छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
सारंगढ़ नगरपालिका टीम का सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध अभियान
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । नगरपालिका परिषद सारंगढ़ द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नगर क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट, किराना एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, एवं शासन द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक समझाइश दी गई। प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री का उपयोग एवं विक्रय न करने की सख्त हिदायत दी गई तथा कपड़े, जूट एवं अन्य पर्यावरण- अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई एवं जुर्माना वसूला गया। सभी व्यापारियों को भविष्य में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण एवं विक्रय न करने की चेतावनी दी गई। नगरपालिका परिषद सारंगढ़ द्वारा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से भी अपील की जाती है कि वे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करें तथा स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त सारंगढ़ बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
लोगों के द्वारा फेंके गये प्लास्टिक सहित खाद्य पदार्थ खाकर गाय की जा रही जान
पशुधन विकास विभाग के द्वारा किए गए अब तक के ऑपरेशन में यह बात आई हैं कि लोगों के द्वारा फेंके गये प्लास्टिक सहित खाद्य पदार्थ खाकर गायवंशजों की जान जा रही है। लोग खाद्य पदार्थ को कागज में या अन्य जैविक दोना पत्तल में फेकेंगे तो गायवंशजों के जान नही जाएगी। सार्वजनिक जगहों में फेंके गए इन प्लास्टिक सहित खाद्य पदार्थ को गायवंशज खाते है जो पेट में इकट्ठा होकर पशु को बीमार करते हैं।
खाद्य एवं औषधि विभाग ने किया खाद्य पदार्थो की जांच
सारंगढ बिलाईगढ, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन में खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा सारंगढ़ और बिलाईगढ़ ब्लॉक के विभिन्न खाद्य परिसरों का निरीक्षण किया गया तथा शंका के आधार पर गुणवत्ता जांच हेतु विभिन्न खाद्य पदार्थो का नमूना संग्रहण कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला प्रेषित किया गया। इस दौरान व्यापारियों के साथ आम जनता को भी खाद्य खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत जानकारी दिया गया तथा बच्चों के पोषण स्वास्थ्य के मद्देनजर स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन का निरीक्षण किया गया और छात्र छात्राओं व छोटे बच्चों को खाने पीने से संबंधित आदत व्यवहार के बारे मे बताया गया।
स्कूल शिक्षा विभाग से अपील की गई है कि समस्त मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े महिला स्व सहायता समूह का पोषण निगरानी हेतु खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य पंजीयन कराएं। खाद्य एवं औषधि विभाग के जांच दल मे अभिहित अधिकारी भारत भूषण पटेल, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेमीचंद पटेल व खाद्य सुरक्षा अधिकारी वरुण पटेल शामिल रहें।
नेशनल अवॉर्ड से बढ़ा रामनामी समाज का मान, सम्मान समारोह में सजी गौरव की तस्वीर
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । रामनामी समाज पर बनी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री की उपलब्धि का जश्न मनाते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरसीवां स्थित मार्को सिनेप्लेक्स में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा तथा जनप्रतिनिधियों ने रामनामी समाज के प्रतिनिधियों को शॉल और रामचरितमानस भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त रामनामी समाज पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का विशेष प्रदर्शन भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि रामनामी समाज की परंपरा और संस्कृति पर बनी डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री (बेस्ट डॉक्यूमेंट्री) का सम्मान मिलना पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली है।
वहीं, रामनामी समाज के सचिव गुलाराम रामनामी ने इस सम्मान को पूरे समाज और छत्तीसगढ़ की उपलब्धि बताया। उन्होंने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामनामी परंपरा केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि नशामुक्ति, सामाजिक सद्भाव और जाति-भेद से ऊपर उठकर मानवता का संदेश देने वाली विरासत है। उन्होंने लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
