छत्तीसगढ़ / धमतरी
विशेष लेख :धमतरी जिला: वर्ष 2025 में विकास की सशक्त यात्रा
सोंदूर जलाशय में नौका विहारः प्रशासनिक प्रयासों से शीघ्र होगा पुनः संचालन
धान से आगे सोच : मखाना खेती से बदलेगी धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर
डबरी से समृद्धि तकः धमतरी की महिलाओं ने मखाना खेती में देखी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह
40 महिला किसान समूह ने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया
धमतरी, 30 दिसम्बर 2025

कृषि विविधीकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में धमतरी जिले ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। विकासखंड नगरी के ग्राम सांकरा से 40 इच्छुक महिला किसान समूह का एक दल रायपुर जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम लिंगाडीह पहुंचा, जहाँ उन्होंने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अध्ययन भ्रमण एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था जिला उद्यानिकी विभाग, धमतरी द्वारा की गई।

ख़ास कर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा मखाना खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी को लेकर रुचि ले रहे है। अब जल्द ही धान से आगे सोच से मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी। छोटी-छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के सतत प्रयासों से धमतरी जिले के ग्राम राखी, पीपरछेड़ी, दंडेसरा, राँकाडोह एवं सांकरा में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में डबरी चिन्हांकन कर मखाना खेती की शुरुआत हो चुकी है। महिला किसानों ने स्थानीय ओजस फार्म का भ्रमण करते हुए मखाना की खेती, कटाई, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी संपूर्ण श्रृंखला को नजदीक से समझा। फार्म प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने किसानों को बताया कि मखाना की खेती के लिए जलभराव वाली डबरी, तालाब या जल संरचनाएं उपयुक्त होती हैं। उन्होंने तकनीकी पहलुओं, बीज चयन, उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा यह भी बताया कि उचित प्रशिक्षण एवं सरकारी सहयोग से यह फसल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
इस अवसर पर श्री शिव साहू ने मखाना खेती के व्यावसायिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह फसल कम जोखिम वाली है और इससे स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित किया जा सकता है। महिला किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मखाना खेती से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर दिखाई दे रहा है।
बिहार के दरभंगा निवासी मखाना प्रोसेसिंग विशेषज्ञ श्री रोहित साहनी फोड़ी ने प्रसंस्करण की बारीकियां समझाते हुए बताया कि 1 किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार होता है, जिसकी बाजार कीमत ₹700 से ₹1000 प्रति किलो तक होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान स्वयं उत्पादन के साथ प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करें, तो प्रति एकड़ लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख वैज्ञानिक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ लगभग 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और औसत उत्पादन 10 किं्वटल तक प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि छह माह की अवधि वाली इस फसल में कीट-व्याधि का प्रकोप नगण्य होता है तथा चोरी जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं, जिससे यह किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बनती है।
उप संचालक उद्यानिकी, धमतरी डॉ.पूजा कश्यप साहू के मार्गदर्शन में ग्रामीण उद्यानिकी अधिकारी श्री चंद्रप्रकाश साहू एवं बीटीएम श्री पीताम्बर भुआर्य के साथ आए किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। डॉ.पूजा ने बताया कि मखाना की खेती को प्रोत्साहन देने हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यावसायिक मखाना उत्पादन आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था, जहाँ राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित हुआ।
आज मखाना उत्पादन छत्तीसगढ़ की नई कृषि पहचान बन रहा है। धमतरी की महिला किसानों का यह प्रयास न केवल कृषि नवाचार का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन,प्रशिक्षण और प्रशासनिक संकल्प से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।
नगरी क्षेत्र को सिंचाई में नई संजीवनीः फुटहामुड़ा नहर परियोजना से बदलेगा ग्रामीण परिदृश्य
धमतरी, 30 दिसम्बर 2025

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज गति से आगे बढ़ रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है, जिससे किसानों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

