छत्तीसगढ़ / धमतरी
स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर
विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को मिलेगा लाभ
धमतरी । कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आज ग्राम पंचायत बगरूमनाला के आश्रित गांव बेन्द्रापानी में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत प्राप्त मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने गांव के बुजुर्गों एवं मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करवाई तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण कराया।
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि दूरस्थ एवं घने वनांचल क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों के स्वास्थ्य के प्रति शासन की स्पष्ट मंशा है कि सभी के स्वास्थ्य की जाँच हो और सब स्वस्थ रहे। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य केंद्र गट्टासिल्ली में एक एम्बुलेंस भी उपलब्ध करायी गयी है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धमतरी जिले को तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं, जो नियमित रूप से दुर्गम क्षेत्रों में पहुँचकर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेंगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवा अब लोगों को अस्पताल तक बुलाने के बजाय सीधे उनके द्वार तक पहुँचेगी। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को मिलेगा लाभ
इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) समुदायों तक नियमित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचेंगी। जिले के नगरी, मगरलोड और धमतरी विकासखंड के 33 से अधिक ग्रामों एवं बसाहटों के 45000 लोगों को इसका लाभ मिलेगा। जिले में लगभग 1823 परिवारों के 7000 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति के तथा 500 धरती आबा के हैं, जिन्हें इस पहल से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इकाइयाँ है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन एवं स्थानीय वालंटियर तैनात रहेंगे। इन इकाइयों में 25 प्रकार की जांच सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा 106 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। टीबी, मलेरिया, एनीमिया, कुपोषण जैसी प्रमुख बीमारियों की जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर रेफर भी किया जाएगा। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट तय रूट चार्ट अनुसार संबंधित गांवों में जाएगी।
स्वास्थ्य के साथ जागरूकता पर भी जोर
कलेक्टर ने बताया कि इन यूनिटों के माध्यम से केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, पोषण परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ तथा टीकाकरण संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जारहा है । हमारे जिले को राज्य स्तर से 3 विशेष वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जो धमतरी, मगरलोड एवं नगरी क्षेत्र के लिए संचालित किए जा रहे हैं। ये वाहन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जिले के सभी विकासखंडों — धमतरी, कुरूद, नगरी एवं मगरलोड — में सतत भ्रमण कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकेतकों में सकारात्मक सुधार आएगा और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य की भावना को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों ने भी शासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वनांचल क्षेत्रों के लिए वरदान बताया।
धमतरी सड़क दुर्घटना में कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
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धमतरी में बस-कार की भिड़ंत, CRPF के तीन जवानों समेत 4 की मौत
धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खपरी बायपास के पास ट्रक और कार के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में बस्तर से लौट रहे कार सवार तीन सीआरपीएफ जवान और एक ड्राइवर सहित 4 लोगों की मौत हो गई।
हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका उपचार जारी है। सूचना मिलते ही वरदान परमार्थ एम्बुलेंस सेवा संस्था के शिवा प्रधान, डुमन साहू और हेमंत प्रधान मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे शवों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल मृतकों के नाम की पुष्टि नहीं हो पाई है।
सिविल सर्जन अभिषेक टोंडर के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की मौत अस्पताल ले जाते समय हुई। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और मृतक के परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खपरी बायपास पर जगदलपुर बटालियन से आ रही एक डिजायर कार की ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में मौके पर ही दो जवानों की मौत हो गई, जबकि दो घायलों ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया।
धान के साथ वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ते धमतरी के किसान, रागी की खेती में बढ़ी भागीदारी
धमतरी, 10 फरवरी 2026


धमतरी जिले में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। पारंपरिक धान फसल के साथ-साथ अब किसान फसलचक्र परिवर्तन को अपनाते हुए दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। सरसों, चना, मक्का के साथ-साथ रागी (मंडुआ) की खेती में भी जिले में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह परिवर्तन न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और जल संरक्षण की दिशा में भी उपयोगी साबित हो रहा है।
जिले में वर्तमान रबी मौसम के दौरान दलहन फसलों के अंतर्गत चना, अरहर एवं मसूर की खेती की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में दलहन फसलें लगभग 18,450 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई हैं, जिनमें चना का क्षेत्रफल लगभग 14,200 हेक्टेयर, अरहर 2,150 हेक्टेयर एवं मसूर लगभग 2,100 हेक्टेयर है। वहीं तिलहन फसलों में सरसों प्रमुख रूप से किसानों द्वारा अपनाई जा रही है। जिले में तिलहन फसलें लगभग 9,600 हेक्टेयर क्षेत्र में ली जा रही हैं, जिनमें सरसों का रकबा 8,300 हेक्टेयर तथा अन्य तिलहन फसलें 1,300 हेक्टेयर में बोई गई हैं।
इसी कड़ी में मोटे अनाजों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में रागी फसल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। रागी कम लागत में अधिक पोषण देने वाली एवं कम पानी में तैयार होने वाली फसल है, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिल रहा है। वर्तमान में धमतरी जिले में रागी फसल लगभग 1,250 हेक्टेयर क्षेत्र में ली जा रही है, जिसमें करीब 1,180 किसान रागी की खेती कर रहे हैं।
जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी (म) , भटगांव ,सिरकट्टा आदि में रागी फसल की रोपाई का कार्य प्रगति पर है, जहां इस कार्य में महिला कृषकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेतों में रागी की रोपाई कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।
इस संबंध में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “धमतरी जिले में फसलचक्र परिवर्तन को प्रोत्साहित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। दलहन, तिलहन एवं रागी जैसी फसलों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि पोषण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। रागी जैसी पोषक फसलों को अपनाने से जिले के किसान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का भी बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। महिला किसानों की भागीदारी जिले के लिए अत्यंत सराहनीय है।”
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बीज उपलब्धता एवं योजनाओं का लाभ देकर वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में धमतरी जिले को दलहन-तिलहन एवं मोटे अनाज उत्पादन का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
विशेष लेख :औद्योगिक विकास की ओर सशक्त कदम: धमतरी बन रहा निवेश और रोजगार का नया केंद्र
धमतरी, 10 फरवरी 2026

धमतरी जिला आज केवल कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में ही नहीं, बल्कि औद्योगिक संभावनाओं से भरपूर उभरते जिले के रूप में भी अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। जिले की आंतरिक क्षमताओं, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और नवाचार आधारित तकनीकी तालमेल के प्रभावी अभिशरण से यहां निवेश और रोजगार के नए अवसर निरंतर सृजित हो रहे हैं। यह प्रयास न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, बल्कि युवाओं को अपने ही जिले में आजीविका के बेहतर अवसर भी प्रदान कर रहा है।
धमतरी जिले की रीढ़ कही जाने वाली कृषि, विशेषकर धान उत्पादन, औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार बनी हुई है। जिले में वर्तमान में लगभग 230 राइस मिलें संचालित हैं, जिनके माध्यम से धान का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन किया जा रहा है। इससे एक ओर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर लगभग 3000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। यह कृषि आधारित उद्योगों की सफलता का सशक्त उदाहरण है।
इसके साथ ही धमतरी अंचल वनोपज के क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान रखता है। स्थानीय वनोपज के साथ-साथ बस्तर क्षेत्र से प्राप्त वनोपज उत्पादों का भी जिले में प्रसंस्करण किया जा रहा है। वर्तमान में वनोपज आधारित 12 इकाइयाँ स्थापित हैं, जो न केवल स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी साधन भी उपलब्ध करा रही हैं। लाख प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से जिले से निर्यात होना, धमतरी की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थापित करता है।
इन व्यापक संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए बीते दो वर्षों में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुरूद विकासखंड के भालुझूलन (11.00 हेक्टेयर) एवं मगरलोड विकासखंड के करेलीबड़ी (14.00 हेक्टेयर) में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु भूमि का आधिपत्य 20 मार्च 2025 को सीएसआईडीसी, रायपुर को सौंपा गया। इन औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण हेतु 14 जनवरी 2026 को वर्क ऑर्डर जारी किया जाना, जिले की औद्योगिक दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इसी कड़ी में ग्राम श्यामतराई में 8.83 हेक्टेयर भूमि पर 464 लाख रुपये की लागत से लघु वनोपज प्रसंस्करण औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई है। यहां भू-आबंटन की प्रक्रिया में 18 आवेदन प्राप्त होना और 9 इकाइयों को भूमि आबंटित किया जाना, निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वहीं ग्राम छाती में 16.00 हेक्टेयर भूमि पर लैंड बैंक की स्थापना हेतु 30 दिसंबर 2025 को भूमि का आधिपत्य सीएसआईडीसी को सौंपा गया, जिससे भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए ठोस आधार तैयार हुआ है।
इसके अतिरिक्त ग्राम जी-जामगांव में 600 लाख रुपये की लागत से विकसित नवीन औद्योगिक क्षेत्र में भी निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है। यहां भू-आबंटन की बिडिंग प्रक्रिया में 36 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 12 इकाइयों को भूमि का आबंटन किया जा चुका है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा बताया कि धमतरी जिले में औद्योगिक विकास को लेकर राज्य शासन और जिला प्रशासन का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि स्थानीय संसाधनों, कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक और निवेश को जोड़ते हुए संतुलित एवं टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जाए। बीते वर्षों में जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, भूमि बैंक की स्थापना तथा निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के ठोस प्रयास किए गए हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि धमतरी आज निवेशकों के विश्वास का केंद्र बन रहा है और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आने वाले समय में प्रशासन उद्योग, रोजगार और नवाचार के माध्यम से धमतरी को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध जिला बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।”
समग्र रूप से देखा जाए तो धमतरी जिला आज नियोजित औद्योगिक विकास, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के चलते निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह विकास न केवल आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि आने वाले समय में धमतरी को रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल भी बनाएगा।
धमतरी के केरेगांव में वन संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता अभियान
वनवासियों से जैव विविधता बचाने का आह्वान
धमतरी। जिले के केरेगांव परिक्षेत्र में शनिवार को वन विभाग एवं अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य घने जंगलों में निवास करने वाले वनवासियों को जंगल के जीवन, जैव विविधता और आंखों से दिखाई न देने वाले सूक्ष्म जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन की संस्थापक श्रीमती अनुभा द्विवेदी ने ग्रामीणों से जंगल और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने लोकनृत्य, चित्रकला और वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रामीणों को जोड़ा और बताया कि बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद बनाकर वन ग्रामों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में वन क्षेत्रों की महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धमतरी वन मंडलाधिकारी जाधव कृष्णा ने कहा कि जैव विविधता संरक्षण, उसके महत्व को समझाने और जैव विविधता प्रबंधन समिति (BMC) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को विभिन्न प्रशिक्षणों के माध्यम से सतत जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएफएस एम. यादव, संयुक्त वन मंडलाधिकारी मनोज विश्वकर्मा, जनपद अध्यक्ष नगरी महेश गोटा, जनपद सदस्य कुकरेल श्रीमती चंद्रकला साहू, सरपंच केरेगांव अकबर मंडावी, सरपंच डोकाल देवचंद उइके, एसीएफ प्रभारी रेंजर डिकेन्द्र नेताम, परिक्षेत्र अधिकारी ओमकार सिन्हा सहित वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, फायर वॉचर और वन सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।
अभियान को प्रभावी और जनसुलभ बनाने के लिए कला चित्रों, पोस्टरों और पेंटिंग्स के माध्यम से संदेश दिया गया, वहीं लोकनृत्य प्रस्तुतियों के जरिए सरल भाषा में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया। इन नवाचारों के चलते ग्रामीणों की सहभागिता उल्लेखनीय रही और कार्यक्रम एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया।
अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के सह-संस्थापक सिद्धार्थ द्विवेदी एवं संस्था के स्वयंसेवकों ने छत्तीसगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। वहीं विषय विशेषज्ञ शेफाली यादव ने जैव विविधता की विस्तृत जानकारी देते हुए जंगल में सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को देने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को मजबूत करने के लिए वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया।
धान खरीदी में समय-वृद्धि ने लौटाई किसान सन्तू के जीवन में मुस्कान, मुख्यमंत्री का जताया आभार
धमतरी, 5 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में स्थायित्व, भरोसा और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है। शासन की संवेदनशीलता और समय पर लिए गए निर्णयों ने अनेक किसानों को राहत दी है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है धमतरी जिले के ग्राम कोलीयारी निवासी किसान सन्तू सोनकर की।
सन्तू सोनकर के पास कुल 1 एकड़ 20 डिसमिल कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने धान की फसल बोई थी। फसल अच्छी हुई, लेकिन समय पर टोकन नहीं कट पाने के कारण वे निर्धारित अवधि में उपार्जन केंद्र पर धान विक्रय नहीं कर सके। यह स्थिति उनके लिए अत्यंत चिंताजनक थी, क्योंकि निजी व्यापारियों को कम दाम पर धान बेचने की मजबूरी सामने खड़ी थी।
इसी बीच प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शेष किसानों के लिए धान खरीदी की अवधि में वृद्धि का निर्णय लिया गया। यह निर्णय सन्तू सोनकर जैसे सैकड़ों किसानों के लिए संजीवनी साबित हुआ। उन्होंने समय पर ऑन लाइन आवेदन किया था । समय-वृद्धि के बाद उनका टोकन कटा और वे शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने में सफल हो सके।
इस निर्णय से सन्तू सोनकर के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “यदि शासन ने समय नहीं बढ़ाया होता, तो मुझे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता। मुख्यमंत्री जी के इस फैसले ने हमें नया भरोसा दिया है।” उन्होंने इस सराहनीय कदम के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत शिविर 10 से 25 फरवरी तक
धमतरी, 04 फरवरी 2026
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पी.एम.अजय) के तहत स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण राशि एक लाख रूपये, जिसमें अनुदान राशि 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रूपये है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित ने बताया कि योजना में विभिन्न व्यवसायों के लिए ऋण लेने के इच्छुक 18 से 50 वर्ष तक की आयु के आवेदकों का आवेदन पत्र तैयार करने 10 से 25 फरवरी तक अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों में शिविर आयोजित किया जाएगा।
मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दुधवारा में 10 फरवरी, कुरूद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोड़ापार में 13 फरवरी, धमतरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दोनर में 18 फरवरी और कुरूद विकासखण्ड के रावनगुड़ा में 25 फरवरी को शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह सभी शिविर दोपहर 12 से 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
ऋण वसूली शिविर 6 से 27 फरवरी तक
धमतरी, 04 फरवरी 2026
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित धमतरी द्वारा संचालित राष्ट्रीय निगम की योजनाओं में लाभान्वित सभी ऋणी हितग्राहियों से ऋण वसूली करने के लिए 6 से 27 फरवरी तक शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित धमतरी ने बताया कि 6 फरवरी को जनपद पंचायत भवन कुरूद, 17 फरवरी को कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 48 स्थित जिला अंत्यावसायी कक्ष में, 20 फरवरी को जनपद पंचायत भवन मगरलोड और 27 फरवरी को अंत्यावसायी प्रशिक्षण केन्द्र नगरी में शिविर लगाए जाएंगे। दोपहर 12 से 3 बजे तक आयोजित इन शिविरों में हितग्राहियों को किश्त राशि जमा कर रसीद प्राप्त करने और दाण्डिक ब्याज से बचने के लिए ऋण की संपूर्ण बकाया राशि अदा करने की अपील की गई है।
