छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के 9 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन
एमसीबी । बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से एक बार फिर जिले का गौरव बढ़ाया है। जगदलपुर में 17 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के कुल 9 खिलाड़ियों का चयन हुआ है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हैंडबॉल विधा में 4 खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिनमें रूपेश कुमार, विकास, अमिताभ एवं युवराज सिंह शामिल हैं। वहीं एथलेटिक्स विधा में 5 खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिसमें सतीश कुमार मरकाम, रंगलाल, जॉन अब्राहम टोप्पो, निलेश एवं राहुल शामिल हैं।
चयनित सभी खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 15 सितंबर 2026 को जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। खिलाड़ियों से उम्मीद है कि वे राज्य स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मनेन्द्रगढ़ जिले और बालक क्रीड़ा परिसर का नाम रोशन करेंगे।
इस उपलब्धि पर मीना प्रजापति, क्रीड़ा अधिकारी, बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन, लगन और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में पूरे आत्मविश्वास, खेल भावना और अनुशासन के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर विनोद जायसवाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी मनेन्द्रगढ़, किशोर दास, प्रेम स्मेल टोप्पो, शिव कुमार चौधरी एवं रणधीर ठाकुर ने भी चयनित खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के ये प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठ खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मनेन्द्रगढ़ जिले का गौरव बढ़ाएंगे और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
जिले में अब तक 1123.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 1 जून से 12 सितंबर 2026 तक 1123.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवधि में कोटाडोल तहसील में सर्वाधिक 1501.6 मिमी, जबकि खड़गवां में न्यूनतम 834.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
तहसीलवार वर्षा के आंकड़ों के अनुसार मनेन्द्रगढ़ में 1078.9 मिमी, चिरमिरी में 1023.8 मिमी, केल्हारी में 950.0 मिमी, भरतपुर में 1353.0 मिमी तथा कोटाडोल में 1501.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के 9 खिलाडि़यों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन
हैंडबॉल एवं एथलेटिक्स में जिले का नाम रोशन करने को तैयार खिलाड़ी
एमसीबी/12 सितम्बर 2026
बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के खिलाडि़यों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से एक बार फिर जिले का गौरव बढ़ाया है। जगदलपुर में 17 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के कुल 9 खिलाडि़यों का चयन हुआ है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हैंडबॉल विधा में 4 खिलाडि़यों का चयन किया गया है, जिनमें रूपेश कुमार, विकास, अमिताभ एवं युवराज सिंह शामिल हैं। वहीं एथलेटिक्स विधा में 5 खिलाडि़यों का चयन हुआ है, जिसमें सतीश कुमार मरकाम, रंगलाल, जॉन अब्राहम टोप्पो, निलेश एवं राहुल शामिल हैं।
चयनित सभी खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 15 सितंबर 2026 को जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। खिलाडि़यों से उम्मीद है कि वे राज्य स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मनेन्द्रगढ़ जिले और बालक क्रीड़ा परिसर का नाम रोशन करेंगे।
इस उपलब्धि पर श्रीमती मीना प्रजापति, क्रीड़ा अधिकारी, बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ ने चयनित खिलाडि़यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खिलाडि़यों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन, लगन और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने खिलाडि़यों को प्रतियोगिता में पूरे आत्मविश्वास, खेल भावना और अनुशासन के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
खिलाडि़यों की इस उपलब्धि पर विनोद जायसवाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी मनेन्द्रगढ़, किशोर दास, प्रेम स्मेल टोप्पो, शिव कुमार चौधरी एवं रणधीर ठाकुर ने भी चयनित खिलाडि़यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बालक क्रीड़ा परिसर मनेन्द्रगढ़ के ये प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठ खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मनेन्द्रगढ़ जिले का गौरव बढ़ाएंगे और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
काशीटोला में ‘हर घर जल’ से बदली तस्वीर, नल से पहुंचा स्वच्छ पेयजल तो आसान हुई जिंदगी
जल जीवन मिशन ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दूरस्थ ग्राम काशीटोला में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कर ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। ग्राम पंचायत बहारसी के अंतर्गत आने वाले काशीटोला में ‘हर घर जल’ योजना के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या का समाधान हुआ है। लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव ने स्वच्छ पेयजल की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
पहले पानी के लिए करना पड़ता था इंतजार
काशीटोला में पहले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए कुएं, हैंडपंप अथवा दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के मौसम में जल स्रोत सूखने से समस्या और गंभीर हो जाती थी। पानी की कमी के साथ उसकी गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों को परेशानी होती थी। इसका असर स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी पड़ता था।
गांव में नल-जल सुविधा नहीं होने के कारण महिलाओं को विशेष रूप से पानी लाने में काफी समय लगाना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
जल जीवन मिशन ने शुरू किया बदलाव
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत बहारसी को चयनित कर घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्रामीणों की सहभागिता से पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से पूरा किया गया। जल स्रोतों के संरक्षण एवं सुधार के साथ ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया तथा जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी शुरू हुई।
आज काशीटोला के 100 प्रतिशत घरों में जल प्रमाणीकरण हो चुका है और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
पानी पहुंचा तो बदली जिंदगी
नल से घर तक पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। जलजनित बीमारियों में कमी आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। महिलाओं का पानी लाने में लगने वाला समय बच रहा है, जिससे उन्हें घरेलू कार्यों के साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी अधिक समय मिल रहा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है।
ग्रामीणों की भागीदारी बनी सफलता की ताकत
काशीटोला की इस उपलब्धि के पीछे ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। ग्रामीणों ने योजना के क्रियान्वयन में सहयोग देने के साथ जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाई। यही सामुदायिक सहभागिता योजना को स्थायी बनाने में मददगार बनी है।
आज काशीटोला केवल स्वच्छ पेयजल से जुड़ा गांव नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता और सरकारी योजना के सफल क्रियान्वयन का प्रेरक उदाहरण बन चुका है। ‘हर घर जल’ का सपना यहां साकार होकर यह संदेश दे रहा है कि जनभागीदारी के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन गांवों की तस्वीर और ग्रामीणों की जिंदगी दोनों बदल सकता है।
डीएमएफ की 5.38 लाख रुपये की लागत से स्थापित सोलर हाईमास्ट बना विद्यार्थियों की सुविधा और सुरक्षा का नया सहारा
एमसीबी । जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। भरतपुर विकासखंड के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय नौढिया में स्थापित सोलर हाई मास्ट संयंत्र इसका बेहतर उदाहरण है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 5.38 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस संयंत्र ने विद्यालय परिसर को रात के अंधेरे से स्थायी राहत दिलाई है।
दुर्गम क्षेत्र में पहुंची उजाले की सुविधा :
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय नौढिया जिला मुख्यालय से लगभग 130 किलोमीटर दूर दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्र में स्थित है। आवासीय विद्यालय होने के कारण यहां विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बेहद जरूरी थी।
जिला प्रशासन एमसीबी के प्रयासों से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए क्रियान्वयन एजेंसी क्रेडा के माध्यम से विद्यालय परिसर में सोलर हाई मास्ट संयंत्र स्थापित किया गया। सौर ऊर्जा से संचालित यह संयंत्र दिन में सूर्य की रोशनी से ऊर्जा संचित करता है और रात में उसी ऊर्जा का उपयोग परिसर को रोशन करने में करता है।
बिजली गुल होने पर भी परिसर में कायम रहती है रोशनी :
सोलर हाईमास्ट की स्थापना के बाद विद्यालय परिसर की रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बिजली जाने के बाद भी सोलर हाईमास्ट के माध्यम से परिसर में रोशनी बनी रहती है। यह संयंत्र अपने आसपास लगभग 50 मीटर तक के क्षेत्र को प्रकाशमान करता है। इससे विद्यालय परिसर में रात के समय विद्यार्थियों के आवागमन में सुविधा के साथ सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने इस सुविधा को उपयोगी बताते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पहले बिजली चले जाने पर परिसर में अंधेरा हो जाता था, लेकिन अब सोलर हाईमास्ट के कारण पूरी रात पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध रहता है।
स्वच्छ ऊर्जा से सुविधा और आत्मनिर्भरता की ओर कदम :
नौढिया विद्यालय में स्थापित सोलर हाई मास्ट केवल प्रकाश व्यवस्था का साधन नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल है। इससे बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ विद्यालय परिसर में बेहतर, सुरक्षित और निरंतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हुई है।
डीएमएफ की 5.38 लाख रुपये की लागत से किया गया यह कार्य दूरस्थ क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता को पूरा करने और बैगा विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन की प्रभावी पहल है।
उचित मूल्य दुकान ग्राम चनवारीडांड के संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित
एमसीबी/10 सितम्बर 2026
अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के जानकारी अनुसार सर्वसाधारण आज जनता को सूचित किया जाता है। कि शासकीय उचित मूल्य दुकान खड़गवां (आईडी क्रमांक.532004014) को दो भागों में विभाजित कर नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान चनवारीडांडए जनकपुर (खड़गवां) का सृजन किया जाना है
जिसकी सूचना प्राप्त है। इस हेतु आदिम जाति सहकारी समिति, बहुउद्देशीय सहकारी समिति, महिला स्वयं सहायता समूह, वन सुरक्षा समिति एवं अन्य समितियों से आवेदन आमंत्रित कर नियमानुसार आबंटन की कार्यवाही किया जाना है। अतः उपरोक्त संबंधितों से 08 सितम्बर 2026 से 22 सितम्बर 2026 तक कार्यालयीन समय तक पंजीयन प्रमाण पत्र, पासबुक की छायाप्रति एवं अन्य सम्यक दस्तावेज सहित आवेदन पत्र आमंत्रित किया जाता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कड़े निर्देश, शत-प्रतिशत बोर्ड परिणाम का लक्ष्य हासिल करने प्राचार्यों को दी जिम्मेदारी
डीईओ रविकांत यादव एवं एसडीएम शशि शेखर मिश्रा ने ली चार घंटे की मेगा समीक्षा बैठक
एमसीबी/10 सितंबर 2026
विकासखंड भरतपुर में विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने और आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 में शत-प्रतिशत बोर्ड परीक्षा परिणाम हासिल करने के उद्देश्य से वृहद समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी भरतपुर सच्चिदानंद साहू द्वारा आयोजित इस मेगा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी रविकांत यादव एवं एसडीएम भरतपुर शशि शेखर मिश्रा ने सभी संकुल प्राचार्यों, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों तथा संकुल शैक्षिक समन्वयकों के साथ लगभग चार घंटे तक मैराथन समीक्षा की।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव ने आगामी त्रैमासिक परीक्षा की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित पाठ्यक्रम को समय पर पूर्ण करने, परीक्षा का सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने तथा मूल्यांकन कार्य में पूरी निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन तथा उनके शैक्षिक स्तर की सतत निगरानी पर जोर दिया।
