छत्तीसगढ़ / धमतरी
विश्व दृष्टि दिवस पर जिले में निकाली गई जागरूकता रैली
धमतरी, 10 अक्टूबर 2025
राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में हर साल की तरह इस साल भी माह अक्टूबर के द्वितीय गुरुवार को 26 वॉ. “विश्व दृष्टि दिवस“ के रुप में 9 अक्टूबर को मनाया गया। कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में इस वर्ष “Love your Eyes“ थीम पर आधारित “विश्व दृष्टि दिवस“ पुरे जिले में मनाया गया। जिला चिकित्सालय धमतरी परिसर में आयोजित विश्व दृष्टि दिवस कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं द्वारा नगर में नेत्रदान एवं नेत्र की सुरक्षा के प्रति जनजागरुकता रैली का आयोजन किया गया। इसके बाद वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 04 लोगों का नेत्रदान परिवार के सहमति से किया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में श्रीफल, शॅाल, स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रशस्त्रि पत्र के साथ सम्मानित किया गया। इसमें स्व. आत्माबाई दादर निवासी चिवरी, कुरुद, श्री पुरनदास मानिकपुरी निवासी भखारा, श्री गजानंद साहू निवासी सकरी एवं स्व.श्रीमती लक्ष्मी पंजाबी रिसाईपारा धमतरी के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर उक्त अवसर पर 28 लोंगो द्वारा देहदान के साथ नेत्रदान की घोषणा पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.यू.एल.कौशिक को सौंपा गया।
सीएमएचओ ने बताया कि 25 अगस्त से 08 सितम्बर 2025 तक नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य हेतु किर्तन महमल्ला नेत्र सहायक अधिकारी तथा फलोरेंस और रिलॉयंस नर्सिंग कॉलेज के प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को प्रशस्त्रि पत्र के साथ सम्मानित किया गया। नेत्र सहायक अधिकारियों के बीच भी विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर नेत्र संरचना प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रथम महेन्द्र चकधारी द्वितीय लिकेश्वर प्रजापति नेत्र सहायक अधिकारी एवं तृतीय श्रीमती सावित्री साहू स्टॉफ नर्स को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. ए.के. टोण्डर, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.एस. खालसा, जिला कार्यकम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन धमतरी डॉ. प्रिया कंवर, सहित अस्पताल स्टॉफ मौजूद रहे।
कार्यक्रम का प्रतिवेदन नोडल अधिकारी डॉ. राजेश सूर्यवंशी द्वारा प्रस्तुत किया। जिसमें नवजात शिशुओं की (आर.ओ.पी.) रेटिनोपैथी, स्कूली बच्चों की दृष्टिदोष, युवाओं में मोबाईल के रेडियेशन से आखों में सुखापन तथा मोतियाबिन्द से पीड़ित लोगों का समय में ईलाज कराये जाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन श्री गुरुशरण साहू नेत्र सहायक अधिकारी ने किया।
कम जल खपत वाली धान की नई किस्म एमटीयू 1156 एवं 1153 से अधिक उपज – कीट एवं व्याधि के प्रति प्रतिरोधी फसल
धमतरी, 09 अक्टूबर 2025
प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण एवं रत्नागर्भा कहलाने वाला जिला धमतरी वनों से आच्छादित है तथा इसे नैसर्गिक संपदा का वरदान प्राप्त है। महानदी के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह जिला सुनिश्चित सिंचाई क्षेत्र के विस्तृत रकबे के लिए भी जाना जाता है। मेहनतकश किसानों द्वारा खरीफ एवं रबी दोनों मौसम में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है। धान फसल के लिए उपयुक्त जलवायु एवं उपजाऊ भूमि के कारण इस जिले को ‘धनहा धमतरी’ के नाम से भी जाना जाता है।
कृषि के क्षेत्र में निरंतर प्रगति के साथ-साथ भूमिगत जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता भी बढ़ी है। चूंकि जिले में बड़े पैमाने पर धान की पैदावारी की जाती है, जिससे जल की अधिक खपत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने कम जल खपत वाली नई धान की किस्में विकसित की हैं।
जिला धमतरी में एमटीयू श्रृंखला की दो नई किस्में – एमटीयू 1153 (चन्द्रा) एवं एमटीयू 1156 (तरंगिनी) – किसानों को प्रदर्शन फसल के रूप में उपलब्ध कराई गई हैं।
एमटीयू 1153 (चन्द्रा)
एमटीयू 1153 किस्म को वर्ष 2015 में विकसित किया गया। यह मध्यम अवधि की किस्म है, जो लगभग 115 से 120 दिनों में पककर तैयार होती है। इसकी पौध की ऊँचाई कम तथा तना मजबूत होने के कारण फसल गिरने (लॉगिंग) की संभावना नगण्य होती है। यदि फसल गिर भी जाए तो जल अंकुरण की समस्या नहीं होती। इसमें दो सप्ताह की सुसुप्ता अवस्था का गुण पाया जाता है। यह ब्लास्ट एवं भूरा माहू जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी है। अनुकूल परिस्थितियों में इसकी औसत उपज 60 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त की जा सकती है*
एमटीयू 1156 (तरंगिनी)
एमटीयू 1156, जिसे वर्ष 2015 में राइस रिसर्च स्टेशन मरूतेरू द्वारा विकसित किया गया, मध्यम अवधि की उच्च उपज देने वाली किस्म है। इसके दाने लंबे, पतले तथा उच्च प्रसंस्करण गुणवत्ता वाले होते हैं, जिससे टूटने की संभावना कम रहती है। यह किस्म 115 से 120 दिनों में पक जाती है तथा तना मजबूत होने से फसल गिरने की संभावना कम रहती है। यह भी ब्लास्ट एवं भूरा माहू रोगों के प्रति प्रतिरोधी है। इसकी औसत उपज 60 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पाई जाती है।
विक्रम टीसीआर
विक्रम टीसीआर किस्म उच्च पैदावारी के लिए विकसित की गई है, जिसकी उत्पादन क्षमता 60 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह किस्म 125 से 130 दिनों में पकती है, कम पानी की आवश्यकता होती है तथा कीट-व्याधियों के प्रति प्रतिरोधी है।
कृषक अनुभव
विकासखण्ड धमतरी के ग्राम झिरिया में कृषक श्री धमेन्द्र कुमार चन्द्राकर के खेत में नई किस्म एमटीयू 1156 का प्रदर्शन प्लॉट तैयार किया गया। उप संचालक कृषि द्वारा निरीक्षण कर कृषकों को आवश्यक समसामयिक सलाह प्रदान की गई।
कृषक श्री चन्द्राकर ने बताया कि इस किस्म की खेती आसान है तथा कीट-व्याधि का प्रकोप कम होने से कृषि लागत में कमी आती है। यह उच्च उपज देने वाली फसल है तथा प्रति एकड़ 28 से 30 क्विंटल तक उपज मिलने की संभावना है।
आदि कर्मयोगी अभियान से Tribal Village Vision 2030 को मिलेगी गति
धमतरी, 03 अक्टूबर 2025
आदि कर्मयोगी अभियान (Ministry of Tribal Affairs, Government of India) के अंतर्गत धमतरी जिले के 108 ग्रामों में ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी के साथ ग्राम विकास योजना (Village Development Plan) का निर्माण किया गया।
इस अवसर पर आयोजित ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ श्री विष्णुदेव साय का संदेश वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में आदिवासी समाज का उत्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू हुआ आदि कर्मयोगी अभियान केवल योजना नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा जनजातीय नेतृत्व उभारने वाला आंदोलन है। इस अभियान से आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को सशक्त किया जाएगा तथा सुशासन और जनभागीदारी की नई मिसाल कायम होगी।
अभियान के अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” (17 सितम्बर से 02 अक्टूबर) आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूरे देश से 20 लाख स्वयंसेवकों को जोड़ने का लक्ष्य है, जिनमें छत्तीसगढ़ से लगभग 1,33,000 “आदि साथी” सक्रिय भूमिका निभाएंगे। ये साथी पीएम जनमन तथा छत्तीसगढ़ जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को गति देंगे। उन्होंने आह्वान किया कि 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गाँव की जरूरतों और समस्याओं पर चर्चा कर स्थानीय प्रशासन की मदद से क्रिटिकल गैप को दूर किया जाए।
अभियान के अंतर्गत हर ग्राम का अपना Tribal Village Vision 2030 और एक्शन प्लान बनेगा तथा प्रत्येक ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित होंगे, जहाँ अधिकारी और ग्रामीण मिलकर समस्याओं का समाधान करेंगे। युवाओं, महिलाओं और प्रबुद्ध जनों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान “सेवा, समर्पण, संकल्प” के ध्येय के साथ सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मंत्र को साकार करेगा।
जिला कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्र ने कहा कि “ग्राम विकास योजना का निर्माण ग्रामीण समाज, विशेषकर आदिवासी समुदाय के लिए आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने आगे कहा कि ग्रामवासियों की सहभागिता से तैयार विलेज एक्शन प्लान स्थानीय प्राथमिकताओं पर आधारित है और इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, कृषि, सिंचाई और सांस्कृतिक संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है।
अंत में, जिला प्रशासन ने सभी ग्रामवासियों से आह्वान किया कि वे अभियान में सक्रिय भागीदारी कर अपने गाँव के समग्र विकास में योगदान दें।
धमतरी जिले के बाँधों से भारी जल निकासी, कलेक्टर ने बरती सतर्कता की अपील
नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएँ, उफनते नाले पार करने से बचें
गंगरेल और सोंदूर से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया
*प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात किए, पर्यटकों और ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
धमतरी, 03 अक्टूबर 2025
धमतरी जिले के प्रमुख बाँध — रविशंकर सागर बांध (गंगरेल), मुरुमसिल्ली बाँध, न्यू रूद्री बैराज तथा सोंदूर बाँध — वर्तमान में पूर्ण भराव की स्थिति में हैं। बीते दो दिनों में हुई लगातार वर्षा के कारण जलाशयों में अत्यधिक पानी की आवक हुई है, जिससे जल द्वार खोलकर नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।
कार्यपालन अभियंता ने बताता कि रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) में रात के दौरान हुई भारी वर्षा के परिणामस्वरूप 27,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। जलाशय पूर्ण भराव स्तर पर पहुँच चुका है और रात में नदी में 27,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था । अब समाचार लिखे जाने तक 14000, क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है । जिसे परिस्थितियों के अनुसार और बढ़ाया भी जा सकता है। इसी प्रकार सोंदूर जलाशय से भी 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की बढ़ी हुई निकासी से नदी-नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
इन परिस्थितियों में बाँध स्थलों तथा नदी किनारों पर भीड़ एकत्र होने और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दुर्घटनाओं और जनहानि की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रमुख बाँध स्थल पर दो-दो सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यटकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में तत्काल नियंत्रण और सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएँ और उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, किंतु जन सहयोग भी उतना ही आवश्यक है
उन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे बसे ग्रामवासियों को सचेत करते हुए कहा कि वे सतर्क रहें, बच्चों को जलाशयों एवं नालों के किनारे न जाने दें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा परिस्थिति के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने जनता से यह भी अनुरोध किया है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें। सभी नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
धमतरी में औद्योगिकीकरण की नई दिशा : शासन और प्रशासन के ठोस प्रयासों के चलते
जिले में औद्योगिकरण की नई लहर दिख रही
- विशेष लेख: शशिरत्न पाराशर, उप संचालक
धमतरी, 01 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला अपनी भौगोलिक स्थिति, कृषि संपन्नता और संसाधनों की प्रचुरता के कारण औद्योगिक मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। राजधानी रायपुर और औद्योगिक नगरी दुर्ग-भिलाई के निकट होने से यह जिला निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त सिद्ध हो रहा है। शासन और प्रशासन के ठोस प्रयासों के चलते जिले में औद्योगिकीकरण की नई लहर दिखाई दे रही है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं बल्कि जिले की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री की पहल और औद्योगिक क्षेत्र का विकास
हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा धमतरी जिले के करेली बड़ी और भालूझूलन में फूड पार्क का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। यह फूड पार्क कृषि आधारित उद्योगों को नई दिशा प्रदान करेगा तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। इसके अतिरिक्त करेली बड़ी, भालूझूलन और जामगांव में औद्योगिक क्लस्टरों का विकास किया गया है। ये स्थल रायपुर से अत्यंत निकट होने के कारण निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।

धमतरी जिले में पाँच औद्योगिक क्लस्टरों की योजना है। इनमें से तीन क्लस्टरों का लोकार्पण हो चुका है तथा शेष का भूमिपूजन शीघ्र ही किया जाएगा। इन क्लस्टरों से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होगा।
मेगा फूड पार्कों की संभावनाएँ
धान की प्रचुर उपज के कारण धमतरी को “धान का कटोरा” कहा जाता है। जिले में धान से संबंधित उद्योगों जैसे राइस मिल, चावल आधारित प्रसंस्कृत उत्पाद, पैकेजिंग इकाइयाँ और बाय-प्रोडक्ट उद्योगों की अपार संभावनाएँ हैं। इसी दृष्टि से शासन द्वारा छाती और कचना में मेगा फूड पार्क की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विशेष रूप से छाती क्षेत्र का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इसके स्वीकृत होने पर जिले की औद्योगिक संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी।
इन मेगा फूड पार्कों में धान, सब्ज़ी, दलहन और अन्य कृषि उत्पादों का वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक से प्रसंस्करण किया जाएगा। तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की योजना है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और जिले की आर्थिक स्थिति और मजबूत बनेगी।
प्रशासन की सक्रियता और कलेक्टर की भूमिका
जिले में औद्योगिकीकरण को गति देने में प्रशासन की भूमिका उल्लेखनीय है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा स्वयं औद्योगिक योजनाओं के क्रियान्वयन पर सतत् निगरानी रख रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है तथा निवेशकों को आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। श्री मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे हों।
वर्तमान में मेगा फूड पार्क बगौद (तहसील कुरूद) में औद्योगिक भूमि का आबंटन किया जा रहा है। यहाँ अब तक 13 उद्योग उत्पादन में आ चुके हैं, जिनमें 63.84 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 236 लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा 25 उद्योग निर्माणाधीन हैं, जिनमें 116.59 करोड़ रुपये का निवेश एवं 446 रोजगार प्रस्तावित हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम करेलीबड़ी (तहसील मगरलोड) और ग्राम भालूझूलन (तहसील कुरूद) में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु क्रमशः 14.00 हेक्टेयर एवं 11.00 हेक्टेयर भूमि पर कुल 19.38 करोड़ रुपये की लागत की परियोजना का शिलान्यास किया गया है। इसी प्रकार ग्राम जामगांव (तहसील कुरूद) में 10.00 हेक्टेयर भूमि पर 6.43 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण पूरा किया गया है, जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया l
इसके अतिरिक्त ग्राम छाती (तहसील धमतरी) एवं ग्राम कचना (तहसील भखारा) में क्रमशः 18.21 हेक्टेयर एवं 8.42 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक लैण्ड बैंक हेतु हस्तांतरित की गई है। छाती क्षेत्र एनएच-30 से लगा हुआ है तथा कचना धमतरी-रायपुर मार्ग पर रायपुर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं ग्राम श्यामतराई (तहसील धमतरी) में 8.83 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है, जिसका लोकार्पण शीघ्र किया जाएगा।
इसके अलावा लगभग 90 हेक्टेयर भूमि पर पाँच अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की तैयारी की जा रही है। यह पूरा विकास कार्य रायपुर-धमतरी इकोनामिक कॉरिडोर के रूप में आकार ले रहा है।
भविष्य की संभावनाएँ
धमतरी की भौगोलिक स्थिति, कृषि संसाधन और रायपुर से निकटता इसे निवेश के लिए आदर्श स्थल बना रहे हैं। आने वाले समय में यहाँ खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योगों, MSME इकाइयों और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना से जिले का औद्योगिक स्वरूप और अधिक विकसित होगा।
धमतरी का औद्योगिकीकरण न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक दशा को बदलने वाला है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ एवं देश के औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की सक्रियता से जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। कृषि और उद्योग के संगम से धमतरी का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। आने वाले समय में धमतरी निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की धुरी बनेगा।
धमतरी में बस पलटने से मासूम की मौत, कई यात्री घायल
धमतरी । जिले के नगरी रोड पर गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यात्री बस पलटने से 4 साल की बच्ची रागिनी निषाद की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल धमतरी में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, डीआरडी कंपनी की यात्री बस (CG/04/E/2872) धमतरी बस स्टैंड से नगरी की ओर जा रही थी। बस में सवारियां एक तरफ ज्यादा बैठी थीं। दोपहर करीब 12:30 बजे, खड़ादाह गांव के पास (थाना केरेगांव क्षेत्र, स्टेट हाइवे) पर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस और पेट्रोलिंग टीम पहुँची
घटना की सूचना मिलते ही केरेगांव पुलिस मौके पर पहुँची। साथ ही हाईवे पेट्रोलिंग-2 के प्रधान आरक्षक चमन ध्रुव और आरक्षक वेद मरकाम ने मौके पर राहत कार्य शुरू किया।
अस्पताल लाए गए यात्री
हादसे में घायल हुए टीकाराम साहू (58) और उनकी पत्नी कुमारी बाई साहू (54), निवासी ग्राम बेलौदी को जिला अस्पताल पहुँचाया गया। इसके अलावा, 108 एंबुलेंस से कलेसिया निषाद (निवासी ग्राम बासनवाही) और उनकी नातिन रागिनी (4 वर्ष) को भी अस्पताल लाया गया। जाँच के बाद डॉक्टर तेजस शाह ने रागिनी को मृत घोषित कर दिया।
घायल कलेसिया बाई ने बताया कि वे अछोटा रिश्तेदार के घर आई थीं और अपनी नातिन रागिनी के साथ घर लौट रही थीं। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
फिलहाल, केरेगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ को महिला केन्द्रित विकास का मॉडल बनाने वाली योजना महतारी सदन : सीएम श्री साय
मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण
23 सितंबर 2025



मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को श्री साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक श्री अजय चन्द्राकर सहित सचिव श्रीमती निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौलश्री का पौधा भी रोपा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
धमतरी के कुरूद विधानसभा क्षेत्र को मिला विकास का महा-उपहार
मुख्यमंत्री श्री साय ने 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात
74 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया
23 सितम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। श्री साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया। उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 74 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा, धमतरी नगर निगम के महापौर श्री रामू रोहरा पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक श्री अजय चन्द्राकर सहित सचिव श्रीमती निहारिका बारीक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे।

महिला सशक्तिकरण - नए भवनों का शिलान्यास
श्री साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे। यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे।

औद्योगिक विकास
ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
शिक्षा एवं कौशल विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया। श्री साय ने 7 करोड़ 53 लाख रूपए से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया। ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
सड़क और अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रूपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रूपए से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया। यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
स्वास्थ्य सुविधाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया। इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी।
पेयजल एवं सिंचाई
श्री साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया। जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी। उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रूपए से निर्मित योजना का लोकार्पण किया। और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रूपए से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
विज्ञान एवं पर्यटन
मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया। इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा।
सामाजिक विकास
आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी। यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा।
इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
धमतरी की बिलाई माता: बिल्लियों से जुड़ी है स्थापना की कथा...
धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित बिलाई माता मंदिर न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है बल्कि अपनी अद्भुत कथा और रहस्यमय परंपराओं के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है। इसे प्रदेश के पांच प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मंदिर का नाम और उसकी स्थापना की कथा विशेष रूप से बिल्लियों से जुड़ी है, जो इसे अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान दिलाती है।
स्थापना से जुड़ी कथा
जनश्रुति के अनुसार, जहां आज मंदिर स्थित है वहां पहले घना जंगल हुआ करता था। उस समय के राजा जब यहां से गुजरे तो उन्होंने देखा कि एक विशेष पत्थर के पास कई जंगली बिल्लियाँ लगातार बैठी रहती हैं। राजा ने पत्थर को हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह हिल नहीं सका। प्रयास जारी रहे और अचानक उस स्थान से जल प्रवाह शुरू हो गया। उसी रात राजा के स्वप्न में देवी मां प्रकट हुईं और संदेश दिया कि पत्थर को उसी स्थान पर रहने दिया जाए और उसकी पूजा की जाए। इसके बाद राजा ने देवी की स्थापना करवाई और तभी से यहां पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ।
स्वयंभू मूर्ति का चमत्कार
यहां की मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है। लोकविश्वास है कि यह मूर्ति धीरे-धीरे जमीन से ऊपर आई और आज भी इसे प्रकृति की अनूठी देन माना जाता है। मूर्ति का काला रंग और आसपास बिल्लियों की उपस्थिति के कारण इसे “बिलाई माता” कहा जाने लगा। यह मूर्ति मां विंध्यवासिनी देवी जैसी मानी जाती है और लगभग 500–600 वर्ष पुरानी मानी जाती है।
परंपराएँ और बदलती मान्यताएँ
प्राचीन काल में नवरात्रि पर यहां बलि प्रथा प्रचलित थी, जिसमें 108 बकरों की बलि दी जाती थी। समय के साथ यह प्रथा समाप्त हो गई और आज यहां भक्त केवल प्रसाद और पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और देवी की आराधना करते हैं। लोक विश्वास है कि माता की पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
आस्था का केंद्र
आज बिलाई माता मंदिर केवल धमतरी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। हर साल यहां ज्योत प्रज्जवलन की रस्म बड़े हर्षोल्लास से की जाती है। भक्त देवी के दर्शन और पूजा के लिए दूर-दूर से आते हैं और इस मंदिर को अपनी आस्था का प्रमुख केंद्र मानते हैं।
विशेष लेख : धमतरी जिले को जल्द मिलेगा हाईटेक नर्सरी, किसान प्रशिक्षण केंद्र और फूड प्रोसेसिंग इनक्यूबेशन सेंटर का लाभ
इनक्यूबेशन केंद्र की स्थापना से जिले में उद्यानिकी विकास की नई संभावनाओं का द्वार खुलेगा
जिले की उद्यानिकी और कृषि को नई दिशा
विशेष लेख: शशि रत्न पाराशर, उप संचालक
धमतरी, 19 सितंबर 2025
जिले के किसानों और उद्यानिकी क्षेत्र के लिए यह गर्व का विषय है कि कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र कुरूद चर्रा परिसर में भूमि पर हाईटेक नर्सरी एवं किसान प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जा रहा है । स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है । इसके लिए सहायक संचालक लाइवली हुड श्री शैलेन्द्र गुप्ता,ज़िले के विभिन्न महाविद्यालयों से कैरियर काउंसिलिंग प्रभारीगणों के साथ NIT रायपुर तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के इनक्युबेशन सेंटर में विजिट कर वहाँ की कार्यप्रणाली, स्टार्टअप, इनोवेशन आईडिया को सही दिशा प्रदान करने के संबंध में पूर्ण जानकारी ली ।

यह परियोजना न केवल जिले की उद्यानिकी गतिविधियों को गति प्रदान करेगी बल्कि क्षेत्र के किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने किसानों को नई कृषि पद्धतियों, ज्ञान और तकनीकी प्रगति का प्रसार, स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। कृषि महाविद्यालय चर्रा के अधिष्ठाता डॉ . नवनीत राणा ने बताया कि आगामी 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय करेली बड़ी में प्रस्तावित कार्यक्रम में कृषि महाविधालय भवन और हॉस्टल का लोकार्पण करेंगे ।

हाईटेक नर्सरी के माध्यम से उन्नत किस्म के फल, फूल एवं सब्जियों के पौधे तैयार किए जाएंगे
कुरूद चर्रा में हाईटेक नर्सरी के माध्यम से उन्नत किस्म के फल, फूल एवं सब्जियों के पौधे तैयार किए जाएंगे, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होंगे। इससे कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा। साथ ही, प्रशिक्षण केंद्र में किसानों को आधुनिक खेती, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक, ग्रीन हाउस निर्माण, ऑर्गेनिक खेती और पौध संरक्षण संबंधी वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की जाएगी। यह कॉलेज छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध है।
इस परियोजना के शुभारंभ से जिले की उद्यानिकी को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनेक अवसर उत्पन्न होंगे। प्रशिक्षण प्राप्त किसान न केवल अपने खेतों में उन्नत पद्धतियों का उपयोग कर सकेंगे, बल्कि स्वरोजगार के रूप में पौध उत्पादन, नर्सरी संचालन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना भी कर सकेंगे। इस प्रकार यह केंद्र आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम बनेगा।
खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन इनक्यूबेशन केंद्र की स्थापना
फलों और सब्जियों में होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद धमतरी, छत्तीसगढ द्वारा खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन इनक्यूबेशन केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इस परियोजना पर 76.80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे तथा इसे वर्ष 2025 से 2028 तक क्रियान्वित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कटाई उपरांत प्रबंधन को बढ़ावा देना नुकसान को कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इसके लिए प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और गुणवत्ता परीक्षण जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आधुनिक फूड प्रोसेसिंग तकनीक का प्रसार करना तथा छत्तीसगढ़ के कृषि-खाद्य क्षेत्र में उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है।
