छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
काशीराम बने ऊर्जादाता, 3 किलोवाट सोलर प्लांट से बिजली बिल शून्य
राजनांदगांव । महापौर एवं अध्यक्ष जीवन दीप समिति मधुसूदन यादव की अध्यक्षता में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मोतीपुर के सभाकक्ष में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर, मोतीपुर, लखोली की साधारण सभा जीवन दीप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने, शिशुओं एवं वृद्धजनों को नि:शुल्क उपचार एवं जांच कराने, एनएनसी व पीएनसी की नि:शुल्क सेवाएं देने, मरीजों को आवश्यक दवाईयां उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वच्छ पेयजल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में वार्ड क्रमांक 3 मोतीपुर के पार्षद कमलेश बंदे, वार्ड क्रमांक 10 शंकरपुर के पार्षद श्रीमती अपूर्वा श्रीवास्तव, वार्ड क्रमांक 29 लखोली के पार्षद श्रीमती गिरजा निर्मलकर, उप अभियंता नगर पालिक निगम राजनांदगांव सुश्री आयुषि सिंह, जिला प्रबंधक-शहरी डॉ. पूजा मेश्राम, अर्बन सुपर वाईजर केके शर्मा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुषमा साहू, डॉ. शैलेश कुमार जोशी एवं डॉ. सतीश कुमार मेश्राम, स्टाफ नर्स, एएनएम, जेएसए, मितानिन एवं सहयोगी स्टाफ उपस्थित थे।
ग्राम बेलरगोंदी में कृषक संगोष्ठी का हुआ आयोजन
राजनांदगांव । कृषि विभाग द्वारा एक्सटेंशन रिफार्म आत्मा योजनांतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम बेलरगोंदी में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रिका वर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में किसानों को आगामी खरीफ फसल के लिए आवश्यक मार्गदर्शन किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा ग्राम बेलरगोदी के किसान जयप्रकाश वर्मा के खेतों में पहुंचकर चना फसल का अवलोकन किया। इसके बाद ग्राम पंडरी पथरा पहुंचकर किसान गेसराम साहू के खेत पहुंचकर मक्का फसल का भ्रमण किया। कार्यक्रम में सरपंच बेलरगोदी लेखचंद वर्मा, सोमनाथ वर्मा, शंभू साहू, चंद्रशेखर पतीला, कृषि विभाग से जेपी सहडे, सुदेश पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
जनगणना 2027 हेतु प्रथम चरण का प्रशिक्षण आयोजित
राजनांदगांव। आगामी जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण (हाउस लिस्टिंग) के सफल संचालन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह की उपस्थिति में प्रशिक्षण में जनगणना की प्रक्रिया, दायित्वों तथा समय-सीमा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग के तहत प्रत्येक मकान का सूचीकरण किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय जानकारी संकलित की जाएगी। जनगणना का संपूर्ण कार्य मोबाइल ऐप के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना देश और जिले की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं का निर्माण होता है। इसलिए यह दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे निर्वाचन कार्य की तरह गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ करने के लिए कहा।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि यह कार्य पूर्णत: समयबद्ध है तथा निर्धारित अवधि में ही पूर्ण करना होगा। भारत सरकार के निर्देशानुसार इसमें किसी प्रकार का विस्तार नहीं दिया जाएगा। जनगणना की समस्त प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में संपन्न की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना के संबंध में संपूर्ण जानकारी एवं डाटा पूर्णत: गोपनीय होती है तथा किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी का प्रत्यक्ष उपयोग नहीं किया जाता है। इसका उपयोग केवल समग्र जनसांख्यिकीय आंकड़ों के रूप में योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण के लिए किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आम नागरिकों को जागरूक करें कि वे सही एवं सटीक जानकारी दें, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचा जा सके।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जनगणना 2027 में जनगणना पदाधिकारियां की भूमिका और कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में जनशक्ति और प्रचार गतिविधियां, पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों की नियुक्ति, जनगणना में उपयोग की जाने वाली प्रक्रियाएं, डेटा नैतिकता, गोपनीयता, सुरक्षा और मोबाईल और वेब ऐप से जुड़ी समस्याओं का निराकरण, समय-सीमा, मोबाईल एप्प और पोर्टल के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्व-गणना प्रक्रिया, डेमो, उत्तरदाता, प्रगणक और पर्यवेक्षकों की भूमिका की जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम एम भार्गव, एसडीएम श्रीकांत कोर्राम, एसडीएम गौतम पाटिल सहित तहसीलदार, सीएमओ, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 को
- परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग रायपुर द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का आयोजन 22 फरवरी 2026 को किया गया है। परीक्षा के आयोजन के लिए जिला मुख्यालय राजनांदगांव में 12 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिसमें 4186 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी। प्रथम पाली का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली का समय अपरान्ह 3 बजे से 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पश्चात उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर नहीं मिलेगा। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पहले परीक्षा केन्द्र के समस्त प्रवेश द्वार बंद कर दिये जाएंगे।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग रायपुर के निर्देशानुसार परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष में किसी भी अधिकारी एवं परीक्षार्थी को मोबाईल सेल फोन या अन्य किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के साथ प्रवेश करना प्रतिबंधित है। परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थी को अपने साथ फोटो युक्त प्रवेश पत्र एवं मूल पहचान पत्र साथ लेकर आना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को जूते अथवा मोटे सोल या ऊंची हील वाले फुटवियर पहनने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी केवल पतले सोल वाली चप्पलें अथवा स्लीपर पहन सकते हैं। अभ्यर्थियों को नजर के चश्मों के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के चश्में, गॉगल्स, गूगल, मेटा या अन्य डिजिटल ग्लासेस, चश्में पहनने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे दिव्यांग अथवा बीमार अभ्यर्थी जिन्हें चिकित्सकीय कारणों से जूते अथवा उपकरण धारण करने की आवश्यकता हो उन्हें गहन जांच के अधीन जूते अथवा उपकरण धारण करने की अनुमति होगी। अभ्यर्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहन कर परीक्षा केन्द्र में प्रवेश ले सकते हैं। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी रंग एवं गहरे चाकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा। अभ्यर्थी कार्गो एवं डिजाईनर कपड़े पहन कर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे।
सामान्य जींस पैंट एवं अन्य पैंट पहनने की अनुमति होगी। महिला अभ्यर्थी सलवार-कुर्ती तथा चुनरी तथा चुनरी (दुपट्टा) पहन सकेंगे, लेकिन कुर्ती की बांह छोटी (आधी) होनी चाहिए। साड़ी के साथ पहने जाने वाली ब्लाउज की बांह आधी होनी चाहिये। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। धर्म व रिवाजों के अनुसार अत्यंत आवश्यक आभूषण एवं प्रतीक चिन्हों छोड़कर अन्य आभूषण व प्रतीक धारण करने की अनुमति अभ्यर्थियों को नहीं होगी। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को एक नोज पिन तथा एक मंगलसूत्र धारण करने की अनुमति होगी।
उक्तानुसार किसी भी आभूषण व प्रतीक के धारण किए जाने की अनुमति गहन जांच के अधीन दी जाएगी। सभी अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक पाली में परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा, जिससे उनकी मेटल डिटेक्टर व मैन्युअल तलाशी व फिस्किंग, मूल पहचान पत्र के साथ उनके प्रवेश पत्र का सत्यापन तथा उनके चेहरे के मिलान का कार्य किया जा सके। किसी भी तरह की असुविधा होने पर संबंधित अभ्यर्थी संबंधित परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष व सहायक केन्द्राध्यक्ष अथवा जिले में परीक्षा हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार के मोबाईल नंबर 74152-37266 से संपर्क किया जा सकता है। परीक्षार्थी अपने परीक्षा केन्द्र को परीक्षा दिवस से 1 दिन पूर्व ही देख लें।
कृषक अरहर, चना, मसूर एवं सरसों फसल के विक्रय हेतु करा सकते हैं पंजीयन
