छत्तीसगढ़ / बेमेतरा

एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

 बेमेतरा । - उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, वितरण एवं विक्रय पर एक वर्ष के लिए लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में बुधवार को जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा होटल व्यवसायियों एवं खाद्य कारोबारियों की जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन खाद्य एवं औषधि नियंत्रक, छत्तीसगढ़ तथा कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार किया गया।

बैठक में जिले के होटल संचालकों, स्वीट शॉप संचालकों, डेयरी व्यवसायियों तथा अन्य खाद्य कारोबारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। इस दौरान शासन द्वारा जारी आदेशों की जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक को संबोधित करते हुए अभिहित अधिकारी  आशीष यादव एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी  राजू कुर्रे ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य में एनालॉग पनीर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि एनालॉग पनीर दूध की वसा के स्थान पर वनस्पति वसा अथवा तेल से तैयार किया जाता है तथा कई स्थानों पर इसे सामान्य पनीर के रूप में बेचकर उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जाता रहा है। ऐसे उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए शासन ने जनहित में इस पर प्रतिबंध लगाया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय अथवा उपयोग नहीं किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी होटल, दुकान अथवा प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध एफएसएस अधिनियम के तहत कड़ी दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कारोबारियों से असली पनीर की गुणवत्ता बनाए रखने तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन करने का आग्रह किया गया।

बैठक के दौरान खाद्य अपमिश्रण की पहचान, खाद्य पदार्थों की सही लेबलिंग, स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन सहित सुरक्षित खाद्य व्यवसाय संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। विभाग ने बताया कि जिले में समय-समय पर निरीक्षण, सैंपलिंग एवं जांच की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। बैठक में उपस्थित होटल संचालकों, स्वीट विक्रेताओं, डेयरी संचालकों एवं अन्य खाद्य कारोबारियों ने शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए सभी नियमों का पूर्ण पालन करने तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

 

 

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