छत्तीसगढ़ / बस्तर
अनुपस्थित चौकीदार को तत्काल उपस्थित होने के निर्देश
जगदलपुर। अनुविभागीय कृषि अधिकारी जगदलपुर द्वारा कार्यालय में पदस्थ चौकीदार सुकालू राम यादव को सूचित किया गया है कि विगत 03 अक्टूबर 2024 का आकस्मिक अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने के पश्चात आज पर्यंत लगातार बिना किसी सूचना के अपने कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित हैं। इस कार्यालय का पत्र क्रमांक 593 दिनांक 22 अक्टूबर 2024 एवं 614 दिनांक 05 नवम्बर 2024 एवं 640 दिनांक 28 नवम्बर 2024 एवं अंतिम स्मरण पत्र क्रमांक 803 दिनांक 15 जनवरी 2025 द्वारा सम्बन्धित को तत्काल कार्य पर उपस्थित होने हेतु सूचित किया गया, किन्तु आज पर्यंत सम्बन्धित अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं हुए हैं। अतएव इस सूचना के माध्यम से सम्बन्धित कर्मचारी को अंतिम बार सूचित किया जाता है
कि सूचना प्रकाशन के 07 दिवस के अंदर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें, अन्यथा यह माना जाएगा कि सम्बन्धित को शासकीय सेवा की आवश्यकता नहीं है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण संहिता के नियमों के तहत सम्बन्धित की सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जावेगी, जिसके लिए सम्बन्धित स्वयं जिम्मेदार होंगे।
कलेक्टर जनदर्शन में आमजनों ने सड़क-पेयजल के लिए दी आवेदन
जगदलपुर । कलेक्टर हरिस एस के द्वारा सोमवार को जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में जनदर्शन आयोजित किया गया। जिसमें आमजनों ने अपनी व्यक्तिगत समस्या से संबंधित मामलों के निराकरण , विभागीय शासकीय योजनाओं में लाभ दिलाने, ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल-मोबाइल टावर की समस्या, वृद्धजन-सामाजिक पेंशन के प्रकरण, पेनकार्ड बनवाने के साथ खाता खोलकर शिक्षा ऋण दिलाने, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की मांग, पेंशन की लंबित राशि दिलाने से सम्बंधित मांगों के लिए आवेदन दी। इस पर कलेक्टर ने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर सीपी बघेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों पर विभागों के अधिकारियों से चर्चा किए, उन्होंने प्रकरणों पर निराकरण के लिए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने विजयी प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
बस्तर की सांस्कृतिक खुशबु को देश-दुनिया तक पहुंचाने कर रहे बस्तर पंडुम का आयोजन : कश्यप
जगदलपुर। बस्तर पण्डुम-2025 के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यक्रम का समापन लोक संस्कृति की अनुपम छटा के साथ रविवार को स्थानीय प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम में हुआ। इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, एसपी श्री शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन तथा सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों ने समूचे जिले के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी। इस दौरान जिले के सभी ब्लॉकों के प्रतिभागियों ने जिला स्तरीय बस्तर पण्डुम में बारिश के बावजूद उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस मौके पर सांसद महेश कश्यप ने समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारा बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, अपार खनिज संपदा और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध होने के फलस्वरूप समूचे विश्व में प्रसिद्ध है। जिले के प्रतिभागी इतनी बड़ी संख्या में बस्तर पंडुम के इस आयोजन में सहभागी बने हैं। हमारे पूर्वजों ने बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेज कर रखा और हमें यह समृद्ध विरासत मिला है। वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति, परम्परा, रीति-रिवाज से दूर होती जा रही है, इसलिए हम सबका कर्तव्य है कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करें। बस्तर की सांस्कृतिक खुशबु को देश-दुनिया तक पहुंचाना है। यहां की संस्कृति, परम्परा, तीज-तिहार अलग-अलग कलाओं एवं रीति-रिवाज को पहचान देने के लिए हमारे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। सांसद श्री कश्यप ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस आयोजन से बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परम्परा, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाके के युवाओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर विकास में सहभागी बनाने के लिए हरसम्भव पहल कर रही है। यही वजह है कि बस्तर के हर क्षेत्र में विकास की धारा पहुंच रही है और आने वाले दिनों में बस्तर के चहुंओर शांति और विकास की बयार बहेगी। बस्तर की संस्कृति को संजोने के लिए विभिन्न कलाकारों को मंच प्रदान किया जा रहा है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलिंपिक कराने का मूल उदेश्य यहां के युवा माओवाद से मुक्त होकर मुख्यधारा में जुड़ें तथा हमारे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की मंशानुरूप बस्तर को मार्च 2026 तक माओवाद समस्या मुक्त कर बस्तर को शांति का टापू बनाएंगे।