डीईओ ने VSK ऐप पर शिक्षकों के शत-प्रतिशत पंजीयन, ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने तथा अवकाश आवेदन ऑनलाइन स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासन और नियमितता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में माय भारत पोर्टल पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन, यू-डाइस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं की एंट्री, छात्रवृत्ति योजना की प्रगति तथा अन्य विभागीय योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अपार आईडी निर्माण एवं आवश्यक कार्यों में गति लाने, अनिवार्य MBU अपडेटेशन का कार्य पूर्ण करने तथा सभी प्राचार्यों से वन-टू-वन जानकारी लेकर लंबित कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशस्त ऐप पर पंजीयन, स्वच्छ हरित विद्यालय में पंजीयन, पीएम ई-विद्या डिजिटल कार्यक्रम तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में किचन गार्डन स्थापित करने सहित अन्य विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की गई। सभी आवश्यक जानकारी निर्धारित समय-सीमा में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
श्री यादव ने समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने और शैक्षणिक दायित्वों में लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी भरतपुर को सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
एसडीएम भरतपुर शशि शेखर मिश्रा ने प्राचार्यों एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने समयबद्धता, अनुशासन और विषय शिक्षकों द्वारा कक्षा में जाने से पूर्व विषय की तैयारी पर विशेष जोर देते हुए अध्ययन-अध्यापन के स्तर में सुधार लाने को कहा। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी शैक्षिक कैलेंडर के अनुरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों एवं अध्ययन-अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला सांख्यिकी अधिकारी अनिरुद्ध शुक्ला, विकासखंड शिक्षा अधिकारी भरतपुर सच्चिदानंद साहू, विकासखंड स्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता सहित विकासखंड भरतपुर के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य तथा सभी संकुल शैक्षिक समन्वयक उपस्थित रहे।
कठौतिया में गूंजा साक्षरता का संदेश, उल्लास थीम पर छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
मानव श्रृंखला बनाकर लिया उल्लास शपथ, साक्षरता दीप जलाकर दिया शिक्षा का संदेश
एमसीबी/09 सितम्बर 2026
राज्य परियोजना कार्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंकिता सोम शर्मा के निर्देशन में जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 1 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक साक्षरता पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कठौतिया के प्रांगण में विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनेन्द्रगढ़ विपिन पांडेय, उल्लास कार्यक्रम के जिला परियोजना अधिकारी गणेश यादव सहित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला कठौतिया के शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मंच संचालन मनीषा पांडेय ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कठौतिया की प्रधानपाठिका तारा राज किशोरी मिंज ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी विपिन पांडेय का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। वहीं जिला परियोजना अधिकारी गणेश यादव का स्वागत योगेश कुमार लहंगीर ने किया।
चित्रकला और रंगोली से दिया साक्षरता का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस एवं उल्लास की थीम पर माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला कठौतिया के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक चित्रकला एवं रंगोली प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से शिक्षा, साक्षरता और जागरूकता का संदेश दिया। इस गतिविधि में विद्यालय की शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और प्रयासों की सराहना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और प्रतिभागियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उल्लास थीम पर माध्यमिक शाला कठौतिया की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। वहीं साक्षरता पखवाड़े के दौरान अब तक आयोजित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
मानव श्रृंखला बनाकर लिया उल्लास शपथ
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं ग्रामीणों ने मिलकर वृहद मानव श्रृंखला का निर्माण किया। इस दौरान उल्लास एवं साक्षरता से संबंधित प्रेरक नारे लगाए गए और सभी ने उल्लास शपथ लेकर समाज में शिक्षा एवं साक्षरता का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम प्रभारी योगेश कुमार लहंगीर एवं उर्मिला सिंह ने आभार प्रदर्शन किया। इसके पश्चात सायं 7 बजे शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने घरों में ‘उल्लास साक्षरता दीपक’ जलाकर शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
जिले में अब तक 1104.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज
एमसीबी/09 सितम्बर 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 1 जून से 9 सितंबर 2026 तक 1104.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवधि में कोटाडोल तहसील में सर्वाधिक 1492.9 मिमी, जबकि खड़गवां में न्यूनतम 801.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
तहसीलवार वर्षा के आंकड़ों के अनुसार मनेन्द्रगढ़ में 1078.9 मिमी, चिरमिरी में 1000.5 मिमी, केल्हारी में 940.4 मिमी, भरतपुर में 1311.5 मिमी तथा कोटाडोल में 1492.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
जिले के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर: जवाहर नवोदय विद्यालय की 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 30 सितंबर तक करें आवेदन
केनापारा जवाहर नवोदय विद्यालय में लेटरल एंट्री चयन परीक्षा से मिलेगा प्रवेश, 10 अप्रैल 2027 को होगी परीक्षा: आवेदन पूरी तरह निःशुल्क
एमसीबी/09 सितम्बर 2026
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट एवं निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, केनापारा (बैकुंठपुर), जिला-कोरिया में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 9वीं एवं 11वीं में पार्श्व चयन परीक्षा यानी लेटरल एंट्री चयन परीक्षा (LEST) के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान में एमसीबी जिला जवाहर नवोदय विद्यालय केनापारा के शैक्षणिक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आता है।
