छत्तीसगढ़ / सरगुजा
पंचायत चुनाव: प्रथम चरण में अम्बिकापुर, लखनपुर, उदयपुर वोटिंग 17 को
अम्बिकापुर। त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार जिले के विकासखंड अंबिकापुर, लखनपुर एवं उदयपुर में प्रथम चरण का मतदान 17 फरवरी को प्रातः 07 बजे से 03 बजे तक संपन्न होगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विलास भोसकर के मार्गदर्शन में सरगुजा जिले में प्रथम चरण के अंतर्गत संपन्न होने वाले मतदान एवं मतगणना कार्य को स्वतंत्र, निष्पक्ष, और शांतिपूर्ण संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतदान एवं मतगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को तृतीय चरण का प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ मतदान केन्द्रों में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने हेतु सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। आज शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज अंबिकापुर में मतदान समाग्री का वितरण सामान्य प्रेक्षक डॉ संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, एसडीएम फागेश सिन्हा की उपस्थिति में मतदान दलों को मतदान सामग्री वितरण किया गया। मतदान दलों ने मतदान सामग्री मिलान कर अपने गंतव्य मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए एवं लखनपुर एवं उदयपुर जनपद पंचायत कार्यालय से मतदान दलों को सामग्री वितरण कर मतदान केंद्र की ओर रवाना किया गया।
उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए 18 सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। पंचायत मतदान हेतु कुल 2835 से अधिक अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें रिजर्व 168, अतिरिक्त रिजर्व 70 अधिकारी कर्मचारी को नियुक्त किया गया है, जनपद पंचायत अम्बिकापुर में 1345, रिजर्व 88, अतिरिक्त रिजर्व 42 अधिकारी कर्मचारी हैं। जनपद पंचायत लखनपुर में 860, रिजर्व 40, अतिरिक्त रिजर्व 20 अधिकारी कर्मचारी की नियुक्ति की गई है। जनपद पंचायत उदयपुर में 630, रिजर्व 40, अतिरिक्त रिजर्व 8 अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1134 से अधिक पुलिस एवं नगरसेना के जवानों को तैनात किया गया है। अम्बिकापुर में 84 बस एवं 30 छोटे वाहन, उदयपुर में 32 बस,12 छोटे वाहन, और लखनपुर में 33 बस एवं 22 छोटे वाहनों की व्यवस्था की गई है।
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में चार रंगों के मतपत्र से मतदान होंगे। जिसमें पंच के लिए सफेद, सरपंच के लिए नीला, जनपद पंचायत सदस्य के लिए पीला, जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग निर्धारित किए गए हैं।
पहले चरण में जिला पंचायत सदस्य हेतु क्षेत्र क्रमांक 01 से 07 तक निर्वाचन होगा। जिसमें क्षेत्र क्रमांक 1 में 2, 2 में 4, 3 में 6, 4 में 9, 5 में 9, 6 में 10 और 7 में 6 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में है।
अम्बिकापुर जनपद पंचायत सदस्य के लिए 25 पदों के लिए 164 अभियार्थी चुनावी मैदान में हैं। कुल 101 ग्राम पंचायत है। जिसमें 2 ग्राम पंचायत निर्विरोध सरपंच चुने गए हैं। ग्राम पंचायत मेण्ड्राखुर्द से श्रीमती हीरामणि सोन पाकर, ग्राम पंचायत बलसेड़ी से हुपलाल सिंह निर्विरोध हैं। वहीं शेष 99 ग्राम पंचायत में सरपंच पद हेतु 491 अभ्यर्थी, पंच के कुल 1414 पद हैं जिसमें 658 पदों में निर्विरोध एवं 15 पद रिक्त हैं। शेष 741 पंच के लिए 1764 अभियार्थी चुनाव लड़ रहे हैं। जनपद पंचायत अम्बिकापुर में पुरुष मतदाता 62,771 एवं महिला मतदाता 64,814 एवं थर्ड जेंडर मतदाता 3 है। इस प्रकार कुल 1,27,588 मतदाता मतदान करेंगे। जिसके लिए 269 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
उदयपुर जनपद पंचायत में सदस्य पद के कुल 13 पद हैं जिसमें 73 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में हैं, सरपंच के 59 पद हेतु 263 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं, पंच पद के लिए कुल 732 अभ्यर्थी हैं। जिसमें से 354 पद निर्विरोध, शेष 378 पद हेतु 892 अभ्यर्थी चुनाव में भाग ले रहे है। पुरूष मतदाता 30279, महिला 30563 एवं थर्ड जेंडर 2 हैं। विकासखंड में कुल 60842 मतदाता है। जिसके लिए कुल 126 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
इसी प्रकार लखनपुर जनपद पंचायत में जनपद सदस्य हेतु 18 पद हैं जिसमें कुल अभ्यर्थी 125 चुनाव लड़ रहे हैं। सरपंच पद हेतु कुल 74 पद हैं। जिसमें 3 ग्राम पंचायत निर्विरोध चुने गए हैं। जिसमें ग्राम पंचायत गणेशपुर से वृक्षमनिया, ग्राम पंचायत गुमगराकला श्रीमती कलावती सिंह उर्रे, और ग्राम पंचायत पर्री से श्रीमती मानकुमारी सिंह निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं 01 पंचायत में रिक्त पद हैं। शेष 70 ग्राम पंचायत में 271 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में हैं। पंच हेतु कुल 970 पद हैं जिसमें 517 पद निर्विरोध चुने गए हैं। 07 नामांकन खारिज हुए वहीं 16 स्थानों पर नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत नहीं किए गए।
शेष 430 पदों पर 987 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं। पुरुष मतदाता 42703, महिला मतदाता 43516 हैं, इस प्रकार कुल मतदाता 86220 हैं। जिसके लिए 172 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के प्रथम चरण के मतदान के लिए सामान्य प्रेक्षक डॉ संतोष कुमार देवांगन, जिला मुख्यालय कार्यपालन अधिकारी सरगुजा विनय अग्रवाल की उपस्थिति में मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण उपरांत मतदान सामग्री वितरण कर अपने-अपने गंतव्य स्थल के लिए रवाना किया गया।
अम्बिकापुर नगर निगम में भी बीजेपी का कब्जा, मंजूषा भगत बनीं महापौर
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने महापौर-पार्षदों को विजयी प्रमाण पत्र प्रदान किया
अम्बिकापुर । नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के अंतर्गत हुए चुनाव की मतगणना के परिणाम आज घोषित किए गए।इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी श्रीमती मंजूषा भगत ने 11,063 वोटों के अंतर से महापौर पद पर जीत दर्ज की है। अम्बिकापुर नगर निगम के 48 वार्डों में से 31 वार्डों में भाजपा, 15 वार्डों में इंडियन नेशनल कांग्रेस और 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीत दर्ज की। इसी तरह नगर पंचायत लखनपुर में अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सावित्री साहू ने 717 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। नगर पंचायत सीतापुर में अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमदान कुजुर ने महज 9 मतों के अंतर से जीत हासिल की। सामान्य प्रेक्षक डॉ संतोष कुमार देवांगन की उपस्थिति में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील नायक ने विजेता अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
नगरीय निकाय मतगणना परिणाम
महापौर भाजपा प्रत्याशी श्रीमती मंजूषा भगत को 42,836, कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अजय तिर्की को 31,773, बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी प्रकाश कुमार किस्पोट्टा 340, आम आदमी पार्टी प्रत्याशी राजीव लकड़ा 251, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी प्रत्याशी श्रीमती माधुरी साडील्य 236, हमर राज पार्टी प्रत्याशी तरुण कुमार भगत 361 और नोटा में 431 मत पड़े।