बस्तर पंडुम समापन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कहा कि यह महोत्सव हमारी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का अवसर है। उन्होंने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और बस्तर की अनूठी पहचान को आगे बढ़ाएं। बस्तर पंडुम बस्तर की संस्कृति, लोकनृत्य, परम्परा, हाट-बाजार और आदिवासी समाज की जीवनशैली को दर्शाने वाला एक प्रमुख आयोजन है। आरंभ में कलेक्टर श्री हरिस एस ने बताया कि जिले के सभी विकासखण्डों में ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम आयोजन के बाद चयनित करीब तीन हजार प्रतिभागियों ने इस जिला स्तरीय बस्तर पंडुम में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति, रीति-रिवाज, परम्परा, कला, खान-पान की अनोखी झलक देखने को मिली।
जिसमें सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों और सदस्यों, निर्णायकों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में लोक नाट्य कला में बकावंड विकासखंड विजेता रही, लोक वाद्ययंत्र में जगदलपुर विकासखंड को, लोक गीत में विवाह संस्कार गीत हेतु जगदलपुर को, जनजाति वेशभूषा में सोमा बघेल और साथी, लोक शिल्प कला में तोकापाल ब्लॉक, जनजाति पेय पदार्थ एवं व्यंजन हेतु हिंगलाजिन स्व-सहायता बकावंड और मंडई नाचा में दरभा ब्लॉक को पहला स्थान दिया गया। इस अवसर पर बस्तर के सामाजिक नेतृत्वकर्ता मांझी-चालकी, आदिवासी समाज के पदाधिकारियों सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
आयुष्मान व वय वंदना कार्ड पंजीयन के लिए महाअभियान 24 से
जगदलपुर । कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड बनाए जाने के लिए महाअभियान 24 से 27 मार्च तक चलाया जाएगा। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सहयोगी विभाग पंचायत विभाग, महिला बाल विकास, राजस्व विभाग, खाद्य, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग के सहयोग से संपूर्ण बस्तर जिले में आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड का निर्माण कार्य किया जाएगा। जिसके तहत जिले में प्रत्येक पंचायत स्तर पर और जगदलपुर शहर के सभी 48 वार्ड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम के द्वारा निर्धारित स्थान पर कार्ड का निर्माण किया जाएगा।
इस बारे में सीएमएचओ डाॅ. संजय बसाक ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के तहत बीपीएल राशन कार्डधारी एक परिवार के सभी सदस्यों को 5 लाख रुपए तक का प्रतिवर्ष चिकित्सकीय लाभ भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इसी तरह एपीएल कार्डधारी परिवार के सभी सदस्यों को प्रतिवर्ष 50 हजार रुपए तक का चिकित्सकीय लाभ दिया जाता है। इस महाभियान का मुख्य उद्देश्य वय वंदना आयुष्मान कार्ड का निर्माण किया जाना है। इस कार्ड के तहत सभी भारतीय नागरिक जिनकी उम्र 70 वर्ष या उससे अधिक हो, जिनके पास अपना आधार कार्ड हो ऐसे वरिष्ठ बुजुर्गों को 5 लाख रुपए तक का चिकित्सकीय लाभ शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उल्लेखनीय यह है कि बीपीएल परिवार के सभी सदस्यों को तो 5 लाख रुपए तक का चिकित्सकीय लाभ प्राप्त होगा ही और यदि उसी परिवार में एक भी 70 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्य व्यक्ति हों तो उनको अलग से 5 लाख रुपए तक का चिकित्सकीय सुविधा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित सभी शासकीय अस्पताल एवं राज्य शासन से पंजीकृत निजी अस्पताल में उपलब्ध कराया जाएगा।
जिले में अब तक आयुष्मान कार्ड के निर्माण का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है, परंतु वृद्धजनों के लिए भारत सरकार की योजना वय वंदना कार्ड काफी कम संख्या में बनने के कारण इस हेतु महाअभियान संपूर्ण जिले में चलाया जा रहा है इस अभियान में विभाग द्वारा गठित आयुष्मान कार्ड निर्माण टीम का गठन कर संपूर्ण जिले और जगदलपुर शहर के प्रत्येक वार्ड में कार्ड का निर्माण किया जाएगा। सीएमएचओ ने आम नागरिकों से अपील करते हुए अपने घर-परिवार के 70 वर्ष या अधिक आयु वर्ग के बुजुर्ग सदस्यों का वय वंदना कार्ड बनाने के लिए अनिवार्य रूप से पंजीयन करवाएं , जिससे बुजुर्गों को शासन की निर्धारित चिकित्सकीय सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सके।
