छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

पेंशन प्रकरण में रिश्वत मांगने का आरोप निराधार, पेंशन प्रक्रिया नियमानुसार जारी

 स्व. परमानंद ध्रुव के परिजनों को अनुग्रह राशि, जीईएस एवं ग्रेच्युटी का भुगतान पेंशन प्रकरण के संबंध में समस्त जानकारी हितग्राही को उपलब्ध, ईडब्ल्यूआर सेटलमेंट की प्रक्रिया प्रचलन में

 

गरियाबंद  ।  जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार स्वर्गीय परमानंद धु्रव, सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला पड़रीतराई का आकस्मिक निधन 13 मार्च 2025 को हुआ था। उनके निधन के उपरांत उनकी पत्नी श्रीमती संतोषी धु्रव को 31 मार्च 2025 को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त 05 मई 2025 को जी.ई.एस. राशि तथा 15 अक्टूबर 2025 को 4 लाख 72 हजार 243 रुपये की ग्रेच्युटी राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय परमानंद धु्रव के पेंशन प्रकरण के निराकरण हेतु न जांच, न मांग, न घटना प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ईडब्ल्यूआर सेटलमेंट की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी। इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर के कार्यालय द्वारा 28 जुलाई 2025 को प्रस्ताव जिला कोषालय गरियाबंद को भेजा गया। दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर जिला कोषालय द्वारा 15 सितम्बर 2025 को आपत्ति दर्ज करते हुए प्रस्ताव वापस किया गया। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर 30 दिसम्बर 2025 को प्रस्ताव पुनः जिला कोषालय को प्रेषित किया गया।

जिला कोषालय गरियाबंद द्वारा 22 जनवरी 2026 को उक्त प्रकरण को ईडब्ल्यूआर सेटलमेंट हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन रायपुर को भेजा गया। तत्पश्चात संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा प्रस्ताव को संचालक, संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, इन्द्रावती भवन, अटल नगर नवा रायपुर को अग्रेषित किया गया। ईडब्ल्यूआर सेटलमेंट की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात न मांग, न जांच, न घटना प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा तथा पेंशन प्रकरण को आगे की कार्यवाही हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन रायपुर को प्रेषित किया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि श्रीमती संतोषी धु्रव को उनके पेंशन प्रकरण से संबंधित समस्त कार्यवाही की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर के कार्यालय द्वारा उपलब्ध करा दी गई है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर ने स्पष्ट किया है कि उनके अथवा कार्यालय के किसी भी लिपिक द्वारा पेंशन प्रकरण पूर्ण करने के लिए किसी प्रकार की राशि की मांग नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने संबंधी लगाए गए आरोप पूर्णतः निराधार हैं।

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