छत्तीसगढ़ / सरगुजा
25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 का शुभारम्भ
संभागवार 765 खिलाड़ी बनेंगे खेल एकता और प्रतिभा के प्रतीक
लुण्ड्रा विधायक और युवा आयोग अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
खेल हमें अनुशासन और एकता की सीख देते हैं” - प्रबोध मिंज
अम्बिकापुर 28 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 2025 का आज भव्य शुभारंभ अंबिकापुर के मल्टीपरपज स्कूल मैदान में हुआ। चार दिवसीय यह खेल महाकुंभ 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न संभागों से दुर्ग, रायपुर, बस्तर, बिलासपुर और मेजबान सरगुजा की टीमें भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, राजगीत, स्वागत गीत, ध्वजारोहण, गुब्बारा उड्डयन, आतिशबाजी एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद मार्च पास्ट का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व फील्ड मार्शल शोभित दास गुप्ता ने किया। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों को शपथ दिलाकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल हमें अनुशासन और एकता की सीख देते हैं। खेल भावना से खेला गया हर खेल सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। छत्तीसगढ़ में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही दिशा और अवसर देने की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि खेल सिर्फ जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि यह युवाओं को संघर्ष, संयम और समर्पण की भावना सिखाता है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल जीतें, इसके लिए राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि खेल भावना से सभी बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें। जीत और हार से बढ़कर महत्वपूर्ण खेल भावना है।
महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी पूरे प्रदेश से अंबिकापुर आए हैं, आपके ठहरने और सुविधा की पूरी व्यवस्था की गई है। आप खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करें।
इस अवसर पर संगठन सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रतियोगिता में फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 685 खिलाड़ी, 15 स्टेट ऑफिशियल्स, 65 कोच व मैनेजर, कुल मिलाकर 765 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सभी प्रतिभागियों के लिए आवासीय व्यवस्था जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा की गई है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह,वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे, श्री कर्ता राम गुप्ता, श्री संजय अग्रवाल, श्री अम्बिकेश केशरी, श्री सतीश यादव, श्री विजय व्यापारी, श्री स्वरूप कांत थॉमस, श्री चन्दन शुक्ल, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा श्री संजय गुप्ता, प्राचार्य श्री एल.जी. गुप्ता, जिला मिशन समन्वयक श्री सर्वजीत पाठक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री प्रदीप राय, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री विकास सिंह, सहायक संचालक श्री रविशंकर तिवारी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री सुनील तिवारी, श्री रविशंकर पांडेय, श्री सुनील सिंह, श्री करुणेश श्रीवास्तव, श्री दिनेश शर्मा, श्री संजीव कुमार सिंह, श्री प्राचार्य शैलेन्द्र सिंह सेंगर, श्री नवनीत त्रिपाठी, श्री आनंदधर दीवान, श्री राजेश प्रताप सिंह, श्री पवनीत गिल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुनीता दास एवं संगीता तिवारी ने किया। अंत में सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और प्रतियोगिता की सफलता की कामना की।
25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 का शुभारम्भ
संभागवार 765 खिलाड़ी बनेंगे खेल एकता और प्रतिभा के प्रतीक
लुण्ड्रा विधायक और युवा आयोग अध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
खेल हमें अनुशासन और एकता की सीख देते हैं” - प्रबोध मिंज
अम्बिकापुर 28 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 2025 का आज भव्य शुभारंभ अंबिकापुर के मल्टीपरपज स्कूल मैदान में हुआ। चार दिवसीय यह खेल महाकुंभ 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न संभागों से दुर्ग, रायपुर, बस्तर, बिलासपुर और मेजबान सरगुजा की टीमें भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन, राजगीत, स्वागत गीत, ध्वजारोहण, गुब्बारा उड्डयन, आतिशबाजी एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद मार्च पास्ट का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व फील्ड मार्शल शोभित दास गुप्ता ने किया। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों को शपथ दिलाकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल हमें अनुशासन और एकता की सीख देते हैं। खेल भावना से खेला गया हर खेल सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। छत्तीसगढ़ में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही दिशा और अवसर देने की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि खेल सिर्फ जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि यह युवाओं को संघर्ष, संयम और समर्पण की भावना सिखाता है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल जीतें, इसके लिए राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि खेल भावना से सभी बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें। जीत और हार से बढ़कर महत्वपूर्ण खेल भावना है।
महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी पूरे प्रदेश से अंबिकापुर आए हैं, आपके ठहरने और सुविधा की पूरी व्यवस्था की गई है। आप खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करें।
इस अवसर पर संगठन सचिव एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने प्रतियोगिता की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रतियोगिता में फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में 685 खिलाड़ी, 15 स्टेट ऑफिशियल्स, 65 कोच व मैनेजर, कुल मिलाकर 765 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सभी प्रतिभागियों के लिए आवासीय व्यवस्था जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा की गई है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह,वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे, श्री कर्ता राम गुप्ता, श्री संजय अग्रवाल, श्री अम्बिकेश केशरी, श्री सतीश यादव, श्री विजय व्यापारी, श्री स्वरूप कांत थॉमस, श्री चन्दन शुक्ल, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा श्री संजय गुप्ता, प्राचार्य श्री एल.जी. गुप्ता, जिला मिशन समन्वयक श्री सर्वजीत पाठक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री प्रदीप राय, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री विकास सिंह, सहायक संचालक श्री रविशंकर तिवारी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री सुनील तिवारी, श्री रविशंकर पांडेय, श्री सुनील सिंह, श्री करुणेश श्रीवास्तव, श्री दिनेश शर्मा, श्री संजीव कुमार सिंह, श्री प्राचार्य शैलेन्द्र सिंह सेंगर, श्री नवनीत त्रिपाठी, श्री आनंदधर दीवान, श्री राजेश प्रताप सिंह, श्री पवनीत गिल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुनीता दास एवं संगीता तिवारी ने किया। अंत में सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और प्रतियोगिता की सफलता की कामना की।
प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाली अनोखी पहल ‘गार्बेज कैफे’ को देशभर में मिली पहचान
प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा – नगर निगम अंबिकापुर के प्लास्टिक मुक्त संकल्प से बदली शहर की तस्वीर
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाके में देशी श्वान की उपलब्धि का किया जिक्र – विस्फोटक का पता लगाकर की जवानों की सुरक्षा
अंबिकापुर, 26 अक्टूबर 2025

मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था।
श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा
‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है।
कार्यक्रम में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नए कॉलेज भवन का किया भूमिपूजन
सरगुजा, 25 अक्टूबर 2025

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर तहसील के ग्राम हंसडांड में 4 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शासकीय महाविद्यालय भवन का भूमि पूजन किया।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘सरकार की प्राथमिकता है कि हमारे क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य इसी परिसर में उपलब्ध हो। इस महाविद्यालय से बच्चों को कक्षा पहली से स्नातक तक पढ़ाई की सर्वश्रेष्ठ सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। नवीन भवन से स्थानीय विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी नई राह खुलेगी। शिक्षा का विस्तार ही सामाजिक विकास और आत्मनिर्भरता की सच्ची राह है‘‘।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों व विद्यार्थियों ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों की पुरानी मांग पूरी होना क्षेत्र के युवाओं की आकांक्षाओं की जीत है। अब उन्हें सर्वसुविधायुक्त भवन और अच्छे वातावरण में पढ़ाई के साथ भविष्य संवारने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने कहा कि यह महाविद्यालय हमारे बच्चों के सपनों को नई उड़ान देगा और उन्हें अपने क्षेत्र में रहकर पढ़ाई व करियर बनाने की प्रेरणा देगा। भूमि पूजन के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन, विद्यार्थी एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन, स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए कर सकते हैं आवेदन
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 2 से 4 नवम्बर 2025 तक जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राज्य की संस्कृति, परंपरा और गौरव को दर्शाने वाले विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर निवासरत कलाकारों द्वारा बैंड, संगीत, लोक नृत्य, लोक गीत तथा अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। राज्योत्सव का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।
राज्योत्सव में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी या समूह अपने प्रस्तुतीकरण हेतु एपीसी, समग्र शिक्षा (सर्व शिक्षा अभियान), मोबा. नं. +91-9826670055 से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले कलाकारों की फाइनल प्रस्तुति 30 अक्टूबर 2025 को आयोजित की जाएगी। चयनित प्रस्तुतियां राज्योत्सव के मुख्य मंच पर प्रदर्शित की जाएंगी।
खरीफ-2025 तथा रबी वर्ष 2025-26 के कार्यक्रम निर्धारण हेतु सरगुजा संभाग की समीक्षा बैठक 28 अक्टूबर को
अम्बिकापुर 23 अक्टूबर 2025
कृषि उत्पादन आयुक्त, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में खरीफ वर्ष 2025 की समीक्षा एवं रबी वर्ष 2025-26 के कार्यक्रम निर्धारण हेतु सरगुजा संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक दिनांक 28 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को प्रातः 11ः00 बजे, जिला पंचायत सभागार, सूरजपुर में संपन्न होगी।
बैठक में खरीफ मौसम के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, फसल क्षेत्रफल एवं उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, आगामी रबी मौसम के लिए कार्यक्रमों एवं लक्ष्यों का निर्धारण किया जाएगा, जिससे कृषकों को समय पर तकनीकी सहायता एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
संभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त जिलों के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे बैठक में आवश्यक जानकारी, प्रतिवेदन एवं प्रगति विवरण सहित उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद पर भर्ती हेतु 30 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
अम्बिकापुर 22 अक्टूबर 2025
बाल विकास परियोजना अम्बिकापुर (ग्रामीण) के परियोजना अधिकारी ने बताया कि भगवानपुर सेक्टर के ग्राम कुल्हाड़ी के आंगनबाड़ी केन्द्र कुल्हाड़ी खास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती हेतु 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस हेतु केवल महिला ही आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए आयु सीमा आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। वे अपना आवेदन पत्र परियोजना कार्यालय अम्बिकापुर (ग्रामीण) से प्राप्त कर निर्धारित अंतिम तिथि तक परियोजना कार्यालय (ग्रामीण) में पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
कलेक्टर श्री विलास भोसकर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न
अम्बिकापुर 22 अक्टूबर 2025
कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने बुधवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक ली। बैठक में आगामी 01 नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले में आयोजित किए जाने वाले 02 से 04 नवम्बर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव के तैयारियों पर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जिन्हें दायित्व सौंपे गए हैं, वे समय सीमा में सम्पूर्ण तैयारी सुनिश्चित कर लें। कलेक्टर ने स्टॉल निर्माण, मंच निर्माण, साज-सज्जा, लाईट, साउंड सिस्टम, पेयजल, चलित शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा गरिमामयी आयोजन हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से प्रारंभ होने वाले धान खरीदी के सम्बन्ध में कलेक्टर श्री भोसकर ने कहा कि खरीदी शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं, खरीदी केंद्रों में किसानों हेतु सभी व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि धान खरीदी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही ना हो। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रगति की समीक्षा की गई, उन्होंने सर्व जनपद पंचायत सीईओ को जल्द से जल्द निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण कराए जाने निर्देशित किया। इस दौरान विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, श्री राम सिंह ठाकुर, सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद खेल महोत्सव अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन
अम्बिकापुर।युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन जिले के लखनपुर, लुण्ड्रा,अंबिकापुर, मैनपाट और सीतापुर ब्लॉक में किया गया। दो दिवसीय इस खेल आयोजन में बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेलप्रेमी शामिल हुए।
कार्यक्रम के तहत आयोजित खेलों में गेड़ी दौड़, पिट्ठूल और फुटबॉल प्रतियोगिताएं प्रमुख शामिल हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे जोश और प्रतिस्पर्धा के साथ विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव जैसी पहल ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आत्मविष्वास का विकास होता है, जो युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। आयोजन समिति ने बताया कि खेल महोत्सव के माध्यम से प्रत्येक ब्लॉक में स्थानीय स्तर के खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
मनरेगा से साकार हुआ सपनों का आंगनबाड़ी केंद्र
बच्चों के लिए बना सुरक्षित और शिक्षाप्रद वातावरण, ग्रामीणों को मिला रोजगार
सरगुजा, 17 अक्टूबर 2025


महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार का साधन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन गई है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी में नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनकर तैयार हुआ है। इस भवन के निर्माण से न केवल नौनिहालों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिला है, बल्कि ग्रामवासियों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र
आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व में एक छोटे किराए के भवन में संचालित होता था, जहां सीमित स्थान के कारण बच्चों को पढ़ाई और खेल-कूद में कठिनाई होती थी। अब 11.69 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। निर्माण कार्य के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में हुआ सुधार
नव निर्मित आंगनबाड़ी भवन में हॉल, कार्यालय, रसोईघर और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। भवन की दीवारों पर अक्षर ज्ञान, शिक्षाप्रद चित्र और मनमोहक कार्टून उकेरे गए हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। सहायिका ने बताया कि वर्तमान में केंद्र में 22 बच्चे पंजीकृत हैं और अब बच्चों की उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंगनबाड़ी में नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता और पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।
रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था हो रहा सशक्त
जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा के तहत जिले में कुल 393 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनका निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के पोषण व शिक्षा स्तर को ऊंचा उठा रही है, बल्कि रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही है।
ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कदम
बिहान और पशुधन विकास विभाग की संयुक्त पहल से बकरी पालकों को मिलेगा लाभ
सकालो में शुरू हुआ साप्ताहिक बकरी मंडी
17 अक्टूबर 2025
ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) एवं पशुधन विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से अम्बिकापुर जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत सकालो में साप्ताहिक बकरी मंडी का शुभारंभ किया गया है। बकरी पालन से रोजगार के अवसर, आय में वृद्धि होती है और स्वास्थ्य लाभ मिलतरा है। यह आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान करता है, क्योंकि बकरियों से दूध और मांस दोनों प्राप्त होते हैं। इसके अलावा, बकरी पालन पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि बकरियां कम जगह लेती हैं और उनकी खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाती है।
सकालो बाजार के पास संचालित इस मंडी का संचालन मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा है। इससे ग्रामीण पशुपालकों के लिए व्यापार के लिए नई मंडी मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बकरी पालन से जुड़ी महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनेगा। अब ग्रामीण महिलाएं अपनी बकरियां सीधे मंडी में बेच सकती हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा और बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त होगी।
महिलाओं को मिलेगा लाभ, बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