- प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) अंतर्गत एकीकृत किसान पोर्टल एवं ई-समृद्धि पोर्टल पर किया जा रहा किसानों का पंजीयन
राजनांदगांव। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) में किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल एवं ई-समृद्धि पोर्टल पर किया जा रहा है। योजना अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में चना, मसूर एवं सरसों फसल की बुवाई करने वाले कृषकों का पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए जिले में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के 15 उपार्जन केन्द्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। जिनमें घुमका, पदुमतरा, सोमनी, छुरिया, कुमरदा, गैंदाटोला, गहिराभेड़ी, डोंगरगांव, तुमड़ीबोड, कोकपुर, खुर्सीपार, डोंगरगढ़ अछोली, मुसरा, मोहारा एवं लाल बहादुर नगर शामिल हैं।
राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। जिसके लिए समर्थन मूल्य सोयाबीन 5328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर 8000 रूपए प्रति क्विंटल तथा चना 5875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रूपए प्रति क्विंटल एवं सरसों 6200 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से संबंधित सेवा सहकारी समिति में आवेदन पत्र के साथ ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। योजना अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित केंद्रीय एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड) द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का उपार्जन किया जाएगा।
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) में किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड द्वारा संचालित ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की ऑनलाईन पंजीयन कर खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध होगी।
सीएमएचओ ने वर्चुअल बैठक लेकर राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की
राजनांदगांव। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीईटीओ, विकासखण्ड डाटा मैनेजर एवं कनिष्ठ सचिवीय सहायक, समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों के जिला सलाहकार शामिल हुए। सीएमएचओ ने सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रत्येक बुधवार योग शिविर लगाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने कहा।
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रति दिवस दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य की जानकारी लेने एवं आवश्यक दवाई उपलब्ध कराने तथा नि:शुल्क सोनोग्राफी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव बढ़ाने, फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत मास ड्रग एडमिनेस्ट्रेशन अभियान, आधार बेस उपस्थिति, आभा आईडी बनाने, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, टीकाकरण सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत जिले के 1 लाख 8 हजार किसानों ने कराया आधार सीडिंग
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जिले के सभी पात्र किसानों को लाभान्वित कराने कृषि विभाग द्वारा चलाया जा रहा डोर-टू-डोर संपर्क अभियान
राजनांदगांव। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जिले के सभी पात्र किसानों को लाभान्वित कराने कृषि विभाग द्वारा डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग की टीम द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि 6000 रूपए वार्षिक दिलाने के लिए ई-केवायसी, आधार सीडिंग, लैण्ड सीडिंग तथा एग्रीस्टेक पंजीयन सहित अन्य आवश्यक प्रक्रिया करायी जा रही है।
