छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
मनरेगा कार्यों में तेजी: कलेक्टर ने 15 जून तक जल संरक्षण के कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
एमसीबी : मनरेगा कार्यों में तेजी: कलेक्टर ने 15 जून तक जल संरक्षण के कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
स्वच्छता अभियान को गांवों में मिल रही नई गति
एमसीबी : स्वच्छता अभियान को गांवों में मिल रही नई गति
30 दिन में गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश, सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग होगी अनिवार्य : कलेक्टर
एमसीबी । कलेक्टर संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों और जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार सहित सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सुशासन तिहार 30 दिवस में निराकरण अनिवार्य :
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का 30 दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शिविरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जिला से ग्राम स्तर तक आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिस स्तर का आवेदन हो, उसका निराकरण उसी स्तर पर किया जाए। जनपद एवं नगरीय निकायों से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
राशन कार्ड, पीएम किसान और आरटीआई प्रकरणों पर फोकस :
खाद्य विभाग को राशन कार्ड संबंधी लंबित प्रकरण तीन दिवस में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएम किसान सम्मान निधि योजना की नियमित समीक्षा और आरटीआई से जुड़े लंबित मामलों की सूची साझा करने को कहा गया। समस्त विभागीय जिला अधिकारियों को आरटीआई पोर्टल में ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिये गये है।
जनदर्शन शिकायतों की विस्तृत समीक्षा :
बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता, भूमि विवाद, अतिक्रमण, अवैध उत्खनन, नियुक्ति, राशन कार्ड, रेत खनन और सामाजिक समस्याओं से जुड़े आवेदनों की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
भालू हमले के पीड़ित को जल्द सहायता देने के निर्देश :
वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को भालू हमले में घायल व्यक्ति के प्रकरण का निरीक्षण कर 50 हजार की सहायता राशि का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में अनुपस्थित शिक्षक पर कार्रवाई के निर्देश :
कलेक्टर ने स्कूल मरम्मत कार्यों, नए स्कूलों की सूची और विभिन्न योजनाओं की स्वीकृतियों की जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी सामने आया कि घाघरा-रामानुजनगर क्षेत्र का एक शिक्षक तीन वर्षों से अनुपस्थित है, जिस पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य :
बैठक में जल संरक्षण को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए। जहां व्यवस्था खराब है, वहां मरम्मत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्यवाही करने को कहा गया।
जन शिकायतों के निराकरण में सिर्फ औपचारिकता नहीं चलेगी :
पीएम पोर्टल और सीजी पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। लंबे समय से लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी तथा ई-ऑफिस, आधार बेस अटेंडेंस की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये हैं।
महतारी वंदन, आयुष्मान और टीकाकरण की समीक्षा :
बैठक में महतारी वंदन योजना के केवाईसी, आयुष्मान योजना, आधार अपडेट, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण और आंगनबाड़ी स्तर पर बालिकाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण की समीक्षा की गई। 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष 3 माह के मध्य के जिले के समस्त बच्चियों का टीकाकरण करवाने हेतु अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पीएम सूर्य घर योजना में लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत :
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जो वेंडर तीन महीने से अधिक समय तक सोलर इंस्टॉलेशन नहीं कर पा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को “लखपति दीदी” परिवारों में सोलर सिस्टम स्थापना हेतु प्रोत्साहित करने को कहा गया।
लंबित आवास और धान उठाव कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश :
बैठक में पीएम जनमन आवास योजना, एग्रीस्टेक कार्य और धान उठाव की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
सुशासन की भावना के अनुरूप प्रशासनिक सक्रियता :
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, यह प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
संकट में भी नहीं टूटा हौसला: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने संभाला चंदा बाई का परिवार
महिला समूह से जुड़कर लिया था बीमा, निधन के बाद परिवार को मिला 2 लाख रुपए का सहारा
