छत्तीसगढ़ / रायपुर

आयुर्वेद चिकित्सा की बारीकियों से रूबरू हुए छात्र

 रायपुर । छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में द्वितीय प्रोफेशनल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को ओडिशा के बरगढ़ जिले के पैकमल स्थित नृसिंह नाथ आयुर्वेदिक कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ले जाया गया, जहां उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा, औषधियों के निर्माण और अस्पताल की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें प्रयोगशाला का भ्रमण कराया गया, जहां आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। इसके बाद विद्यार्थियों ने अस्पताल का भी भ्रमण किया और वहां उपचार के लिए आए अनेक मरीजों से मुलाकात कर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के व्यावहारिक पक्ष को समझा।

विद्यार्थियों ने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा को किताबों से बाहर व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। उन्होंने इसे अपने अध्ययन और भविष्य के चिकित्सकीय जीवन के लिए बेहद प्रेरणादायक अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं कि उनके गुरुओं ने उन्हें इस तरह के महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण का अवसर प्रदान किया, जिससे उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा के बारे में बहुत कुछ नया सीखने को मिला। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के लिए कॉलेज के शिक्षक डॉ. विमल कुमार बरेठ, डॉ. अनिल कुमार पैकरा, डॉ. नीरज कुमार साहू, डॉ. निसर्ग आरएम एवं डॉ. मोनिका वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 
 
 
 
 
 
 
 

कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्र प्रतिनिधि कर्तव्य पांडेय एवं मुकेश चंद्रवंशी का विशेष योगदान रहा। विशेष रूप से कर्तव्य पांडेय इसी क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने और विद्यार्थियों के लिए भ्रमण को सहज एवं सुविधाजनक बनाने में काफी मदद मिली। उनके स्थानीय संपर्क और सहयोग से पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं कॉलेज प्रतिनिधिमंडल को बेहतर समन्वय प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके इस योगदान की सराहना की गई।शैक्षणिक भ्रमण के साथ विद्यार्थियों ने धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने भगवान नृसिंह नाथ मंदिर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी विद्यार्थी कपिल धारा पहाड़ पहुंचे, जहां उन्होंने प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया।

इस पूरे भ्रमण ने विद्यार्थियों को आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, औषधि निर्माण, अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया और मरीजों के साथ चिकित्सकीय व्यवहार को करीब से समझने का अवसर दिया। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अपने शैक्षणिक जीवन की यादगार और ज्ञानवर्धक यात्रा बताया।

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