ग्राम,नगर निवेश अनुज्ञा बिना हो रह अवैध प्लाटिंग ,एक भी पंजीकृत प्रापर्टी डीलर नही
कबीरधाम |
2025-06-30 17:28:09
ग्राम,नगर निवेश अनुज्ञा बिना हो रह अवैध प्लाटिंग
एक भी पंजीकृत प्रापर्टी डीलर नही
जिला प्रशासन और सरकार की कार्रवाई शून्य
लाखों रुपयों का राजस्व नुकसान
कवर्धा- एस. डी .एम .कार्यालय पंडरिया की माने तो एक भी पंजीकृत प्रापर्टी डीलर नहीं है जो भी काम करते हैं वे अवैध तरीके से कर रहे है । जमीन दलाली का काम शहर सहित गांवों में कृषि भूमि पर धड़ल्ले से जारी है । अवैधानिक खरीदी बिक्री पर अंकुश लगाने जिला प्रशासन और सरकार की कार्रवाई आवश्यक है ।
छत्तीसगढ़ राज्य बनाने के बाद से जमीन दलाली का काम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहा है। जहां तक पंडरिया विकास खंड क्षेत्र और नगर पालिका एरिया की बात किया जाय तो गरीबों की कृषि भूमि कम कीमत पर खरीदी सौदा कर ऊंचे कीमत पर जमीन अवैधानिक रूप से जमीन को टुकड़ों में बेच रहे हैं।
हमारे संवाददाता ने पंजीकृत प्रापर्टी डीलर की सूची जानने का प्रयास किया तो जो जानकारियां मिला है इससे पता चलता है कि कोई भी वैध नहीं है। इस बात से स्पष्ट हो जाता है अवैधानिक कार्य अधिक हो रहे हैं।
इतना ही नहीं कालोनाइजर एक्ट के तहत एक भी निर्माण नहीं हुआ है जो बताया जा रहा है अवैध है। प्रापर्टी डिलिंग का कार्य करने वाले लोग स्थानीय कृषि भूमि की सौदा कर बिना डायवर्शन के ही रिहायशी क्षेत्र के हिसाब से जमीन टुकड़ों में लोगों को ऊंचे दाम में बेचकर लाखों रुपए कमा रहे हैं। राजस्व विभाग के अफसर भी चंद आर्थिक लाभ के चलते नियमों को तक पर रख खरीदी बिक्री करा रहे हैं।
कालोनाइजर एक्ट में स्पष्ट रूप से सरकारी नियम को लागू करने की बात कही गई है। नगर में कुछ कृषि भूमि को नियम का पालन किए बिना ही रिहायशी क्षेत्र में तब्दील कर दिया गया है। बिना नगर निवेश अनुज्ञा के ही धड़ाधड़ भवन निर्माण किया गया । इस पर स्थानीय प्रशासन का मौन स्वीकृति है तभी तो कुछ कार्रवाई नही हो रही है। राजस्व विभाग के अफसरों की भूमिका महत्व पूर्ण हैं जो जमीन दलाली को बढ़ावा दे निजी स्वार्थ में आर्थिक लाभ ले भूमि माफियाओं को आगे बढ़ाने में सहायता कर रहे हैं।
आदिवासियों की जमीन पर दलालों की नजर अधिक है। शहर और गांवों में आदिवासियों की जमीन सबसे अधिक सस्ती है। दलाल आदिवासियों की जमीन बिना कलेक्टर कार्यालय के परमिशन के खरीदी नहीं हो सकती है फिरभी जमीन दलाली करने वाले लोगों की दिमाकीय खेल का शिकार हो जाते हैं। जमीन मालिक आदिवासी किसान से जमीन 50,साल 100 साल का एग्रीमेंट कराया जाता है । उसी दस्तावेज को दिखाकर जमीन की खरीदी बिक्री किया जा रहा है। इस पर भी प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। प्रापर्टी डिलिंग का धंधा खूब फल फूल रहा है इस कार्य में छोटे बड़े राजनीतिक नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। मलाईदार धंधे में अनलीगल को लीगल बनाने का धंधा भी बड़े जोरों पर चल रहा है उसे भी लीगल बनाने का ठेका लिया जा रहा है। अवैध प्लाटिंग नियम 1998 की धारा 15 (ग) के अंतर्गत अवैध कॉलोनी का निर्माण करने वाले भक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है। किंतु यहां कार्रवाई के नाम पर शून्य है। लाखों करोड़ों रुपयों का धंधा फल फूल रहा है। नगर पालिका परिषद पंडरिया के साथ ही छत्तीसगढ़ शासन को लाखों रुपयों का राजस्व नुकसान हो रहा है