ऑनलाईन आवेदन 9 फरवरी से 23 फरवरी तक
धमतरी, 04 फरवरी 2026
एकीकृत बाल विकास परियोजना ग्रामीण के तहत भानपुरी स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-03 और क्रमांक-02, आंगनबाड़ी केन्द्र धौराभाठा, बोदाछापर, तिर्रा, दोनर क्रमांक-02, तेन्दूकोना और खरेंगा के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 01 में सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती की जानी है। परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना धमतरी ग्रामीण ने बताया कि सहायिका की भर्ती के लिए इच्छुक पात्र ऐसी महिलाएं जो उसी ग्राम, पारा अथवा टोला की निवासी हैं, वे ई-भर्ती पोर्टलhttps://aww.e-bharti.in/पर आगामी 9 से 23 फरवरी तक आवेदन कर सकतीं हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित परियोजना कार्यालय से सम्पर्क किया जा सकता है। परियोजना अधिकारी ने यह भी बताया कि आवेदन ऑनलाईन ही स्वीकृत किए जाएंगे।
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक, निवेशकों को मिले आश्वासन
निवेशकों को मिलेगा अनुकूल वातावरण, उद्योग स्थापना में प्रशासन देगा पूरा सहयोग: कलेक्टर श्री मिश्रा
धमतरी, 04 फरवरी 2026
जिले में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने एवं निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज जिला निवेश प्रोत्साहन समिति, धमतरी की बैठक कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में समिति के समस्त सदस्यगणों के साथ औद्योगिक क्षेत्र श्यामतराई, धमतरी के निवेशकगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा राज्य शासन की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30, जो कि (01 अक्टूबर 2024) से प्रभावशील है, के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस नीति के अंतर्गत उद्योगों को पूंजी निवेश अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टाम्प शुल्क में छूट, विद्युत शुल्क में रियायत सहित विभिन्न प्रकार की वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं, जिससे निवेशकों को उद्योग स्थापना में सहूलियत प्राप्त होगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सेवा क्षेत्र को पहली बार सम्मिलित किया गया है, जिससे न केवल औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएँ भी विकसित होंगी। उन्होंने निवेशकों से नीति के प्रावधानों का अधिकतम लाभ उठाने एवं जिले में उद्योग स्थापना के लिए आगे आने का आह्वान किया।
बैठक में निवेशकों द्वारा औद्योगिक क्षेत्र श्यामतराई से संबंधित विभिन्न समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं एवं अनुमोदनों को लेकर सुझाव एवं मांगें रखी गईं। कलेक्टर ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समन्वय के साथ त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्योग स्थापना हेतु आवश्यक समस्त विभागीय स्वीकृतियाँ एवं अनुमोदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रदान किए जाएँ, ताकि निवेशकों को किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन उद्योगों के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
बैठक में निवेशकों ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक निवेश की संभावना जताई। बैठक में प्रभारी जिला महाप्रबंधक जिला व्यापार उद्योग केंद्र श्री प्रशांत चंद्राकर उपस्थित थे।
शासन की संवेदनशीलता का परिणाम: कृत्रिम पैर पाकर फिर चला आत्मविश्वास
समाज कल्याण की पहल से दिव्यांग श्री अर्जुन लाल साहू को मिली नई राह
धमतरी, 01 फ़रवरी 2026

समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु संचालित योजनाएँ आज जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसका सशक्त उदाहरण कुरुद तहसील के ग्राम बकली निवासी 60 प्रतिशत अस्थि बाधित श्री अर्जुन लाल साहू (पिता श्री लखन लाल साहू) की जीवन यात्रा है, जिन्हें राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केंद्र, माना कैंप रायपुर द्वारा निशुल्क आधुनिक कृत्रिम पैर प्रदान किया गया।
श्री साहू लंबे समय से शारीरिक अक्षमता के कारण चलने-फिरने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। इससे न केवल उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था, बल्कि आजीविका और सामाजिक सहभागिता में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी। समाज कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में जब उनका पंजीयन राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केंद्र में कराया गया, तो विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीशियनों द्वारा उनका समुचित परीक्षण किया गया। अत्याधुनिक तकनीक से उनके पैर का सटीक माप लेकर, उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम पैर का निर्माण किया गया।
कृत्रिम पैर प्राप्त करने के बाद श्री साहू के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगी है। अब वे बिना सहारे चल पाने में सक्षम हो रहे हैं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायक उपकरण उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की पुनर्प्राप्ति है।
माना कैंप रायपुर स्थित राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केंद्र (Physical Referral Rehabilitation Center) राज्य के दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यहां कृत्रिम अंग निर्माण, फिजियोथेरेपी, परामर्श एवं पुनर्वास जैसी सुविधाएँ निरंतर उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
श्री अर्जुन लाल साहू की यह कहानी शासन की संवेदनशीलता, योजनाओं की प्रभावशीलता और प्रशासनिक समन्वय की सफलता को दर्शाती है। यह न केवल अन्य दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा है, बल्कि समाज के लिए भी संदेश है कि सही सहयोग और संसाधनों से हर व्यक्ति आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकता है।
धमतरी जिले ने रचा इतिहास समर्थ पंचायत पोर्टल से ऑनलाइन करारोपण की देशव्यापी शुरुआत
धमतरी 29 जनवरी 2026

जिले ने एक बार फिर डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। आज पूरे देश में पहली बार समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करारोपण की शुरुआत जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सांकरा में की गई। इस ऐतिहासिक पहल के तहत ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से UPI द्वारा संपत्ति कर का भुगतान सफलतापूर्वक किया गया।
यह उपलब्धि न केवल ग्राम पंचायतों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है बल्कि यह पारदर्शिता, सुविधा और समयबद्ध कर संग्रह की नई राह भी प्रशस्त करती है। कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार के सचिव श्री विवेक भारद्वाज ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि अब मुंबई छत्तीसगढ़ से सीखेगा। उनका यह वक्तव्य राज्य द्वारा अपनाए गए तकनीकी नवाचारों और डिजिटल समाधानों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता को दर्शाता है।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, संचालक पंचायत छत्तीसगढ़ श्रीमती प्रियंका महोबिया, कलेक्टर जिला धमतरी श्री अबिनाश मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री अरुण सार्वा, उपसंचालक पंचायत श्री नकुल वर्मा, सीईओ जनपद पंचायत श्री रोहित बोरझा, सरपंच नगरी श्री नागेंद्र बोरझा तथा सचिव श्री मदन सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से करारोपण एवं कर भुगतान की यह प्रणाली ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को सरल, तेज और पारदर्शी बनाएगी। नागरिक अब घर बैठे UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से संपत्ति कर का भुगतान कर सकेंगे जिससे पंचायतों को राजस्व संग्रह में सहूलियत होगी और बकाया कर की समस्या भी कम होगी।
प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक ने कहा कि यह पहल “डिजिटल इंडिया” और “आत्मनिर्भर पंचायत” की दिशा में एक मजबूत कदम है। वहीं कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि धमतरी ने तकनीक के माध्यम से सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने ग्राम पंचायत सांकरा की टीम को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह मॉडल जल्द ही प्रदेश की सभी पंचायतों में लागू किया जाएगा। इस पहल से छत्तीसगढ़ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल नवाचारों के मामले में राज्य देश का नेतृत्व करने में सक्षम है।
बिना परेशानी धान विक्रय, समय पर भुगतान से बढ़ा किसान का आत्मविश्वास
पारदर्शी धान खरीदी से सशक्त हुआ किसान पटेल का परिवार
धमतरी, 28 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था किसानों के जीवन में स्थायित्व और भरोसे का आधार बन रही है। इसी का जीवंत उदाहरण हैं नगर पंचायत आमदी के किसान श्री सुरेन्द्र कुमार पटेल, जिन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में शासन की पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठाते हुए अपनी उपज बिना किसी बाधा के बेची और आर्थिक सशक्तता की ओर कदम बढ़ाया।
किसान श्री पटेल चार एकड़ कृषि भूमि के स्वामी हैं। इस वर्ष उन्होंने 82.40 क्विंटल धान का उत्पादन किया, जिसे वे आमदी धान उपार्जन केन्द्र में लेकर पहुँचे। श्री पटेल बताते हैं कि धान बेचने की पूरी प्रक्रिया सहज, सुव्यवस्थित और समयबद्ध रही। टोकन व्यवस्था, तौल, गुणवत्ता जांच और भुगतान की प्रक्रिया में कहीं भी अनावश्यक देरी या परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