30 सितंबर तक निःशुल्क कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक पात्र विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया के तहत एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़, खड़गवां एवं भरतपुर विकासखंड के वे छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं, जो वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में क्रमशः कक्षा 8वीं अथवा 10वीं में अध्ययनरत हैं।
घर बैठे मोबाइल से भी भर सकते हैं आवेदन
विद्यार्थियों को आवेदन के लिए किसी विशेष स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं है। इंटरनेट सुविधा वाले कंप्यूटर, लैपटॉप अथवा मोबाइल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अथवा लोकसेवा केंद्र की सहायता से भी आसानी से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कक्षा 9वीं और 11वीं के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन लिंक
नवोदय विद्यालय में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी एवं पात्रता शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। आवेदन के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय की मुख्य वेबसाइट https://navodaya.gov.in/ पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन लिंक https://cbseitms.nic.in/2026/nvsix_9 तथा कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन लिंकhttps://cbseitms.nic.in/2026/nvsxi_11निर्धारित किया गया है।
10 अप्रैल 2027 को होगी लेटरल एंट्री चयन परीक्षा
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कक्षा 9वीं एवं 11वीं में लेटरल एंट्री के लिए चयन परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों का चयन निर्धारित प्रवेश परीक्षा एवं नियमों के आधार पर किया जाएगा। इसलिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी अभी से शुरू करने की सलाह दी गई है।
तकनीकी समस्या पर सहायक केंद्र से ले सकेंगे मदद
ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर अभ्यर्थी जवाहर नवोदय विद्यालय, केनापारा, बैकुंठपुर में स्थापित सहायक केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। विभाग एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा करें।
कृष्णा सिंह को मिला चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र, पुलिस जांच में नहीं मिला कोई आपराधिक रिकॉर्ड
एमसीबी/ सितम्बर 2026
जिला प्रशासन द्वारा अभ्यर्थी कृष्णा सिंह के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण कर चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदाय कर दिया गया है। पुलिस विभाग द्वारा की गई विस्तृत जांच में अभ्यर्थी का रिकॉर्ड पूरी तरह साफ पाया गया तथा उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार का आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं होना पाया गया।
कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, ग्राम छिपछिपी, थाना झगराखाण्ड निवासी कृष्णा सिंह, आत्मज दुबराज सिंह के चरित्र सत्यापन के संबंध में पुलिस विभाग से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं थाना प्रभारी झगराखाण्ड की रिपोर्ट के आधार पर अभ्यर्थी के संबंध में थाना रिकॉर्ड तथा ग्राम अपराध पुस्तिका की जांच की गई।
जांच में अभ्यर्थी के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया। साथ ही पुलिस जांच में उनके किसी भी प्रकार की अवांछनीय अथवा संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी भी सामने नहीं आई।
प्रक्रियाधीन प्रमाण पत्र पर तत्काल कार्रवाई
कृष्णा सिंह का चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्रक्रियाधीन था। प्रकरण की आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रक्रिया को प्राथमिकता से लेते हुए तत्काल पूर्ण कराया गया। पुलिस जांच में रिकॉर्ड साफ पाए जाने के बाद चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र तैयार कर कृष्णा सिंह को प्रदाय कर दिया गया।
इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा अनुमोदित डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त सत्यापन प्रतिवेदन डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से संबंधित कमांडेंट ऑफिसर, Unit 1@4 GR, C Coy को आगामी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया गया।
जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से कृष्णा सिंह की चरित्र सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूर्ण हुई और उन्हें चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया, जिससे आगामी आवश्यक कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। प्रशासन द्वारा विभिन्न शासकीय एवं आवश्यक प्रक्रियाओं में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
एचआईवी नियंत्रण में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) सुरक्षित जिले की श्रेणी में अव्वल
First 95, Second 95 और Third 95 में जिले का उल्लेखनीय प्रदर्शन, उपचार एवं वायरल लोड नियंत्रण में मिली बड़ी उपलब्धि
एमसीबी/ सितम्बर 2026

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), नई दिल्ली द्वारा संचालित “मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा” पहल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में HIV/AIDS नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा 95-95-95 लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले ने एचआईवी नियंत्रण एवं उपचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राज्य में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज की है।
05 सितम्बर 2026 को उपलब्ध MAS-Dashboard के आंकड़ों के अनुसार, MCB जिले ने एचआईवी के साथ जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों (PLHIV) को उपचार से जोड़ने, उपचार की निरंतरता बनाए रखने तथा वायरल लोड नियंत्रण की दिशा में बेहतर प्रदर्शन किया है। जिले का यह प्रदर्शन एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में राज्य में विशेष प्रयास
माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में HIV/AIDS नियंत्रण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों को बेहतर प्रदर्शन वाली श्रेणी में लाने के उद्देश्य से HIV की शीघ्र पहचान, जांच का विस्तार, पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों को शीघ्र उपचार से जोड़ना तथा उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