फुटहामुड़ा नहर का निर्माण गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से प्रारंभ होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबाई में किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर नगरी विकासखंड के 22 ग्रामों के लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा भी बढ़ेगा और किसानों की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
परियोजना के क्रियान्वयन में प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक प्रगति हो चुकी है। मुख्य नहर से प्रभावित 10 ग्रामों में कुल 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूर्ण कर लिया गया है। वहीं वन प्रकरण से प्रभावित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम चरण की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही निर्माण कार्य में आने वाली सभी प्रमुख प्रशासनिक बाधाएं दूर हो गई हैं, जिससे कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि यह परियोजना केवल सिंचाई सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। सिंचाई सुनिश्चित होने से किसानों की आय बढ़ेगी, कृषि आधारित रोजगार के अवसर सृजित होंगे और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने परियोजना को नगरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा, “फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी विकासखंड के किसानों के लिए दीर्घकालीन लाभ देने वाली योजना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूर्ण हो। यह परियोजना कृषि समृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देगी।”
उल्लेखनीय है कि पिछले माह उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्थल का दौरा कर निर्माण प्रगति, तकनीकी पक्षों एवं आवश्यक संसाधनों का गहन निरीक्षण किया गया था। अधिकारियों के मार्गदर्शन में अब कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी अंचल में हरित क्रांति की नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
विशेष लेख : स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल
सुव्यवस्थित धान खरीदी से बढ़ा किसानों का भरोसा
नगरी ब्लॉक के युवाओं को अग्निवीर भर्ती की तैयारी में मिला जिला प्रशासन का सशक्त संबल
फूटे चने में हानिकारक रसायन औरामाईन ‘ओ’ की उपस्थिति की जांच
धमतरी में अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण का आयोजन
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समर्थन मूल्य से किसान परिवार को मिला आर्थिक संबल
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धमतरी जिले में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसम्बर को 0-5 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा
धमतरी 15 दिसंबर 2025
धमतरी जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने हेतु पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक उनके निकटतम निर्धारित पोलियो बूथ पर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
जिले में कुल 772 पोलियो बूथों के माध्यम से 1 लाख 10 हजार 553 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार, प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा पैरामेडिकल विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पोलियो की दवा की समय पर उपलब्धता और कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सभी पोलियो बूथों को सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सभी विकासखण्डों को जोन में विभाजित कर जिला स्तर के अधिकारियों को निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं खदानों, ईंट-भट्टों, छात्रावासों, मदरसों एवं छूटे हुए क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने हेतु ट्रांजिट टीमों एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।
प्रथम दिवस 21 दिसम्बर को बूथों पर दवा पिलाने के पश्चात 22 एवं 23 दिसम्बर को सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। अभियान के दौरान जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे। कंट्रोल रूम में प्रत्येक दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।
अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी मैदानी अमलों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे 21 दिसम्बर को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार किया जा सके। साथ ही 22 एवं 23 दिसम्बर को घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने में सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया है।यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
धमतरी में रिकॉर्ड रफ्तार से धान खरीदी
किसानों को 409 करोड़ का हुआ भुगतान
रायपुर, 11 दिसंबर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण किसानों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ मिल रही हैं।
जिले में 10 दिसंबर तक 1,72,568.60 मी.टन धान खरीदा गया है, जिसके एवज में किसानों को 409.32 करोड़ रुपये का त्वरित भुगतान किया गया है। कुल 37,084 किसानों द्वारा धान विक्रय किए जाने से कृषि समुदाय को मजबूत आर्थिक संबल मिला है।
कस्टम मिलिंग में भी तेज प्रगति
कस्टम मिलिंग हेतु 5,52,336 मी.टन धान की अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से 4,54,272 मी.टन का अनुबंध मिलर्स से किया जा चुका है। अब तक 19,611 मी.टन धान का डी.ओ. जारी होने के साथ समितियों से 7,966 मी.टन धान का उठाव भी पूर्ण किया गया है। समितियों में 1,64,602.60 मी.टन धान शेष है, जिसके त्वरित उठाव के निर्देश दिए गए हैं।
टोकन सिस्टम से पारदर्शी खरीदी
टोकन आधारित व्यवस्था ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाया है। 10 दिसंबर तक 17,134 टोकन जारी किए गए, जिनसे 1,34,59.92 क्विंटल धान का उपार्जन दर्ज हुआ। इसी अवधि में 3,133 कृषकों ने 86.53 हेक्टेयर रकबे से धान बेचा है। लंबित आवेदन केवल 7 हैं, जिनका शीघ्र निराकरण किया जा रहा है।
अवैध परिवहन पर सख्ती
प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,652.40 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपये आँकी गई है।
फोटो अपलोड एवं सत्यापन 99.68% पूर्ण
धान बेचने वाले 3,133 किसानों में से 3,123 किसानों ने फोटो अपलोड कर दिया है, जो 99.68 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है।
कृषक श्रेणीवार प्रगति
जिले में सीमांत, लघु और दीर्घ श्रेणी सहित 37,084 किसानों ने धान बेचा है। पंजीकृत 74,611 किसानों में से 18,768 किसानों ने अब तक विक्रय किया है। शेष किसानों को निर्धारित तारीखों के अनुसार टोकन के माध्यम से बुलाया जाएगा।
कमांड सेंटर से की जा रही है सतत निगरानी
कलेक्टर के निर्देशन में कमांड सेंटर द्वारा धान उपार्जन, रकबा समर्पण, शिकायत निवारण और फोटो सत्यापन की निरंतर समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर टोकन उपलब्ध कराया जाए, खरीदी बिना किसी बाधा के हो और भुगतान शीघ्र किसानों के खातों में पहुँचे। धमतरी जिले में धान खरीदी कार्य पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानहित में निर्बाध रूप से प्रगति पर है।
सुचारू धान खरीदी व्यवस्था से आत्मनिर्भर बन रहे किसान
श्री तुकाराम साहू के नए घर का सपना हुआ पूरा
धमतरी , 06 दिसंबर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर अब ग्रामीण इलाकों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। धमतरी जिला के नगरी विकासखंड के सहकारी समितियों में इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए राहतभरी साबित हो रही है। इसी का प्रमाण ग्राम सांखरा के किसान श्री तुकाराम साहू की सफलता है, जिन्होंने धान विक्रय से मिली आय से अपने परिवार के लिए नया घर बनवाया और अब इस वर्ष प्राप्त होने वाली राशि से घर की प्लास्टरिंग व फिनिशिंग कार्य करने की तैयारी में हैं।
किसान श्री तुकाराम साहू ने इस वर्ष 56 क्विंटल धान नगरी सहकारी समिति केंद्र में बेचा। वे बताते हैं कि पिछले वर्ष सरकार की समयबद्ध खरीदी एवं भुगतान व्यवस्था ने उनके आर्थिक हालात को मजबूत किया। उसी आय ने उन्हें नया घर बनाने के लिए संबल दिया। श्री तुकाराम कहते हैं कि सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था न होती, तो मेरा घर बनना मुश्किल था। समय पर हुई आय ने जीवन बदल दिया।
धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि इस बार बारदाना तुरंत उपलब्ध हो रहा है, तुलाई बिना किसी देरी के की जा रही है और केंद्र का पूरा स्टाफ सहयोगी एवं किसान-हितैषी व्यवहार कर रहा है। उनके अनुसार, खरीदी प्रक्रिया इतनी सरल और व्यवस्थित है कि किसी तरह की परेशानी नहीं आ रही।
नगरी विकासखंड के धान खरीदी केंद्रों की सुचारू कार्यप्रणाली ने किसानों का विश्वास शासन की कृषि नीतियों के प्रति और मजबूत किया है। ग्रामीण अंचल में ऐसी सफल कहानियाँ बता रही हैं कि सही दिशा में किए गए प्रयास किसानों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रहे हैं।
सरकार की किसान-उन्मुख नीतियाँ, पारदर्शी व्यवस्था और समय पर भुगतान व्यवस्था किसानों की आर्थिक प्रगति का आधार बन रही हैं। श्री तुकाराम साहू जैसे किसान यह साबित कर रहे हैं कि सुविधा, संबल और मेहनत मिलकर सपनों को साकार कर सकती है।
वन हमारी सांस्कृतिक धरोहर और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत: वन मंत्री श्री कश्यप
नवीन वनमंडल कार्यालय का लोकार्पण एवं वन प्रबंधन समितियों का सम्मेलन संपन्न
3 करोड़ से अधिक राशि के स्वीकृति पत्रों का वितरण
धमतरी, 03 दिसंबर 2025





वन मात्र हमारे संसाधन ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत हैं। राज्य सरकार वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वन आश्रित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। यह बातें आज वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने धमतरी जिले में नवीन वनमंडल कार्यालय का लोकार्पण एवं वन प्रबंधन समितियों के सम्मेलन कार्यक्रम में कहा।
कार्यक्रम में आज वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्रीमती अम्बिका मरकाम, विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री जगदीश रामू रोहरा तथा छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम सहित जनप्रतिनिधि एवं वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध है धमतरी जिला
वनमंत्री श्री कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध है और वन संरक्षण में स्थानीय परंपराएँ और जनभागीदारी हमेशा महत्वपूर्ण रही हैं। उन्होंने कहा कि नया वनमंडल कार्यालय प्रशासनिक कार्यों को गति देगा और वन प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय को भी और मजबूत करेगा। वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को वास्तविक मूल्य दिलाने, रोको-टोको चौकियों के सुदृढ़ीकरण तथा औषधीय पौधों के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और सभी समितियों को पारदर्शी एवं सहभागी तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है।
32 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को 3 करोड़ से अधिक राशि वितरित
कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण से हुई। इसके पश्चात नवीन वनमंडल कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। लगभग 1.14 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह भवन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुव्यवस्थित कार्यालय कक्ष, बैठक कक्ष और सभी आवश्यक प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री श्री कश्यप ने जिले की 32 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को 3 करोड़ से अधिक राशि के विभिन्न कार्यों के स्वीकृति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी अपने उद्बोधन में वन विभाग द्वारा धमतरी जिले में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव एवं वन मंडलाधिकारी श्री श्रीकृष्ण जाधव ने विभागीय कार्यों और उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
धान खरीदी और रबी तैयारी पर कलेक्टर का फोकस
धमतरी । कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभागों की लंबित योजनाओं, शासन की प्राथमिकताओं एवं मैदानी स्तर पर आमजन को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रगति की समीक्षा करते हुए समिति स्तर पर नोडल अधिकारियों द्वारा टीओ, डीओ तथा अन्य प्रक्रियाओं के भौतिक सत्यापन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने गेट पास का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर कठोर निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
बारदाना उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि खरीदी कार्य बाधित न हो, इसके लिए सभी समितियां समय रहते आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी एसडीएम को रकबा समर्पण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने तथा जिले के राइस मिलों का भौतिक सत्यापन प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए।
मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2026 की प्रगति पर कलेक्टर ने अब तक हुए एसआईआर कार्य की प्रशंसा करते हुए शेष कार्य शीघ्र पूरा करने कहा। आगामी रबी फसल को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों से खाद-बीज की उपलब्धता की विस्तृत जानकारी भी ली।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अर्धवार्षिक परीक्षा की स्थिति जानी और निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में विद्यार्थी शैक्षणिक रूप से कमजोर हैं, वहां अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की भी जानकारी ली और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों की समीक्षा में शहर के सड़क पेंच वर्क, सड़क मरम्मत, निर्माण एवं नगरोत्थान कार्यों की जानकारी लेते हुए मरम्मत कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागवार पीएम आवास, कृषि, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों की योजनाओं एवं प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग जनहित से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए बेहतर तालमेल से कार्य करें, ताकि जिले में विकास कार्य और भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।
2 राइस मिल में छापा: 5 करोड़ का धान-चावल जब्त
धमतरी । धमतरी जिले में प्रशासनिक टीम ने अवैध भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने दो राइस मिलों पर छापा मारकर भारी मात्रा में धान और चावल जब्त किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को जिले के सोरम स्थित फूलमानी राइस मिल और धमतरी शहर की अशोक राइस मिल में की गई। जहां नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर धान और चावल का भंडारण किया जा रहा था।
मिली जानकारी की अनुसार, छापेमारी के दौरान दोनों मिलों से करीब 22 हजार क्विंटल धान और 10 हजार क्विंटल चावल बरामद किया गया है। जब्त किए गए इस माल की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। इस कार्रवाई में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, मार्कपेड और मंडी बोर्ड के अधिकारी शामिल रहे।