किसान श्री पटेल का परिवार शिक्षा को प्राथमिकता देता है। उनके चार बच्चे हैं, जो वर्तमान में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर पर अध्ययनरत हैं। धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए करेंगे, ताकि भविष्य में वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही श्री पटेल ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के अंतर्गत लिए गए ऋण की किश्त समय पर जमा करने की योजना बनाई है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
किसान श्री पटेल का मानना है कि शासन की धान खरीदी नीति ने छोटे और मध्यम किसानों को बड़ी राहत दी है। निश्चित समर्थन मूल्य, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे न केवल खेती को प्रोत्साहन मिला है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।
शासन की इस पहल के लिए कृषक श्री सुरेन्द्र कुमार पटेल ने छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्थाएं स्पष्ट और निष्पक्ष होती हैं, तो किसान पूरे मन से उत्पादन बढ़ाने में जुटता है। श्री पटेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सही नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन से किसान परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है।
गणतंत्र दिवस समारोह का किया गया अंतिम पूर्वाभ्यास
गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में विधायक श्री अजय चन्द्राकर होंगे मुख्य अतिथि
धमतरी, 24 जनवरी 2026
जिले में आगमी 26 जनवरी को गरिमामय और हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व आज डॉ. शोभाराम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के एकलव्य खेल परिसर में अंतिम पूर्वाभ्यास किया गया। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को स्थानीय डॉ. शोभाराम देवांगन स्कूल परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर ध्वजारोहण करेंगे। गरिमामय समारोह की समुचित तैयारी के तहत कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की उपस्थिति में पूर्वाभ्यास के दौरान मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार बतौर मुख्य अतिथि सी ई ओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर का मंच पर आगमन, परेड निरीक्षण, ध्वजारोहण का अभ्यास, मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन, प्लाटूनों द्वारा मार्च पास्ट, हर्ष फायर, प्लाटून कमांडरों से परिचय, खुले आसमान में रंग बिरंगे गुब्बारे छोड़ने, पुरस्कार वितरण, फोटो सेशन सहित संपूर्ण आयोजन का पूर्वाभ्यास किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री मिश्रा के निर्देश पर अवैध धान भंडारण पर बड़ी कार्रवाई
3116 क्विंटल चावल शासन को जमा नहीं करने पर राइस मिल सील, एफआईआर दर्ज
धमतरी, 23 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशा पर जिले में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बीते 21 जनवरी को राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम पंचायत दर्री स्थित रामसेवक एंड संस फर्म में चावल सत्यापन हेतु जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि फर्म द्वारा कस्टम मिलिंग वर्ष 2024-25 के अंतर्गत एफसीआई एवं नागरिक आपूर्ति निगम में कुल 7881.18 क्विंटल चावल जमा किया गया है, जबकि 3116.08 क्विंटल चावल शासन को जमा करना शेष है। इसके अतिरिक्त मिल परिसर में भौतिक सत्यापन के दौरान ढेर में संग्रहित लगभग 60 कट्टा धान एवं 23 बोरी रिजेक्शन (खराब) चावल पाया गया।
अनियमितता पाए जाने पर कार्यपालिक दंडाधिकारी धमतरी की उपस्थिति में रामसेवक एंड संस फर्म को आगामी आदेश तक सील कर दिया गया। शासन को जमा किए जाने वाले शेष चावल की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 33 लाख 99 हजार 144 रुपये आंकी गई है।
फर्म संचालक प्रकाश पांडेय द्वारा छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध पाए जाने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इस कार्रवाई के दौरान धमतरी तहसीलदार कुसुम प्रधान, खाद्य निरीक्षक नीलेश चंद्राकर, मंडी निरीक्षक तथा जिला प्रबंधक अधिकारी उपस्थित रहे।
लाईवलीहुड कॉलेज में दिया जाएगा असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का निःशुल्क प्रशिक्षण
आवेदन 29 जनवरी तक
धमतरी, 22 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लाईवलीहुड कॉलेज धमतरी में असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि इसके लिए 18 से 45 वर्ष तक की आयु के दसवीं पास युवा आगामी 29 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट साईज फोटो आदि दस्तावेज सिविल कोर्ट के पास स्थित लाईवलीहुड कॉलेज धमतरी में जमा करना होगा।