छत्तीसगढ़ / बस्तर
सड़क दुर्घटना में घायल 5 वर्षीय बच्ची की हुई मौत
जगदलपुर । बस्तर थान क्षेत्र अंर्तगत ग्राम परचनपाल कन्या आश्रम के पास 4 जनवरी की दोपहर को एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पार कर रही 5 वर्षीय बच्ची को टक्कर मार दी थी।
इस घटना के बाद घायल बच्ची को उपचार के लिए मेकॉज लाया गया, जहां उपचार के दौरान आज बुधवार को बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार परचनपाल निवासी हेमसिंग ठाकुर की 5 वर्षीय पुत्री फालवी उर्फ धानी 4 जनवरी को परचनपाल के पास सड़क किनारे खड़ी थी कि अचानक से अपने रिश्तेदार को देखकर सड़क पार करने के लिए दौड़ गई।
बच्ची को सड़क पार करता देख बस्तर की ओर से जगदलपुर जा रहे ट्रक चालक ने वाहन रोकने का प्रयास किय, लेकिन बच्ची ट्रक की चपेट में आ गई।
घटना के बाद आस-पास ले लोगों ने घायल बच्ची को उपचार के लिए मेकॉज में भर्ती किया गया, जहां उपचार के दौरान 8 जनवरी की सुबह बच्ची की मौत हो गई।
सैर-सपाटे के साथ पिकनिक का नया डेस्टिनेशन तिरिया
वन विभाग पर्यटन समिति के माध्यम से कर रही पर्यटक सुविधाओं को विकसित
जगदलपुर । नव वर्ष के आगमन के साथ ही बस्तर जिले का नया पर्यटन स्थल तिरिया पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। हरे-भरे जंगल, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थान लोगों को शहरी जीवन की भाग-दौड़ से दूर शांति और सुकून का अनुभव करा रहा है। तिरिया अपनी प्राकृतिक झरनों, घने जंगलों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह सैर सपाटे और पिकनिक के लिए एक नया डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो रहा है। नव वर्ष की छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों के साथ प्रकृति का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इसे मद्देनजर रखते हुए प्रशासन द्वारा स्थानीय पर्यटन समिति के माध्यम से इस पर्यटन स्थल की विशेष रूप से साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक पहल किया गया है, जिससे पर्यटकों को सहूलियत हो सके। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 40 किलोमीटर वनांचल में स्थित तिरिया तक दुपहिया या टैक्सी के माध्यम से आसानी के साथ पहुंचा जा सकता है।
स्थानीय पर्यटन समिति के सदस्य लोकूराम बताते हैं कि शासन द्वारा ग्रामसभा को सामुदायिक वन संसाधन पत्र प्रदान किया गया है। जिससे उनकी समिति के युवा यहां पर्यटकों को बम्बू राफ्टिंग और नौका विहार करवा रहे हैं। साथ ही पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन परोस कर उन्हें पारम्परिक बस्तरिया स्वाद से वाकिफ करवा रहे हैं। इसके जरिए समिति के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है और अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि तिरिया पर्यटन स्थल का प्राकृतिक सौंदर्य सालभर पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन सर्दियों के मौसम में इसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है। झरनों से गिरता हुआ पानी और हरियाली का दृश्य एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। वन विभाग ने पर्यटन समिति के युवाओं के जरिए इस बार तिरिया में कई नई सुविधाएं भी जोड़ी हैं, जिनमें बेहतर पार्किंग सुविधा, बम्बू राफ्टिंग, नौका विहार और गाइड सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा, स्थानीय व्यंजन और स्थानीय संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं। पर्यटन समिति आगामी दिनों में ट्रैकिंग और कैम्पिंग की सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी कर रही है।
पर्यटकों ने इस स्थल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जगह न केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए खास है, बल्कि पिकनिक मनाने वाले लोगों का भी पंसदीन्दा स्थल बन चुका है। ट्रैकिंग और कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के शुरू होने से अधिकाधिक युवा वर्ग तिरिया में ज्यादा आकर्षित होंगे।
पर्यटन समिति के युवा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए तिरिया को विकसित करने की योजना बनाई है। इस पहल से स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिति द्वारा यहां पर स्वच्छता एवं साफ-सफाई रखने के लिए पर्यटकों से अपील करते हुए प्रकृति के इस अनुपम धरोहर के संरक्षण में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। वास्तव में नव वर्ष पर तिरिया की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि बस्तर के पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं, जो आने वाले समय में राज्य के पर्यटन उद्योग को एक नई दिशा दे सकती है।
जगदलपुर विधानसभा की जनता ने विधायक किरण देव का किया धन्यवाद
प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण सिंह देव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,प्रभारी मंत्री एवं गृह व पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा,नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव का किया धन्यवाद
जहां बच्चों को नक्सली थमाते थे बंदूक, वहां AI की मदद से बच्चे गढ़ रहे अपना भविष्य
जगदलपुर। प्रकाश संश्लेषण क्या होता है? दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित भांसी के पीएमश्री आवासीय विद्यालय पोर्टाकेबिन में आठवीं कक्षा के छात्र विकास अटरा ने जैसे ही यह प्रश्न किया, मोबाइल में उपलब्ध चैट-जीपीटी (चैट-जेनेरेटिव प्री-ट्रेंड ट्रांसफार्मर) ने अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चैटबाट से मनकू के प्रश्न को समझकर उसे प्रकाश संश्लेषण की जानकारी दी।
जिले के 731 स्कूलों के 32 हजार विद्यार्थी एआई से पढ़ रहे हैं। विकास ने दोबारा कहा कि उसे समझ नहीं आया, तो इस बार जैट-जीपीटी ने फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देकर उसकी जिज्ञासा शांत की। विकास मसेनार गांव का रहने वाला है।
शिक्षा के क्षेत्र में आ रही क्रांति
नक्सलियों ने उसके गांव के स्कूल को तोड़ दिया था, इसलिए वह भांसी पोर्टाकेबिन में रहकर पढ़ाई करता है। नक्सल हिंसा से प्रभावित दंतेवाड़ा में जब एजुकेशन हब बना, तो इसकी चर्चा देशभर में हुई थी। दंतेवाड़ा में बच्चों के हाथों में नक्सली बंदूक थमाया करते थे।
वहां अब नक्सल गतिविधियों के थमते ही गांव-गांव में बच्चे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से पढ़ाई संग देश-दुनिया के बारे में जान रहे हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा द्वारा शुरू किया गया यह प्रयोग नक्सल क्षेत्र में शिक्षा क्रांति लेकर आया है।
सरल शिक्षा से समृद्ध हो रहा ज्ञान
बर्फ क्यों जमती है? आकाश का रंग नीला क्यों है? ऐसे कई प्रश्न जो बच्चों के मन में है, पर किताब में नहीं हैं, उसकी जानकारी भी अब एआई के माध्यम से बच्चों को मिल रही है और वे अपने ज्ञान को समृद्ध कर पा रहे हैं। गीदम की संगीता कहती है कि इससे पढ़ाई करने में आनंद आता है।
शिक्षक रमेश साहू कहते हैं कि दंतेवाड़ा विकासखंड के कई स्कूल में शिक्षकों की कमी है। ऐसे स्कूल में एआई से पढ़ाई शुरू करवाने पर शिक्षक के बिना भी बच्चे आसानी से विषय को समझ पा रहे हैं।
जल जीवन मिशन से विश्वप्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ के हर घर पहुंचा जल
पानी बचाओ मुहिम से जुड़ी महिलाएं जागरूकता की जगा रही अलख
जगदलपुर । सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है इस योजना ने न केवल स्वास्थ्य में सुधार किया है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा परिवर्तन लाया है। इसी क्रम में जिले के विकासखण्ड दरभा अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन ग्राम तीरथगढ़ में भी जल जीवन मिशन के द्वारा जलापूर्ति होने से लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। इसी गांव में विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात है जो मुनगाबहार नदी से बनता है इसकी सुन्दरता मन को मोह लेने वाली है चारों ओर पहाड़ एवं घने जंगल और हरी-भरी वादियां हैं जो पर्यटको को रोमांच से भर देती है। बाहरी लोगों के सम्पर्क में आने के कारण यहां के ग्रामीणों के जीवन में बाहरी बदलाव भी देखने को मिलता है। महिलाएं दुकान चलाती हैं और पुरूष खेती-किसानी करते हैं।