वार्ड क्रमांक 01 से भाजपा प्रत्याशी कमलेश तिवारी, वार्ड क्रमांक 2 से भाजपा प्रत्याशी सुशांत घोष, वार्ड क्रमांक 03 से भाजपा प्रत्याशी निरंजन राय, वार्ड क्रमांक 04 से भाजपा प्रत्याशी विनय प्रभा तिग्गा, वार्ड क्रमांक 05 से भाजपा प्रत्याशी डॉ. शिवमंगल सिंह, वार्ड क्रमांक 06 से भाजपा प्रत्याशी आलोक दुबे, वार्ड क्रमांक 07 से भाजपा प्रत्याशी विपिन कुमार पांण्डे, वार्ड क्रमांक 08 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी लुकस एक्का, वार्ड क्रमांक 09 से भाजपा प्रत्याशी रविकांत उरांव, वार्ड क्रमांक 10 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी निमन राशि एक्का, वार्ड क्रमांक 11 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी जे. कुजूर (जेनेबिबा कुजुर), वार्ड क्रमांक 12 से भाजपा प्रत्याशी मनोज गुप्ता, वार्ड क्रमांक 13 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती किरण दीपक सिंह तोमर, वार्ड क्रमांक 14 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अनिता रविन्द्र गुप्त भारती, वार्ड क्रमांक 15 से भाजपा प्रत्याशी मनीष सिंह, वार्ड क्रमांक 16 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती गीता प्रजापति, वार्ड क्रमांक 17 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सुमन मनोज कंसारी, वार्ड क्रमांक 18 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती संध्या कंसारी, वार्ड क्रमांक 19 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी शुभम जायसवाल, वार्ड क्रमांक 20 से भाजपा प्रत्याशी हरमिन्दर सिंह टिन्नी, वार्ड क्रमांक 21 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती विमला सोनी, वार्ड क्रमांक 22 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती श्वेता गुप्ता, वार्ड क्रमांक 23 से भाजपा प्रत्याशी जितेंन्द्र सोनी, वार्ड क्रमांक 24 से भाजपा प्रत्याशी विजय सोनी, वार्ड क्रमांक 25 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती पूनम विद्यानंद मिश्रा, वार्ड क्रमांक 26 से भाजपा प्रत्याशी विशाल गोस्वामी (दूधनाथ), वार्ड क्रमांक 27 से निर्दलीय शैलेश कुमार सिंह, वार्ड क्रमांक 28 से भाजपा प्रत्याशी दीपक यादव (रिंकू), वार्ड क्रमांक 29 से भाजपा प्रत्याशी विकास पांण्डेय, वार्ड क्रमांक 30 से भाजपा प्रत्याशी शशि कान्त जायसवाल, वार्ड क्रमांक 31 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी कलीम भाई, वार्ड क्रमांक 32 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती शुभ्रा सोनी, वार्ड क्रमांक 33 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती मेघा खांडेकर, वार्ड क्रमांक 34 से भाजपा प्रत्याशी राहूल त्रिपाठी “सन्नी”, वार्ड क्रमांक 35 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सुषमा रोचक गुप्ता, वार्ड क्रमांक 36 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी मो. मेराज रंगरेज “गुड्डू”, वार्ड क्रमांक 37 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती प्रियंका गुप्ता, वार्ड क्रमांक 38 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी पपीन्दर सिंह (रवि), वार्ड क्रमांक 39 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी शफी अहमद खान, वार्ड क्रमांक 40 से निर्दलीय प्रत्याशी मो. हसन खान, वार्ड क्रमांक 41 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी मो. बाबर, वार्ड क्रमांक 42 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी मो. अख्तर फिरदौसी, वार्ड क्रमांक 43 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती ममता तिवारी, वार्ड क्रमांक 44 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती किरण साहू, वार्ड क्रमांक 45 से भाजपा प्रत्याशी अशोक सोनवानी, वार्ड क्रमांक 46 से भाजपा प्रत्याशी सालिम केरकेट्टा, वार्ड क्रमांक 47 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती मीला तिर्की, वार्ड क्रमांक 48 से इंण्डियन नेशनल कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष कुमार सिंह पार्षद पद के लिए जीत दर्ज की।
नगर पंचायत सीतापुर में कांग्रेस की जीत
नगर पंचायत सीतापुर में अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमदान कुजुर ने 9 मतों के अंतर से जीत हासिल की। भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अमृता पैंकरा को 2,552, कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमदान कुजुर को 2,561 और निर्दलीय प्रत्याशी गिरधर राम भगत को 209 प्राप्त हुए। 15 वार्डों में से 7 वार्डों में भाजपा, 4 वार्डों में कांग्रेस और 3 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। बता दें कि 14 वार्ड में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे।
नगर पंचायत लखनपुर में भाजपा की जीत
नगर पंचायत लखनपुर में अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सावित्री साहू ने 717 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी को 2,639, कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती शिखा रमेश जायसवाल को 1,922 और निर्दलीय प्रत्याशी श्रीमती अनिशा गुप्ता को 107 प्राप्त हुए। 15 वार्डों में से 10 वार्डों में भाजपा और 5 वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशी विजयी रहे।
छात्रों ने संसदीय बहस, चर्चा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को जीवंत तरीके से दर्शाया
अम्बिकापुर । स्कूल शिक्षा विभाग एवं संसदीय कार्य मंत्रालय के द्वारा अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में संभागीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित कराना और उनमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समझ को विकसित करना था।
संभाग स्तरीय इस प्रतियोगिता में सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और मनेन्द्रगढ़ जिलों के करीब 350 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सभी छात्रों की सहभागिता सराहनीय रहा, जिसमें प्रथम स्थान पर जिला कोरिया, दूसरे स्थान पर जिला सरगुजा रहा।
प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि कलेक्टर विलास भोसकर ने प्रतियोगिता में शामिल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संसदीय कार्यप्रणाली लोकतंत्र की जड़ है। उन्होंने बताया कि देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वोटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधियों का चुनाव होता है, जो संसद में पूरे देश के हित में निर्णय लेते हैं। इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अहम योगदान रहा है। ऐसे आयोजन आपकी प्रतिभा को निखारना अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रतियोगिता में छात्रों को संसदीय कार्यप्रणाली को नाट्य रूप में प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। प्रत्येक टीम को अपनी प्रस्तुति देने के लिए 50 मिनट का समय आवंटित किया गया। 100 अंकों की इस प्रतियोगिता में छात्रों ने पक्ष-विपक्ष भूमिका को निर्वहन करते हुए संसदीय बहस, चर्चा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को जीवंत तरीके से दर्शाया।
इस आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के प्रति समर्पण, आत्म-अनुशासन और विभिन्न विचारों के प्रति सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही, छात्रों को संसदीय प्रक्रियाओं और चर्चा-बहस की कला से अवगत कराया गया। यह प्रतियोगिता युवाओं को देश की लोकतांत्रिक प्रणाली की बारीकियों को समझने और उसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है।