एमसीबी । ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में संचालित शासन की योजनाएं आज कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर सामने आ रही हैं। ग्राम अमृतधारा, पंचायत लाई निवासी स्वर्गीय चंदा बाई की कहानी ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी है, जिसने यह साबित कर दिया कि जागरूकता और सही समय पर लिया गया निर्णय कठिन परिस्थितियों में पूरे परिवार का सहारा बन सकता है।
नारायणी कुबेर महिला समूह की अध्यक्ष रहीं चंदा बाई हमेशा महिलाओं को शासन की योजनाओं से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती थीं। समूह की बैठकों में वे महिलाओं को बचत, आत्मविश्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व के बारे में जागरूक करती थीं। इसी दौरान उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया था।
15 सितंबर 2025 को चंदा बाई का आकस्मिक निधन हो गया। परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया। लेकिन कठिन समय में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना परिवार के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई। चंदा बाई द्वारा पूर्व में कराया गया बीमा उनके परिवार के काम आया और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, बरबसपुर शाखा के माध्यम से उनके परिजनों को 2 लाख रुपए की बीमा दावा राशि प्राप्त हुई। यह सहायता राशि परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई और उन्हें कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद मिली।
यह कहानी केवल एक बीमा क्लेम मिलने की नहीं, बल्कि जागरूकता, दूरदर्शिता और महिला सशक्तिकरण की भी कहानी है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर चंदा बाई ने न केवल स्वयं योजनाओं का लाभ लिया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना आज ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। बेहद कम प्रीमियम में मिलने वाली यह योजना संकट के समय परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करती है।
चंदा बाई के परिवार को मिला यह लाभ अब गांव की अन्य महिलाओं और परिवारों के लिए प्रेरणा बन गया है। ग्रामीण बैंक, महिला समूहों और शासन की संयुक्त पहल से गांव-गांव तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और लोग भविष्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं।
जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान : गांव-गांव पहुंच रही शासन की योजनाएं, जनसुनवाई से मिल रहा त्वरित समाधान
एमसीबी । भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक “जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकारों और विकास को समर्पित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न जनजातीय गांवों एवं आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई, स्वास्थ्य शिविर, ग्राम भ्रमण, पौधारोपण, योजनाओं का संतृप्तिकरण, हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण एवं जन जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी ब्लॉकवार ग्राम पंचायतों में पहुंचकर जनसुनवाई कर रहे हैं। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और मौके पर ही निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। अभियान के अंतर्गत आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है।
ग्राम स्तर पर आयोजित शिविरों में लोगों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए पात्र हितग्राहियों को लाभ से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। अधिकारी ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। वहीं पौधारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश भी दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
“जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान” केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनजातीय समाज के सम्मान, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है। शासन की मंशा है कि जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया जाए। जिले में चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीणों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचा रहा है और शासन एवं प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत कर रहा है।
स्वच्छता अभियान को गांवों में मिल रही नई गति
एमसीबी : स्वच्छता अभियान को गांवों में मिल रही नई गति
बकरीद अवकाश के चलते 28 मई का सुशासन तिहार शिविर अब 29 मई को होगा आयोजित
सुशासन तिहार आवेदनों के निराकरण पर कलेक्टर सख्त
एमसीबी : सुशासन तिहार आवेदनों के निराकरण पर कलेक्टर सख्त
तपती धूप में भी जलसेवा का संकल्प कायम: दूरस्थ गांवों तक निर्बाध पेयजल पहुंचाने में जुटी पीएचई टीम
एमसीबी : तपती धूप में भी जलसेवा का संकल्प कायम: दूरस्थ गांवों तक निर्बाध पेयजल पहुंचाने में जुटी पीएचई टीम
नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री और फर्जी क्लीनिकों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार संयुक्त जांच दल की कार्रवाई में मेडिकल स्टोर और अवैध क्लीनिक सील
भरतपुर-जनकपुर क्षेत्र में प्रशासन की सघन जांच, कई मेडिकल स्टोर्स को नोटिस जारी
एमसीबी/ 19 मई 2026
जिले में नारकोटिक एवं प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री तथा बिना अनुमति संचालित क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार “जनकपुर में मेडिकल नशे का फैल रहा जाल” को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया और व्यापक जांच अभियान शुरू किया।
कलेक्टर सुश्री संतन देवी जाँगड़े के निर्देश पर एसडीएम भरतपुर द्वारा विकासखंड भरतपुर अंतर्गत संचालित दवा दुकानों एवं संदिग्ध स्वास्थ्य संस्थानों के औचक निरीक्षण हेतु संयुक्त जांच दल का गठन किया गया। इसके बाद रामगढ़ एवं जनकपुर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर्स, दवा दुकानों तथा संदिग्ध क्लीनिकों में सघन जांच अभियान चलाया गया।
नारकोटिक्स दवाओं और दस्तावेजों की हुई गहन जांच
संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान नारकोटिक्स एवं प्रतिबंधित दवाओं के क्रय-विक्रय, स्टॉक पंजी, दवा अभिलेखों तथा वैधानिक दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। प्रशासन ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कहीं भी बिना अनुमति प्रतिबंधित दवाओं का विक्रय या अवैध चिकित्सा गतिविधियां संचालित न हो रही हों।
अवैध क्लीनिक और मेडिकल स्टोर सील
जांच के दौरान रामगढ़ स्थित मंजू मेडिकल स्टोर्स एवं उसके समीप अवैध रूप से संचालित क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत संबंधित क्लीनिक एवं दवा दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
पांच मेडिकल स्टोर्स को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान पांच अन्य औषधि दुकानों में भी विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें प्रदीप मेडिकल स्टोर्स, जनकपुर आलिया मेडिकल स्टोर्स, जनकपुर, केसरवानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, सिंह मेडिकल स्टोर्स, जनकपुरॉ न्यू गुप्ता मेडिकल स्टोर्स, जनकपुर शामिल हैं।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुमति चिकित्सा गतिविधियों का संचालन, प्रतिबंधित दवाओं का अवैध विक्रय, नशीली दवाओं का दुरुपयोग अथवा औषधि संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त जांच दल में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस विशेष अभियान में एसडीएम भरतपुर, तहसीलदार भरतपुर , तहसीलदार कुवारपुर, बीएमओ, ड्रग्स इंस्पेक्टर भरतपुर सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं पुलिस बल शामिल रहे।
आमजन से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध चिकित्सा गतिविधि, बिना पंजीयन संचालित क्लीनिक, प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री या संदिग्ध मेडिकल गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई जिले में नशे के अवैध कारोबार एवं फर्जी चिकित्सा गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में प्रशासन की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी ऐसे निरीक्षण और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।
जिला प्रशासन का सख्त निर्देश: सिर्फ वाहनों को ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल: अवैध खरीद-बिक्री पर होगी कड़ी कार्रवाई
एमसीबी/15 मई 2026
जिले में ईंधन की जमाखोरी को रोकने और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है
अपर कलेक्टर अनिल सिदार द्वारा जारी इस आदेश के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ वाहनों को मिलेगा ईंधन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंप संचालक केवल वाहनों में ही डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति करेंगे । किसी भी स्थिति में खुले बर्तनों, जरिकेन या अवैध रूप से ईंधन देने पर पाबंदी रहेगी ।
आवश्यक सेवाओं के लिए रहेगा रिजर्व स्टॉक
एम्बुलेंस, शासकीय वाहनों और सुरक्षा बलों के वाहनों के लिए ईंधन की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इन आवश्यक सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी पंपों को पर्याप्त रिजर्व स्टॉक रखना अनिवार्य होगा।
स्टॉक की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य
सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने दैनिक स्टॉक की जानकारी अनिवार्य रूप से जिला कार्यालय की खाद्य शाखा को भेजनी होगी। यदि किसी पंप पर प्रतिदिन की औसत बिक्री के अनुसार दो दिन से कम का स्टॉक बचता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को देनी होगी। नए स्टॉक के लिए लोड बुक किए जाने की जानकारी भी लगातार खाद्य शाखा को देना अनिवार्य किया गया है।
जिले में वर्तमान स्टॉक की स्थिति
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में जिले में ईंधन और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है
पेट्रोल: 1,91,684 लीटर
डीजल: 1,93,700 लीटर
घरेलू गैस सिलेंडर (LPG): 1,572 नग
अवैध व्यवसाय करने वालों पर लगेगा 'आवश्यक वस्तु अधिनियम'
जिला प्रशासन गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रख रहा है। यदि कोई भी संचालक या व्यक्ति ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act) और संबंधित नियंत्रण आदेशों के तहत बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भीषण गर्मी में राहत की बड़ी पहल: महुआ पारा में दुरुस्त हुए हैंडपंप, ग्रामीणों को मिलने लगा स्वच्छ पेयजल
जल संकट के बीच प्रशासन सक्रिय, खराब हैंडपंपों की मरम्मत अभियान तेज
एमसीबी/14 मई 2026
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत नागपुर के महुआ पारा में विभागीय टीम ने पहुंचकर बंद एवं खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया। भीषण गर्मी की तीव्रता को देखते हुए विभाग द्वारा खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। हैंडपंपों के चालू होने से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंपों का निरीक्षण किया तथा तकनीकी सुधार कार्य कर पेयजल व्यवस्था को बहाल किया। विभाग द्वारा जिलेभर में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी गांव में पेयजल संकट उत्पन्न न हो। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच हैंडपंप बंद होने से काफी परेशानी हो रही थी, लेकिन विभाग की तत्परता से अब उन्हें बड़ी राहत मिली है। प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाती है। वर्तमान में जिलेभर में हैंडपंप मरम्मत एवं सुधार कार्य निरंतर जारी है, जिससे आमजन को भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कलेक्टर ने चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्र का किया व्यापक दौरा, विकास कार्यों, जल संरक्षण और जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
एमसीबी : कलेक्टर ने चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्र का किया व्यापक दौरा, विकास कार्यों, जल संरक्षण और जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर का सख्त रुख : राजस्व प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
5 साल पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
जनहित के मामलों में देरी नहीं चलेगी, समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करें... कलेक्टर संतन देवी जांगड़े
एमसीबी/12 मई 2026
कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जिले के सभी विभागों के लंबित प्रकरणों, जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं और जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, चिरमिरी नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आचला, समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कार्यों पर विशेष गंभीरता दिखाते हुए कहा कि आविवादित नामांतरण एवं बंटवारा के प्रकरण किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहने चाहिए तथा 15 जून से पूर्व समस्त प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विवादित मामलों में समय अधिक लग सकता है, लेकिन नियमित सुनवाई और सतत कार्रवाई अनिवार्य रूप से जारी रहनी चाहिए। वहीं तहसील मनेंद्रगढ़, भरतपुर, नागपुर एवं कुंवारपुर के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन के 52 लंबित मामलों तथा फौती नामांतरण के सभी प्रकरणों का निराकरण 15 जून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए।इसके साथ ही राजस्व शिविरों की समीक्षा के दौरान भरतपुर तहसील में 7 प्रकरण समय-सीमा के बाहर तथा 3 समय-सीमा के भीतर लंबित पाए गए। खड़गवां में 4, कोटाडोल में 6 तथा कुंवारपुर में 12 प्रकरण लंबित मिले, जिनमें 8 समय-सीमा से बाहर हैं। इन मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं डायवर्सन प्रकरणों की समीक्षा में मनेंद्रगढ़, भरतपुर, केल्हारी एवं चिरमिरी तहसीलों में लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। विवादित खाता विभाजन के मामलों में केल्हारी में 16 तथा चिरमिरी में 3 प्रकरण लंबित पाए गए। वहीं त्रुटि सुधार के कुल 59 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए भरतपुर में 20 तथा केल्हारी में 7 लंबित मामलों को जल्द निराकृत करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भरतपुर, चिरमिरी, केल्हारी, नागपुर एवं मनेंद्रगढ़ तहसीलों में समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत किया जाए। समीक्षा में केल्हारी में 3, नागपुर में 1 तथा चिरमिरी में 1 प्रकरण समय-सीमा से बाहर पाया गया। इसके साथ ही न्यायालयीन मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कोर्ट केसों की सुनवाई में तेजी लाई जाए तथा 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आगामी तीन माह बाद बजटवार एवं शीर्षवार विस्तृत समीक्षा की जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपना संपूर्ण एवं अद्यतन डाटा तैयार रखें।बैठक में नक्शा आबंटन, जिला पंचायत, व्यक्तिगत शौचालय, पीएम आवास, वन अधिकार पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। स्कूल शिक्षा विभाग के 95 स्कूलों में अपार आईडी निर्माण हेतु विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए।वहीं वन अधिकार पत्र वितरण की समीक्षा के दौरान जनपदवार हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा में मृदा परीक्षण के लक्ष्य 4300 के विरुद्ध 4238 परीक्षण पूर्ण होने पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही दलहन, तिलहन एवं धान फसलों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा किसानों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खाद एवं बीज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने डीएपी, सुपर फास्फेट सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बड़े, छोटे एवं सीमांत किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।वहीं समाज कल्याण विभाग के 26 हजार 246 हितग्राहियों में 1108 लंबित प्रकरण पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में श्रम विभाग, समितिवार योजनाएं, आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना एवं टीकाकरण अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु के बच्चियों के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।आईसीडीएस विभाग अंतर्गत महतारी वंदन योजना एवं भरतपुर एनआरसी के 603 प्रकरणों की समीक्षा की गई। बिहान, सुशासन तिहार एवं पीएमएवाई-यू की प्रगति की जानकारी लेते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। वहीं पीएमजीएसवाई अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों तथा धान उठाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं खनिज एवं वन विभाग की समीक्षा में वन विभाग की प्रगति लगभग 88 प्रतिशत पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया।बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मनरेगा भुगतान, नामांतरण, बंटवारा, फौती, त्रुटि सुधार, पीएम जनमन योजना, सिकल सेल एवं टीबी मुक्त पंचायत अभियान, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं प्रबंधन, जल जीवन मिशन, अंत्यव्यवसायी योजनाएं तथा राशन कार्ड प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत हितग्राहीवार जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिले के प्रत्येक शासकीय कार्यालय में वॉटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण कर उसकी फोटोग्राफ जमा कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं सुशासन तिहार पोर्टल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का तत्काल एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने आरटीआई ऑनबोर्डिंग, जनमांगों के प्राथमिकता आधारित समाधान तथा आम जनता से जुड़े प्रकरणों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक के अंत में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय-सीमा के भीतर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
बौरीडांड-अंबिकापुर रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए मुआवजा वितरण प्रक्रिया शुरू, 111 भूमि स्वामियों को मिलेगा लाभ
एमसीबी/12 मई 2026
जिले में बहुप्रतीक्षित बौरीडांडकृअंबिकापुर (सरगुजा) रेल दोहरीकरण परियोजना को लेकर भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रगति पर है और अब पात्र भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि वितरण की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। परियोजना से कुल 09 ग्राम कृ उजियारपुर, बरबसपुर, दर्रीटोला, सरोला, सेमरा, लाई, उदलकछार, शंकरगढ़ एवं बेलबहरा प्रभावित हैं। रेल दोहरीकरण कार्य के लिए कुल 6.980 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई है, जिसमें 111 निजी भूमिस्वामियों की 5.225 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 28 प्रकरणों में 1.755 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है।
इस परियोजना के लिए कुल 4 करोड़ 78 लाख 47 हजार 777 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा 05 मई 2026 को अवार्ड पारित किए जाने के बाद अब प्रभावित हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी तहसीलदार, उप तहसील नागपुर के माध्यम से संकलित की जा रही है, ताकि मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्रता से सीधे खातों में किया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित सभी भूमि स्वामियों को नियमानुसार पारदर्शी, त्वरित एवं सुगम प्रक्रिया के तहत मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्रीय रेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं को भी गति देगी।
बौरीडांड-अंबिकापुर रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए मुआवजा वितरण प्रक्रिया शुरू, 111 भूमि स्वामियों को मिलेगा लाभ
एमसीबी/12 मई 2026
जिले में बहुप्रतीक्षित बौरीडांडकृअंबिकापुर (सरगुजा) रेल दोहरीकरण परियोजना को लेकर भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रगति पर है और अब पात्र भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि वितरण की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। परियोजना से कुल 09 ग्राम कृ उजियारपुर, बरबसपुर, दर्रीटोला, सरोला, सेमरा, लाई, उदलकछार, शंकरगढ़ एवं बेलबहरा प्रभावित हैं। रेल दोहरीकरण कार्य के लिए कुल 6.980 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई है, जिसमें 111 निजी भूमिस्वामियों की 5.225 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 28 प्रकरणों में 1.755 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है।
इस परियोजना के लिए कुल 4 करोड़ 78 लाख 47 हजार 777 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा 05 मई 2026 को अवार्ड पारित किए जाने के बाद अब प्रभावित हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी तहसीलदार, उप तहसील नागपुर के माध्यम से संकलित की जा रही है, ताकि मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्रता से सीधे खातों में किया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित सभी भूमि स्वामियों को नियमानुसार पारदर्शी, त्वरित एवं सुगम प्रक्रिया के तहत मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्रीय रेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं को भी गति देगी।
जिले में 18 मई को रोजगार मेला, 118 पदों पर सीधी भर्ती का मौका
एमसीबी/11 मई 2026
जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध करवाते हुए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 18 मई 2026 को भव्य रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधी नियुक्ति का अवसर प्रदान करेगा। प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन
जिला रोजगार कार्यालय मनेंद्रगढ़ में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा, जिसके लिए जिलेभर से युवाओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। इस कैंप में शामिल होने के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्थान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस रोजगार मेले में शिक्षक, लाइब्रेरियन, ऑफिस असिस्टेंट, चपरासी एवं टेक्नीशियन ट्रेनी जैसे पद शामिल हैं। विभिन्न स्कूलों एवं संस्थानों जैसे अलेख पब्लिक स्कूल, विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल, अलास्का पब्लिक स्कूल तथा डॉ. आरएनएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन द्वारा शिक्षकों के पदों पर भर्ती की जाएगी।
शिक्षक पद के लिए अभ्यर्थियों के पास ग्रेजुएशन, बी.एड. या शिक्षा में डिप्लोमा आवश्यक है, जबकि कुछ पदों के लिए एम.एससी. एवं एम.एड. योग्यता भी मांगी गई है। लाइब्रेरियन के लिए बी.लाइब एवं ग्रेजुएशन, ऑफिस असिस्टेंट के लिए 12वीं एवं कंप्यूटर ज्ञान तथा चपरासी के लिए न्यूनतम 8वीं पास योग्यता निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, शिरामिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 100 टेक्नीशियन ट्रेनी पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसके लिए 10वीं, 12वीं, आईटीआई या डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इस पद हेतु ड्राइविंग लाइसेंस भी अनिवार्य रखा गया है।
वेतनमान पद के अनुसार 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित किया गया है।
रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प पूर्णतः निःशुल्क है, प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने हेतु आवेदकों को ईरोजगार पोर्टल में https://erojgar.cg.gov.in/या गुगल प्ले स्टोर में cgrojgar panjiyan app के माध्यम से पंजीकृत होना अनिवार्य है। पोर्टल में पंजीकृत आवेदको को ही प्लेसमेंट कैम्प सम्मिलित किया जायेगा। आवेदक अपने साथ समस्त शैक्षणिक तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र के साथ निवास-जाति/रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण-पत्र/आधार कार्ड तथा पासपोर्ट साईज फोटो के साथ प्लेसमेंट कैम्प हेतु निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होने सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन ने सभी योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाए।