छत्तीसगढ़ / सुकमा

स्थानीय भाषा में सीखेंगे नन्हे कदम, आंगनबाड़ी शिक्षा को नई दिशा देने जुटा प्रशासन

 सुकमा । जिले में प्रारंभिक बाल शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं बच्चों के अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मोबाइल क्रैचेज के संयुक्त तत्वावधान में छह दिवसीय आवासीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 3 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में सुकमा, तोंगपाल, दोरनापाल, कोंटा और छिंदगढ़ परियोजनाओं की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नई ईसीसीडी (प्रारंभिक बाल देखभाल, शिक्षा एवं विकास) पाठ्यक्रम की इकाई-3 एवं 4 का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को आसान और रोचक बनाने के लिए स्थानीय परिवेश और संस्कृति को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। कहानी, गीत और कविताओं का गोंडी एवं हल्बी भाषा में अनुवाद कर उन्हें बच्चों की समझ के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खेल-खेल में बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें। मोबाइल क्रैचेज दिल्ली के ईसीडी विशेषज्ञों द्वारा विकसित यह पाठ्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को नई मजबूती देगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा मोबाइल क्रैचेज के विशेषज्ञों ने मास्टर ट्रेनर्स को व्यवहारिक एवं गतिविधि आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र तक इस नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति को पहुंचाएं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा का समान अवसर मिल सके और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सके।

 

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