छत्तीसगढ़ / सुकमा
तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से किसान अब स्वयं ले सकेंगे टोकन
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में जिले में किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से 15 नवंबर से “तुंहर टोकन” मोबाइल एप के माध्यम से टोकन जारी करने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। यह पहल न केवल तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे किसानों को पारदर्शी, सुरक्षित और सुगम प्रणाली का लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत, प्रतिदिन सुबह 8ः00 बजे से किसान “तुंहर टोकन” मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं टोकन प्राप्त कर सकेंगे। सोसायटी संचालक भी पिछले वर्ष की तरह सुबह 9ः30 बजे से टोकन जारी करना आरंभ करेंगे।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अगले 7 खरीदी दिनों के लिए अग्रिम टोकन जारी किए जा सकेंगे। कलेक्टर ध्रुव ने बताया कि टोकन में दर्ज धान की मात्रा डीसीएस, गिरदावरी, पीवी के अनुसार पंजीकृत रकबे से अधिक नहीं होगी, जिससे खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
इसके साथ ही, लघु और सीमांत किसानों को अधिकतम 2 टोकन तथा बड़े किसानों को अधिकतम 3 टोकन की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था छोटे किसानों को प्राथमिकता देने और खरीदी प्रक्रिया में संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से की गई है।
टोकन जारी करने के दौरान आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रत्येक किसान की पहचान सत्यापित होगी और किसी भी प्रकार के अनधिकृत टोकन जारी होने पर रोक लगेगी।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि इस डिजिटल प्रणाली से खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और किसान हितैषी बनेगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को बिना किसी परेशानी के उसका उचित अधिकार और सुविधा समय पर प्राप्त हो। यह पहल शासन की ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ और ‘पारदर्शी प्रशासन’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कलेक्टर ने ली प्रेसवार्ता
मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर दिया जोर
सुकमा, 30 अक्टूबर 2025
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में बुधवार को स्थानीय पत्रकारों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन जिला कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची का अद्यतन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता का आधार है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में जुड़ना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि, दोहराव या चूक न हो, इसके लिए निर्वाचन दलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचन आयोग की यह पहल पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आने वाले चुनावों में मतदान प्रक्रिया और अधिक विश्वसनीय, व्यवस्थित और सटीक होगी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री ध्रुव ने पत्रकारों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की सम्पूर्ण समय-सारिणी, आवेदन प्रक्रिया और आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी मीडिया प्रतिनिधि इस जन-जागरूकता अभियान में प्रशासन के सहयोगी बनें, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।
निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की प्रमुख समय-सारिणी
कलेक्टर ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के लिए आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है -
. 28 अक्टूबर से 03 नवंबर 2025 तैयारी, प्रशिक्षण एवं मुद्रण का कार्य
. 04 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 गणना (एन्यूमरेशन) अवधि
. 04 दिसंबर 2025 मतदान केन्द्रों का युक्तियुक्तकरण एवं पुनः व्यवस्थापन
. 05 से 08 दिसंबर 2025 नियंत्रण तालिका का अद्यतन एवं प्रारूप निर्वाचक नामावली की तैयारी
. 09 दिसंबर 2025 प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन
. 09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026 दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि
. 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 सूचना चरण, सुनवाई, सत्यापन एवं दावों का निपटान
. 03 फरवरी 2026 परिशुद्धता जांच एवं आयोग से अंतिम अनुमति
. 07 फरवरी 2026 निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने भी अपने सुझाव एवं प्रश्न रखे, जिनका कलेक्टर श्री ध्रुव ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्रोग्रामर (निर्वाचन) श्री सौरभ उप्पल, तथा जिले के वरिष्ठ पत्रकारगण
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड कैम्प का किया निरीक्षण
गांव के चौपाल में ग्रामीणों ने बताया अब हो रहा ग्रामों में विकास
शासन क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा
रायपुर, 24 अक्टूबर 2025





उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज अपने एकदिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड पहुंचे। जहां उन्होंने सीआरपीएफ के कैम्प का निरीक्षण किया। उन्होंने कैम्प में जवानों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने जवानों को कठिन परिस्थितियों और मुश्किलों के बाद भी लाल आतंक को जड़ से उखाड़ने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आप लोगों के साहस और संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि आज राज्य के कई जिले अब नक्सल आतंक से मुक्त हो गए हैं।
ग्रामीणों को अब असल विकास का अहसास
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जनचौपाल लगाकर दुलेड के ग्रामीणों से सीधी चर्चा भी की। जहां उन्होंने कहा कि दुलेड में कैंप खुलने के बाद यहां आमूल चूल परिवर्तन आया है। कई सालों तक नक्सलियों ने गांव तक बिजली, पेयजल, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को आने से रोका, शिक्षा का प्रकाश फैलाने वाले शिक्षादूतों को मारा लेकिन अब हमारे ग्राम तैयार हैं, हम सभी को मिलकर गांव के विकास के लिए कार्य करना है। सरकार भी क्षेत्र के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर लगातार कार्य कर रही है ताकि यहां के लोगों को अपने वन उत्पादों का उचित मूल्य एवं शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। इस अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि अब गांव में उन्हें असल विकास का अहसास हो रहा है। हमें सभी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
शासन द्वारा वनांचल के विकास के लिए अनेक योजनाएं
ग्रामीण अब विकास की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में सभी जनप्रतिनिधि आदिम समाज से ही संबंधित हैं और संविधान के द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार यहां केवल आदिवासी वर्ग के लोग ही यहां जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और सौभाग्य से हमारे राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी आज आदिवासी वर्ग के ही हैं। ऐसे में यदि कोई भोले भाले ग्रामीणों को बहकाकर हिंसा के मार्ग पर ले जाता है, शिक्षा कार्य करने वाले शिक्षादूतों की हत्या करता है, तो वह आपको मार्ग से भटकाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा वनांचल वासियों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रहीं है।
इलवद ग्राम योजना के लिए विकास कार्यों को प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लोगों से आह्वाहन किया कि वे अपने गांवों के भटके युवाओं को मुख्यधारा में आने के लिए प्रोत्साहित करें। विगत दिनों दो दिन में 300 से अधिक लोग हथियार त्याग कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, जिनका उनके ग्राम के गायता, पुजारी, पटेल द्वारा पारम्परिक रूप से स्वागत किया गया। शासन ने भी समर्पण करने वालों के लिए खुशी से अपनी बाहों को खोल रखा है और उनके पुनर्वास के लिए संवेदनशील पुनर्वास नीति भी तैयार की है। उन्होंने सभी को बताया कि शासन की इलवद ग्राम योजना से अब नक्सल मुक्त ग्रामों के लिए एक करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की गई है, इससे गांव में बारहमासी सड़कें, पेयजल, परिवहन आदि की व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीण युवाओं को खेल उपकरणों का भी वितरण किया।
महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नियद नेल्लानार ग्रामों में बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में प्राथमिकता
सुकमा, 23 अक्टूबर 2025
महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के “नियद नेल्लानार योजना” में शामिल ग्रामों के बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता से लाभ प्रदान किया जाएगा।
खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के तहत पात्र 1.59 लाख माताओं-बहनों को उज्ज्वला कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने तथा गैस सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से महिलाओं को धूम्ररहित रसोई, समय की बचत, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में नई मजबूती प्राप्त होगी।
पुलिस स्मरण दिवस पर कोंटा में शहीदों को किया नमन
अदम्य साहस और बलिदान को दी गई श्रद्धांजलि
सुकमा, 21 अक्टूबर 2025
पुलिस उप महानिरीक्षक (परिचालन) कार्यालय कोन्टा एवं 217वीं वाहिनी, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, कोन्टा द्वारा आज वाहिनी मुख्यालय परिसर में “पुलिस स्मरण दिवस” बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर श्री विरेन्द्र कुमार (द्वितीय कमान अधिकारी) ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि “भारत की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखने में हमारे बल के जवानों ने सदैव अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। हमें उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहना चाहिए।”
