छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से जुड़े सोन कुमार सिन्हा आज पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान बना चुके हैं। 50 वर्ष की आयु में भी उनकी सक्रियता और समर्पण युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से न केवल स्थानीय बल्कि जिला, ब्लॉक और प्रदेश स्तर पर पत्रकारिता को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
सोन कुमार सिन्हा का जीवन संघर्ष, मेहनत और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनकी निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के चलते उन्हें कई बार ब्लॉक, जिला एवं प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
उनकी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि स्वयं का साप्ताहिक समाचार पत्र “स्टेट ओपन” का सफल प्रकाशन है, जिसके माध्यम से वे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाते हैं। इसके अलावा वे देश और प्रदेश के कई प्रतिष्ठित सेटेलाइट न्यूज चैनलों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिससे उनके अनुभव और कार्यक्षमता का विस्तार हुआ है।
वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जिला स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता राजनांदगांव के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। साथ ही प्रदेश के सबसे बड़े पत्रकार संगठन छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर कार्य करते हुए पत्रकारों के हितों के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
हाल ही में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश पत्रकार सम्मेलन में, राज्यपाल रामन डेका के मुख्य आतिथ्य में उन्हें देश-प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों के हाथों सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके वर्षों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना का प्रतीक है।
सोन कुमार सिन्हा आज उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल हैं, जिन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं बल्कि समाजसेवा का माध्यम बनाया है।