छत्तीसगढ़ / सुकमा
कोंटा विकासखण्ड क्षेत्र में कलेक्टर अमित कुमार का व्यापक निरीक्षण दौरा
शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और राजस्व व्यवस्था की गहन समीक्षा
सुकमा, 02 जनवरी 2026/कलेक्टर अमित कुमार ने विकासखण्ड कोंटा क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण करते हुए शिक्षा, महिला-बाल विकास, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभागों के कार्यों की जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न संस्थानों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण लिया और गुणवत्ता सुधार को लेकर निर्देश दिए।
कलेक्टर अमित कुमार ने प्राथमिक शाला फंदीगुड़ा का निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता परखी। उन्होंने बच्चों से रूबरू होकर अध्ययन स्तर जाना तथा स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की बैठकों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मध्यान्ह भोजन विद्यालय परिसर में ही बच्चों को उपलब्ध कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा घर से थाली या बर्तन लेकर न आए। इसके साथ ही विद्यालय के रसोई कक्ष का निरीक्षण कर स्वच्छता और व्यवस्थाओं की जांच की।
इस निरीक्षण दौरे के दौरान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकुंद ठाकुर, एसडीएम कोंटा सुभाष शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण, पोषण पर विशेष फोकस
कलेक्टर अमित कुमार ने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को दी जा रही शिक्षा एवं पोषण आहार की जानकारी ली। उन्होंने कुपोषित एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को युद्धस्तर पर एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) भेजने के निर्देश दिए।
साथ ही एनआरसी में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस की उपलब्धता, तथा पोषण ट्रैकर में नियमित एंट्री करने के निर्देश दिए।
आश्रम छात्रावासों में शिक्षा की गुणवत्ता का लिया जायजा
कलेक्टर कुमार ने कोंटा में पुराना बालक आश्रम छात्रावास, भेज्जी परिसर का निरीक्षण कर उसके मरम्मत कार्य कर कॉलेज विद्यार्थियों के ठहराव हेतु उपयोग में लाने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात बालक आश्रम मेहता एवं बालिका आश्रम ढोंड्रा का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बच्चों की दिनचर्या, अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता जानी। कलेक्टर ने प्रश्न कर शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। कलेक्टर ने एनआरसी भवन का भी निरीक्षण किया।
एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का निरीक्षण
कलेक्टर अमित कुमार ने एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों की जानकारी ली और प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
कोर्ट रूम का निरीक्षण कर लंबित बकाया राशि प्रकरणों की जानकारी ली तथा धान विक्रय से संबंधित मामलों में किसानों से चर्चा की। उन्होंने जाति-निवास प्रमाण पत्र के प्रकरणों में तेजी लाने एवं एसआईआर से संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए। साथ ही बीईओ कार्यालय में नियमित अपडेट सुनिश्चित करने को कहा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा का निरीक्षण
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुमार ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में पेसेंट से कुशलक्षेम जाना।
कोंटा में ऑपरेशन कक्ष का निरीक्षण कर संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए । साथ ही आश्रम छात्रवासो में मलेरिया रोकथाम हेतु मच्छरदानी वितरण एवं नियमित फॉगिंग करने और क्लस्टरवार सभी आश्रम-छात्रावासों को फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में ग्राउंड फ्लोर की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत, सभी कक्षों पर नाम लिखने के निर्देश भी दिए।
सेवा एक्सप्रेस सुकमा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
नियद नेल्ला नार क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति
सुकमा, 02 जनवरी 2026/जिला प्रशासन द्वारा बिहान योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह (एसएचजी) गठन एवं शत-प्रतिशत सेचुरेशन के उद्देश्य से एक अभिनव पहल करते हुए “सेवा एक्सप्रेस सुकमा” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, अन्य जनप्रतिनिधि और कलेक्टर अमित कुमार ने एसएचजी गठन हेतु समर्पित चार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन दूरस्थ एवं संवेदनशील नियद नेल्ला नार क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को समूहों से जोड़ने का कार्य करेंगे।