सकालो की बकरी पालक श्रीमती मानमति मरावी ने बताया कि पहले व्यापारी बकरियाँ मनमाने दामों पर खरीद लेते थे, जिससे हमें सही लाभ नहीं मिल पाता था। अब मंडी खुलने से अपने ही पंचायत में बकरियों का अच्छा दाम मिल रहा है। इससे आमदनी बढ़ेगी और बकरी पालन में रुचि भी बढ़ी है। वहीं बकरी खरीदने आई कल्पना सिंह ने कहा कि अब हमें 15 किलोमीटर दूर बाजार नहीं जाना पड़ेगा। सकालो पंचायत में ही साप्ताहिक बकरी मंडी लगने से उचित दर पर बकरियां मिल जाती हैं। शासन और जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आजीविका के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रही है।
स्वयं सहायता समूहों के लिए नया अवसर
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत संचालित बकरी मंडी से स्वयं सहायता समूह की दीदियों को रोजगार का नया अवसर मिलेगा। समूह की सदस्य महिलाएं न केवल मंडी के संचालन और व्यवस्था का कार्य देख रही हैं, बल्कि बकरी पालन से संबंधित अन्य गतिविधियों जैसे पशु आहार वितरण, स्वास्थ्य जांच, और खरीद-बिक्री के आँकड़ों के संकलन में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा
सकालो में साप्ताहिक बकरी मंडी खुलने से स्थानीय स्तर पर पशुधन व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और अब ग्रामीणों को शहरों या दूरस्थ बाजारों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह मंडी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।
‘मोर गांव मोर पानी‘ अभियान से सरगुजा जिला बना जल आत्मनिर्भर
जनभागीदारी और शासन की पहल से पुनर्जीवित हुए पारंपरिक जल स्रोत
सरगुजा, 16 अक्टूबर 2025



सरगुजा जिले में ‘मोर गांव मोर पानी‘ महा अभियान के तहत भू-जल स्तर में गिरावट को रोकने, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं। छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य था कि प्रत्येक गांव अपने जल स्रोतों का संरक्षण कर जल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े, ताकि आने वाले समय में जिले को जल संकट से मुक्ति मिल सके।
मोर गांव मोर पानी महा अभियान के अंतर्गत सरगुजा जिले के विभिन्न विकासखण्डों अम्बिकापुर, मैनपाट, लखनपुर, बतौली, सीतापुर, लुण्ड्रा, और उदयपुर में वर्षा जल संचयन के लिए विशेष कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं। इन क्षेत्रों में ‘रीज टू वैली‘ की अवधारणा पर आधारित तकनीकों का उपयोग किया गया है, ताकि वर्षा का प्रत्येक बूंद भूमि में समाहित होकर भूजल को समृद्ध कर सके।
इस दिशा में स्ट्रेगर्ड कंटूर ट्रेंच 09, सतत कंटूर ट्रेंच 01, लूज बोल्डर चेक डैम 299, गैबियन स्ट्रक्चर 02, ब्रशवुड चेक डैम 133, अर्दन गली पल्ग 315, सोकपिट निर्माण 14840 तथा सैंड फिल्टर रिचार्ज 17 यूनिट्स का निर्माण बड़े पैमाने पर किया गया है। ये संरचनाएं बरसात के पानी को बहने से रोककर भूमि में रिसने में मदद करती हैं, जिससे भू-जल पुनर्भरण में वृद्धि होती है।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न ग्रामों में स्थित पुराने कुएं, तालाब, नालों और चेकडैमों का गहरीकरण और मरम्मत कार्य किया जा रहा है। कई स्थानों पर वर्षों से सूखे पड़े तालाबों में पुनः जल संचित होना शुरू हो गया है, जिससे ग्रामीणों को घरेलू उपयोग एवं पशुपालन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।
भू-जल स्तर में सुधार होने से किसानों को अब सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। पहले जहां केवल एक फसल संभव थी, वहीं अब किसान रबी और खरीफ दोनों सीजन में फसलें ले पाएंगे। साथ ही डबरी निर्माण, नालों पर चेकडैम और तालाबों से खेतों में नमी बनी रहने लगी है, जिससे खेती की उत्पादकता और आमदनी में वृद्धि होगी।
जनभागीदारी से चलाया गया जल संरक्षण आंदोलन
मोर गांव मोर पानी महाभियान केवल शासन की पहल नहीं, बल्कि इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इन समूहों को जल संरक्षण तकनीकों, वर्षा जल संचयन विधियों, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति जागरूक किया गया। जिले के स्कूलों और महाविद्यालयों में भी विद्यार्थियों के बीच ‘मोर गांव मोर पानी महाभियान‘ विषय पर रैलियां, निबंध प्रतियोगिताएं और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
मोर गांव मोर पानी महा अभियान के चलते जिले में कई स्थानों पर भू-जल स्तर में 1 से 2 मीटर तक सुधार दर्ज किया गया है। पहले जिन गांवों में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट था, वहां अब हैंडपंप और कुएं सुचारू रूप से चल रहे हैं। शासन का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में जिले के प्रत्येक गांव में पर्याप्त जल संरचनाएं निर्मित हों, ताकि सरगुजा जल आत्मनिर्भर जिला के रूप में विकसित हो सके।
मिट्टी के दीयों से घर-आंगन जगमगाने वाली ललमोतिया की दिवाली इस बार होगी खास
महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मदद से बढ़ाया उत्पादन, दोगुनी हुई कमाई
अम्बिकापुर, 16 अक्टूबर 2025

अम्बिकापुर जिले के ग्राम कुमरता की कुम्हार महिला ललमोतिया की इस बार की दिवाली पहले से कहीं ज्यादा खास रहने वाली है। मिट्टी के दीये बनाकर लोगों के घरों को रोशन करने वाली ललमोतिया की मेहनत को अब शासन की महतारी वंदन योजना से नया सहारा मिला है। योजना से मिली आर्थिक सहायता के चलते उन्होंने इस वर्ष दीयों और कलशों की मात्रा बढ़ाई, जिससे उनकी कमाई दोगुनी हो गई है। ललमोतिया बताती हैं कि यह उनका पारंपरिक व्यवसाय है वे मिट्टी से दीये, कलश और अन्य सामग्री बनाकर जीवन-यापन करती हैं। पहले सीमित आमदनी के कारण उत्पादन बढ़ाना मुश्किल था, क्योंकि मिट्टी की व्यवस्था से लेकर भट्टी में पकाने तक हर चरण में मेहनत और खर्च दोनों अधिक लगते थे। लकड़ी, कोयला और अन्य सामग्रियों की व्यवस्था करने में भी कठिनाई होती थी।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाले एक हजार रुपये को उन्होंने बचाकर दिवाली के लिए उपयोग किया। इस राशि से आवश्यक सामग्री खरीदी और उत्पादन की मात्रा बढ़ा दिया। अब वे पहले की तुलना में अधिक दीये बना रही हैं, जिससे बिक्री और आय दोनों में वृद्धि हुई है। पहले वे केवल अपने गांव के बाजार में सामग्री बेचती थीं, पर अब नवानगर, दरिमा, कर्रा और टपरकेला जैसे आसपास के बाजारों में भी अपने उत्पाद बेचने जाती हैं। ललमोतिया कहती है कि पहले लगा था कि पारंपरिक काम छोड़कर मजदूरी करनी पड़ेगी, लेकिन महतारी वंदन योजना ने हमारी उम्मीदों को फिर से जगाया। इस योजना ने न केवल हमारी आर्थिक स्थिति सुधारी है बल्कि हमारी कला और परंपरा को भी संजोने का अवसर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस बार उनकी भी दिवाली खुशियों और रोशनी से भरपूर होगी।
लखपति दीदी बनकर श्रीमती श्यामा सिंह आत्मनिर्भरता बनी मिसाल
श्यामा को मिली नई पहचान, सेंट्रिंग प्लेट के व्यवसाय से हर महीना 50 हजार की आय
सरगुजा, 16 अक्टूबर 2025
कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत नवानगर की श्रीमती श्यामा सिंह आज अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आज ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। बिहान योजना के माध्यम से लखपति दीदी श्रीमती श्यामा सिंह ने अपने जीवन में आर्थिक संबल की नई राह बनाई है।
हर बहन-बेटी अच्छी तरह जानती है कि जब वो कमाने लगती है तो कैसे उसका अधिकार बढ़ जाता है। घर-परिवार में उसका सम्मान बढ़ जाता है। जब किसी बहन की कमाई बढ़ती है तो परिवार के पास खर्च करने के लिए पैसे भी ज्यादा जुटते हैं। एक बहन का भी लखपति दीदी बनना, पूरे परिवार का भाग्य बदल रहा है।
श्रीमती श्यामा की लखपति दीदी सफर
सरगुजा जिले की श्रीमती श्यामा, विकास महिला स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं, जो महामाया आजीविका संगठन और रोशनी आजीविका संघ, दरिमा क्लस्टर के अंतर्गत कार्यरत है। वे बताती हैं कि पहले उनके पास कोई काम नहीं था, न ही स्थायी आमदनी का कोई साधन था। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला जिससे आर्थिक सशक्तिकरण की राह भी खुली। इस योजना के तहत उन्हें समूह बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों में विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसी दौरान उन्हें सेंट्रिंग प्लेट के व्यवसाय के बारे में भी बताया गया, श्यामा ने अपने समूह से 95 हजार रुपए का ऋण लेकर 30 सेंट्रिग प्लेट के साथ व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआत में काम छोटा था, पर मेहनत और लगन से आज उन्होंने इस कार्य को एक सफल व्यवसाय में बदल दिया है।
श्रीमती श्यामा की हर महीने 50 हजार रुपए आमदनी
आज उनके पास पांच रूम का पूरा सेटअप जिसमें 152 सेंट्रिग प्लेट है। लखपति दीदी श्रीमती श्यामा सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत आवासों में सेट्रिंग प्लेट किराए पर दिया जा रहा है, जिससे हर महीने लगभग उन्हें 50 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। उनका कहना है कि पहले मेरे पास कोई भी रोजगार नहीं था। बिहान योजना से जुड़ने के बाद मुझे प्रशिक्षण मिला, आत्मविश्वास बढ़ा और मैंने खुद का काम शुरू किया। आज मैं अपने परिवार का सहारा बन चुकी हूँ। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में आवास की भी स्वीकृति मिली, जो कि निर्माणाधीन है, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
महिला सशक्तिकरण मिसाल
लखपति दीदी श्रीमती श्यामा सिंह का यह सफर न केवल उनके आत्मविश्वास और मेहनत की कहानी है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की सशक्तिकरण यात्रा का सजीव उदाहरण है। बिहान योजना के माध्यम से ऐसी हजारों महिलाएं अपने गांवों में स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं, जिससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर रही है बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।
सैनिक स्कूल अंबिकापुर में प्रवेश हेतु 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित
15 अक्टूबर 2025
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश के एकमात्र सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में प्रवेश हेतु अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में प्रवेश हेतु आनलाईन आवेदन, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की आधिकारिक वेबसाईट https://www.nta.ac.in/ याhttps://exams.nta.ac.in/AISSEE/पर 30 अक्टूबर 2025 शाम 05 बजे तक आवदेन कर सकते हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत रिक्त पदों के लिए कौशल परीक्षा
अम्बिकापुर । कार्यालय जिला पंचायत सरगुजा से प्राप्त जानकारी अनुसार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक (02-पद), क्षेत्रीय समन्वयक (10-पद) एवं लेखा सह एमआईएस सहायक (06-पद) कुल 18 रिक्त पदों के लिए सभी पात्र उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों (सभी अंक सूची, अनुभव एवं सैलरी से संबंधित मूल दस्तावेज, जाति प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं निवास प्रमाण-पत्र आदि) का परीक्षण एवं सत्यापन उपरांत, पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों का साक्षात्कार एवं कौशल/लिखित परीक्षा का आयोजन 24 अक्टूबर 2025 को शासकीय लाईवलीहुड कॉलेज अम्बिकापुर में किया गया है। जिसमें में लेखा सह एमआईएस सहायक (06-पद) हेतु कौशल परीक्षा प्रात: 10:30 बजे से, विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक (02-पद) हेतु साक्षात्कार दोपहर 12 बजे से एवं क्षेत्रीय समन्वयक (10-पद) हेतु कौशल/लिखित परीक्षा दोपहर 2 बजे से आयोजित किया गया है।
सभी उम्मीदवार निर्धारित तिथियों एवं समय से पूर्व शासकीय लाईवलहुड कॉलेज, अम्बिकापुर में अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें। सभी उम्मीदवारों को फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड/पैन कार्ड/मतदान परिचय/ड्राविंग लाईसेंस आदि) लाना अनिवार्य है। साक्षात्कार/कौशल हेतु प्रतीक्षा का प्रकाशन किया जा रहा है। जिसका अवलोकन जिला पंचायत-सरगुजा के सूचना पटल व वेबसाइट https://surguja.gov.in/ पर किया जा सकता है।
शासकीय जिला ग्रंथालय के नवीन भवन में अध्ययन प्रारंभ
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मिलेगा अध्ययन हेतु बेहतर शैक्षणिक वातावरण
अम्बिकापुर, 15 अक्टूबर 2025
जिले के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। शासकीय जिला ग्रंथालय, अम्बिकापुर के नवीन भवन का शुभारंभ आज पीएससी, व्यापंम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के हाथों किया गया। डीएमएफ मद से महज छह माह की अल्प अवधि में तैयार हुए इस आधुनिक भवन के प्रारंभ होने से विद्यार्थियों को अब बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
नवीन भवन में छात्रों के अध्ययन के लिए फ्री वाई-फाई सुविधा, नवीन पुस्तकों का संकलन, रोशनीदार अध्ययन कक्ष, स्वच्छ शौचालय, पेयजल एवं शांत अध्ययन वातावरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने अपने संबोधन में कहा कि पढ़ाई के लिए केवल टेबल, रौशनी और पुस्तकों की आवश्यकता होती है। अब यह सब आपको इस नवीन भवन में उपलब्ध है। आगे बढ़ना है तो अपनी मेहनत और लगन को अपना सबसे बड़ा साथी बनाइए। आत्मविश्वास के साथ पढ़िए और लगे रहिए जब तक मुकाम न मिले।
वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जब हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे, तब इतने संसाधन उपलब्ध नहीं थे। आज आपके पास वाई-फाई, पुस्तकें और आधुनिक ग्रंथालय जैसी सुविधाएं हैं। मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से बचें और क्वालिटी मटेरियल के साथ स्मार्ट अध्ययन करें। आत्मविश्वास ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। जिससे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आप अपनी परिस्थितियों की परवाह किए बिना केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें। सफलता अवश्य मिलेगी। हम जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं, इसलिए सदैव सकारात्मक सोच के साथ अध्ययन करें, सफलता अवश्य मिलेगी।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा ने कहा कि आज भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों को जिला ग्रंथालय का यह नवीन भवन एक प्रेरणादायी उपहार के रूप में मिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के लिए संसाधनों की नहीं, बल्कि लगन और मेहनत की आवश्यकता होती है। सफलता उन्हीं को मिलती है जो धैर्यवान और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं।
कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर श्री डी एन कश्यप, पीडब्ल्यूडी मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री विरेन्द्र चौधरी, डीएमसी श्री सर्वजीत पाठक, एपीसी श्री संजय सिंह, सहित ग्रंथालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।