यह केन्द्र विद्यार्थियों, किसानों और उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं व्यवसाय विकास में प्रशिक्षण देने का एक प्रमुख केन्द्र भी होगा। यहां से फलों के जूस, जैम, अचार, डिहाइड्रेटेड पाउडर, मिलेट आधारित स्नैक्स और एनर्जी बार जैसे विविध उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल कृषि उपज को उच्च मूल्य वाले खाद्य उत्पादों में बदलने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी, जो युवाओं एवं किसानों को सशक्त बनाते हुए राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन कृषि से संबंधित ऐसा व्यवसाय है, जो उपज की मूल्य वृद्धि के साथ-साथ रोजगार सृजन करता है। इस दिशा में कृषि महाविद्यालय कुरूद में इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना क्षेत्रीय युवाओं एवं छात्र-छात्राओं हेतु एक रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम होगा।
यह पहल युवाओं में एग्री-स्टार्टअप्स के सृजन के साथ युवाओं से रोजगार परख व्यवसाय के विकास में सहायक होगा । तत्संबंध में कृषि महाविद्यालय कुरूद में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना जो जिले एवं क्षेत्रीय युवाओं एवं छात्र-छात्राओं में बिजनेस स्टार्टअप के विकास में मददगार होगी। प्रमुख विषयों में प्रसंस्करण लाइन की उपलब्धता, प्रशिक्षण, स्टार्टअप्स के लिए आधारभूत संरचना और इन केंद्रों का वाणिज्यिक संचालन शामिल है। इसका उद्देश्य मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना, अपव्यय को कम करना और ग्रामीण आय में वृद्धि करना है।
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को भी इस केंद्र से लाभ प्राप्त होगा। उच्च गुणवत्ता वाली कच्ची सामग्री आसानी से उपलब्ध होने से फूड प्रोसेसिंग उद्योग का दायरा विस्तृत होगा। इससे उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा और किसानों को बेहतर दाम प्राप्त होंगे। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए भी यह केंद्र एक अवसर का केंद्र बिंदु होगा, जहां प्रशिक्षण प्राप्त कर वे कृषि उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।*
प्रशासन का मानना है कि हाईटेक नर्सरी, किसान प्रशिक्षण केंद्र और खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन इनक्यूबेशन केंद्र की स्थापना से जिले में उद्यानिकी विकास की नई संभावनाओं का द्वार खुलेगा। यह परियोजना किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी और राज्य सरकार की “किसान कल्याण” की प्राथमिकताओं को साकार करने में मददगार होगी।
जिले के कृषक संगठनों, स्थानीय प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे जिले को उद्यानिकी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और छत्तीसगढ़ को फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
अल्प समय में शुभारंभ होने जा रही यह परियोजना जिले के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, जो न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि करेगी बल्कि किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी।
स्वस्थ नारी ही सशक्त समाज की नींव : सांसद रूपकुमारी चौधरी
धमतरी । लोकसभा क्षेत्र महासमुंद की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने आज जिला अस्पताल परिसर में आयोजित हेल्थ कैंप एवं सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर महापौर श्री रामू रोहरा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग श्री नेहरू निषाद, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंगीरा ध्रुव सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
सांसद चौधरी ने कहा कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की नींव है।” इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सकारात्मक बदलाव लाना है। एनीमिया नियंत्रण, क्षयरोग उन्मूलन, रक्तदान, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता को जन-जन तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सहभागिता निभा रहीं हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया है। वहीं लोकल फॉर वोकल के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दूसरे जिलों के मरीज धमतरी जिला अस्पताल में आकर अपना इलाज करवा रहे हैं, यह यहां के डॉक्टरों के संवेदनशीलता का परिचय है। श्रीमती चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर) तक चलने वाला यह अभियान सेवा और जनजागरण का प्रतीक है। सांसद श्रीमती चौधरी ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं एवं सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक ने अभियान की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान 2 अक्टूबर तक जिले में सतत् चलाया जाएगा। यहां प्रतिदिन 600 से 700 मरीजों की ओपीडी जांच, रक्त परीक्षण, एक्स-रे, विशेषज्ञ परामर्श और छोटी शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं नियमित रूप से की जा रही हैं।
पूर्व विधायक रंजना डिपेन्द्र साहू ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके सशक्तिकरण के लिए महत्त्वपूर्ण कदम है। महापौर रामू रोहरा ने केंद्र शासन और प्रधानमंत्री कार्यकाल में किए जा रहे विकास कार्यों के साथ स्वास्थ्य में किए जा रहे कार्यों को बताया।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जानकारी दी कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। जिला अस्पताल में शीघ्र ही ट्रॉमा सेंटर एवं मातृ-शिशु अस्पताल की सुविधा प्रारंभ होगी। वनांचल क्षेत्रों नगरी व सिहावा में एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा नुक्कड़ नाटक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं एवं महिलाओं के स्वास्थ्य पर संदेशास्प्रद प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी जिला चिकित्सालय की ओर प्रदान किया गया। जिला कार्यकम प्रबंधक प्रिया कंवर, सिविल सर्जन डॉ. अरूण टोंडर, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आदित्य सिन्हा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनी, जिला प्रबंधक गिरीश कश्यप एवं अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