MCB जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे द्वारा HIV/AIDS नियंत्रण कार्यक्रम की नियमित समीक्षा, मैदानी स्तर पर निगरानी तथा संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम जिले के प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है।
Third 95 में राज्य का मजबूत प्रदर्शन
HIV/AIDS नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत Third 95 का उद्देश्य उपचार प्राप्त कर रहे HIV संक्रमित व्यक्तियों के वायरल लोड को नियंत्रित करना है। छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में Third 95 के क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि उपचार से जुड़े लोगों में नियमित ART उपचार, फॉलोअप और वायरल लोड मॉनिटरिंग को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। वायरल लोड का नियंत्रण HIV के साथ जीवन जी रहे व्यक्तियों के बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के साथ-साथ संक्रमण के प्रसार को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
MCB बना उल्लेखनीय जिला
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले ने First 95, Second 95 और Third 95 तीनों स्तरों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। जिले में HIV की पहचान से लेकर जांच, उपचार से जोड़ने और उपचार के बाद वायरल लोड नियंत्रण तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में HIV के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संदिग्ध एवं जोखिम वाले व्यक्तियों की समय पर जांच कराने तथा HIV पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों को शीघ्र ART सेंटर से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
First 95 और Second 95 को और मजबूत करने की रणनीति
जहां First 95 और Second 95 के क्षेत्र में अभी और बेहतर परिणाम की आवश्यकता है, वहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार कर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत HIV की शीघ्र पहचान एवं जांच का विस्तार, पॉजिटिव व्यक्तियों की शीघ्र ART से लिंकेज, उपचार की निरंतरता, नियमित फॉलोअप तथा उपचार के दौरान आने वाली चुनौतियों के समाधान पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति HIV संक्रमण की स्थिति में जांच और उपचार से वंचित न रहे तथा प्रत्येक चिन्हित व्यक्ति को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
“पहचान से उपचार और उपचार से वायरल लोड नियंत्रण तक”
राज्य की आगामी रणनीति का मुख्य उद्देश्य “पहचान से उपचार और उपचार से वायरल लोड नियंत्रण तक” की पूरी श्रृंखला को और मजबूत करना है। इसके लिए HIV Testing, ART सेवाओं और वायरल लोड जांच की पहुंच को बेहतर बनाने के साथ-साथ लोगों में HIV के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जिला स्तर पर नोडल अधिकारी डॉ. वासिक असदक द्वारा कार्यक्रम की प्रगति, फॉलोअप एवं डाटा प्रबंधन की नियमित समीक्षा की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर क्षेत्रों की पहचान तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
CMHO डॉ. अविनाश खरे ने कहा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि HIV/AIDS नियंत्रण कार्यक्रम में जिले की उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि HIV की समय पर पहचान, संक्रमित व्यक्ति को शीघ्र उपचार से जोड़ना और उपचार की निरंतरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिले में First 95, Second 95 और Third 95 के सभी स्तरों को और मजबूत करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। विशेष रूप से जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां मैदानी स्तर पर रणनीति बनाकर कार्य किया जा रहा है। डॉ. खरे ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल HIV की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक चिन्हित व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराते हुए वायरल लोड को नियंत्रित करना और उन्हें स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जीने में सहयोग करना है।” उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि HIV को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या भेदभाव न रखें। आवश्यकता होने पर HIV की जांच कराएं और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का लाभ लें। HIV संक्रमित व्यक्ति के प्रति सहयोग एवं सम्मान का वातावरण बनाना भी एड्स नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भेदभाव समाप्त करने पर विशेष जोर
राज्य का लक्ष्य HIV/ AIDS नियंत्रण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक व्यक्ति तक HIV Testing, ART एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही HIV से जुड़े सामाजिक भेदभाव और भ्रांतियों को समाप्त करने के लिए जन-जागरूकता गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि हर व्यक्ति तक जांच, उपचार और परामर्श की सुविधा पहुंचे, HIV के साथ जीवन जी रहे व्यक्तियों को समय पर उपचार मिले और वे सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।
MCB जिले का यह प्रदर्शन HIV/ AIDS नियंत्रण कार्यक्रम में जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आने वाले समय में 95-95-95 लक्ष्यों की पूर्ण प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
हर घर नल से बदली धनौली की तस्वीर, जल जीवन मिशन बना खुशहाल जीवन की नई पहचान
एमसीबी । जिले के विकासखण्ड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता का आश्रित ग्राम धनौली आज जल जीवन मिशन की सफलता और जनभागीदारी की मिसाल बनकर उभरा है।
जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में लंबे समय तक ग्रामीणों को पेयजल के लिए कुएं, हैंडपंप और अन्य दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में जलस्रोत सूखने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती थी। ऐसे समय में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर जल’ योजना ने धनौली की तस्वीर बदलने का काम किया है। आज गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है और पानी के लिए होने वाली भागदौड़ काफी हद तक समाप्त हो गई है।
कभी पानी के लिए लंबी जद्दोजहद, अब घर-घर पहुंच रहा स्वच्छ जल :
लगभग 350 की आबादी और 60 परिवारों वाले धनौली गांव में पहले पेयजल की सुविधा सहज उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कुएं, हैंडपंप या दूर स्थित अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के मौसम में जलस्रोतों के सूख जाने से स्थिति गंभीर हो जाती थी। पानी की कमी के साथ उसकी गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी, जिसका असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ता था।
जल जीवन मिशन के तहत इस समस्या को दूर करने के लिए गांव में व्यवस्थित जलापूर्ति की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया। पाइपलाइन बिछाई गई, ओवरहेड टैंक का निर्माण किया गया और प्रत्येक घर में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी शुरू की गई, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हुई।
योजना के साथ जनभागीदारी ने लिखी बदलाव की नई कहानी :
धनौली में बदलाव केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इसे स्थायी सफलता में बदलने का काम किया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता को चयनित कर पंचायत प्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया।
ग्रामीणों ने पाइप लाइन बिछाने और जल व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग दिया। इसके साथ ही उन्हें जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छ जल के उपयोग और जल बचाने के प्रति जागरूक किया गया। गांव में यह समझ विकसित हुई कि नल से पानी मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उपलब्ध जल स्रोत और पूरी जलापूर्ति व्यवस्था का संरक्षण करना भी है। यही सामुदायिक सहभागिता धनौली की सफलता की महत्वपूर्ण वजह बनी।
नल से सिर्फ पानी नहीं, स्वास्थ्य और खुशियों की पहुंच :
आज धनौली में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। जल जनित बीमारियों में कमी, पानी लाने में लगने वाले समय की बचत और घरों में स्वच्छता के प्रति बढ़ी जागरूकता इसका प्रमुख परिणाम है।
विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। पहले उन्हें पानी की व्यवस्था के लिए काफी समय और श्रम लगाना पड़ता था, लेकिन अब घर पर नल से पानी मिलने के कारण यह समय बच रहा है। बच्चों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। पानी लाने में लगने वाला समय कम होने से वे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय दे पा रहे हैं।
घरों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। इस तरह ‘हर घर जल’ ने धनौली में केवल पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिलाओं की सुविधा और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।
धनौली बना दूसरे गांवों के लिए प्रेरणा :
धनौली की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजना का प्रभाव तब और व्यापक हो जाता है, जब उसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है। ग्रामीणों ने योजना के कार्यों में सहयोग देने के साथ-साथ जल संरक्षण और जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव की जिम्मेदारी को भी समझा है।
आज धनौली में ‘हर घर जल’ का सपना साकार हो चुका है। जो गांव कभी गर्मियों में पानी की कमी से जूझता था, वहां अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। यह बदलाव ग्रामीण जीवन में सुविधा के साथ आत्मविश्वास भी लेकर आया है। ग्राम पंचायत बरौता की यह उपलब्धि आसपास के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।
सूरज की रोशनी से बदली रातों की तस्वीर : सोलर हाई मास्ट से आदिवासी कन्या आश्रम में रोशन हुआ उम्मीदों का आंगन
एमसीबी । जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में विकास की रोशनी पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण आदिवासी कन्या आश्रम बड़वाही, विकासखंड भरतपुर में स्थापित सोलर हाई मास्ट संयंत्र है। इस संयंत्र ने न केवल आश्रम परिसर को रोशन किया है, बल्कि यहां रहने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर वातावरण भी तैयार किया है।
डीएमएफ की राशि से वनांचल में पहुंची विकास की रोशनी :
जिला प्रशासन अंतर्गत जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत 5.38 लाख रुपये की लागत से आदिवासी कन्या आश्रम बड़वाही में एक नग सोलर हाई मास्ट संयंत्र स्थापित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया गया। जिला प्रशासन एमसीबी के प्रयासों से दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थापित यह संयंत्र अक्षय ऊर्जा के उपयोग के साथ-साथ छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
जिला मुख्यालय से लगभग 145 किलोमीटर दूर स्थित बड़वाही का आदिवासी कन्या आश्रम दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्र में है। ऐसे क्षेत्र में रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना छात्राओं की सुरक्षा और दैनिक गतिविधियों के लिए बेहद आवश्यक है। सोलर हाईमास्ट की स्थापना के बाद आश्रम परिसर में रातभर निर्बाध प्रकाश उपलब्ध हो रहा है।
बिजली गुल होने पर भी आश्रम परिसर रहता है रोशन :
इस सोलर हाई मास्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि रात्रिकालीन बिजली चले जाने के बाद भी आश्रम परिसर में प्रकाश व्यवस्था सुचारू बनी रहती है। सौर ऊर्जा से संचालित यह व्यवस्था पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के साथ ऊर्जा के स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प को बढ़ावा दे रही है।
स्थापित हाई मास्ट आसपास के लगभग 50 मीटर तक के क्षेत्र को प्रकाशमान करता है। इससे आश्रम परिसर में अंधेरे की समस्या काफी हद तक दूर हुई है। अब छात्राएं शाम और रात के समय भी आश्रम परिसर में सुरक्षित महसूस करती हैं। परिसर में पर्याप्त रोशनी होने से आवागमन सुगम हुआ है और छात्राओं के मन में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।
बेटियों के चेहरे पर आई सुरक्षा की मुस्कान :
आश्रम की अधीक्षिका एवं छात्राओं ने सोलर हाई मास्ट की स्थापना को उपयोगी और सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि पहले रात के समय अंधेरे के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब पूरा परिसर रोशन रहता है और बिजली बाधित होने पर भी प्रकाश व्यवस्था प्रभावित नहीं होती। छात्राओं के लिए यह सुविधा उनकी पढ़ाई, आवागमन और दैनिक गतिविधियों को अधिक सहज बनाने के साथ सुरक्षा का भरोसा भी दे रही है।
यह पहल स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन और क्रेडा के समन्वित प्रयासों से सोलर ऊर्जा के माध्यम से बड़वाही के आदिवासी कन्या आश्रम में रोशनी पहुंची है। यह सिर्फ एक हाई मास्ट की स्थापना नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्र की बेटियों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और आत्मविश्वास की नई रोशनी का संचार है।
कलेक्टर का कड़ा निर्देश : एसडीएम, आबकारी और खाद्य अधिकारियों को सघन निरीक्षण के निर्देश
एमसीबी । कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, लंबित प्रकरणों, जनशिकायतों तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश :
कलेक्टर ने सुशासन तिहार, सीएम हेल्पलाइन 1076, सीएम जनदर्शन, पीएम पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन, पारस पोर्टल एवं लोक सेवा केंद्र से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने पारस पोर्टल पर लंबित प्रकरणों एवं विभागीय कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी समय-सीमा में अपडेट करने और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर आवेदक को वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहकर शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से एसडीएम, आबकारी एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण और सघन निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों, राशन व्यवस्था और आबकारी से जुड़े विषयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य अधोसंरचना के कार्यों की समीक्षा :
बैठक में शासकीय मेडिकल कॉलेज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तथा स्वास्थ्य विभाग के निर्माणाधीन कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि सीजीएमएससी के अंतर्गत जिला चिकित्सालय मनेन्द्रगढ़ में 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जहां राफ्ट खुदाई का कार्य चल रहा है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भवन के प्रथम तल स्लैब के लिंटल का कार्य भी प्रगति पर है ।
चिरमिरी, जनकपुर एवं मनेन्द्रगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवीन ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। चिरमिरी एवं जनकपुर में फाउंडेशन तथा समतलीकरण और मनेन्द्रगढ़ में ग्राउंड फ्लोर स्लैब लेवल का कार्य प्रगति पर है। वहीं जनकपुर के 50 बिस्तरीय अस्पताल के उन्नयन का कार्य भी प्रगति पर है ।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में म्यूजियम, फिजियोथेरेपी एवं कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के लेक्चर हॉल का निर्माण फिनिशिंग स्तर पर है। जिला चिकित्सालय चिरमिरी में 36 नग क्वार्टर एवं आवासीय परिसर के निर्माण में एफ टाइप क्वार्टर का स्लैब स्तर तक कार्य पूर्ण है। सामुदायिक भवन का लिंटल स्तर तक कार्य पूर्ण तथा जी टाइप क्वार्टरों का कार्य प्रगति पर है। बाउंड्रीवाल का कार्य पूर्ण हो चुका है।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में फिनिशिंग कार्य जारी है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय अस्पताल के उन्नयन के लिए 50 बिस्तरीय वार्ड एवं ओपीडी निर्माण का कार्य स्लैब बॉटम स्तर पर है। नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय का फाउंडेशन कार्य चल रहा है, जबकि 10 बिस्तरीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। जिला चिकित्सालय मनेन्द्रगढ़ में डी-ईआईसी सेंटर एवं आईपीएचएल हमर लैब के निर्माण कार्य पुनः निविदा हेतु प्रस्तावित हैं। तीन मॉड्यूलर ओटी का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
बड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कराने पर जोर :
मनेन्द्रगढ़ में 200 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय के निर्माण में राफ्ट खुदाई पूर्ण हो चुकी है तथा बेस एवं राफ्ट का कार्य प्रगति पर है। 220 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय में बाउंड्रीवाल, मेडिकल कॉलेज, अकादमिक ब्लॉक, स्टूडेंट इंडोर स्पोर्ट्स, यूजी बॉयज हॉस्टल और यूजी गर्ल्स हॉस्टल का कार्य प्रगति पर है। वहीं इंटर्न मेल हॉस्टल, इंटर्न फीमेल हॉस्टल, कॉमन डाइनिंग, गेस्ट हाउस और शॉपिंग आर्केड का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा डायरेक्टर रेजिडेंस, सुपरिटेंडेंट रेजिडेंस, रेजिडेंट टाइप-सी, टाइप-डी, टाइप-ई, स्पोर्ट्स फैसिलिटी का कार्य पूर्ण हो चुका है। कलेक्टर ने निर्माणाधीन सभी कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
छात्रावास-आश्रमों के निरीक्षण को बनाया अनिवार्य :
बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी छात्रावासों एवं आश्रमों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से मिलनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय से कार्य करने के निर्देश :
बैठक में सूघ्घर छत्तीसगढ़ एवं राशन कार्ड व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन कार्ड उपलब्ध कराने और राशन व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत महतारी वंदन योजना एवं पीएम मातृ वंदन योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। शिशुवती महिलाओं को दिए जाने वाले पोषण आहार की प्रतिदिन ट्रैकिंग करने और रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जिले के किसानों को एग्रीस्टैक से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थानों पर मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण की योजना पर कार्य करने को कहा। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में गैस रिफिलिंग की सुविधा सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का पंजीयन बढ़ाने के लिए कम पंजीयन वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने WCD, CREDA, PMGSY, वन विभाग, PHE, PWD सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने और जिले में चल रहे विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर कार्यों की नियमित निगरानी करें और लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, अपर कलेक्टर अनिल सिदार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनेन्द्रगढ़ लिंगराज सिदार, डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, नेहा खलखो सहित सभी तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
हर घर नल से बदली धनौली की तस्वीर, जल जीवन मिशन बना खुशहाल जीवन की नई पहचान
जिले के दूरस्थ ग्राम धनौली में ‘हर घर जल’ योजना ने पहुंचाई स्वच्छ पेयजल की सुविधा, ग्रामीणों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
एमसीबी/08 सितम्बर 2026
जिले के विकासखण्ड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता का आश्रित ग्राम धनौली आज जल जीवन मिशन की सफलता और जनभागीदारी की मिसाल बनकर उभरा है। जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में लंबे समय तक ग्रामीणों को पेयजल के लिए कुएं, हैंडपंप और अन्य दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों के दिनों में जलस्रोत सूखने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती थी। ऐसे समय में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर जल’ योजना ने धनौली की तस्वीर बदलने का काम किया है। आज गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है और पानी के लिए होने वाली भागदौड़ काफी हद तक समाप्त हो गई है।
कभी पानी के लिए लंबी जद्दोजहद, अब घर-घर पहुंच रहा स्वच्छ जल
लगभग 350 की आबादी और 60 परिवारों वाले धनौली गांव में पहले पेयजल की सुविधा सहज उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कुएं, हैंडपंप या दूर स्थित अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के मौसम में जलस्रोतों के सूख जाने से स्थिति गंभीर हो जाती थी। पानी की कमी के साथ उसकी गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी, जिसका असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ता था।
जल जीवन मिशन के तहत इस समस्या को दूर करने के लिए गांव में व्यवस्थित जलापूर्ति की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया। पाइपलाइन बिछाई गई, ओवरहेड टैंक का निर्माण किया गया और प्रत्येक घर में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी शुरू की गई, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हुई।
योजना के साथ जनभागीदारी ने लिखी बदलाव की नई कहानी
धनौली में बदलाव केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इसे स्थायी सफलता में बदलने का काम किया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरौता को चयनित कर पंचायत प्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाने का कार्य शुरू किया गया।
ग्रामीणों ने पाइपलाइन बिछाने और जल व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग दिया। इसके साथ ही उन्हें जलस्रोतों के संरक्षण, स्वच्छ जल के उपयोग और जल बचाने के प्रति जागरूक किया गया। गांव में यह समझ विकसित हुई कि नल से पानी मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उपलब्ध जलस्रोत और पूरी जलापूर्ति व्यवस्था का संरक्षण करना भी है। यही सामुदायिक सहभागिता धनौली की सफलता की महत्वपूर्ण वजह बनी।
नल से सिर्फ पानी नहीं, स्वास्थ्य और खुशियों की पहुंच
आज धनौली में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। जल जनित बीमारियों में कमी, पानी लाने में लगने वाले समय की बचत और घरों में स्वच्छता के प्रति बढ़ी जागरूकता इसका प्रमुख परिणाम है।
विशेष रूप से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। पहले उन्हें पानी की व्यवस्था के लिए काफी समय और श्रम लगाना पड़ता था, लेकिन अब घर पर नल से पानी मिलने के कारण यह समय बच रहा है। बच्चों को भी इसका सीधा लाभ मिला है। पानी लाने में लगने वाला समय कम होने से वे अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय दे पा रहे हैं।
घरों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। इस तरह ‘हर घर जल’ ने धनौली में केवल पेयजल की समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिलाओं की सुविधा और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया है।
धनौली बना दूसरे गांवों के लिए प्रेरणा
धनौली की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजना का प्रभाव तब और व्यापक हो जाता है, जब उसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है। ग्रामीणों ने योजना के कार्यों में सहयोग देने के साथ-साथ जल संरक्षण और जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव की जिम्मेदारी को भी समझा है।
आज धनौली में ‘हर घर जल’ का सपना साकार हो चुका है। जो गांव कभी गर्मियों में पानी की कमी से जूझता था, वहां अब घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। यह बदलाव ग्रामीण जीवन में सुविधा के साथ आत्मविश्वास भी लेकर आया है। ग्राम पंचायत बरौता की यह उपलब्धि आसपास के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।
गुरुजनों के सम्मान से सजा मनेन्द्रगढ़ संकुल, नवाचारों की गूंज के बीच शिक्षकों का हुआ सम्मान
एमसीबी । विगत 05 सितंबर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में मनेन्द्रगढ़ संकुल में संकुल स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हर्षाेल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संकुल प्राचार्या अलका ज्योति बेक एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक अलका चौहान के मार्गदर्शन में किया गया। समारोह में संकुल के समस्त शिक्षक एवं प्रधान पाठक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. राधाकृष्णन के योगदान को स्मरण करते हुए शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (शिक्षा विभाग) की प्राचार्या अर्चना वैष्णव, व्याख्याता टी. गोपाल राव, प्रधान पाठक गोविन्द दास तथा प्राथमिक शाला चैनपुर के प्रधान पाठक पवन दुबे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संकुल के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक नवाचारों, रचनात्मक गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की गई। शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में अपनाई जा रही नई शिक्षण पद्धतियों एवं अनुभवों से उपस्थितजनों को अवगत कराया। इन नवाचारों ने अन्य शिक्षकों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संकुल के सभी शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों को उनके समर्पित शैक्षणिक कार्यों के लिए स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र, श्रीफल एवं कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा।
समारोह में शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, अनुशासन और भविष्य निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचार शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाने के साथ विद्यार्थियों में सीखने की रुचि विकसित करने में सहायक हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मनेन्द्रगढ़ संकुल की शैक्षिक समन्वयक अलका चौहान एवं प्रधान पाठक राजेश प्रताप सिंह का विशेष सहयोग रहा। संकुल के समस्त शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों की सहभागिता से समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।