इस तरह के आयोजन युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं। कार्यक्रम में संयुक्त संचालक शिक्षा हेमंत उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा अशोक कुमार सिंहा, सहायक संचालक संभागीय कार्यालय विनोद राय, प्रवीण सिन्हा, समग्र शिक्षा से रमेश सिंह, रवि शंकर तिवारी, रवि शंकर पांडेय, संजय सिंह, दिनेश शर्मा सहित संजीव सिंह, सर्वजीत पाठक, सतीश पांडेय अंबिकापुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी गोपाल कृष्णा दुबे, एबीईओ सतीश तिवारी, बीआरसी संजीव भारती सहित स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने सहभागिता की इसमें कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में आशीष दुबे सेवानिवृत्ति सहायक संचालक, दिवाकर शर्मा सेवानिवृत प्राचार्य एवं लीना थॉमस प्राचार्य सेजस सोहगा की भूमिका रही।
स्ट्रांग रूम में सील हुई मतदान सामग्री, मतगणना 15 को
अम्बिकापुर। नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के तहत मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतदान दलों की सकुशल वापसी हुई। मतदान दल नगर निगम अंबिकापुर, नगर पंचायत लखनपुर और सीतापुर नगर पंचायत में अपने-अपने क्षेत्र के स्ट्रांग रूम में मतदान सामग्री जमा कर सुरक्षित स्ट्रांग रूम को विधिवत सील कर दिया गया है।
इस दौरान अभ्यार्थियों के प्रतिनिधि एवं सामान्य प्रेक्षक डॉ. संतोष कुमार देवांगन, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार नायक, नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप, एसडीएम फागेश सिन्हा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी मतदान दलों को शांतिपूर्ण मतदान के लिए बधाई दी। इसके साथ ही स्ट्रांग रूम की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन में जिले के नगर पालिका निगम अम्बिकापुर के 48 वार्डों में कुल 1,21454 मतदाताओं में 76,764 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें 38,471 पुरुष, 38,287 महिला और 6 तृतीय लिंग के मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं, नगर पंचायत लखनपुर के 15 वार्डों में कुल 5692 मतदाताओं में 4,713 मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें 2,276 पुरुष और 2,437 महिला मतदाता शामिल रहे। नगर पंचायत सीतापुर के 15 वार्डों में कुल 6589 मतदाताओं में 5,373 मतदाताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, जिसमें 2,639 पुरुष और 2,734 महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इस तरह नगर पालिका निगम अम्बिकापुर में 63.20 प्रतिशत, नगर पंचायत लखनपुर में 82.80 प्रतिशत और नगर पंचायत सीतापुर में 81.54 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल मिलाकर जिले के तीनों नगरीय निकायों में 64.94 प्रतिशत मतदान हुआ।
गौरतलब है कि नगरीय निकायों के लिए मतगणना 15 फरवरी को सुबह 8ः00 बजे से शुरू होगी, जिसमें नगर निगम के महापौर, अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के बीच हार-जीत का फैसला होगा।
सास-बहू की जोड़ी ने निभाई मतदान की जिम्मेदारी
अम्बिकापुर। नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के अंतर्गत आयोजित मतदान प्रक्रिया में नगर निगम पालिका के मल्टीपरपज स्कूल स्थित मतदान केंद्र क्रमांक 86 पर एक अनूठी जोड़ी ने मतदान कर लोकतंत्र की मिसाल पेश की। 70 वर्षीय बेला देवी ने अपनी बहू अनिता कन्हैया के साथ मतदान कर अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाई।
बेला देवी ने बताया कि वह पिछले कई दशकों से लगातार मतदान कर रही हैं और इस बार भी उन्होंने अपनी बहू के साथ मिलकर लोकतंत्र के महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भाग लिया है। उन्होंने कहा, “मतदान हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। हमें अपने वोट का सही उपयोग करना चाहिए ताकि अच्छे जनप्रतिनिधि का चुनाव कर सकें।
उनकी बहू अनिता कन्हैया ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “मैं हमेशा से अपनी सास के साथ मतदान करने की प्रेरणा लेती हूं। उनका अनुभव और समर्पण मेरे लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने ने कहा कि हमने मतदान कर समाज और लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई हैं। नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई और बेला देवी और अनिता कन्हैया जैसे मतदाताओं ने लोकतंत्र की मजबूती में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
सरगुजा कलेक्टर ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण
अम्बिकापुर। नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 अंतर्गत सरगुजा जिले के नगर पालिका निगम अंबिकापुर, नगर पंचायत सीतापुर और नगर पंचायत लखनपुर में मतदान प्रकिया सुचारू रूप से जारी है। कलेक्टर विलास भोसकर ने मल्टीपरपज स्कूल, वन मंडल अधिकारी परिसर अंबिकापुर में बनाए गए विभिन्न मतदान केंद्रों का जायजा लेकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने मतदान केन्द्रों में पहुंचकर मतदान कक्षों का अवलोकन किया तथा मतदाताओं के लिए आवश्यक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान हेतु दिशा निर्देश दिए।
इसी तरह कलेक्टर ने नगरपंचायत लखनपुर।के आदर्श मतदान केंद्र 07, मतदान केंद्र क्रमांक 6 एवं मतदान केंद्र क्रमांक 4 का निरीक्षण कर मतदाताओं से मतदान केंद्र की व्यवस्थाओं पर फीडबैक भी लिया।
कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी डॉ. अजय तिर्की ने किया मतदान
अंबिकापुर। कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी डॉ. अजय तिर्की ने मतदान से पहले नवापारा स्थित बेदाग ईश माता महागिरजाघर पहुंचकर प्रार्थना की। उन्होंने अपनी जीत और कांग्रेस के सभी पार्षद प्रत्याशियों की सफलता के लिए प्रभु से आशीर्वाद मांगा। डॉ. अजय तिर्की ने कहा,”मुझे भगवान के साथ-साथ अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र की जनता पर भी पूरा भरोसा है।
मतदान के दिन जनता का समर्थन हमें सकारात्मक परिणाम देगा। इसलिए मैं निश्चिंत हूं और प्रभु से आशीष मांगने चर्च आया हूं।” नगर निगम चुनाव को लेकर मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 45 लीटर अवैध शराब
अम्बिकापुर। जिला आबकारी अधिकारी एल. के. गायकवाड़ ने बताया कि सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. संगीता के निर्देशानुसार कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी है। उपायुक्त आबकारी सरगुजा संभाग विजय सेनशर्मा के निर्देशन में जारी कार्यवाही की कड़ी में आबकारी विभाग द्वारा बुधवार को एक बड़ी कार्यवाही की गई।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती शीला बड़ा के नेतृत्व में आबकारी उप निरीक्षक अनिल गुप्ता प्रभारी वृत्त अंबिकापुर,आबकारी उप निरीक्षक सौरभ साहू वृत्त सीतापुर व आबकारी उप निरीक्षक आकाश कुमार साहू प्रभारी वृत्त लखनपुर ने लुंड्रा विकासखंड में संयुक्त कार्यवाही में अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए अन्य प्रान्त की मदिरा कुल मात्रा 45 लीटर को टाटा नेक्सॉन में परिवहन करते हुए जप्त किया गया। थाना लुण्ड्रा अंतर्गत के आरोपी दया साहू से शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2), 36 व 59(क) के तहत गैर जमानतीय अपराध होने से, प्रकरण कायम कर न्यायिक रिमांड में जेल भेजा गया। कार्यवाही में मुख्य आरक्षक दिनेश जायसवाल, मथुरा पटेल, रमेश गुप्ता, गंभीर साय, जन्मेजय दुबे; आरक्षक अमर साय भगत एवं महिला नगर सैनिक गीता सिंह व अंजू एक्का शामिल रहे।
अपराधी के खिलाफ जिला बदर की कार्यवाही, आदेश जारी
अम्बिकापुर । पुलिस अधीक्षक सरगुजा की अनुशंसा पर जिला मजिस्ट्रेट ने जय आदित्य तिवारी उर्फ अंश पंडित को राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) (ख) के तहत जिला बदर करने का आदेश जारी किया है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर अनावेदक को सुनवाई का अवसर दिया गया। अभियोजन साक्ष्य और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने तिवारी को सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों की सीमा से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। यह आदेश 06 फरवरी 2025 से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने साफ किया कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तिवारी के खिलाफ गंभीर आरोप थे, जिसके चलते यह कार्यवाही आवश्यक थी।
राजनीतिक दलों की उपस्थिति में हुआ ईवीएम का रेंडमाइजेशन
अम्बिकापुर । जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में बुधवार को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष ईवीएम के रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील नायक ने बताया कि नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए प्रथम रेंडमाइजेशन में 198 मशीनें नगर पालिका निगम अम्बिकापुर, 21 मशीनें नगर पंचायत लखनपुर एवं 21 मशीनें नगर पंचायत सीतापुर हेतु निकायवार आबंटित किया गया।
इसके पश्चात द्वितीय रेंडमाइजेशन के दौरान मशीनों को मतदान केन्द्रवार आबंटित किया गया। आबंटित मशीनों में से नगर पालिका निगम अम्बिकापुर के 198 मशीनों में से 143 मतदान केंद्र हेतु एवं 55 मशीनें आरक्षित रखीं गई हैं। इसी प्रकार नगर पंचायत लखनपुर में 21 मशीनों में से 15 मतदान केंद्र एवं 6 आरक्षित रखीं गई हैं तथा नगर पंचायत सीतापुर में 21 मशीनों में से 15 मतदान केंद्र एवं 6 आरक्षित रखीं गई हैं। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उपजिला निर्वाचन अधिकारी सुनील नायक द्वारा कलेक्टरेट परिसर में स्थित ईवीएम वेयरहाउस का भी निरीक्षण किया।
जिला मजिस्ट्रेट ने दो आरोपियों को किया जिला बदर
अम्बिकापुर । जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दो व्यक्तियों को जिला बदर किए जाने का आदेश जारी किया गया है।
पुलिस अधीक्षक, सरगुजा द्वारा राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) (ख) के तहत श्याम सोनी (निवासी बरेजपारा, अम्बिकापुर) और विद्याधर दास उर्फ छोटू (निवासी असोला समलाया पारा, अम्बिकापुर) के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था।
प्रतिवेदन के आधार पर दोनों आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और विधिवत सुनवाई का अवसर दिया गया। अभियोजन साक्ष्यों और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने इन पर लगे आरोपों को सही पाया और 05 फरवरी 2025 से आगामी एक वर्ष के लिए सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश जारी किया।
यह कार्रवाई क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।
प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह का हुआ आबंटन
अम्बिकापुर। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार 28 जनवरी तक नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने तथा 29 जनवरी को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा पूर्ण किए जाने के पश्चात गुरुवार 31 जनवरी को नाम वापसी की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है।
नगर पालिका निगम अम्बिकापुर-
नगर पालिका निगम अम्बिकापुर अन्तर्गत निर्वाचन में महापौर हेतु 06 अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी अभ्यर्थियों को रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा चुनाव चिन्ह का आबंटन कर दिया गया है। जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस से डॉ अजय कुमार तिर्की को हाथ, भारतीय जनता पार्टी से श्रीमती मंजूषा भगत को कमल, बहुजन समाज पार्टी से श्री प्रकाश कुमार किस्पोट्टा को हाथी, आम आदमी पार्टी से श्री राजीव लकड़ा को झाड़ू, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से श्रीमती माधुरी सिंह सांडिल्य को गिलास टम्बलर , हमर राज पार्टी से श्री तरूण कुमार भगत को बाल्टी का चिन्ह आबंटित किया गया है।
वहीं नगर पालिका निगम अम्बिकापुर के कुल 48 वार्डों हेतु नाम निर्देशन के अंतिम दिन तक 154 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था, जिसमें से 153 प्रत्याशियों के नामांकन विधिमान्य पाए गए थे। 29 अभ्यर्थियों के नाम वापस लिए जाने के पश्चात 124 अभ्यर्थी निर्वाचन में हिस्सा लेंगे। सभी अभ्यर्थियों को प्रतीक चिन्ह आबंटित कर दिया गया है।
नगर पंचायत लखनपुर-
नगर पंचायत लखनपुर हेतु नाम निर्देशन के अंतिम दिन तक अध्यक्ष हेतु 03 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखि़ल किए थे, संवीक्षा में सभी नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए थे। जिसमें से किसी भी अभ्यर्थी ने नाम वापस नहीं लिए हैं। इन्हें प्रतीक चिन्ह आबंटित कर दिया गया है। नगर पंचायत लखनपुर अध्यक्ष हेतु भारतीय जनता पार्टी से सावित्री साहू को कमल, इंण्डियन नेशनल कांग्रेस से शिखा रमेश जायसवाल को हाथ एवं निर्दलीय प्रत्याशी अनिशा गुप्ता को चिन्ह ऑटो रिक्शा चिन्ह आबंटित किया गया है। वहीं नगर पंचायत लखनपुर के 15 वार्डों हेतु पार्षद के लिए 36 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखि़ल किए थे, संवीक्षा में सभी नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए थे। 4 अभ्यर्थियों के नाम वापस लिए जाने के बाद निर्वाचन में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 32 है।
नगर पंचायत सीतापुर-
नगर पंचायत सीतापुर हेतु नाम निर्देशन के अंतिम दिन तक अध्यक्ष हेतु 04 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखि़ल किए थे, जिसमें सभी नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए थे। जिसमें से एक अभ्यर्थी सुरेंद्र पैंकरा ने नाम वापस लिया है, निर्वाचन में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 03 है। नगर पंचायत सीतापुर अध्यक्ष हेतु भारतीय जनता पार्टी से अमृता पैंकरा को कमल, इंण्डियन नेशनल कांग्रेस से प्रेमदान कुजूर को हाथ एवं निर्दलीय प्रत्याशी गिरधर राम भगत को टेबल चिन्ह आबंटित किया गया है।
वहीं 15 वार्डों हेतु पार्षद के लिए 49 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखि़ल किए थे, संवीक्षा में सभी नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए थे। 8 अभ्यर्थियों के नाम वापस लिए तथा वार्ड क्रमांक 14 में केवल 1 अभ्यर्थी हैं, इसलिए निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति के कारण अब निर्वाचन में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 40 है।
जिला पंचायत सदस्य चुनाव की अधिसूचना जारी
पहले दिन ख़रीदे गए 41 नामांकन पत्र
अम्बिकापुर । जिला पंचायत के सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ( पंचायत) विलास भोसकर ने छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 28 के तहत अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन से लेकर मतगणना और परिणाम घोषित करने की तिथियां तय कर दी गई हैं। जिसके तहत आज नाम निर्देशन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिला कलेक्टरेट के जनसूचना अधिकारी कक्ष में जिला पंचायत सदस्य हेतु रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) विनय कुमार अग्रवाल द्वारा नामांकन पत्र प्राप्त किए जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नाम निर्देशन के पहले दिन जिला 41 नामांकन पत्र क्रय किए गए तथा आज दिनांक में किसी भी अभ्यर्थी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सर्किट हाउस में किया ध्वजारोहण
