छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
राजनांदगांव । शहर के एक कोचिंग सेंटर में छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 11वीं कक्षा में अध्ययनरत नाबालिग ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी।
जिसके बाद आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, छात्रा ने क्लास में एक सवाल पूछा था। उसे समझाते हुए शिक्षक ने उसे यहां-वहां छूना शुरु कर दिया।
हरकतों को भांपते ही छात्रा ने विरोध किया और वहां से चली गई। उसने कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत की। पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
215.60 क्विंटल (539 बोरा) अवैध धान जप्त
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा आज कुल 5 प्रकरणों में 6 लाख 68 हजार 360 रूपए मूल्य के 215.60 क्विंटल (539 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 123 प्रकरणों में 4 करोड़ 85 लाख 87 हजार 726 रूपए मूल्य के 15673.46 क्विंटल (39184 बोरा) अवैध धान एवं 7 वाहन जप्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार आज राजनांदगांव अनुविभाग में 3 प्रकरण में 5 लाख 75 हजार 360 रूपए मूल्य के 185.60 क्विंटल (464 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 2 प्रकरणों में 93 हजार रूपए मूल्य के 30 क्विंटल (75 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 49 प्रकरणों में 2 करोड़ 76 लाख 54 हजार 480 रूपए मूल्य के 8920.80 क्विंटल (22302 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 36 प्रकरण में 95 लाख 87 हजार 866 रूपए मूल्य के 3092.86 क्विंटल (7732 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन तथा डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 38 प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 45 हजार 380 रूपए मूल्य के 3659.80 क्विंटल (9150 बोरा) अवैध धान एवं 3 वाहन जप्त किया गया है।
जिले में कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
कलेक्टर ने आधी रात को अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए बोरतलाव चेकपोस्ट का किया औचक निरीक्षण
- चेकपोस्ट में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आधी रात को जिले में अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए बनाए गए डोंगरगढ़ विकासखंड के अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाव का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अन्य राज्यों से आने वाले सभी वाहनों की जांच कर रजिस्टर में एण्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध धान परिवहन की निगरानी करते हुए कार्रवाई निरंतर जारी रखें। एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव को चेकपोस्ट में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए।
जिम के खिलाडिय़ों ने 26/11 आतंकी हमलें में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी
अभिनेता धर्मेन्द्र को एक्सपर्ट जिम ने दी श्रद्धांजलि
राजनांदगांव. 27 नवंबर। स्थानीय एक्सपर्ट जिम समिति के पदाधिकारियों के द्वारा 2008 में मुम्बई के होटल ताज में आतंकवादी हमलें में शहीद हुए नागरिकों को सहित भारत के उन वीर सपूतों को जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान कर भारतमाता की रक्षा की। ऐसे शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि मोमबत्ती जलाकर एक मिनट का मौन रखकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भारत के सुपर स्टार हि मेन, ग्रेड लिजेंड अभिनेता धर्मेन्द्र सिंह देवेल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एक्सर्ट जिम के अध्यक्ष ने अपने उदबोधन में कहा धर्मेन्द्र सादगी एवं प्रेम का अद्भूत संगम का सरताज रहे।
जिन्होंने लोगों को देशी अखाड़ा में व्यायाम करने प्रेरित किया। धर्मेन्द्र अपने यू-टयूब में अपने हमेशा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की बात करते थे। इस अवसर पर एक्सपर्ट जिम के पदाधिकारी मनीष सिंह गौतम, डॉ. रोहन सोनकर, तामेश्वर बंजारे, गोविन्द निषाद, गौरव कुमार, शशांक पटेल, लता साहू, वैदेही साहू, नंदनी साहू, पायल रजक, निकिता बंजारे, साक्षी तेजवानी, रेनु रामटेके, खुशाल सिन्हा, युवराज सोनवानी, सुशांत चौबे, आकाश साहू, मनीष वैष्णव, चुरामन रजक, समीर साहू, तरूण साहू, हेमंत यादव, तारजन साहू, रोशन सोनकर, भावेश साहू, लोहित साहू, वेटलिफ्टर तानिया बंजारे, एकता बंजारे, लक्ष्य कुमार बंजारे, संध्या बंजारे आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी समिति के अध्यक्ष तामेश्वर बंजारे ने दी।
कलेक्टर ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के प्राधिकृत अधिकारी का किया पदभार ग्रहण
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के प्राधिकृत अधिकारी का पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के आदेशानुसार कलेक्टर जितेन्द्र यादव को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव का प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो जाने पर निर्वाचित बोर्ड की शक्तियों का प्रयोग करने हेतु कलेक्टर को प्रशासनिक दृष्टिकोण से प्राधिकृत किया गया है।
जिले में धान की खरीदी उत्सव के लिए किसानों में उत्साह एवं खुशी
राजनांदगांव । जिले में धान की खरीदी उत्सव के लिए किसानों में उत्साह एवं खुशी है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी सुचारू संचालन के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। धान खरीदी कार्य के के लिए इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पेयजल, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक एवं अन्य व्यवस्था की गई है। आर्द्रता मापी यंत्र से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए है। कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। धान बिक्री के लिए किसान टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे है। जिससे उनके समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अब तक जिले में 13784 पंजीकृत किसानों से 165 करोड़ 77 लाख 26 हजार रूपए मूल्य का 697384 क्विंटल धान की खरीदी की गई है।
धर्मनगरी में राष्ट्र चिंतन पर संगोष्ठी की रूप रेखा हेतु सर्व समाज व हिन्दू संगठनों की बैठक सम्पन्न
प्रखर राष्ट्रवादी वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ होंगे वक्ता के रूप में शामिल
रामलला दर्शन योजना के तहत भारत गौरव स्पेशल ट्रेन राजनांदगांव से अयोध्या धाम के लिए रवाना
सरकार की निशुल्क सुविधाओं से तीर्थयात्रियों को मिलेगा रामलला व काशी विश्वनाथ के दर्शनों का शुभ अवसर
राजनांदगांव, 19 नवंबर 2025

रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आज भारत गौरव स्पेशल ट्रेन राजनांदगांव से अयोध्या धाम की ओर रवाना हुई। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा और महापौर श्री मधुसूदन यादव ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया।
दुर्ग स्टेशन पर विधायक श्री ललित चंद्राकर ने तीर्थ यात्रियों का स्वागत व अभिनंदन किया।
स्टेशन पर तीर्थयात्रियों का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया। स्टेशन पर माहौल भक्तिमय था, जहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर तीर्थयात्री अभिवादन से अभिभूत नजर आए। यात्रियों ने इस पावन अवसर को यादगार बताते हुए अपनी भावनाओं को साझा किया।
तीर्थयात्री भोला राम यादव ने कहा कि सरकार द्वारा दी गई सभी सुविधाएं हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। आने-जाने, रहने व भोजन की बेहतरीन व्यवस्था ने हमारी यात्रा को सुखद और यादगार बना दिया है। वहीं एक तीर्थ यात्री अमरौतिन बाई ने भावुक होकर कहा कि स्टेशन पर भव्य स्वागत और श्रद्धा का माहौल देखकर मन गदगद हो गया है। एक बुजुर्ग तीर्थयात्री केजा बाई ने आशीर्वाद भरे स्वर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को श्रवण बेटा संबोधित कर तीर्थयात्रा कराने के लिए धन्यवाद दिया।
तीर्थयात्रियों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शनों के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन भी कराए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से तीर्थयात्रियों के आने-जाने, रहने, खाने, ठहरने और चिकित्सा सुविधा सभी निशुल्क प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, समाज कल्याण विभाग और रेलवे के कर्मचारी तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए हर समय तत्पर दिखे।
टमाटर की खेती से किसान बन रहे आत्मनिर्भर
टमाटर की खेती से हो रहा लाभ
राजनांदगांव, 13 नवम्बर 2025

शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं उद्यानिकी फसलों की असीम संभावनाओं के कारण अब राजनांदगांव जिले के किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखण्ड राजनांदगांव के ग्राम गातापारखुर्द के प्रगतिशील किसान श्री सुरेश सिन्हा ने आधुनिक पद्धति से पॉलीहाउस में टमाटर की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने टमाटर की ‘माल्या वैरायटी’ की फसल लगाकर लगभग 2 लाख 35 हजार रूपए का लाभ अर्जित किया है।
श्री सिन्हा ने बताया कि पॉलीहाउस में उपयुक्त तापमान बनाए रखते हुए मल्चिंग विधि का उपयोग किया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई। टमाटर की बाजार में अच्छी मांग होने से प्रति क्विंटल 700 से 800 रूपए की दर प्राप्त हुई। यहां उत्पादित टमाटर कोरबा, कोलकाता, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित स्थानीय बाजारों में भी भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत संरक्षित खेती के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु 17 लाख रूपए का शासन द्वारा अनुदान प्राप्त हुआ। पॉलीहाउस की कुल लागत 34 लाख रूपए रही। इसके अतिरिक्त पैक हाउस निर्माण हेतु 2 लाख रूपए का अनुदान तथा दवाई छिड़काव के लिए स्ट्रिप मशीन पर 50 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया गया।
श्री सिन्हा के पास कुल 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें से 8 एकड़ में धान एवं 7 एकड़ में सब्जियों की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1.5 एकड़ में लौकी की फसल से लगभग 35 टन उत्पादन हुआ, जिससे उन्हें 50 प्रतिशत की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई। पॉलीहाउस में टमाटर के साथ खाली स्थान का उपयोग करते हुए उन्होंने मिश्रित खेती के रूप में फूलगोभी, नवलकोल, प्याज और मूली की फसलें भी लगाई हैं।
श्री सिन्हा ने बताया कि धान की तुलना में सब्जियों की खेती से तीन से चार गुना अधिक आमदनी होती है। इसमें कम पानी की आवश्यकता होती है और एक वर्ष में तीन से चार फसलें ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परामर्श प्राप्त होता रहता है, जिससे खेती में नई तकनीकों का लाभ मिल रहा है।
छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा : छत्तीसगढ़ को मिलेंगे तीन पुरस्कार
छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिलेगा सम्मान: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों से 18 नवंबर 2025 को मिलेगा सम्मान
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री श्री साय
राजनांदगांव , 12 नवंबर 2025
केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में आयोजित होगा। इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के सतत जल संरक्षण और जनसहभागिता आधारित प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर के इन उदाहरणों ने यह सिद्ध किया है कि जब समाज, प्रशासन और संस्थान एक साथ कार्य करते हैं, तब जल संरक्षण एक जन-आंदोलन बन जाता है। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार हर जिले और पंचायत में जल संवर्धन के इस मॉडल को आगे बढ़ाएगी।
वर्ष 2018 से हुई शुरुआत – अब तक पाँच संस्करण आयोजित
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान प्रारंभ किया। लोगों में पानी के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। दूसरे, तीसरे, चौथे और पाँचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार क्रमशः वर्ष 2019, 2020, 2022 और 2023 के लिए प्रदान किए गए। कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में ये पुरस्कार नहीं दिए जा सके।
साढ़े सात सौ आवेदनों में से केवल 46 का चयन
वर्ष 2024 के लिए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय (एमएचए) के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर की गई थी। इस वर्ष कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए। निर्णायक समिति द्वारा सभी आवेदनों की जाँच और मूल्यांकन किया गया। चयनित आवेदनों की जमीनी स्तर पर जाँच केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा की गई। जमीनी जाँच रिपोर्टों के आधार पर संयुक्त विजेताओं सहित कुल 46 विजेताओं को वर्ष 2024 के लिए 10 विभिन्न श्रेणियों में चयनित किया गया।
जल संरक्षण और कुशल प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य
जल शक्ति मंत्रालय देश में जल के विकास, संरक्षण और कुशल प्रबंधन के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करने और कार्यक्रमों को लागू करने वाला केंद्रीय मंत्रालय है।राष्ट्रीय जल पुरस्कार, सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों पर केंद्रित हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह आयोजन देशभर के नागरिकों और संस्थानों को जल संसाधन संरक्षण व प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता और साझेदारी को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है।
सामुदायिक प्रयासों का रहा बेहतरीन परिणाम : संस्कारधानी को मिल रहा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट का सम्मान
6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में देश के ईस्ट जोन के बेस्ट डिस्ट्रिक्ट के रूप में सम्मानित होने जा रहा राजनांदगांव
जल संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में बना आदर्श मॉडल
राजनांदगांव, 12 नवम्बर 2025


जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी।

जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहल
राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें।
महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया।
मिशन जल रक्षा - सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा
पानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया।
सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचान
राजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।
मड़ियान जलाशय के कार्यों के लिए 20.73 करोड़ रूपए स्वीकृत
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड-डोंगरगढ़ की मड़ियान जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने एवं लाईनिंग कार्य हेतु लागत राशि 20 करोड़ 73 लाख 60 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने 708.50 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सहित 3512.70 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
असम से आए भाजपा नेताओं ने मां बमलेश्वरी देवी दर्शन कर जताई प्रसन्नता,देश प्रदेश की खुशहाली की कामना
रसायन विज्ञान विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता संपन्न
प्रिया पटेल ने प्राप्त किया प्रथम स्थान
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत उपरवाह कार्यालय का किया निरीक्षण
ग्राम पंचायत सरपंच से चर्चा कर विकास कार्यों की ली जानकारी
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत उपरवाह कार्यालय का निरीक्षण किया। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ग्राम पंचायत में उपस्थित सरपंच से चर्चा कर गांव में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम पंचायत में संधारित पंजीयों का निरीक्षण किया। उन्होंने सही तरीके से पंजी संधारण करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत गांव में पूर्ण, निमार्णाधीन एवं स्वीकृत आवासों की जानकारी ली। उन्होंने योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण करने एवं अप्रारंभ आवासों को प्रारंभ कराने के लिए ग्राम पंचायत सचिव को निर्देशित किया।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने ग्राम उपरवाह के करेलापारा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से चर्चा कर शीघ्र पूर्ण करने कहा। इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती पुनीता साहू, सीईओ जनपद पंचायत मनीष साहू उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित शिकायतों-समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्प लाईन नंबर
राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नवीन पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा नवीन पात्र हितग्राहियों एवं आवेदकों से प्राप्त शिकायतों के सुगम निवारण के लिए नवीन टोल फ्री हेल्प लाईन नंबर 1515 जारी किया गया है। हितग्राही नवीन टोल फ्री हेल्प लाईन नम्बर के माध्यम से अपनी शिकायतों व समस्याओं का समाधान आसानी से प्राप्त कर सकते है। नवीन टोल फ्री हेल्प लाईन नम्बर की सभी सुविधाए पूर्व में जारी हेल्प लाईन नम्बर के अनुसार ही होगी। नवीन हेल्प लाईन नम्बर 1515 का व्यापक प्रचार-प्रचार किया जा रहा है, ताकि शिकायतों का प्रभावी निराकरण कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दियाया जा सके। इससे पूर्व प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए टोल फ्री नम्बर 14408 जारी किया गया था।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केन्द्र एक महत्वकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार एवं मजदूरी के क्षति के एवज में नकद राशि के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जिले की पात्र गर्भवती एवं शिशुवती महिलाएं लाभांवित हो रही है। योजना के तहत पात्र महिला को पहले बच्चें के जन्म पर 2 किस्तों में, गर्भावस्था के पंजीयन पर एवं 6 महिने के भीतर एक बार प्रसव पूर्व जांच कराये जाने पर पहली किस्त के रूप में 3000 रूपए एवं दूसरी किस्त के रूप में 2000 रूपए बच्चें के जन्म के पंजीकरण तथा बीसीजी, पोलियो, डीटीपी एवं हिपेटाइसिस बी या इसके समानांतर प्रथम चक्र का टीका लगाये जाने के बाद प्रदान की जाती है। वही दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6000 रूपए की राशि प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने महिला का बैंक खाता आधार सिडिंग होना आवश्यक है। राशि का भुगतान डीबीटी मोड के माध्यम से लाभार्थी के खाते में किया जाता है।
हितग्राही को आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण कराना आवश्यक है। फर्म के साथ स्वयं, पति या परिवार के सदस्य का मोबाईल नंबर, महिला के बैंक खाते का विवरण, जच्चा-बच्चा कार्ड, आधार कार्ड का विवरण जमा करना होता है। पात्रता हेतु राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड या मनरेगा जॉब कार्ड जमा करना होगा। साथ ही दूसरी संतान बालिका के जन्म पंजीकरण एवं बालिका के प्रथम चक्र का संपूर्ण टीकाकरण पूर्ण होना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने हेतु एलएमपी (अंतिम माहवारी) से 570 दिवस अथवा बच्चें के जन्म के 270 दिवस के भीतर आवेदन किया जा सकता है। निर्धारित अवधि और पात्रता को पूरा करने वाले हितग्राही जो योजना का लाभ लेने से वंचित रह गये हो, वह योजना का लाभ लेने के लिए अपने निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्र से सीधे संपर्क कर सकते है अथवा मोबाईल एप (https://pmmvy.wcd.gov.in/apk/PMMVYsoft.apk) के माध्यम से भी आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के दूरभाष क्रमांक 9406136904 और 7804905439 पर कार्यालयीन समय पर या हेल्प लाईन नंबर 1515 पर भी संपर्क कर योजना का लाभ उठा सकते है।
कलेक्टर ने शासकीय हायर सेकेण्ड्री स्कूल सलोनी का किया औचक निरीक्षण
कलेक्टर शिक्षा गुणवत्ता को जांचने 10वीं कक्षा के बच्चों के साथ बैठे
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने राजनांदगांव विकासखंड के शासकीय हायर सेकेण्ड्री स्कूल सलोनी का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री यादव ने आगामी परीक्षा परिणामों की तैयारियों को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस शिक्षण सत्र में स्कूल का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कक्षा 10वीं के अंग्रेजी एवं गणित विषय की कक्षाओं में विद्यार्थियों के साथ बैठकर शिक्षा गुणवत्ता को जांचा। उन्होंने अंग्रेजी विषय के शिक्षण कार्य पर असंतोष व्यक्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं के बच्चों को अंग्रेजी विषय पढऩे का सरल तरीका बताया। स्कूल के पिछले वर्ष कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम अच्छे नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आगामी परीक्षा परिणाम में प्रगति लाने के लिए साप्ताहिक एवं मासिक टेस्ट की अच्छे से समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल में बंद प्रोजेक्टर को शीघ्र ठीक कर बच्चों के अध्ययन-अध्यापन कार्य में उपयोग करने के लिए प्राचार्य को निर्देश दिए।