छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों जनदर्शन कार्यक्रम में दिव्यांगों को मिली बैटरी चलित ट्राई साइकिल
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों जनदर्शन कार्यक्रम में दिव्यांगों को मिली बैटरी चलित ट्राई साइकिल
जनता से जुड़ी सभी जनकल्याणकारी नीतियों को दस्तावेज में शामिल किया जाएगा: ओ.पी. चौधरी
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा ’’अमृत कालः छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ के तहत स्टियरिंग कमेटी की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित की गई। बैठक वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन की सह-अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर चर्चा करना था। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य, सलाहकार, विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी ढांचा, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण, कृषि, टेक्नोलॉजी, कला और संस्कृति की पहचान सहित अन्य विषयों पर राज्य को विकसित राज्य बनाने की संकल्पना पर आधारित विषयों को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अधिकारियों को विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा बजट सत्र में घोषणा की थी कि राज्य स्थापना दिवस, 1 नवंबर 2024 को ’’अमृत काल: छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ दस्तावेज़ जारी किया जाएगा। इस विजन डॉक्यूमेंट में अगले 23 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें राज्य के सभी सेक्टर्स के त्वरित विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए केन्द्रीय बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन बजट प्रावधानों को भी ध्यान में रखते हुए हमारा विजन तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विजन दस्तावेज में सभी विभागों के विजन को शामिल करने के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके लिए सभी संभागों में युवा, महिला, कृषक और प्रबुद्धजनों के साथ जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन कर उनके विचारों को शामिल किया जा रहा है।
साथ ही मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से लोगों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सर्विस सेक्टर को और ज्यादा बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने, भविष्य में जल की जरूरतों को पूरा करने, राज्य के युवाओं के लिए उद्यमशिलता को बढ़ावा देने, राज्य में पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए उस पर फोकस करना है। वित्तीय स्रोतों को बढ़ाने के उपायों, ग्रीन एनर्जी की डिमांड, केन्द्रीय सरकार के भविष्य की नीति, पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड विकसित करने, जिसमें रोजगार और राजस्व का सृजन, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को दस्तावेज में शामिल कर सरल और सुशासित छत्तीसगढ़ बनाने तथा राज्य के नागरिक खुशहाल जीवन जी सके जैसे बातों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों द्वारा संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए बनायी जा रही नीतियों की भी जानकारी होनी चाहिए। स्वस्थ और खुशहाल छत्तीसगढ़ के लिए उन्होंने स्वास्थ्य और सुपोषण पर जोर देते हुए, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सभी को सस्ता और सुलभ ईलाज की उचित व्यवस्था को भी दस्तावेज में शामिल किए जाने की बात कही। उन्होंने राज्यों के कुछ शहरों को मेडीसिटी के रूप में विकसित करने, जनसंख्या आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम बनाने तथा सुपोषण के लिए अभियान चलाने की भी बात कही।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ को कृषि और संबंधित सुपर फूड के पॉवर हब के रूप में विकसित करने, लाजिस्टिक सेवाओं के विस्तार, वायु और सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी विकसित करने, हर्बल राज्य के रूप में विकास करने पर जोर दिया। बीपीओ और केपीओ सर्विस की बढ़ोत्तरी, वाईब्रेंड स्टार्टअप विकसित करने, एआई और आईटी सर्विस को बढ़ाने जैसे विषयों को विजन दस्तावेज में प्रमुखता से शामिल करने की बात कही। विजन डाक्युमेंट तैयार करने के संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, नीति आयोग के सदस्य एस. सुब्रमण्यम, सदस्य सचिव अनुप श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सचिव सुशासन और अभिसरण राहुल भगत ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव बैठक में दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव सामान्य प्रशासन अन्बलगन पी., सचिव कृषि शहला निगार, सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव श्रम अलरमेल मंगई डी., सचिव वित्त मुकेश कुमार, सचिव आवास एवं पर्यावरण आर. संगीता, सचिव परिवहन एस. प्रकाश, सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण बसवराजु एस., सचिव समाज कल्याण भूवनेश यादव, सचिव उच्च शिक्षा प्रसन्ना आर., सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग शम्मी आबिदी, सचिव सहकारिता सी.आर. प्रसन्ना, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नरेन्द्र कुमार दुग्गा, विशेष सचिव स्वास्थ्य चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के भारसाधक सचिव शामिल हुए।
सांसद बृजमोहन ने की सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग...
रायपुर। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सीमेंट की बढ़ी कीमतों पर तीखी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सीमेंट की बढ़ी कीमतों को कम करवाने के लिए मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। एकाएक प्रति बोरी 50 रुपए की वृद्धि को वापस लेने की मांग की है।
अपने पत्र में बृजमोहन अग्रवाल ने लिखा है कि, छत्तीसगढ़ खनिज, लौह, कोयला, उर्जा संपदा से भरपूर प्रदेश है, इसके बावजूद भी सीमेंट कम्पनियों के संगठनों द्वारा एक कार्टेल बनाकर सीमेंट की कीमतों में 3 सितम्बर 2024 से बेतहाशा वृद्धि कर दी गई है। सीमेंट कम्पनियो का रवैया छत्तीसगढ़ की भोली-भाली जनता को लुटने व एकछत्र राज करने जैसा हो गया है। सरकार को सीमेंट फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सीमेंट की बढ़ाई गई कीमत को वापस कराकर आम जनता को राहत दिलाने की जरूरत है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, सीमेंट कम्पनियों को छत्तीसगढ़ में ही खदाने, कोयला, उर्जा, सस्ती बिजली, सस्ती एवं सुलभ श्रमिक उपलब्ध हो रही है। छत्तीसगढ़ के सारे संसाधनों का इनके द्वारा दोहन किया जा रहा है। सीमेंट कम्पनियों को उत्पाद्न के लिए कच्चा माल से लेकर उर्जा तक सभी वस्तुऐं छत्तीसगढ़ में कम दरों पर उपलब्ध है। उसके बावजूद सीमेंट के कीमतों में वृद्धि सीधे-सीधे छत्तीसगढ़ की जनता के उपर भार है।
छत्तीसगढ़ में सीमेंट का प्रत्येक महीने लगभग 30 लाख टन (6 करोड़ बैग) उत्पादन किया जाता है। जिसकी कीमतों में एकाएक 50 रूपये तक की प्रति बोरी के हिसाब से वृद्धि की गई है। प्रदेश में सभी सीमेंट कम्पनियाॅ, 03 सितम्बर 2024 के पहले लगभग 260 रू. प्रति बोरी सीमेंट बेच रही थीं। जिसे अचानक एक दिन में लगभग 310 रूपये कर दिया गया है। वहीं सरकारी एवं जनहित के प्रोजेक्ट के लिए मिलने वाला सीमेंट 210 रूपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 260 रूपये प्रति बोरी कर दिया गया है। सीमेंट की कीमतों में एक ही दिन में लगभग 50 रूपये प्रति बोरी की वृद्धि जनता के उपर आर्थिक बोझ है।
सीमेंट की कीमतों में में यह वृद्धि से छत्तीसगढ़ में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, सड़क, भवन, पुल-पुलिया, नहर, स्कूल, काॅलेज, आंगनबाड़ी भवनों सहित गरीबों के लिए निर्मित पी.एम. आवास योजना पर भी असर पड़ेगा। तथा सभी शासकीय प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जायेगी। जो राज्य हित और देश हित दोनों के लिए उचित नहीं है।
माता कौशल्या मंदिर के निर्माण में भ्रष्टाचार कांग्रेस की काली करतूतों का एक और नमूना,मंदिर के पत्थरों का गिरना बेहद पीड़ादायक : भाजपा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने राजधानी से महज 25 किलोमीटर दूर चंदखुरी में कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में तीन साल पहले बने माता कौशल्या के मंदिर निर्माण में किए गए भ्रष्टाचार के सामने आने पर कांग्रेस और उसकी भूपेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि कांग्रेस के भ्रष्ट राजनीतिक चरित्र को बेनकाब करतीं उसकी काली करतूतों का यह एक और शर्मनाक नमूना है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व के एकमात्र माता कौशल्या मंदिर के नाम पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो ढोल पीटते नहीं अघा रहे थे, उस ढोल की पोल मंदिर की छत से भ्रष्टाचार की बूंदों के रूप में टपकते पानी से खुल रही है, जिससे मंदिर परिसर में पानी का जमाव हो गया है। अब तो मंदिर के पत्थर तक गिरने लगे है यह बेहद दुखदाई और शर्मनाक है।कांग्रेस को कौशल्या माता मंदिर के निर्माण में भ्रष्टाचार करते शर्म क्यों नही आई?
राज्य में कर्मचारियों और पेंशनरों हेतु डीए /डीआर के आदेश जल्दी होंगे मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया
इस अवसर पर राज्य कर्मचारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री जी को राज्य में कैशलेश चिकित्सा योजना लागू करने, नियमित किए गए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की भांति अवकाश नगदीकरण का लाभ देने, शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण आदेश को पूर्ण रूप से निरस्त कर शिक्षा संवर्ग का पद्दोन्नती हेतु ज्ञापन देकर अनेक अन्य कर्मचारी हितैषी मुद्दों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया और उन पर शीघ्र कार्यवाही करने हेतु आग्रह किया
नमो ड्रोन दीदी योजना से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर,मिल रहा है अतिरिक्त लाभ
रायपुर,महिलाएं अब घरों के भीतर चूल्हा- चौका के काम तक सीमित नही रह गई है। वे दिन प्रतिदिन नित नए आधुनिक कार्य को सीखकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का सतत प्रयास कर रही है। इन्ही प्रयासों में से एक बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम लाहोद निवासी निरूपा साहू अब गांव में ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती है। निरूपा साहू बताती है की उनका मूल घर ग्राम करदा है। लेकिन हम लोग लाहोद में ही निवासरत है। मेरे पति श्री नकुल प्रसाद साहू लवन जिला सहकारी सोसायटी में ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हैं, हमारे दो लड़के हैं। दोनो लड़के अभी कक्षा चौथी और कक्षा दूसरी में पढ़ाई कर रहे है। मैं भी 12 वी तक पढ़ी हुई हूं। बचपन से ही मुझे बाहर जाकर कुछ काम करने का मन था ताकि मैं अपने पति के साथ कंधे से कंधे मिलाकर उनका सहयोगी बन सकूं और घर के खर्चों में अपना योगदान कर पाऊं। मैं बिहान अंतर्गत वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हूं, एक दिन कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा ड्रोन चलाने वाले काम के बारे में बताया गया। मैंने इस कार्य में भविष्य की संभावनाएं को देखते हुए तत्काल हामी भरी।उसके बाद इफको कंपनी की सहायता से नमो ड्रोन दीदी की ट्रेनिंग लेने ग्वालियर इंस्टिट्यूट में गई थी। जहां मुझे 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिग के बाद आरपीसी लाइसेंस मिला है। वापस गांव आकर मैं ड्रोन दीदी के रूप में कार्य कर रही हूं।
मुख्यमंत्री निवास में विराजे भगवान गणेश, सीएम ने पूजा अर्चना कर खुशहाली की कामना की
रायपुर, 7 सितम्बर 2024 / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर अपने रायपुर निवास में पूरे विधि विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना की। मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वन एवं जल वायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित निवास कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी इस अवसर पर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
चक्रधर समारोह : आज से शुरू होगा सांस्कृतिक महाकुंभ, सीएम साय होंगे शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 7 सितंबर को शाम 5.30 बजे रायगढ़ के रामलीला मैदान में आयोजित 39वें चक्रधर समारोह-2024 का शुभारंभ करेंगे। यह समारोह अगले 10 दिनों तक कला और संस्कृति की नगरी रायगढ़ सांस्कृतिक रस में सराबोर रहेगी। देश के ख्यातिनाम कलाकार कार्यक्रम देने रायगढ़ पहुंचेंगे। पहले दिन प्रख्यात अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना पद्मश्री हेमा मालिनी प्रसिद्ध राधा रास बिहारी का मंचन करेंगी।
समारोह का शुभारंभ गणेश पूजन, दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से होगा। जिसके पश्चात रायगढ़ कथक घराने के वरिष्ठ कलाकार तथा इस वर्ष पद्मश्री से नवाजे गए रामलाल जी को कथक घुंघरू सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिसके बाद भूपेंद्र बरेठ और साथी कलाकारों द्वारा कथक समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके पश्चात दर्शकों को छत्तीसगढ़ की माटी के लोक विधा करमा नृत्य का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। जशपुर के मनियर भगत एवं साथी के द्वारा करमा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में पद्मश्री हेमा मालिनी राधा रास बिहारी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगी।
चक्रधर समारोह के 10 दिवसीय आयोजन में स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के कुल 62 इवेंट आयोजित हैं। जिसमें नृत्य और वादन की विभिन्न विधाओं के साथ गायन और कवि सम्मेलन के कार्यक्रम शामिल हैं।
चक्रधर समारोह के लिए मंच और पंडाल तैयार
चक्रधर समारोह के लिए मंच और पंडाल तैयार है। यहां करीब 29 हजार स्क्वायर फीट की बैठक व्यवस्था बनाई गई है। मुख्य डोम पहले की तुलना में बड़ा बनाया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का 7 एवं 8 सितंबर को रायगढ़ प्रवास
चक्रधर समारोह सहित विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 7 एवं 8 सितम्बर 2024 को रायगढ़ प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय 7 सितम्बर को दोपहर 2.15 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान कर अपरान्ह 3.15 बजे शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम रायगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 3.30 से 4.15 बजे तक शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय गढ़उमरिया के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सर्किट हाऊस रायगढ़ पहंुचेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय शाम 5.30 बजे से रामलीला मैदान में आयोजित चक्रधर समारोह-2024 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय रात्रि 8.35 बजे नटवर स्कूल मैदान में आयोजित महाराष्ट्र मंडल के 85वें सार्वजनिक गणेशोत्सव में शामिल होंगेे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम रायगढ़ में करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 8 सितम्बर को प्रातः 10.35 बजे हेलीकॉप्टर से ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी हेलीपैड जाएंगे और वहां से पूंजीपथरा स्थित बंजारी माई धाम में पूजा तथा मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय पूर्वान्ह 11.40 बजे थाना परिसर पूंजीपथरा में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 12.30 बजे ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी हेलीपेड से हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 1.30 बजे रायपुर लौट आयेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय 8 सितंबर को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में संध्या 4 से 5 बजे तक राजधानी रायपुर आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह एवं उल्लास मेला में शामिल होंगे।
चक्रधर समारोह : 7 सितम्बर से शुरू होगा सांस्कृतिक महाकुंभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुभारंभ समारोह में होंगे शामिल
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 07 सितंबर को शाम 5.30 बजे रायगढ़ के रामलीला मैदान में आयोजित 39वें चक्रधर समारोह-2024 का शुभारंभ करेंगे। यह समारोह अगले 10 दिनों तक कला और संस्कृति की नगरी रायगढ़ सांस्कृतिक रस में सराबोर रहेगी। देश के ख्यातिनाम कलाकार कार्यक्रम देने रायगढ़ पहुंचेंगे। पहले दिन प्रख्यात अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना पद्मश्री हेमा मालिनी प्रसिद्ध राधा रास बिहारी का मंचन करेंगी।
समारोह का शुभारंभ श्री गणेश पूजन, दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से होगा। जिसके पश्चात रायगढ़ कथक घराने के वरिष्ठ कलाकार तथा इस वर्ष पद्मश्री से नवाजे गए रामलाल जी को कथक घुंघरू सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिसके बाद भूपेंद्र बरेठ और साथी कलाकारों द्वारा कथक समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके पश्चात दर्शकों को छत्तीसगढ़ की माटी के लोक विधा करमा नृत्य का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। जशपुर के श्री मनियर भगत एवं साथी के द्वारा करमा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में पद्मश्री हेमा मालिनी राधा रास बिहारी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगी। चक्रधर समारोह के 10 दिवसीय आयोजन में स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के कुल 62 इवेंट आयोजित हैं। जिसमें नृत्य और वादन की विभिन्न विधाओं के साथ गायन और कवि सम्मेलन के कार्यक्रम शामिल हैं।
चक्रधर समारोह के लिए मंच और पंडाल तैयार
चक्रधर समारोह के लिए मंच और पंडाल तैयार है। यहां करीब 29 हजार स्क्वायर फीट की बैठक व्यवस्था बनाई गई है। मुख्य डोम पहले की तुलना में बड़ा बनाया गया है।
नेत्रदान को पारिवारिक परम्परा बनाये : डॉ. दिनेश मिश्र
रामकृष्ण शिक्षण संस्थान में स्वास्थ्य शिविर आयोजित
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा एक व्यक्ति के नेत्रदान के द्वारा दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में प्रकाश आ सकता है, स्वयं तथा अपने परिवार के सदस्यों को नेत्र दान के लिए प्रेरित कर नेत्र दान को अपनी पारिवारिक परम्परा बनाएं।
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अवसर पर रामकृष्ण शिक्षण संस्थान में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में डॉ दिनेश मिश्र(नेत्र रोग), डॉ वी पी पाठक(जनरल फिजिशियन), डॉ सृष्टि मिश्र( त्वचा रोग विशेषज्ञ)डॉ सुरभि मिश्र( कान नाक गला,) डॉ अबीर मिश्र (डेंटल सर्जन ) ने निशुल्क सेवाएं दीं। डॉ दिनेश मिश्र ने नेत्र दान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए कहा किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के कठिनाई भरे जीवन का अंदाज सिर्फ आप कुछ पलों के लिए अपनी आँखें बंद कर ही लगा सकते हैं आँखें बंद करते ही मन में एक भय व असुरक्षा की भावना समाज जाती है और तत्काल आँखें खोलने पर मजबूर हो जाते हैं। प्रकाश व दृष्टि से परे, जीवन का एक दूसरा रूप यह भी जानिए कि पूरी दुनिया में करीब 3 करोड़ लोग पूरी तरह से दृष्टिहीन हैं। भारत में 1 करोड़ 20 लाख लोग पूरी तरह से दृष्टिहीन हैं। 80 लाख लोगों की एक आँख खराब है तथा 4-5 करोड़ लोग कम दृष्टि के कारण घर से बाहर निकलने, मन-माफिक काम करने, चलने-फिरने से पूरी तरह बाधित हैं।
प्रकृति ने जीव को दृष्टि एक ऐसा अमूल्य उपहार दिया है जिसकी कोई कीमत नहीं आंकी जा सकती है। जिस अंधकार में हम एक क्षण बिताने की कल्पना नहीं कर सकते, उसी गहन अंधकार में कितने ही लोग जिन्दगी गुजारने को मजबूर हैं। क्या इनके जीवन में प्रकाश की कोई किरण आ सकती है। इस प्रश्न का उत्तर नि:संदेह हाँ, इनमें से काफी लोग मरणोपरांत नेत्रदान से लाभ उठा सकते हैं। आंखों के स्वच्छ पटल अथवा कार्निया में सफेदी आने से होने वाले अंधत्व के उपचार के लिए नेत्र दान से प्राप्त कॉर्निया मिलना आवश्यक है
डॉ. मिश्र ने कहा नेत्रदान वह प्रक्रिया है जिसमें मानव नेत्रदान द्वारा दान-दाताओं से उनकी मृत्यु के बाद ग्रहण किये जाते हैं। नेत्रदान से प्राप्त इन आँखों की स्वच्छ कार्निया को ऐसे दृष्टिहीन व्यक्ति जिनका जीवन कार्निया में सफेदी आ जाने से अंधकारमय हो गया है, को प्रत्यारोपित कर नेत्र ज्योति लौटायी जा सकती है।
दिनेश मिश्र ने कहा पहले शिक्षा का पर्याप्त प्रसार न होने से लोगों में तरह-तरह के अंधविश्वास तथा भ्रांतियाँ जैसे कुछ लोग यह मानते हैं कि नेत्रदान देने से व्यक्ति अगले जन्म में जन्मांध होगा, तो कुछ लोग भावनात्मक कारणों से मृत शरीर के साथ चीर-फाड़ उचित नहीं मानते तथा नेत्र निकालने की अनुमति नहीं प्रदान करते हैं। तीसरा कारण है - जागरूकता व सामाजिक जिम्मेदारी का अभाव, जबकि भारत में दानवीरता के किस्से हमें सुनने को मिलते रहे हैं। बुद्ध दधीचि, बली व कर्ण जैसे दानवीर भारत की जनता के मानव में रचे बसे हैं, उसके बाद भी नेत्रदान की कम संख्या इस पुनीत कार्यक्रम को आगे बढऩे से रोक रही है
डॉ. मिश्र ने कहा कार्निया प्रत्यारोपण के ऑपरेशन में अच्छे परिणाम के लिए आवश्यक है कि दान देने वाले व्यक्ति की आँखें मृत्यु के उपरांत जल्द से जल्द निकाल ली जावे तथा प्रत्यारोपण का ऑपरेशन भी यथासंभव शीघ्र सम्पन्न हो सके। फिर भी छ: घंटों के अंदर दानदाता के शरीर से नेत्र निकाल लिये जाने चाहिए एवं 24 घंटों के अंदर प्रत्यारोपित हो जाने पर अच्छे परिणाम आते हैं।
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कई बार दान की घोषणा के बाद भी दानकर्ता के रिश्तेदार इस आशंका से अस्पताल में खबर नहीं करते कि मृत शरीर की चीर-फाड़ कर दुर्दशा क्यों की जावे। लेकिन इस मानसिकता को बदलना आवश्यक है जो निरंतर प्रचार व जन जागरण से ही संभव है।
डॉ. मिश्र ने बताया छत्तीसगढ़ में स्थान-स्थान पर ऐसे सामाजिक संगठनों के सहयोग की आवश्यकता है। आवश्यकता पडऩे पर नेत्रदान व नेत्र प्रत्यारोपण के बीच कड़ी का काम कर सके, न केवल मरणासन्न व्यक्ति के परिवार को उस व्यक्ति के मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित कर सके, बल्कि ऐसे व्यक्ति जिन्हें नेत्र प्रत्यारोपण की आवश्यकता है उन्हें भी नेत्रों के उपलब्ध होने की खबर जल्द से जल्द पहुँचाकर ऑपरेशन के लिए भर्ती करने व मानसिक रूप से तैयार होने में मदद कर सके। इसलिए निरंतर प्रचार व जन-जागरण की आवश्यकता है।
हम अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करें, ताकि दृष्टिहीनों के जीवन में प्रकाश की किरणें जगमगाने लगे। डॉ मिश्र फाउंडेशन इस सम्बंध में जागरूकता अभियान के माध्यम से नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहा है लोगों को इस सम्बंध में पम्पलेट वितरित करने,परामर्श देने,तथा नेत्रदान के लिए फार्म भरवाने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में डॉ वी पी पाठक, आर के चौबे,ने भी संबोधित किया. शिविर में 300से अधिक मरीजों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण,नेत्र परीक्षण किया गया नेत्र दान के फॉर्म भरवाए एवम पंपलेट वितरित किए गए।
रेणुका सिंह ने शिक्षक दिवस के मौके पर छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी घोषणा की
रायपुर। विधानसभा क्षेत्र के टॉपर छात्रों को 2 स्कूटी प्रदान करने के बाद भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने शिक्षक दिवस के मौके पर छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी घोषणा की है। जनकपुर के शासकीय नवीन महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के अवसर पर 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 1 नहीं अनेक नई घोषणा की है।
10वीं और 12वीं में भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को लैपटॉप, हवाई यात्रा कर दिल्ली भ्रमण के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ मुलाक़ात के अलावा छात्र व छात्रा के प्रतिनिधित्व वाले स्कूल को 11 हज़ार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपहार स्वरूप देने की घोषणा की है।
विधायक रेणुका सिंह का कहना है कि ऐसी घोषणाओं से छात्रों के बीच अव्वल आने की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, जिससे वो मन लगाकर पढ़ाई करते है। शिक्षक दिवस के मौके पर विधायक व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने गत वर्ष सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों व शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालो को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विधायक रेणुका सिंह द्वारा किए गए वायदे के अनुरूप 10वीं व 12वीं कक्षा के टॉपर छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपी गई।
गौरतलब है कि विधायक रेणुका सिंह ने बोर्ड परीक्षाओं के शुरुआत के दौरान यह घोषणा की थी कि 10वीं व 12वीं में भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र में टॉपर आने वाले छात्र छात्राओं को स्कूटी या बाइक प्रदान की जाएगी। मई में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए जिसमे दो छात्राओं न पूरे विधानसभा क्षेत्र में टॉप किया।
12वीं में विज्ञान संकाय से स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा अंकिता रजक ने 91.20 प्रतिशत अंक लाकर सिर्फ भरतपुर सोनहत विधानसभा में ही नहीं अविभाजित कोरिया जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वही 10वीं बोर्ड परीक्षा में न्यू लाइफ इंग्लिश मीडियम स्कूल की छात्रा शिफा बी ने 96.50 प्रतिशत अंक लाकर भरतपुर सोनहत विधानसभा में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इन्द्रावती टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों के विस्थापन हेतु तिथि में संशोधन
रायपुर। इन्द्रावती टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के अंतर्गत 76 ग्राम आते है जिसमें से प्रथम चरण में 21 ग्रामों को चयन किया गया है। उक्त 21 ग्रामों के स्वेच्छापूर्वक विस्थापित चाहने वाले परिवारों को शासन के विस्थापन योजना का लाभ पहुंचाने एवं बाघ प्रबंधन की संरक्षण व संवर्धन हेतु ग्रामवार सर्वे करने एवं ग्रामवासी को आवेदन प्रस्तुत करने हेतु तिथि 23 अगस्त 2024 तय किया गया था तथा तिथि को संशोधित कर 01 जनवरी 2025 तक किया गया है। उक्त तिथि 01 जनवरी 2025 तक व्यस्क व्यक्ति जिसका आयु 18 वर्ष पूर्ण हो निर्धारण करने हेतु तय किया गया है। उक्त ग्राम में रहने वाले ग्रामवासी अपने स्वेच्छानुसार विस्थापन नहीं होते हैं तो शासन को किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं होगी।
9 सितंबर को मनाई जाएगी बलराम जयंती-किसान दिवस
मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में होंगे शामिल
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त के संयुक्त तत्वावधान में कृषि के देवता माने जाने वाले भगवान श्री बलराम जी की जयंती 9 सितम्बर, 2024 को भगवान श्री बलराम जयंती-किसान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मण्डपम में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी होंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बृजमोहन अग्रवाल, सांसद, रायपुर, अनुज शर्मा, धरसींवा विधायक, मोतीलाल साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय डॉ. गिरीश चंदेल एवं भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त अध्यक्ष श्री सुरेश चन्द्रवंशी उपस्थित रहेंगे।
भगवान श्री बलराम जयंती-किसान दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी जिसमें प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि पर विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ की संकल्पना, इसकी प्रविधि एवं इससे प्राप्त लाभों से अवगत कराया जाएगा। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 2 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे। इस दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी श्री बलराम जयंती-किसान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही कृषि में गौ उत्पादों जैसे गोबर और गौमूत्र का प्रयोग होता रहा है। गौ आधारित खेती रसायन एवं कीटनाशक मुक्त कृषि वह पद्धति है, जिसमें परम्परागत तरीके से प्रकृति के नियमों का अनुसरण करते हुए देशी गाय आधारित खेती के सिद्धांत को अपनाकर खेती की जाती है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और खेती की लागत कम हो जाती है।
मुख्यमंत्री के सार्थक प्रयास से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का संवर रहा जीवन
पहाड़ी कोरवा बस्ती में जनमन शिविर का आयोजन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के बगीचा विकास खंड के ग्राम पंचायत बालादरपाठ में जनमन शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें इन परिवारों की समस्याओं का समाधान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के आर्थिक-सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए हमारी सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है और विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आजीविका के नए अवसरों के सृजन के लिए कृषि और अन्य छोटे व्यवसायों के लिए सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे इन परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पहाड़ी कोरवा परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। साथ ही, इनकी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर को संजोने और उसे बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने जगदलपुर में ली स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक
समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने सरकार कटिबद्ध-स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर । प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल सहित जिला अस्पताल,सिविल अस्पताल,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा आयुष्मान आरोग्य केन्द्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है। जिसके तहत अत्याधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता सहित उपकरणों तथा मानव संसाधन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल शुक्रवार को सर्किट हाउस जगदलपुर में स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक के दौरान कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर धरातल पर परिणाममूलक कार्य करें। व्यापक जनजागरूकता निर्मित करने सहित दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता,कॉम्बेट दलों का बेहतर उपयोग तथा रेपिड रिस्पांस टीम को सक्रिय रखकर मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार पर ध्यान केंद्रीत करें। उन्होंने बस्तर को मलेरिया मुक्त करने के लिए मिशन मोड पर काम करने आवश्यकता जतायी और जांच एवं उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने कहा। साथ ही मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण एवं मलेरिया कीटनाशक दवाई के छिड़काव पर जोर दिया।
अस्पतालों की स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल सहित जिला अस्पताल,सिविल अस्पताल,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वच्छता एवं साफ-सफाई,स्वच्छ शौचालय तथा मेन्यू अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुलभ करवाने कहा। साथ ही आवश्यकता अनुरूप सुरक्षाकर्मी रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दिशा में जीवनदीप समिति के माध्यम निर्णय लेने कहा। वहीं जरूरत के अनुसार राज्य स्तर से भी मांग किये जाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में निर्धारित ड्यूटी अवधि के दौरान चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ की उपस्थिति पर जोर देते हुए समय पर मरीजों के उपचार हेतु संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। वहीं अस्पतालों से रैफरल प्रकरणों में कमी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग कर मरीजों का बेहतर ईलाज किया जाए। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने सहित सिजेरियन ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था हेतु प्रयास किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने बस्तर के अस्पतालों तथा स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक उपकरणों सहित चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ की पूर्ति के लिए भी विशेष तौर पर बल दिया।
निपुण भारत मिशन : मोबाइल लाइब्रेरी वेन का हुआ शुभारंभ
पठन कौशल और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने चल रहा है ‘पठन अभियान’
रायपुर । प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और रूम टु रीड के संयुक्त तत्वाधान में में ‘पठन अभियान’ के तहत 2 मोबाइल लाइब्रेरी वेन का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत एससीईआरटी के संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा द्वारा की गई। इस दौरान अपर संचालक जे. पी. रथ और रूम टू रीड के राज्य प्रमुख यशवर्धन उनियाल, एससीईआरटी के अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
इस मोबाइल लाइब्रेरी का उद्देश्य बच्चों और समुदायों के बीच पठन कौशल को बढ़ावा देना है। लाइब्रेरी वेन 10 दिनों तक महासमुंद जिले के बागबहरा विकासखंड अंतर्गत 30 स्कूलों तथा संकुलों में बच्चों और समुदाय सदस्यों के समक्ष विभिन्न पठन गतिविधियों का आयोजन करेगी। इन गतिविधियों के माध्यम से स्कूली बच्चों में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित किया जाएगा और उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत लक्षित समुदाय सदस्यों को इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस अभियान में पठन कौशल बुनियादी साक्षरता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से एससीईआरटी और रूम टु रीड ने इस वर्ष भी ‘पठन अभियान’ के तहत बच्चों में पढ़ने की आदतों को विकसित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया है। पठन अभियान के दौरान स्कूलों और समुदायों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम का हिस्सा बन सकें। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में 6 सप्ताह की योजना बनाई गई है, जिसमें पठन, लेखन, चित्रकला और सामुदायिक सहभागिता जैसी रोचक सीखने की गतिविधियाँ शामिल हैं। मोबाइल लाइब्रेरी वेन बच्चों को किताबों और पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराएगी और उन्हें पठन के महत्व को समझाने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन करेगी।
इस अभियान के माध्यम से बुनियादी साक्षरता को बढ़ावा देने और पठन कौशल को बच्चों में मजबूती से स्थापित करने की उम्मीद की जा रही है। पठन अभियान के दौरान विविध गतिविधियों के माध्यम से स्कूल तथा समुदायों में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पठन के प्रति जागरूकता पैदा करना भी इसका लक्ष्य होगा।