छत्तीसगढ़ / सरगुजा
राजस्व अधिकारियों को मिला डिजिटल फसल सर्वेक्षण का प्रशिक्षण
अम्बिकापुर। राज्य शासन की अग्रिस्टेक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) को लेकर सरगुजा जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से रियल टाइम, पारदर्शी और त्रुटिरहित फसल गिरदावरी को सुनिश्चित करना है।
गौरतलब है कि इस संदर्भ में 3 जुलाई को कलेक्टोरेट सभाकक्ष, अंबिकापुर में सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके पश्चात 23 जुलाई 2025 को ग्राम सरगवां में डीसीएस ऐप का व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पटवारी, राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार सम्मिलित हुए एवं खेतों में जाकर स्वयं सर्वेयर की भूमिका निभाई।
राज्य शासन द्वारा इस योजना में ग्राम के शिक्षित युवाओं को भी शामिल किया जा रहा है। युवाओं को प्रति खसरा सर्वेक्षण पर 10 रुपए मानदेय निर्धारित किया गया है। इच्छुक युवा अपने तहसील कार्यालय या संबंधित हल्का पटवारी के पास आवेदन प्रस्तुत कर सर्वेयर बन सकते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को डीसीएस ऐप के माध्यम से मोबाइल से फसल की फोटो लेकर फसल की जानकारी अपलोड करनी होगी।
अब भू-नक्शों को जिओ-रेफरेंसिंग करने के बाद फसल सर्वेक्षण और अधिक सटीक एवं डिजिटल रूप में संभव हो गया है। इस पहल से न केवल गिरदावरी में गुणवत्ता आएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी भू अभिलेख राम सिंह ठाकुर एवं राम राज सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधीक्षक भू अभिलेख श्रीमती स्मिता अग्रवाल तथा मास्टर ट्रेनरदृ कृष्ण कंवर, अमितेश स्वर्णकार, राजबहादुर सिंह एवं देवेंद्र सिंह द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को दें प्राथमिकता : कलेक्टर
विभागाध्यक्षों को दिए योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई, बैठक में कलेक्टर ने अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में दिए गए विभागीय योजनाओं की विभागवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग के कार्यों का लाभ नागरिकों मिले कार्य योजना बनाकर व्यवस्थित तरीके से शासन की योजनाओं का प्राथमिकता से क्रियान्वयन करें। उन्होंने जनमन योजना के तहत जिले में चल रहे बहुउद्देशीय केंद्र भवन निर्माण, वन धन विकास केंद्र, पीएम आवास, आंगनबाड़ी केंद्र, मोबाइल मेडिकल यूनिट, छात्रावास, मोबाइल कनेक्टिविटी, नल जल योजना, विद्युतीकरण व्यवस्था सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी ली एवं समय अवधि में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डीएमएफ मद अंतर्गत चल रहे सीसी रोड एवं भवन निर्माण कार्यों के सभी एंगल से फोटोग्राफ्स संकलित कर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कलेक्टर ने लंबित समय-सीमा प्रकरणों एवं जनदर्शन से प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निराकरण की बात कही और स्पष्ट किया कि आवेदकों को उनके आवेदन के निराकरण की जानकारी देना भी अनिवार्य है।
साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि अब से प्रत्येक विभाग नियत समय पर विभागीय समय-सीमा बैठक आयोजित करेगा। इन बैठकों में संचालित योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा कर साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभागाध्यक्षों से योजनाओं की रैंडम जानकारी ली जाएगी, इसलिए सभी अधिकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत रहें एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल,अपर कलेक्टर सुनील नायक, रामसिंह ठाकुर, नगर निगम कमिश्नर डी एन कश्यप, सर्व एसडीएम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे
आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम में लखनपुर ब्लॉक को मिला रजत पदक
अम्बिकापुर। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्पूर्णता सम्मान समारोह में सरगुजा जिले के आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर को रजत पदक (सिल्वर मेडल) से पुरस्कृत किया गया।
इस सम्मान समारोह में सरगुजा जिला कलेक्टर विलास भोसकर के प्रतिनिधि के रूप में लखनपुर जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. स्वेच्छा सिंह ने प्राप्त किया।
लखनपुर विकासखंड की टीम द्वारा विभिन्न विभागों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में जिले की आकांक्षी विकासखंड टीम के जमीनी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले कर्मियों में शामिल स्वास्थ्य विभाग से ANM श्रीमती धनेश्वरी मानिकपुरी, स्वास्थ्य विभाग से BPM साधना लकड़ा, महिला एवं बाल विकास विभाग से ICDS सुपरवाइजर श्रीमती रत्ना सरकार, कृषि विभाग से REO श्रीमती प्रेमा बेक, NRLM विभाग से एरिया कोऑर्डिनेटर श्रीमती रूही परवीन कार्यक्रम में ABF श्रीमती शुभिता शुक्ला भी उपस्थित रहीं।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में जुलाई से सितम्बर तक आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत सम्पूर्णता अभियान संचालित किया गया था, जिसमें छह विभागीय सूचकों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। लखनपुर विकासखंड ने इनमें से पाँच सूचकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करते हुए राज्य स्तर पर रजत पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार लखनपुर विकासखंड की टीम भावना, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है, जिससे न केवल लखनपुर, बल्कि समूचे सरगुजा जिले का नाम गौरवान्वित हुआ है।
कलेक्टर ने आकांक्षी विकासखंड लखनपुर को मिले रजत पदक के लिए सभी टीम को बधाई देते हुए, शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का जमीनी स्तर पर नियमित बेहतर क्रियान्वयन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सिर्फ इस बात के लिए शिक्षिका ने 11वीं की छात्राओं को पीटा, एक के हाथ में आई सूजन
अंबिकापुर : अंबिकापुर के नवापारा स्थित सेंट जोन्स स्कूल में अध्ययनरत 11वीं कक्षा की एक दर्जन से अधिक छात्राओं की रसायन की शिक्षिका ने पिटाई कर दी। छात्राओं का आरोप है कि रसायन विषय की शिक्षिका निर्मला ने उन्हें केवल इसलिए बांस की छड़ी से पीटा, क्योंकि उन्होंने पाठ्यवस्तु को अभ्यास पुस्तिका (नोट कापी) के बजाय रफ कापी में लिखा था।
यह घटना 31 जुलाई की है, जब शिक्षिका ने छात्राओं की कॉपियां जांचते समय रफ कापी में नोट्स लिखे होने पर ग़ुस्से में आकर 15 से अधिक छात्राओं को छड़ी से पीटना शुरू कर दिया। छात्राओं के हाथ व पीठ पर डंडे से वार किए गए, जिससे एक छात्रा के हाथ में सूजन आ गई है। छात्रा ने स्वजन को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद स्वजन ने बाल सहायता हेल्पलाइन और जिला शिक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत की।
छात्राएं स्कूल जाने से डर रहीं, स्वजन की मांग- शिक्षिका पर हो कार्रवाई
छात्राओं के स्वजन का कहना है कि मारपीट से छात्राएं मानसिक रूप से भयभीत हैं और अब विद्यालय नहीं जाना चाहतीं। स्वजन ने शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की अमानवीयता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
विद्यालय प्रबंधन ने मांगी माफी
विद्यालय के प्राचार्य पीटर खेस ने इस घटना को लेकर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा, जैसे ही हमें इस घटना की जानकारी मिली, हमने संबंधित शिक्षिका से बात की। बच्चों को शारीरिक दंड देना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विद्यालय प्रशासन इस कृत्य के लिए क्षमा चाहता है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों, इसके लिए कठोर दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी बोले-जांच कराएंगे
जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर दिनेश झा ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला अब तक नहीं आया है।किसी प्रकार की कोई लिखित शिकायत अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा, यदि इस प्रकार की कोई घटना हुई है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। हम इसकी जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
1200 नशीले इंजेक्शन के साथ युवक गिरफ्तार
अंबिकापुर। गांधीनगर थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1200 नशीले इंजेक्शन के साथ एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए इंजेक्शनों की काला बाज़ारी में कीमत करीब 12 लाख रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई शनिवार को मनेंद्रगढ़ रोड स्थित सेंट्रल स्कूल के पास की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नशीले इंजेक्शन की एक बड़ी खेप सप्लाई करने की फिराक में था, लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे धर दबोचा।
अब इस मामले में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी इन इंजेक्शनों को कहां से लाया था और किन लोगों को इसकी आपूर्ति करनी थी।
गांधीनगर थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि शनिवार को थाने की पेट्रोलिंग टीम नियमित गश्त पर थी। जब टीम मनेंद्रगढ़ रोड स्थित सेंट्रल स्कूल के समीप पहुंची, तो वहां एक युवक सड़क किनारे खड़ा संदिग्ध रूप से किसी गाड़ी का इंतजार करता नजर आया। पुलिस की नजर उस पर पड़ी तो वह घबरा गया और अचानक बोरा और पिट्ठू बैग छोड़कर भागने लगा। पुलिस को उस पर पहले से ही शक हो चुका था, लिहाजा टीम ने तत्काल पीछा कर उसे मौके पर ही धर दबोचा। उसके पास मौजूद पिट्ठू बैग और प्लास्टिक बोरे की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए।
गिरफ्तार युवक की पहचान रोहित भगत (22 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूलतः सन्ना, जिला जशपुर का निवासी है, लेकिन वर्तमान में सुभाष नगर, गांधीनगर थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में युवक नशीले इंजेक्शनों की कोई अधिकृत बिल या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। उसने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वह इन दवाओं को कहां से प्राप्त करता था और आगे किसे सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस द्वारा की गई तलाशी में युवक के बैग और बोरे से निम्न प्रकार के इंजेक्शन बरामद हुए: रेक्सोजेसिक बुप्रेनो इंजेक्शन 02 एमएल के 600 इंजेक्शन, कुल मात्रा 1200 एमएल
एविल इंजेक्शन 10 एमएल के 600 इंजेक्शन, कुल मात्रा 6000 एमएल इन दोनों इंजेक्शनों का उपयोग नशे के रूप में किया जाता है। ये आमतौर पर डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं बेचे जा सकते।
ब्लैक मार्केट में इनकी भारी मांग रहती है और यही कारण है कि इनकी कीमत काले बाजार में करीब 12 लाख रुपए बताई जा रही है। गांधीनगर थाना पुलिस ने रोहित भगत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह धारा प्रतिबंधित मादक द्रव्यों की बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रखने और तस्करी करने पर लागू होती है। आरोपी को शनिवार को ही कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। इसके आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और यह नशीली दवाओं की खेप कहां से लाई जा रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है जब रेक्सोजेसिक और एविल जैसे इंजेक्शन नशे के रूप में इस्तेमाल होते पाए गए हैं। इनका उपयोग मेडिकल क्षेत्र में सीमित और आवश्यक स्थिति में किया जाता है, लेकिन अपराधी इन्हें नशे के तौर पर बेचते हैं। इससे खासकर किशोरों और युवाओं में इसकी लत लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का हुआ वितरण
अम्बिकापुर । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का ऐतिहासिक वितरण कार्यक्रम आज कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि विभाग जिला सरगुजा एवं सूरजपुर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा काशी, वाराणसी से आयोजित किसान सम्मेलन का लाइव प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम में सरगुजा जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, सूरजपुर जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, सरगुजा जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसौदिया, पायल सिंह तोमर, नानमणि पैकरा, कलेक्टर विलास भोसकर, कृषि विज्ञान केन्द्र प्रभारी डॉ. संदीप शर्मा, सरगुजा डीडीए पितांबर सिंह दिवान, सूरजपुर डीडीए तेज राम बंजारे सहित कृषकजन, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की यह 20वीं किस्त प्रदेश के 25,47,538 किसानों को वितरित की गई, जिसकी कुल राशि 553.34 करोड़ रही। सरगुजा जिले के 90,834 किसानों को इस किस्त के अंतर्गत 19.50 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित की गई। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से किसानों को खुशहाली और आर्थिक संबल मिला है।
योजना का प्रारंभ फरवरी 2019 से अब तक 9,765.26 करोड़ की राशि किसानों को दी जा चुकी है। 2,34,000 वनपट्टाधारी किसान एवं 32,500 विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के किसान लाभान्वित हुए हैं। पीवीटीजी किसानों के लिए कृषि भूमि स्वामित्व की अनिवार्यता में दी गई शिथिलता से उन्हें योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। योजना का लाभ उन सभी एकल व संयुक्त खाते वाले किसानों को मिला, जिनके नाम भू-अभिलेख में फरवरी 2019 से दर्ज हैं। वर्ष 2024-25 में, बीते वर्ष की तुलना में 2,75,000 अतिरिक्त किसानों को योजना से जोड़ा गया।
सूरजपुर जिले के किसान ईश्वर प्रसाद ने योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रतिवर्ष 6,000 की सहायता राशि प्राप्त होती है। आज मुझे 20वीं किस्त प्राप्त हुई है जिससे कृषि कार्य में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा किसानों के पंजीयन एवं भुगतान प्रक्रिया को और अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाया गया है।
इसी तरह सरगुजा जिले के बडादमाली गांव के किसान कृपा सिंह ने मोबाइल पर नोटिफिकेशन दिखाते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि, खेती-किसानी का सीजन चल रहा है, इस किस्त से खाद और मजदूरी का भुगतान आसानी से हो सकेगा। यह योजना हम किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, जिससे हम खेती में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। इस योजना के लिए किसान पैकरा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा पांच कृषकों को स्वाइल हेल्थ कॉर्ड प्रदाय किया गया।
कलेक्टर ने की पीएम आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने सभी विकासखण्ड के पीएम आवास की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की।
इस दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 31815 स्वीकृत आवासों में से 9276 आवास बनकर तैयार हैं। कलेक्टर ने कहा कि अधूरे आवासों को जल्द पूर्ण कराने का प्रयास करें। हितग्राही को उनके मकान निर्माण के लिए प्रेरित करें और निर्माण कार्य में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। वहीं पीएम जनमन योजनांतर्गत स्वीकृत 2565 स्वीकृत आवास में से अब तक 692 आवास पूर्ण हुए हैं। उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि पीएम जनमन अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्य में प्राथमिकता के साथ तेजी लाएं, कार्य में गम्भीरता ना बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण की प्रगति हेतु माह के साथ ही सप्ताहवार टारगेट भी निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि इसी तरह पीएम आवास योजना की प्रत्येक माह जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, सभी जनपद पंचायत सीईओ, एपीओ आवास, विकासखण्ड समन्वयक तथा सम्बंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
अंबिकापुर में हाथ-पैर बंधा मिला पति का शव, करंट देकर हत्या की आशंका, पहली पत्नी पर शक
अंबिकापुर: जिला मुख्यालय से लगे ग्राम अधौरा में मंगलवार देर रात मनोज गुप्ता (50 वर्ष) का शव उसके ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में अर्धनग्न हालत में मिला। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और प्रथम दृष्टया करंट लगाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मृतक की पहली पत्नी पार्वती गुप्ता पर उसके रिश्तेदारों के साथ मिलकर हत्या करने का संदेह जताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज गुप्ता मंगलवार की रात अपनी दूसरी पत्नी के साथ बलरामपुर में स्थित किराए के मकान में रह रहा था। रात में उसे पहली पत्नी पार्वती गुप्ता द्वारा बुलाया गया, जो अधौरा गांव में रहती है। वहां पहले से उसकी बेटी और दामाद भी मौजूद थे।बताया जा रहा है कि घर पहुंचने पर मनोज गुप्ता के हाथ-पैर बांध दिए गए। कुछ देर बाद बेटी और दामाद वहां से चले गए। आरोप है कि पार्वती गुप्ता ने देर रात मनोज गुप्ता को बिजली का करंट देकर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही बलरामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पहली पत्नी ने खुद को बताया बीमार
जानकारी के अनुसार, घटनास्थल का निरीक्षण करने पर मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। घर में मौजूद पहली पत्नी पार्वती गुप्ता ने खुद को बीमार बताया, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस को शव अर्धनग्न अवस्था में मिला, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने स्वजन और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पुराना पारिवारिक विवाद, दूसरी शादी भी कारण
मृतक मनोज गुप्ता ने लगभग 27 साल पहले पार्वती गुप्ता से विवाह किया था। उससे एक बेटा और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। लगभग दो साल पहले मनोज गुप्ता ने एक युवती, जो पंडो समुदाय से है, को बतौर पत्नी साथ रखा था। यह युवती मृतक के घर में रहकर पढ़ाई कर रही थी और उसी दौरान दोनों के बीच संबंध बने।
इस विवाह को लेकर पहली पत्नी और बच्चों ने विरोध जताया था, जिसके बाद मनोज गुप्ता ने अधौरा स्थित अपना घर छोड़ दिया और बलरामपुर में किराए के मकान में रहने लगा। बताया जा रहा है कि दूसरी पत्नी को शिक्षक की नौकरी भी मिल गई थी और मृतक उसी के साथ रहने लगा था।
संपत्ति को लेकर था विवाद, डेढ़ करोड़ रुपये की मांग
पुलिस सूत्रों के अनुसार दूसरी शादी के बाद मनोज गुप्ता की पहली पत्नी और बच्चों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया था। विवाद के चलते उसने अपनी जमीन, दुकान, वाहन और अन्य संपत्तियां पहली पत्नी और बच्चों के नाम कर दी थीं।
इसके बावजूद स्वजन उस पर डेढ़ करोड़ रुपये देने का दबाव बना रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं पारिवारिक विवादों के चलते मनोज गुप्ता की हत्या की गई होगी।
जांच जारी, खुल सकते हैं कई राज
बलरामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक भापेंद्र साहू ने बताया कि मनोज गुप्ता का शव अर्धनग्न हालत में पाया गया है। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और प्रथम दृष्टया करंट से मौत होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम को लेकर आंतरिक शिकायत समिति का होगा गठन
कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर शासन ने जारी किया निर्देश
अम्बिकापुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 की धारा 4 (1) के तहत जिले में संचालित सभी विभाग शासकीय एवं गैरशासकीय कार्यालयों/संगठन, उपक्रम, प्रतिष्ठान, उद्यम, संस्थान, कार्यालय, शाखा अथवा इकाई जो प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/सरकारी कम्पनी/निगम/सहकारी सोसाइटी द्वारा प्रदत्त निधियों द्वारा स्थापित, स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन अथवा वित पोषित हो। निजी क्षेत्र का संगठन, उपक्रम, संस्थान, प्रतिष्ठान, सोसाइटी, न्यास, गैर-शासकीय संगठन, ईकाई अथवा सेवा प्रदाता जो वाणिज्यिक, व्यावसायिक, शैक्षिक, मनोरंजन, अद्यौगिक, स्वास्थ्य सेवाएं अथवा वित्तीय क्रियाकलाप कर रहा हो। जिसमें उत्पादन, आपूर्ति, विक्रय, वितरण, अस्पताल अथवा नर्सिंग होम, खेलकूद का संस्थान, स्टेडियम, खेल परिसर, प्रतियोगिता अथवा खेल का स्थान, उन सभी उद्यमों (छोटे बड़े सभी उद्यम/उद्योग विभाग से पंजीकृत होते है) आदि निजी क्षेत्र जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं ऐसे सभी कार्यस्थल पर महिलाओं की लैंगिक उत्पीड़न के रोकथाम हेतु आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि आंतरिक शिकायत समिति में 01 पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष), 02 सदस्य जिन्हें समाज सुधार का अनुभव हो या विधिक ज्ञान हो तथा 01 सदस्य गैर सरकारी संगठनों/संगमों (एन.जी.ओ.) से जो महिलाओं की समस्याओं के प्रति प्रतिबद्ध हो। इनमें से अनिवार्य रूप से नामांकित करते हुए, उक्त समिति कार्यालय एवं सभी अधीनस्थ शासकीय/अशासकीय कार्यालय/संस्थाओं में भी गठित करने की जाएगी। नाम निर्देशित कुल सदस्यों के कम से कम आधी महिलाएं होंगी। आंतरिक समिति का पीठासीन अधिकारी तथा प्रत्येक सदस्य अपने नामांकन की तारीख से 03 वर्ष से अनाधिक ऐसी अवधि तक जैसे नियोक्ता द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय, पद धारित करेगा। उक्त आंतरिक शिकायत समिति के गठन नहीं होने की स्थिति में 50 हजार रुपए तक के अर्थदंड का अधिनियम अंतर्गत प्रावधान है। समिति गठन की सूची विभागीय सूचना पटल, विभागीय वेबसाइट एवं संबंधित कार्यालय की समस्त महिला कर्मचारी को अवगत कराना होगा, यदि किसी कारण वश समिति का गठन नहीं होता है तो उसके जिम्मेदार कार्यालय प्रमुख होंगे। उन्होंने समस्त विभागों को आंतरिक शिकायत समिति के गठन की अद्यतन जानकारी शीघ्र जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग अम्बिकापुर जिला-सरगुजा (छ.ग.) को उपलब्ध कराने आग्रह किया है।
कलेक्टर ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं, दिए समाधान के निर्देश
अम्बिकापुर। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को जनदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर विलास भोसकर ने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगों को गंभीरता से सुना। जनदर्शन में बड़ी संख्या में आमजन अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक, भूमि संबंधी एवं शासकीय कार्यों से जुड़ी शिकायतों को लेकर पहुंचे थे।
जनदर्शन में राजस्व विभाग से संबंधित फौती नामांतरण, बटवारा, त्रुटि सुधार जैसे कई मामलों को लेकर नागरिकों ने आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित जांच और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान एक नौंवी कक्षा की छात्रा ने स्कूल एडमिशन कराने की मांग लेकर कलेक्टर को आवेदन दिया। छात्रा ने बताया कि वह पढ़ाई जारी रखना चाहती है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया में दिक्कत आ रही हैं। इस पर कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से छात्रा का एडमिशन सुनिश्चित कराने तथा कार्रवाई की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कुछ ग्रामीणों ने ग्राम सचिव के स्थानांतरण, पेंशन प्रकरण, आर्थिक सहायता, जैसे विषयों को भी कलेक्टर के समक्ष उठाया। सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को आवश्यक समाधान के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा समाधान की सूचना आवेदकों को समयसीमा में दें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम है, जिससे शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच जन-जन तक सुनिश्चित की जा सके।
विश्व हेपेटाईटिस दिवस पर दी गई लक्षण व बचाव की जानकारी
अम्बिकापुर। विश्व हेपेटाईटिस दिवस पर 28 जुलाई को जिले में सभी विकासखण्डों में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष हेपेटाइटिस बी के 47560 एवं हेपेटाइटिस सी के 42930 लोगों की जांच की गई। इसमें से हेपेटाइटिस बी के 169 पॉजिटिव, हेपेटाइटिस सी के 122 पॉजिटिव लोगों का इलाज किया गया। इस वर्ष स्वास्थ्य कर्मचारियों को हेपेटाइटिस के 186 टीके लगाए गए हैं। वहीं हेपेटाइटिस से ग्रसित 11 गर्भवती माताओं का इलाज किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस.मार्को ने बताया कि प्रतिवर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को लिवर से जुड़ी इस खतरनाक बीमारी के बारे में जागरूक करना है। हेपेटाइटिस साइलेंट किलर की तरह काम करता है जो अक्सर बिना लक्षण शरीर के भीतर गंभीर नुकसान पहुंचा देता है। नोडल अधिकारी डॉ शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस का थीम ‘Hepatitis Let’s Break It Down’ है। इसका उद्देश्य हेपेटाइटिस से जुड़े भ्रम और रुकावटों को तोड़ना है, ताकि सभी को ईलाज, टेस्ट और टीकाकरण तक आसानी से पहुंच मिल सके। उन्होंने बताया कि मुख्यतः हेपेटाइटिस 05 प्रकार के होते है, हेपेटाइटिस ए दूषित भोजन या पानी से फैलता है, हेपेटाइटिस बी संक्रमित खून एवं शरीर के अन्य तरल पदार्थों (जैसे असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुइयों का उपयोग) से फैलता है, हेपेटाइटिस सी मुख्य रूप से संक्रमित खून के संपर्क में आने से फैलता है (जैसे संक्रमित सुइयों या रक्त चढ़ाने से), हेपेटाइटिस डी यह केवल उन्हीं लोगों को होता है जिन्हें पहले से हेपेटाइटिस बी है, हेपेटाइटिस ई दूषित पानी या भोजन से फैलता है। हेपेटाइटिस के शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं या बिलकुल भी दिखाई नहीं देते जिसकी वजह से इसे साइलेंट किलर कहते हैं. इसके सामान्य लक्षण जैसे थकान, जी मिचलाना और उल्टी, पेट दर्द (खासकर ऊपरी दाहिने हिस्से में), भूख न लगना, हल्का बुखार, पेशाब का रंग गहरा होना, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया), जोड़ों में दर्द, मिट्टी के रंग का मल। उन्होंनें बताया कि हेपेटाइटिस के कई प्रकारों का इलाज संभव है. हेपेटाइटिस ए और ई अक्सर अपने आप ठीक हो जाते हैं. हेपेटाइटिस बी और सी के लिए प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं जो बीमारी को नियंत्रित कर सकती हैं और कुछ मामलों में पूरी तरह ठीक कर सकती हैं।
सिविल सर्जन डॉ. जे.के.रेलवानी ने बताया कि हेपेटाइटिस से बचाव संभव है, आमजनों को इसकी जानकारी होना जरूरी है। हेपेटाइटिस ए और बी के लिए टीके समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। डीपीएम डॉ. पुष्पेन्द्र राम ने बताया कि हेपेटाइटिस का सीधा असर लिवर पर होता है। आमजनों को ऐसे संक्रमण से बचने के लिए इसके लक्षण, बचाव के सम्बन्ध में जागरूक होना आवश्यक है।
सड़कों पर मवेशियों का आतंक.... नगर निगम का बड़ा एक्शन, मालिकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अंबिकापुर: शहर में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे मवेशियों(Cattle on Roads) से हो रही दुर्घटनाओं, जाम की समस्या और गंदगी को देखते हुए नगर निगम(Ambikapur Municipal Action) ने सख्त कदम उठाए हैं। शासन के निर्देश पर आयुक्त के आदेशानुसार निगम टीम ने गुरुवार को अभियान चलाकर करीब 50 मवेशियों को पकड़कर घुटरापारा स्थित कांजी हाउस भेजा। इससे पहले 60 मवेशी पकड़े जा चुके हैं।
सब्जियों के दाम में आग, भिंडी-बरबट्टी 80, हरी मिर्च 180 किलो और मशरूम 1,200 रुपये पार
अंबिकापुर: बरसात ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। लगातार हो रही बारिश से गर्मी की सब्जियों की फसल गलने लगी है, जबकि बरसाती सब्जियों का उत्पादन अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है। इस वजह से बाजार में सब्जियों की आवक कम है और दाम(Vegetable Prices) आसमान छू रहे हैं।
दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी
मशरूम सबसे महंगा(Mushroom Price)
’ माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रेडा सी.ई.ओ. का सरगुजा संभाग के जिला अंबिकापुर एवं सूरजपुर में ग्रामीण विद्युतीकरण योजना अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों का निरीक्षण’’
’ माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रेडा सी.ई.ओ. का सरगुजा संभाग के जिला अंबिकापुर एवं सूरजपुर में ग्रामीण विद्युतीकरण योजना अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों का निरीक्षण’’
उप अभियंता भर्ती परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न
अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल/विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा रविवार को जिले में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा अम्बिकापुर के पाँच परीक्षा केन्द्रों में प्रातः 10ः00 बजे से 12ः15 बजे तक आयोजित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षा में कुल 1985 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 1513 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। परीक्षा की प्रक्रिया में व्यापमं गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने सभी आवश्यक तैयारियां की गई थीं। परीक्षा में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने, परीक्षा की निगरानी के लिए गठित उड़नदस्ता दल द्वारा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
कौशल प्रतियोगिता 23 को अंबिकापुर में
अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण रायपुर के निर्देशानुसार कौशल तिहार 2025 का आयोजन 21 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को तकनीकी कौशल के प्रदर्शन का अवसर प्रदान कर आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना है, साथ ही इंडिया स्किल 2025 एवं वर्ल्ड स्किल 2026 के लिए संभावित प्रतिभाओं की पहचान व चयन किया जाना है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (हेल्थ केयर सेक्टर) एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन (कंस्ट्रक्शन सेक्टर) कोर्स में विगत तीन वर्षों में प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत युवाओं के लिए जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का आयोजन 23 जुलाई 2025 (बुधवार) को प्रातः 10ः00 बजे से जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज भवन, नमना रोड, अम्बिकापुर में किया जाएगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी 22 जुलाई 2025 तक https://cssda.cg.nic.in/Global/KaushalTiharEntryForm.aspx या CSSDA पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मिला रोजगार
आवास पूर्णता में निभा रहीं हैं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका
अम्बिकापुर । प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका स्वयं का पक्का मकान हो। प्रधानमंत्री आवास योजना आज जरूरतमंद लोगों के इस सपने को साकार कर रही है, योजना के तहत प्रदेश के लाखों लोगों के सपनों का आशियाना बनकर तैयार है। जिसमें वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुखमय जीवन व्यतीत कर रहें हैं। योजना से जिले के कई परिवार समाज में सम्मानजनक और स्थिर जीवन व्यतीत कर रहें हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने एक ओर जहां लोगों को आवास प्रदान किया है, वहीं दूसरी ओर रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। जिले की महिलाओं ने इस योजना को आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बना लिया है। स्व सहायता समूह की महिलाएं आवास निर्माण हेतु निर्माण सामग्री प्रदान कर आवास पूर्णता में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। समूह की दीदियों द्वारा समूह से लोन प्राप्त कर योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु ईंट, सीमेंट, गिट्टी, छड़, सेंटरिंग सामान एवं मिक्सर मशीन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के समूह की 281 दीदियों के द्वारा ईंट निर्माण किया गया, इन ईंटो का उपयोग आवास एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए किया गया। वहीं 413 दीदियों के द्वारा बैंक लिंकेज और समूहों से लोन लेकर सेंट्रिंग प्लेट्स को किराए में देने का व्यवसाय किया जा रहा है। इसी कड़ी में 9 दीदियों के द्वारा लोन राशि और अपने परिवार की सहायता से सीमेंट मिक्सर मशीन को खरीद कर किराए में लगाया गया है। वहीं 06 दीदियों के द्वारा सीमेंट गिट्टी व छड़ आदि सामग्रियों को ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम आवास के हितग्राहियों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही निर्माण के आवश्यक सामग्रियां मिल जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे जिले कि कुल 465 महिलाएं लखपति दीदी क्लब में शामिल हो गई हैं। महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आयी है, जिसके माध्यम से उन्हें रोजगार का एक नया और सशक्त माध्यम मिल गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया।