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14 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा ‘भारत विभाजन विभिषिका स्मरण दिवस’

 राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और विभाजन की पीड़ा से नई पीढ़ी को परिचित कराने होंगे विविध आयोजन

एमसीबी/07 अगस्त 2026

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार आगामी 14 अगस्त 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ में ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’ गरिमापूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने राज्य के सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस दिवस का उद्देश्य भारत विभाजन की दर्दनाक ऐतिहासिक घटनाओं से नई पीढ़ी को अवगत कराना, विभाजन की त्रासदी से प्रभावित लाखों लोगों के साहस, संघर्ष एवं बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को सशक्त बनाना है।

जिलों में होंगे विविध जनजागरूकता एवं स्मृति कार्यक्रम
निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में भारत विभाजन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसका अवलोकन विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया जाएगा। विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। इसके साथ ही मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
कार्यक्रमों के अंतर्गत विशिष्ट अतिथियों के संबोधन, विभाजन पीडि़तों की स्मृति में कैंडल मार्च तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चा, प्रदर्शनी और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर
संस्कृति विभाग ने 1 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक डलळवअ पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रतियोगिता ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ में अधिक से अधिक नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा तैयार विशेष प्रदर्शनी एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं संग्रहालयों में किया जाएगा। वहीं 14 अगस्त को माननीय राज्यपाल अथवा माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य स्तरीय स्मृति समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम“ अभियान की होगी प्रभावी मॉनिटरिंग
संस्कृति विभाग ने सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उनकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ‘हर घर तिरंगा एवं वंदे मातरम् कार्यक्रम-2026’ के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए दो निर्धारित प्रपत्र जारी किए गए हैं।
पहले प्रपत्र में स्व-सहायता समूहों, डाक विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, सीएसआर, जनसहयोग तथा अन्य माध्यमों से खरीदे गए राष्ट्रीय ध्वजों की संख्या एवं व्यय का विवरण दर्ज किया जाएगा। वहीं दूसरे प्रपत्र में तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, तिरंगा मेला, तिरंगा संगीत कार्यक्रम, तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगा सेल्फी अभियान, तिरंगा कैनवास हस्ताक्षर अभियान, तिरंगा दौड़, मैराथन तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन जैसे कार्यक्रमों की संख्या, प्रतिभागियों की संख्या एवं उपयोग किए गए तिरंगों का विवरण संकलित किया जाएगा।

ई-मेल एवं पोर्टल के माध्यम से होगी रिपोर्टिंग
आयोजन से संबंधित फोटो एवं वीडियो संस्कृति विभाग द्वारा निर्धारित ई-मेल के माध्यम से प्रेषित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदर्शनी, डॉक्यूमेंट्री फिल्म एवं अन्य आवश्यक सामग्री भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल से डाउनलोड कर उपयोग में लाई जाएगी।
संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने डॉ. अभिलाष बेहार को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी तथा श्री सतीश कश्यप को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संस्कृति विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से आयोजित किए जाएं, ताकि देश के विभाजन के इतिहास, उससे जुड़े संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।

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