छत्तीसगढ़ / सरगुजा
संविदा भर्ती चयनितों के नियुक्ति आदेश और दस्तावेज सत्यापन की तिथि घोषित
अम्बिकापुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरगुजा जिले में विभिन्न पदों पर संविदा आधारित भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, चयनित आवेदकों को 4 अप्रैल से 21 अप्रैल 2025 तक दस्तावेज सत्यापन और उपस्थिति हेतु निर्धारित समयसीमा में कार्यालय में रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
चयनित अभ्यर्थियों को दिनांक 04 अप्रैल से 21 अप्रैल 2025 के मध्य प्रातः 11ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अम्बिकापुर में स्वयं उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। यह कार्य दिवसों में ही संपन्न होगा, शासकीय एवं क्षेत्रीय अवकाश को छोड़कर।
दस्तावेज सत्यापन के दिशा-निर्देश इस प्रकार
अभ्यर्थियों को अपने समस्त मूल प्रमाणपत्रों सहित एक सेट स्वप्रमाणित छायाप्रति साथ लानी होगी। आवेदन पत्र में दिए गए विवरणों के अनुरूप दस्तावेजों की पूर्णता एवं प्रामाणिकता की जांच की जाएगी। गलत या असत्य जानकारी पाए जाने पर अभ्यर्थिता स्वतः निरस्त कर दी जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना पूर्व सूचना के निर्धारित तिथि के पश्चात उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों की उम्मिदवारी निरस्त मानी जाएगी। निर्धारित तिथि तक अनुपस्थित रहने की स्थिति में प्रतिक्षा सूची के प्रथम अभ्यर्थी को अवसर प्रदान किया जाएगा।
चयनित अभ्यर्थियों की कार्य उपस्थिति तभी मान्य होगी जब उनका दस्तावेज सत्यापन एवं पुलिस वेरिफिकेशन पूर्ण हो जाएगा। भर्ती से संबंधित समस्त अद्यतन जानकारी केवल जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.surguja.gov.in पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। किसी अन्य माध्यम से व्यक्तिगत रूप से कोई सूचना नहीं दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सरगुजा ने समस्त चयनित अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे समय पर उपस्थित होकर समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करें ताकि संविदा नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा सके।
प्रधान आरक्षक ने मांगी 50 हजार रिश्वत, युवक ने किया सुसाइड
सरगुजा । जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के चुकंन डांड सेमरपारा में 20 वर्षीय युवक आशीष मिंज ने आम के पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह मामला तब और गंभीर हो गया जब मृतक की मां अलका मिंज ने प्रधान आरक्षक पन्ना एक्का पर पूछताछ के नाम पर दबाव बनाकर 50 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया.
मृतक की मां ने बताया कि नवंबर 2024 में उसके बेटे की 16 वर्षीय प्रेमिका संध्या मिंज ने आशीष के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस घटना के बाद युवक ने भी कीटनाशक खा लिया था, लेकिन इलाज के बाद वह ठीक हो गया था. लड़की के परिजनों की शिकायत के बाद लखनपुर पुलिस इस मामले में जांच कर रही थी और युवक व उसकी मां को कई बार पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था.
मां का आरोप है कि 50 हजार रुपये की मांग को लेकर पुलिस का लगातार दबाव था. हाल ही में जब मां-बेटे को पुनः थाने बुलाया गया, तब थाने के ऊपरी कमरे में देर शाम तक पूछताछ की गई. शाम 7 बजे युवक को छोड़ा गया, जिसके बाद वह घर पहुंचते ही रोने लगा और मां को थाने में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी. रात में खाना खाकर वह सो गया, लेकिन अगली सुबह उसका शव घर के समीप पेड़ से लटका मिला. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने प्रधान आरक्षक पर कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने से रोक दिया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान आरक्षक पन्ना एक्का को लाइन अटैच कर दिया.