समारोह में समाज के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
महानदी तट पर बसे गांव के ग्रामीणों के लिए बाढ़ अलर्ट जारी
कलेक्टर ने आवश्यक राहत बचाव व्यवस्था के लिए अधिकारियो को निर्देश दिए
सारंगढ़ बिलाईगढ़ ।रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) के गेट खोले जाने से महानदी का जल स्तर बढ़ेगा, जिसे ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने सोशल मीडिया में जानकारी दी कि, छत्तीसगढ़ सरकार ने ओड़िशा सरकार से हीराकूद डेम के गेट खोलने के लिए बातचीत और अन्य सरकारी पत्राचार की है।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने आवश्यक राहत बचाव व्यवस्था के लिए अधिकारियो को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के ऐसे गांव जो महानदी किनारे बसे हैं, जहाँ जल भराव, बाढ़ की सम्भावना है वहां कोटवार के माध्यम से मुनादी कर लोगों को अलर्ट रहने और गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की जानकारी देने के निर्देश दी हैं। इसी प्रकार उचित स्थान में ग्रामीणों और उनके मवेशियों को शिफ्ट करने, रहने, पेयजल, भोजन व्यवस्था आदि के लिए सरपंच सचिव, तहसीलदार, फूड ऑफिसर, सीईओ जनपद आदि को तत्काल समन्वय से सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
कश्मीर में आतंकी हमला: सारंगढ़ के मजदूर की हत्या, गांव में पसरा मातम
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ वनांचल स्थित ग्राम छुइया निवासी मजदूर भूपेंद्र भैना की हत्या कर दी गई। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, भूपेंद्र भैना करीब तीन से चार महीने पहले अपनी पत्नी के साथ रोजी-रोटी की तलाश में कश्मीर गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण वे मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके माता-पिता और छोटा भाई भी रोजगार के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करते हैं।
भूपेंद्र का एक छोटा बच्चा गांव में अपनी दादी और बुआ के साथ रहता है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, मासूम बच्चे को अभी तक यह नहीं बताया गया है कि उसके पिता अब कभी घर नहीं लौटेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, भूपेंद्र के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कश्मीर में ही किए जाने की चर्चा है। हालांकि, परिजन और ग्रामीण उनकी अंतिम विदाई पैतृक गांव में हो, इसके लिए शव को छत्तीसगढ़ लाने की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और पार्थिव शरीर को गृहग्राम लाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
बिना लाइसेंस के चल रहे सहयोग ब्लड सेंटर सारंगढ़ की सामग्री जब्त
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । सीडीएससीआई मुंबई तथा खाद्य एवं औषधी प्रशासन रायगढ़ की संयुक्त जांच टीम ने शिकायत के आधार पर गत बुधवार को सहयोग ब्लड सेंटर, सारंगढ़ में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने पाया कि केंद्र में आवश्यक निर्माण लाइसेंस (मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस) के बिना ही ब्लड कंपोनेंट का निर्माण एवं विक्रय किया जा रहा था। प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सामग्री को जब्त कर लिया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक औषधी नियंत्रक ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संयुक्त टीम ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान संबंधित सामग्री को नियमानुसार जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के बाद न्यायालय में प्रस्तुत होगा मामला
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपूर्ण प्रकरण आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के साथ माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन ने कहा है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। जिले में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों, ब्लड सेंटरों एवं औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी तथा शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
योजनाओं का लाभ लेने किसानगण एग्रीस्टेक में पंजीयन जरूर कराएं : कलेक्टर
भूमिधारक एवं संयुक्त खातेदार किसानों से शीघ्र एग्रीस्टेक पंजीयन कराने कलेक्टर की अपील
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जिले के सभी किसानों से अपील किया है कि वे भारत सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक (फार्मर रजिस्ट्री ) योजना के अंतर्गत अपना पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल किसान आईडी है, जिसमें भूमि, फसल एवं अन्य आवश्यक कृषि संबंधी जानकारी सुरक्षित रहती है। भविष्य में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ इसी किसान आईडी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा, इसलिए पंजीयन जरूर करें।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में एग्रीस्टेक पंजीयन का कार्य निरंतर प्रगति पर है, जो किसान वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र नहीं हैं, यदि वे भूमिधारक हैं, तब भी उनके लिए एग्रीस्टेक कराना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से संयुक्त खातेदार (जॉइंट ख़ाता ) किसानों से अपील करते हुए कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार संयुक्त खाते के सभी भूमिधारक सदस्यों का एग्रीस्टेक होना आवश्यक है। यदि संयुक्त खाते के किसी भी सदस्य का एग्रीस्टेक नहीं होगा, तो धान विक्रय में भी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टेक महत्वपूर्ण होगा। इसलिए किसान अंतिम समय की प्रतीक्षा न करें और अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग, पटवारी, संबंधित सहकारी समिति अथवा निकटतम लोक सेवा केंद्र (सीएससी) में जाकर अपना पंजीयन अवश्य कराएं। कलेक्टर ने जिले के सभी किसान भाई-बहनों से समय रहते एग्रीस्टेक पंजीयन पूर्ण कराने की अपील करते हुए कहा कि इससे शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं एवं धान उपार्जन का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त किया जा सकेगा तथा जिले में डिजिटल कृषि व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
माधोपाली रेस्क्यू: कार में एक-दूसरे का हाथ थामे मिले पति-पत्नी, गोताखोर की आंखें भी हुईं नम
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के माधोपाली लात नाले में बही कार को बाहर निकालने वाले पंजाब के प्रसिद्ध गोताखोर आशु मालिक ने रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ा बेहद भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कार का पता तो महज 10 मिनट में चल गया था, लेकिन तेज बहाव, गंदे पानी और गहराई में फंसी होने के कारण उसे बाहर निकालने में 7 से 8 घंटे की कठिन मशक्कत करनी पड़ी।
आशु मालिक ने बताया कि इस रेस्क्यू अभियान का सबसे भावुक क्षण तब सामने आया, जब कार के भीतर पति-पत्नी एक-दूसरे का हाथ थामे हुए मिले। इस दृश्य ने पूरी रेस्क्यू टीम को भावुक कर दिया और कई सदस्यों की आंखें नम हो गईं।
उन्होंने कहा कि अपने लंबे करियर में वे अब तक 10 हजार से अधिक रेस्क्यू अभियान चला चुके हैं, जबकि उनकी टीम ने 70 हजार से ज्यादा रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे किए हैं। इसके बावजूद माधोपाली लात नाले का यह अभियान उनके जीवन के सबसे भावुक और यादगार रेस्क्यू में से एक बन गया।
गोताखोर आशु मालिक ने बताया कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने पूरी सतर्कता और धैर्य के साथ अभियान चलाकर कार को बाहर निकाला। इस घटना ने न केवल रेस्क्यू टीम बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को भी भावुक कर दिया है।
CMHO कार्यालय के पास चल रहा था बड़ा खेल! बिना लाइसेंस ब्लड कंपोनेंट निर्माण का भंडाफोड़
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुंबई की CDSCO और रायगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने सारंगढ़ स्थित सहयोग ब्लड सेंटर पर छापेमार कार्रवाई कर बिना वैध मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के ब्लड कंपोनेंट का निर्माण और विक्रय किए जाने का खुलासा किया है।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि ब्लड सेंटर में आवश्यक लाइसेंस के बिना ही ब्लड कंपोनेंट तैयार कर सप्लाई किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके से संबंधित सामग्री जब्त कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित ब्लड सेंटर CMHO कार्यालय से महज कुछ कदम की दूरी पर एक निजी अस्पताल परिसर में संचालित हो रहा था। इसके बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सारंगढ़ में एक मेडिकल स्टोर से नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा बाहरी जांच एजेंसियों द्वारा पकड़ा गया था। लगातार बाहरी टीमों की कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और निरीक्षण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CMHO कार्यालय के पास चल रहा था बड़ा खेल! बिना लाइसेंस ब्लड कंपोनेंट निर्माण का भंडाफोड़