तीरथगढ़ के डेढ़ हजार से अधिक की आबादी पहले जलसंकट से जूझ रही थी, मुनगाबहार नदी में नहाने व कपड़ा धोने रोज जाया करते थे। पीने का पानी भी बोरिंग से लाया करते थे, घरेलू जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली महिलाओं को ज्यादा तकलीफ थी। घर से दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाने के कारण उनके शरीर में थकान सहित स्वभाव चिड़चिड़ापन हो गया था। लेकिन अब सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना इस गांव में आई और उसने पूरे गांव में बदलाव लाना शुरू कर दिया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम तीरथगढ़ में 09 मीटर 10 किलोलीटर के 03 एवं 12 मीटर 10 किलोलीटर के 06 सोलर सिस्टम लगे हैं। जिससे तीरथगढ़ ग्राम पंचायत के सभी पारे-टोले के हर घर में नियमित तौर पर जलापूर्ति किया जा रहा है। साथ ही इस ग्राम पंचायत के 08 स्कूलों, 06 आंगनबाड़ी केंद्रों सहित पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन में भी नल कनेक्शन प्रदान कर जल प्रदाय किया जा रहा है। यहां की सरपंच श्रीमती महेश्वरी कश्यप बताती हैं कि हरेक घर के साथ ही सार्वजनिक भवनों में नल कनेक्शन के जरिए जलापूर्ति से ग्रामीणों को काफी सहूलियत हो रही है और उन्हें अपने खेती-किसानी और अन्य कामकाज के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है। अब गांव की महिलाओं का कहना है कि हमें हैंडपंप से पानी लेकर आना कष्टदायक था, विशेषकर बारिश के मौसम में ज्यादा तकलीफ होती थी। अब जल जीवन मिशन के जल प्रदाय योजना से स्थिति बदल गई है और हम घर से बाहर निकल कर अन्य काम में ज्यादा समय दे रहे हैं। इन महिलाओं ने सरकार के इस भगीरथ पहल के लिए साधुवाद दिया। इस ग्राम पंचायत में जल वाहिनी से जुड़ी ग्रामीण महिला श्रीमती सुषमा ठाकुर गांव में जल का सदुपयोग सहित पानी बचाने की मुहिम में एक अलग भूमिका निभा रही हैं। वह गांव की महिलाओं के साथ बैठकर उन्हें पानी के महत्व के बारे में बताती हैं और नल से पानी भरने के बाद टोटी को बंद करने की समझाइश देते हुए भावी पीढ़ी के लिए जल की बचत को दूरगामी सोच निरुपित करती हैं। वहीं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए निरंतर महिलाओं को प्रोत्साहित कर रही हैं यह उनकी जल संरक्षण के प्रति जीवट लगाव को प्रदर्शित करता है। अब सुषमा की इस मुहिम से जुड़कर महिलाएं समीपस्थ ग्रामों में पानी बचाओ संबंधी जागरूकता की अलख जगा रही हैं।
ग्रामीण युवा सुजीत कर रहे मछलीपालन से की लाखों की आमदनी
जगदलपुर । जिले के बस्तर विकासखण्ड अंतर्गत छोटे से गांव भरनी के युवा सुजीत प्रजापति ने मछलीपालन का व्यवसाय कर लाखों की आमदनी की है। सेवानिवृत्त विद्युत लाईनमेन के 24 वर्षीय पुत्र सुजीत प्रजापति ने मैकेनिकल में पाॅलिटेक्निक की पढ़ाई के बाद मछलीपालन में रुचि दिखाई, इस दौरान बीबीए की पढ़ाई भी जारी रखी। इस दौरान मछलीपालन की नई तकनीक बाॅयोफ्लाॅक को देखकर सुजीत को भी इस व्यवसाय ने आकर्षित किया और उन्होंने सात वर्ष पूर्व इस व्यवसाय से जुड़ने का निश्चय किया और तीन बाॅयोफ्लाॅक टैंक के साथ व्यवसाय की शुरुआत की। अत्यंत नई तकनीक तथा इस क्षेत्र में किसी मार्गदर्शक के नहीं होने के कारण पहले वर्ष उन्हें व्यवसाय में नुकसान भी हुआ, लेकिन उन्होंने व्यवसाय को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया। दूसरे वर्ष थोड़ा अनुभव बढ़ने का फायदा मिला और इस व्यवसाय में लाभ परिलक्षित हुआ।
सुजीत के मछलीपालन के प्रति रुचि को देखते हुए मत्स्यपालन विभाग ने भी सहयोग करने का निर्णय लिया। इसके बाद सुजीत ने सात बाॅयोफ्लाॅक टैंकों में मछलीपालन प्रारंभ किया। इसकी लागत लगभग साढ़े सात लाख रुपए आई। विभाग द्वारा 40 फीसदी अनुदान दिया गया, जिससे सुजीत को मात्र साढ़े चार लाख रुपए खर्च करना पड़ा। सुजीत बताते हैं कि गत वर्ष मात्र 40 हजार रुपए के मछली बीज से लगभग नौ लाख रुपए से अधिक के मछली तैयार किए और मछलीपालन के खर्च को जोड़ भी दिया जाए, तब भी लगभग चार लाख रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई। अब सुजीत के अनुभवों का लाभ दूसरे किसान भी उठा रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में मछलीपालन कर रहे हैं। सुजीत भी अब मछलीपालन के साथ ही मछली चारा उत्पादन का व्यवसाय भी कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र के मछलीपालक किसानों को मत्स्य आहार के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर न रहना पड़े। सुजीत अपनी इस सफलता के लिए मछलीपालन विभाग के साथ ही अपने माता-पिता और भाई को भी श्रेय देते हैं। सुजीत ने कहा कि व्यवसाय की शुरुआती असफलता के बावजूद माता-पिता और भाई ने पूरा समर्थन दिया, जिससे वे इसे और अधिक परिश्रम व अनुभव से इस व्यापार में लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे तिलापिया और पंगेशियस मछली का पालन कर रहे हैं, जिसकी तेजी से वृद्धि होने के कारण यह अत्यंत लाभदायक व्यवसाय साबित हो रही है।
ट्रक ने बाइक सवार को कुचला, मौत
जगदलपुर । जगदलपुर में शनिवार देर रात बाइक सवार युवकों को ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना जबरदस्त था कि, एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल है। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने चक्काजाम करने की कोशिश की।
हालांकि, पुलिस की समझाइश के बाद सभी लौट गए। मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार 2 युवक अपने घर जा रहे थे। दोनों युवक के नाम का पता नहीं चल सका है। हादसे के बाद माहौल काफी गर्म हो गया था। पुलिस को जानकारी मिलते ही जवान मौके पर पहुंचे। किसी तरह मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजवा दिया है।
सड़क हादसे में स्कूटी सवार दो नाबालिक दोस्तों की मौत
जगदलपुर । जिले में घूमने निकले दो दोस्त को तेज रफ़्तार कार ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में स्कूटी सवार दो नाबालिक दोस्तों की मौत हो गई। घटना कोड़ेनार थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, जगदलपुर निवासी 16 वर्षीय अमन चौधरी और 17 वर्षीय यूसुफ अंसारी अपने दोस्तों के साथ मिचनार घूमने जा रहे थे। सभी अलग-अलग वाहनों में सवार थे। वहीँ, अमन और यूसुफ भी स्कूटी में सवार थे।
उनके दोस्त आगे चल रहे थे और अमन और यूसुफ दोनों की स्कूटी पीछे थी। मावलीभाठा के पास सभी पहुंचे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से ठोकर मार दी। हादसे में दोनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कार चालक फरार हो गया।
आसपास के लोगों ने उनके मोबाइल से फोन कर बाकी दोस्तों को वापस बुलाया और पुलिस व एंबुलेंस को जानकारी दी। एंबुलेंस के पहुंचने तक दोनों ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद दोनों के शवों को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाया गया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाकारित करने वाले कार का नंबर ट्रेस कर लिया है। साथ ही अपराध कायम कर कार चालक की तलाश की जा रही है।
जिले में अब तक हुई 99 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी
10 हजार मेट्रिक टन से अधिक धान का हुआ उठाव
जगदलपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के तहत अब तक 99 हजार मेट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई है। वहीं उपार्जित धान का उठाव सुनिश्चित किया जा रहा है। वर्तमान में जिले के धान खरीदी केन्द्रों से 10 हजार मेट्रिक टन से ज्यादा धान का उठाव किया जा चुका है। ज्ञात हो कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के तहत मोटा धान 2300 रुपए प्रति क्विंटल और पतला धान 2320 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी किया जा रहा है। इस वर्ष समूचे प्रदेश के सभी जिलों में 14 नवम्बर से धान खरीदी प्रारंभ हुई है।
जिले में कुल 79 उपार्जन केंद्रों में पंजीकृत 52383 कृषकों से धान खरीदी किया जाना है। इस वर्ष लघु एवं सीमांत कृषकों को दो टोकन और बड़े कृषकों को तीन टोकन का प्रावधान है। टोकन ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यम से किसानों को प्रदान किया जा रहा है। कृषक ऐप टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से भी कृषक स्वयं टोकन जारी कर सकते हैं। सभी उपार्जन केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक कांटा, मॉइस्चर मीटर, बॉयोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध है। सभी धान खरीदी केंद्रों में नये और पुराने बारदानों की पूरी व्यवस्था की गई है। कृषकों की सुविधा हेतु सभी उपार्जन केंद्रों में छाया और पेयजल, शौचालय तथा बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला विपणन अधिकारी जगदलपुर ने बताया कि जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों का नोडल अधिकारियों द्वारा नियमित तौर पर निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही अन्य अधिकारियों द्वारा धान खरीदी की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन सभी धान खरीदी केन्द्रों पर किसानों को धान उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता सहित तौल की व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है। वहीं अभी बारिश की संभावना के मद्देनजर उपार्जित धान को कैप कव्हर कर सुरक्षित रखे जाने के निर्देश सभी धान खरीदी केन्द्र प्रभारियों को दिए गए हैं।
जिले में कुल 52383 पंजीकृत किसानों में से अब तक 17656 किसानों से धान खरीदी की गई है। जिले के 79 उपार्जन केन्द्रों में 99718 मेट्रिक टन धान का उपार्जन कार्य किया जा चुका है। वहीं अभी तक उपार्जन केन्द्रों से 23756 मेट्रिक टन धान का परिवहन आदेश एवं डीओ जारी किया जा चुका है, जिसके विरूद्ध मिलर्स एवं परिवहनकर्ताओं द्वारा कुल 10762 मेट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। जिले में कुल 29 मिलर्स द्वारा एग्रीमेंट किया गया है। मिलर्स द्वारा डीओ जारी कर धान का उठाव किया जा रहा है। साथ ही अन्य केन्द्रों से भी परिवहनकर्ताओं द्वारा निरंतर धान का उठाव कर जिले के धान संग्रहण केन्द्र नियानार एवं छोटेदेवड़ा में भण्डारण किया जा रहा है।
वनोपज संग्रहण व प्रसंस्करण से सक्षम बन रही मटनार की दीदियां
जगदलपुर। बस्तर जिले के विकासखण्ड बकावंड अंतर्गत मटनार की महिला स्व सहायता समूह की दीदियां गांव और समीपस्थ हाट-बाजार में वनोपज संग्रहण करने के साथ ही उसका प्रसंस्करण कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इस उत्पादक समूह की सदस्य महिलाएं अपने इस कार्य को पूरी लगन एवं मेहनत से कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की ओर अग्रसर हैं।
उत्पादक समूह की दीदी रेखा पांडे बताती हैं कि अपने गांव तथा आसपास के हाट-बाजार में विभिन्न समूह सदस्यों के द्वारा ईमली एवं मक्का उत्पादन का कार्य किया जाता है इसलिए उपरोक्त उत्पाद को खरीदी-बिक्री करने के लिए कृषक कल्याण उत्पादक समूह का गठन किया गया। उक्त उत्पादक समूह बनाने के पश्चात एनआरएलएम से कार्यशील पूंजी के रूप में करीब डेढ़ लाख रुपए की राशि प्रदाय किया गया, इस पूंजी से उत्पादक समूह के द्वारा इस साल ईमली सीजन में कुल 450 क्विंटल ईमली 13 लाख 50 हजार रुपए में खरीदे और इसे फूल ईमली बनाकर जगदलपुर के व्यवसायी को विक्रय किए तो करीब 04 लाख रुपए का फायदा हुआ। जिससे समूह की महिलाएं उत्साहित होकर अब हर साल से ईमली सीजन में ज्यादा से ज्यादा ईमली क्रय करने की ठानी हैं। वहीं अन्य वनोपज उत्पाद और कृषि उत्पाद मक्का, तिलहन इत्यादि का क्रय-विक्रय कर रही हैं। जिससे महिला समूह की आमदनी में इजाफा हो रहा है।
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा बस्तर जिले के तहत सभी सात विकासखण्ड में कुल एनआरटीपी के तहत 90 उत्पादक संगठन का गठन किया गया है जिसमे 2835 सदस्यों को शामिल किया गया हैं पीजी को इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कार्यशील पूंजी हेतु फंड माड्युल के माध्यम से राशि प्रदाय किया गया है। उक्त परियोजना के तहत समूह से जुड़े सदस्यों का उत्पादक समूह बनाकर किसानों के उत्पाद को सही मूल्य प्रदाय किया जाता है उनके उत्पाद को बाजार मूल्य एवं उचित दाम पर खरीदी कर सही कीमत प्रदाय की जाती है। जिससे स्थानीय वनोपज संग्राहकों एवं कृषकों को भी अपने उपज का वाजिब दाम मिलता है।
वन चौपाल में मिल रही सुशासन के एक वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी
जगदलपुर । सरकार गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न गतिविधयों के आयोजन अंतर्गत बस्तर वनमंडल जगदलपुर में आने वाले 9 परिक्षेत्रों में कुल गठित 351 वन प्रबंधन समितियों में वन-जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विभिन्न जनहितकारी योजनाओं-गतिविधियों की जानकारी दी गई।
विभागीय अमलों द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कुल 7363 ग्रामीणों को वन चैपाल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी गई जिसमें मुख्यताः तेन्दुपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा राशि 4 हजार से बढ़कर 5 हजार रुपए, किसान वृक्ष योजना अंतर्गत इच्छुक कृषकों को 5 एकड की भूमि पर निरूशुल्क पौधा लगा कर देना। वन प्रबंधन समितियों के खाते में उपलब्ध राशि के माध्यम से व्यक्ति विकास सशक्तिकरण एवं रोजगार मूलक कार्य वन क्षेत्रों के हितग्राहियों को पात्रतानुसार वन अधिकार पत्रों की वितरण, वन प्रबंधन समितियों के अंतर्गत गठित स्व सहायता समूहों को व्यक्तिगत आय द्वारा सृजन-रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने हेतु चक्रिय निधि के माध्यम से 4 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण प्रदाय करना। इसके अलावा एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा लगाने हेतु जागरूकता अभियान और जनहानि (मृत्यु होने पर) 6 लाख रुपए स्थानी रूप से अपंग होने पर 2 लाख रुपए, जन घालय होने पर 59 हजार 100 रुपए, पशु हानि होने पर 30 हजार रुपए, फसल हानि होने पर 9 हजार रुपए (प्रति एकड़) एवं लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं विपणन के माध्यम से कोदो, कुटकी, रागी, लाख, शहद तथा अन्य लघु वनोपज उत्पादो के न्यूनतम समर्थन मुल्य में वृद्धि की जानकारी दी गई।
शहीदों के बलिदान से युवाओं को मिल रही है प्रेरणा : अमित शाह
शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने की पहल सराहनीय
जगदलपुर । आप सभी ने जैसे अपने परिजनों को खोया है वैसा इस देश में और छत्तीसगढ़ में देश किसी को न खोना पडे़, मैं वर्दी पहन कर शहीद हुए और नक्सली हमलों में जान गवानें वाले सभी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्ण रूप से समाप्त कर देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिल अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
केंद्रीय गृह मंत्री ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि कोई लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपनों को खोया है, अपनी इस दर्द को कुछ कम नहीं कर सकता है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेजने का काम कर रहीं है। इन स्मृतियों से शहीदों और आप सभी परिजनों के त्याग को चिरस्थाई बनाने का काम किया जाएगा। साथ ही भावी पीढ़ी को प्रेरणा देगा कि शहीदों ने अपनों की चिंता किए बिना देश के लिए अपना बलिदान दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और ढेर सारे विकास के कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि तीनों मोर्चो पर नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चो पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्म सर्मपण करने वालों का स्वागत किया जाएगा। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा है उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा।
मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया गया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बने। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द ईश्वर भी कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था और प्रारूप बनाएंगे जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी हम आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह करने के लिए हम संकल्पित होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शहीदों को नमन किया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति व उन्नति के लिए शहीद हुए जवानों और नक्सली हिंसा में पीड़ित परिवार के परिजनों से हम मिलना चाह रहे थे। आप सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और अपनों को खोने का यह दुःख हम सभी को समान पीड़ा दे रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवानों के स्मृतियों को सहेजने केे लिए उनके गांवों में प्रतिमा की स्थापना करेगी। प्रत्येक शहीद के स्मृतियों को सहेजने का काम हम शीघ्र पूरा करेंगे।
नक्सल हिंसा में पीड़ित परिवार और शहीद जवानों के परिजनों से केंद्रीय गृह मंत्री ने की चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमर वाटिका में नक्सल हिंसा में पीड़ित परिवार और शहीद जवानों के परिजनों से चर्चा कर उनका दर्द साझा किया। पीड़ित परिवारों ने भी अपनी आप बीती सुनाई और अनुभव साझा करते हुए जिला नारायणपुर अंतर्गत ग्राम सारावाही के मनोज कुमार ध्रुव ने बताया कि उनके पिता राम साय ध्रुव को 9 मार्च 2018 को नक्सली लोग घर से उठा ले गए। उन्हें गांव के नजदीक खेत में ही नक्सलियों द्वारा जन अदालत लगाकर मुखबिरी की शिकायत में गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। मेरे पिता जी का क्या कसूर था जो उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। मनोज ने राज्य शासन का आभार जताया और कहा कि अभी वह होमगार्ड के जवान के रूप में सेवाएं दे रहा है। इसी तरह कोंडागांव जिला के ग्राम बांसकोट की रहने वाली श्रीमती शांति नेताम ने बताया कि मेरे पति स्वर्गीय रतन लाल नेताम जिला पुलिस बल में कार्यरत थे। वह सामान्य दिनों की तरह ही कोंडागांव में तैनात थे। 17 मई 2012 को लगभग शाम 7.30 बजे नक्सलियों द्वारा फायरिंग में वे शहीद हो गए। मुझे कुछ दिनों में ही आरक्षक के रूप में अनुकंपा नौकरी प्रदान की गई। इसके साथ ही लगभग 88 पीड़ित परिवारों ने अपना दर्द साझा किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आप सभी के दुःख में हम सहभागी हैं और जल्द ही बस्तर में शांति स्थापित होगी और लगातार विकास के कार्य जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों के शहादत को किया नमन
जगदलपुर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अमर जवान स्तम्भ में पुष्प चक्र अर्पित कर नक्सल अभियान के दौरान शहीद जवानों की शहादत को नमन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने अमर वाटिका परिसर में शहीदों के नाम के शिला पट्ट का अवलोकन कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम (पोदला उरस्कना) अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण किया। उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने विजिटर बुक में व्यक्त किए अपने विचार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत विजिटर बुक में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने सुरक्षाबल के जवानों की शहादत को नमन करते हुए लिखा कि देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
रेस्क्यू टीम ने कर्नाटक से 14 बंधक श्रमिकों को कराया मुक्त
जगदलपुर । कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार जिले की रेस्क्यू टीम द्वारा कर्नाटक राज्य से बस्तर जिले के 14 बंधक श्रमिकों को मुक्त कराया गया, साथ ही इन श्रमिकों को 03 लाख 28 हजार 500 रुपए मजदूरी राशि का भी भुगतान करवाया गया। रेस्क्यू टीम द्वारा उक्त सभी श्रमिकों को जगदलपुर लाया गया।
श्रम पदाधिकारी जगदलपुर ने इस बारे में बताया कि कलेक्टर के समक्ष 4 नवम्बर को आवेदक टोरका पिता देवा द्वारा शिकायत प्रस्तुत किया गया कि ग्राम नैननार तहसील तोकापाल थाना कोडेनार तथा ग्राम बिसपुर तहसील दरभा थाना पखनार के कुल 10 श्रमिकों को भरत पिता स्वर्गीय लिटी के द्वारा मक्का एवं अंगूर तोड़ने के बहाने ग्राम बबलेश्वर विजयापुरा कर्नाटक में बंधक बनाया गया है।
कलेक्टर द्वारा उक्त शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर 05 सदस्यीय रेस्क्यू दल गठित कर 30 नवम्बर 2024 को दल कर्नाटक के लिए रवाना किया गया। उक्त रेस्क्यू दल ने कर्नाटक पहुंचकर श्रमिकों को रेस्क्यू कर 14 श्रमिकों को ग्राम बबलेश्वर विजयापुरा से अवमुक्त कराते हुए श्रमिकों के लंबित कुल 03 लाख 28 हजार 500 रुपए का भुगतान भुगतान करवाया गया। इन श्रमिकों को अवमुक्त करवाने के पश्चात सकुशल जगदलपुर लाया गया।
अवैध धान परिवहन करते 84 क्विंटल धान जप्त
जगदलपुर। राज्य शासन की समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति के तहत जिले के धान खरीदी केन्द्रों पर वर्तमान में धान खरीदी जोरों पर है। कलेक्टर हरिस एस के निर्देशानुसार इस दौरान अवैध धान के परिवहन के नियंत्रण की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में उड़ीसा से आ रही वाहन क्रमांक ओडी 10 पी- 4047 को ग्राम मारकेल में मंडी कर्मचारियों द्वारा वाहन को सोमवार रात्रि 9 बजे रोक कर जांच पड़ताल किया गया।
जांच के दौरान वाहन में धान 21 व पैकेट लोडिंग किया हुआ लगभग वजन 84 क्विंटल पाया गया। उक्त धान को मौके पर जप्त कर वाहन समेत पुलिस थाना नगरनार के सुपुर्द किया गया है और मंडी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। इस बारे में एसडीएम भरत कौशिक ने बताया कि अवैध धान परिवहन नियंत्रण की दिशा में लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगामी दिनों में और अधिक सजगता बरती जाएगी।
धान खरीदी केंद्रों में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता करें सुनिश्चित-कलेक्टर
जगदलपुर। कलेक्टर कलेक्टर हरिस एस ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, साथ ही नए बारदाना, पीडीएस बारदाना और मिलर्स से प्राप्त बारदाना संकलन की स्थिति तथा उपलब्धता का आनलाईन एन्ट्री करवाने के निर्देश दिए। सभी जगहों से बारदाना के संकलन करवाकर आगामी सप्ताह तक खरीदी केन्द्रों में वितरण करवाना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारी से मिलर्स का पंजीयन और कस्टम मिलिंग हेतु अनुबंध की स्थिति, उठाव हेतु डीओ कटवाने, केंद्रों में गुणवत्तायुक्त धान को खरीदी करवाने के निर्देश दिए। मंगलवार को कलेक्टर हरिस जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ले रहे थे। उन्होंने बारिश की संभावना को देखते हुए खरीदी केंद्रों में धान को ढंकने हेतु निर्देशित किया। धान खरीदी में क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट का डाटा का मिलान कर धान खरीदी करें।
साथ ही अवैध धान परिवहन के लिए बस्तर, बकावण्ड और जगदलपुर तहसील क्षेत्र में रात्रि कालीन गश्ती को बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सीएसआर मद के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति लाते हुए कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करवाएं। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्य की समीक्ष, वाहन स्क्रैपिंग की स्थिति, नियद नेल्लानार योजना के तहत ब्लाॅक वाइज सर्वे की स्थिति, वन अधिकार मान्यता पत्र धारक किसानों का भूमि का गिरदावरी की स्थिति, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी योजनांतर्गत नवीन पंजीयन की विकासखण्डवार प्रगति की समीक्षा और पीडीएस दुकानों खाद्यान्न भण्डारण की समीक्षा किए। उन्होंने रबी वर्ष 2024-25 किसान क्रेडिट कार्ड लक्ष्य के विरूद्ध प्रगति की समीक्षा किए। बैठक में तालाबों में मत्स्यपालन के लिए पट्टा देने पर चर्चा किया।
जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदनों पर निराकरण करने और मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के कार्यों का एंजेसीवार थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन करवाने के निर्देश दिए। बैठक में टीबी नियंत्रण हेतु निक्षय पोषण योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा किए, साथ ही टीबी बीमारी नियंत्रण हेतु शपथ भी लिया गया। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान का 07 दिसंबर 2024 से शुभारंभ किया जाना है।
यह अभियान 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चलाया जाना है। उक्त अभियान में टीबी के शंकास्पद मरीजों की खोज उच्य जोखिम समूहों वाले व्यक्तियों का चिन्हांकन, कुष्ठ शंकास्पद मरीजों की खोज (एल.सी.डी.सी.) वयोवृद्ध स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम अंतर्गत वयोवृद्ध की हेल्थ प्रोफाईल के साथ सूची तैयार किया जाना है। बस्तर संभाग के 7 जिलों में उपरोक्त अभियान के साथ मलेरिया मुक्त अभियान भी क्रियान्वित किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को निर्धारित समय पर संचालित करें।
पोषण ट्रेकर, महतारी वंदन योजना अंतर्गत हितग्राहियों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांतर्गत लाभांवित, आंगनबाड़ी प्रवेश लेने वाले बच्चों के जाति प्रमाण जारी करने की प्रगति की भी संज्ञान लिया। नक्सल प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों को केेंद्र व राज्य की चयनित योजनाओं का सेचुरेशन की स्थिति पर चर्चा किए। इसके अलावा समय-सीमा के प्रकरणों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही कर निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर जिला पंचायत सीईओ प्रतिष्ठा ममगाई, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर सीपी बघेल सहित सभी जिला स्तरीय उपस्थित थे।
बारदाना गोदाम में लगी भीषण आग
जगदलपुर। पूरे प्रदेश के साथ जिले में 14 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी से पहले बड़ा हादसा हो गया है. जगदलपुर से सटी अड़ावाल इलाके में देर रात बारदाने के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे गोदाम में रखा सारा बारदाना जलकर खाक हो गया।
जानकारी के अनुसार, बोधघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बारदाना गोदाम में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह गोदाम के पास पटाखे जलाना बताया जा रहा है. पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है।