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) ने बदल दी सैकड़ों बच्चों की ज़िंदगी, जन्मजात रोगों से ग्रसित बच्चों का निशुल्क हो रहा इलाज
अम्बिकापुर । ख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है। जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों का निःशुल्क इलाज कर उनकी जीवनशैली में नया उजाला और खुशहाली भर रही हैं। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को जीवनदान मिल रहा है। जन्मजात रोगों से ग्रसित बच्चों का निशुल्क इलाज जिला मुख्यालय अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज व राजधानी रायपुर के अनुबंधित अस्पतालों में शासकीय व्यय पर सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
चिरायु कार्यक्रम अंतर्गत 45 बीमारियों का निशुल्क इलाज :
इस कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की छह चरणों में स्क्रीनिंग कर 45 तरह की बीमारियों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुसार छत्तीसगढ़ एवं देश के 100 से अधिक सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
चिरायु ने नौनिहालों को दिया नया जीवन :
सरगुजा जिले में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक की स्थिति में 585 गांवों के 2383 आंगनबाड़ी केंद्र और 2074 स्कूलों में कुल 2,17,809 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 1,29,279 बच्चे स्कूलों में और 88,530 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच किए गए। ऑपरेशन कार्यक्रम के तहत 77 बच्चों में हृदय रोग, 22 बच्चों में क्लब फूट, 9 बच्चों में क्लेप लिप और 18 बच्चों में अन्य बीमारियों का सफल ऑपरेशन किया गया। सभी बच्चे स्वस्थ और खुशहाल हैं।
चिरायु से अभिमन्यु को मिला आँखों की रोशनी और हृदय रोग से मुक्ति :
सीतापुर विकासखण्ड के ग्राम गुतुरमा निवासी 7 वर्षीय अभिमन्यु जन्म से ही आंखों की रोशनी और हृदय रोग से ग्रसित था। चिरायु दल के डॉ. अमित उपाध्याय और उनकी टीम ने 3 जनवरी 2025 को उसका निरीक्षण किया। 10 जनवरी को रायपुर के एमएमआई हॉस्पिटल में सफल ऑपरेशन हुआ, जिससे अभिमन्यु और उनका परिवार आज ख़ुशहाल है।
नन्ही नमिता को मिला नया जीवन :
उदयपुर विकासखण्ड के ग्राम मरेया की 1.5 वर्षीय नमिता जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। चिरायु टीम के डॉ. आनंद जायसवाल और विकास सिंह की जांच में पुष्टि होने के बाद एमएमआई हॉस्पिटल, रायपुर में सफल ऑपरेशन किया गया। अब नमिता पूरी तरह स्वस्थ है और निमिता के परिजनों ने शासन का आभार व्यक्त किया है।
शासन की चिरायु कार्यक्रम ने जिलों के बच्चों को स्वस्थ और खुशहाल जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब ग्रामीण अंचलों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं से बच्चों को नया जीवन देने का कार्य किया जा रहा है।
पीएम आवास योजना के तहत 493 आवास इकाइयों का आबंटन स्थगित
अम्बिकापुर । प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रस्तावित 493 आवास इकाइयों का लॉटरी पद्धति से होने वाला आबंटन अब स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी नगर पालिक निगम अम्बिकापुर के आयुक्त सह सदस्य द्वारा जारी एक संशोधन सूचना में दी गई है।
पूर्व में यह आवंटन प्रक्रिया 4 अप्रैल 2025 को पूर्वान्ह 11ः00 बजे से सुभाषनगर में आयोजित की जानी थी। योजना के तहत “मोर मकान मोर चिन्हारी“ घटक के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आवास आबंटित किए जाने थे। अब अपरिहार्य कारणों से इस प्रक्रिया को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
छोटे सिक्के न लेने पर व्यापारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
अम्बिकापुर। अंबिकापुर, जिले में व्यापारियों द्वारा 1 और 2 के सिक्कों को लेने से इनकार करने की शिकायतें सामने आई हैं। इस विषय में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद के जिलाध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है कि कई दुकानदार छोटे सिक्कों को चलन से बाहर मानकर अस्वीकार कर रहे हैं।
इस पर जिला कलेक्टर एवं दंडाधिकारी ने जानकारी दी कि 1 व 2 के सिक्के भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित हैं और पूरी तरह वैध मुद्रा हैं। ये सिक्के बैंकों के माध्यम से बाजार में लाए जाते हैं, और जब तक इन्हें भारत सरकार द्वारा औपचारिक रूप से बंद घोषित नहीं किया जाता, तब तक इनका लेन-देन बाध्यकारी है।
कलेक्टर ने बताया कि किसी भी व्यापारी द्वारा इन सिक्कों को लेने से इंकार किया जाना राजद्रोह के श्रेणी में आता है, इसके लिए भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 124-ए (संशोधित भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152) के अंतर्गत गंभीर अपराध माना जाएगा। इसमें 3 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
प्रशासन ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे 1 रुपए और 2 रुपए के सिक्कों को ग्राहकों से स्वीकार करें, अन्यथा शिकायत की स्थिति में उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राज्य ओपन हाई स्कूल विज्ञान विषय की परीक्षा संपन्न
परीक्षा शांतिपूर्वक हो रही संचालित
अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर द्वारा संचालित की जाने वाली हाईस्कूल मुख्य परीक्षा विज्ञान विषय की परीक्षा 11 परीक्षा केन्द्रों में संपन्न हुई। जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर से गठित उड़नदस्ता दल द्वारा शा.बा.उ.मा.वि. सीतापुर, बालक बतौली एवं बालक लुण्ड्रा का निरीक्षण किया गया। सभी केन्द्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक संचालित हो रहा है। परीक्षा में पंजीकृत दर्ज संख्या 1426 में से 1309 उपस्थित पाए गए एवं 117 अनुपस्थित रहे।
स्कूलों का समय बदला
प्रदेश में पड़ रही तेज गर्मी
अम्बिकापुर। वर्तमान में प्रदेश में पड़ रही तेज गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय स्कूलों, शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन के समय में परिवर्तन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र के परिपालन में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी किया गया है, जिसके अनुसार सोमवार से शनिवार तक शाला संचालन के समय में एक पाली में संचालित समस्त प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक/हाई-हायर सेकेण्डरी शालाएं प्रातः 07ः00 बजे से 11ः00 बजे तक। ऐसी शालाएं जहां कक्षाएं दो पालियों में संचालित होती हैं, वहां प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाएं प्रातः 07ः00 बजे से 11ः00 बजे तक तथा हाई-हायर सेकेण्डरी शालाएं प्रातः 11ः00 बजे से 03ः00 बजे तक संचालित होगी। यह आदेश 02 अप्रैल 2025 से 30 अप्रैल 2025 तक प्रभावशील रहेगा। कार्यालय का समय यथावत रहेगा।
राज्यपाल रमेन डेका का जिला दौरा कार्यक्रम रद्द
अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका अपने दो दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को सरगुजा जिला पहुंचे थे। गुरुवार को श्री डेका द्वारा मैनपाट के पर्यटन स्थलों का दौरा किया गया तथा केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन का अवलोकन किया गया। उन्होंने इस दौरान स्थानीय जनों से भी मुलाकात की। इसके पश्चात उन्होंने मैनपाट के करमा रिसोर्ट में रात्रि विश्राम किया। राज्यपाल श्री डेका को गुरुवार रात्रि में अचानक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या होने पर सरगुजा जिले में तय सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 30 मार्च को बिलासपुर जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम के वजह से भी राज्यपाल श्री डेका को आकस्मिक रूप से रायपुर हेतु प्रस्थान करना पड़ा। वे शुक्रवार प्रातः सड़क मार्ग से राजधानी रायपुर के लिए रवाना हुए।
बता दें राज्यपाल के प्रोटोकॉल के अनुसार शुक्रवार को तिब्बती मॉनेस्ट्री का भ्रमण और अम्बिकापुर स्थित सैनिक स्कूल के छात्रों से संवाद। इसके अलावा, एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण का कार्यक्रम प्रस्तावित था। राज्यपाल श्री डेका द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक ली जानी थी।
किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि सामग्री उपलब्ध कराने उड़नदस्ता टीम गठित
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देशानुसार जिले में किसानों को बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक जैसी कृषि आदान सामग्रियों की गुणवत्तायुक्त एवं उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है। यह टीम जिले के निजी एवं सहकारी विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण करेंगी और अनियमितता पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएंगी।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
इस अभियान के तहत सहायक संचालक कृषि अभिषेक झा को जिला स्तरीय निरीक्षक, नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, अनुविभागीय कृषि अधिकारी अम्बिकापुर अम्ब्रोस टोप्पो और सीतापुर की अनुविभागीय कृषि अधिकारी अनिता एक्का को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
निरीक्षण दल की जिम्मेदारी
बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के निरीक्षण के लिए कृषि विकास अधिकारी जहांगीर आलम और संतोष बेक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, कृषि विकास अधिकारी कृपा शंकर यादव, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी सुरेन्द्र अहिरवार एवं अमित कुमार सिंह को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनके सहयोग के लिए वाहन चालक उमेश कुमार सिंह एवं भृत्य जीवन चन्द्र बड़ा को तैनात किया गया है।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष ध्यान
उड़नदस्ता टीम जिले के सभी कृषि सामग्री विक्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को सही दाम पर उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री उपलब्ध हो। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि सामग्री उपलब्ध कराने उड़नदस्ता टीम गठित
अम्बिकापुर । कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देशानुसार जिले में किसानों को बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक जैसी कृषि आदान सामग्रियों की गुणवत्तायुक्त एवं उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है। यह टीम जिले के निजी एवं सहकारी विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण करेंगी और अनियमितता पाए जाने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएंगी।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
इस अभियान के तहत सहायक संचालक कृषि अभिषेक झा को जिला स्तरीय निरीक्षक, नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, अनुविभागीय कृषि अधिकारी अम्बिकापुर अम्ब्रोस टोप्पो और सीतापुर की अनुविभागीय कृषि अधिकारी अनिता एक्का को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
निरीक्षण दल की जिम्मेदारी
बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के निरीक्षण के लिए कृषि विकास अधिकारी जहांगीर आलम और संतोष बेक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, कृषि विकास अधिकारी कृपा शंकर यादव, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी सुरेन्द्र अहिरवार एवं अमित कुमार सिंह को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनके सहयोग के लिए वाहन चालक उमेश कुमार सिंह एवं भृत्य जीवन चन्द्र बड़ा को तैनात किया गया है।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा विशेष ध्यान
उड़नदस्ता टीम जिले के सभी कृषि सामग्री विक्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को सही दाम पर उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री उपलब्ध हो। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य ओपन हाई स्कूल परीक्षा प्रारंभ
अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर द्वारा संचालित की जाने वाली हाईस्कूल मुख्य परीक्षा प्रारंभ हो गई है। हिन्दी विषय की परीक्षा 11 परीक्षा केन्द्रों में संपन्न हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर से गठित दल द्वारा शा.कन्या. उ.मा.वि. अम्बिकापुर, नगरपालिका निगम उ.मा.वि, बा.बतौली, बा.सीतापुर, बा.लुण्ड्रा एवं बा.उदयपुर का निरीक्षण किया गया। सभी केन्द्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक संचालित होना पाया गया। परीक्षा में पंजीकृत दर्ज संख्या 1497 में से 1370 उपस्थित पाए गए एवं 127 अनुपस्थित रहे।
नीट 2025 परीक्षा : निःशुल्क कोचिंग की हुई शुरुआत
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से मिलकर उज्ज्वल भविष्य की दीं शुभकामनाएं
अम्बिकापुर । कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में नीट 2025 की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत गुरुवार को हुई। इस कक्षा में 12वीं जीव विज्ञान संकाय की परीक्षा 2025 में शामिल विद्यार्थी एवं 2024 में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी भी शामिल हो रहे हैं। कोचिंग की शुरुआत के दिन कलेक्टर श्री भोसकर ने स्वयं कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से परीक्षा की तैयारी के संबंध में आवश्यक चर्चा की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अच्छा प्रदर्शन कर से सफल होने हेतु शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर श्री भोसकर ने जिला शिक्षा अधिकारी से विद्यार्थियों हेतु हॉस्टल में सुविधाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने अच्छी सुविधा, भोजन एवं वातावरण प्रदान करने हेतु निर्देश देते हुए कहा कि जो विद्यार्थी कक्षा के उपरांत शंका समाधान क्लास के बाद परिसर में अध्ययन करना चाहे उसे परिसर उपलब्ध कराया जाए एवं लाईब्रेरी की भी पूर्ण सुविधा मिले यह सुनिश्चित करें।
बता दें नीट 2025 की परीक्षा 04 मई को आयोजित है। यह कोचिंग 27 मार्च से प्रारम्भ होकर 03 मई तक संचालित होगी। जिला खनिज न्यास सरगुजा के सहयोग से कलेक्टर विलास भोसकर ने नीट परीक्षा की तैयारी हेतु 150 सीट की स्वीकृति दी है जिसमें विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आवासीय सुविधा, भोजन व्यवस्था, कोचिंग कक्षाएं, लाईब्रेरी एवं साप्ताहिक टेस्ट परीक्षा शामिल हैं। कलेक्टर श्री भोसकर द्वारा 150 सीट के अंदर दूसरे जिले के मेधावी विद्यार्थियों को भी अवसर देने निर्देशित किया गया है। कोचिंग कक्षा में छ.ग. बोर्ड, सी.बी.एस.ई. बोर्ड एवं आई.सी.एस.ई. बोर्ड के विद्यार्थी भी शामिल हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की व्यवस्था शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर परिसर एवं शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर के सामने के छात्रावास में की गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन : संविदा भर्ती की मेरिट सूची जारी
1 से 15 अप्रैल तक दस्तावेज सत्यापन
अम्बिकापुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा भर्ती 2022-24 के लिए आयोजित लिखित, कौशल एवं साक्षात्कार परीक्षा के आधार पर चयनित एवं प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। योग्य अभ्यर्थियों को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2025 के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, अंबिकापुर में अपने दस्तावेजों के सत्यापन हेतु उपस्थित होना होगा।
दस्तावेज सत्यापन की तिथि व समय
एनएचएम संविदा भर्ती में चयनित अभ्यर्थी अपने दस्तावेज के सत्यापन हेतु 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2025 समय प्रातः 11ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, अंबिकापुर, में शासकीय एवं क्षेत्रीय अवकाश को छोड़कर उपस्थित होंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ एक सेट स्वप्रमाणित फोटोकॉपी प्रस्तुत करनी होगी। दस्तावेजों में कोई असत्य जानकारी पाए जाने पर अभ्यर्थी अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थी द्वारा किसी भी प्रकार से गलत/असत्य दस्तावेज प्रस्तुत करने पर नियमानुसार कार्यवाही किया जावेगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होंगे। बीना पूर्व सूचना निर्धारित तिथि उपरांत दस्तावेज सत्यापन हेतु आये अभ्यर्थी को नियुक्ति अयोग्य मानते हुए उनकी उम्मिदवारी स्वमेव निरस्त मानी जावेगी। यदि किसी कारणवश अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी उम्मीदवारी स्वतः निरस्त मान ली जाएगी और प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।
संविदा भर्ती से जुड़ी सभी अद्यतन जानकारियां जिले के आधिकारिक वेबसाइट www.surguja.gov.in पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ग्रीष्मकाल में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में परिवर्तन
अम्बिकापुर । प्रदेश में भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया है। महिला बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार, 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 7ः00 बजे से 11ः00 बजे तक किया जाएगा। इस अवधि में केंद्रों का संचालन 6 घंटे की बजाय 4 घंटे ही संचालित रहेंगे। जिससे बच्चों को भीषण गर्मी से बचाया जा सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री अतुल परिहार ने बताया कि ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 1 जुलाई 2025 से आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व निर्धारित समयानुसार सुबह 9ः30 बजे से दोपहर 3ः30 बजे तक पुनः 6 घंटे के लिए संचालित किए जाएंगे। नौनिहालों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में परिवर्तन किए गए हैं।
बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन कार्य करने के निर्देश
अम्बिकापुर । कलेक्टर विलास भोसकर ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के अंतर्गत कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मूल्यांकन केंद्राधिकारी एवं शिक्षकों से मूल्यांकन कार्य के संबंध में विस्तृत चर्चा की एवं बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि प्रथम चरण में कक्षा 10वीं के हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं व्यावसायिक अध्ययन विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रारंभ हो चुका है। वहीं, कक्षा 12वीं के हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, भौतिकी, रसायन, लेखा शास्त्र, व्यावसायिक अध्ययन एवं कृषि संकाय विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है। आज कुल 14 मुख्य परीक्षकों, 21 सहायक मुख्य परीक्षकों एवं 170 मूल्यांकनकर्ताओं की उपस्थिति में यह कार्य संचालित हुआ।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार सिन्हा भी उपस्थित रहे। उन्होंने कलेक्टर को मूल्यांकन प्रक्रिया की बारीकियों एवं शासन के गाइडलाइन की जानकारी दी। वहीं कलेक्टर ने समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन कार्य के लिए अनुभवी शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सरकार की योजनाओं से पहाड़ी कोरवा महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
सैंट्रिग प्लेट के व्यवसाय से बना रहीं हैं समूह की महिलाएं अपनी पहचान
अम्बिकापुर । राज्य सरकार की योजनाओं से विशेष पिछड़ी जनजाति की पहाड़ी कोरवा महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही हैं। कभी घर से बाहर न निकलने वाली ये महिलाएं आज स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सैंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से अच्छी आमदनी कमा रही हैं।
बिहान योजना ने बदली जिंदगी
अंबिकापुर विकासखंड के मलंगवा खुर्द गांव की महिलाएं पहले जागरूकता के अभाव में केवल घरेलू कामों तक ही सीमित थीं। लेकिन साल 2014 में बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया। लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती संगीता पहाड़ी कोरवा बताती हैं कि उन्होंने पहले बकरी और मुर्गी पालन शुरू किया, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। धीरे-धीरे बचत की आदत से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया।
सैंटरिंग प्लेट व्यवसाय से बढ़ी आमदनी
लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की सचिव श्रीमती सुशीला पहाड़ी कोरवा ने बताया कि सितंबर 2024 में समूह ने 90 हजार रुपये का लोन लेकर सैंटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में बनाए जा रहे पक्के मकानों के लिए एडवांस बुकिंग मिलने से उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है। पिछले छह-सात महीनों में समूह की महिलाओं ने 30 से 40 हजार रुपये की कमाई की है, जिससे लोन भी पट रहा है और रोजगार भी मिल गया है।
शासन की योजनाओं से मिल रहा संबल
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की ओर बढ़ रही हैं। संगीता और सुशीला बतातीं हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने उनके खाते में राशि आ जाती है, जिससे छोटी-मोटी जरूरतें पूरी हो जाती हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने से रहने की समस्या भी दूर हो गई है।
पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए संघर्ष करने वाली ये महिलाएं आज आत्मनिर्भर और सशक्त हैं। सरकार की योजनाओं से इन्हें रोटी, कपड़ा और मकान की सुविधाएं मिली हैं, जिससे इनका जीवन स्तर सुधर रहा है। पहाड़ी कोरवा महिलाओं ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। अब पहाड़ी कोरवा समूह की महिलाएं से अन्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उन्मुखीकरण प्रशिक्षण व कार्यशाला में जिले के अधिकारी हुए शामिल
अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय (एसडीजी) सतत् विकास लक्ष्य उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित हुआ।
एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा ने सतत विकास लक्ष्य (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) को प्राप्त करने के तरीके पर चर्चा करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य इन गोल्स को फील्ड में सही तरीके से लागू करना है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास लक्ष्य (एसडीजी) निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिला स्तर पर प्रगति की मॉनिटरिंग हेतु डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क (डीआईएफ) का निर्धारण किया गया है। उन्होंने बताया कि एसडीजी के आधार पर जिलाधिकारियों द्वारा एसडीजी डैशबोर्ड में की गई एंट्री के आधार पर प्रतिवर्ष डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। इसके अलावा, समय-समय पर अधिकारियों की क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि वे इस क्षेत्र में हुई नवीन प्रगति से अवगत रह सकें।
उन्होंने कहा कि सरगुजा संभाग आदिवासी बहुल क्षेत्र है हमें कठिन परिश्रम कर समाज में जागरूकता लाने की आवश्यकता है। नीति आयोग द्वारा किए प्रयास अभिनव पहल है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़“ बनाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना है, संभागायुक्त ने सभी जिलों के कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और विभागों के अधिकारियों को एकजुट होकर समस्याओं को जमीनी स्तर पर पहचान करें जिससेआम लोगों के जीवन में सुधार लाया जा सके।
कलेक्टर विलास भोसकर ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक लंबी प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स (एमडीजी) से हुई थी। उन्होंने कहा कि जब वे स्कूल, कॉलेज या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, तो समाचार पत्रों में इन गोल्स के बारे में पढ़ते थे। ये गोल्स विभिन्न पहलुओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और रोजगार पर आधारित थे। इन लक्ष्यों के माध्यम से कई देशों और राज्यों ने महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं जिससे देश प्रदेश के विकास को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि आम जनता को हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ दिलाना महत्वपूर्ण हैं। समस्याओं को पहचान कर लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें और क्वांटिटी नहीं क्वालिटी पर फोकस करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को गम्भीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करने को कहा है, राज्य नीति आयोग द्वारा जिले स्तर पर लक्ष्य को हासिल करने के लिए डिस्ट्रिक्ट इंडीकेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसमें 82 अलग-अलग इंडीकेटर्स को शामिल किया गया है। इसके जरिए जिला और राज्य स्तर पर प्रदर्शन की रैंकिंग की जाती है। राज्य की प्रगति तभी संभव है, जब जिलों की प्रगति पर ध्यान दिया जाए। इसके लिए छत्तीसगढ़ ने डाटा को जिला स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया।इसके लिए “डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क“ (डीआईएफ) के आंकड़ों की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। आंकड़े प्रमाणिक होंगे तभी हम अपने लक्ष्यों को सही दिशा में ले जा सकें।
एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव डॉ. नीतू गौरड़िया ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को फ्रेमवर्क के आधार पर साझा प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसे हासिल करने के लिए संसाधनों का अधिक प्रभावी और समुचित उपयोग से लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलती है। वहीं लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु निर्धारित इंडीकेटर्स की नियमित मॉनिटरिंग करने पर ध्यान केंद्रीत करना होगा।
राज्य नीति आयोग की टीम द्वारा एसडीजी, डीआईएफ एवं एसडीजी डैशबोर्ड की मॉनिटरिंग के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्तर पर सांख्यिकी प्रणाली एवं आंकड़ों के संग्रहण के सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डाला गया। टीम द्वारा जिला स्तर पर एसडीजी का स्कोप एवं एकीकरण पर प्रतिभागी अधिकारियों के साथ चर्चा एवं उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर संभाग स्तरीय कार्यक्रम में सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया बलरामपुर, एमसीबी एवं जशपुर जिले के जिला पंचायत सीईओ एवं विभाग के जिलाधिकारी उपस्थित थे।