छत्तीसगढ़ / रायपुर
सशस्त्र सैन्य प्रदर्शनी युवाओं के लिए प्रेरणा का अद्वितीय स्रोत : राज्यपाल डेका
सैन्य समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर। रायपुर में आयोजित भव्य सशस्त्र सैन्य समारोह युवाओं के लिए प्रेरणा का एक अद्वितीय स्रोत है। यह दिखाता है कि भारतीय सेना में शामिल होने का अर्थ केवल एक नौकरी पाना ही नहीं है बल्कि अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पण की भावना से ओत-प्रोत होना है। राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को रायपुर में सशस्त्र सैन्य समारोह के समापन अवसर पर उक्त बातें कहीं।
रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में विगत 05 अक्टूबर से आयोजित सशस्त्र सैन्य प्रदर्शनी का आज भव्य समारोह में समापन हुआ। इस कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि भारतीय सेना राष्ट्र सेवा का प्रतीक है, इसमें शामिल होकर राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाएं। सैन्य प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं में साहस और समर्पण की भावना उत्पन्न होगी। छत्तीसगढ़ के युवा भी सेना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे और देश की सुरक्षा में तत्पर रहेंगे।
डेका ने कहा कि यह आयोजन हमे दिखाता है कि भारतीय सेना अब अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों से सुसज्जित है। यह आत्मनिर्भर भारत की ओर हमारा बढ़ता हुए कदम है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस प्रगति की है। भीष्म टी-90 टैंक, स्ट्रेला मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण जो हम यहां देख रहे है, इस बात का प्रमाण है कि अपने संसाधनांे और प्रतिभा का उपयोग करके हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ताकतों में से एक बन रहे है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का शौर्य और वीरता अद्भुत है। हर सैनिक में त्याग, साहस और कर्त्तव्यपरायणता की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। इसमे महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। वे भी सेना के हर मोर्चे पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। हमारे जवानों का अदम्य साहस और कर्त्तव्य निष्ठा हमे यह सिखाता है कि जब देश की बात हो तो हमे सभी कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। भारतीय सेना न केवल युद्ध क्षेत्र में बल्कि आपदा राहत कार्यों, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और शांति बनाए रखने के प्रयासों और जीवन के साथ हमारी सम्पत्ति की रक्षा करती है। इसलिए हमारे सैनिकों और उनके परिजनों के हित और कल्याण के लिए हमें भी अधिक-अधिक योगदान करना चाहिए।
समारोह के पूर्व डेका ने सैन्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सेना के उच्च अधिकारियों ने भीष्म टी-90 टैंक सहित विभिन्न मिसाइल, अत्याधुनिक लड़ाकू हथियारों एवं अन्य सैन्य उपकरणों के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल डेका ने शहीद जवानों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
समारोह में स्वागत भाषण रायपुर जिले के कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने किया।