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुंबई की CDSCO और रायगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने सारंगढ़ स्थित सहयोग ब्लड सेंटर पर छापेमार कार्रवाई कर बिना वैध मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के ब्लड कंपोनेंट का निर्माण और विक्रय किए जाने का खुलासा किया है।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि ब्लड सेंटर में आवश्यक लाइसेंस के बिना ही ब्लड कंपोनेंट तैयार कर सप्लाई किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके से संबंधित सामग्री जब्त कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित ब्लड सेंटर CMHO कार्यालय से महज कुछ कदम की दूरी पर एक निजी अस्पताल परिसर में संचालित हो रहा था। इसके बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सारंगढ़ में एक मेडिकल स्टोर से नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा बाहरी जांच एजेंसियों द्वारा पकड़ा गया था। लगातार बाहरी टीमों की कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और निरीक्षण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना लाइसेंस के चल रहे सहयोग ब्लड सेंटर सारंगढ़ की सामग्री जब्त
सारंगढ़ बिलाईगढ़, । सीडीएससीआई मुंबई तथा खाद्य एवं औषधी प्रशासन रायगढ़ की संयुक्त जांच टीम ने शिकायत के आधार पर गत बुधवार को सहयोग ब्लड सेंटर, सारंगढ़ में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम ने पाया कि केंद्र में आवश्यक निर्माण लाइसेंस (मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस) के बिना ही ब्लड कंपोनेंट का निर्माण एवं विक्रय किया जा रहा था। प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सामग्री को जब्त कर लिया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक औषधी नियंत्रक ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संयुक्त टीम ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान संबंधित सामग्री को नियमानुसार जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के बाद न्यायालय में प्रस्तुत होगा मामला
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपूर्ण प्रकरण आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के साथ माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन ने कहा है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। जिले में संचालित स्वास्थ्य संस्थानों, ब्लड सेंटरों एवं औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी तथा शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं
अधिकारियों को आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू द्वारा प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनदर्शन कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें सुनी गईं। जनदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
जनदर्शन के आवेदन में ग्राम पंचायतों से संबंधित शिकायत एवं मांग, विद्युत, स्कूल शिक्षा राशन दुकान, पेंशन, मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) में नाम संशोधन, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, महतारी वंदन योजना तथा सड़क निर्माण की मांग से जुड़े थे।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में जिला स्तरीय सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का नियमित अनुश्रवण करते हुए शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंच सके।
आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 29 जुलाई
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । एकीकृत बाल विकास परियोजना बरमकेला के ग्रामीण क्षेत्रांतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु आंगनबाड़ी केन्द्र छोटे आमाकोनी, मुंगलीपाली एवं मेहरपारा का प्रकाशित अनंतिम मूल्यांकन पत्रक में जिस किसी अभ्यर्थी आवेदिकाओं को किसी प्रकार का कोई दावा आपत्ति हो तो वे 29 जुलाई 2026 तक ऑनलाईन माध्यम से अपना दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है।
उल्लेखनीय है कि इन रिक्त पदों की पूर्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये थे। प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन समिति द्वारा सूक्ष्म परीक्षण उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक तैयार किया जाकर दावा आपत्ति हेतु प्रकाशन किया जा रहा है। दावा आपत्ति में किसी भी प्रकार के नवीन दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जायेगा, केवल कार्यालयीन स्तर से हुई लिपिकीय त्रुटि पर दावा आपत्ति मान्य होगा।
कलेक्टर के सख्त निर्देश, जेजेएम मिशन कार्य पंचायत को सुपुर्द के बाद मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी
जेजेएम और हर घर जल के कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश
सारंगढ़ बिलाईगढ़।कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट में सोमवार को जल जीवन मिशन अंतर्गत बिलाईगढ़ ब्लॉक में हर घर नल कनेक्शन के कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों और सरपंच, सचिव, ठेकेदारों का एक साथ बैठक लेकर जेजेएम के पानी टंकी, पाइप लाइन, हर घर नल कनेक्शन के कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और पाइप बिछाने, सीसीरोड बनाने, स्टीमेट अनुसार कार्य पूर्ण करने, ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने, जहाँ जरूरत वहां हाइड्रो बोर करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर को जानकारी मिला कि, मधबनकला गांव में ग्रामीण नल कनेक्शन जाने नहीं दे रहे, तो कलेक्टर ने सीईओ जनपद और एसडीएम को ग्रामीणों को समझाने के निर्देश दिए कि पेयजल उसी गांव के लोगों के लिए है। वहीं एक अन्य गांव में पंचायत या स्कूल आदि सरकारी बोर, बोरिंग से पानी टंकी तक नल कनेक्शन जोड़ने के कार्य में ग्रामीणों द्वारा बाधा उत्पन्न किया जा रहा तो, कलेक्टर ने कहा सभी सरकारी बोर बोरिंग विभाग भले अलग हो लेकिन लोगों के पेयजल का कार्य किया जाएगा और जो कोई व्यक्ति या समूह इस महत्वकांक्षी योजना में बाधा उत्पन्न करेंगे उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही करने एसडीएम को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने इस बैठक में अनुपस्थित सरपंच, सचिव और ठेकेदारों को नोटिस देने के निर्देश दिए, वहीं समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम प्रफुल्ल रजक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन अभियंता रमाशंकर कश्यप, ब्लॉक अधिकारी बी एल खरे, सीईओ जनपद पंचायत बिलाईगढ़ योगेश्वरी बर्मन, विद्युत अधिकारी प्रकाश महानंदा, क्रेडा अधिकारी शिवेंद्र सिंह उपस्थित थे।
कलेक्टर एसपी ने घटना स्थल लातनाला का किया मुआयना
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और एसपी सुनील शर्मा सोमवार सुबह सारंगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर माधोपाली का दौरा किये, जहां विगत रविवार शाम को नजदीकी ग्राम बड़े घोठला निवासी देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी कार में बने पुल के नीचे लातनाला में बरसात के भारी बहाव पानी में बह गए थे। कलेक्टर एसपी ने राज्य आपदा राहत (एसडीआरएफ) की टीम और ग्रामीणों से कार में सवार पति पत्नी की तलाशी और घटना के संबंध में की जानकारी ली।
रविवार को जब घटना घटित हुआ उस समय पुल के नीचे से पानी बह रहा था। इसका वीडियो रिकार्ड मिला है, वहीं चालक द्वारा गाड़ी चलाने के दौरान असावधानी बरती गईं, उस समय वहां मौजूद 6-7 लोगों के द्वारा बचाने के बजाय मोबाइल में वीडियो बनाया गया, जिसके कारण दुर्घटना घटित हुआ। दुर्घटना के समय तत्काल यदि लोगों के द्वारा मदद किया जाता तो पति पत्नी को बचाया जा सकता था।
माय भारत पोर्टल में पंजीयन और देश सेवा करने कलेक्टर एसपी ने युवाओं को किया प्रोत्साहित
सारंगढ़ बिलाईगढ़,। खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सारंगढ़ के सीपीएम कॉलेज में कारगिल विजय दिवस पर 'माय भारत' कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के छात्र छात्राओं की उपस्थिति में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा शामिल हुए। अतिथियों ने युवाओ को देश सेवा के लिए प्रोत्साहित किया और माय भारत पोर्टल में पंजीयन करने की अपील की। इस अवसर पर प्रभारी खेल अधिकारी सह डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा, कालेज के प्राचार्य आदि उपस्थित थे।
माय भारत, यह एक फिजीकल इकोसिस्टम (भौतिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का मिश्रण) के माध्यम से युवा सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करता है, साथ ही अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर, स्वयंसेवा के अवसर और मेगा इवेंट्स में भाग लेने जैसे सार्थक अवसर प्रदान करता है , इसके अलावा माय भारत प्रोफाइल, सीवी बिल्डर और मेंटरशिप जैसे मूल्यवान संसाधन भी उपलब्ध कराता है। माय भारत पोर्टल लिंक https://mybharat.gov.in/ है।
भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग के अधीन एक स्वायत्त निकाय, माय भारत की स्थापना युवा विकास, सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के लिए सर्वोच्च संस्था के रूप में कार्य करने के लिए की गई थी। इसका उद्देश्य नेतृत्व, स्वयंसेवा, अनुभवात्मक शिक्षा, नवाचार और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देकर युवाओं को सशक्त बनाना है, साथ ही "सेवा भाव" और "कर्तव्य बोध" के मूल्यों को पोषित करना है । साझेदारी और युवा-केंद्रित पहलों के माध्यम से, एमवाई भारत युवाओं को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाता है ।
प्रेग्नेंसी में पल रहे बच्चे का लिंग जांच अपराध
पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण करना और कराना अपराध है। साथ ही बेटी बचाओं अभियान और समान लिंगानुपात को सुचारु संचालन तथा बालिका भ्रूण का क्लिनिक और हॉस्पिटल में किए जाने वाले गर्भपात (एबॉर्शन) के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय रानीसागर सारंगढ़ में शुक्रवार को गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) की जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में सभी सदस्यों को शामिल किया गया और उन्हें गर्भ में पल रहे शिशु के अवैध लिंग परीक्षण करने वाले नर्सिंग होम और हॉस्पिटल की शिकायत और जांच में अवैध लिंग परीक्षण करते पाए जाने पर उनकी वैधता समाप्त करने की कार्यवाही कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला सलाहकार समिति के माध्यम से करने की जानकारी दी गई। साथ ही जिले में 4 नये केंद्र के सोनोग्राफी लाइसेंस हेतु दस्तावेज का अवलोकन कर सदस्यों ने लिखित अनुमति दी।
बेटा बेटी (नोनी बाबू) जांच के विज्ञापन पर भी सजा और जुर्माना
पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व लिंग अवधारणसंबंधी विज्ञापन का प्रतिषेध और उसके उल्लंघन के लिए दंड अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, संगठन, आनुवंशिकी सलाह केंद्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला या आनुवंशिकी क्लिनिक, जिसके अंतर्गत ऐसा क्लिनिक, प्रयोगशाला या केंद्र भी है, जिसमें अल्ट्रासाउंड मशीन, इमेजिंग मशीन या स्कैनर या कोई अन्य ऐसी प्रौद्योगिकी है, जो भूण के लिंग का अवधारण करने और ऐसे केन्द्र, प्रयोगशाला जारी, प्रकाशित, करने में समर्थ है, प्रसवपूर्व लिंग अवधारण या गर्भधारण पूर्व लिंग चयन की सुविधाओं के बारे में, जो किसी अन्य स्थान पर उपलब्ध है। कोई विज्ञापन, किसी भी रूप में, जिसके अंतर्गत इंटरनेट भी है, नहीं करेगा या जारी, प्रकाशित वितरित या संसूचित नहीं करवाएगा। कोई भी व्यक्ति या ऐसे संगठन, जिसके आनुवंशिकी सलाह केंद्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला या आनुवंशिकी क्लिनिक भी है। किसी भी प्रकार के साधनों के द्वारा चाहे वह वैज्ञानिक हो या अन्य, लिंग के प्रसवपूर्व अवधारण या गर्भधारण पूर्व चयन के संबंध में किसी रीति में कोई विज्ञापन जारी, प्रकाशित, वितरित, संसूचित नहीं करेगा या जारी, प्रकाशित, वितरित या संमूचित नही करवाएगा। ऐसा कोई व्यक्ति, जो उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंधों का उल्लंघन करेगा, ऐसे व्यक्ति को 3 वर्ष तक का कारावास और 10 हजार रुपए तक का जुर्माना दंडनीय होगा। दूसरी बार अपराध करने पर 5 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना, हॉस्पिटल या क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड या निरस्त किया जाएगा।
शिकायत हेतु सम्पर्क
प्रेग्नेंसी में लिंग परीक्षण करने वालों हॉस्पिटल और क्लिनिक की शिकायत नजदीकी थाना सहित कलेक्टर, एसपी, एसडीएम और पुलिस कार्यालय तथा जिला सलाहकार समिति के सदस्यों के पास की जा सकती है। शिकायतकर्ताओ के नाम गोपनीय रखा जाएगा। जिला सलाहकार समिति के सदस्यों के मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर शिकायत कर सकते हैं। इनमें सीएमएचओ डॉ पुष्पेंद्र वैष्णव 70002 93232, महिमा साहू 9691108781 महेंद्र अग्रवाल 9425571333, नारद श्रीवास 9301159690 और प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी देवराम यादव 6232007013, सीएमओ ज्ञानपुंज कुलमित्र आदि शामिल है।