छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़

सिगरेट और तंबाकू उत्पाद का क्या है कोटपा एक्ट

 सारंगढ़ बिलाईगढ़ । राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत तंबाकू एवं अन्य तंबाकू उत्पाद के सेवन  से होने वाली हानि एवं इससे सुरक्षा का एकमात्र उपाय समाज को तंबाकू मुक्त रखना है। कोटपा एक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत तंबाकू एवं इसके अन्य उत्पाद के क्रय-विक्रय, 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को क्रय-विक्रय में सम्मिलित करने, सार्वजनिक स्थलों पर बिक्री, विज्ञापन प्रदर्शित करने एवं सेवन करने तथा तय सीमा से अधिक भंडारण करने इत्यादि पर की जाने वाली कानूनी कार्यवाही की विस्तृत जानकारी व्यापारी को जानना जरूरी है। 

सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा एक्ट 2003 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना, तम्बाकू के क्रय-विक्रय व सेवन के साथ 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तम्बाकू क्रय-विक्रय एवं सेवन करना वर्जित है। तम्बाकू उत्पाद के विक्रेता और होटल व्यवसायियों को कोटपा एक्ट की धारा-5, 6 और 7 का ज्ञान होना नितांत जरूरी है। साथ ही साथ कोटपा एक्ट की पूरी जानकारी होनी चाहिए और पालन करने वाले जुर्माना से बच सकते हैं। पान दुकान और होटल में लाइटर, माचिस, एसट्रे रखना वर्जित है। पान दुकान और होटल के सामने किस प्रकार का नियमतः विज्ञापन होना चाहिए आदि का विधिवत चस्पा करने से जुर्माना से बच सकते हैं।

कोटपा एक्ट का कानून, धारा और सजा

कोटपा एक्ट धारा 4: सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान निषेध उलंघन करने पर 200 रुपए जुर्माना दंड की भुगतान करने से इंकार करने पर हिरासत में लिया जा सकता है।  

धारा 5 : सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद  के विज्ञापन का निषेध। उलंघन करने पर प्रथम बार उलंघन करने पर 1000 रुपए  या 2 वर्ष की कारावास या दोनो।  द्वितीय बार उलंघन करने पर 5000 रुपए या 5 वर्ष की कारावास। 

 
 
 
 
 
 

धारा 6: कोई भी व्यक्ति सिगरेट तथा अन्य तंबाकू उत्पाद की बिक्री ,बिक्री के लिए प्रस्थापना तथा बिक्री की अनुमति नही देगा। इसके दो भाग है।   

धारा 6 a :  ऐसे व्यक्ति को या उसके द्वारा जिसकी आयु 18 वर्ष कम हो तथा *धारा 6 b* : ऐसे क्षेत्र में  जो किसी  शैक्षणिक संस्थान की 100 गज की परिधि में हो उलंघन करने पर 200 रुपए की दंड। इसका पालन नही करने पर हिरासत में लिया जा सकता है।

धारा 7 : सभी तंबाकू उत्पाद की  पैकिंग पर  सचित्र  स्वास्थ्य चेतावनी।  पहली बार उलंघन करने पर 5000 रुपए  या 2 वर्ष की कारावास।  दुहराए जाने पर 10000 रुपए या 5 वर्ष की कारावास के प्रावधान है। ये सब दंड निर्माता के उपर होंगे। ऐसे ही कार्यवाही  विक्रेता अथवा वितरक के उपर भी हो सकती है, जिसमे प्रथम बार अपराध करने पर 1000 रुपए या 1 वर्ष के कारावास या दोनो हो सकते है। वही दुहराए जाने पर 3000 अथवा 2 वर्ष की कारावास हो सकता है।

सार्वजनिक स्थानो में धूम्रपान के नियम

अधिनियम में सार्वजनिक स्थानों को भी परिभाषित किया है जैसे  प्रेक्षागृह ( ऑडिटोरियम)  मुक्त प्रेक्षागृह, स्टेडियम, स्वास्थ्य संस्थान, कार्य स्थल अस्पताल भवन,  शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय, मनोरंजन केंद्र, सिनेमा घर। शापिंग मॉल। रेस्तरां  होटल, जलपान कक्ष, काफी हाउस। रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, हवाई अड्डे,सरकारी कार्यालय, न्यायालय भवन ,सार्वजनिक वाहन, डिस्कोकेथ, पब ,बार इत्यादि। इस नियम में मालिक,स्वामी ,प्रबंधक  पर्यवेक्षक को उपरोक्त व्यवस्थाओं का पालन कराना होगा। भवन के प्रवेश द्वार , अगर एक से अधिक मंजिल हो तो हर मंजिल में कही भी माचिस , एक्ट्रे ,लाइटर, या अन्य वस्तुओं को प्रदाय नही की जाएगी। उपरोक्त सभी व्यवस्थाओं को देखने की जिम्मेदारी मालिक की होगी। उलंघन करने पर मालिक जुर्माना के हकदार होंगे। मालिक चाहे तो स्मोकिंग जोन नियमानुसार बना सकता है। उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा।

धूम्रपान रहित क्षेत्र बोर्ड:                 मालिक को धूम्रपान रहित क्षेत्र की भी बोर्ड लगाना आवश्यक होगी। जिसमे मालिक का नाम और फोन नंबर लिखा रहेगा। बोर्ड की साइज 30 cm x 60 cm की होगी। शैक्षणिक संस्थाओं में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान लिखना होगा। जिसमे लिखा होगा इस शैक्षणिक संस्थान के 100 गज  के दायरे में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद की बिक्री एक दंडनीय अपराध है  जिसका उलंघन करने पर 200 रुपए की जुर्माना हो सकता है। इसमें भी संस्था प्रभारी के नाम पदनाम मोबाइल नंबर लिखा रहेगा। इन सबका एक ही उद्देश है हमे छात्रों को तंबाकू या इसके अलग अलग उत्पादों से दूर रखना है ।

            

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