श्री कुमार ने पिछले एक वर्ष के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर कार्मिकों के नामों का वाचन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उन्होंने 21 अक्टूबर 1959 की उस ऐतिहासिक घटना का स्मरण कराया जब लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में सीआरपीएफ की एक छोटी टुकड़ी ने चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए अद्वितीय वीरता और बलिदान का परिचय दिया था। इन्हीं शूरवीरों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष यह दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर श्री सौरभ कुमार सिंह (उप कमाण्डेन्ट), डॉ. मंदीप सिंह (एस.एम.ओ.), श्री आर.सी. चन्द्रन (सहायक कमाण्डेन्ट, मत्रां.) सहित अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित कर देश की एकता, अखण्डता और सुरक्षा के लिए अपने समर्पण का संकल्प दोहराया।
दीपावली पर सुकमा के प्रधानमंत्री आवास रोशन : स्व-सहायता समूह की दीदियों ने दी प्रेरणा की ज्योति
सुकमा, 21 अक्टूबर 2025
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुन्द ठाकुर के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सुकमा जिले के विकासखंड कोटा, सुकमा एवं छिंदगढ़ में दीपावली पर्व पर एक अनूठी पहल देखने को मिली। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए सुंदर पर्यावरण-हितैषी मिट्टी के दीये प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 425 हितग्राहियों को प्रदान किए गए।
इस अवसर पर निर्मित एवं निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों को दीपों से सजाया गया, जिससे न केवल लाभार्थियों के घर जगमगाए बल्कि उनके चेहरों पर भी खुशी की रौशनी खिल उठी। जहाँ पूर्ण हो चुके आवासों के हितग्राहियों को यह दीये सम्मान स्वरूप भेंट किए गए, वहीं निर्माणाधीन आवासों के लाभार्थियों को समय पर निर्माण पूर्ण करने की प्रेरणा स्वरूप दिए गए। इस पहल से न केवल दीदियों की आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला, बल्कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सहयोग का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत हुआ।
प्रशासन की यह पहल न केवल हितग्राहियों में उत्साह का संचार कर रही है, बल्कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर सुकमा की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।
रितु नाग ने बढ़ाया सुकमा का मान
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
सुकमा, 16 अक्टूबर 2025
सुकमा जिले की धरती एक बार फिर खेल के क्षेत्र में चमक उठी है। यहां की होनहार छात्रा रितु नाग ने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। रितु की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सुकमा की बेटियां मेहनत और लगन से हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रितु की उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
कोरबा जिले में 12 से 15 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रितु नाग ने बस्तर संभाग की हॉकी टीम में शामिल होकर बेहतरीन खेल दिखाया। उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया। इस सफलता से सुकमा ही नहीं, पूरे बस्तर संभाग का गौरव बढ़ गया है।
रितु नाग वर्तमान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, छिंदगढ़ में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं और प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, जिला खेल अधिकारी श्री विरूपाक्ष पौराणिक, सहायक खेल अधिकारी श्री कमल कोसरिया और पीटीआई शिक्षिका श्रीमती योगिता नायक को दिया है।
सुकमा में परियोजना सलाहकार मण्डल की बैठक आयोजित
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में करे कार्य- श्रीमती कुसुमलता कवासी
सुकमा, 08 अक्टूबर 2025
एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कोन्टा मुख्यालय सुकमा की बैठक बुधवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में हुई। बैठक की अध्यक्षता जनपद पंचायत कोण्टा की अध्यक्ष एवं परियोजना सलाहकार मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी ने की। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य हो कि जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि निर्माणधीन कार्य को गुणवत्ता पूर्वक समय सीमा में पूर्ण करे।
बैठक में विशेष केन्द्रीय सहायता राजस्व व पूंजीगत मद एवं संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत विगत वर्षों से अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही वर्ष 2023-24 में पुनराबंटित कार्यों का अनुमोदन और वर्ष 2025-26 के लिए भेजी गई कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, श्रीमती माड़े बारसे, जनपद पंचायत सुकमा अध्यक्ष श्री संतोष ईडो, सांसद प्रतिनिधि श्री अरुण सिंह भदौरिया, डिप्टी कलेक्टर सुश्री निधि प्रधान, सहायक आयुक्त श्री हेमन्त कुमार सिंहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत छिंदगढ़ में जनजागरूकता रैली का आयोजन
छिंदगढ़ में दीदियों की रैली से गूंजा संदेश
“हर बेघर को पक्का घर, हमारा अधिकार
सुकमा, 08 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन को जागरूक करने हेतु आज जनपद पंचायत छिंदगढ़, जिला सुकमा में भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लंबित आवासों के त्वरित पूर्णता को सुनिश्चित करना और ग्रामीण परिवारों में पक्के घरों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा।
यह रैली कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुन्द ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु ग्राम स्तर पर जनसहभागिता को मजबूत बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
रैली में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (छत्स्ड), जनपद पंचायत छिंदगढ़ के विभिन्न स्व-सहायता समूहों की क्लस्टर स्तरीय दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दीदियों ने साप्ताहिक हाट बाजार क्षेत्र में बैनर, पोस्टर और नारों के माध्यम से लोगों को आवास योजना के लाभ और समय पर निर्माण पूर्ण करने के महत्व से अवगत कराया।
रैली में गूंजे प्रेरणादायी नारे
“हर बेघर को पक्का घर - प्रधानमंत्री आवास हमारा अधिकार” और “समय पर करें आवास पूर्ण, पाएं खुशहाल जीवन”
कार्यक्रम में एनआरएलएम टीम, जनपद पंचायत अधिकारीगण, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि क्षेत्र के प्रत्येक पात्र हितग्राही को शीघ्र ही पक्का घर प्रदान किया जाएगा और जिले को “पूर्ण आवासीय जिला” बनाने के लक्ष्य को साकार किया जाएगा।
कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने कहा कि “प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि हर परिवार के सम्मान और स्थायित्व से जुड़ा हुआ मिशन है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार बेघर न रहे।”
छत्तीसगढ़ की प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में विकास कार्यों की रफ्तार तेज
नक्सल पुनर्वास नीति के तहत बड़ेसट्टी में 1.10 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर प्रशासन की सतत निगरानी जारी
सुकमा, 08 अक्टूबर 2025
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार बुधवार को ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। प्रशासनिक टीम ने ग्राम स्तर पर जारी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बड़ेसट्टी ग्राम पंचायत को यह गौरव प्राप्त है कि यह छत्तीसगढ़ की पहली नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बनी है। इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप नक्सल पुनर्वास नीति के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा पंचायत में 1रू करोड़ 10 लाख के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका कार्य तेजी से प्रगति पर है।
निरीक्षण के दौरान समग्र योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्र, सीसी रोड, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखते हुए सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। गांव के सर्वांगीण विकास की दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की भी शुरुआत की गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त हो रही है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि “बड़ेसट्टी पंचायत की विकास यात्रा अब नई दिशा में अग्रसर है। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह ग्राम पंचायत आदर्श विकास मॉडल के रूप में उभरे।”
निरीक्षण के दौरान जनपद सीईओ सुकमा सुश्री निधि प्रधान, तहसीलदार सुकमा श्री अम्बर गुप्ता तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे
नियद नेल्लानार: नक्सल प्रभावित अचकट गांव में हर घर पहुंचा पीने का शुद्ध पानी
30 सितंबर 2025

नक्सलवाद को खत्म कर सुकमा जिले में आधारभूत सुविधाओं को तेजी से विकसित करने की नियद नेल्लानार योजना का असर अब अचकट गांव में भी दिख रहा हैं। सुकमा के नक्सल प्रभावित ईलाके के अचकट गांव के हर घर में अब पीने के शुद्ध पानी के लिए नल लग गए हैं। घरों में लगे नलों में पानी आ जाने से अब ग्रामवासियों की पानी की पुरानी समस्या का समाधान हो गया हैं। अचकट गांव नक्सल प्रभावित कोंटा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कामाराम का आश्रित ग्राम हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 95 किलोमीटर दूर बसे इस गांव के लोगों को अब तक हैंडपंप और कुएं के पानी पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के मौसम में पानी की भारी किल्लत का सामना करना ग्रामीणों के लिए आम समस्या थी। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए जिला प्रशासन ने 2 सोलर टैंक और 38 स्टैंड पोस्ट की स्थापना कर गांव में रहने वाले लगभग 120 ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्य से अचकट गांव के प्रत्येक परिवार को सीधे घर पर ही पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने भी इस योजना पर प्रसन्नता जाहिर की। ग्रामीण श्रीमती सुकमती सोड़ी ने कहा कि पहले हमें दूर से पानी लाना पड़ता था, जिससे कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती थीं। अब घर में नल कनेक्शन लगने से हमें स्वच्छ पानी मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के बहुत आभारी हैं।