अम्बिकापुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर अंबिकापुर के सर्किट हाउस में ध्वजारोहण किया। पुलिस जवानों ने सलामी दी। उन्होंने 76वें गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल सहित अन्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर विलास भोसकर ने जिला कलेक्टोरेट परिसर एवं नगर निगम आयुक्त कार्यालय परिसर में किया ध्वजारोहण
अम्बिकापुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टोरेट परिसर एवं नगर निगम आयुक्त कार्यालय में कलेक्टर विलास भोसकर द्वारा ध्वजारोहण किया गया। श्री भोसकर ने सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी को कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहते हुए निष्ठापूर्वक ढंग से कार्य करने प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरेट परिसर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख- समृद्धि की कामना की
अम्बिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर में जिला कलेक्टरेट परिसर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, हनुमान मंदिर समिति से प्रमोद कुमार सिंह, सुधीर सिन्हा, सी के मिश्रा,श्री प्रशान्त शर्मा, गिरीश गुप्ता, संजय सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर अंबिकापुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को किया याद
अम्बिकापुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आम जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गणतंत्र दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत गौरवशाली है। आज हम देश के गणतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। इसके पीछे उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बलिदान है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, उन संविधान निर्माताओं का योगदान है, जिन्होंने इस संविधान के माध्यम से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया। उन विभूतियों का योगदान है, जो संविधान की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहे तथा संविधान के मूल्यों पर चलकर अंत्योदय का कल्याण करते रहे। नक्सलवाद से लड़ते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए अनेक जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, ताकि हम सुरक्षित रह सकें और समाज में शांति स्थापित हो सके। इन जवानों की शहादत को मैं शत्-शत् नमन करता हूं।
भारत की आजादी की यात्रा के साथ ही दुनिया के अनेक देशों ने भी अपनी स्वतंत्रता की यात्रा प्रारंभ की, लेकिन इनमें से कई देशों में शासन व्यवस्था पटरी से उतर गई और वहां की जनता आज अराजकता का सामना करने मजबूर है। गणतांत्रिक परंपराओं की अपनी ऐतिहासिक जड़ों और अपने श्रेष्ठ संविधान के बूते लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत अविचल खड़ा ही नहीं है अपितु निरंतर तरक्की के नये शिखरों को छू रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान एक पवित्र दस्तावेज है। यह वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से प्रेरित है। इसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया, जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है। हमारी आजादी की लड़ाई की सोच हमारे संविधान में पूरी तरह से झलकती है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में जब हमारे छत्तीसगढ़ से संविधान निर्मात्री समिति के सदस्य संविधान तैयार कर रहे थे, तब निश्चय ही उनके सामने बाबा गुरु घासीदास जी के समतामूलक संदेश, शहीद वीरनारायण सिंह जी के संघर्ष की गाथा और पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का छूआछूत विरोधी संघर्ष जैसे आदर्श रहे होंगे। इन सभी के विचारों को बाबा साहेब ने अंतिम ड्राफ्ट के रूप में बहुत सुंदरता से पिरोया था।
इस गणतंत्र की धरोहर को सुरक्षित रखने और सहेजने-संवारने की जिम्मेदारी हमारी और भावी पीढ़ी के हाथों में है। हमारा गणतंत्र हमें सत्यमेव जयते की सीख देता है। मुंडकोपनिषद का यह सूत्र वाक्य हमें बताता है कि अंधेरा कितना भी घना क्यों न हो, हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अंततः विजय सत्य की ही होती है। हमारे गणतंत्र की इस भावना की विजय हमने गंभीर नक्सलग्रस्त इलाकों में देखी है।
इन इलाकों में माओवाद ने अपनी हिंसक विचारधारा से न केवल आम आदमी के जीवन को नरक बना दिया था अपितु भारत के गणतंत्र को चुनौती देने के लिए गनतंत्र खड़े करने की योजना बनाकर काम कर रहे थे। हमारे सुरक्षा बलों का इनसे लगातार संघर्ष चल रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नई रणनीति बनाकर हमने माओवाद के कैंसर को नष्ट करने का काम किया है। इस कैंसर को नष्ट करने के लिए जरूरी था कि इसकी जड़ों पर प्रहार किया जाए। हमारे जवानों ने माओवादियों के सबसे सुरक्षित पनाहगाहों में हमला किया। इसके नतीजे बहुत अच्छे रहे। एक साल के भीतर ही हमने माओवादी कैडर के 260 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। अंधेरी सुरंग खुल गई, जो रोशनी फूटी है उससे बस्तर में विकास का उजाला फैला है।
जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी पिछले महीने छत्तीसगढ़ आये तो बस्तर की इसी धरती में ग्राम गुंडम की एक बुजुर्ग माँ उनके पास आई, माता जी ने उन्हें वनोपजों की टोकरी भेंट की और कहा कि माओवाद को पूरी तरह से नष्ट कर दीजिए। जब सरकार का इरादा, जवानों का हौसला और जनता का संकल्प मिल जाता है, तो कोई भी हिंसक विचारधारा नहीं टिक सकती। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। शीघ्र ही बस्तर पूरी तरह से नक्सल आतंक से मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंक से मुक्ति के साथ ही बस्तर में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास की राह भी खुल गई है। इसका माध्यम हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही नियद नेल्ला नार योजना बनी है। अरसे बाद स्कूलों में घंटियां गूंजी, पानी-बिजली का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हुआ। आधार कार्ड बने और आयुष्मान कार्ड भी बन गये। बस्तर अब उमंग से भरा हुआ है। हमने यहां बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया। पूरे बस्तर से 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें नक्सल हिंसा से प्रभावित परिजन भी थे। आत्मसमर्पित नक्सली भी थे और नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके दिव्यांगजन भी थे। खेलों के इस महाकुंभ में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था, हम सबके लिए यह बहुत भावुक क्षण था, बस्तर ओलंपिक नये बस्तर की पहचान बन गया।
हर कदम में किसानों के साथ
किसान परिवार से आने वाले लोगों ने खेती का वो वक्त भी देखा है जब कड़ी मेहनत से धान उपजाने के बाद मंडियों में किसान भाई धान लेकर जाते थे, तो औने-पौने में धान बेचकर आना पड़ता था। बहुत मुश्किल से परिवार चलता था। खरीफ के बाद उनके पास दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था। श्रद्धेय अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, तो धान खरीदी की व्यवस्था भी आरंभ हुई। धान के कटोरे में कोई भी भूखा न सोये, इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना भी आरंभ हुई। यह काम इतने व्यवस्थित तरीके से हुआ कि छत्तीसगढ़ देश में खाद्य सुरक्षा का माडल राज्य बन गया।