अधीक्षण अभियंता ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा
कार्यों को तेजी से संचालित कर शीघ्र पूर्ण करने दिए निर्देश
जगदलपुर । अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कैलाश मंडरिया द्वारा गुरुवार को बस्तर जिले के अंतर्गत जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर कार्यों को तेजी के साथ संचालित कर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने खंड जगदलपुर के अंतर्गत वर्तमान में प्रगतिरत जल प्रदाय योजनाओं को समयबद्ध रूप से चलाए जाने सहित नियमित तौर पर मॉनिटरिंग कर अद्यतन प्रगति लाने तथा नियत समय में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही धीमी प्रगति वाले कार्यों के विलंब हेतु सम्बन्धित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के साथ ही कार्यों में जल्द अद्यतन प्रगति लाने निर्देशित करने कहा। वहीं कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए रुचि नहीं रखने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार पेनाल्टी सहित अन्य कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता ने जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का अनुपालन करवाने पर ध्यान केंद्रीत किए जाने कहा और सहायक अभियंताओं तथा उप अभियंताओं को निरंतर फील्ड भ्रमण कर कार्यों की मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। वहीं कार्यों की प्रगति एवं पूर्णता में लापरवाही बरतने वाले सम्बन्धित सहायक अभियंता तथा उप अभियंता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने की चेतावनी दी।
उन्होंने हर घर प्रमाणीकरण कार्य में भी फोकस कर प्रगति लाने पर बल दिया और ग्राम पंचायतों से समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता ने ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था हेतु जल प्रदाय योजना, सोलर ड्यूल पंपों तथा हैंडपंप का समुचित संधारण करने निर्देश दिए और सुधार योग्य सोलर ड्यूल पंपों तथा हेंडपंपों का मरम्मत हेतु सघन अभियान चलाये जाने कहा। उन्होंने उक्त मरम्मत अभियान की नियमित मॉनिटरिंग किये जाने के निर्देश भी दिए। बैठक में कार्यपालन अभियंता जगदलपुर खण्ड एचएस मरकाम सहित जिले में पदस्थ सभी एसडीओ एवं उप अभियंता और जल जीवन मिशन से जुड़े अन्य अमला मौजूद रहे।
कर्तव्य से अनुपस्थित कर्मचारियों को कार्य पर तत्काल उपस्थित होने के निर्देश
जगदलपुर । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर द्वारा विभाग के अधीनस्थ स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित कर्मचारियों शिव कुमार देहारी, पुरूषोत्तम साहू एवं मोहन कश्यप को 05 दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेज के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा संबंधित कर्मचारियों के विरूद्ध नियमानुसार सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार जिले के अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तोकापाल के वार्ड ब्वाॅय शिव कुमार देहारी 18 जनवरी 2024, उप स्वास्थ्य केन्द्र सिलकझोड़ी बास्तानार के आरएचओ पुरूषोत्तम साहू 04 मार्च 2017 एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र बेड़ाउमरगांव बकावण्ड के आरएचओ मोहन कश्यप 17 मई 2017 से बगैर पूर्व सूचना के अपने कर्तव्य से अनुपस्थित हैं।
कलेक्टर जनदर्शन में विभागीय योजनाओं से सम्बंधित मांगों और समस्याओं के लिए आमजनों ने दी आवेदन
जगदलपुर। कलेक्टर हरिस एस के द्वारा सोमवार को जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में जनदर्शन आयोजित किया गया। जिसमें विभागीय योजनाओं से सम्बंधित मांगों और समस्याओं के लिए आमजनों ने आवेदन दी। इस पर कलेक्टर ने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर सीपी बघेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वरोजगार योजनांतर्गत सहायता से संचिता ने पैतृक व्यवसाय को दी नई दिशा
जगदलपुर । शहर के राजेन्द्र प्रसाद वार्ड निवासी कुमारी संचिता यदु अपनी हायर सेकंडरी की पढ़ाई के बाद रोजगार की तलाश में थी लेकिन वर्तमान समय में हर किसी को आसानी से रोजगार सुलभ होना मुश्किल है। यही स्थिति संचिता के साथ भी हुई, तो संचिता ने अपने पिता के आलू-प्याज एवं लहसुन विक्रय कारोबार को ही अपनाने की सोची, परन्तु उसकी समस्या पूंजी की थी। इस बीच उसे शासन की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी मिली तो उम्मीद की किरण दिखाई दी और इस योजनांतर्गत लाभान्वित होकर आज संचिता अपने पैतृक व्यवसाय को एक नई दिशा दे चुकी हैं।