विकसित भारत : मोदी की संकल्पना पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का कलेक्टर ने किया शुभारंभ’
मासिक पत्रिका जनमन सहित योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित सामग्री का किया गया निःशुल्क वितरण
धमतरी । जनसंपर्क विभाग द्वारा आज 17 सितम्बर को आदि सेवा पर्व और सेवा पखवाड़ा तथा विकसित भारतः मोदी जी की संकल्पना पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी लगायी गयी। प्रदर्शनी में योजनाओं पर फ़िल्म प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी देखने आए स्कूली बच्चों से बातचीत की तथा प्रदर्शनी में क्या देखा और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के साथ ही पढ़ाई के संबंध में पूछा। कलेक्टर श्री मिश्रा ने प्रदर्शनी के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। बातचीत में छात्र/ छात्राओं ने बताया उनके परिवार में माँ को महतारी वंदन की राशि मिलती है, उन्हें छात्रवृत्ति भी मिल रही है। इस अवसर पर ज़िला प्रशासन के ज़िला अधिकारी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ’
स्कूली बच्चों ने कहा कि प्रधानमंत्री का बचपन में मगरमच्छों से भरे तालाब को तैरकर पार किया, उसी तालाब में उन्होंने एक मगरमच्छ के बच्चे को बचाया और उसे पकड़कर घर भी ले आए, जिसे बाद में माँ के समझाने पर वापस भी छोड़ आए, यह जानकर अच्छा लगा। उनकी दयाशीलता प्रकट करती है। उनके युवा अवस्था के कामों से हम अभी तक अनजान थे। प्रदर्शनी के माध्यम से किए कामों की जानकारी मिली।
छायाचित्र प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बीते बचपन के दिनों और उनके किए गए काम के साथ सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों के बारे में रंगीन छायाचित्र और स्लोगन के ज़रिए बखूबी दर्शाया गया है। प्रदर्शनी का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया है।
प्रदर्शनी को अधिकारी-कर्मचारी गणमान्य नागरिक, कामकाज के सिलसिले में कलेक्ट्रेट आने वाले व्यक्तियों के साथ स्कूली बच्चों में इसे लेकर ख़ासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री श्री मोदी के बीते बचपन, साहसिक काम, कर्म के प्रति उनका समर्पण, उनकी पाठशाला और उनकी माँ की तस्वीर बच्चों को लुभा रही है।
कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। आज से आदि सेवा पर्व और सेवा पखवाड़ा की शुरुआत हुई है। इस सेवा पखवाड़ा में विभिन्न गतिविधियां के साथ स्वच्छता ही सेवा अभियान की भी शुरुआत हुई है। देश भर में स्वास्थ्य शिविर लगाने से लेकर स्वच्छता अभियान चलाने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मेलों और बुद्धिजीवियों के समागम तक कई तरह के जनसंपर्क, कल्याण, विकास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। उन्होंने बच्चों और लोगों से आपने आसपास, घर-द्वार के साथ सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता बनाये रखने का आह्वान किया ।
प्रदर्शनी स्थल पर जनसम्पर्क विभाग की मासिक पत्रिका जनमन का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी निःशुल्क है। आज प्रदर्शनी को देखने ज़िला मुख्यालय स्थित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल गोकुलपुर और डा. शोभाराम देवांगन शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी दिलचस्पी दिखायी।
विशेष लेख : खाद्य सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक : धमतरी के 25 वर्षों की सफलता यात्रा
धमतरी। जिले में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बीते 25 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2000 की स्थिति की तुलना में वर्ष 2025 तक विभाग ने अनेक सुधारात्मक कदम उठाते हुए आम नागरिकों को पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं।
सबसे पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की बात करें तो वर्ष 2000 में जिले में 296 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित थीं। उस समय राशनकार्डधारियों को मैनुअल (ऑफलाइन) पद्धति से राशन वितरण किया जाता था, जिसमें समय और पारदर्शिता की चुनौतियाँ बनी रहती थीं। आज वर्ष 2025 में यह प्रणाली पूर्णतः ऑनलाइन आधार प्रमाणीकरण से जुड़ चुकी है। वर्तमान में जिले में 484 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को सुगमता से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि राशनकार्डधारियों को समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित हुआ है।
’राशनकार्ड की संख्या में भी पिछले 25 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जिले में 82,460 राशनकार्ड प्रचलित थे, जबकि वर्तमान में कुल 2,58,352 राशनकार्ड प्रचलन में हैं, जिनमें 2,33,429 बीपीएल कार्ड और 24,923 अन्य श्रेणी के कार्ड शामिल हैं। यह दर्शाता है कि विभाग ने सामाजिक सुरक्षा एवं खाद्य अधिकार सुनिश्चित करने में प्रभावी भूमिका निभाई है।
धान खरीदी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जिले में मात्र 70 धान खरीदी केंद्र संचालित थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 100 हो चुकी है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ मिल रहा है। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इसी प्रकार, कस्टम मिलिंग की व्यवस्था में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले में 135 राइस मिल पंजीकृत थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 226 तक पहुँच गई है। इससे खरीदे गए धान का समय पर मिलिंग एवं चावल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
