रानी दहरा जलप्रपात पर मौत का साया, प्रशासन अब भी खामोश अब तक नहीं हुई सुरक्षा व्यवस्था, हर साल बढ़ रहा हादसों का खतरा
कबीरधाम |
2025-06-21 18:43:51
रानी दहरा जलप्रपात पर मौत का साया, प्रशासन अब भी खामोश
अब तक नहीं हुई सुरक्षा व्यवस्था, हर साल बढ़ रहा हादसों का खतरा
संवाददाता, विकाश शुक्ला
कवर्धा ।कबीरधाम जिले का रानी दहरा जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम उदाहरण है। ऊँचाई से गिरता जलप्रवाह, हरे-भरे पहाड़ों से घिरा यह स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। लेकिन इस मनोरम दृश्य के पीछे छुपा है एक खतरनाक सच — यहां सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।
प्रशासन की लापरवाही इस कदर हावी है कि यहां आने वाले सैलानी अब अपनी जान जोखिम में डालकर झरने का आनंद लेने को मजबूर हैं। सुरक्षा इंतजामों की कमी की वजह से यह स्थल अब तक कई जानें निगल चुका है।
पिछले वर्ष राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के भांजे की इसी जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई थी। वह अपने मित्रों के साथ रानी दहरा घूमने आए थे, लेकिन प्रशासन की लापरवाही और मौके पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था के अभाव ने एक और जीवन लील लिया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। बीते वर्षों में कई दुर्घटनाएं घट चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की नींद अब तक नहीं टूटी है। न तो यहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न ही रस्सियों या बैरिकेडिंग की व्यवस्था है। यहां तक कि आपात स्थिति में सहायता के लिए कोई स्थायी बचाव दल भी नहीं तैनात किया गया है।
पर्यटकों में बढ़ता डर
जलप्रपात पर घूमने आए पर्यटकों का कहना है कि वह प्राकृतिक सौंदर्य तो देखना चाहते हैं, लेकिन हर वक्त जान का खतरा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की अनदेखी ने इस स्थल को "पर्यटन स्थल" से "मौत के गड्ढे" में बदल दिया है।
स्थल को सील करने की मांग
स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने रानी दहरा को फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद करने की मांग की है, जब तक कि यहां उचित सुरक्षा उपाय न किए जाएं। उनका कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थल एक और दर्दनाक खबर का कारण बन सकता है।
प्रशासनिक चुप्पी
समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन या पर्यटन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
यदि रानी दहरा को सुरक्षित और व्यवस्थित पर्यटन स्थल बनाना है, तो अब केवल पर्यटकों की भीड़ नहीं, जिम्मेदारी का दबाव भी प्रशासन पर होना चाहिए