कलेक्टर ने बिहान की दीदियों एवं जनपद पंचायत की टीम को बधाई देते हुए कहा कि एसएचजी गठन, बैंक खाता खोलने और आधार से जुड़ाव में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपके समर्पित प्रयासों से कोंटा जनपद में शत-प्रतिशत बैंक खाता और आधार सेचुरेशन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की कोई भी योजना पात्र हितग्राहियों से वंचित न रहे और कोंटा क्षेत्र के सभी ग्रामों को शत-प्रतिशत एनआरएलएम से जोड़ा जाए।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि कोंटा जनपद के अंतर्गत नियद क्षेत्र में 37 ग्राम पंचायतें तथा 159 ग्राम आते हैं, जहां की महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बिहान योजना से जोड़ना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को ऋण, प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का विकास होता है। नई सोच के साथ आगे बढ़ने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुकुंद ठाकुर ने कहा कि नियद नेल्ला नार क्षेत्र के गांव-गांव जाकर महिलाओं को बिहान योजना से जोड़ना है। एनआरएलएम के अंतर्गत एसएचजी गठन, बैंक खाता खोलने एवं आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश उन्होंने दिए।
जनपद पंचायत कोंटा की अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी ने कहा कि सभी अधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रियता के साथ कार्य करें और शासन की योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने के लिए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें। उन्होंने नारी शक्ति का परिचय देते हुए सभी से प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने कहा।
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत नियद नेल्ला नार क्षेत्र में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने हेतु जल्द से जल्द शत-प्रतिशत सेचुरेशन के निर्देश कलेक्टर अमित कुमार द्वारा दिए गए हैं। सेवा एक्सप्रेस के तहत रवाना किए गए चार वाहन चिंतलनार, मरईगुड़ा (वन), दुब्बाटोटा और ढोंड्रा कलस्टरों में नियमित रूप से भ्रमण कर समूह गठन का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जनपद पंचायत कोंटा अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकुंद ठाकुर, एसडीएम कोंटा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
नियद क्षेत्र में सुशासन परिसर का करें निर्माण : कलेक्टर
नियद क्षेत्र में सेवाएँ होंगी एक ही परिसर में उपलब्ध
सुकमा, 02 जनवरी 2026/कलेक्टर अमित कुमार ने नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा के सभाकक्ष में आयोजित की। बैठक में नियद क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित आधारभूत संरचनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत मुकुन्द ठाकुर, एसडीएम सुभाष शुक्ला, तहसीलदार गिरीश निम्बलकर सहित पटवारी और टीए उपस्थित थे।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि नियद क्षेत्रों में पंचायत भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, स्कूल एवं स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन सभी निर्माण कार्यों के लिए स्थल चिन्हांकन कर, अब युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ कर मई 2026 तक गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी संस्थानों को एक ही स्थान पर विकसित कर सुशासन परिसर के रूप में स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रयास किया जाए कि सभी आवश्यक शासकीय भवन एक ही परिसर में निर्मित हों, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना न पड़े और एक ही स्थान पर सभी सुविधाएँ सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि सुशासन परिसर की अवधारणा से प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
कलेक्टर अमित कुमार ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और स्थल निरीक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जहां निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, वहां तत्काल कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय में पूर्ण करना अनिवार्य है, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन की पहुंच अब जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक हो चुकी है। ऐसे में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें।
निर्वाचक नामावली से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न
कैटेगरी C मतदाताओं पर विशेष फोकस, अधिक से अधिक फॉर्म-6 एकत्र करने के निर्देश
सुकमा, 02 जनवरी 2026/ गुरुवार जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अमित कुमार की अध्यक्षता में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कैटेगरी C (UnMapped) मतदाताओं से संबंधित दावा–आपत्ति एवं सुनवाई की कार्ययोजना तैयार की गई तथा अधिक से अधिक फॉर्म-6 एकत्र करने हेतु संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये।
यह बैठक निर्वाचक नामावली विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत आयोजित की गई, जिसकी अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 निर्धारित है। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया है। इसके पश्चात 22 जनवरी 2026 तक दावा एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। कलेक्टर अमित कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे, इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त किये जाएं। उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के कैटेगरी C मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर जोर दिया।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 31 दिसंबर 2025 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में दिये गये निर्देशों के अनुपालन में यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर शबाब ख़ान, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुकमा में ‘सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान’ का आगाज
कुपोषण और एनीमिया के विरुद्ध जागरूकता अभियान जारी
सुकमा, 02 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ शासन के 25 वर्ष और वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर, 1 जनवरी 2026 से राज्य के 8 चयनित जिलों में ‘सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान’ का शंखनाद किया गया है। सुकमा जिले में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका सुकमा के अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम तथा पार्षदगण उपस्थित थे।
अभियान का लक्ष्य: कुपोषण मुक्त बचपन और स्वस्थ मातृशक्ति
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालना और 15 से 45 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) के स्तर में सुधार लाना है। प्रशासन का विजन केवल सरकारी हस्तक्षेप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी के जरिए एक सामाजिक आंदोलन बनाने की तैयारी है। 6 माह से 3 वर्ष के गंभीर व मध्यम कुपोषित बच्चे और उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा और परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता लाना इसका प्रमुख उद्देश्य है। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ‘चिरायु’, ‘एनीमिया मुक्त भारत’ और ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ का एकीकृत लाभ हितग्राहियों तक पहुँचाना।
स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता
गुरुवार 1 जनवरी को शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह और ‘सुपोषण दूत’ इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी शिवदास नेताम, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
जिला स्तरीय युवा महोत्सव 2025 का सफल आयोजन
धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार का निर्णायक कदम
धान विक्रय प्रक्रिया हुई सरल
अब दिन-रात कभी भी मिलेगा तूहर टोकन
सरकार किसानों के साथ, टोकन सिस्टम में समय की बंदिश खत्म
किसानों के लिए बड़ी सहूलियतरू तूहर टोकन ऐप अब 24 घंटे उपलब्ध
किसानों की सुविधा सर्वाेपरि, टोकन व्यवस्था को बनाया गया सहज
सुकमा, 14 दिसंबर 2025
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तूहर टोकन ऐप को अब 24×7 खोल दिया गया है। अब मोबाइल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान दिन-रात किसी भी समय अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। अब किसान 13 जनवरी तक अगले 20 दिनों तक के लिए टोकन ले सकते हैं। इससे किसानों को धान विक्रय की योजना बनाने और टोकन प्राप्त करने में पर्याप्त समय मिलेगा तथा भीड़ और तकनीकी दबाव की समस्या से राहत मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसान अब 31 जनवरी तक तूहर टोकन ऐप से टोकन ले सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लघु किसनों के लिए यह सुविधा मुहैया कराई गई है स
उल्लेखनीय है कि टोकन प्रत्येक सहकारी समिति को आबंटित सीमा के भीतर ही जारी किए जाएंगे। किसानों से आग्रह है कि वे समय रहते तूहर टोकन ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त करें और किसी भी असुविधा से बचें।
किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। तूहर टोकन ऐप को 24×7 खोलने और समय की बाध्यता समाप्त करने का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। अब किसान बिना किसी दबाव के, अपनी सुविधा अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। 2 एकड़ एवं 2 एकड़ से कम रकबा वाले किसानों के लिये टोकन की अतिरिक्त समय सीमा और अवधि का विस्तार किसानों को वास्तविक राहत देगा। राज्य सरकार किसान हित में हर संभव कदम उठाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
शासकीय नवीन महाविद्यालय कोंटा में ‘जनजाति गौरव माह-2025’ पर कार्यशाला आयोजित
सुकमा, 14 दिसंबर 2025
उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार शासकीय नवीन महाविद्यालय कोंटा में 11 दिसंबर को ‘जनजाति गौरव माह-2025’ के अंतर्गत जनजाति समाज के गौरवशाली अतीत एवं योगदान विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री पी. विजय ने कहा कि जनजातियों के विकास से ही बस्तर क्षेत्र का विकास संभव है। मुख्य वक्ता श्री नैनी जांगैय्या ने विद्यार्थियों को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि एसडीएम कोंटा श्री सुभाष शुक्ला ने युवाओं को लक्ष्य निर्धारण एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य श्री डी. सुरेश बाबु ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा जनजातीय संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दुष्यंत कुमार ने किया तथा आभार प्रदर्शन मुकेश कुमार पटेल ने किया।
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2025 शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
सुकमा, 14 दिसंबर 2025
नवोदय विद्यालय समिति द्वारा आयोजित कक्षा 6वीं की प्रवेश परीक्षा शनिवार को जिले में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस अवसर पर जिला शिक्षाधिकारी श्री जी.आर. मंडावी ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल सुकमा, गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल सुकमा एवं डीएवी स्कूल सुकमा में पहुंचकर परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था एवं अनुशासन की स्थिति का अवलोकन किया। जिला शिक्षाधिकारी ने परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए।
नवोदय विद्यालय सुकमा में पंजीकृत 1536 विद्यार्थियों में से 1355 विद्यार्थी उपस्थित रहे, वहीं नवोदय विद्यालय कोंटा में पंजीकृत 648 विद्यार्थियों में से 560 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की।
03 वर्षों से अधूरे पड़े 10 आश्रम-छात्रावास निर्माण कार्यों पर जिला प्रशासन की वस्तुस्थिति
कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, सुकमा द्वारा दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित 03 वर्षों से अधूरे पड़े 10 आश्रम-छात्रावास संबंधी समाचार के संदर्भ में वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान जिले में कुल 19 आश्रम-छात्रावास भवनों के निर्माण कार्यों को विधिवत प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 04 आश्रम-छात्रावास भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित किया जा चुका है, जहां छात्र-छात्राओं के प्रवेश उपरांत संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 04 भवनों में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा नवीन विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके पूर्ण होते ही संचालन तत्काल प्रारंभ किया जाएगा। शेष 10 भवनों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिसे जिला निर्माण समिति, सुकमा द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि समस्त प्रगतिरत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर सभी भवनों को विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। तत्पश्चात इन भवनों का शिक्षण एवं आवासीय प्रयोजन हेतु पूर्ण रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं सुलभ हो सकें।
आत्मसमर्पित 105 नक्सलियों का बना मनरेगा रोजगार जॉब कार्ड
सुकमा । मुख्यमंत्री साय की मंशा के अनुरूप राज्य में मुख्यधारा से जुड़कर शांति का मार्ग अपनाने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 105 आत्मसमर्पित नक्सलियों के मनरेगा जॉब कार्ड तैयार कर वितरित किए हैं। इस पहल के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने जिला प्रशासन को बधाई दी है।
मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारी को रोजगार
सुकमा जिला कलेक्टर के निर्देश पर तथा जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में पुनर्वास केंद्र में विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लाभों से आत्मसमर्पित नक्सलियों को जोड़ा गया। मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारी परिवारों को उनके ही गांव में 100 दिनों का वैधानिक रोजगार उपलब्ध कराया जाता है तथा दैनिक 261 रुपये मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाता है।
आत्मसमर्पित 105 लोगों को मिला रोजगार का अधिकार
शिविर में मौजूद सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने योजना का लाभ लेने एवं जॉब कार्ड बनवाने में रुचि दिखाई। प्रशासन की पारदर्शी प्रक्रिया के फलस्वरूप कुल 105 आत्मसमर्पित नक्सलियों जिसमें 62 पुरुष और 43 महिला शामिल हैं, उनके जॉब कार्ड तैयार कर उन्हें वितरित किए गए।
पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने अनेक हितग्राहीमूलक कार्य
पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिविर में आजीविका डबरी निर्माण, बकरी शेड, मुर्गी शेड और सूअर शेड आदि हितग्राहीमुखी कार्यों की भी जानकारी दी गई। इन योजनाओं से आत्मसमर्पित युवक-युवतियों को भविष्य में स्थायी आय के साधन विकसित करने में मदद मिलेगी। शिविर के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प तेजी से हो रहा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प तेजी से हो रहा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक 2025
खो-खो में कांकेर ने जीता खिताब
सुकमा की बालिकाओं ने दमदार प्रदर्शन से जीता दिल
रायपुर, 12 दिसम्बर 2025


बस्तर ओलंपिक के सीनियर बालिका वर्ग की खो-खो प्रतियोगिता में इस बार खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया। कांकेर और सुकमा के बीच हुआ फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहाँ दोनों ही टीमों ने बेहतरीन फुर्ती, कसी हुई रणनीति और अद्भुत टीमवर्क का परिचय दिया। इस कड़े संघर्ष के बाद कांकेर की टीम ने प्रथम स्थान पर कब्ज़ा जमाया और खिताब अपने नाम किया। वहीं सुकमा की बालिकाओं ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि नारायणपुर की टीम तृतीय स्थान पर रही।

प्रतियोगिता में विशेष रूप से सुकमा की खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली इन बच्चियों ने अपने समर्पण और मेहनत से यह साबित किया कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। एकलव्य छिंदगढ़ से सुकमा आई मंजू पोड़ियामी और पम्मी नाग ने खेल के बाद कहा कि उन्होंने पूरी मेहनत और लगन से खेला है, और भले ही इस बार वे दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन अगली बार वे पूरे संभाग में प्रथम आने का संकल्प लेकर वापस लौटेंगे। उन्होंने बस्तर ओलंपिक को एक बड़ा मंच बताया, जिसका वे पूरा लाभ उठाना चाहती हैं।
मैच के दौरान खिलाड़ियों की उत्कृष्ट फिटनेस, तेज गति और चतुराई भरी चालें देखने लायक थीं। प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई बेहतर सुविधाओं के कारण खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है, जिसके फलस्वरूप वे मैदान में नई ऊर्जा और उत्साह के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। यह प्रतियोगिता खेल कौशल का प्रदर्शन करने के साथ ही इस बात को भी मजबूती से साबित करती है कि बस्तर क्षेत्र की बेटियाँ अब बड़े मंच पर अपने प्रदर्शन का परचम लहराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
नदी-नाला पार कर पैदल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
सुकमा जिले के दूरस्थ गांव दामापारा में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर
सुकमा, 9 दिसम्बर 2025
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 13वें चरण के तहत सुकमा जिले के सबसे संवेदनशील और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ कराने के प्रति शासन पूरी रेलतराह से प्रतिबद्ध है। सुकमा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा स्वयं टीम के साथ नदी पार कर लगभग 2 किमी पैदल चलकर गाँवों में पहुँचे और अभियान की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। टीम ने सेक्टर गादीरास एवं केरलापाल के मिरिवाडा, एटपाल और फूलबगड़ी के दामापारा जैसे अति संवेदनशील ग्रामों का दौरा किया।
स्कूल व आश्रम के बच्चों को दी स्वास्थ्य शिक्षा
निरीक्षण के दौरान टीम ने स्कूल एवं आश्रम के बच्चों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का महत्व समझाया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें। मलेरिया से बचाव की सभी सावधानियों का पालन करें। बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य कार्यकर्ता को जानकारी दें या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें समय पर संपूर्ण उपचार और पोषण आहार मिल सके।
निरीक्षण के दौरान एक बच्चे में मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने पर उसकी स्वास्थ्य जाँच कर दवा की पहली खुराक खिलाई गई, जो प्रशासन की जिम्मेदारी और सक्रियता का साफ प्रमाण है।
कठिन परिस्थितियों में भी अभियान जारी
नदी पार कर पैदल मार्ग से गाँवों तक पहुँचना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को हर घर तक पहुँचाने के मिशन पर लगातार काम कर रहा है।
नेशनल लोक अदालत 2025 : सुकमा जिले में 13 दिसंबर को आयोजित होगी चतुर्थ नेशनल लोक अदालत
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिए तिथि निर्धारित कर दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा से प्राप्त निर्देशानुसार चतुर्थ नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर 2025 को किया जाएगा।
सुकमा जिले में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी सुकमा श्री सूरज कश्यप अपने खण्डपीठ की अध्यक्षता करेंगे।
जिले के अन्य अनुविभागों एवं तहसीलों में
श्री सुभाष शुक्ला, अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोण्टा,
श्री प्रताप विजय खेस्स, अनुविभागीय दण्डाधिकारी छिन्दगढ़,श्री गिरीश निम्बालकर, तहसीलदार कोण्टा,
श्री अम्बर गुप्ता, तहसीलदार सुकमा,
श्री अनिल कुमार ध्रुव, तहसीलदार गादीरास,
श्री इरशाद अहमद, तहसीलदार छिन्दगढ़,
श्री आनंद गुर्दे, नायब तहसीलदार तोंगपाल,
श्री यूपेन्द्र पात्रे, नायब तहसीलदार दोरनापाल एवं जगरगुण्डा अपने-अपने खण्डपीठों में प्रकरणों के निराकरण की कार्यवाही करेंगे।
5 वर्षीय मायरा ने अनोखे अंदाज में मनाया जन्मदिन
