खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त बीज-खाद उपलब्ध
राधेश्याम सोनवानी,
सहकारी समितियों से किसानों ने अब तक 4 हजार 710.68 मीट्रिक टन खाद और 4 हजार 223.80 क्विंटल बीज का किया उठाव
उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी
किसानों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
गरियाबंद, जून 2026/ खरीफ की तैयारी शुरू होते ही किसानो द्वारा सहकारी समितियों से जोर शोर से बीज-खाद का उठाव किया जा रहा है। अब तक किसानों द्वारा जिले में 4 हजार 710.68 मिट्रिक टन खाद एवं 4 हजार 223.80 क्विंटल बीज का उठाव सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा चुका है। जिले के समस्त सहकारी समितियों में खरीफ वर्ष 2026 के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज खाद का भण्डार उपलब्ध है।
वर्तमान में सहकारी क्षेत्रों में यूरिया-7685 डीएपी-1947, एसएसपी-2526, एमओपी-1612 एवं एनपीके-2316 कुल-16086 मिट्रिक टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनों यूरिया 10 हजार 511 बॉटल एवं नैनों डीएपी 8 हजार 323 बॉटल भण्डारित है। इसी प्रकार 14226.10 क्ंिवटल, बीज जैसे एमटीयू-1156, 1153, 1001, 1010, महामाया, स्वर्णा, स्वर्णा सब-1 आदि का भण्डारण किया जा चुका है। उर्वरक का वितरण शासन के निर्धारित मापदण्डों के आधार पर विगत वर्ष वितरित युरिया का 80 प्रतिशत मात्रा एवं डी.ए.पी. की 60 प्रतिशत मात्रा के साथ साथ किसानो के आवश्यकता अनुसार पर्याप्त मात्रा में सिंगल सुपर फास्फेट, एन.पी. के. पोटाश, नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी. आदि वितरण किया जा रहा है।
यूरिया के अतिरिक्त अन्य उर्वरको यथा डी.ए.पी., सिंगल सुपर फास्फेट, एन.पी.के., पोटाश का वितरण सभी वर्ग के कृषको को एकमुश्त किया जा रहा है तथा यूरिया का वितरण सीमांत किसानो को एकमुश्त एवं लघु व दीर्घ किसानो को रकबा के आधार पर दो अथवा तीन किस्त में किया जा रहा है। उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने एवं जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से निगरानी दलो का गठन किया गया है। गठित दल द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर सतत् निरीक्षण किया गया जा रहा है तथा अनियमितता पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध, लाईसेंस निलंबन एवं जब्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिले के समस्त समितियों में जिसका किसानो द्वारा बीज एवं खाद का सतत् उठाव किया जा रहा है।
कलेक्टर बीएस उइके ने जिले के समस्त किसान भाईयों से अपील की है कि वे कोई भी अफवाहों तथा भ्रामक खबरों पर ध्यान ना दे तथा किसी भी समस्या कि स्थिति में संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति अथवा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष से सीधे सम्पर्क करें।