कुल मिलाकर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, धमतरी ने 25 वर्षों की इस यात्रा में निरंतर प्रगति का उदाहरण प्रस्तुत किया है। विभाग ने पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार, हितग्राहियों की सुविधा और किसानों की आर्थिक उन्नति को प्राथमिकता दी है। रजत जयंती वर्ष में यह उपलब्धियाँ इस बात का प्रतीक हैं कि विभाग ने आमजन की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है।
आलेखः खाद्य सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक : धमतरी के 25 वर्षों की सफलता यात्रा
आलेखः-शशिरत्न पाराशर, उप संचालक
धमतरी, सितम्बर 2025

जिले में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बीते 25 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2000 की स्थिति की तुलना में वर्ष 2025 तक विभाग ने अनेक सुधारात्मक कदम उठाते हुए आम नागरिकों को पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं।
सबसे पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की बात करें तो वर्ष 2000 में जिले में 296 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित थीं। उस समय राशनकार्डधारियों को मैनुअल (ऑफलाइन) पद्धति से राशन वितरण किया जाता था, जिसमें समय और पारदर्शिता की चुनौतियाँ बनी रहती थीं। आज वर्ष 2025 में यह प्रणाली पूर्णतः ऑनलाइन आधार प्रमाणीकरण से जुड़ चुकी है। वर्तमान में जिले में 484 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को सुगमता से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि राशनकार्डधारियों को समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित हुआ है।
राशनकार्ड की संख्या में भी पिछले 25 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जिले में 82,460 राशनकार्ड प्रचलित थे, जबकि वर्तमान में कुल 2,58,352 राशनकार्ड प्रचलन में हैं, जिनमें 2,33,429 बीपीएल कार्ड और 24,923 अन्य श्रेणी के कार्ड शामिल हैं। यह दर्शाता है कि विभाग ने सामाजिक सुरक्षा एवं खाद्य अधिकार सुनिश्चित करने में प्रभावी भूमिका निभाई है।
धान खरीदी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जिले में मात्र 70 धान खरीदी केंद्र संचालित थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 100 हो चुकी है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ मिल रहा है। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इसी प्रकार, कस्टम मिलिंग की व्यवस्था में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले में 135 राइस मिल पंजीकृत थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 226 तक पहुँच गई है। इससे खरीदे गए धान का समय पर मिलिंग एवं चावल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है
कुल मिलाकर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, धमतरी ने 25 वर्षों की इस यात्रा में निरंतर प्रगति का उदाहरण प्रस्तुत किया है। विभाग ने पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार, हितग्राहियों की सुविधा और किसानों की आर्थिक उन्नति को प्राथमिकता दी है। रजत जयंती वर्ष में यह उपलब्धियाँ इस बात का प्रतीक हैं कि विभाग ने आमजन की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है।
बुजुर्ग की चाकू मारकर हत्या करने वाले 6 नकाबपोश गिरफ्तार
धमतरी। घर में रखे नकद व जेवरात को लूटने से मना करने पर बुजुर्ग की चाकू मारकर हत्या करने वाले 6 नकाबपोश आरोपी युवकों को अर्जुनी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने उनके पास से लूट के जेवरात, नकदी तथा हत्या करने उपयोग किए औजार को जब्त कर कर लिया है। अर्जुनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक सितंबर की रात ग्राम भानपुरी निवासी कृतराम साहू अपनी पत्नी रश्मि साहू के साथ घर में सो रहे थे, तभी रात करीब दो बजे तीन अज्ञात नकाबपोश आरोपी घर में पीछे की ओर से घुसे बुजुर्ग पति-पत्नी को बंधक बना लिया।
फिर आरोपियों ने घर के आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, नगद पांच हजार रुपये व मोबाइल लूट लिया। इस घटना का जब कृतराम साहू ने विरोध किया, तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी और वहां से फरार हो गए। रश्मि साहू की रिपोर्ट पर पुलिस ने थाना अर्जुनी में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर हत्यारों को ढूंढने में जुटी हुई थी।
आरोपियों को पकडऩे विशेष पुलिस टीम बनी, लेकिन घटना व आसपास सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, ऐसे में इस घटना से पर्दा उठाना पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन वैज्ञानिक पद्धति से की गई जांच ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचा दिया।
मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर छह आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में धनराज यादव 22 वर्ष ग्राम भठेली, हुपेन्द्र बांधे 18 वर्ष 11 माह ग्राम भठेली, चेतन कुमार साहू 19 वर्ष ग्राम भठेली, कलेश्वर ध्रुव 22 वर्ष ग्राम कचना, हेमसागर मंडावी 20 वर्ष ग्राम गुजरा, हाल संतोषी नगर रायपुर और सोमप्रकाश देवांगन 36 वर्ष ग्राम कुर्रा शामिल है। आरोपियों के पास से पुलिस ने जेवरात, नकदी, मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त चाकू, कपड़ा, जूता और बाइक को जब्त किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
विशेष लेख : रजत जयंती महोत्सव पर विशेष
धमतरी जिले में सौर सुजला योजना – किसानों की खुशहाली का नया सू
विशेष लेख: शशि रत्न पाराशर, उप संचालक
धमतरी, 4 सितंबर 2025


छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2016-17 में प्रारंभ की गई सौर सुजला योजना आज राज्य के किसानों के जीवन में खुशहाली का नया अध्याय लिख रही है। विशेषकर धमतरी जिले में यह योजना किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है। जहां पहले किसान केवल वर्षा आधारित खेती पर निर्भर रहते थे और सिंचाई की कमी से उत्पादन प्रभावित होता था, वहीं अब सूर्य की ऊर्जा से संचालित सोलर पंप किसानों के लिए बारहमासी खेती का भरोसेमंद साधन बन गए हैं।*
किसानों के जीवन में नई रोशनी
धमतरी जिले में अब तक कुल 3068 सोलर पंपों की स्थापना छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (क्रेडा) द्वारा की जा चुकी है। इन पंपों से किसानों को धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन, सब्ज़ी और फल-फूल जैसी फसलों का उत्पादन बड़े पैमाने पर करने का अवसर मिला है।गांव-गांव में किसान अब एक सीजन की जगह पूरे साल खेती कर पा रहे हैं, जिससे उनकी आय दोगुनी हुई है और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
किसानों की जुबानी – सौर पंप से मिली नई उम्मीद
ग्राम गोरेगांव के किसान श्री अमृत लाल बताते हैं कि पहले बरसात पर ही खेती करना पड़ता था। बिजली की लाइन खेत तक नहीं पहुंची थी। अब सौर पंप लगने से साल भर सब्ज़ी और धान की खेती कर पा रहा हूँ। आमदनी भी बढ़ गई है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई अच्छे से कर पा रहा हूँ।
ग्राम चिपली के लक्ष्मी नाथ का कहना है –कि “डीजल पंप से खेती करना बहुत महंगा पड़ता था। तेल के दाम भी बढ़ते रहते थे। अब सूरज की रोशनी से खेतों को पानी मिलता है, कोई खर्च नहीं होता। यह योजना हम जैसे छोटे किसानों के लिए वरदान है।”
ग्राम भोथली के युवा किसान श्री रामेश्वर ने उत्साहित होकर कहा – पहले गांव में खेती छोड़कर बाहर नौकरी ढूँढने जाना पड़ता था। अब सोलर पंप से अच्छी खेती-बाड़ी हो रही है ।
कई महिला किसान सब्ज़ी की खेती कर शहर में बेच रही है । महीने में इतना कमा लेती है कि बाहर जाने की ज़रूरत ही नहीं रही।”
छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान
इस योजना के अंतर्गत किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान शासन द्वारा दिया जाता है। केवल शेष राशि उन्हें अंशदान के रूप में देनी होती है। इतना ही नहीं, एनिकट, स्टॉप डेम एवं चेक डेम के किनारों पर 3 से 5 एचपी क्षमता वाले सरफेस सोलर पंप 97 प्रतिशत अनुदान पर लगाए जा रहे हैं। इससे जल स्रोत के पास बसे छोटे और सीमांत किसान अत्यधिक लाभान्वित हो रहे हैं।
लक्ष्य और उपलब्धियां
वित्तीय वर्ष 2024-25 में सौर सुजला योजना के सातवें चरण में धमतरी जिले को 400 सोलर पंपों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके विरुद्ध अब तक 252 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्वीकृति और स्थापना प्रक्रिया क्रेडा द्वारा की जा रही है। वहीं वर्ष 2025-26 के फेस-09 अंतर्गत जिले को 205 सोलर पंप का लक्ष्य मिला है, जिनमें से 165 पंप स्थापित किए जा चुके हैं और शेष पर तेजी से कार्य चल रहा है।
आर्थिक व सामाजिक परिवर्तन
इस योजना ने जिले की कृषि व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। किसान अब खरीफ और रबी दोनों मौसम में खेती कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अतिरिक्त पैदावार से न केवल किसानों की आय दोगुनी हुई है, बल्कि गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।खेतों में मजदूरों, परिवहन और कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों में रोजगार मिलने से बेरोजगारी की समस्या भी घट रही है।
पर्यावरण और सतत विकास की ओर कदम
सौर ऊर्जा आधारित पंप पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी हैं। जहां डीजल और बिजली से चलने वाले पंप प्रदूषण और खर्च दोनों बढ़ाते थे, वहीं सौर पंप प्रदूषणमुक्त, किफायती और दीर्घकालीन समाधान प्रदान कर रहे हैं। यह योजना सतत विकास और हरित क्रांति की दिशा में एक मजबूत कदम है।
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर यह कहना उचित होगा कि सौर सुजला योजना केवल सिंचाई का साधन नहीं है, बल्कि किसानों के लिए ऊर्जा, आत्मविश्वास और समृद्धि का प्रतीक बन चुकी है। किसानों की ज़ुबानी उनके अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि सूरज की रौशनी अब खेतों के साथ-साथ उनके जीवन को भी रोशन कर रही है।
यह योजना न सिर्फ कृषि उत्पादन को नई ऊंचाई दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान कर रही है। आने वाले समय में इसके विस्तार से प्रदेश का कृषि क्षेत्र नई उड़ान भरेगा और किसान समृद्धि की राह पर और तेजी से आगे बढ़ेंगे।
धमतरी से देशभर में गूंजेगी ग्रीन आतिशबाजी: 100 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार
दीवाली होगी स्वच्छ और सुरक्षित
03 सितम्बर 2025


स्वच्छ आतिशबाज़ी का नया केंद्र बनकर धमतरी पूरे प्रदेश और देश को प्रेरणा देने जा रहा है। यह पहल न केवल रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित त्योहारों की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
धमतरी जिले के ग्राम चटोद में महिलाएँ अब पारंपरिक पटाखों की जगह पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के निर्माण में जुटी हैं। यह पहल न केवल स्वच्छ और सुरक्षित दिवाली की राह दिखा रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोज़गार का नया द्वार भी खोल रही है।
कलेक्टर धमतरी ने श्री गणेशा फायरवर्क्स यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा मौके पर ग्रीन पटाखा चलाकर उसकी सुरक्षा और प्रभाव का अनुभव भी किया। इस यूनिट को पाँच एकड़ भूमि लीज पर उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए कि परिसर में अग्नि शमन की ठोस व्यवस्था, समय-समय पर मॉक ड्रिल और ज्वलनशील पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चटोद में स्थापित यह यूनिट ‘लोकल से वोकल’ और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है, वहीं समाज को स्वच्छ और सुरक्षित विकल्प प्राप्त हो रहा है।
यूनिट के सेल्स हेड श्री आशीष सिंह ने बताया कि ग्रीन पटाखों में बारूद का प्रयोग नहीं होता, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं और प्रदूषण भी नहीं फैलाते। वर्तमान में यहाँ लगभग 100 से अधिक महिलाएँ कार्यरत हैं, जिन्हें स्थायी रोजगार प्राप्त हुआ है। आने वाले समय में विवाह समारोहों और अन्य आयोजनों के लिए भी ग्रीन पटाखों की विभिन्न किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी।