छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
सुपोषण चौपाल में कलेक्टर ने बढ़ाया माताओं-बच्चों का उत्साह, कराई गोदभराई और अन्नप्राशन
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । जिले के बरमकेला परियोजना अंतर्गत सरिया सेक्टर के आंगनवाड़ी केंद्र भठलीपुरा-02 में आयोजित सुपोषण चौपाल में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू शामिल हुईं। कार्यक्रम में उन्होंने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के साथ संवाद करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र की दो गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक रीति-रिवाज से गोदभराई कराई और छह माह की आयु पूर्ण कर चुके दो बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया।
इस अवसर पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट प्रदान किए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने माताओं को बच्चों के छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद ऊपरी आहार शुरू करने तथा बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।
सुपोषण चौपाल के माध्यम से महिलाओं और अभिभावकों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपलब्ध सेवाओं तथा बच्चों और महिलाओं के पोषण की स्थिति की जानकारी ली और विभागीय अमले को पोषण संबंधी गतिविधियों को निरंतर प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी (बिलाईगढ़) तेजस्वी ध्रुव, पर्यवेक्षक पद्मिनी भोई, कु. खुरशिद बानो खान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भूमिसुता पटेल, सहायिका जितेशिनी पाणिग्रही सहित गांव की महिलाएं एवं बच्चों के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
देशी गायों से शुरू हुआ सफर, आज उन्नत पशुपालन से सालाना 10 लाख से अधिक की आय
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ जब जमीनी स्तर पर पहुंचता है, तो यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की आजीविका और जीवन में बदलाव का आधार बनता है। ग्राम भड़ीसर के गोपी सिदार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। कभी 8 से 10 देशी गायों से प्रतिदिन 15 से 20 लीटर दूध उत्पादन करने वाले सिदार आज उन्नत नस्ल की गायों से करीब 80 लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन कर रहे हैं। कृत्रिम गर्भाधान से बढ़ी पशुओं की उत्पादकता, विभागीय सहयोग और पशुधन बीमा से मिली आर्थिक सुरक्षा ने उनके पशुपालन को सीमित आमदनी के साधन से एक स्थायी और लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है।
गोपी सिदार लंबे समय से पशुपालन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। पहले उनके पास मुख्य रूप से देशी नस्ल की गायें थीं। कम दुग्ध उत्पादन के कारण पशुपालन से होने वाली आमदनी सीमित थी। वहीं पशुओं की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में परिवार के सामने आर्थिक नुकसान का जोखिम भी बना रहता था। ऐसे समय में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और तकनीकी सेवाओं ने उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले।
कृत्रिम गर्भाधान से 15-20 लीटर से बढ़कर 80 लीटर हुआ दूध उत्पादन :
पशुपालन विभाग के कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम का लाभ लेने के बाद सिदार के पशुधन में नस्लीय सुधार हुआ। वर्तमान में उनके पास 4 एच.एफ. क्रॉसब्रीड एवं 1 जर्सी क्रॉसब्रीड उच्च उत्पादक दुग्धारू गाय हैं। इन उन्नत नस्ल के पशुओं से अब करीब 80 लीटर दूध प्रतिदिन प्राप्त हो रहा है। पहले जहां कुल दुग्ध उत्पादन 15 से 20 लीटर प्रतिदिन था, वहीं अब इसमें कई गुना वृद्धि हुई है।
उत्पादित दूध का विक्रय वे देवभोग, छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध महासंघ के माध्यम से करते हैं। 35 रूपये प्रति लीटर की दर से उन्हें प्रतिदिन लगभग 2 हजार 800 की आय प्राप्त होती है। इस आधार पर उनकी मासिक आय करीब 84 हजार रूपए तथा वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक तक पहुंच रही है। नियमित आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बच्चों की शिक्षा, कृषि कार्यों में निवेश और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना अब पहले की तुलना में आसान हुआ है।
दूध के साथ जैविक खाद से भी अतिरिक्त आमदनी :
गोपी सिदार ने पशुपालन से प्राप्त गोबर को भी आय का जरिया बनाया है। वे गोबर से जैविक खाद तैयार करते हैं, जिसे स्थानीय किसान खरीदते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होती है। साथ ही जैविक खाद के उपयोग से कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और रासायनिक उर्वरकों पर होने वाले खर्च को कम करने में भी मदद मिलती है।पशुपालन विभाग द्वारा उन्हें समय-समय पर कृत्रिम गर्भाधान, निःशुल्क टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु चिकित्सा उपचार, रोग नियंत्रण एवं तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इन सेवाओं से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना हुआ है तथा दुग्ध उत्पादन में निरंतरता बनी हुई है।
पशुधन बीमा ने दिया आर्थिक सुरक्षा का भरोसा :
पशुपालन व्यवसाय को जोखिम से सुरक्षित रखने के लिए गोपी सिदार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन की पशुधन बीमा योजना का भी लाभ लिया। योजना के अंतर्गत उनके पशुओं का 60रुपये हजार प्रति पशु तक का बीमा मात्र 585 रुपए प्रति पशु प्रीमियम पर तीन वर्ष की अवधि के लिए कराया गया है। बीमा सुरक्षा मिलने से पशु की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से सुरक्षा का भरोसा मिला है।
गोपी सिदार कहते हैं कि कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, पशुधन बीमा योजना और विभागीय सहयोग से उनके पशुपालन व्यवसाय को नई दिशा मिली है। इसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिलने से उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है और अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ पशुपालन को आगे बढ़ा रहे हैं। वे अन्य पशुपालकों को भी शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बच्चों से किया संवाद, पढ़ाई जारी रखने के लिए किया प्रोत्साहित
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षा से वंचित एवं विभिन्न परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पीएम श्री स्कूल सारंगढ़ परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं जनप्रतिनिधियों ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया।
कार्यक्रम में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने शिक्षा से वंचित रहे बच्चों और उनके अभिभावकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पारिवारिक परिस्थितियों और भविष्य के लक्ष्य के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें निरंतर शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान धानी जांगड़े ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़कर रोजी-रोटी के लिए जम्मू-कश्मीर जाना पड़ा था। घर वापस लौटने के बाद उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और अब कक्षा 9वीं में प्रवेश लेकर अपनी शिक्षा जारी रख रही हैं।
इसी प्रकार प्रियंका निषाद ने कक्षा 9वीं तक नियमित पढ़ाई करने के बाद ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। अब उन्होंने कक्षा 11वीं में प्रवेश लिया है और लगातार अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने प्रियंका से उनके भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। कलेक्टर ने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
बड़े खैरा निवासी ध्रुव कुमार यादव ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़कर हरियाणा के ईंट-भट्ठे में काम करने जाना पड़ा था। अब वे वापस लौटकर दोबारा शिक्षा से जुड़े हैं और इस वर्ष कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रहे हैं।
कार्यक्रम में शिक्षा से वंचित बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षक भरतलाल सहित जिले के कुल 8 शिक्षकों को कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित किया गया।
कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में शामिल बच्चों को पुस्तक एवं पेन वितरित कर उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा से दूर हुए बच्चों को सहयोग और मार्गदर्शन देकर पुनः विद्यालय एवं शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल, एसडीएम सारंगढ़ उमेश कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी नरेश चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पीएम श्री स्कूल के शिक्षक, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
सौर ऊर्जा से बदली नेतराम पटेल की तस्वीर, बिजली बिल में हर माह करीब 2 हजार रुपए की बचत
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानियां अब गांव-गांव सामने आ रही हैं। ग्राम गोबरसिंहा निवासी किसान नेतराम पटेल के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केवल बिजली बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि हर माह होने वाली बचत के जरिए आर्थिक राहत का जरिया बन गई है। सौर ऊर्जा से घर की बिजली जरूरतें पूरी होने के साथ ही बिजली बिल में आई कमी का सीधा लाभ उनके कृषि कार्य में मिल रहा है।
नेतराम पटेल बताते हैं कि उनके घर पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर पैनल स्थापित होने से पहले हर महीने करीब 2200 से 2300 रुपए का बिजली बिल आता था। योजना का लाभ मिलने के बाद अब उनका मासिक बिजली बिल घटकर लगभग 250 से 300 रुपए रह गया है। इस तरह उन्हें हर महीने करीब 2 हजार रुपए की बचत हो रही है। नेतराम इस बचत राशि का उपयोग अपने कृषि कार्य में करते हैं, जिससे खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में उन्हें आर्थिक सहारा मिल रहा है।