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि फरवरी माह अंत या मार्च के प्रारंभिक सप्ताह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की राशि हस्तांतरण किया जाना प्रस्तावित है। अब तक जिले में 108449 कृषकों का ई-केवायसी पूर्ण किया जा चुका है। इसी प्रकार लैण्ड सीडिंग के 108944, आधार सीडिंग 108021 कृषकों का पूर्ण किया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा एग्रीस्टेक परियोजना लागू होने के पश्चात ऐसे सभी किसान जो पीएम किसान पोर्टल में पंजीकृत है, उन्हें एग्रीस्टेक में पंजीयन कर फार्म आईडी एवं फार्मर आईडी बनाने के निर्देश प्राप्त हुए है। जिसके लिए कृषक स्वयं अथवा लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से एग्रीस्टेक पंजीयन करा सकते है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपने नजदीकी लोक सेवा केन्द्र, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषक संगवारी के माध्यम से सस्पेक्टेड केस में लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर पीएम किसान की वेबसाईट पर फार्मर कार्नर अंतर्गत नवीन विकल्प अपडेट मिसिंग इनफार्मेशन के माध्यम से निराकरण कराने तथा ई-केवायसी पूर्ण कराने एवं आधार सीडिंग के लिए अपने संबंधित बैंक से संपर्क कर खातें में आधार बेस्ड पेमेंट एनेबल (डीबीटी) पूर्ण कराकर आगामी 23वीं किस्त की लाभ प्राप्त कर सकते है। उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने पीएम किसान योजना अंतर्गत पात्रता रखने वाले किसानों से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने की अपील की है।
डिजिटल सुविधा केंद्र में 86 वर्षीय भक्तिन राय को अंगूठे के निशान पर मिल रही सुविधाएं
राजानवागांव में डिजिटल सेवा से बदली जिंदगी
बैंक की कतारों से मिली मुक्ति, गांव में ही मिल रहा लाभ
रायपुर, 20 फरवरी 2026

उम्र 86 साल, चेहरे पर झुर्रियां, लेकिन आँखों में आत्मनिर्भरता की चमक। कबीरधाम जिले के ग्राम राजानवागांव की भक्तिन राय के लिए डिजिटल तकनीक अब केवल शब्द नहीं, बल्कि उनके बुढ़ापे की लाठी बन गई है। 30 साल पहले पति को खोने के बाद जिस पेंशन के लिए उन्हें बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे, आज वही पैसा उनके गांव के डिजिटल सुविधा केंद्र में एक अंगूठे के निशान पर मिल जाता है। आज एक छोटा सा केंद्र भक्तिन राय जैसे हजारों ग्रामीणों के लिए डिजिटल वरदान साबित हो रहा है।
भक्तिन राय के पति का देहांत लगभग 30 साल पहले हो गया था। लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने के बाद अब उन्हें निराश्रित विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना की राशि हर महीने नियमित रूप से मिल रही है। पहले उन्हें पैसे निकालने के लिए बैंक जाना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों लगते थे। अब गांव के डिजिटल सुविधा केंद्र से ही उन्हें तुरंत पैसा मिल जाता है और यह भी पता चल जाता है कि उनके खाते में कितनी राशि आई है। उनके बेटा और बहू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बहू को भी महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे घर के खर्च में सहारा मिलता है। इलाज और दवाइयों के लिए मिलने वाली पेंशन की राशि भक्तिन राय के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है। भक्तिन राय का घर भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है, जिससे उन्हें सुरक्षित रहने की सुविधा मिली है। वे बताती हैं कि अब गांव में ही सभी काम आसानी से हो जाते हैं, जिससे उन्हें कहीं दूर नहीं जाना पड़ता।
राजानवागांव के डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 18 लाख रुपए से अधिक का ट्रांजैक्शन किया जा चुका है। यहां ग्रामीणों को कई तरह की वित्तीय और सरकारी सेवाएं मिल रही हैं। केंद्र में नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, जीवन, सामान्य और कृषि बीमा, पेंशन, पैन कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का पंजीयन, बिजली बिल भुगतान, ट्रेन और हवाई यात्रा की टिकट बुकिंग तथा ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के माध्यम से प्रमाण पत्र भी बनाए जा रहे हैं।
गांव के लोग यहां से दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, महतारी वंदन योजना की राशि निकालने, दूसरे के खाते में पैसा जमा करने, आवास योजना की राशि की जानकारी लेने और अन्य जरूरी काम आसानी से कर पा रहे हैं। डिजिटल सुविधा केंद्र ने खासकर बुजुर्ग, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत दी है। भक्तिन राय जैसे लोगों के लिए यह केंद्र अब केवल एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाने वाला एक मजबूत सहारा बन गया है।
भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता बारेलाल बिसेन का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
साल्हेवारा--भाजीडोंगरी।
साल्हेवारा में घर-घर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान: मितानिनों ने दिखाई अद्भुत निष्ठा
साल्हेवारा-- स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत आज साल्हेवारा क्षेत्र में मितानिनों ने घर-घर पहुंचकर दवाइयों का वितरण किया। भीषण दोपहरी और प्रचण्ड गर्मी के बावजूद मितानिन श्रीमती कविता निषाद एवं मोना चक्रधारी ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ पुलिस थाना चौक स्थित मोहल्ले में अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।
20 लीटर हाथ भट्टी कच्ची महुआ शराब एवं 90 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त
राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब विक्रेताओं के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा ग्राम ग्वालिनडीह नाला के किनारे अज्ञात 20 लीटर हाथ भट्टी कच्ची महुआ शराब एवं 90 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया। आबकारी विभाग द्वारा आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।
कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षण वृत्त राजनांदगांव ग्रामीण श्रीमती तुलेश्वरी देवांगन, मुख्य आरक्षक मिलाप मण्डावी, आबकारी आरक्षक प्रदीप यादव, किशोरी कोमरे, दीपक सिन्हा शामिल थे। जिले में अवैध मदिरा विक्रय की रोकथाम के लिए होटल, ढाबों एवं मदिरा दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सभी वृत्त प्रभारियों को होटल, ढाबों की नियमित जांच करने एवं अवैध मदिरा विक्रय के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
संविदा पद के लिए आवेदन अब 10 तक
राजनांदगांव। भारत सरकार की एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति योजना की शुरूआत की गई है। योजना के तहत जिले में राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र संचालन हेतु एक संविदा पद (जेण्डर विशेषज्ञ, अनुसूचित जनजाति) के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 10 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव पिन कोड 491441 में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हंै। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के लिए आवेदन अब 10 तक
राजनांदगांव। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर राजनांदगांव में केस वर्कर के 1 पद एवं बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के 1 पद पर सेवा प्रदाताओं की पदपूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है।
इच्छुक एवं योग्य आवेदक 10 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव पिन कोड 491441 में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
फिश एक्वेरियम भवन के संचालन के लिए 16 तक रूचि की अभिव्यक्ति
राजनांदगांव। मछली पालन विभाग द्वारा नगर पालिक निगम राजनांदगांव अंतर्गत आने वाले पुष्पवाटिका में नवनिर्मित फिश एक्वेरियम भवन के संचालन के लिए 16 फरवरी 2026 दोपहर 2 बजे तक रूचि की अभिव्यक्ति अंतर्गत निर्धारित प्रारूप में मुहरबंद आवेदन आमंत्रित किया गया है। फिश एक्वेरियम भवन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराना एवं अपने घरों में एक्वेरियम टैंक स्थापित करना तथा मछली पालन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
फिश एक्वेरियम भवन के संचालन के लिए इच्छुक प्रतिष्ठित, अनुभवी एवं वित्तीय रूप से सक्षम एजेंसी, संस्थान, किसान उत्पादक संगठन, फर्म, कंपनी, व्यक्ति निर्धारित नियम एवं शर्तों के अधीन निर्धारित तिथि तक आवेदन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हंै। अभिरूचि प्रस्ताव को 16 फरवरी 2026 को ही दोपहर 3 बजे आवेदनकर्ताओं के समक्ष कार्यालय परिसर में खोला जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय सहायक संचालक मछली पालन राजनांदगांव के सूचना पटल का अवलोकन कर सकते हंै।
“हेलीकॉप्टर छोड़ मड़ई मेला पहुँचे सांसद—जनता और परंपरा को दी प्राथमिकता दिल्ली की फ्लाइट से पहले शांति नगर मड़ई -संतोष पाण्डेय
“हेलीकॉप्टर छोड़ मड़ई मेला पहुँचे सांसद—जनता और परंपरा को दी प्राथमिकता दिल्ली की फ्लाइट से पहले शांति नगर मड़ई -संतोष पाण्डेय
टमाटर की बेहतरीन फसल से किसान त्रवेंद्र साहू की बदली किस्मत
टमाटर की खेती से मिला भरपूर फायदा
यहां का टमाटर नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों तक जा रहा

टमाटर की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा (लाखों में) मिल रहा है, क्योंकि इसकी बाजार में साल भर मांग रहती है और आधुनिक तकनीक (जैसे मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई) से पैदावार भी बंपर होती है, जिससे धान जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में किसानों की आय में काफी वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं, साथ ही सेहत के लिए भी यह सब्जी कई बीमारियों में लाभकारी है।
किसान श्री त्रवेंद्र साहू ने बताया कि अधिक मात्रा में टमाटर का उत्पादन होने पर नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों तथा राजनांदगांव एवं लोकल मार्केट में बिक्री के लिए भेज रहे हैं। अब तक 1000 कैरेट टमाटर की बिक्री कर चुके हैं। उन्होंने पूरी वेरायटी का टमाटर लगाया है। टमाटर की बहुत डिमांड रही और बहुत अच्छी कीमत मिली। अभी भी टमाटर की तोड़ाई का कार्य जारी है। मार्च तक पर्याप्त टमाटर मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से प्रेरित होकर धान के बदले टमाटर की फसल लेने से बहुत फायदा हुआ है। किसान कब खेती-किसानी के लिए नवीन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य में आसानी हुई है।
धान के बदले उद्यानिकी फसल लेने तथा टमाटर की बेहतरीन फसल होने से किसान श्री त्रवेंद्र साहू की किस्मत बदल गई है। राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के किसान श्री त्रवेंद्र साहू को शासन की राष्ट्रीय बागवानी मिशन से लगभग 2 लाख 50 हजार रूपए का अनुदान मिला। जिससे उन्होंने धान की फसल के बदले 1.5 एकड़ में मल्चिंग पद्धति से टमाटर की खेती की। प्राप्त राशि से उन्हें मदद मिली और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से ड्रिप, टमाटर के पौधे, खाद, दवाई पर व्यय किए। इस वर्ष टमाटर की बम्पर पैदावार होने से उन्हें बहुत फायदा हुआ। किसान श्री त्रवेंद्र साहू ने बताया कि उन्होंने अब तक लगभग 10 लाख रूपए के टमाटर की बिक्री की है, जिसमें उन्हें लगभग 7 लाख रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि धान के बदले टमाटर की खेती उनके लिए बहुत फायदेमंद रही है। शासन की योजनाओं से लाभ मिलने से वे आर्थिक दृष्टिकोण से समृद्ध हुए हैं। सरकार द्वारा सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन एवं सहायता राशि दी जा रही है।
कलेक्टर ने अद्र्धवार्षिक परीक्षा में कम परिणाम वाले स्कूलों का किया दौरा
कलेक्टर ने राजनांदगांव विकासखंड के हायर सेकेण्ड्री स्कूल बोरी और भेड़ीकला का किया अवलोकन
राजनांदगांव - कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता को परखने तथा अद्र्धवार्षिक परीक्षा में कम परिणाम वाले राजनांदगांव विकासखंड के हायर सेकेण्ड्री स्कूल बोरी और भेड़ीकला का अवलोकन किया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पढ़ाई का कार्य बहुत आसान कार्य है। पढ़ाई करने के लिए बहुत विकल्प है। कोई भी कार्य कठिन नहीं होता है। दृढ़ इच्छा शक्ति से ध्यान केन्द्रित करने पर कठिन लगने वाले विषय भी आसान हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अपने जीवन को सही दिशा देने के लिए और समाज में परिवर्तन लाने के लिए पढ़ाई बहुत जरूरी है। पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर उसके प्रश्नों को बार-बार अभ्यास करने से सफलता जरूर मिलेगी। गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष तौर पर ध्यान देते हुए मेहनत करें। उन्होंने कहा कि असफलता से ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई करने के लिए विकल्प बहुत सारे हैं। उन्होंने कहा कि जो प्रश्न समझ में नहीं आ रहे उसे शिक्षकों और ऑनलाईन के माध्यम से हल कर सकते हैं। स्कूल से घर जाने के बाद पढ़ाई करना बहुत जरूरी है। पढ़ाई के लिए अभ्यास एवं निरंतरता जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों को नियमित रूप से पूर्व वर्षो के प्रश्न पत्रों को अभ्यास कराने के लिए निर्देश दिए।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए सभी बच्चों को कड़ी मेहनत करना होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षो के सभी प्रश्नों को लगातार अभ्यास करें जिसके अच्छा परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में डरना नहीं है। मोबाईल फोन से दूर रहने के लिए कहा। इस अवसर पर डीएमसी सतीष ब्यौहारे, सीईओ जनपद पंचायत मनीष साहू, फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।