मुझे याद आता है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद शुरूआती दौर में धान खरीदी लगभग 4.63 लाख मीट्रिक टन के आसपास हुई। पिछली बार यह आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन को छू गया। यह इसलिए हुआ कि हमारी सरकार किसान भाइयों को धान का सबसे अच्छा मूल्य दे रही है। हमने किसान भाइयों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ में धान खरीदा। किसानों से किये वायदे के अनुरूप हमने 13 लाख किसानों को दो साल का बकाया बोनस भी दिया। इन सबके चलते पिछले सत्र में हमने किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किये। लगभग ढाई माह से राज्य में तेजी से धान खरीदी चल रही है। किसानों के खाते में हम लगातार समर्थन मूल्य की राशि दे रहे हैं। प्रति क्विंटल अंतर की राशि 800 रुपए हमारी सरकार के द्वारा आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी माह में किसान भाइयों के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए हमने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ भी किया है। इसके अंतर्गत हम 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपए सालाना प्रदान कर रहे हैं। यह शुभ संकल्पों और अच्छी नीयत का प्रतिफल है। छत्तीसगढ़ के किसान आज बेहद खुशहाल हैं। पलायन रूका है और किसान, खेती में निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें खेती से अच्छी आय मिल रही है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के साथ ही खेती को हाइटेक करने का कार्य भी कर रही है। अब खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन दीदी के हाथों हो रहा है। घंटों का काम ड्रोन दीदी का ड्रोन मिनटों में कर देता है। आपने इधर के वर्षों में देखा होगा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। कभी मानसून विलंब से आता है, तो कभी असमय बारिश हो जाती है। इस बड़े संकट से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी भी हमने की है। हमने ऐसे बीज तैयार किये हैं, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों के लिए नए उद्यम के रास्ते हमने खोल दिये हैं।
छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की खुली राह
हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा कहते हैं, कि हमें किसानों की आय दोगुनी करनी है, तो पशुपालन को बढ़ावा देना होगा। हम सबने सहकारिता में अमूल का प्रयोग देखा है। भारत ने एनडीडीबी अर्थात नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से अमूल के रूप में श्वेत क्रांति की। छत्तीसगढ़ में भी श्वेत क्रांति की राह हमने खोल दी है। बीते महीने हमने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया है।
इस एमओयू के माध्यम से छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ से जुड़ी समितियों को तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के लिए 621 सहकारी समितियां काम कर रही हैं। अब 3200 नई सहकारी समितियां बनेंगी। इस एमओयू के पश्चात, सवा लाख से अधिक किसान दूध उत्पादक समितियों से तो जुड़ेंगे ही, इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हमारे बच्चों के भोजन में, दूध के रूप में प्रोटीन अधिक मात्रा में शामिल होगा। हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के आदर्शों के अनुरूप नागरिकों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नई उद्योग नीति से प्रदेश में बना निवेश का बेहतर वातावरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा- हमारी धरती रत्नगर्भा है। खनिज संपदा के मामले में छत्तीसगढ़ अतुलनीय है। कोयले और लोहे के उत्पादन में हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। देश के बाक्साइट भंडार का 20 फीसदी हमारे यहां है। सारी दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपना रही है और भारत भी इसमें पीछे नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए लीथियम की जरूरत होती है और इसके भंडार हमारे कोरबा, सुकमा और बस्तर जिले में है।
इन खनिज संसाधनों का दोहन राज्य के आर्थिक विकास के लिए हो, इस जरूरत को पूरा करने हमारी सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है। आज छत्तीसगढ़ में कहीं भी चले जाइये, शानदार चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर से आपका स्वागत होगा। रांची, हैदराबाद और विशाखापट्नम जैसे शहरों से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हो जाएगा तो यह कनेक्टिविटी अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार ने हमारे राज्य में सड़क अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के कार्यों की घोषणा भी की है। बिजली उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ सरप्लस स्टेट है। ये सारी बातें छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को बेहद आकर्षक बनाती हैं।
इतने बेहतर वातावरण में यदि निवेश के इच्छुक उद्यमियों को अनुदान सहित अनेक सुविधाएं मिले, तो उनके लिए यह सोने पर सुहागा है। हमारी नई उद्योग नीति ने यही कार्य किया है। इज आफ डूइंग बिजनेस अंतर्गत जरूरी सुधार किये गये हैं। सिंगल विंडो 2.0 से एनओसी की दिक्कत बिल्कुल दूर हो गई है। हमारा फोकस यह है, कि स्थानीय लोगों को अधिकतम संख्या में रोजगार मिल सके। एक हजार से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए हम विशेष अनुदान दे रहे हैं।
पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य
नई औद्योगिक नीति में हमने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहन दें, जिनके लिए छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं के अनुरूप आगे बढ़ने की भरपूर संभावनाएं हों। क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी जी ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली टेक्नालाजी अर्थात ग्रीन उद्यमों के लिए बड़ी संभावनाएं बनी हैं। नई उद्योग नीति में हमने इसके लिए निवेश प्रोत्साहन पैकेज रखा है। छत्तीसगढ़ में उद्यमी अब ग्रीन स्टील की ओर फोकस कर रहे हैं। नई उद्योग नीति से इसके लिए बेहतर वातावरण बन रहा है। इस बात का अनुमान है, कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में ढाई लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा और इसके चलते पांच लाख नये रोजगार सृजित होंगे। हम अटल नगर, नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में तैयार कर रहे हैं और तेजी से आईटी कंपनियां यहां निवेश के लिए सामने आ रही हैं। यहां पर हम 14 एकड़ में एआई डाटा सेंटर भी बना रहे हैं, इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा। राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों के लिए प्रशिक्षित करने और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने शासन द्वारा नेशनल स्टाक एक्सचेंज के साथ छात्र स्किलिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रशिक्षण हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और कालेज के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाएगा।
पर्यटन को मिला बढ़ावा