टीबी ग्रसित बच्चों को पोषण आहार देकर बनी प्रेरणा, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को मिला सहयोग
सुकमा , 05 दिसंबर 2025

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सुकमा जिले में चल रहे जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल मिली, जब मात्र 5 वर्षीय मायरा केंद्रे ने अपने जन्मदिन को जरूरतमंद टीबी ग्रसित बच्चों के नाम समर्पित कर दिया। मायरा ने अपने जन्मदिन पर जिले के 5 टीबी प्रभावित बच्चों को पोषण आहार प्रदान किया और उनके साथ केक काटकर अपना विशेष दिन मनाया। उनके इस मानवीय कदम ने सभी का हृदय जीत लिया।
मां से मिली प्रेरणा, बचपन से आई सेवा की भावना
मायरा के अभिभावकों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले ही मायरा ने यह फैसला कर लिया था कि वह अपना अगला जन्मदिन टीबी ग्रसित बच्चों के साथ मनाएगी। उसे यह प्रेरणा अपनी मां डॉ. अनुजा केंद्रे, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल सुकमा, से मिली।
डॉ. अनुजा ने पिछले वर्ष अपने जन्मदिन के अवसर पर पांच नवजात शिशुओं को गोद लेकर उनके इलाज पूरा होने तक पोषण आहार देने की जिम्मेदारी निभाई थी। उसी घटना ने मायरा के मन में सेवा और सहयोग की भावना को जन्म दिया।
पोषण आहार से बढ़ेगा स्वास्थ्य, तेजी से होगा उपचार
जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारियों ने बताया कि टीबी मरीजों, विशेषकर बच्चों के लिए उच्च पोषण आहार अत्यंत आवश्यक है। सही पोषण उन्हें बीमारी से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है और उनकी रिकवरी तेज होती है। इस तरह की व्यक्तिगत पहलें टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देती हैं और समाज में जागरूकता फैलाती हैं।
मायरा की पहल ने यह साबित किया कि सेवा करने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। एक 5 साल की बच्ची द्वारा टीबी प्रभावित बच्चों की मदद करना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य टीम और अभिभावकों ने मायरा के कदम की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास टीबी के खिलाफ लड़ाई को नई गति प्रदान करते हैं।
निश्चय मित्र बनकर आप भी कर सकते हैं सहयोग
जिला क्षय उन्मूलन केंद्र सुकमा ने नागरिकों से अपील की है कि वे टीबी मरीजों के पोषण और सहयोग के लिए ‘निश्चय मित्र’ बनकर अभियान से जुड़ें। इच्छुक व्यक्ति जिला क्षय उन्मूलन केंद्र, सुकमा से संपर्क कर सकते हैं और किसी जरूरतमंद मरीज की सहायता कर सकते हैं।
पुणे में एनडीए के 149वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के साक्षी बने 25 छात्र
सुकमा । जिले के स्कूली बच्चों के लिए यह दिन हमेशा यादगार रहेगा, जब उन्होंने देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (छक्।) की भव्यता को न केवल करीब से देखा, बल्कि 149वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का प्रेरणादायक दृश्य भी अपनी आँखों से देखा।
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन और जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी की निगरानी में सुकमा जिले के 25 छात्र-छात्राएं एवं 2 प्रभारी शिक्षक पुणे स्थित एनडीए के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजे गए।
एनडीए की भव्यता देख रोमांचित हुए बच्चे
एनडीए के प्रवेश द्वार पर पहुँचते ही बच्चों के चेहरे पर उत्साह और गर्व छलक उठा। विशाल परिसर, अनुशासन का वातावरण और अकादमी की गौरवशाली विरासत ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद बच्चों ने एनडीए की पासिंग आउट परेड का आनंद लिया, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेट्स ने अद्भुत तालमेल और शौर्य का प्रदर्शन किया। यह दृश्य बच्चों के लिए न केवल रोमांचक था बल्कि प्रेरणा से भर देने वाला भी।
एनडीए के गौरवशाली इतिहास और कार्यप्रणाली की जानकारी
भ्रमण के दौरान बच्चों ने जाना कि एनडीए विश्व की पहली त्रि-सेवा अकादमी है, जहाँ तीनों सेनाओं के कैडेट एक साथ प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यहाँ बच्चों को शैक्षणिक संबद्धता, प्रशिक्षण प्रणाली, “सेवा परमो धर्म” जैसे आदर्श वाक्य और एनडीए की शौर्यपूर्ण परंपरा के बारे में भी बताया गया।
समाज सेवा और सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़ा अनुभव
एनडीए भ्रमण के बाद बच्चों ने मधुरम स्वरूप सेवा समिति का दौरा किया, जहाँ वृद्ध एवं दिव्यांग जनों की सेवा की जाती है। इस अनुभव ने उन्हें मानवता और सेवा भावना के महत्व से अवगत कराया।
इसके पश्चात बच्चों ने पुणे के बालाजी टेम्पल और विश्व प्रसिद्ध शिवसृष्टी का भ्रमण किया।
शिवाजी महाराज के पराक्रम, दूरदर्शिता और स्वराज्य की भावना आधारित प्रदर्शनी दुर्गा वैभव, शास्त्र चलन, राजसी किले, 4क् रायगढ़ शो, श्रीमंत योगी जैसी आकर्षणों ने बच्चों में इतिहास और राष्ट्रभक्ति के प्रति नई ऊर्जा भर दी। यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी मजबूत कर गया जो सुकमा प्रशासन के प्रयासों को सार्थक बनाता है।