एमएसटीसी पोर्टल से होगा रेत खदानों का आवंटन
बोलीकर्ताओं का 13 अक्टूबर को बिलासपुर में प्रशिक्षण
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 09 अक्टूबर 2025
रेत खदान के इच्छुक बोली कर्ताओं को पोर्टल के बारे में जानकारी देने के लिए 13 अक्टूबर को बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। कलेक्टोरेट कार्यालय बिलासपुर के नजदीक स्थित जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाभवन में दोपहर 2 बजे से यह प्रशिक्षण शुरू होगा। उप संचालक खनिज प्रशासन बिलासपुर किशोर गोलघाटे ने बताया कि इस बार गौण खनिज साधारण रेत का आवंटन एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा। आवंटन की कार्यवाही ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के अनुसार होगी। प्रशिक्षण में इच्छुक बोलीकर्ताओं को ई-नीलामी से जुड़ी तमाम प्रक्रिया जैसे कि निविदा जारी करना, निविदा में भाग लेने के लिए बोलीकर्ताओं का पंजीयन, बोली लगाने की प्रक्रिया, तकनीकी अर्हताधारी बोलीकर्ताओं का चयन, लॉटरी प्रक्रिया, अधिमानी बोलीदार का चयन आदि पोर्टल के माध्यम से होने वाली समस्त जानकारी बताई जायेगी। रेत खदान के इच्छुक बोलीकर्ता इस प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकते हैं। संभाग स्तरीय इस प्रशिक्षण बिलासपुर सहित संभाग के अन्य जिलों जैसे कि मुंगेली, जीपीएम, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती, रायगढ़ एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिलों के इच्छुक बोलीदारों के लिए आयोजित की गई है। उप संचालक ने इच्छुक बोलीदारों को इस प्रशिक्षण में हिस्सा लेकर जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया है।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला हाल ही में छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर छा गया है। प्राकृतिक सम्पदा, हरे-भरे जंगल, मनमोहक झरने, ट्रैकिंग पथ और सांस्कृतिक विरासत जैसे अद्भुत तत्वों से भरपूर जीपीएम जिले को विश्व पर्यटन दिवस पर राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ इको-टूरिज्म साइट के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। 

नैसर्गिक खूबसूरती और पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को इको टूरिज्म साइट 2025 का राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान रायपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी को प्रदान किया।