नेतराम पटेल कहते हैं कि सौर ऊर्जा से बिजली की जरूरत पूरी होने के साथ ही नियमित बिजली खर्च में कमी आई है। पहले बिजली बिल के लिए हर महीने बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती थी, लेकिन अब वही राशि बचत के रूप में उनके पास रह रही है। उनके अनुसार इस योजना से उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है और खेती के काम में भी इसका लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से मिले इस बदलाव को अपने अनुभव के रूप में साझा करते हुए नेतराम पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। वे कहते हैं कि सरकार की ऐसी योजनाएं किसानों और आम परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर रही हैं। उन्होंने अन्य किसान भाइयों और नागरिकों से भी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने की अपील की है, ताकि बिजली खर्च में कमी के साथ परिवार की बचत भी बढ़ सके।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई नेतराम पटेल की यह कहानी बताती है कि शासन की योजनाएं जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचती हैं, तो उनका असर केवल योजना के लाभ तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बचत, आय और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता है।
’महतारी वंदन योजना बनी संबल’ : ’पति के साये के बिना भी संतोषी ने पाई आर्थिक स्वावलंबन की नई राह’
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के साल्हेवना गांव की रहने वाली संतोषी साहू के जीवन में ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘महतारी वंदन योजना’ उम्मीद की एक नई किरण लेकर आए हैं। पति स्वर्गीय खोलबहरा साहू के असामयिक निधन के बाद संतोषी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। परिवार के भरण-पोषण से लेकर बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक दैनिक संघर्ष बन गया था। सीमित संसाधनों और कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें अक्सर दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था।
राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ ने संतोषी के इस संघर्षपूर्ण जीवन को नई दिशा दी है। वर्ष 2024 से संतोषी को नियमित रूप से प्रतिमाह 1,000 रुपये (वार्षिक 12,000 रुपये) की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। यह राशि केवल एक आर्थिक मदद भर नहीं है, बल्कि इसने उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने का भरोसा दिया है।
महतारी वंदन योजना से आए इस बदलाव को साझा करते हुए संतोषी बताती हैं कि पहले घर के छोटे-मोटे खर्चों और बच्चों की प्राथमिक जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था या सोचना पड़ता था। इस योजना से हर महीने मिलने वाले पैसों ने मुझे एक नई ताकत दी है। अब मैं खुद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महसूस करती हूँ।हर महीने तय समय पर मिलने वाली इस सहायता से संतोषी न केवल अपने घरेलू खर्च आसानी से उठा पा रही हैं, बल्कि बच्चों की इच्छाएं पूरी करने और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम हुई हैं।
संतोषी साहू का यह बदलाव इस बात का जीवंत प्रमाण है कि किस प्रकार राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर असहाय और जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में स्वाभिमान और नए आत्मविश्वास का संचार कर रही हैं।
निराला परिवार ने नए घर में जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेशभर में लोगों ने अपने घरों और विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलित कर इस अभियान में सहभागिता की।
इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत भटगांव में निराला परिवार भी अभियान का हिस्सा बना। परिवार ने अपने नए पक्के मकान में दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया।
प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ घर का सपना
निराला परिवार के अनुसार, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला, जिसके माध्यम से उनके पक्के मकान का सपना पूरा हुआ। परिवार ने इसी खुशी और आभार के भाव के साथ अपने नए आवास में दीप प्रज्वलित किए।
परिवार का कहना है कि उनके लिए यह दीप केवल जन्मदिन के अवसर पर जलाया गया दीया नहीं, बल्कि अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी से भी जुड़ा है।
प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के प्रति जताया आभार
निराला परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति भी आभार व्यक्त किया। परिवार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए उन्हें अपने परिवार के लिए पक्का घर मिल सका।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेशभर में लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर दीप जलाए। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों के साथ चलाया जा रहा है।
ब्रह्माकुमारीज़ जन्माष्टमी झांकि प्रेस न्यूज एंड फोटोज
"एक रिश्ता—जो जीवन बदल दे…” थीम पर श्री कृष्ण की दिव्य झांकी कर रही सभी को आकर्षित...
खैर लकड़ी तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी के घर से 81 लाख कैश बरामद
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव में कथित अवैध खैर लकड़ी परिवहन और फर्जी NOC के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान में विधिवत सर्च वारंट के आधार पर तलाशी ली। इस दौरान पुलिस को करीब 81 लाख रुपये की नगद रकम बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक, मकान से 500-500 रुपये के नोटों की कुल 162 गड्डियां मिलीं। प्रत्येक गड्डी में 100 नोट होने के हिसाब से कुल 16,200 नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने नगद रकम को विधिवत जब्त कर लिया है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन में फर्जी NOC का आरोप
मामला पिथौरा वन परिक्षेत्राधिकारी के आवेदन के आधार पर दर्ज किया गया है। आरोप है कि करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए NTPs/NOC में कूटरचना कर धोखाधड़ी की गई।
महासमुंद पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) सहित अन्य संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की है। इसके अलावा भारतीय वन अधिनियम की धारा 42(1), 41(2)(ख)(घ) और 52(1) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
81 लाख की रकम पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरू
पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर से बरामद 81 लाख रुपये की रकम के संबंध में धारा 107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी प्रारंभ की गई है। बरामद रकम को जांच के महत्वपूर्ण बिंदु के तौर पर देखा जा रहा है।
महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई के बाद खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी दस्तावेजों के पूरे नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध परिवहन के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और फर्जी NOC तैयार करने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
वन विभाग की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
मामले में इतनी बड़ी मात्रा में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन को लेकर स्थानीय स्तर पर वन विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वन विभाग की संलिप्तता के संबंध में फिलहाल कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
महासमुंद पुलिस का कहना है कि वनोपज के अवैध परिवहन और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई जारी है। 81 लाख रुपये की बरामदगी के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
शिक्षक दिवस पर राजभवन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ की शिक्षिका प्रियंका गोस्वामी सम्मानित
सारंगढ़ । शिक्षक दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित राजभवन में आयोजित समारोह में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, साहित्य और तकनीक के समन्वय से उल्लेखनीय कार्य करने के लिए वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया गया। राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सारंगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला दहिदा की प्रधान पाठक श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को प्रशस्ति पत्र, शाल एवं चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पूर्व उन्हें राज्यपाल शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
श्रीमती प्रियंका गोस्वामी नवाचार को शिक्षण का प्रभावी माध्यम बनाकर बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को सहज, रोचक और अनुभव आधारित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वे विशेष रूप से कक्षा में अपेक्षाकृत कमजोर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत हैं। साहित्य को शिक्षा से जोड़ते हुए उन्होंने गीत, कविता, कहानी, नाटक और कठपुतली कला जैसे रचनात्मक माध्यमों का उपयोग किया है, जिससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि के साथ उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता भी विकसित हो रही है।
बच्चों की शिक्षा के साथ उनके पोषण और समग्र विकास को भी उन्होंने अपने शिक्षकीय दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। अधिक से अधिक न्योता भोजन कराने के लिए प्रेरित करने के साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए समय-समय पर निःशुल्क भोजन सामग्री की व्यवस्था की है। पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने के साथ उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से निःशुल्क समर कैंप आयोजित कर अध्यापन कार्य भी किया है।
तकनीक आधारित शिक्षण के क्षेत्र में भी श्रीमती गोस्वामी ने उल्लेखनीय पहल की है। वे दीक्षा एप और स्टोरीवीवर जैसे डिजिटल माध्यमों के साथ ऑडियो बुक, पॉडकास्ट और स्मार्ट कक्षा का उपयोग कर बच्चों को पढ़ाती हैं। ब्लॉगिंग और रिपोर्टिंग जैसी गतिविधियों को भी उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा है। इसके साथ ही कैरियर काउंसिलिंग, समय प्रबंधन और रोजगारमूलक शिक्षा जैसे समसामयिक विषयों पर भी वे निरंतर प्रशिक्षण देती रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों का विस्तार अध्ययन और शोध तक भी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में ‘सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्राथमिक शिक्षा में कार्यात्मक परिवर्तन’ विषय पर शोध पत्र लिखकर प्राथमिक शिक्षा में हो रहे बदलावों पर अपना चिंतन प्रस्तुत किया है। बच्चों के हित में उन्होंने ‘प्रारंभिक बाल्यावस्था, देखभाल और शिक्षा’ नामक पुस्तक का लेखन भी किया है। शिक्षा, साहित्य, तकनीक और संवेदनशीलता को एक साथ जोड़ने वाले उनके इन्हीं उल्लेखनीय प्रयासों के लिए उन्हें गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया गया है।
शिक्षक परिवार में मिली शिक्षा और साहित्य की प्रेरणा
श्रीमती प्रियंका गोस्वामी का जन्म सारंगढ़ के शिक्षक रामपुरी गोस्वामी एवं शिक्षिका श्रीमती कुन्ती गोस्वामी के परिवार में हुआ। छात्र जीवन से ही मेधावी रहीं श्रीमती गोस्वामी की प्रारंभिक शिक्षा सारंगढ़ में हुई। उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिन्दी साहित्य एवं अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से डी.एड. तथा पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय से बी.एड. की उपाधि प्राप्त की। उनका विवाह सारंगढ़ निवासी व्यवसायी भीम गिरी गोस्वामी से हुआ है। उनकी एकमात्र संतान प्रथम गिरी गोस्वामी अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
जिले के लिए गौरव का क्षण
शिक्षिका श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को मिले इस प्रतिष्ठित सम्मान पर जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू एवं पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जिले की शिक्षिका की यह उपलब्धि पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गौरव का विषय है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचारपूर्ण कार्य जिले के अन्य शिक्षकों को भी बेहतर और रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
बिहान से बदली राह, 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की कहानी
सारंगढ़–बिलाईगढ़ । बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत रिसोरा में खेतों की हरियाली के साथ अब ग्रामीण महिलाओं के सपनों में भी नई उम्मीदें दिखाई दे रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी 35 महिला किसानों ने एकजुट होकर न केवल सामूहिक खेती की नई मिसाल कायम की, बल्कि 600 क्विंटल सब्जियों का उत्पादन कर करीब 6 लाख रुपए की आय अर्जित की है। कभी अलग-अलग अपने खेतों में मेहनत करने वाली ये महिलाएं अब ‘उजाला उत्पादक समूह’ के रूप में एक साथ आगे बढ़ रही हैं।
वर्ष 2025 में गठित उजाला उत्पादक समूह में ग्राम पंचायत रिसोरा की 35 महिला किसान शामिल हुईं। समूह बनाने का उद्देश्य सिर्फ एक साथ खेती करना नहीं था, बल्कि सामूहिक प्रयास के जरिए लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और अपनी उपज का बेहतर बाजार तलाशना था। बिहान योजना ने महिलाओं को इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया और समूह की दीदियों ने इसे अपनी मेहनत और सामूहिक सोच से सफलता में बदल दिया।
समूह के गठन के बाद महिलाओं को कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय सहयोग भी मिला। क्लस्टर से 50 हजार रुपए की स्टार्टअप राशि तथा सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध हुआ। कुल 2 लाख रुपए की शुरुआती पूंजी को आधार बनाकर महिलाओं ने इस वर्ष अपने खेतों में लौकी, करेला और खीरा की वैज्ञानिक तकनीक से खेती शुरू की।
इसके बाद खेतों में मेहनत का ऐसा परिणाम सामने आया कि समूह की महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान खिल उठी। लौकी की 250 क्विंटल, करेला की 250 क्विंटल और खीरा की 100 क्विंटल पैदावार हुई। इस तरह उजाला उत्पादक समूह की दीदियों ने कुल 600 क्विंटल सब्जियों का उत्पादन किया। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि 35 परिवारों की मेहनत, सामूहिक एकजुटता और बदलती सोच का परिणाम है।
इस सफलता में एक और महत्वपूर्ण बदलाव तब आया, जब समूह की महिलाओं ने अपनी उपज को बिचौलियों के भरोसे छोड़ने के बजाय सीधे थोक बाजार तक पहुंचाने का निर्णय लिया। सामूहिक रूप से बाजार से जुड़ने से उन्हें अपनी फसल का बेहतर और उचित मूल्य प्राप्त हुआ। सब्जियों की बिक्री से समूह की वर्तमान कुल आय करीब 6 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
बिहान से जुड़ने के बाद इन महिला किसानों के लिए खेती अब केवल पारंपरिक आजीविका का साधन नहीं रही, बल्कि यह सामूहिक उद्यम का रूप ले चुकी है। एक-दूसरे के अनुभव साझा करना, खेती की बेहतर तकनीक अपनाना, उत्पादन पर नजर रखना और बाजार तक सामूहिक पहुंच बनाना उनकी कार्यप्रणाली का हिस्सा बन गया है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की अवधारणा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार, कृषि आधारित गतिविधियों और बाजार से जोड़ने का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, मैदानी स्तर पर मार्गदर्शन और सतत् मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे और आजीविका गतिविधियां स्थायी आय का माध्यम बनें। उजाला उत्पादक समूह की सफलता इसी दिशा में हो रहे प्रयासों का प्रभावी उदाहरण है।
आज रिसोरा की 35 महिला किसान केवल अपने खेतों में सब्जियां नहीं उगा रहीं, बल्कि सामूहिकता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई फसल भी तैयार कर रही हैं। बिहान से मिली राह और अपनी मेहनत के दम पर इन दीदियों ने साबित कर दिया है कि जब महिलाएं एकजुट होकर आगे बढ़ती हैं, तो खेतों की उपज के साथ परिवार की खुशहाली और गांव की अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ती है।
खेतों से मशरूम उत्पादन तक… मिथिला दीदी ने मेहनत से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कभी परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए पारंपरिक कृषि पर निर्भर रहने वाली बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला दीदी ने अपनी मेहनत, सूझबूझ और सही अवसर का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की ऐसी राह चुनी, जिसने उनके परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल दी। खेतों में पारंपरिक खेती से शुरू हुआ उनका सफर आज मशरूम उत्पादन के सफल व्यवसाय तक पहुंच चुका है। अब वे अपने घर से ही मशरूम का उत्पादन कर हर महीने करीब 50 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
आर्थिक चुनौतियों के बीच परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहीं मिथिला दीदी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अतिरिक्त आय का साधन तलाशना था। सीमित आमदनी में घर का खर्च चलाना आसान नहीं था। ऐसे समय में उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय कुछ नया करने का निर्णय लिया। अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्हें सामूहिकता की ताकत मिली और सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से वित्तीय सहयोग का रास्ता खुला।
मिथिला नायक दीदी ने मशरूम उत्पादन शुरू करने के लिए सखी क्लस्टर संगठन से 1 लाख 20 हजार रूपए का ऋण लिया, जबकि 30 हजार रुपए की अपनी बचत लगाई। इस तरह कुल 1 लाख 50 हजार रुपए की शुरुआती पूंजी से उन्होंने मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया। शुरुआत में यह उनके लिए नया अनुभव था, लेकिन मेहनत, सीखने की ललक और लगातार प्रयास ने जल्द ही इस काम को एक सफल आजीविका गतिविधि में बदल दिया।
मशरूम उत्पादन के साथ मिथिला दीदी की मेहनत रंग लाई। उत्पादन बढ़ा तो बाजार भी मिला और आमदनी में लगातार वृद्धि होने लगी। आज वे अपने उत्पाद को स्थानीय बाजार में बेचकर लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं। मिथिला दीदी की कड़ी मेहनत और उनके आय स्रोत की कहानी आज सबकी बीच में चर्चा और प्रेरणा स्त्रोत बन रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की अवधारणा को गांवों तक पहुंचाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दे रही है। शासन की योजनाओं और आजीविका गतिविधियों का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ सतत् मॉनिटरिंग और मैदानी स्तर पर मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़कर स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध अवसरों के आधार पर नए उद्यम खड़े कर रही हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सड़क हादसा: पिकअप पलटने से 15 घायल, 3 गंभीर
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सलिहा थाना क्षेत्र में एक बार फिर सड़क हादसा सामने आया है। परसापाली मोड़ के पास एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में करीब 15 महिला-पुरुष घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। घायलों में तीन लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
दशगात्र कार्यक्रम से लौट रहे थे सभी
जानकारी के मुताबिक, सभी लोग एक ही पिकअप वाहन में सवार होकर बसना के बेहरदबरी गांव में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सभी वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान परसापाली मोड़ के पास अचानक पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे की सूचना मिलते ही सलिहा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां सभी घायलों का उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों की स्थिति पर चिकित्सकों द्वारा नजर रखी जा रही है।
फिलहाल पिकअप वाहन किस वजह से अनियंत्रित हुआ, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। सलिहा पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
डिजिटल रफ्तार : सेवा सेतु पोर्टल से 48 घंटे में मिला विवाह प्रमाण पत्र
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की सोच के अनुरूप छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कारीमाठि, सरिया, विकासखंड बरमकेला निवासी सुनील कुमार सिदार एवं जलकुंवर सिदार को विवाह के बाद आवश्यक विवाह प्रमाण पत्र सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से महज 48 घंटे में प्राप्त हुआ।
सुनील कुमार सिदार एवं जलकुंवर सिदार का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के बाद प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने और प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर दोनों चिंतित थे। इसी दौरान एक मित्र ने उन्हें सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने घर बैठे ही विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया।
सेवा सेतु पोर्टल पर विवाह पंजीकरण सेवा का चयन कर ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन के साथ विवाह की तस्वीर, निमंत्रण पत्र, वर-वधू के आधार कार्ड तथा गवाहों के पहचान संबंधी दस्तावेज डिजिटल रूप से अपलोड किए गए। आवेदन जमा होते ही पावती संख्या प्राप्त हुई, जिसके माध्यम से आवेदन की स्थिति की जानकारी भी आसानी से ली जा सकी।
जिला प्रशासन द्वारा डिजिटल माध्यम से प्राप्त आवेदन के सत्यापन और निराकरण की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया गया। संबंधित विवाह पंजीयक कार्यालय द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन स्वीकृत किया गया और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित विवाह प्रमाण पत्र डाउनलोड करने का लिंक भेजा गया।
आवेदन करने के महज 48 घंटे के भीतर सुनील कुमार सिदार एवं जलकुंवर सिदार को विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण उन्हें प्रमाण पत्र के लिए बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए किसी बिचौलिए की सहायता भी नहीं ली गई और न ही अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा।
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेने वाले नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, दस्तावेजों को डिजिटल रूप से जमा करने की व्यवस्था और आवेदन की स्थिति की जानकारी मिलने से लोगों को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी घर बैठे मिल रही है। इसके चलते पोर्टल पर विभिन्न सेवाओं के लिए लगातार ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की सेवाओं को आम नागरिकों के लिए सहज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा भी डिजिटल माध्यम से प्राप्त आवेदनों के त्वरित सत्यापन और निराकरण की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह पंजीकरण सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड, आवेदन की स्थिति की जानकारी, सत्यापन और डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
कच्ची छत से पक्के आशियाने तक पहुंचा परिवार, प्रधानमंत्री आवास ने बदली सहोदरा की जिंदगी
बिलाईगढ़ विकासखंड के धनसीर में वर्षों की परेशानी हुई दूर, अब पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा परिवार
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कभी कच्ची दीवारों और टपकती छत के बीच परिवार की सुरक्षा की चिंता करने वाली ग्राम पंचायत धनसीर की सहोदरा पति लक्ष्मण अब अपने पक्के घर में सुकून के साथ जीवन-यापन कर रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वर्षों से पक्के मकान का सपना उनके परिवार के लिए पूरा कर पाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत होने के बाद परिवार का यह सपना पूरा हुआ और उन्हें सुरक्षित आशियाना मिल सका।
बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम धनसीर निवासी सहोदरा का परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दिनों में घर की छत से पानी टपकने और कच्ची दीवारों के कमजोर होने की चिंता बनी रहती थी। मौसम खराब होने पर परिवार की परेशानी और बढ़ जाती थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार स्वयं पक्का मकान बनाने की स्थिति में नहीं था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास की स्वीकृति उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और सहोदरा के परिवार को पक्का मकान मिल गया। अब परिवार बारिश के दिनों में छत टपकने या कच्ची दीवारों के कमजोर होने की चिंता से मुक्त है। पक्के मकान के साथ परिवार को शौचालय, गैस कनेक्शन और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी लाभ मिला है, जिससे रोजमर्रा के जीवन में सुविधा बढ़ी है।
“पहले बारिश में घर को लेकर बहुत चिंता रहती थी, अब पक्के घर में सुकून है”
सहोदरा बताती हैं कि कच्चे मकान में रहने के दौरान सबसे अधिक परेशानी बरसात के समय होती थी। छत से पानी टपकने और घर की स्थिति खराब होने से परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने स्तर पर पक्का मकान बनवाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना पूरा हो गया।
वह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताती हैं कि शासन की योजना से उनके परिवार को पक्का और सुरक्षित घर मिल सका। अब उनका परिवार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और बरसात के दौरान घर की चिंता नहीं रहती।
आवास मिलने के साथ सहोदरा के परिवार को शौचालय, गैस कनेक्शन और बिजली जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिला है। पक्के मकान में इन मूलभूत सुविधाओं के उपलब्ध होने से परिवार के दैनिक जीवन में सहूलियत बढ़ी है। वर्तमान में सहोदरा का परिवार ग्राम धनसीर में अपने पक्के मकान में निवास कर रहा है।
अनावश्यक रूप से कोई भी आवेदन लंबित न रहे : कलेक्टर
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से सीधे बात कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें और आवेदनों का आवेदक की संतुष्टि के साथ निराकरण करें। कलेक्टर ने सभी विभागों में लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनावश्यक रूप से कोई भी आवेदन लंबित न रहे। निर्धारित समय- सीमा में प्रकरणों का निराकरण करते हुए इसकी नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे भवन एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों से निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा जिन कार्यों में अपेक्षित गति नहीं है, वहां मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया।कलेक्टर ने पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों को फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले वाहनों की नियमित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नियमों का पालन हो और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी, जिले के सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विभागीय योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करने सांसद श्रीमति कमलेश जांगड़े ने दिए निर्देश
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया और जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रगति और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की विभागवार प्रगति एवं उनके क्रियान्वयन की जानकारी सांसदों और समिति के सदस्यों को दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
ग्रामीण विकास और रोजगार के कार्यों पर विशेष ध्यान
बैठक में विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की जानकारी जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मजदूरी एवं सामग्री मद की राशि प्राप्त हो चुकी है तथा स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं विकास से जुड़े कार्यों को गति देने के साथ ही लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर भी जिला प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा है।
किसानों और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ
कृषि विभाग द्वारा जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं, निर्धारित लक्ष्यों और किसानों को मिल रहे लाभ की जानकारी दी गई। जिला प्रशासन द्वारा कृषि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पशु चिकित्सा विभाग की योजनाओं एवं उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान सांसद कमलेश जांगड़े ने नल-जल योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए शेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के कार्यों की सतत निगरानी कर उन्हें समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया गया।
आंगनबाड़ी एवं पोषण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण व्यवस्था, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने आवश्यकतानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों के सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्यवाही करने तथा बच्चों को बेहतर एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार हो रहा विस्तार
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव ने मातृ स्वास्थ्य सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों के परिणामस्वरूप अब तक 168 गांवों को टीबी मुक्त गांव घोषित किया जा चुका है।
जिला अस्पताल सारंगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और बेहतर उपचार व्यवस्था का लाभ लोगों को मिल रहा है। जिला अस्पताल में 33 हजार से अधिक ओपीडी दर्ज की जा चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में 6 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। दिशा समिति के सदस्यों ने स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर उपचार एवं सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना की।
शिक्षा, आवास, सड़क और नगरीय विकास की भी समीक्षा
शिक्षा विभाग द्वारा पोषण शक्ति निर्माण योजना, न्योता भोजन सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही भू-अभिलेख एवं स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, समाज कल्याण विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खाद्य विभाग, मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई।
नगरीय निकायों में संचालित विकास कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की भी जानकारी दी गई। विद्युत, सांख्यिकी, श्रम एवं खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान श्रम विभाग द्वारा जिले में 94 हजार से अधिक श्रमिकों के पंजीयन की जानकारी दी गई।
योजनाओं के प्रचार-प्रसार से बढ़ेगा लाभ
सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र लोगों को उनका लाभ मिल सके।
रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ नया जिला है और यहां संसाधन अभी सीमित हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को अपने कार्यों को और बेहतर तरीके से करते हुए योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, सदस्य दिनेश जांगड़े, नगर पंचायत अध्यक्ष सरिया कमलेश अग्रवाल, पवनी कुलदीप साहू, जनपद पंचायत सारंगढ़ अध्यक्ष ममता ठाकुर, बरमकेला अध्यक्ष विद्या चौहान सहित जिले के कई सरपंच, जनप्रतिनिधि, दिशा समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बेटी रीमा राय को मिला शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । जिले के लिए गर्व का क्षण है कि नगर पंचायत बरमकेला की होनहार बेटी व सॉफ्टटेनिस खिलाड़ी रीमा राय को राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मान राज्य खेल अलंकरण (शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार 2025-26) से सम्मानित किया गया है। वह रामप्रसाद राय की बेटी हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर 29 अगस्त को राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 का सम्मान मिला है।
समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,उप मुख्यमंत्री तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद द्वय बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल ने मंच से रीमा राय को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
खिलाड़ी रीमा ने सॉफ्ट टेनिस में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले का नाम रोशन हुआ है। पिछले 10 वर्षो से सॉफ्ट टेनिस खेल रही है। साथ ही राष्ट्रीय पदक विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। रीमा की सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान बरमकेला क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और खेल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।