इसी तरह श्री सोड़ी मुकेश, श्री विजय सोड़ी और श्री गणेश सोड़ी ने भी इस योजना की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन स्तर में बड़ा सुधार बताया।
स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान से सुकमा की महिलाओं को मिल रहा व्यापक स्वास्थ्य लाभ
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में जिले में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्रदान करना है।
अभियान के तहत 17 से 26 सितम्बर तक जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रोंकृ जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 106 स्वास्थ्य शिविर और 14 विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में हजारों महिलाओं एवं पुरुषों ने विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कराए। उच्च रक्तचाप जांच में पुरुष 1459 और महिलाएँ 4752 सहित कुल 6211 मरीजों की जांच हुई। मधुमेह जांच में पुरुष 859 और महिलाएँ 4314 सहित कुल 5173 मरीज शामिल हुए। कैंसर जांच (मुख, स्तन व गर्भाशय) में पुरुष 437 और महिलाएँ 2601 सहित कुल 3038 जांचें की गईं। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच कुल 1224 हुई। इसी तरह टीबी जांच में पुरुष 521 और महिलाएँ 2130 सहित कुल 2651 तथा सिकल सेल जांच में पुरुष 593 और महिलाएँ 2128 सहित कुल 2721 मरीजों की जांच की गई।
अभियान के अंतर्गत महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें 125 महिलाओं की प्रथम एएनसी जांच, 991 महिलाओं की द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ जांच, 4026 महिलाओं को पोषण एवं देखभाल पर परामर्श, 3830 महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता पर परामर्श और 268 गर्भवती महिलाओं को एमसीपी कार्ड का वितरण किया गया है।
जिला अस्पताल सुकमा में मोतियाबिंद ऑपरेशन भी अभियान का हिस्सा है। 17 से 26 सितम्बर तक पुरुष 28 एवं महिलाएँ 55 सहित कुल 83 मरीजों का सफल नेत्र ऑपरेशन किया गया। इनमें रायगुड़ा (नियाद नेल्ला नार क्षेत्र) से आए 9 मरीज भी शामिल रहे।
अभियान को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह कुश्वाहा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गीतू हरित सहित स्वास्थ्य अमले की सक्रिय भूमिका रही।
प्रिंट रिच वातावरण से बच्चों में सीखने की जगी रुचि : डीईओ मंडावी
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिले के विद्यालयों में प्रिंट रिच वातावरण तैयार करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की जा रही है। इसी के तहत 90 स्कूलों में बाला (Building as Learning Aid) पेंटिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी श्री जीआर मंडावी ने निरीक्षण किया।
सीखने का माध्यम बनी दीवारें :
निरीक्षण के दौरान श्री मंडावी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री आशीष राम और शिक्षार्थ टीम के साथ शाला बालक आश्रम कुड़मेलपारा पहुंचे। यहाँ उन्होंने दीवारों पर उकेरी गई शैक्षणिक पेंटिंग, बहुभाषीय शिक्षा से जुड़े अंश और बच्चों के लिए निर्मित अध्ययन-अनुकूल वातावरण का बारीकी से अवलोकन किया।
बच्चों से आत्मीय संवाद :
प्राथमिक शाला कुड़मेलपारा में उन्होंने बच्चों से बारहखड़ी और पहाड़ों पर प्रश्न पूछे। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सही उत्तर दिए, जिससे उनका उत्साह स्पष्ट झलक रहा था। निरीक्षण के पश्चात श्री मंडावी ने बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन भी किया, जिससे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और आत्मीयता दोनों दिखाई दीं।
पूर्व निरीक्षण का संदर्भ :
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने पूर्व में ही इस विद्यालय का दौरा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके बाद स्कूल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
बैठक और कार्यशालाएँ :
निरीक्षण के बाद श्री मंडावी ने हायर सेकेंडरी स्कूल सुकमा में आयोजित प्राचार्य बैठक में भाग लिया। इस दौरान बस्तर ओलंपिक पंजीयन और शिक्षा विभाग के अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके उपरांत आयोजित एफएलएन कार्यशाला में उन्होंने शिक्षकों और शिक्षार्थ के मास्टर ट्रेनर्स से संवाद कर आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त कीं।
मनरेगा और आवास योजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर जोर
सुकमा । जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, बिहान, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में 20 अक्टूबर तक शासन से प्राप्त लक्ष्य के अंतर्गत लंबित 3867 आवासों को पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। मनरेगा अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना एवं विशेष परियोजनाओं के तहत स्वीकृत आवासों को शीघ्र पूरा कराने पर बल दिया गया। आवास प्लस सर्वे की पूर्णता प्रमाण पत्र भेजने और जिन ग्राम पंचायतों में सर्वे नहीं हुआ है, उनकी जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। मनरेगा योजना के तहत कृषि सम्बन्धी कार्यों की स्वीकृति किये जाने के निर्देश दिया गया जिसमे पशु शेड, मुर्गी शेड, सुवर पालन, बकरी शेड आदि कार्यों को लिया जावे। जिले के नगद भुगतान वाले ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत बैंक खाता खोलने निर्देशित किया गया है ताकि हितग्राहियों को सीधे बैंक खाता के माध्यम से भुगतान किया जा सके।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब खान, श्री रविशंकर वर्मा, सर्व सीईओ, एपीओ, एसडीओ, पीओ, बीपीएम, उप अभियंता, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुकमा में एनडीएमए टीम का दौरा, बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्यों की सराहना
सुकमा। जिले में हाल ही में आई बाढ़ आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लेने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के संयुक्त सचिव श्री एस. राकेश कुमार गृह मंत्रालय, नई दिल्ली अपनी टीम के साथ सोमवार को सुकमा पहुँचे।
टीम ने कुन्ना-मिचवार और झापरा पुलिस कैम्प सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और जिला प्रशासन, पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे त्वरित प्रबंधन और बेहतर इंतज़ामों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री पहुँचे। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ, अस्थायी आवास और खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया। टीम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ जानीं और प्रशासनिक स्तर पर उनके निराकरण का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
आदि कर्मयोगी अभियान : जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल
सुकमा । जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 1385 ग्रामीण, वॉलेंटियर, एनजीओ सदस्य एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारीदृअधिकारियों को ग्राम स्तर पर विकास योजना निर्माण एवं समुदाय के उन्मुखीकरण हेतु प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण प्रक्रिया ब्लॉक प्रोसेस लैब (विकासखंड प्रक्रिया प्रयोगशाला) के माध्यम से संचालित हो रही है।
जिला मास्टर ट्रेनर्स (डीएमटी) द्वारा विकासखंड मास्टर ट्रेनर्स (बीएमटी) को प्रशिक्षित किया गया , जिससे वे ग्राम स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग कर सकें। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जलशक्ति तथा वन विभाग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को दक्ष बनाना है, ताकि योजनाओं का लाभ समुदाय तक पारदर्शी और सुगम रूप से पहुंचे।
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। यह प्रशिक्षण युवाओं और संस्थानों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा। सुकमा जिला जनजाति बाहुल्य है और विशेषकर पिछड़ी जनजाति समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। समुदाय की सक्रिय सहभागिता से शासन की योजनाएं अधिक प्रभावशाली होंगी और आमजन तक उनका लाभ सहजता से पहुंचेगा।
नियद नेल्लानार योजना : ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान
सुकमा । ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से 15 से 18 सितम्बर तक मरईगुड़ा वन सेक्टर में विशेष जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में सिंगाराम, कन्हईगुड़ा, क्रिस्टाराम, बंडा, पोटकपल्ली, मरईगुड़ा, गोलापल्ली और किंदेलपाड़ सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। शिविर में सभी विभागों के अधिकारी पोटाकेबीन मरईगुड़ा में स्टॉल लगाकर उपस्थित रहे, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं और आवेदन सीधे विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
जनपद सीईओ कोंटा गिरीश निंबालकर ने बताया कि शिविर में कुल 1335 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 959 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। इनमें से जन्म प्रमाण पत्र हेतु 373, वन अधिकार पत्र हेतु 200 तथा आधार कार्ड हेतु 112 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया। इसके अलावा ग्रामीणों ने आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, वोटर आईडी, श्रम कार्ड, पेंशन योजना, निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच सह उपचार एवं जनधन खाता जैसे विभिन्न योजनाओं के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किए।
ग्रामीणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा घर-गांव के पास ही सभी विभागों को लाकर सेवा देना वास्तव में सराहनीय कदम है। इससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली और शासन की योजनाओं का लाभ सहज रूप से मिल सका।