नई उद्योग नीति में हमने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। हमारे यहां एशिया का नियाग्रा कहा जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात है। कांगेर घाटी में कोटमसर जैसी विलक्षण गुफाएं हैं। यहां धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने बेस्ट टूरिज्म विलेज के रूप में चुना है। सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां हैं, जहां के विलक्षण प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत होकर महाकवि कालिदास के मन में अपने महान खंडकाव्य मेघदूतं को लिखने का विचार आया। जशपुर में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव हैं। देश के पर्यटन नक्शे में गुरु घासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व भी आ गया है। हमारी सरकार ने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाकर न केवल बाघों के संरक्षण के लिए कार्य किया है अपितु इससे इको टूरिज्म की संभावनाओं में भी कई गुना वृद्धि कर दी है।
वन एवं वृक्ष आवरण में देश में सर्वाधिक वृद्धि
अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। अभी हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 684 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है जो देश में सबसे ज्यादा रही है।
एयर कनेक्टिविटी में इजाफा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी विलक्षण है। यहां पर्यटन की अधोसंरचना उपलब्ध कराने हमने होम-स्टे की सुविधा देने वाले उद्यमियों को विशेष अनुदान देने का निर्णय लिया है। कुछ महीनों पहले अंबिकापुर में माँ महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया। जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट अब विमानन मानचित्र में आ गये हैं। एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आकर्षित होंगे। रायपुर-बिलासपुर-अंबिकापुर विमान सेवा आरंभ होने से स्थानीय पर्यटकों को भी काफी सुविधा मिल रही है। पर्यटन अधोसंरचना का सीधा लाभ, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के रूप में होगा।
पीएससी पर लौटा युवाओं का भरोसा
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है। पीएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार की जांच का कार्य हमने सीबीआई को सौंपा है और सीबीआई इस मामले में पुख्ता कार्रवाई कर रही है। हमने पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता लाने इसे यूपीएससी की तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से युवाओं का भरोसा पीएससी की परीक्षा में लौट आया है। हमने यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ हास्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी है। हम रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 अन्य नगरीय निकायों में ऐसी ही लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। शासकीय सेवा के 9 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
प्रधानमंत्री आवास का बढ़ा दायरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल पूरे कर लिये हैं। इस अवधि में हमने अपने अधिकांश वायदों को पूरा कर दिया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। इन पर तेजी से काम हो रहा है। अपना घर जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। राज्य के लिए नये वित्तीय वर्ष हेतु तीन लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति भी मिली है, इसके लिए मार्च तक सर्वे हो जाएगा। अब उन लोगों को भी पीएम आवास मिल सकेगा, जिसके पास टू व्हीलर है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिसने पास ढाई एकड़ तक सिंचित जमीन और पांच एकड़ तक असिंचित जमीन है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिनकी आय 15 हजार रूपए महीना तक है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 1 लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने राज्यांश का भी हमने अनुमोदन कर दिया है।
हमें इस बात का संतोष है कि हम लाखों लोगों के गृह प्रवेश का माध्यम बन सके हैं। हमारी सरकार ने जरूरतमंद 68 लाख परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर हमने साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया है।
सशक्त महिलाएं सशक्त छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने में, बड़ी भूमिका हमारी मातृशक्ति की है। वे हर दिन कड़ी मेहनत कर, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रख रही हैं। उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना हमारा संकल्प है। इसके लिए हमने सरकार गठन के तीन महीने के भीतर ही महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन आरंभ कर दिया। करीब 70 लाख माताओं-बहनों को अब तक हम इस योजना की ग्यारह किश्त दे चुके हैं। हर माह की पहली तारीख को हम महतारी वंदन योजना के रूप में माताओं-बहनों के लिए खुशियों का रिचार्ज कर देते हैं। यह राशि उनके बजट को व्यवस्थित करने में, अपने सपनों को पूरा करने में मदद करती है। यह महिलाओं की अपनी निधि है, वे इसे अपनी इच्छा से खर्च कर रही हैं। कोई बहन इसे बच्चों की पढ़ाई में लगा रही है, कोई निवेश कर रही है। कोई मां अपनी हवाई यात्रा का सपना पूरा कर रही है। सारंगढ़ के ग्राम दानसरा की माताएं-बहनें अयोध्या धाम में श्रीरामलला का मंदिर बनने से अभिभूत थीं। वे श्रीराम का मंदिर अपने गांव में बनाना चाहती थीं। सभी महिलाएं एकजुट हुईं। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि और चंदा इकट्ठा करके प्रभु श्रीराम का मंदिर बनवा रही हैं। हम महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट फूड का काम सौंप रहे हैं। पहले चरण में पांच जिलों से इस काम की शुरूआत करेंगे।
प्रदेश में नई शिक्षा प्रणाली लागू
प्राचीन काल में हमारा देश विश्वगुरु था। इसका कारण, हमारी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली थी। यह प्रणाली ज्ञान-विज्ञान के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों की भी शिक्षा विद्यार्थियों को देती थी। अंग्रेज जब भारत आये, तो उन्होंने महसूस किया कि भारत में राज करने के लिए बहुत जरूरी है, कि भारतीयों में हीनता की भावना भर दी जाए। उन्होंने प्राचीन पद्धति समाप्त कर, मैकाले द्वारा लाई गई अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसके चलते हमारे मनीषियों द्वारा लिखे श्रेष्ठ ग्रंथों की स्मृति भी जनमानस में धुंधली होती गई।
मोदी जी ने आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ ही हमारी सांस्कृतिक उपलब्धियों और गौरवशाली परंपरा को शामिल करने वाली नई शिक्षा प्रणाली हमें दी है। छत्तीसगढ़ में हमने इसे लागू किया है। हम 18 स्थानीय भाषाओं में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। 341 पीएमश्री विद्यालय हमने आरंभ किये हैं। हम बच्चों को एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा भी दे रहे हैं। हम यह मानते हैं, कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर दिशा देने में जितनी जिम्मेदारी शिक्षकों की है, उतनी ही अभिभावकों की भी है। इसके लिए हमने पैरेण्ट्स-टीचर मीटिंग का एजेंडा भी व्यवस्थित किया है। अपने जन्मदिन को स्कूलों में बच्चों के साथ न्योता भोज के रूप में भी मनाने की परंपरा हमने आरंभ की है। पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के चलते बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिरा था। इसे दुरुस्त करने, हमने पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं पुनः आरंभ करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा
हमारी भारतीय परंपरा में आशीर्वाद देने पर लंबी आयु की कामना करते हुए आयुष्मान भवः कहा जाता है। लोगों की दीर्घायु और उनके अच्छे स्वास्थ्य से जुड़े सरोकार, हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जो समाज अपने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करता है, वही समाज फलता-फूलता भी है। मोदी जी ने आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को सम्मिलित किया है। इन्हें अब पांच लाख रुपए तक के इलाज का लाभ मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ बनेगा मेडिकल टूरिज्म का केंद्र
हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब बनाना है, ताकि न केवल हमारे सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में छत्तीसगढ़ के नागरिकों का इलाज हो सके अपितु छत्तीसगढ़ मेडिकल टूरिज्म के भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो। इसके लिए हमने अटल नगर नवा रायपुर में 200 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है। यहां मेडिसिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 हजार बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा। अटल नगर नवा रायपुर में हम 141 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं। इससे अटल नगर नवा रायपुर, मध्य भारत का फार्मास्युटिकल हब के रूप में उभरेगा।
बिलासपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है। राजधानी रायपुर के अंबेडकर हास्पिटल में भी 700 बिस्तर अस्पताल के विस्तार के लिए हमने 231 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर दिया है। इसके पूरे होने के साथ ही अंबेडकर हास्पिटल में 2 हजार बेड की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को विकसित करने के लिए चार नये मेडिकल कालेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में भवनों के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा
आपको याद होगा कि पहले पीएमटी की परीक्षाओं में एक पेपर अंग्रेजी का होता था। हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदी माध्यम के अनेक प्रतिभाशाली परीक्षार्थी कई बार इस वजह से भी पीएमटी क्लीयर नहीं कर पाते थे। बाद में इसे हटा दिया गया लेकिन आगे मेडिकल की पढ़ाई में अंग्रेजी की समस्या कायम रही। हमने मेडिकल छात्र-छात्राओं को हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की राह में अब कोई रूकावट शेष नहीं रही।
रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ मना रहा अटल निर्माण वर्ष
हमारा प्रदेश इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। संयोग से यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। इस अवसर को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। श्रद्धेय अटल जी द्वारा दिखाये गये सुशासन के मूलमंत्र पर चलते हुए, हमने पारदर्शी, सजग और लोककल्याणकारी प्रशासनिक तंत्र तैयार किया है, जिसके बूते हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।
पारदर्शी प्रशासन के लिए आईटी का उपयोग
छत्तीसगढ़ ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के रूप में सुशासन को कार्यान्वित करने देश में अनूठी पहल की है। छत्तीसगढ़ में लाल फीताशाही की रोकथाम के लिए हम ई-आफिस प्रणाली अपना रहे हैं। इसमें फाइलों का निपटारा आनलाइन होगा। तय समय-सीमा में अधिकारी को ई-फाइल पर अपनी टिप्पणी देनी होगी। इस प्रणाली के चलते समय-सीमा पर भ्रष्टाचार की आशंका के बगैर फाइलों का कुशलता से निपटारा हो सकेगा।
यह समय स्मार्ट फोन का है। हमने शासकीय सेवाओं की डिलीवरी को आसान करने के लिए मोबाइल फोन में नागरिक सुविधाओं से संबंधित बहुत से एप आरंभ किये हैं। मंत्रालय में किसी से मिलना हो, तो स्वागतम एप में एक क्लिक करें और समय लें, रजिस्ट्री करानी हो, तो सुगम एप में क्लिक करें और बसों का लोकेशन जानना हो, तो संगवारी एप देख लें। नागरिक सेवाओं की उपलब्धता डिजिटल गवर्नेंस के चलते काफी आसान हो गई है।
शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए हमने अटल मानिटरिंग पोर्टल आरंभ किया है। इससे न केवल महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी जानकारी मिलती है अपितु इसे बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा भी मिलती है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस पर न केवल भरोसा करती है अपितु इसे क्रियान्वित भी करती है। खनिज में हमने मैनुअल पास को समाप्त कर आनलाइन ट्रांजिट पास आरंभ कर दिये हैं। शासकीय खरीदी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए, हमने जेम पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है। भारत सरकार, राज्यों को बेहतर काम के लिए इंसेटिव देती है। हमने जो सुधार छत्तीसगढ़ में किये, उसके चलते केंद्र सरकार ने इंसेटिव के रूप में राज्य को 4400 करोड़ रुपए दिये हैं, जिन्हें हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेंगे।
20 हजार श्रद्धालुओं ने की अयोध्या धाम की यात्रा
अपने भांचा भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से यह सब शुभ कार्य हम कर पाए हैं। ननिहाल के लोगों को अपने भांजे का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे, भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन, उनके भीतर शुभ संकल्पों के बीज बोता रहे, इसके लिए हमने पुण्य अयोध्या धाम के दर्शन के लिए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना आरंभ की है। अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु, इस योजना के माध्यम से श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण
हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक संपदा समृद्ध है। जनजातीय संस्कृति की थाती संभालने वाले हमारे बैगा, गुनिया, सिरहा को हम लोग हर साल पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि दे रहे हैं। जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना, हमने आरंभ की है। स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले हमारे जनजातीय सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाएं, उनके गांवों में लगाने का निर्णय लिया है। राजिम कुंभ का सुंदर आयोजन हमने पुनः आरंभ कराया है। देश भर से साधु संतों का समागम राजिम के त्रिवेणी संगम पर हो रहा है। प्रयागराज में 144 वर्षों बाद महाकुंभ का सुखद संयोग बना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को सुविधा देने हमने साढ़े 4 एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन तैयार किया है। यहां प्रदेश के श्रद्धालुओं के ठहरने और खान-पान की सुविधा हमने उपलब्ध कराई है।
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए रोडमैप तैयार
गांधी जी कहते थे कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है, कि हम वर्तमान में क्या करते हैं। मुझे इस बात की खुशी है, कि इस वर्ष जब हम छत्तीसगढ़ के स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं तब हमने विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा का रोडमैप तैयार कर लिया है। वर्ष 2047 में जब आजादी के सौ वर्ष पूरे हो जाएंगे तब विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का भव्य स्वरूप हम सभी के सामने होगा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।
हमारी सरकार ऐसी सरकार है, जिसने एक साल पूरे होने पर प्रदेश की जनता के समक्ष अपने एक साल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। हमारे पास शुभ संकल्प है। सच्चाई है। ईमानदारी है और पुरखों की परंपरा से आई शक्ति है। हम आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ेंगे और हर बाधा को पार कर एक उज्ज्वल सशक्त विकसित छत्तीसगढ़ के अपने सपने को मूर्त रूप देंगे। अथर्ववेद का मंत्र है कृतं मे दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः। कार्य का शुभ संकल्प मन में हो तो सफलता जरूर मिलती है।