जल्द मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने बालोद कलेक्टर को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन में आए बालोद निवासी बोधनलाल की अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजा प्रदान करने के संबंध में त्वरित कारवाई करने के निर्देश बालोद जिला प्रशासन से अधिकारियों को दिए हैं। बोधन लाल ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि उनकी जमीन अंडा में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन अब तक उन्हें भू-अर्जन की मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री ने इस पर बालोद कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई कर भू अर्जन की राशि दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही भू अर्जन से प्रभावित अन्य लोगों को भी शीघ्र राहत देने के निर्देश दिए हैं। बोधनलाल ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भू अर्जन की राशि आपसे मिलने के बाद शीघ्र ही मिल जाएगी। आपने मुझे आश्वस्त कर दिया है। अब मेरी सारी चिंताएं दूर हो गई हैं।
जनदर्शन में परसुलीडीह के सरपंच को मिला त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री ने मध्यान्ह भोजन के शेड निर्माण की दी तत्काल मंजूरी
मुख्यमंत्री साय ने जनदर्शन के दौरान रायपुर जिले के ग्राम पंचायत परसुलीडीह के सरपंच के आग्रह पर परसुलीडीह के स्कूल भवन में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए शेड निर्माण की मंजूरी दी है। उन्होंने जिला प्रशासन को जल्द से जल्द शेड निर्माण करने के निर्देश दिए।
परसुलीडीह के सरपंच ने मुख्यमंत्री साय से मुलाकात करके बताया कि ग्राम पंचायत परसुलीडीह द्वारा मध्यान्ह भोजन के लिए शेड निर्माण का आवेदन दिया गया है। इस शेड निर्माण की तत्काल जरूरत है। जिला प्रशासन द्वारा शेड निर्माण हेतु कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों को स्टीमेट बनाकर राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
फौजी की पत्नी को नहीं मिल रही पेंशन, जनदर्शन में मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार
मुख्यमंत्री ने परीक्षण कर समस्या का समाधान करने के दिए निर्देश
रायपुर। पंजाब में तैनात रहे फौजी स्वर्गीय बलदेव सिंह साहू की पत्नी श्रीमती ललिता साहू ने आज जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलकर पेंशन की पूरी राशि दिलाने के लिए मदद की गुहार लगाई।
दुर्ग से आई श्रीमती साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पति इंडियन आर्मी में पंजाब में नायक के पोस्ट पर थे। उनकी मृत्यु हो गई और वो परिवार सहित पंजाब से छत्तीसगढ़ वापिस आ गई। पंजाब में उन्हें पेंशन की पूरी राशि मिलती थी पर छत्तीसगढ़ आने के बाद उन्हें यहां पूरी पेंशन नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक देशभक्त खासकर फौजी के परिवारजनों को छत्तीसगढ़ सरकार कोई कष्ट नहीं होने देगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि जल्द ही श्रीमती साहू की समस्या का निराकरण हो सके। श्रीमती साहू ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया।
बैगा आदिवासी की जमीन पर कब्जा, मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को दिए कार्रवाई के निर्देश
रायपुर । मुख्यमंत्री जनदर्शन में गुरुवार को जिला मनेद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी के ग्राम जनकपुर से एक आदिवासी परिवार आया। परिवार के गेंदलाल बैगा ने बताया कि उनका परिवार पिछली चार पीढ़ियों से जनकपुर में खेती कर रहा है। अभी जमीन पर कुछ लोग जबरन कब्जे की कोशिश कर रहे है। इस वजह से काफी तकलीफ हो रही है।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कलेक्टर मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर को निर्देश देते हुए कहा कि तत्काल इस मामले में जांच कर कार्रवाई करें। गेंदलाल बैगा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनदर्शन में आकर वे आश्वस्त हो गए हैं और उन्हें उम्मीद है कि अब उनके साथ ज्यादती नहीं होगी।
केमिकल प्लांट से निकल रहा विषैला पानी, जनदर्शन में किसानों ने की शिकायत
मुख्यमंत्री ने बलौदाबाजार कलेक्टर को दिए कार्रवाई के निर्देश
रायपुर । मुख्यमंत्री जनदर्शन में बलौदा बाजार जिले के ग्राम डोंगरिया से किसान अपने आवेदन लेकर पहुंचे। किसानों ने बताया कि उनकी फसल अपोलो कंपनी के प्रदूषित पानी से खराब हो रही है।
उन्होंने कहा कि खरीफ की फसल कंपनी के दूषित केमिकल की वजह से खराब हुई। फिर रबी की फसल भी दूषित केमिकल की वजह से खराब हो गई है। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को कई बार मौखिक आग्रह किया गया लेकिन इस पर कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर बलौदाबाजार को तत्काल कार्रवाई कर किसानों को राहत दिलाने की निर्देश दिए। उन्होंने उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा अविलंब इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
खपरी गांव के लोगों को जर्जर सड़कों से मिलेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का जताया ग्रामीणों ने आभार
रायपुर । मुख्यमंत्री जनदर्शन में बालोद जिला के विकासखंड गुंडरदेही अंतर्गत ग्राम पंचायत खपरी ब के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणजन अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए है।
सरपंच श्रीमती जनक बाई साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्राम ईरागुड़ा से पायला पहुंच मार्ग की स्थिति बहुत ही जर्जर हो गई है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। गांव की गलियां पक्की न होने के कारण बरसात में कीचड़ भरा रहता है। उन्होंने गांव में कला मंच बनाने और आश्रित ग्राम भोथीपार को स्वतंत्र पंचायत बनाने की भी मांग की। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि गुंडरदेही में स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित है लेकिन भवन नहीं होने के कारण पढ़ाई में व्यवधान हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनकर शीघ्र समस्याओं का समाधान करने की बात कही। साथ ही अन्य मांगों को भी पूरा करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री साय द्वारा मांगो को पूरी किए जाने के आश्वासन से ग्रामीण उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया की मुख्यमंत्री बेहद ही संवेदनशील है हमारी मांगें पूरी की जा रही है इसके लिए हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस अवसर पर उप सरपंच सांतत राम साहू, चुन्नू राम साहू, गोपाल, सुरीत लाल सुख नंदन श्रीमती केश लता, श्रीमती योग लता, श्रीमती भारती सहित सभी पंचगण उपस्थित थे।
रायपुर लाये गए अनवर-अरुणपति, पूछताछ के लिए ईडी मांगेगी रिमांड
रायपुर। नकली होलोग्राम मामले में करीब डेढ़ माह पहले मेरठ ले जाए गए कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व अफसर अरुणपति त्रिपाठी को प्रोडक्शन वारंट पर गुरुवार को रायपुर लाया गया है। दोनों को रायपुर की विशेष अदालत में दोपहर करीब 1 बजे पेश किया गया। प्रोडक्शन वारंट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जारी करवाया था। ईडी शराब घोटाले के एक केस में दोनों से पूछताछ के लिए फिर रिमांड पर लेगी।
शराब घोटाले में कर्नाटक के केस में चालान पेश नहीं होने के बाद ईडी ने एक और केस रजिस्टर किया था। इसी बीच, अनवर और त्रिपाठी को यूपी एसटीएफ नकली होलोग्राम मामले में गिरफ्तार कर मेरठ ले गई थी। वहां दोनों न्यायिक रिमांड पर जेल में थे। ईडी के आवेदन पर रायपुर की अदालत ने अनवर और अरुणपति को यहां अदालत में पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था।
अनवर और त्रिपाठी को रायपुर में 8 अगस्त को पेश करना था। इस बीच, चर्चा थी कि इस वारंट के खिलाफ दोनों हाईकोर्ट चले गए थे, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। गुरुवार को दोनों को रायपुर लाकर कोर्ट में पेश कर दिया गया।
दोनों रिमांड मिलने पर ईडी की कस्टडी में रहेंगे। ईडी की रिमांड खत्म होने के बाद जब तक यूपी पुलिस रिमांड नहीं लेती, दोनों रायपुर जेल में ही रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनदर्शन में लोगों की सुन रहे समस्याएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनदर्शन में लोगों की सुन रहे समस्याएं
न्यूजीलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली रीता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
न्यूजीलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली रीता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री का जताया आभार