छत्तीसगढ़ / रायपुर

**जनपद अध्यक्ष के गृह ग्राम में स्कूलों की बदहाली का आलम **

जनपद अध्यक्ष के गृह ग्राम में स्कूलों की बदहाली का आलम **

मोहतरा खुर्द के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का संकट-- 

 पंडरिया/कवर्धा--जनपद पंचायत पंडरिया की अध्यक्ष श्रीमती नंदनी साहू के गृह ग्राम पंचायत मोहतरा खुर्द में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस गांव से जनपद पंचायत का नेतृत्व हो रहा है, उसी गांव के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के लिए उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोहतरा खुर्द में विद्यार्थियों के लिए शौचालय तक उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।

शासकीय प्राथमिक शाला मोहतरा खुर्द में कुल 120 विद्यार्थीयो की दर्ज संख्या है, जिनमें 48 बालक और 72 बालिकाएं शामिल हैं। वहीं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में 95 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 49 बालक और 46 बालिकाएं हैं। दोनों स्कूलों में मिलाकर कुल 215 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें बालिकाओं की संख्या भी काफी अधिक है, ऐसे में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओ  का अभाव गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

**खुले में शौच की मजबूरी, पढ़ाई पर भी असर**

ग्रामीणों के अनुसार पूर्व माध्यमिक शाला में पर्याप्त शौचालय व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को शौच के लिए खुले स्थान का सहारा लेना पड़ता है। कई बार बच्चों को अपने घर तक जाना पड़ता है। इससे न केवल विद्यार्थियों को परेशानी होती है, बल्कि विद्यालयीन समय में पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
विशेषकर बालिकाओं के लिए विद्यालय में सुरक्षित और पृथक शौचालय का होना अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद यदि विद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है तो यह स्कूल की मूलभूत व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

*सरकारी योजनाओं के दावों पर सवाल*

सरकार द्वारा विद्यालयों में स्वच्छता, बालिका शिक्षा, सुरक्षित विद्यालय वातावरण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्कूलों में शौचालय निर्माण और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के दावे भी किए जाते हैं। लेकिन मोहतरा खुर्द के स्कूलों की स्थिति इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की बात तभी सार्थक होगी, जब उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा के अभाव में विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़े, यह व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है।

**जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग**
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने संबंधित शिक्षा विभाग एवं पंचायत प्रशासन से स्कूलों की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही विद्यालयों में आवश्यक शौचालय, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और 215 विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।।

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