संचिता बताती हैं कि पिता के देहांत के उपरांत परिवार में स्वयं के साथ माता एवं एक भाई सहित तीन सदस्यीय परिवार के भरण पोषण की चिंता थी। घर के अलावा कोई कृषि भूमि नही थी, किन्तु परिवार की स्थिति को देखते हुऐ जीवन निर्वाह करने के लिए अतिरिक्त आय की जरूरत हो रही थी, बड़ी होने के कारण मुझे जिम्मेदारी लेनी पड़ी और मैं अपने पिता के आलू-प्याज एवं लहसुन बिक्री व्यवसाय को आगे बढ़ाने की सोचते हुए काम चालू कर दिया। किन्तु कुछ समय के बाद दुकान चलाने के लिए पूंजी कम होने लगी, तभी बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स जगदलपुर में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारी से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के शिविर से जानकारी मिली, उसके उपरांत इस योजना के अंतर्गत पूर्व से संचालित आलू-प्याज एवं लहसुन बिक्री व्यवसाय हेतु दो लाख रुपए ऋण राशि के लिये आवेदन किया गया और मुझे ऋण जनवरी 2023 को छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक अग्रसेन चैक जगदलपुर द्वारा इस योजना के अंतर्गत दो लाख रूपये की ऋण राशि स्वीकृत कर वितरित किया गया। उसके बाद उद्योग विभाग द्वारा एक सप्ताह का उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कराया जिसमें मैंने पूर्ण उपस्थिति देकर प्रशिक्षण ग्रहण किया और मेरे वर्ग अनुसार मुझे 30 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया।
संचिता ने बताया कि आज दुकान चलाते हुए करीब 3 साल हो गये और मैं अपने कारोबार की आय से समय पर ऋण राशि का पूर्ण भुगतान कर रही हूं। रोजाना दुकान से लगभग पांच से दस हजार रुपये की ब्रिकी होती है और मुझे हर दिन लगभग दो हजार रुपए की आमदनी होती है। अब मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से अच्छी हो गई है और परिवार खुशहाल है।
एमआईएस-आईईसी कोऑर्डिनेटर की संभाग स्तरीय कार्यशाला
जगदलपुर । लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंडल कार्यालय जगदलपुर में गुरुवार को बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यरत आईएसए, एमआईएस एवं आईईसी कोऑर्डिनेटर की संभाग स्तरीय कार्यशाला हुई। जिसमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणीकरण में आ रही समस्याओं और कठिनाइयों के निराकरण हेतु विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान स्टेट कोऑर्डिनेटर मंजरी द्वारा पॉवर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से स्थानीय समाज प्रमुखों, पंचायत पदाधिकारियों और लक्षित लाभार्थियों से सतत सम्पर्क एवं संवाद स्थापित कर जल प्रदाय योजनाओं का महत्व, रखरखाव सहित संधारण के लिए सहयोग प्रदान करने और जल संरक्षण के महत्व के प्रति जनजागरूकता निर्मित किए जाने पर जोर दिया। साथ ही भावी पीढ़ी के लिए पानी बचाओ मुहिम चलाए जाने के लिए स्थानीय समुदाय की सहभागिता निभाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता निरूपित किया। वहीं जल वाहिनी समूह से जुड़े महिलाओं को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अभिप्रेरित किए जाने कहा। कार्यशाला में सम्मिलित प्रतिभागियों के शंकाओं का समाधान भी किया गया।
होली त्यौहार शांति एवं सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मनाएं : अपर कलेक्टर
शांति एवं कानून व्यवस्था समिति की बैठक
जगदलपुर । कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर सीपी बघेल ने जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में शांति एवं कानून व्यवस्था समिति की बैठक ली। उन्होंने कहा कि होली त्यौहार रंगों का पर्व के साथ ही प्रेम और भाईचारे का त्यौहार है, जिला में होली त्यौहार शांति एवं सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। होलिका दहन के दौरान डामर सड़क, बिजली के तार और पोल से दूरी बनाकर किया जाए। होली त्यौहार रंगों का पर्व है लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा हुड़दंग भी करने की कोशिश होगी इस पर नियंत्रण करवाना समाज प्रमुखों, गणमान्य नागरिकों की जिम्मेदारी है।
इस पर नियंत्रण हेतु प्रशासन और पुलिस विभाग अपना कर्तव्य तो निभायेंगे ही, लेकिन नागरिकों को भी इस दिशा में सहयोग प्रदान करना आवश्यक है। विभिन्न कक्षाओं का वार्षिक परीक्षा इस समय भी चल रहा है इसलिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से बचना होगा । बैठक में अति. पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों पर सुरक्षा हेतु पर्याप्त सुरक्षा बल लगाया जाएगा साथ ही होलिका दहन के दिन शहर में फ्लैग मार्च का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में सभी नागरिकों से अपील की गई कि होली खेलते समय ध्यान रखे कि रंग गुलाल बिना सहमति के किसी भी व्यक्ति एवं महिला पर ना डालें। यदि उनके द्वारा रंग गुलाल नहीं खेलने का अनुरोध करते है तो उनकी भावना का सम्मान किया जाए। नशे की हालत में दो पहिया या चार पहिया वाहन ना चलायें। दो पहिया वाहन में दो से अधिक सवारी ना बिठाए और ना ही तेज गति से चलायें। पुलिस द्वारा तीन सवारी गाड़ियों पर आज से कार्यवाही करने की जानकारी दी गई साथ ही शराब सेवन कर गाड़ी चलाने पर जप्ती की कार्यवाही करने की सूचना दी गई।तेज रफ्तार से वाहन न चलाएँ और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने होलिका दहन एवं रंग उत्सव के दिन शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु पर्याप्त पुलिस व्यवस्था, आपात कालीन सेवा हेतु नम्बर जारी करने, अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी मय एम्बूलेंस व्यवस्था करने का सुझाव दिया।
आपातकालीन हेतु दूरभाष नंबर जारी
आपातकालीन की स्थिति होने पर पुलिस कंट्रोल रूम 07782-222170, 9479194098 और 112 पर संपर्क कर सकते है। बैठक में सीएसपी आकाश श्रीश्रीमाल वर्मा, एस डी एम भरत कौशिक सहित सामाजिक संस्था के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने किया बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण
बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर
जगदलपुर । बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक लता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे।
बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो
बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है। ष्बस्तर पंडुमष् गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है।
नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन
‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण
बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।
बस्तर जिले को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग द्वारा 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार
जगदलपुर। बस्तर जिले ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने, नवीन शैक्षणिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन और शिक्षक-छात्र संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नीति आयोग ने बस्तर जिले को 3 करोड़ रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई देते हुए कहा कि बस्तर जिले के विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और हमारी सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता ने जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार आकांक्षी जिलों में बुनियादी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की समावेशी एवं नवाचारयुक्त नीति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में संपूर्ण शिक्षा तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा बस्तर में बौद्धिक और शैक्षणिक विकास को नया आयाम देने के लिए राज्य सरकार को और अधिक प्रेरित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में यह उपलब्धि न केवल बस्तर जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए टीम भावना के साथ करें बेहतर प्रदर्शन : कमिश्नर डोमन सिंह
जगदलपुर । कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए टीम भावना के साथ मिलकर काम करना जरूरी है, जिससे निर्धारित सूचकांक पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास सहित पर्यावरणीय आयाम स्थापित करने की दिशा में संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा वर्ष 2015 में अपनाए गए 17 सतत विकास लक्ष्यों का उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल और स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए ठोस कदम तथा समावेशी आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करना है।
जिला स्तर पर बेहतर रणनीति के साथ इन सेक्टरों में अच्छा कार्य और मॉनिटरिंग से ही आशातीत परिणाम हासिल किया जा सकता है। साथ ही धरातल पर बेहतर कार्य करने के लिए मैदानी अमले को निरन्तर मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करना आवश्यक है। कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह शुक्रवार को शासकीय गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय कुम्हरावण्ड के आडिटोरियम में राज्य नीति आयोग के द्वारा आयोजित सतत विकास लक्ष्य उन्मुखीकरण संभाग स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
कमिश्नर ने इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बस्तर की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करने की चुनौती को स्वीकार कर योजनाबद्ध ढंग से सकारात्मक प्रयास करने के लिए अधिकारियों को अभिप्रेरित करते हुए लक्ष्य हासिल किए जाने कहा। आरंभ में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव नीतू गौरडिया ने स्वागत उदबोधन में सतत विकास लक्ष्य उन्मुखीकरण प्रशिक्षण के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सतत विकास लक्ष्यों को फ्रेमवर्क के आधार पर साझा प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसे हासिल करने के लिए संसाधनों का अधिक प्रभावी और समुचित उपयोग से लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलती है। वहीं लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु निर्धारित इंडीकेटर्स की नियमित मॉनिटरिंग करने पर ध्यान केंद्रीत करना होगा। उन्होंने लक्ष्यों को हासिल करने हेतु संस्थागत व्यवस्था की भी विस्तृत जानकारी देते हुए जिला स्तर पर क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया।
प्रशिक्षण सह कार्यशाला में राज्य नीति आयोग के तकनीकी विशेषज्ञों ने पॉवर पाइंट प्रस्तुति के जरिए स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क, एसआईएफ बेसलाइन एवं प्रोग्रेस रिपोर्ट, डिस्ट्रिक्ट इंडीकेटर फ्रेमवर्क के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया और डिस्ट्रिक्ट इंडीकेटर फ्रेमवर्क के आधार पर जिला स्तरीय कार्यान्वयन और निगरानी समिति के माध्यम से जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सतत विकास लक्ष्य के प्रचार-प्रसार सहित स्थानीयकरण के लिए कार्य, जिले में सतत विकास लक्ष्य के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु कार्य, राज्य को डिस्ट्रिक्ट इंडीकेटर फ्रेमवर्क संकेतकों के लिए डेटा प्रदान किए जाने कहा गया। साथ ही कार्यान्वयन हेतु जिम्मेदारी निर्धारित कर टीम में कार्य वितरण सहित सहयोगात्मक वातावरण में नवाचार और सृजनशीलता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
कार्यशाला में राज्य नीति आयोग की टीम ने सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुति दी। साथ ही सतत विकास लक्ष्यों के तहत राज्य में हो रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं बताया गया कि डैशबोर्ड के माध्यम से डेटा प्रविष्टि, विश्लेषण और निर्णय-निर्माण को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया गया है, जिससे नीति-निर्माण अधिक प्रभावी और पारदर्शी हो सकेगी। इस दौरान प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों के शंकाओं का भी समाधान किया गया। प्रशिक्षण सह कार्यशाला में बस्तर संभाग के सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
10 परीक्षा केन्द्रों में 09 मार्च को होगी व्यापमं की प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा 09 मार्च 2025 को प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 12.15 बजे तक जगदलपुर के 10 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जाएगी। जिसके तहत शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज धरमपुरा नम्बर 02 जगदलपुर, शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय धरमपुरा नम्बर 03 जगदलपुर, शासकीय दन्तेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय शांति नगर जगदलपुर, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हायर सेकण्डरी स्कूल क्रमांक जगदलपुर, शासकीय बहुउद्देशीय हायर सेकण्डरी स्कूल जगदलपुर, बाल विहार हायर सेकण्डरी स्कूल बालाजी वार्ड जगदलपुर, स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल धरमपुरा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स केम्पस धरमपुरा जगदलपुर, स्वामी विवेकानंद शासकीय एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल अग्रसेन चैक संजय मार्केट रोड जगदलपुर, स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट हिन्दी मीडियम शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल रेल्वे कालोनी जगदलपुर तथा धरमु माहरा शासकीय महिला पॉलिटेक्निक धरमपुरा नम्बर 02 जगदलपुर परीक्षा केन्द्रों पर उक्त भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। उपरोक्त परीक्षा में समस्त परीक्षार्थियों को वर्तमान वर्ष का प्रवेश पत्र लेकर आना अनिवार्य है।
परीक्षा के सफल संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री गगन शर्मा मोबाइल नंबर 81038-17122 को नोडल अधिकारी तथा सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री ब्रजभूषण देवांगन मोबाइल नंबर 98935-29655 को सहायक नोडल अधिकारी और प्राचार्य शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धरमपुरा जगदलपुर डॉ. अनिल श्रीवास्तव मोबाइल नंबर 98274-91253 को समन्वयक एवं सहायक प्राध्यापक शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धरमपुरा जगदलपुर डॉ. अजय सिंह ठाकुर मोबाइल नंबर 70009-74126 को सहायक समन्वयक नियुक्त किया गया है।
