कवर्धा । जिले के चिल्फी क्षेत्र में अवैध अफीम डोडा चूरा के बड़े कारोबार का खुलासा होने के बाद कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं चिल्फी घाटी में खुलेआम ढाबे पर नशे का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब दुर्ग पुलिस टीम ने पालक-चिल्फी रोड स्थित एक राजस्थानी ढाबे पर छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया यह घटना साफ दर्शाती है कि चिल्फी घाटी पुलिस के नाक के नीचे अवैध नशे का कारोबार बेखौफ जारी था, और स्थानीय स्तर पर निगरानी पूरी तरह फेल रही।
जिला काग्रेंस अध्यक्ष श्री नवीन जायसवाल ने इस पूरे मामले पर कहा कि यह सिर्फ एक कार्रवाई नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी का सबूत है। जब दूसरे जिले की पुलिस आकर कार्रवाई करती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि स्थानीय पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रही है उन्होंने कहा कि चिल्फी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे नशे के अवैध कारोबार से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।आखिर इतने लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार की जानकारी स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं हुई क्या इस पूरे मामले में प्रशासन की मिलीभगत है ढाबों की नियमित जांच क्यों नहीं की जा रही थी।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे मामले में प्रदेश सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। क्षेत्रीय विधायक एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए कि उनके क्षेत्र में नशे का कारोबार इतनी आसानी से कैसे फल-फूल रहा है।
जिला पुलिस अधीक्षक (SP) की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है और चिल्फी पुलिस की लापरवाही अब खुलकर सामने आ चुकी है।
नवीन जायसवाल ने कहा कि और अब रायगढ़ में भी अफीम की खेती पकड़ी है ऐसा लगता है कि पूरे छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती शासन और प्रशासन के शह पर की जा रही है ।