समारोह के दौरान एनसीसी के कैडेटों का शानदार घुड़सवारी प्रदर्शन, जाबांज सैनिकों का डेयर डेविल मोटर साइकिल शो, गोरखा रेजिमेंट का खुखरी डांस प्रस्तुतिकरण, हेलीकॉप्टर से सलामी, सैैन्य छापेेमारी, मिलिट्री बैंड कॉन्सर्ट एवं अन्य विविध कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने छत्तीसगढ़ और ओड़िशा उप क्षेत्र के बिग्रेडियर अमन आंनद को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मानपत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया। सेना के अधिकारियों ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक विवेक शर्मा, सेना के अधिकारी, सैनिक, उनके परिजन, आम जनता, युवा,महिलाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
वनवासी क्षेत्रों मे नवरात्रि
हिन्दू धर्म से वनवासी समाज को अलग परिभाषित करने के सभी विभाजनकारी षड्यंत्र तब धवस्त हो जाते हैं, जब इनकी मान्यताएँ, पर्व, रहन-शैली, विचार मेल खाते हैं। कुल देवी, बाघ देवी, ज्वाला देवी, गांव देवी और वन देवी की पूजा-अर्चना तथा गांवों, अंचलों में मंदिर, पट, मढिया इसके ज्वलंत उदाहरण है। शारदीय नवरात्रि ऐसा पर्व है, जो वनवासी क्षेत्रों में भी धूमधाम से मनाया जाता है, यह सिद्ध करता है कि हम हिन्दू हैं, भले ही हमारे निवास स्थान, रहन-सहन अलग-अलग हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है। नौ दिनों तक मनाई जाने वाली इस पूजा में माँ दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा होती है। वनवासी क्षेत्रों की नवरात्रि पूजा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से तनिक भिन्न है। इनके नामों व पूजा पद्धति में विविधता है। वनवासी देवी माँ से अच्छी फसल, वर्षा व प्रकृति संरक्षण की याचना करते हैं। भील समाज में नवणी पूजा, गोंड समाज में खेरो माता, देवी माई की पूजा, कोरकू समाज में देव-दशहरा के रुप में देवी माँ की पूजा होती है। भील समाज में नवणी पर्व नवणी में भील अपनी कुलदेवी व दुर्गा-भवानी का पूजन करते हैं। यह त्यौहार अश्विन (कुआर) माह में शुक्ल पक्ष की पड़वा से प्रारम्भ होता है। पूरे वर्षभर में हुई गलतियों के लिये सभी देवी-देवताओं से क्षमा याचना करते हैं।
नवणी से पहले स्वच्छता की दृष्टि से घरों की गोबर व मिट्टी से लिपाई होती है। व्रती सागौन की पाटली (पटिया) सुतवार (बढ़ई) से बनवाकर उस पर चाँद व सूर्य उकेरवाता है। घर या आंगन में चौका पुराया जाता है। पाटली में शुद्ध धागा नौ बार लपेटा जाता है, उसी चौके पर पाटली की स्थापना कर पूजा की जाती है। जिस सागौन से पाटली काटी गयी होती है, उसे भी कच्चा सूत व नारियल भेंट किया जाता है। बाँस की छोटी-छोटी पाँच या सात टोकरियों में मिट्टी डालकर गेहूँ बोया जाता है, इसे बाड़ी, जवारा या माता कहते हैं। यह जवारा नवमी तिथि को संध्या की बेला में नदी में विसर्जित होता है। श्रद्धालु खप्पर, गीत गाते नदी तट पर जवारा लेकर जाते हैं। जिसे श्रद्धा स्वरूप एक दूसरे को देते हैं।
गोंड ही नहीं, कोरकू जनजाति में भी कई दशहरे मनाये जाते हैं, जिसमें से एक दशहरा कुंआर की नवरात्रि है। गोंड समाज के लोग गाड़वा के सामने ककड़ी को बकरे का प्रतीक मानकर काटते हैं। अपने ईष्ट से याचना करते हैं कि वर्षभर हमें कुल्हाड़ी, हंसिया चलाना पड़ता है, उसमें कोई हानि न हो। गोंड समाज में खेरो माता की पूजा होती है। गोंड समाज में खेरो माता को गाँव की मुख्य देवी का दर्जा प्राप्त है। कोरकू समाज में कुंआर माह में देव-दशहरा मनाया जाता है। इस पूरे पर्व में मुठवा देव, हनुमान, पनघट देव, बाघ देव, नागदेव, खेड़ा देव आदि की पूजा होती है। कोरकू लोग अपने देवी-देवताओं के चबूतरे पर गाते-बजाते हैं, जिसे 'धाम' कहते हैं। कोरकू समाज में भी इस पर्व पर बलि देने की मान्यता है। इस पर्व से संबंधित कुछ निषेध भी हैं - दशहरे के पहले खलिहान नहीं लीपा जा सकता, अशुभ माना जाता है। दशहरा पर अस्त्र-शस्त्र पूजन के साथ प्रकृति के वाहक इस समुदाय में नीलकंठ दर्शन और सोने अर्थात शमी के पत्ते का अर्पण शुभकारी है।
त्यौहार सम्पन्न होने तक सागौन के पत्तों की पोटिया भी नहीं बनाए जा सकते बाँस काटना भी वर्जित है। सागौन के पत्तों की तह करके बंडल बनाने को पोटिया कहते हैं, ये पोटिया घर की छपरी आदि बनाने के लिए वाटर प्रूफ का काम करते हैं। मुठवा देव की पूजा से पहले हनुमान की पूजा करते हैं। हनुमान को लंगोट और नारियल चढ़ाया जाता है। हनुमान की पूजा सबसे पहले करने की मान्यता के पीछे इनका तर्क है कि हनुमान 'रगटवा सामान' अर्थात खून आदि स्वीकार नहीं करते। जबकि मुठवा देव को शराब व चूजा भेंट किया जाता है। मुठवा देव की पूजा के बाद पनघट देव, बाघ देव, नागदेव, खेड़ा देव की पूजा होती है। पूजा के बाद सागौन या खाखरा के पत्तों में भोजन कराया जाता है। भोजन से निवृत्त होने के बाद सभी सागौन के छह-छह पत्ते तोड़ते हैं। इन छह पत्तों से पोटिया बनाते हैं। इस नियम को पूरा करने के बाद लोग सागौन के पत्ते तोड़ सकते हैं। ये परम्पाराएं आज भी पुरातन भाव से चलायमान है।
सनातन-हिन्दू धर्म का जनजातीय समाज एक अभिन्न अंग अपने विकासकाल से ही रहा है, यह अलग बात है कि सभ्यताओं के विकास एवं लगातार आक्रमणों के कारण जनजातीय समाज के स्थान परिवर्तन एवं परम्पराओं, संस्कृति, विवाह, रीतिरिवाज, पूजा पध्दति, बोली एवं कार्यशैली में भले ही आंशिक अन्तर दिखता हो। किन्तु वर्तमान परिप्रेक्ष में सनातन हिन्दू समाज की जनजातीय एवं गैर जनजातीय इकाइयों का मूल तत्व एवं केन्द्र हिन्दुत्व की धुरी ही है।
स्कूली बालिकाओं से अश्लील हरकत करने वाले प्रधान पाठक इंद्रमन साहू को मिली उसके दुष्कर्मों की सजा
रायपुर, कहते है बुरे कर्मो का बुरा नतीजा। स्कूली बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने और उनसे गंदी-गंदी बाते करने के दोषी प्रधान पाठक इंद्रमन साहू (56 वर्ष) को उसके बुरे कर्मो की सजा मिल गई है। आज से लगभाग 6 वर्ष पूर्व रायपुर जिले अभनपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सुंदरकेरा के स्कूल में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थापना के दौरान इंद्रमन साहू स्कूली बालिकाओं की लज्जा का आनादर करने के आशय से गंदी-गंदी बातें करने के साथ ही लैगिंक हमले का अपराध कारित करने के मामले में न्यायालय ने उसे दोषी माना है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, द्वितीय फास्टट्रैक विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) रायपुर ने उसे धारा 354 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास सहित एक हजार रूपए के अर्थ दंड तथा धारा 509 के तहत तीन वर्ष के कारावास तथा एक हजार रूपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
गौरतलब है कि गुरू शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले इंद्रमन साहू द्वारा स्कूली बच्चियों से गंदी - गंदी बातें ,अश्लील हरकतें लगातार की जा रही थी । वह बालिकाओं को डराता और धमकाता भी था। बालिकाओं ने इस बात की जानकारी अपने पालकों को दी, तो पालक आकोषित हो गए और उन्होंने इसकी शिकायत पंचायत पदाधिकारी से की, और फिर उसके के विरूद्ध 29 सितम्बर 2018 को गोबरा नवापारा थाने में अश्लील हरकत और छेड़खानी और पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस ने उक्त मामले में उसी समय उसे गिफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत मुचलके पर रिहा हुआ था। न्यायालय में चल रहे इस मामले का फैसला 18 अगस्त 2024 हुआ, जिसमे वह अपराध कारित करने का दोषी पाया गया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सम्पूर्ण तथ्यों परिस्थितियों तथा इंद्रमन साहू द्वारा किए गए अपराध एवं उनकी गंभीरता को देखते हुए उसे धारा 354 एवं धारा 509 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास सहित दोनों धाराओं में एक-एक हजार रूपए के अर्थदंड के सजा दी है। अर्थदंड की राशि अदा न किए जाने पर उसे प्रत्येक धाराओं में एक-एक माह सश्रम कारावास पृथक से दिए जाने का आदेश पारित किया गया है। न्यायालय ने उसके पूर्व के जमानत मुचलके को निरस्त करने के साथ ही उसे केन्द्रीय जेल रायपुर भेज दिया है।
संविधान को सर्वोच्च मानते हुए इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी, क्योंकि संविधान हमें अधिकार सम्पन्न बनाता है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रायपुर स्थित अम्बेडकर चौक में डॉ. भीम राव अम्बेडकर जी की नवीन प्रतिमा स्थापना हेतु आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए
रायपुर, 07 अक्टूबर 2023


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर स्थित अम्बेडकर चौक में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की नवीन प्रतिमा स्थापना हेतु आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए । इस अवसर पर विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, महापौर श्री एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा एवँ जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे ।


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अंबेडकर जयंती के दिन यह बात सामने आयी कि बाबा साहब की वर्तमान मूर्ति बहुत पुरानी और खण्डित हो गई है इसलिए इसके स्थान पर नई मूर्ति की स्थापना की जाये। यह जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई, निगम ने इसके लिए टेंडर निकाला, प्रक्रिया पूर्ण की और मूर्ति भी अब निर्माणाधीन है । आज मूर्ति स्थापना कार्य का भूमि पूजन किया जा रहा है, इस अवसर पर मैं आप सभी को बधाई एवँ शुभकामनाएं देता हूं ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बाबा साहब ने जो रास्ता दिखाया है उसी रास्ते पर चलकर हम समाज और देश को आगे ले जा सकते हैं । उन्होंने हमें जो संविधान दिया है वह सभी देशवासियों के लिए सबसे बड़ी ताकत है । इसी संविधान के तहत हम सभी को अधिकार और बहुत सी स्वतंत्रताएं मिली हैं । अब यदि संविधान को कमजोर करने का प्रयास किया जाएगा तो यह देशवासियों को कमजोर करने का प्रयास होगा, जिससे देश भी कमजोर होगा । संविधान को सर्वोच्च मानते हुए संविधान की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है क्योंकि यही संविधान हम सभी को अधिकार सम्पन्न बनाता है ।
सैकड़ों समर्थकों के साथ योगेश तिवारी बीजेपी में शामिल, पूर्व सीएम ने कहा – जिसने गरीबाें का आवास छीना उसे राज करने का अधिकार नहीं
रायपुर. कट्टर जोगी समर्थक और किसान नेता योगेश तिवारी आज अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हुए. इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, सांसद सुनील सोनी समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे. बताया जा रहा कि वे बेमेतरा से दावेदारी भी कर रहे हैं.
पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा, आदिवासियों का बोनस, वृद्धों का पेंशन भूपेश ने सब छीन लिया. जिसका घमंड बढ़ता है, अत्याचार, अन्याय बढ़ता है उसका अंत होता है. जैसे रावण का अंत हुआ था वही संकल्प सबको लेना है.
बता दें कि योगेश तिवारी बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ चुनावी मैदान में खड़े हुए थे. अजीत जोगी के निधन के बाद उनकी पार्टी छोड़ दी थी. योगेश तिवारी ने कहा, मैं कार्यकर्ता के रूप में सेवा करूंगा. आने वाले समय में भारतीय जनता पार्टी का जो आदेश होगा उसका पालन करुगा. इस भूमि की सेवा करना चाहता हूं, इसलिए मैंने बीजेपी में 1500 साथियों के साथ जॉइन किया है. वहीं राजीव लोचन महाराज ने योगेश तिवारी को बुलेट प्रूफ आदमी बताया है |
राइड का आयोजन, मानव-हाथी संघर्ष कम करने वन्यजीव संरक्षण की जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ राइडिंग क्लब (36आरसी) ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग कोरबा के सहयोग से हाल ही में चैतुरगढ़ के लिए एक राइड का आयोजन किया. इस यात्रा का उद्देश्य मानव हाथी संघर्ष को कम करने के बारे में जागरूकता बढ़ाना था.



संभावित प्रत्याशियों का विरोध, कार्यकर्ताओं की चेतावनी, लगा रहे नारे ‘बदलना होगा बदलना होगा’
रायपुर. भाजपा की संभावित सूची सामने आने के बाद पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं. इसे लेकर शनिवार को संभावित प्रत्याशियों का विरोध करने के लिए अकलतरा, बसना और जैजैपुर विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे. ये कार्यकर्ता अकलतरा से विधायक सौरभ सिंह, जैजैपुर से कृष्णकांत चंद्रा और बसना से संपंत अग्रवाल को टिकट देने का विरोध कर रहे हैं. अपनी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने संगठन महामंत्री पवन साय का काफिला रोका, उनसे मुलाकात कर उन्हें प्रतिवेदन सौंपा. इस बीच कार्यकर्ता ‘बदलना होगा बदलना होगा’ के नारे लगा रहे थे.

संपत की जगह किसी को भी टिकट दे दें- कार्यकर्ता
कार्यकर्ताओं ने संगठन महामंत्री ने मिलकर संपत अग्रवाल को टिकट न देने की मांग की है. कार्यकर्ताओं ने कहा कि संपत अग्रवाल बीजेपी से निष्कासित था, पिछले विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुका है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि संपत अग्रवाल के अलावा पार्टी किसी को भी टिकट बसना से दे दें.
कार्यकर्ताओं को नहीं पूछते सौरभ सिंह- कार्यकर्ता
वहीं अकलतरा के मौजूदा विधायक सौरभ सिंह को दोबारा टिकट न देने की मांग यहां के कार्यकर्ता कर रहे हैं. अलकतरा विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सौरभ सिंह को टिकट मिली तो बीजेपी का एक भी कार्यकर्ता वहां काम नहीं करेगा. पार्टी समझ ले कि वहां भाजपा नाम की कोई चीज नहीं रहेगी. कार्यकर्ताओं का कहना है कि सौरभ सिंह कार्यकर्ताओं की पूछ परख नहीं करते |
एक्सिस बैंक ने लॉन्च कीअपनी डिजिटल बैंकपेशकश - 'ओपन बाय एक्सिस बैंक'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रच रहा स्वर्णिम कीर्तिमान, सेवा - सुशासन एवं गरीब कल्याण के 22 वर्ष हुए पूर्ण
अदाणी फाउंडेशन के वस्त्र निर्माण सह सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का अनावरण कार्यक्रम सम्पन्न
आशा देवी रेखचन्द लुनिया चेरिटेबल ट्रस्ट रायपुर द्वारा जैन पब्लिक स्कूल रायपुर में निःशुल्क जांच शिविर
जाना एवरेस्ट है, फिटनेस परखने साइकिल से कन्याकुमारी हो आईं...
रायपुर । एवरेस्ट जीतने के लिए पहले तो अपने बदन की ताकत को जीतना होता है, और फिर एक बड़ी रकम का इंतजाम भी लगता है।
छत्तीसगढ़ की निशु सिंह दूसरे कई पहाड़ जीत चुकी है, लेकिन एवरेस्ट की तैयारी जारी है।बीती 15 अगस्त को वे 6260 मीटर ऊंचाई वाले पहाड़, माऊंट जो जंगो पर तिरंगा लहराकर लौटी हैं। वे 2024 में माऊंट एवरेस्ट जाने के लिए फिटनेस और फाइनेंस दोनों की तैयारी में हैं। अपनी फिटनेस परखने के लिए वे अभी साइकिल से कन्याकुमारी तक हो आई हैं।
इस बीच उन्होंने ‘छत्तीसगढ़’ अखबार के संपादक सुनील कुमार से बातचीत की।
एम्स के डाक्टरों ने किया कमाल, जोड़ी कटी हथेली
रायपुर । राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्लास्टिक और हड्डी रोग विभाग के डाक्टरोंं ने हाथ से कटकर अलग हुई हथेली को सात घंटे में पुन: जोड़ने में सफलता पाई है।
पीड़ित अब पूरी तरह से स्वस्थ है। भनपुरी निवासी 38 वर्षीय युवक का हाथ 25 सितंबर को लकड़ी काटने की मशीन में आने से कट गया था। हादसे के 90 मिनट के अंदर स्वजन हथेली को बर्फ में रखकर पीड़ित के साथ एम्स के ट्रामा एवं इमरजेंसी पहुंचे।
यहां पर डाक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भर्ती कर लिया। प्लास्टिक सर्जरी और हड्डी रोग विभाग के चिकित्सकों ने पीड़ित के कटे हुए हाथ का परीक्षण किया। डाक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से हथेली को जोड़ने के लिए तुरंत आपरेशन करने का निर्णय लिया।
सात घंटे तक चले आपरेशन में हाथ को पुनः जोड़ने में कामयाबी मिली। हड्डी और नसों को जोड़ने के लिए माइक्रोवस्कुलर तकनीक का प्रयोग किया गया। अभी रोगी का हाथ में प्रतिक्रिया आने लगी है। कुछ ही हफ्तों में इसके पुनः सामान्य होने की उम्मीद है।
सर्जरी की टीम में विभागाध्यक्ष डा. जितेन कुमार मिश्रा, डा शर्मेंद्र आनंद साहू, आर्थोपेडिक विभाग के डा. सुदर्शन, एनेस्थिसिया विभाग के डा. देवेंद्र त्रिपाठी, डा. चंदन डे और डा. जावेद के साथ रेजिडेंट्स डा. अबी, डा. अपराजिता, डा. जलज, डा. अभिजित और डा. निकिता शामिल थीं। निदेशक डा. अजय सिंह ने सर्जरी पर हर्ष जताया है।
समय पर पहुंचने से बढ़ जाती हैं संभावनाएं
डा. जितेन कुमार मिश्रा ने बताया कि यदि कटे हुए अंग को समय पर अस्पताल में बर्फ के अंदर संरक्षित अवस्था में पहुंचा दिया जाए तो इसे पुनः प्रतिस्थापित करने की संभावना काफी अधिक होती है। इसके लिए आवश्यक है कि अंग सीधे बर्फ के संपर्क में न आए। यदि कटा हुआ अंग सामान्य अवस्था में है और छह से आठ घंटे के अंदर सर्जरी कर दी जाती है तो यह पुनः कार्यशील हो सकता है।
टिकट बंटवारे पर कांग्रेस का तंज कहा- पहली सूची पर बगावत, दूसरी वायरल पर घातक हो गई… रणविजय सिंह को लेकर कही ये बात
रायपुर. कांग्रेस में प्रत्याशियों की घोषणा को लेकर कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारे यहां टिकट बांटने का सिस्टम है. हर विधानसभा में योग्य उम्मीदवारों की भरमार है. सर्वोत्तम उम्मीदवार का चयन करेंगे. केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद उमम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे.
टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी में मचे बवाल को लेकर उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पहली सूची जारी की थी तो बगावत शुरू हो गई थी. उसके बाद दूसरी वायरल सूची में स्थिति घातक हो गई. नेताओं के कॉलर पकड़े जा रहे हैं, प्रदेश अध्यक्ष की तस्वीर पर कालिख पोती जा रही है. बीजेपी का यही असली चरित्र है. कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का यह परिणाम है.
टिकट बंटने के बाद बड़े नेता बगावत करेंगे- सुशील आनंद
पूर्व सांसद रणविजय सिंह के पद छोड़ने की पेशकश पर सुशील आनंद ने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है, राणविजय सिंह जैसे बीजेपी के वरिष्ठ नेता विरोध में हैं, पूरी टिकट बंटने के बाद बड़े नेता बगावत करेंगे, आधा दर्जन से ज्यादा विधायक टिकट की प्रतीक्षा में हैं. टिकट की घोषणा के बाद आधे विधायक पार्टी छोड़ देंगे.
बीजेपी के पास को मुद्दा नहीं होता तो सांप्रदायिक कार्ड खेलती है- सुशील आनंद
धर्मांतरण को लेकर बीजेपी द्वारा कांग्रेस को घेरने पर शुक्ला ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं होता तो सांप्रदायिक कार्ड खेलती है. उन्होंने बिरनपुर और कवर्धा में कोशिश की थी, लेकिन इसे छत्तीसगढ़ की जानता पसंद नहीं करती. ये ऐसे चीजों को उठाएंगे तो नुकसान बीजेपी को ही होगा |
CG POLICE TRANSFER पुलिसकर्मियों का तबादला, प्रधान आरक्षक, आरक्षकों को किया इधर उधर, देखिए सूची
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : एमसीबी जिले में एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का तबादला किया है. जिसमें हेड कॉन्स्टेबल, कॉन्स्टेबल, समेत कुल 42 लोगों को इधर से उधर किया गया है.

‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का शुभारंभ करेंगे सीएम, डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के भूमिपूजन कार्यक्रम में होंगे शामिल
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 7 अक्टूबर को राजधानी में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. सीएम भूपेश आज ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का शुभारंभ करेंगे. साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे.

इंदिरा कला विश्वविद्यालय, केंद्र खोलने का मामला शांत नहीं हो रहा, प्रदर्शन की खबर लगते ही बैठक, लिया ये निर्णय
खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के अध्ययन केंद्र रायपुर में खोलने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. खैरागढ़ में शुक्रवार को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) का घेराव किया जाना था जिसकी यूनिवर्सिटी को भनक लगते ही देर शाम को क्षेत्रीय विधायक के साथ बैठक की सूचना डाल दी गई. खैरागढ़ के नगरवासियों ने खैरागढ़ विधानसभा की विधायक के सम्मान में घेराव किये जाने का कार्य्रकम स्थगित भी कर दिया.
विधायक का बयान आते ही जवाब में भाजपा ने कहा कि अगर भाजपा के कार्यकाल के समय में प्रस्ताव पारित हुआ था तो आज तक स्टडी ऑफ कैंपस बना क्यों नहीं.
इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव आर डी तिवारी से बात करने पर उन्होंने कहा कि यह सामान्य बैठक है. इस संबंध में बैठक नहीं था. बैठक में कई मुद्दे थे जो सरकार के पास से आदेश आया था. इसको स्थगित रखा जाए, उसको विश्वविद्यालय ने स्वीकार किया है. खैरागढ़वासी अपनी एक ही मांग पर अड़े हुए हैं कि रायपुर में खुले अध्ययन केंद्र को बंद करें और तत्काल आदेश जारी कर आम जानता को सूचित करें.