परीक्षाओं के मद्देनजर कोलाहल नियंत्रण अधिनियम प्रभावशील, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध
जगदलपुर । कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री हरिस एस द्वारा विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन शिक्षा सत्र 2024-25 के अंतर्गत आयोजित वार्षिक परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों और परीक्षार्थियों के अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न नहीं हो, इसे मद्देनजर रखते हुए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत सम्पूर्ण बस्तर जिले में प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक अधिनियम की धारा 13 (1) में उल्लेखित अवसरों को छोड़कर अधिनियम की धारा 2 के अन्तर्गत परिभाषित कोलाहल एवं समस्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर आगामी आदेश तक के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
उक्त आदेश का उल्लंघन अधिनियम की धारा 15 के अधीन दण्डनीय होगा। कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 2 घ की शक्तियों को प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा 7 के प्रयोजन के लिये उपयुक्त अवसरों पर सीमित अवधि के लिए अनुज्ञा देने हेतु नगर दण्डाधिकारी जगदलपुर एवं समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को उनके स्थानीय क्षेत्राधिकारिता के अन्तर्गत विहित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करने हेतु सशक्त किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
जगदलपुर नगर निगम के नव निर्वाचित महापौर-पार्षदों ने लिए शपथ
जगदलपुर । उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में नगर पालिक निगम जगदलपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी मंदिर प्रांगण जगदलपुर में संपन्न हुआ। इस मौके पर कलेक्टर हरिस एस ने महापौर एवं पार्षदों को शपथ दिलाई।
महापौर संजय पांडे ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर जगदलपुर शहर को स्वच्छ, सुन्दर एवं सुविधापूर्ण शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार जगदलपुर शहर की तरक्की के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बीते 15 महीने में प्रदेश के नगरीय निकायों में 7500 करोड़ रुपये से अधिक राशि से विकास कार्य किया गया है। वहीं जगदलपुर शहर के लिए 82 करोड़ रुपए से अधिक लागत से आधारभूत संरचना विकसित किया जा रहा है। आगामी दिनों में जगदलपुर के 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान रखकर शहर के समग्र विकास की दिशा में हम सभी मिलकर पहल करेंगे। इस दौरान सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी सम्बोधित करते हुए जगदलपुर शहर के सर्वांगीण विकास हेतु हरसम्भव पहल करने का संकल्प व्यक्त किया।
शपथ ग्रहण उपरांत महापौर संजय पांडे ने उप मुख्यमंत्री अरूण साव एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, विधायक केशकाल नीलकंठ टीकाम, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, बस्तर राज परिवार के कमलचन्द्र भंजदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिक उपस्थित थे। समारोह के अंत में महापौर संजय पांडे ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
हॉस्पिटल की बंद पड़ी लिफ्ट में मरीज की लाश मिली
जगदलपुर । डिमरापाल मेडिकल कॉलेज की बंद पड़ी लिफ्ट में एक मरीज की लाश मिली है। बताया जा रहा है कि वह इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज से कहीं चला गया था। परिजन उसे ढूंढ रहे थे। वहीं 8 दिनों के बाद उसकी लाश बरामद की गई है। उसकी मौत कैसे हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं है। मामला जिले के परपा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, युवक का नाम प्रकाश इजागिरी (40) है। ये बीजापुर जिले के नैमेड इलाके का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि यह मानसिक रूप से बीमार था। परिजन 16 फरवरी को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। जहां इसे मेल वार्ड में भर्ती किया गया था। वहीं इसका इलाज जारी था। फिर करीब 4 दिन बाद 20 फरवरी को ये कहीं चला गया।
जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजन उसे ढूंढने की कोशिश किए। लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। वहीं पिछले 2 से 3 दिनों से लिफ्ट के पास से काफी बदबू आने लगी थी। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बंद पड़ी लिफ्ट खुलवाई। जब देखा तो नीचे युवक की लाश पड़ी मिली। जिसके बाद शव बरामद किया गया।